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गांधी जयंती पर याद आया साध्वी प्रज्ञा का बयान, आलोचना में लगे पोस्टर

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Sadhvi Pragya

2 अक्टूबर को गांधी जी की 150 वीं जयंती पूरे देश में एक स्वच्छता आंदोलन के रूप में मनाई गयी। इस मौक़े पर जगह-जगह विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसी बीच राजनीतिक हलक़ों में एक बार फिर से हलचल मच गई है। वजह है साध्वी प्रज्ञा का एक पुराना बयान। हम बता दें कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान साध्वी प्रज्ञा ने आगर मालवा में रोड शो के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था।

सूत्रों के मुताबिक़ साध्वी प्रज्ञा ने एक स्थानीय न्यूज़ चैनल के एक सवाल के जवाब में कहा था कि, “नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले ख़ुद के गिरहबान में झांक कर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।” साध्वी प्रज्ञा के इस बयान ने पूरे देश की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी थी। साध्वी प्रज्ञा के इस बयान की आलोचना सिर्फ़ कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने ही नहीं बल्कि ख़ुद उनकी पार्टी यानी बीजेपी ने भी की थी और जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा को अपने बयान को लेकर माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

अब गांधी जयंती के अवसर पर कांग्रेस ने फिर से साध्वी प्रज्ञा के इस बयान का हवाला देते हुए इस मुद्दे को उठाया है और बीजेपी पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया है। इंदौर में कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल ने साध्वी प्रज्ञा के ख़िलाफ़ पोस्टर वार छेड़ते हुए साध्वी प्रज्ञा के पोस्टर लगाए हैं। जिसमें साध्वी प्रज्ञा को ‘हिंसा की पुजारन’ बताया गया है।

ममता बैनर्जी ने साधा अमित शाह पर निशाना कहा, “धार्मिक आधार पर विभाजनकारी राजनीति न करें”

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Amit Shah- Mamta Benerjee

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बंगाल में दुर्गापूजा की पृष्ठभूमि में बीजेपी के NRC विधेयक पर निशाना साधते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उल्लेखनीय है, कि अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार एनआरसी का विस्तार पश्चिम बंगाल तक करेगी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने अपने बयान में आगे कहा कि केंद्रीय सरकार एनआरसी विधायक से पहले सिटिजन अमेंडमेंट बिल लाने वाली है और इस बिल के अनुसार भारत में जितने भी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, इसाई  शरणार्थी आए हैं, उन्हें हमेशा के लिए भारत की नागरिकता दी जाने वाली है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अमित शाह के इस बयान के परिपेक्ष में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे राज्य में हर किसी का स्वागत है। और हमारे लोगों के आतिथ्य-सत्कार का आनंद लीजिए। लेकिन कृपया कोई विभाजनकारी राजनीति नहीं करिए। यह बंगाल में काम नहीं करेगा। ममता बनर्जी ने कहा बंगाल सदियों से हर धर्म के नेताओं का सम्मान करने के लिए जाना जाता है।

 उन्होंने आगे कहा कि कृपया लोगों के बीच दरार पैदा ना करें। ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि बंगाल में सभी धर्मों के लोग अपने-अपने धर्म के अनुसार रहते हैं। लेकिन वह दुर्गा-पूजा जैसा त्यौहार मनाने के लिए एकत्र होते हैं। जो विभिन्न धर्मों के लोगों को आपस में एकजुट करती है। इसलिए यहां के अतिथि सत्कार का आनंद लीजिए। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि, “कृपया धार्मिक आधार पर विभाजनकारी राजनीति ना करें। कृपया लोगों में दरार पैदा ना करें। बंगाल सभी लोगों के सम्मान के लिए जाना जाता है। इसे ख़त्म नहीं किया जा सकता है।

