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डिफ़ेंस के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो आवेदन का यही है समय, 224 पदों के लिए…

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प्रतीकात्मक तस्वीर

डिफ़ेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट रिसर्च ऑरर्गेनाइज़ेशन का क्षेत्र बहुत व्यापक है और साथ ही बहुत आकर्षक भी। इसमें नौकरी करना बहुत से लोगों का ख़्वाब होता है। अगर आपका भी है ये ख़्वाब तो अब इस ख़्वाब को पूरा करने के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि डीआरडीओ ने 224 पदों पर वैकेंसी निकाली है। जिसमें एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, स्टोर असिस्टेंट समेत कई पदों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं।

इन पदों के लिए ज़रूरी पात्रता मापदंड को पूरा करके आवेदन किया जा सकता है। बता दें कि इन सभी पदों पर आवेदन करने के लिए आवेदक को मान्यता प्राप्त संस्थान से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। साथ ही ये भी बता दें कि एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कोई फ़ीस तय नहीं की गई है। जबकि जनरल/ओबीसी/EWS वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए ₹100 फ़ीस निश्चित की गई है।

इन सभी पदों पर आवेदन करने की प्रक्रिया 21 सितंबर 2019 से शुरू हो चुकी है और ये 15 अक्टूबर 2019 तक चलेगी। आवेदन करने के लिए डीआरडीओ की आधिकारिक वेबसाइट है- www.drdo.gov.in आवेदन की प्रक्रिया के पूरा होने के बाद कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा, ट्रेड, स्किल, फिज़िकल फ़िटनेस और कैपेबिलिटी टेस्ट के द्वारा विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

मुहम्मद शमी और हरभजन सिंह ने दिया इमरान ख़ान को क़रार जवाब

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हरभजन सिंग- इमरान ख़ान- मुहम्मद शमी

क्रिकेट के मैदान पर तो नहीं लेकिन भारत के अंदरूनी मामले यानी जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने के बाद से पूर्व क्रिकेटर और अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के भारत के अंदरूनी मामले में ज़बरदस्ती टांग अड़ाने और UN के मंच से दिए गए नफ़रत और हिंसा फ़ैलाने वाले बयान की वजह से भारत के स्टार क्रिकेटर मोहम्मद शमी और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने उनको मुंहतोड़ जवाब दिया है।

बता दें कि जब से भारत में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए गया है तभी से पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भारत के ख़िलाफ़ हिंसात्मक बयान दे रहे हैं। और उनके साथ और भी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के क्रिकेटर इस तरीके की बयानबाज़ी कर रहे हैं और भारत के ख़िलाफ़ युद्ध और बड़े आतंकवादी हमलों की धमकी दे रहे हैं। लेकिन जब यूएन जैसे मंच से इमरान ख़ान ने भारत के ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा से भरा बयान दिया, तो भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और हरभजन सिंह ने उन्हें अपने जवाब से LBW क़रार दिया है।

बता दें कि भारत के स्टार क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर ट्वीट किया कि “महात्मा गांधी ने अपनी ज़िदगी में प्यार, भाईचारे और शांति का संदेश दिया। इमरान ख़ान ने यूएन के मंच से धमक़ी दी और नफ़रत पर बात कि पाकिस्तान को ऐसा नेता चाहिए जो विकास, नौकरियों और आर्थिक तरक्क़ी की बात करे ना कि युद्ध और आतंकवाद को पनाह देने की”

इमरान ख़ान की नफ़रत भरी बातों पर क्रिकेट के मैदान में कई बार भारत की जीत में मुख्य भूमिका निभाने वाले पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा, “UNGA के भाषण में भारत के खिलाफ़ न्यूक्लीयर लड़ाई के संकेत दिए गए। एक मुख्य वक्ता होने के नाते इमरान ख़ान द्वारा ‘खूनी संघर्ष’ ‘अंत के लिए लड़ाई’ जैसे शब्दों का प्रयोग दो देशों के बीच सिर्फ़ नफ़रत को बढ़ावा देगा। खिलाड़ी होने के नाते मुझे उनसे शांति को बढ़ावा देने की उम्मीद थी।”

आदित्य ठाकरे के सामने चुनौती बनकर आए ये नेता, दिया ये बड़ा बयान

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Aditya Thackeray- Suresh Mane

