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RS में बोले राजनाथ, पाक से सिर्फ गुलाम कश्मीर पर होगी बात

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति को पाकिस्तान की करतूत बताते हुए केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से अब कश्मीर पर कोई बात नहीं होगी। अगर बात होगी तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर पर।
राज्यसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जो चाहें जतन कर लें, दुनिया की कोई ताकत कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकती।
राजनाथ ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति पर हुई करीब नौ घंटे की ऐतिहासिक चर्चा का जवाब देते हुए पाकिस्तान को यह सख्त संदेश दिया। राज्यसभा ने भी सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर कश्मीर की हिंसा में हुई मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए घाटी के लोगों से शांति की अपील की।
कश्मीर पर राजनीतिक दलों की चिंता को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाने का एलान किया। गृह मंत्री ने साफ कहा कि भारत की धरती पर पाकिस्तान का नारा और आइएस का झंडा लहराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नरमपंथियों समेत सभी सियासी पार्टियों से बातचीत के दरवाजे खुले होने की बात कहते हुए गृह मंत्री ने कश्मीर को सेना के हवाले करने की चर्चाओं को खारिज कर दिया।
कश्मीर मसले पर हुई चर्चा के दौरान राजनीतिक दलों के एकजुट सुर की ताकत पर सवार गृह मंत्री ने कहा कि नवाज शरीफ चाहें संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखें या सपना देखें, जम्मू-कश्मीर को दुनिया की कोई ताकत भारत से अलग नहीं कर सकती। इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में हिंसा और अशांति के पीछे सीधे-सीधे पाक का हाथ है।
इसलिए कश्मीर पर किसी तरह की वार्ता होगी तो अपने लोगों, नरमपंथियों और सियासी दलों से होगी। पाक से बात होगी तो वह उसके कब्जे वाले कश्मीर के मसले पर होगी। हुर्रियत से वार्ता को लेकर गृह मंत्री ने कोई स्पष्ट बात नहीं कही मगर इसकी संभावना को खारिज भी नहीं किया।
प्रदेश के हालात का जायजा लेने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल को रोकने की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि कम खतरनाक हथियार के लिए सरकार ने समिति बना दी है। यह दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। वहीं सुरक्षा बलों से संयम बरतने और पैलेट गन का कम-से-कम इस्तेमाल करने को कहा गया है।

भारत का विरोध कर पाक में सुर्खियां बटोर रही मुशाल

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इस्लामाबाद। कश्मीर मससे पर पाकिस्तान में भारत विरोधी माहौल बनाने की भरसक कोशिश हो रही है। वहां की सरकार और आतंकी संगठन तो एक मंच पर हैं हीं, कश्मीर से पाकिस्तान जाकर कुछ अलगाववाही भी आग में घी का काम कर रहे हैं।
ऐसी ही एक महिला है मुशाल जो कि अलगाववादी नेता और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक की बीवी है। मुशाल बीते दिनों से इस्लामाबाद में भूख हड़ताल पर बैठी है और सुर्खियां बटोर रही है।
मुशाल का आरोप है कि कश्मीर में भारतीय सेना लोगों पर अत्याचार कर रही है। बुरहान वानी जैसे लोगों को मारा जा रहा है। मुशाल की नजर में बुरहान आतंकी नहीं था।
मुशाल के बारे में कहा जाता है कि वह जन्मी तो पाकिस्तान में है, लेकिन पढ़ाई विदेश में हासिल की है। वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट हैं। उसके पिता एमए हुसैन जाने-माने अर्थशास्त्री हैं।
मां रेहाना पाकिस्तान मुस्लिम लीग के महिला विंग की अध्यक्ष है और नवाज शरीफ की करीबी बताई जाती है। मुशहाला न्यूड पेंटिंग्स भी बनाती हैं।
मुशाल जहां पाकिस्तान में भारत के खिलाफ माहौल बनाने रही हैं, वहीं उनके शौहर यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में अपने मतलब की रोटियां सेंक रहे हैं। वे खुद को कश्मीरी अवाम की आवाज साबित करने चाहते हैं और इसके लिए भारत का लगातार विरोध करते रहते हैं।
बीते दिनों, कश्मीर घाटी में प्रस्तावित कश्मीरी पंडित व सैनिक कालोनी के खिलाफ लोगों को लामबंद करने में जुटे जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन यासीन मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

