सोहेल खान की आने वाली फिल्म ‘फ्रीकी अली’ का ट्रेलर रिलीज करने के लिए तीनों खान भाई एक साथ नजर आएंगे. ‘फ्रीकी अली’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी लीड रोल में हैं.
ट्रेलर लॉन्च के मौके पर सलमान, अरबाज और सोहेल तीनों ही मौजूद रहेंगे. ‘फ्रीकी अली’ सोहेल खान प्रोडक्शन की फिल्म है और इसे डायरेक्ट भी सोहेल ने ही किया है. फिल्म का ट्रेलर रविवार को रिलीज किया जाएगा.
नवाजुद्दीन खान बंधुओं से मिल रहे अपार समर्थन से बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने बताया, ‘यह बहुत बड़ी बात है कि सलमान भाई मेरी फिल्म को सपोर्ट कर रहे हैं. तीनों खान बंधुओं का अभूतपूर्व सपोर्ट है.’
इस बारे में सोहेल ने बताया, ‘अरबाज भाई और मैं फिल्म का हिस्सा हैं, जबकि सलमान भाई परिवार का हिस्सा हैं.’ यह पूछने पर कि उनकी फिल्म नवाज को हीरो बना देगी? इसपर उन्होंने जवाब दिया, ‘नवाज ग्रेट एक्टर हैं, मेरे लिए कोई भी एक्टर जो एक बड़ा किरदार निभा रहा है, वह हीरो से पहले है. मेरी बेहतरीन कास्ट और क्रू ने मेरे काम को आसान बना दिया है.’
नवाज भी सोहेल और अरबाज के साथ काम करने के बाद काफी उत्साहित हैं और उनकी दोनों के साथ खूब पटती भी है. अपने डायरेक्टर सोहेल के बारे में नवाज ने कहा, ‘वह बहुत ही शांत, लगातार काम करने वाले और उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का है.’ नवाजुद्दीन के अलावा ‘फ्रीकी अली’ में अरबाज खान और एमी जैक्सन भी हैं और फिल्म 9 सितंबर को रिलीज होगी.
सलमान खान लॉन्च करेंगे सोहेल खान की फिल्म 'फ्रीकी अली' का ट्रेलर
ऋतिक संग काम करने को लेकर डरी हुईं थीं पूजा!
‘बैंग बैंग’ अभिनेता ऋतिक रोशन की आगामी फिल्म ‘मोहनजोदड़ो’ से अपने करियर की शुरुआत कर रहीं अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने कहा कि वह ऋतिक संग काम करने से पहले घबराई हुई थीं।
ऋतिक संग काम करने से क्या वह डरी थीं? इस पर पूजा ने कहा कि हां, ऋतिक अच्छे कलाकार हैं। उनके साथ काम करने का प्लस पॉइंट यही था। आप दृश्य में शामिल हैं, इससे मेरे लिए अभिनय आसान हो जाता है। चूंकि यह मेरी पहली फिल्म थी, इसलिए मैं चिंतित थी, लेकिन उनके साथ काम करना मजेदार था।
दोनों के बीच की खाई कैसे कम हुई? इस पर ऋतिक ने कहा कि मैंने दोनों के बीच की खाई को चॉक से खत्म की। मैंने उसे चॉक खिलाया। वह डाइट फूड चाहती थी और मैंने उसे प्रोटीन बार दिया, लेकिन असल मैं यह चॉक था, जो मुझे सेट पर मिला, उसने वो खा लिया और उसके बाद मैंने बताया कि यह चॉक था।
पूजा ने कहा कि उनकी मुलाकात टेस्ट शूट के दौरान हुई थी। ‘मुकुंदा’ और ‘मुगामूदी’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं अभिनेत्री ने कहा कि दोनों के बीच की खाई तब खत्म हुई, जब ऋतिक को लगा कि वह दक्षिण भारत से हैं। वहीं जब ऋतिक को पता चला कि पूजा का जन्म मुंबई में हुआ है, तो वह काफी हैरान हुए।
'ढिशूम' की कमाई पहले सप्ताह में 50 करोड़ के पार
मुंबई। वरुण धवन, जॉन अब्राहम और जैकलिन फर्नांडीज अभिनीत फिल्म ‘ढिशूम’ ने पहले सप्ताह में 53.34 करोड़ रुपये की कमाई की है। यह फिल्म रोहित धवन द्वारा निर्देशित है। बयान के मुताबिक, ‘ढिशूम’ ने पहले सप्ताह में 37.32 करोड़ रुपये की कमाई की है।
नडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के बैनर तले साजिद नडियाडवाला निर्मित फिल्म ‘ढिशूम’ एक भारतीय बल्लेबाज के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच से ठीक पहले मध्य-पूर्व में कहीं लापता हो जाता है और भारत तथा अरब देशों की पुलिस संयुक्त रूप से उसे खोजने के लिए 36 घंटों का अभियान चलाती है।
जॉन और वरुण जहां फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में हैं, वहीं अक्षय खन्ना लंबे समय के बाद नाकारात्मक भूमिका में दिखाई दिए हैं।
28 अप्रैल को पता चल ही जाएगा कि कट्प्पा ने बाहुबली को क्यों मारा!
