RS में बोले राजनाथ, पाक से सिर्फ गुलाम कश्मीर पर होगी बात

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति को पाकिस्तान की करतूत बताते हुए केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान से अब कश्मीर पर कोई बात नहीं होगी। अगर बात होगी तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम कश्मीर पर।
राज्यसभा में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जो चाहें जतन कर लें, दुनिया की कोई ताकत कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकती।
राजनाथ ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा अशांति पर हुई करीब नौ घंटे की ऐतिहासिक चर्चा का जवाब देते हुए पाकिस्तान को यह सख्त संदेश दिया। राज्यसभा ने भी सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर कश्मीर की हिंसा में हुई मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए घाटी के लोगों से शांति की अपील की।
कश्मीर पर राजनीतिक दलों की चिंता को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाने का एलान किया। गृह मंत्री ने साफ कहा कि भारत की धरती पर पाकिस्तान का नारा और आइएस का झंडा लहराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नरमपंथियों समेत सभी सियासी पार्टियों से बातचीत के दरवाजे खुले होने की बात कहते हुए गृह मंत्री ने कश्मीर को सेना के हवाले करने की चर्चाओं को खारिज कर दिया।
कश्मीर मसले पर हुई चर्चा के दौरान राजनीतिक दलों के एकजुट सुर की ताकत पर सवार गृह मंत्री ने कहा कि नवाज शरीफ चाहें संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखें या सपना देखें, जम्मू-कश्मीर को दुनिया की कोई ताकत भारत से अलग नहीं कर सकती। इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में हिंसा और अशांति के पीछे सीधे-सीधे पाक का हाथ है।
इसलिए कश्मीर पर किसी तरह की वार्ता होगी तो अपने लोगों, नरमपंथियों और सियासी दलों से होगी। पाक से बात होगी तो वह उसके कब्जे वाले कश्मीर के मसले पर होगी। हुर्रियत से वार्ता को लेकर गृह मंत्री ने कोई स्पष्ट बात नहीं कही मगर इसकी संभावना को खारिज भी नहीं किया।
प्रदेश के हालात का जायजा लेने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल को रोकने की मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि कम खतरनाक हथियार के लिए सरकार ने समिति बना दी है। यह दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। वहीं सुरक्षा बलों से संयम बरतने और पैलेट गन का कम-से-कम इस्तेमाल करने को कहा गया है।