अफगान मुद्दे पर भारत-अमेरिका की करीबी से पाक की नींद उड़ी

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नई दिल्ली। अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिकी रुख में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। अमेरिका को ये लगता है कि अफगानिस्तान की सुरक्षा में पाकिस्तान से ज्यादा मददगार भारत हो सकता है। अमेरिकी रुख में इस बदलाव से पाकिस्तानी खेमे में हड़कंप है।
हाल ही में अफगानिस्तान को भारत ने चार एमआई-25 हेलीकॉप्टर उपहार में दिए हैं। अफगानी सेना ने भारत से और हेलीकॉप्टर देने की अपील की है। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी अब तक इस बात को ज्यादा तरजीह देते थे कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अफगानिस्तान में पाक की मौजूदगी भारत से कहीं ज्यादा जरूरी है।
मगर, अफगान प्रशासन की बदलती सोच के बाद अमेरिका भी इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकियों का सामना पाकिस्तान से बेहतर भारत कर सकता है। अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर जॉन निकोलस हाल ही में भारत के दौरे पर थे।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर और रक्षा सचिव मोहन कुमार से मुलाकात की थी। जॉन निकोलसन से मुलाकात के दौरान एमआई-25 के स्पेयर पार्ट्स का मुद्दा उठा। गौरतलब है ये हेलीकॉप्टर रूस से खरीदे गए थे।
जॉन निकोलसन ने कहा कि एमआई-25 हेलीकॉप्टर से जुड़ी जो परेशानियां सामने आ रही हैं, उन्हेें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी पर पाकिस्तान सवाल उठा रहा है और सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ ने कहा था कि अमेरिकी नीति भारत के पक्ष में झुकी हुई है।
हालांकि, जॉन निकोलसन ने कहा कि अमेरिका का मकसद आतंकवाद को परास्त करना है। इस मुद्दे पर अमेरिका भारत और पाकिस्तान को बराबर की तरजीह दे रहा है। निकोलसन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा का उदय अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हुआ था।
मगर, लश्कर अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर भारत में आतंक फैला रहा है। उन्होंने कहा कि पेंटागन का भी मानना है कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ काम नहीं कर रहा है। हकीकत ये है कि हक्कानी नेटवर्क और तालिबान को पाकिस्तान में शरण मिला हुआ है।

सेल्फी के चलते नॉर्थ कोरिया की जिमनास्ट को हो सकती है मौत की सजा!