साल 2015 में आई एस एस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाहुबली’ ने बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये थे जिसके बाद से ही फैन्स को बाहुबली के दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार था। पहले ‘बाहुबली 2’ यानी ‘बाहुबली:द कनक्लूयजन’को 14 अप्रैल 2017 को रिलीज होना था लेकिन अब फैन्स को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
जी हां,’बाहुबली 2’अब 14 की जगह 28 अप्रैल 2017 को रिलीज होगी। बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर करण जौहर ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी।
सूत्रों के मुतबिक एक्टर प्रभास ने सीक्वल के लिए अपना काफी वजन बढ़ाया है। ‘बाहुबली 2′ में वह पहले से भी ज्यादा तगड़े नजर आएंगे । बाहुबली की रिलीज़ डेट आगे बढ़ने की वजह फिल्म की शूटिंग पूरी ना होना बताया जा रहा है। अभी फिल्म के कुछ अहम सीन शूट करना बाकी हैं।
2015 में बाहुबली फिल्म ने दुनियाभर में ताबड़तोड़ कमाई करते हुए 600 करोड़ कमा लिए थे। इस फिल्म में प्रभास, राणा दग्गूबाती, अनुष्का शेट्टी और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। एस एस राजामौली ने इसका निर्देशन किया है।
बता दें की बाहुबली के दुसरे हिस्से ने रिलीज़ से पहले ही कमाई करना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु के थिएटर राइट्स 45 करोड़ रुपये में बिक गए हैं। खैर अब एक बात तो पक्की है कि 28 अप्रैल को आखिरकार पता चल ही जाएगा कि कट्प्पा ने बाहुबली को क्यों मारा!
उत्तराखंड के लिए फायदे का सौदा होगा जीएसटी
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का रास्ता साफ होने के बाद इससे जुड़े नफे नुकसान के पहलुओं पर चर्चाएं आम हैं। इस बीच वाणिज्य कर विभाग की कैलकुलेशन के हिसाब से देखें तो जीएसटी यहां के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा। हालांकि अभी टैक्स की दर तय होने का इंतजार है।
वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर व जीएसटी एक्सपर्ट यशपाल सिंह ने बताया कि जीएसटी उपभोग आधारित टैक्स है। जहां उपभोग होगा, वहां टैक्स मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उद्योगों के नजरिए से देखें तो उन्हें पहले कई टैक्स का सामना करना पड़ता था। कच्चा माल खरीदने से लेकर माल सप्लाई करते तक अलग-अलग टैक्स के बजाय अब केवल एक ही टैक्स देना होगा। राजस्व के नजरिए से देखें तो वाणिज्य कर विभाग में इस वक्त करीब 70 हजार करदाता हैं, लिहाजा जीएसटी भरने पर राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
इसके अलावा व्यापारियों को भी जीएसटी से लाभ होने वाला है। यशपाल सिंह ने बताया कि पहले व्यापारी अगर दूसरे राज्य से माल खरीदता था तो वहां अलग टैक्स देना पड़ता था और अपने राज्य में अलग टैक्स देना पड़ता था।
अब उसे केवल एक बार टैक्स जमा कराना है और इसके बाद वह देश के किसी भी कोने से माल खरीदकर बेच सकता है। इससे यह लाभ भी होगा कि कई उपभोग की वस्तुएं जहां तैयार होती हैं, वहां सस्ते दामों पर मिल जाती हैं।
लिहाजा, वह सस्ता माल खरीदकर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे। हालांकि उनका कहना है कि अभी जीएसटी की टैक्स दर लागू होनी बाकी है। ये लागू होने के बाद स्थिति ज्यादा साफ होगी।
फफक-फफक कर रो पड़े भाजपा नेता हरक, चेहरे पर दिखा बदनामी का डर
रेप प्रकरण में दून पहुंचने पर पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत जब मीडिया के सामने पहुंचे तो फूट-फूट कर रो पड़े। रोते-रोते हरक ने अपनी सफाई भी दे डाली। इस दौरान हरक इमोशनल कार्ड खेलने से नहीं चूके। बोले कि मैं सिपाही का बेटा हूं। 1977 से सड़कों पर संघर्ष करके यहां तक पहुंचा हूं।
