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महज 888 रुपए में खरीदें स्मार्टफोन, 27 अप्रैल से बुकिंग शुरू

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पूरे देश में चर्चा का विषय बना 251 रुपए का सबसे सस्ता स्मार्टफोन Freedom 251 का सपना कभी साकार होगा या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल आप महज 888 रुपए में अपना स्मार्टफोन खरीदने का सपना जरूर पूरा कर सकते हैं। डोकॉस मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने Docoss X1 स्मार्टफोन लांच किया है। इसकी कीमत केवल 888 रुपए रखी गई है।

इस स्मार्टफोन की बुकिंग आज (27 अप्रैल) सुबह 6 बजे से शुरू हो चुकी है। आप 29 अप्रैल रात 10 बजे से पहले पहले इस फोन को बुक कर सकते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इस फोन को पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी इस फोन की डिलिवरी 2 मई से ही शुरू कर देगी।

इस स्मार्टफोन की बुकिंग दो तरीके से की जा सकती है। पहला तरीका है आप कंपनी की वेबसाइट www.docoss.com पर लॉग ऑन कर सकते हैं, जबकि दूसरा तरीका है एसएमएस। इसके लिए आपको अपना नाम पता और पिन कोड 9616003322 पर एसएमएस करना होगा। इस फोन के लिए कैश ऑन डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए आपको 99 रुपए डिलिवरी चार्ज अतिरिक्त देना होगा।

इस स्मार्टफोन के स्पेसिफिकेशन की बात की जाए तो इसमें 4 इंच की आईपइएस स्क्रीन दी गई है। डुयल सिम पर चलने वाला यह स्मार्टफोन एंड्रॉइड 4.4 किटकैट ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। डोकॉस एक्स 1 में 1 जीबी रैम दी गई है । इसमें व्हॉट्सएप्प, फेसबुक, Twitter , इंस्टाग्राम आदि सभी एप आसानी से काम करेंगे। इस स्मार्टफोन में 2.0 MP है, जबकि फ्रंट कैमरा 0.3 MP का है। इसमें 1300 MAh की लिथियम बैटरी लगी है। फोन के हिसाब से बैटरी पावर अच्छा है। इस फोन में 4 जीबी इंटरनल मेमोरी + 32 जीबी एक्सपैंडेबल मैमोरी दी गई है।

उत्‍तराखंड में राष्‍ट्रपति शासन की मियाद खत्‍म, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

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नई दिल्‍ली : उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की मियाद बुधवार को खत्म हो रही है। इस मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र की अर्जी पर 27 अप्रैल तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के राष्ट्रपति शासन हटाने के फ़ैसले पर बुधवार तक की रोक लगाई थी और हाईकोर्ट को लिखित आदेश देने के निर्देश दिए थे।

वहीं, केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। वहीं, दो बागी विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया है कि उनकी अयोग्यता से जुड़े मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करे।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक उत्तराखंड हाईकोर्ट के राष्ट्रपति शासन हटाने के फैसले पर रोक लगाई थी और हाईकोर्ट को लिखित आदेश देने के निर्देश दिए थे। वहीं आज उत्तराखंड कांग्रेस के बाग़ी विधायकों की याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत और स्पीकर को नोटिस जारी किया था।

दरअसल, नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बताया था और सरकार बहाली के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद हरीश रावत सरकार ने तुरंत कैबिनेट की बैठक बुलाई और ताबड़तोड़ कई फैसले भी ले लिए। लेकिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति शासन अभी लागू है लिहाजा वो इस तरह के फैसले नहीं कर सकते हैं।

दरअसल हाईकोर्ट ने मौखिक तौर पर राज्य में राष्ट्रपति शासन को असंवैधानिक बता कर राज्य सरकार को बहाल कर दिया था और 28 अप्रैल विश्वास मत हासिल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन लिखित फैसले देने के लिए एक सप्ताह का वक्त मुकर्रर कर दिया। केंद्र की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि अधिसूचना के जरिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। और अधिसूचना जारी करने के बाद ही राष्ट्रपति शासन को हटाया जा सकता है। लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, लिहाजा यथास्थिति को बनाया रखा जाए। केंद्र सरकार की दलील पर सु्प्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को जारी रखने के निर्देश दिए।

गौर हो कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन संसद में भारी हंगामा किया, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार बाधित हुई।

बैंक लोन से विजय माल्या ने खरीदा था 9 करोड़ रुपए का घोड़ा!