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दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया दो देश जो एक दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं। इन दोनों देशों की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। हालात यह है कि अगर कोई गलती से सीमा के पार चला जाए तो उसका वापस देश आना नामुमकिन है। लेकिन इसी दुश्मनी को चुनौती दे रही है एक वायरल सेल्फी। ये सेल्फी दक्षिण और उत्तरी कोरिया के जिमनास्ट की है।
ये सेल्फी दक्षिण कोरिया की ली उन जू और दूसरी जिमनास्ट हैं उत्तर कोरिया की हांग उन जोंग की है जो उन्होंने रियो में मेडल जीतने के बाद ली है। अब ये सेल्फी रियो ओलंपिक की सबसे चर्चित सेल्फी बन गई है। ये ओलंपिक में खेल भावना का अद्भुत प्रदर्शन है। दुनिया इस सेल्फी पर खुश है, लेकिन माना जा रहा है कि ये दोस्ताना उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को कतई पसंद नहीं आएगा। उत्तर कोरिया में अगर किसी पर दक्षिण कोरिया से किसी भी तरह के संपर्क होने का शक हो जाता है तो उसकी मौत तय मानी जाती है। और यहां तो मामला खुल्लमखुल्ला सेल्फी का है-तानाशाह को सेल्फी चैलेंज का है।
इस सेल्फी पर तानाशाह का भड़कना तय है। 27 साल की हांग उन जोंग के लिए उनके वतन लौटने से पहले ही प्रार्थना होने लगी है हालांकि सेल्फी के वायरल होने के बाद हांग ने चुप्पी साध ली है। माना जा रहा है कि चुप्पी की वजह तानाशाह का डर है। किम जोंग उनकी गलती पर माफी देंगे या सजा ये अब हांग के उत्तर कोरिया लौटने के बाद ही साफ होगा। हालांकि किमजोंग उन उसे किसी भी तरह की चुनौती देने वालों को माफ नहीं करता।
बता दें कि एक वक्त तानाशाह के फूफा जैंग सोंग थाएक देश में दूसरे सबसे ताकतवर शख्स माने जाते थे, लेकिन किम जोंग ने साजिश के शक में अपने फूफा को ही मरवा डाला। हांगकांग के अखबार ‘वैन वेई पो’ के मुताबिक थाएक के कपड़े उतरवा कर उन्हें उस पिंजरे में फेंक दिया गया जिसमें कई दिन से भूखे 120 खूंखार कुत्ते बंद थे। उसने अपनी बुआ किम जोंग हुई को भी जहर दे कर मरवा दिया। अफसरों के मरवाने के लिए उन्हें तोप से बांध कर उड़ा देना या आग उगलने वाले फ्लेम थ्रोअर के आगे डलवा देना-किम जोंग का शौक बनता जा रहा है, जिसने उत्तर कोरिया में उसके खौफ का सम्राज्य कायम कर रखा है।

नीलामी में बैंक अगर सीबीआई और सीवीसी की मदद चाहते हैं तो यह क्यों ठीक नहीं है?

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खबर है कि बैंक कर्ज न लौटाने वाली कंपनियों की परिसंपत्तियां बेचने में सीबीआई और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की मदद चाहते हैं. वे चाहते हैं कि बिक्री से पहले ये एजेंसियां इन सौदों को हरी झंडी दें.
यह बेतुकी बात है. बैंकों की इस इच्छा का मतलब है कि बाद में अगर उन पर गड़बड़ी का कोई आरोप लगे तो वे कह दें कि सीबीआई और सीवीसी ने तो जांच की थी. पेशेवर उपक्रमों से इस तरह की अपेक्षा नहीं की जाती. इससे यह भी बता चलता है कि बैंकिंग व्यवस्था आज कैसे चल रही है.
बैंकों को चिंता है कि डिफॉल्ट करने वाला कोई प्रमोटर ही कहीं किसी फ्रंट या कागजी कंपनी के जरिये अपनी परिसंपत्तियां कौड़ियों के भाव वापस न खरीद ले. लेकिन इसका समाधान यह नहीं है कि सीबीआई और सीवीसी को परिसंपत्तियों के बिक्री प्रस्तावों को मंजूरी देने जैसे काम से लाद दिया जाए. समाधान यह है कि परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए एक पारदर्शी बाजार तैयार किया जाए. अगर बाजार में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा होगी तो बैंकों को नीलामी में अच्छे दाम मिलेंगे. कारोबारी फैसलों के नतीजे लाभ के रूप में भी सामने आते हैं और नुकसान के रूप में भी. सरकार को अपनी वह संस्कृति छोड़नी होगी जो हर उस निर्णय को शंका की दृष्टि से देखती है जिसके नतीजे में घाटा हुआ हो.
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भी अपने मैनेजरों को बाजार से जुड़े फायदों में भागीदार बनाना होगा. यह हास्यास्पद है कि उनका वेतन निजी क्षेत्र में काम कर रहे अपने समकक्षों की कमाई का एक छोटा सा हिस्सा होता है. ये अधिकारी जो फैसले लेते हैं उनमें एक तरफ जोखिम की आशंका होती है तो तो दूसरी तरफ फायदे की उम्मीद. इसलिए उनके वेतन में इस तथ्य का भी योगदान होना चाहिए कि समय के साथ उनके फैसले कितने खरे उतरे. उनकी कमाई का एक हिस्सा तीन साल की अवधि के दौरान किए गए प्रदर्शन से तय होना चाहिए. आय का एक बड़ा हिस्सा उन्हें शेयरों के रूप में भी दिया जा सकता है. समाधान सीबीआई और सीवीसी पर जिम्मेदारी डालने से नहीं बल्कि अच्छे प्रदर्शन को प्रोत्साहन देकर होगा.