कहा कुछ लोग मुझे सामाजिक तौर पर बदनाम कर मेरा राजनीतिक करियर बरबाद करना चाहते हैं। हालांकि मीडिया के बार-बार पूछने पर भी उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत का नाम नहीं लिया। बोले किसी का नाम लेकर गिरकर राजनीति नहीं करना चाहता।
शुक्रवार को हरक सिंह रावत पर जब प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे तो उनकी बॉडी लैंग्वेज बदली नजर आई। हमलावर तेवर छोड़कर बचाव और सफाई के अंदाज में अपनी बात कहते नजर आए।
हरक बोले मैं दूध का धुला नहीं हूं पर उन्हें उस बात की सजा मिल रही है जो उन्होंने की ही नहीं। कहा उस महिला की शक्ल मैने टीवी पर देखी। हरक ने कहा वह इस मामले को जनता की अदालत में ले जा रहे हैं। प्रदेश में घिनौनी राजनीति हो रही है। इसके बाद हरक ने रेप का आरोप लगाने वाली महिला के मैसेज और फोन की सिलसिलेवार टाइमिंग बतानी शुरू की।
आखिर क्यों? हाईप्रोफाइल मामलों में दुराचार के आरोप से मुकर जाती हैं युवतियां
उत्तराखंड भाजपा के नेता हरक सिंह रावत पर दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला अदालत में अपने बयान से मुकर गई। किसी बड़ी शख्सियत पर ऐसा आरोप लगाना और फिर उससे इनकार का यह प्रदेश में पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो हाईप्रोफाइल मामलों में ऐसा हुआ है।
हरक सिंह रावत से पहले अपर सचिव गृह जेपी जोशी और सोनीपत के पूर्व सांसद के पुत्र प्रदीप सांगवान पर दुराचार का आरोप लगाने वाली युवतियां बयान से मुकर चुकी हैं। इन युवतियों ने भी मजिस्ट्रेट के सामने बताया था कि उन्होंने दबाव में बयान दिया था।
इन मामलों में आज तक खुलासा नहीं हो पाया कि आरोप क्यों लगाए गए और फिर बयान क्यों बदला गया? जांच एजेंसियां किसी भी मामले में यह खुलासा नहीं कर पाई हैं कि वास्तव में अपराध हुआ भी था या नहीं। जो आरोप लगाए गए, वे किसी साजिश का हिस्सा थे या बयान दबाव में बदले गए। कानून के जानकारों की मानें तो यह स्थिति बेहद खतरनाक और चिंताजनक है।
अपर सचिव गृह रहे जेपी जोशी पर एक युवती ने 22 नवंबर 2013 को दुराचार का आरोप लगाया था। आरोप था कि नौकरी का झांसा देकर नैनीताल स्थित गेस्ट हाउस में उसके साथ दुराचार किया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी किया, लेकिन 18 सितंबर 2014 को युवती आरोप से मुकर गई। अदालत में दी गवाही में युवती ने कहा कि नीरज चौहान और संजय बैनर्जी के दबाव में उसने जोशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
इसी तरह सोनीपत के पूर्व सांसद के पुत्र प्रदीप सांगवान के खिलाफ 18 अप्रैल 2014 को बिजनौर निवासी युवती ने दुराचार और अश्लील क्लीपिंग बनाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह युवती सहस्त्रधारा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करती थी। युवती का आरोप था कि प्रदीप सांगवान ने मसूरी में उसके साथ दुराचार किया और अश्लील क्लीपिंग बनाई। शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप सांगवान के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन कुछ समय बाद युवती आरोप से मुकर गई।
वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि इन प्रकरणों को देखकर तो यही लगता है कि कानून को मजाक बना दिया गया है। कुछ लोग कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं। वे यह जानते हैं कि किस तरह से कानून की धाराओं का दुरुपयोग करना है।
वरिष्ठ अधिवक्ता आरपी पंत ने कहा कि मिथ्या आरोप लगाने वालों के खिलाफ जब तक सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, कानून से इसी तरह खिलवाड़ होता रहेगा। पुलिस आरोप लगने पर कार्रवाई करती है, लेकिन आरोप से मुकर जाने वालों पर कार्रवाई नहीं होती।