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बैंकों के 9000 करोड़ रुपए लेकर विदेश भागे कारोबारी विजय माल्या को तो अब भगौड़ा भी घोषित किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट भी विदेशों में माल्या की संपत्ति का उनसे ब्योरा मांग रही है। इसी बीच विजय माल्या के घोड़े ने भी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की नाक में दम कर दिया है।

जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि शायद ये घोड़ा भी आईडीबीआई से लिए गए लोन एक हिस्से से खरीदा गया था। आपको बता दें कि इस घोडे को विजय माल्या ने 9 करोड़ रुपए में खरीदा था।

माल्या के इस घोड़े नाम एयर सपॉर्ट है, जिसे उन्होंने 2014 में अमेरिका से खरीदकर बेंगलुरु के पास स्थिति अपनी फार्म में रखा था। विजय माल्या से वसूली की प्रक्रिया होने पर प्रवर्तन निदेशालय इस घोड़े को जब्त करने के लिए कदम उठाएगा।

ऐसा पहली बार है जब एजेंसी किसी लाइव (जिंदा) असेट से निपट रही है। आईडीबीआई के लोन से घोड़ा खरीदने की बात से काफी लोग चौंक गए हैं। एक तरफ ठप हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों को उनकी सैलरी नहीं दी गई है, वहीं दूसरी ओर अरबपित माल्या ने घोड़ा खरीदने में 9 करोड़ रुपए लगा दिए।

घोड़े की यह जानकारी सीबीआई के हाथ संयोग से लगी है। दरअसल माल्या के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर में आईडीबीआई के लोन से 9,07,85,262 रुपए खर्च करके ‘क्लाइंबर एयर सपॉर्ट’ खरीदने की बात थी। यह बात सीबीआई जांच के दौरान हुई रिकवरी में मिले दस्तावेजों से सामने आई। शुरुआत में इस पर किसी ने यह सोचकर ध्यान नहीं दिया कि यह एयरक्राफ्ट का कोई हिस्सा होगा।

जब प्रवर्तन निदेशालय ने जांच की तो पता चला की एयर सपॉर्ट घोड़े का नाम है। इसे अमेरिका के एक हॉर्स ब्रीडर और रेसर अपने फॉर्म के घोड़ों के प्रजनन के लिए खरीदा था।

ऑगस्‍टा वेस्‍टलैंड घूसकांड को लेकर संसद में हंगामा

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नई दिल्‍ली : यूपीए सरकार के समय में हुए ऑगस्‍टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में बीजेपी ने सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई है ताकि मुख्य विपक्षी दल को घेरा जा सके जो उत्तराखंड मामले को लेकर राज्यसभा में कार्यवाही बाधित कर रही है। ऑगस्‍टा रिश्‍वत मामले में आज संसद की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा।

बीजेपी बुधवार को संसद के दोनों सदनों में ऑगस्‍टा घूसकांड का मामला उठाएगी ताकि इस मामले में सोनिया और कांग्रेस को घेरा जा सके। बता दें कि इस मामले में इटली कोर्ट के फैसले से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। लोकसभा में आज मीनाक्षी लेखी ऑगस्‍टा का मुद्दा उठाएंगी। वहीं, राज्‍यसभा में सुब्रमण्‍यम स्‍वामी यह मामला उठाएंगे। सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने आज राज्‍यसभा में इस पर नोटिस दिया। स्‍वामी ने कहा कि सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और अहमद पटेल से इस घूसकांड में पूछताछ होनी चाहिए।