हनी ट्रैप रैकेट के खुलते ही सामने आयी ऐसी जानकारी, जाँचकर्ता रह गए हैरान

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प्रतीकात्मक तस्वीर

जबसे देश में चल रहे  हनी ट्रैप मामले की जानकारी हुई है, तबसे रोज़ इस मामले से जुड़ी नई-नई बातें सामने आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो इस रैकेट के मास्टरमाइंड की नज़रें छत्तीसगढ़ के एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर थीं और वह मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों से अपने संबंधों का फ़ायदा उठाकर अपने किसी बड़े ग्राहक को वह प्रोजेक्ट दिलाना चाहता था। सूत्रों से मिली ख़बर के अनुसार, “विशेष रुप से छत्तीसगढ़ में उनका कोई आधार नहीं था। राज्य के दो से तीन पूर्व मंत्रियों और IFS और IAS अधिकारियों के साथ ज़रुर उनके निकट संबंध थे।”

इस हनी ट्रैप रैकेट के मास्टरमाइंड ने पहले प्रभावशाली नेताओं, नौकरशाहों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सेक्स रैकेट का शिकार बनाया। उसके बाद उनसे एनजीओ के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और प्रचार से संबंधित कामों के ऑर्डर हासिल किए। साथ ही अपने कई कॉर्पोरेट ग्राहकों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट भी दिलवाए। जिसकी वजह से मुनाफ़े के रूप में उन्हें बहुत बड़ा कमीशन मिला।

इस चर्चित और सनसनीख़ेज़ मामले की ख़बर सभी को लगी, जब पुलिस की गिरफ़्त में आयीं 5 महिलाओं और उनके ड्राइवर ने यह कहकर सनसनी फैला दी, कि इस रैकेट के मास्टरमाइंड की नज़रें दिल्ली पर थीं। जहां से वह भारत के और भारत के बाहर के अपने ग्राहकों के लिए कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की फ़िराक़ में थे।

कहा जा रहा है कि इस हनीट्रैप में बीजेपी, कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ-साथ कई बड़े-बड़े अफसरों की गर्दनें भी फंसी हैं साथ ही महाराष्ट्र के एक बड़े नेता भी इस हनी ट्रैप के शिकंजे में फ़ंसे हैं। शायद यही वजह है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके शीर्ष अधिकारियों ने एटीएस को इस मामले की जांच से दूर रखने की सलाह दी है। और एसआईटी के 2 बड़े अफ़सरों को मामले की जांच से हटाने के बाद तीसरे अफ़सर राजेंद्र कुमार को मामले की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

एस सी एस टी अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट ने किया बड़ा बदलाव, मायावती ने कही ऐसी बात..

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Mayavati

देश के सर्वोच्च कोर्ट ने sc/st एक्ट में अपने पुराने फ़ैसले को वापस ले लिया है। कोर्ट के फ़ैसले के बाद अब इस एक्ट के अंतर्गत बिना जांच के FIR दर्ज की जा सकेगी। बता दें कि यह फ़ैसला sc/st एक्ट के प्रावधानों को कम करने के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए लिया गया। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लोगों पर होने वाले अत्याचार और उनके साथ होने वाले भेदभाव को रोकने के मक़सद से अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 बनाया गया था। इस एक्ट को जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू किया गया था।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस क़ानून के प्रावधान में कुछ बदलाव किए थे। जैसे कि इन मामलों में तुरंत गिरफ़्तारी नहीं होगी। पहले अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी और जांच 7 दिन से ज़्यादा नहीं चलेगी। इस तरह के कुछ अन्य बदलाव किए गए थे। जिन्हें अब सुप्रीम कोर्ट ने वापस ले लिया है। अब इसमें एक और धारा 18 A जोड़ी जाएगी। जिसके ज़रिए पुराने क़ानून को बहाल कर दिया जाएगा। और सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए नए प्रावधान रद्द हो जाएंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दलित एवं जनजाति समुदायों के उत्पीड़न को रोकने के लिए SC/ST एक्ट के सख़्त प्रावधानों को यथावत बरक़रार रखने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि, ‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने SC/ST एक्ट, 1989 के प्रावधानों को पुनः बहाल करते हुए अपने फ़ैसले में दलित समाज के जीवन की कड़वी वास्तविकताओं और संघर्षों के संबंध में जो तथ्य सत्यापित किए हैं, वह ख़ासकर सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के ‘दलित प्रेम’ की पोल खोलते हैं।’