रियो ओलंपिक: अमेरिकी बॉक्सर को हरा विकास ने बनाई प्री क्वार्टर फाइनल में जगह

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रियो ओलंपिक से भारत के लिए अच्छी खबर आई है. मुक्केबाजी मुकाबलों में भारत के विकास कृष्ण यादव ने पहले जीत दर्ज की. 75 किलोग्राम मिडिलवेट में स्पर्धा में विकास ने ये मुकाबला 3-0 से जीता. उन्होंने अपनी पहली बाउट में अमेरिका के एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को 29-28,29-28,29-28 को शिकस्त दी.
विकास ने पहले ही राउंड से अपने विरोधी मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा और अपने सीधे मुक्कों से एक अहम प्वाइंट हासिल किए. पहले राउंड में विकास को तीनों जजों ने 10-10 अंक दिए, जबकि अमेरिकी मुक्केबाज 9-9 अंक ही हासिल कर सका. दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले जज ने नौ अंक दिए, जबकि बाकी जजों ने 10-10 अंक दिए. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक जज ने 10 अंक दिए.
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ मुक्के सीधे विकास के चेहरे पर लगे. लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध मुक्के मारने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही सही समझा. विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक जज ने ही पूरे अंक दिए. वहीं कोनवेल दो जजों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वो ये मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए. विकास अब प्री क्वार्टर फाइनल में 12 अगस्त को रिंग में उतरेंगे.

आर अश्विन ने बचाई लाज, भारत के 5 विकेट पर 234 रन

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सेंट लूसिया: रविचंद्रन अश्विन (नाबाद 75) और विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (नाबाद 46) की बदौलत भारतीय टीम ने डारेन सैमी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे चार तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन मंगलवार को पांच विकेट पर 234 रन बना लिया है. 100 रन के भीतर चार विकेट गंवाकर संकट में आ चुकी भारतीय टीम को अश्विन ने अपनी 190 गेंदों की जुझारू पारी से खूबसूरती से संवारा.
अश्विन ने पहले अजिंक्य रहाणे (35) के साथ 23.3 ओवरों की साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारा और उसके बाद रिद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 108 रनों की नाबाद साझेदारी निभाकर उन्होंने भारत को संकट से बाहर निकाल लिया.
रहाणे के साथ उनकी साझेदारी 39 रनों की रही. साहा ने भी अश्विन का अच्छा साथ दिया और 122 गेंदों की अपनी पारी में वह चार बाउंड्री लगा चुके हैं.
इससे पहले मेजबान वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया और शेनन गाब्रियल ने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए मैच के तीसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (1) को चलता कर दिया. धवन का कैच विकेट के पीछे गाब्रिएल ने लिया.
इसके बाद आए कप्तान विराट कोहली (3) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके. टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे अल्जारी जोसेफ ने कोहली को पवेलियन भेजा. कोहली अतिरिक्त उछाल के सामने कुछ नहीं कर पाए और पहली स्लिप पर खड़े डारेन ब्रावो को कैच दे बैठे.
इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच के शतकवीर लोकेश राहुल (50) ने एकबार फिर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए रहाणे के साथ तीसरे विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी निभाई.
कैरेबियाई टीम के लिए दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ कराने वाले रोस्टन चेस ने राहुल की पारी का अंत किया. राहुल स्पिन के चाल में फंस कर ब्राथवेट को कैच दे बैठे. उन्होंने अपनी पारी में 65 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए.
टेस्ट श्रृंखला की शुरुआती दो मैचों से बाहर रखे गए रोहित शर्मा (9) को इस मैच में शामिल किया गया, लेकिन वह भी कुछ खास नहीं कर सके और टीम के कुल योग में सिर्फ 10 रन जोड़कर जोसेफ का दूसरा शिकार बने.
बल्लेबाजी क्रम में पदोन्नती पाने वाले अश्विन ने इसके बाद रहाणे के साथ पारी को संभाल लिया. हालांकि चायकाल से दो ओवर पहले ही रहाणे चेस की फुल टॉस गेंद को स्वीप करने के प्रयास में चूक गए और गेंद ने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं.
वेस्टइंडीज के लिए जोसेफ और चेस ने दो-दो विकेट हासिल कर लिए हैं, जबकि गाब्रिएल को एक विकेट मिला. चार मैचों की श्रृंखला में भारत 1-0 से आगे चल रहा है.