दूसरी ओर, इस मामले से निपटने और रणनीति बनाने के लिए सोनिया के आवास दस जनपथ पर आज एक अहम बैठक हुई। कांग्रेस ने इस मामले में संसद में चर्चा कराने का निर्णय किया है। इस मामले में कांग्रेस ने दोनों सदनों में चर्चा का नोटिस दिया है। वहीं, ऑगस्‍टा डील पर मनमोहन सिंह ने आज कहा कि जो भी होगा कांग्रेस ही जवाब देगी। ऐसा कोई मामला नहीं है। गौर हो कि मिलान कोर्ट ऑफ अपील्‍स के फैसले में कई कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आए हैं।

इटली की अदालत के फैसले के बारे में मीडिया में खबर आने के बाद रणनीति बनाने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मंगलवार को यहां बैठक हुई।

गौर हो कि इटली की अदालत ने ऑगस्‍टा वेस्टलैंड के प्रमुख गुइसेपे ओरसी को दोषी ठहराया और कहा कि कंपनी ने 3600 करोड़ रुपये का सौदा हासिल करने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को रिश्वत दी। यह मुद्दा भाजपा संसदीय दल की बैठक में भी उठा जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद थे। कांग्रेस को विवादास्पद एयरसेल मैक्सिस सौदे को लेकर तथा इशरत जहां मुठभेड़ मामले के हलफनामा को लेकर भी निशाना बनाया जाएगा। मीडिया की खबरों के मुताबिक इटली की अदालत ने फैसले में बताया कि किस तरह कंपनी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके निकट सहयोगियों के साथ लॉबिंग की। इसके अलावा कंपनी ने तत्कालीन एनएसए एम के नारायण और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ भी लॉबिंग की। न्यायाधीश ने सौदे के पीछे सोनिया को ‘मुख्य ताकत’ बताया।

राज्यसभा में नव नामित सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले सुब्रमण्यम स्वामी राज्यसभा में हेलीकॉप्टर समझौते को उठाएंगे जिसके लिए उन्होंने नोटिस दे दिया है। स्वामी को गांधी परिवार के धुर विरोधी के तौर पर जाना जाता है। लोकसभा में आज यह मामला मीनाक्षी लेखी उठा सकती हैं। भाजपा के एक शीर्ष नेता ने कहा कि पहली बार किसी रिश्वत देने वाले को दोषी ठहराया गया है लेकिन लोगों को अब भी नहीं मालूम कि रिश्वत किसने ली।

संप्रग सरकार के समय में 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में कथित रिश्वत मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने दिखाई पडीं और सत्तारूढ़ दल के निशाने पर सीधे सोनिया गांधी रहीं। इटली की अदालत में एक रिपोर्ट में बिचौलिये के हवाले से बताया गया कि सौदे में कुछ नेताओं को करीब 120 करोड़ रूपये दिए गए जिसके बाद भाजपा ने संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह कांग्रेस नेताओं को घेरने का निर्णय किया है। एक बिचौलिये के नोट में कथित तौर पर बताया गया है कि सौदे के पीछे की ‘मुख्य ताकत’ गांधी हैं जिसे भाजपा भुनाना चाहती है लेकिन कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि सोनिया और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर प्रश्न खड़े नहीं किए जा सकते।

कांग्रेस ने पलटवार करते हुए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के खिलाफ किसी भी आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि ‘हम इसे खारिज करते हैं।’ राज्यसभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि किसी को भी घटिया टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और बुद्धिमता पर कभी सवाल नहीं उठे। शर्मा ने यह भी दावा किया कि मोदी के ‘करीबी’ व्यवसायियों ने ऑगस्‍टा वेस्टलैंड के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया। लेकिन उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया।

पाकिस्तान में दोबारा खुलेगा शहीद भगत सिंह की फांसी का केस

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देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले भगत सिंह को फांसी देने के मामले में गवाहियां देने वालों के नाम जल्द सामने लाऐ जाएंगे। यह बात पाकिस्तान में भगत सिंह फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज रशीद कुरैशी ने रोपड़ में कही।