साथ ही मायावती ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि, “नीति आयोग की स्कूली शिक्षा संबंधी रैंकिंग के मामले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड देश में सबसे निचले पायदान पर हैं।” बसपा सुप्रीमो ने पूछा, ‘देश और प्रदेश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली पार्टियां ख़ासकर कांग्रेस-भाजपा आज गांधी जयंती के दिन क्या जनता को जवाब दे पाएंगे, कि ऐसी शर्मनाक जन बदहाली क्यों?’

पीएमसी बैंक के अधिकारियों पर दर्ज हुआ ये मामला, मिली ये बड़ी जानकारी

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PMC bank

हाल ही में मुंबई में पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC) में वित्तीय गड़बड़ियों की वजह से रिज़र्व बैंक में खाता धारकों को हज़ार रुपए से ज़्यादा निकालने पर रोक लगा दी थी। जिसकी वजह से बैंक के हर ब्रांच में भीड़ लगी थी और लोग जमकर उसका विरोध कर रहे थे। इस वजह से रिज़र्व बैंक ने ग्राहकों को राहत देते हुए कहा कि अब 6 महीने में 10 हज़ार रुपये तक निकाले जा सकेंगे। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की शिक़ायत के आधार पर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अधिकारियों के ख़िलाफ़ धोख़ाधड़ी और आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार 2008 से बैंक का घाटा 4,355.46 करोड़ हो चुका है। बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एचडीआईएल के निदेशक वाधवन का नाम एफआईआर में है एफआईआर में कहा गया है कि एचडीआईएल के  प्रवर्तकों ने बैंक के प्रबंधन के साथ साज़िश के तहत भांडुप शाखा से क़र्ज़ लिया और क़र्ज़ का भुगतान ना होने के बावजूद बैंक के अधिकारियों ने एचडीआईएल के ऋण को गैर निष्पादित आस्तियों के रूप में वर्गीकृत नहीं किया।

इस ज़रूरी सूचना को रिज़र्व बैंक अधिकारियों से छिपाने के साथ-साथ कंपनियों के जाली खाते भी तैयार किए गए। जिनके द्वारा थोड़ा-थोड़ा क़र्ज़ लिया गया। साथ ही नियामकीय निगरानी से बचने के लिए बैंक की जाली रिपोर्ट भी बनाई गई। इन लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (सरकारी कर्मचारी या बैंकर द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) 420 (धोखाधड़ी) 465, 466 और 471 (जालसाज़ी से संबंधित) के अलावा 120-b (आपराधिक साज़िश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर विदेश मंत्री ने दिया बड़ा बयान कहा

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S jaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी पहली अमेरिका यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय शोध समूह ‘कैरेंजी एण्डोनमेन्ट फॉर इंटरनेशनल रिलेशनशिप’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विदेश नीति और प्राथमिकताएं ‘न्यू इंडिया’ की वास्तविकता के साथ पूरी तरह तालमेल खाती हैं। भारत अभी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। और जल्द ही यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ अधिकतर व्यापार मुद्दों का निकट अवधि में समाधान हो सकता है।

बता दें कि अमरीका के ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान जिसमें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शिरकत की थी, इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ कहा था। भारतीय पत्रकारों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रश्नों का जवाब देते हुए  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बात का खंडन किया, कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए ट्रंप की उम्मीदवारी के समर्थन में इस नारे का प्रयोग किया था।