फिल्म 'फ्रीकी अली' आपको हैरान कर देगी : सलमान खान

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मुंबई: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान का कहना है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत आगामी फिल्म ‘फ्रीकी अली’ दर्शकों को हैरान कर देगी. सलमान ने फिल्म के ट्रेलर लांच के दौरान यह बयान दिया. इस फिल्म का निर्माण अभिनेता के घरेलू प्रोडक्शन में हुआ है.
सलमान ने कहा, “लोग इस फिल्म को देखकर काफी हंसेंगे. यह बिल्कुल अलग प्रकार की फिल्म है. नवाजुद्दीन इसमें एक छोटे गुंडे की भूमिका निभा रहे हैं, जो गलियों में क्रिकेट के चैम्पियन हैं और अचानक गलती से गोल्फ में आ जाते हैं और एक गोल्फ खिलाड़ी के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करते हैं.”
इस फिल्म में नवाजुद्दीन को एक गरीब इंसान के किरदार में दिखाया गया है, जो अचानक खेल जगत का हीरो बन जाता है और सबसे अमीर माने जाने वाले खेल गोल्फ में कदम रखता है. वह अपने जीवन के प्यार को पाने के लिए इस खेल में उतरता है. इसमें उनकी प्रेमिका की भूमिका एमी जैक्सन निभा रही हैं.
सोहेल खान ने इस फिल्म की शूटिंग 38 दिनों के भीतर पूरी की और इसका श्रेय उनकी पूरी टीम को देते हुए कहा, “हम सुबह जल्दी उठते थे और हमने काफी महत्वपूर्ण स्थलों पर इसकी शूटिंग की है. हमने इस फिल्म के लिए गोल्फ के विशेषज्ञों की सहायता ली.”
सोहेल का कहना है कि वह खेल पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने गोल्फ को चुना.
सलमान ने नवाजुद्दीन की तारीफ करते हुए कहा, “हमारे ‘किक’ फिल्म से ही अच्छे संबंध रहे हैं. मुझे लगता है कि वह धीरे-धीरे सलमान खान में बदल रहे हैं और मैं नवाजुद्दीन में.”
इस फिल्म में अरबाज खान, जस अरोड़ा, सीमा बिस्वास, निकितिन धीर और आसिफ बसरा भी हैं. यह फिल्म नौ सितम्बर को कैटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा अभिनीत फिल्म ‘बार-बार देखो’ के साथ रिलीज हो रही है.