कुरैशी पूर्व संसदीय सचिव राना कंवरपाल सिंह के घर पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ फाउंडेशन के सीनियर वाइस चेयरमैन सूफी चुफेल नादीम, वकील मोमीन मलिक, जगदीश भगत सिंह, भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर व उनके पति हरभजन सिंह भी मौजूद थे।
कुरैशी ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को जिस एफआईआर के तहत फांसी की सजा दी गई थी, उसमें किसी का नाम दर्ज नहीं है। यह मामला अज्ञात व्यक्ति पर दर्ज था।

उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 1928 को सैंगरेस के कत्ल मामले में भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को ब्रिटिश सरकार ने गलत फांसी दी थी। वह अब इस केस को दोबारा खुलवाकर सचाई सामने लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार लाहौर के पास फांसी देने का अधिकार ही नहीं है।
इस केस में ब्रिटिश सरकार को शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के परिवारों से माफी मांगने के साथ मुआवजा भी देना चाहिए। कुरैशी व मलिक ने कहा कि इस केस में जिन लोगों ने गवाहियां दी थीं, वह उनके नाम भी आने वाले समय में सामने लगाएंगे। कुरैशी ने बताया कि इस मामले की सुनवाई पांच या पांच से अधिक जजों के पैनल से करवाई जानी है, जिसके लिए चीफ जस्टिस के पास फाइल पड़ी है।

उन्होनें कहा कि इस मामले में दुनिया भर में भगत सिंह से प्यार करने वाले लोग उनके संपर्क में है। इस दौरान उन्होंने भगत सिंह को फांसी दी जाने वाली एफआईआर भी पढ़ कर सुनाई और कहा कि भगत सिंह के केस को दोबारा खुलवाने का मकसद उन पर लगे इल्जाम को धोना है।

इस दौरान इम्तियाज राशीद कुरैशी ने कहा कि पंजाब में उन्हें अथाह प्यार मिला है जिसने उन्हें अपना बना लिया है। उन्होने कहा कि पाकिस्तान व भारत के बंटवारे का नुकसान सबसे जयादा दोनो देशों में रहते पंजाबियो को हुआ है। उन्होने बताया कि भगत सिंह के दादा अर्जुन सिंह द्वारा उनके(पाकिस्तान में) गांव में लगाया गया आम का पेड़ अभी भी फल दे रहा है तथा उनके द्वारा बनवाया गया स्कूल आज भी मोजूद है जो दो कमरों में चल रहा है।

जीत के बावजूद ट्रंप की टीम का ये है सबसे बड़ा डर

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अमरीका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस में हिलेरी क्लिंटन और डॉनल्ड ट्रंप दोनों ही ने मंगलवार रात हुए प्राइमरी चुनावों के बाद अपनी-अपनी दावेदारी और मज़बूत कर ली है.

डॉनल्ड ट्रंप ने पांच में से पांच राज्यों में जीत हासिल की है, जबकि हिलेरी क्लिंटन पांच में से चार राज्य जीत गई हैं. हिलेरी के ख़िलाफ़ उम्मीदवारी की रेस में शामिल बर्नी सैंडर्स को एक जगह जीत हासिल हुई है. डेमोक्रैटिक उम्मीदवारी हासिल करने के लिए 2383 डेलीगेट्स या पार्टी के प्रतिनिधियों की ज़रूरत होती है. हिलेरी क्लिंटन इस गणित में बर्नी सैंडर्स से काफ़ी आगे निकल गई हैं. हर राज्य को वहां की आबादी के हिसाब से डेलीगेट्स दिए जाते हैं. जिस उम्मीदवार को जितने फ़ीसद वोट मिलते हैं, उसी अनुपात में उसे वहां डेलीगेट्स मिलते हैं.

माना जा रहा है कि मंगलवार के परिणाम के बाद बर्नी सैंडर्स के लिए क्लिंटन को डेलीगेट्स की दौड़ में पछाड़ना असंभव हो गया है. सैंडर्स पर उम्मीदवारी की रेस से नाम वापस लेने के लिए दबाव बढ़ रहा है. लेकिन सैंडर्स ने कहा है कि वो सिर्फ़ उम्मीदवारी हासिल करने के लिए रेस में नहीं हैं, वो अमरीका में एक आंदोलन को जन्म दे रहे हैं जिससे असमानता दूर हो सके, सबको स्वास्थ्य की सुविधा मिले और उच्च शिक्षा मुफ़्त हो जाए. उनकी टीम का कहना है कि वो आख़िर तक इस रेस में बने रहेंगे. वहीं रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी की रेस हर दिन के साथ और पेचीदगियां ला रही है. मंगलवार को डॉनल्ड ट्रंप ने भारी जीत हासिल की है और पांच में से पांच राज्य उनके खाते में गए, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि पार्टी प्रबंधन उनका साथ नहीं दे रहा है.

रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी के लिए 1237 डेलीगेट्स की ज़रूरत है लेकिन अगर किसी एक उम्मीदवार को ये संख्या नहीं मिल पाई तो पार्टी के प्रतिनिधि दोबारा से वोट डालते हैं. दोबारा होने वाले वोट में वो जिसे चाहें वोट डाल सकते हैं. यानी प्राइमरी चुनावों में जनता ने किसे चुना है ये मायने नहीं रखता.

ट्रंप की टीम के लिए सबसे बड़ा डर यही है कि अगर वो 1237 के मैजिक नंबर से कुछ पीछे रह गए तो पार्टी प्रबंधन प्रतिनिधियों को किसी और उम्मीदवार को वोट डालने के लिए राज़ी कर लेगा. उनकी कोशिश है कि पार्टी के पेचीदा क़ानून का सामना करने की बजाय सीधे तौर पर 1237 डेलिगेट्स हासिल कर लिए जाएं क्योंकि मौजूदा गणित के अनुसार ये फ़िलहाल संभव है. उनके दोनों प्रतिद्वंदी टेड क्रूज़ और जॉन केसिक इस गणित से बाहर हो चुके हैं, क्योंकि वो अब किसी हाल में 1237 तक नहीं पहुंच सकते. उन दोनों की कोशिश इस बात की है कि ट्रंप को भी वहां तक नहीं पहुंचने दिया जाए जिससे दोबारा वोटिंग की गुंजाइश बन सके.

इन दोनों उम्मीदवारों ने अगले हफ़्ते इंडियाना राज्य में होने वाले प्राइमरी के लिए एक तरह का समझौता भी किया है जिससे कि वोटों का बंटवारा न हो और वहां मज़बूत समझे जाने वाले टेड क्रूज़ ट्रंप को मात दे सकें लेकिन ये रणनीति कितनी कारगर होगी ये फ़िलहाल कहना मुश्किल है.
देखा जाए तो डेमोक्रैटिक रेस की तस्वीर अब काफ़ी हद तक साफ़ होती नज़र आ रही है. लेकिन रिपब्लिकन रेस की राजनीति फ़िलहाल लंबी चलेगी और जानकारों की माने तो शायद काफ़ी गंदी चलेगी.

डरावना खुलासा, एक्स बॉयफ्रेंड को अपना खून पि‍लाती थीं कंगना!