विदेश मंत्री ने इस बारे में कहा कि “नहीं, मुझे लगता है उन्होंने ऐसा नहीं कहा कृपया प्रधानमंत्री ने जो कहा उसे बहुत ध्यान से देखें। प्रधानमंत्री ने जो कहा, जहां तक मुझे याद है, उसका इस्तेमाल ट्रंप ने खुद प्रचार में किया था इसलिए प्रधानमंत्री मोदी पहले की बात कर रहे थे। मुझे नहीं लगता कि हमें ईमानदारी से, जो कहा गया था, उसका ग़लत अर्थ निकालना चाहिए।  मेरा मतलब है कि वह काफ़ी स्पष्ट थे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे कहा कि हम किसी का भी समर्थन नहीं करते, इसीलिए हमारा सीधा सा नज़रिया है कि उस देश में जो कुछ होता है, वह उनकी राजनीति है, हमारी नहीं”

आगामी चुनाव को लेकर आया राज ठाकरे का बड़ा बयान

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Raj Thackrey

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। जिसके अनुसार राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान होने वाले हैं। और चुनावों के परिणामों की घोषणा 24 अक्टूबर को की जाएगी। साथ ही साथ चुनावों के लिए नामांकन दाख़िल करने की अंतिम तिथि भी तय कर दी गई है, जो कि 24 अक्टूबर बताई गई है। जबकि नामांकन पत्र की जांच 5 अक्टूबर को की जाएगी।

बता दें कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर कही गई है। अब जबकि वर्तमान महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है।तो अब महाराष्ट्र में नई विधानसभा के गठन के लिए चुनाव होने हैं। जिसके लिए राजनीतिक पार्टियों में सीटों के लिए खींचतान जारी है। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक बड़ा बयान दिया है।

राज ठाकरे ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में अपना उम्मीदवार उतारेगी साथ ही राज ठाकरे ने ऐलान करते हुए कहा कि हम चुनाव लड़ेंगे भी और चुनावों में जीत भी हासिल करेंगे। बता दें कि जब से विधानसभा चुनावों की घोषणा हुई है, राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सीटें चाह रही हैं। जिसकी वजह से राजनीतिक हल्क़ों में हड़कंप मचा है। सभी अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। और अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे के इस बयान ने राजनीति के पानी में एक बड़ा पत्थर फेंककर हलचल मचा दी है।

बिल्किस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को दिया ये आदेश, करना होगा..

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बिल्किस बानो

गुजरात दंगे देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर लगा एक बदनुमा दाग़ हैं। जिनकी वजह से इंसानियत सारी दुनिया के सामने शर्मसार हुई थी। इसी दिल दहला देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को अब एक बड़ा आदेश दिया है। ग़ौरतलब है कि गोधरा कांड के बाद गुजरात दंगों की आग में झुलस रहा था, उसी दौरान बिल्किस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी और बिल्किस बानो के साथ गैंगरेप की खौफ़नाक घटना भी घटी थी।

इसी मामले में विशेष अदालत ने जनवरी 2008 को 11 आरोपियों को उम्र कैद की सज़ा भी सुनाई थी। बता दें कि बिल्किस बानो ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी कि गुजरात सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कुछ भी नहीं दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिल्किस बानो की इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए गुजरात सरकार को एक बड़ा आदेश दिया है कि पीड़िता बिल्किस बानो को 50 लाख का मुआवजा गुजरात सरकार द्वारा दिया जाएगा और गुजरात सरकार को यह मुआवजा पीड़िता को दो हफ़्तों के भीतर ही देना होगा।

इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में आगे कहा की गैंगरेप से पीड़ित बिल्किस बानो को गुजरात सरकार नियमों के अनुसार सरकारी नौकरी दे साथ ही साथ रहने के लिए घर भी सरकार को उपलब्ध कराना होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का पालन अरकार को जल्द से जल्द करना होगा।