धोनी खुद करेंगे अपनी बायोपिक फिल्म का ट्रेलर लॉन्च

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‘एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी, द मैन यू नो, बट जर्नी यू डोंट’ का ट्रेलर 10 अगस्त को जालंधर में महेंद्र सिंह धोनी लॉन्च करेंगे. एक भव्य समारोह के बीच फिल्म के ट्रेलर को लॉन्च किया जाएगा जिसमें करीब 15 से 20 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.
जालंधर में ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म के निर्माता अरुण पाण्डेय, फॉक्स स्टार स्टूडियो इंडिया के सीईओ विजय सिंह और फिल्म के डायरेक्टर नीरज पाण्डेय भी मौजूद होंगे.
वहीं दिल्ली और मुंबई में इसके अगले दिन यानी 11 अगस्त को फैन्स के साथ फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया जाएगा. जहां धोनी के साथ ऑन स्क्रीन धोनी सुशांत सिंह राजपूत भी होंगे. बाकी फिल्म से जुड़े वो सारे लोग मौजूद होंगे जो जालंधर में थे.
एमएसडी का इंतजार काफी लंबे समय से हो रहा है. पूरे देश में माही के करोड़ों फैन हैं, जैसे ही उन्हें पता चला कि माही पर फिल्म बन रही है तभी से उनके बीच अलग तरह का रोमांच फैला हुआ है. माही के क्रिकेट करियर को हर भारतीय जानता है पर उसके पीछे की कहानी को शायद बहुत कम लोग ही जानते हैं. इसी विषय पर फिल्म आधारित है.
फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने कहा, ‘धोनी हमारे देश के बहुत बड़े गौरव हैं, और उनकी गजब की फैन फॉलोविंग हैं और इससे अच्छा मौका और क्या होगा की उनके अलग अलग शहरों के सभी फैन्स के साथ ये ट्रेलर लॉन्च किया जाए. हम अगले दो दिनों तक फिल्म की झलकियां जालंधर, दिल्ली और मुम्बई के फैन्स तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे.

धर्म परिवर्तन के आरोप में IRF से जुड़े कर्मचारी सहित चार लोगों पर मामला दर्ज

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मुंबई पुलिस ने धर्म परिवर्तन और इस्लामिक स्टेट में भर्ती के आरोप में चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. जिन लोगों पर मामला दर्ज हुआ है उनमें जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन में काम करने वाला अर्शीद कुरैशी नाम का एक शख्स भी शामिल है.
केरल के लापता बीस लोगों में अशफाक के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका बेटा केरल छोड़ कर कहीं और चला गया है. उन्होंने अर्शीद कुरैशी और कल्याण के रिजवान शेख पर उकसावे का आरोप लगाया है. इन मामले में अशफाक ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.
बता दें कि केरल पुलिस ने महाराष्ट्र एटीएस के साथ मिलकर IRF के कर्मचारी अर्शीद कुरैशी और उसके साथी रिजवान शेख को गिरफ्तार किया था. इन दोनों पर केरल से भागे कुछ लोगों का मुंबई में धर्म परिवर्तन करवाने और आईएस में उनकी भर्ती करवाने का आरोप था.
मुंबई में दर्ज एफआईआर के बाद मुंबई पुलिस अब उनकी कस्टडी लेगी. उसके बाद IRF और जाकिर नाईक पर कार्रवाई की संभावना है. गृह मंत्रालय जाकिर के एनजीओ के मिलने वाले चंदे की भी जांच कर रहा है. वहीं, बैन की सुगबुगाहट लगते ही जाकिर नाईक के संगठन ने कहा है कि जाकिर के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कोई सबूत नहीं है, इसलिए बैन लगाना कानून का दुरुपयोग होगा.
मुंबई पुलिस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस को जाकिर नाइक और उनकी संस्था IRF के संदर्भ ने रिपोर्ट सौप दी है. जाकिर नाइक पर दो समुदायों के बीच तनाव फैलाने का आरोप लगा है. पुलिस ने रिपोर्ट में जाकिर नाइक से जुड़ी कई नई जानकारियों का जिक्र किया है. अब सरकार इस रिपोर्ट पर लीगल ओपिनियन लेगी और आगे कदम उठाएगी. वहीं इस रिपोर्ट में जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन में काम करने वाले अर्शीद कुरैशी का नाम भी शामिल है.