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कंगना और रितिक विवाद में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. लेकिन कंगना के एक्स बॉयफ्रेंड अध्ययन सुमन ने जो कुछ बताया है, वह वाकई होश उड़ाने वाला है. अध्ययन सुमन कंगना के साथ ‘राज 2’ में काम कर चुके हैं. उनका कहना है कि कंगना के साथ उनके रिश्ते का दौर खासा भयावह रहा है और वह रितिक का दर्द बखूबी समझ सकते हैं.
हाल ही में अध्ययन ने डीएनए को दिए गए इंटरव्यू में कंगना के व्यक्तित्व के बारे में कई भयानक राज खोले हैं. अध्ययन ने रितिक-कंगना विवाद में रितिक का पक्ष लेते हुए अखबार को कहा है कि उनका दर्द वह अच्छे से समझ सकते हैं क्योंकि वह भी इससे गुजर चुके हैं.
अध्ययन ने स्पष्ट कहा कि कंगना के बारे में यह उनका आखिरी इंटरव्यू है. इसमें उन्होंने बताया, ‘मैं चाहता हूं कि लोगों को सच्चाई का पता चलना चाहिए. मैं कंगना के करियर को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता लेकिन वह किसी और को अपना निशाना बनाकर मासूम कैसे बन सकती हैं. कंगना पहले भी कई लोगों के बारे में गलत बातें फैलाकर, उनके करियर को चोट पहुंचाने की कोशि‍श कर चुकी हैं.’
अध्ययन ने कंगना के बारे में एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह काला जादू करती थीं. उन्होंने बताया, ‘जब मैं कंगना के साथ था तो वह मुझे एक पल्लवी नाम की ज्योतिषी के पास ले गईं. उसने बताया कि मेरा समय सही नहीं चल रहा है और इसे सुधारने के लिए मुझे  पूजा करनी होगी. इसके लिए कंगना ने मुझे रात को 12 बजे अपने घर बुलाया. कंगना के अपार्टमेंट में एक गेस्ट रूम है. उस गेस्ट रूम को उन्होंने पूरी तरह काले कपड़े से ढक रखा था और वहां भगवान की बहुत सी मूर्तियां भी थीं. तभी कंगना ने मुझे उस कमरे बंद कर दिया और कुछ मंत्रों को पढ़ने के लिए कहा. मैं बहुत डर गया था और मैंने बिना मंत्र पढ़े ही बोल दिया कि मैंने मंत्र पढ़ लिए. इसके कुछ दिन बात ज्योतिषी पल्लवी से मुझे रात को 12 बजे शमशान घाट में जाकर कुछ चीजों को फेंकने के लिए बोला. मैं यह सुनकर सन्न रह गया और मैंने ऐसा नहीं किया.’
कंगना के बारे में इस खुलासे के साथ अध्ययन ने कहा कि वह मेट्रो सिटी में पले-बढ़े थे और इन सब चीजों के बारे में नहीं जानते थे. वह इन सब से डर गए थे और इस सिलस‍िले में एक टैरो कार्ड रीडर से मिले.
अध्ययन ने कहा, ‘इस टैरो कार्ड रीडर ने कहा कि मेरे साथ कुछ बहुत बुरा होने वाला है क्योंकि मुझ पर कोई पहाड़ी जादू किया गया है. तभी मुझे ख्याल आया कि मेरे जानने वालों में से सिर्फ कंगना ही है जो हिमाचल से है. मैंने इस बारे में अपनी मां को बताया जब उन्होंने हमारे परिवार के पंडित से इस बारे में बात की.


अध्ययन का कहना है कि इस पंडित ने मेरे सामने हैरान कर देने वाली बात रखी. उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या कंगना तुम्हें अपने हाथ का बना खाना खिलाती हैं. मेरे इस बात को स्वीकारने पर उन्होंने कहा कि वह खाने में तुम्हें अपना अशुद्ध खून मिलाकर देती हैं. हालांकि तब मैंने इस बात को नजरअंदाज कर दिया. लेकिन कुछ ही दिनों बाद हमारे रिश्ते में बहुत अनबन और मारपीट होने लगी. अध्ययन का कहना है कि तब वह पूरा दिन रोते रहते और पूरा दिन शराब के नशे में डूबे रहते थे. उनकी हालत ऐसी थी कि वह तब मर भी सकते थे.
रितिक रोशन के साथ कंगना की करीबियों के बारे में अध्ययन ने बताया, ‘फिल्म ‘काइट्स’ की शूटिंग के दौरान कंगना का रितिक के साथ मेल-जोल बढ़ा. उन्होंने कंगना और मुझे अपनी पार्टी में भी बुलाया. लेकिन उस पार्टी में मैं कंगना का व्यवहार देखकर हैरान था. उन्होंने मुझे बताया कि कोई उनको छेड़ रहा है. मैंने उनसे पार्टी छोड़कर चलने को कहा तो वे दोनों पार्टी से निकल गए. अध्ययन ने बताया कि सीढ़ियों से नीचे उतरते ही कंगना ने उनको जोर से एक तमाचा जड़ा और यह इतना जोरदार था कि वह उनके आंसू निकल आए. अध्ययन के अनुसार, जैसे ही हम गाड़ी में बैठे, कंगना ने मुझे दोबारा पीटना शुरू कर दिया. मैंने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और कार से बाहर निकल आया. वक्त मैं बीच सड़क पर खड़ा रो रहा था. जिंदगी की वो रात मैं कभी नहीं भूल सकता.