18 साल से कम उम्र के ‘गोविंदा’ पर स्पष्टीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र सरकार ने दाही-हांडी उत्सव के दौरान 18 साल से कम उम्र के लोगों के भाग लेने पर पाबंदी के 2014 के आदेश पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए उच्चतम न्यायालय का रूख किया है।
बंबई उच्च न्यायालय ने 11 अगस्त, 2014 को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह दही-हांडी उत्सव के दौरान 18 साल से कम उम्र के ‘गोविंदा’ पर पाबंदी लगाने और पिरामिड की उंचाई 20 फुट तक सीमित करने के लिए परिपत्र जारी करे। उल्लेखनीय है कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस फैसले पर रोक लगाई थी, लेकिन इसे रद्द नहीं किया था।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जन्माष्टमी पर्व नजदीक आ रहा है और दही-हांडी इसका प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने न्यायमूर्ति ए आर दवे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ से कहा कि इसको लेकर स्पष्टीकरण चाहिए कि क्या उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक अभी बरकरार है।
महाराष्ट्र में विधायकों के वेतन में 166 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायकों के वेतन में बढ़ोत्तरी संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. खबरों के अनुसार मॉनसून सत्र के आखिरी दिन सरकार ने सचिवों और विधायकों के वेतन में समानता लाने की बात कहते हुए इस प्रस्ताव को पेश किया था जिसे सभी दलों ने एक राय से मंजूर कर लिया. खबरों के मुताबिक इस बढ़ोत्तरी के पहले महाराष्ट्र में साधारण विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक का वेतन राज्य के मुख्य सचिव के वेतन के आधे से भी कम था.
सदन में यह प्रस्ताव पास होने के बाद अब विधायकों का वेतन 166 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 70 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा. इस प्रस्ताव में ये भी कहा गया है कि अब विधानसभा के सदस्यों के वेतन में पद के अनुसार फर्क होगा. अब मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को प्रतिमाह दो लाख रुपये मिलेंगे, जबकि राज्य मंत्रियों को एक लाख 80 हजार वेतन मिलेगा. महाराष्ट्र में इससे पहले तक सभी सदस्यों को हर महीने न्यूनतम 75 हजार रुपये मिलते थे.
अंडरवर्ल्ड पर किताब लिखने के चलते हुई जे डे की हत्या
मुंबई। मिड डे के पत्रकार जे डे की हत्या अंडरवर्ल्ड पर लिखी जा रही उनकी किताब के कारण हुई। विशेष मकोका अदालत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ दायर पूरक चार्जशीट में यह बात सामने आई। पांच जुलाई को जज एसएस अदकर ने चार्जशीट के लिए जांच एजेंसी को पांच अगस्त तक का समय दिया था।
सीबीआई ने शुक्रवार को 300 पन्नों की चार्जशीट दायर की। इसके मुताबिक, डे “चिंदी : रंक से राजा” नाम से किताब लिख रहे थे, जिसमें 20 अपराधियों की कहानी थी। इनमें एक राजन भी था। चिंदी अपराधियों के लिए अपमानजनक शब्द माना जाता है। किताब से राजन के कई झूठ सामने आने वाले थे।
राजन को कुछ लोगों के जरिये किताब की जानकारी मिल गई थी। तभी से वह किताब न छपवाने के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन डे ने उसकी बात नहीं मानी। इसी कारण 2011 में उनकी हत्या हुई।
जांच एजेंसी ने चार्जशीट में 41 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। गवाहों में रविराम रत्तेसर भी शामिल है। उसे अतिरिक्त आरोपी बनाया गया है। सीबीआइ अधिकारी ने बताया कि रविराम पहले गवाह था लेकिन बाद में उसे राजन और सतीश कालिया के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी पाया गया।
उसने राजन के निर्देश पर कई ग्लोबल सिम मुहैया कराए थे। चार्जशीट में अन्य आरोपी से राजन की बातचीत के टेप को भी शामिल किया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में टेप की आवाज राजन के वॉइस सैंपल से मिलने की बात कही गई है।