जन्मदिन पर लता मंगेशकर ने फ़ैन्स को दिया ऐसा तोहफ़ा, देखते ही देखते…

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Lata Mangeshkar

स्वर कोकिला लता मंगेशकर हाल ही में 90 साल की हुई हैं और उनके जन्मदिन के मौक़े पर बधाई का सिलसिला चलता रहा। सभी बड़े फ़िल्मी सितारों से लेकर आम इंसानों तक सभी ने लता मंगेशकर के जन्मदिन पर अपने-अपने अन्दाज़ में बधाई दी। लता मंगेशकर ने शुभकामना भरे संदेशों का जवाब भी दिया। लेकिन इससे भी बढ़कर लता मंगेशकर ने अपने फ़ैन्स को एक ऐसा तोहफ़ा दिया जिसे देखकर सभी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा।

जी हाँ, लता मंगेशकर ने अपने 90 वें जन्मदिन के मौक़े पर इंस्टाग्राम पर डेब्यू किया है और उन्होंने अपनी पहली पोस्ट करते हुए अपनी फ़ोटो लगायी है जिसमें वो एक अल्बम के साथ हैं जिसमें उनके माँ-पिताजी की फ़ोटो है। वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने अपनी बहन मीना और उषा मंगेशकर के साथ अपनी फ़ोटो शेयर की है जिसमें उन्होंने बहन मीना द्वारा लिखी किताब को हाथ में थामा हुआ है। देखते ही देखते लता मंगेशकर के अकाउंट में फ़ालोअर की संख्या बढ़ने लगी।

अब उनके अकाउंट में पचास हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोअर हो चुके हैं और संख्या बढ़ने का सिलसिला जारी है। लता मंगेशकर सोशल मीडिया में काफ़ी ऐक्टिव रहती हैं। ख़ासकर ट्विटर के ज़रिए वो अक्सर अपने व्यूज़ शेयर करती रहती हैं और फ़िल्म, TV शो आदि की तारीफ़ में ट्वीट करती रहती हैं।

एक रिपोर्ट ने बयान किया हाल, इस समस्या से जूझ रहा है पाकिस्तान

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प्रतीकात्मक तस्वीर

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की एक रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान की विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में दक्षिण एशिया में सबसे कम यानी 2.8 फ़ीसदी रह सकती है। बैंक की एशियन डेवलपमेंट आउटलुक रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में मौजूदा वित्त वर्ष में विकास में कमी देखी गई है। नीतियों को लेकर अनिर्णय और वित्तीय तथा वाह्य आर्थिक असंतुलन की वजह से निवेश में कमी भी देखी गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्तीय संतुलन को सही बिठाने की कोशिश से घरेलू मांग पर भी अवश्य ही असर पड़ेगा। और मांग में आई कमी की वजह से विनिर्माण क्षेत्र में सुस्ती देखी जा सकती है। लेकिन कृषि के क्षेत्र में सरकार की कोशिशों की वजह से अच्छी प्रगति होने की संभावना भी जताई जा रही है। एडीबी की रिपोर्ट के मुताबिक़ दक्षिण एशिया में मौजूदा वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान के बाद सबसे कम जीडीपी अफ़गानिस्तान (3.4 फ़ीसदी) रह सकती है।

इसके बाद श्रीलंका(3.5 फ़ीसदी) भूटान( 6 फ़ीसदी) मालदीव और नेपाल (दोनों की अनुमानित जीडीपी 6.3 फ़ीसदी) भारत (7.2 फ़ीसदी) और बांग्लादेश (8 फ़ीसदी) रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। एडीबी की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की विकास दर पूरे दक्षिण एशिया में सबसे कम रहने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही पाकिस्तान में महंगाई दर भी इस साल 2018 के (3.9 फ़ीसदी) की अपेक्षा सर्वाधिक (7.3 फ़ीसदी) रही जिसकी वजह से पाकिस्तान में लोगों का बुरा हाल रहा।