रोमांचक मुकाबले में एक रन से हारे डेयरडेविल्स

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दक्षिण अफ्रीका के क्रिस मौरिस की तूफानी पारी भी दिल्ली डेयरडेविल्स को आईपीएल 9 के सांस रोक देने वाले मैच में जीत नहीं दिला सकी। मौरिस के 32 गेंदों पर आठ गगनचुंबी छक्कों और चार चौकों की मदद से खेली गई नॉटआउट 82 रन की आतिशी पारी के बावजूद दिल्ली यहां बुधवार को गुजरात लायंस से एक रन से हार गई।
आखिर के दो ओवर मे गुजरात के मध्यम तेज गेंदबाज डवेन ब्रावो और प्रवीण कुमार की कसी हुई गेंदबाजी के चलते फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली जीत के बहुत करीब पहुंचकर उसे हासिल करने से महरूम रह गई।
दक्षिण अफ्रीका के मौरिस, जो पॉल डुमिनी और लेग स्पिनर ताहिर इमरान की जांबाजी दिल्ली के युवा तुर्कों ने भी दिखाई होती तो वह यह रोमांचक मैच जीत सकती थी। आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 14 रन चाहिए  इसमें गुजरात लायंस के ब्रावो ने मात्र 12 रन ही दिए हालांकि इस ओवर की पहली ही गेंद पर मौरिस का कैच जेम्स फॉकनर ने टपकाया था।
ड्वेन स्मिथ (53) और मैककुलम की सलामी जोड़ी ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर पहले विकेट की मात्र 64 गेंदों में 112 रन की जोरदार भागीदारी की बदौलत गुजरात लायंस ने पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने पर निर्धारित 20 ओवर में  छह विकेट पर 172 रन का मजबूत स्कोर बनाया।
मिडल ओवरों में दिल्ली के लेग स्पिनर इमरान ताहिर (3/24) और पेसर क्रिस मॉरिस (2/35) की बेहतरीन गेंदबाजी के सामने गुजरात ने 11वें और 17वें ओवर के बीच 30 रन जोड़ कर छह विकेट गंवा दिए।
जवाब में मैन ऑफ द मैच दिल्ली क्रिस मॉरिस के नॉटआउट 82 रनोंकी तूफानी पारी और  डुमिनी (48 रन, 43 गेंदें, एक छक्का, तीन चौके) साथ पांचवें विकेट के लिए 27 गेंदों में 87 रन की तूफानी भागीदारी के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 171 रन ही बना सकी और मैच हार गई।
दिल्ली डेयरडेविल्स को पॉवरप्ले में अपने कप्तान मध्यम तेज गेंदबाज जहीर खान की ढीली गेंदबाजी और युवा तुर्को से सज्जित शीर्ष क्रम की गैर जिम्मेदाराना बल्लेबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा।
ड्वेन स्मिथ और ब्रैंडन मैककुलम की सलामी जोड़ी की पॉवर प्ले में तूफानी भागीदारी और मध्यम तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी (3/19) ने कहर बरपाने वाली गेंदबाजी कर दिल्ली के तीन विकेट शुरू के चार ओवर में मात्र 16 रन निकाल दिए थे।
धवल कुलकर्णी ने अपने शुरू के दो ओवरों में सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन (1), क्विंटन डी कॉक (5) और करूण नायर (9) को अंत कर दिल्ली की कम ही तोड़ दी थी। इससे पहले पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने पर गुजरात लायंस के मैककुलम ने 27 गेंदों में और स्मिथ ने मात्र 26 गेंदों में अपनी-अपनी हाफ सेंचुरी पूरी की। इन दोनों ने इस दौरान अपनी अपनी पारी में तीन-तीन छक्के और पांच -पांच चौके जड़े । इन दोनों ने मात्र 54 गेंदों में मौजूदा आईपीएल में सबसे तेज 100 रन जोड़े ।

रियो ओलंपिकः 'अनोखी' सेंचुरी के साथ आगाज करेगा भारत

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ब्राजील के रियो डी जेनेरो में अगस्त में आयोजित होने वाले रियो ओलंपिक खेलों में भारत अपना अब तक का सबसे बड़ा दल उतारने जा रहा है, जिसमें करीब 100 भारतीय एथलीट कम से कम 12 अलग-अलग खेलों में मेडल के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
रियो ओलंपिक में भारतीय दल प्रमुख (शेफ-डी-मिशन) राकेश गुप्ता ने बुधवार को कहा कि रियो ओलंपिक के लिए अब तक करीब 77 एथलीटों ने क्वालीफाई कर लिया है और कई अन्य एथलीट क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में टिकट पाने के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को उम्मीद है कि इस बार भारतीय दल में करीब 95 से 100 एथलीट ब्राजील जाएंगे जो भारत का ओलंपिक खेलों में अब तक का सबसे बड़ा दल होगा।
भारत ने तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, हॉकी, जिमनास्टिक, रोइंग, निशानेबाजी, टेबल टेनिस और कुश्ती सहित नौ खेलों में पहले ही रियो का टिकट बुक करा लिया है जबकि बैडमिंटन, गोल्फ, टेनिस में खिलाड़ी क्वालीफाई करने के करीब हैं। साथ ही एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुछ और खिलाड़ियों के भी क्वालीफाई करने की उम्मीद है।
भारतीय दल प्रमुख राकेश ने कहा, ‘ओलंपिक खेलों में अब 100 से भी कम दिन बचे हैं और रोमांच भी बढ़ता जा रहा है। हमारे एथलीट अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं और इस बार बेहतर करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। हमारे एथलीट या तो अपने शिविरों में हैं या फिर विदेशों में तैयारियों में जुटे हैं।’
राकेश ने कहा, ‘अभी तक हमारे 77 खिलाड़ियों ने रियो के लिए क्वालीफाई किया है और कुछ और इस लिस्ट में आने वाले हैं जिससे यह संख्या 100 तक हो जाएगी। हम अपने दल को शुभकामनाएं देना चाहते हैं। आयोजन समिति ने अब तक बहुत मदद की है और मई में मसलों को सुलझाने के लिए दलों का एक सम्मेलन भी होगा।


उन्होंने साथ ही बताया कि आईओए के निवेदन पर रियो ओलंपिक के आयोजकों ने खेल गांव में भारतीय खिलाड़ियों के लिए भारतीय खाना भी रखा है। आईओए को ब्राजील से लगातार जानकारी मिल रही है और समय पर तैयारियां पूरी होने का भरोसा भी जताया गया है। इसके अलावा ब्राजील में सभी स्वास्थ्य एवं अन्य मसलों पर भी बातचीत हो रही है।

BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर देंगे पद से इस्तीफा, बन सकते हैं ICC चीफ

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अध्यक्ष शशांक मनोहर ने अपना पद छोड़ने का फैसला लिया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन पद की दौड़ में उनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, शशांक मनोहर के ICC चेयरमैन चुने जाने की संभावनाएं काफी ज्यादा हैं. अगर वह आईसीसी में जाते हैं तो उन्हें BCCI के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा.
चर्चा यह भी है कि शशांक मनोहर के इस्तीफे के बाद शरद पवार की बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर वापसी हो सकती है. वह फिलहाल मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. हालांकि अब तक उन्होंने इस संबंध कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
शशांक मनोहर को बीते साल तत्कालीन अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के निधन के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष चुना गया था. भारतीय क्रिकेट में सुधार के लिए बीते कुछ महीनों से शशांक मनोहर काफी सक्रिय रहे हैं.
सूत्रों ने ‘आज तक’ को बताया कि विश्व क्रिकेट की इस गवर्निंग बॉडी में शशांक मनोहर पहली च्वाइस के तौर पर उभरे हैं. बोर्ड के सभी 13 सदस्य शशांक मनोहर के पक्ष में हैं. आईसीसी प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया 23 मई को पूरी होगी. फिलहाल शशांक मनोहर ही आईसीसी के भी अध्यक्ष हैं.