बाल ठाकरे की विरासत को संभालने की ज़िम्मेदारी लिए आदित्य ठाकरे राजनीति की कठिन राह पर चल तो पड़े हैं। लेकिन उनको इस विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देने के लिए वर्ली विधानसभा क्षेत्र से उनके प्रतिद्वंदी होंगे, मुंबई विश्वविद्यालय में क़ानून विभाग के पूर्व प्रमुख साथ ही बीएसपी के संस्थापक सदस्यों में से एक और बीएसपी के महासचिव भी रह चुके सुरेश माने। बता दें कि 59 वर्षीय सुरेश माने वर्ली से कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन के उम्मीदवार होंगे। यह भी ग़ौरतलब है कि सुरेश माने बहुजन रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी (BRSP) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

सुरेश माने ने बताया है कि वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। और उन्हें वर्ली और औरंगाबाद (पश्चिम) से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। माने ने कहा कि उनके चुनाव लड़ने के फ़ैसले का आदित्य ठाकरे के नामांकन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मेरा गृह क्षेत्र है। इसलिए मैं यहां से चुनाव लड़ रहा हूं।

आदित्य ठाकरे पर बड़ा बयान देते हुए सुरेश माने ने पूछा कि वह बांद्रा से क्यों नहीं चुनाव लड़े? वह उनका गृह क्षेत्र क्षेत्र है अभी भी वहां सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। बता दें कि सुरेश माने मूल रूप से कराड के निवासी हैं। और वह अपने कॉलेज के दिनों में मुंबई डेवलपमेंट डायरेक्टरेट (BDD) के निवासी रहे हैं। 2005 के बीच वर्ली नूर में और उसके बाद 2010 से सरेरी में रहने लगे।

वर्ली के विकास की अनदेखी का सत्तारूढ़ पार्टी पर आरोप लगाते हुए माने ने कहा कि वह तटीय सड़क परियोजना के बारे में मछुआरा समुदाय की चिंताओं को दूर करने के अलावा (BDD) चॉल के पुनर्विकास को आगे बढ़ाना चाहते हैं। देखा जाए तो आदित्य ठाकरे के लिए विधानसभा चुनावों  की राह बहुत चुनौती भरी होने वाली है, क्योंकि एक तरफ़ राजनीति और चुनावों में अपना पहला क़दम रख रहे आदित्य ठाकरे हैं। तो दूसरी ओर उनके प्रतिद्वंदी हैं, सुरेश माने जो क़ानून और राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी हैं।

दबंग सलमान को धमकी देना पड़ा भारी, धमकी देने की वजह है अजीब

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Salman Khan

फ़ेसबुक पर बॉलीवुड के दबंग ख़ान यानी सलमान ख़ान को धमकी वाली पोस्ट मिली थी। जिसमें लिखा गया था, ‘सोच ले सलमान, तू भारत के क़ानून से बच सकता है। लेकिन बिश्नोई समाज और सोपू पार्टी के क़ानून ने तुझे मौत की सजा सुना दी है। सोपू की अदालत में तू दोषी है।’ यह धमकी सलमान को काला हिरण शिकार मामले के संदर्भ में दी गई थी।

जब राजस्थान पुलिस वाहन चोरी के एक मामले की जांच कर रही थी। तभी सोपू गैंग का एक सदस्य लॉरेंस बिश्नोई पुलिस की पकड़ में आया। और जब राजस्थान पुलिस ने सख़्ती उससे  पूछताछ की तो लॉरेंस बिश्नोई ने बताया कि उसी ने 16 सितंबर को फ़ेसबुक पर फ़र्ज़ी अकाउंट बनाकर सलमान ख़ान को जान से मारने की धमकी दी थी। लेकिन साथ ही साथ आरोपी लॉरेंस ने ये भी कहा कि सलमान ख़ान को जान से मारने का उसका कोई इरादा नहीं था। वह तो बस धमकी वाली पोस्ट के ज़रिए मशहूर होना चाहता था।

बॉलीवुड के दबंग ख़ान को धमकी देने वाली पोस्ट से उसे ज़्यादा से ज़्यादा प्रतिक्रियाएं प्राप्त होतीं इसी वजह से आरोपी लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान ख़ान के लिए ऐसी धमकी भरी पोस्ट फ़ेसबुक पर डाली थी। और यह पोस्ट उसने ‘गैरी शूटर’ नाम से फ़ेसबुक पर एक फ़र्ज़ी अकाउंट बनाकर डाली थी। राजस्थान पुलिस के द्वारा वाहन चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपी के इस ख़ुलासे के बाद सब हैरान हैं, कि मशहूर होने के लिए सोशल मीडिया का इस तरह से इस्तेमाल किया गया है।

अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर शाहरुख़ ने तोड़ी चुप्पी, कहा नज़र आऊँगा…

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Shahrukh khan

बॉलीवुड के किंग ख़ान काफी समय से ख़ामोश हैं और उनकी किसी फ़िल्म ने काफी समय से बड़े पर्दे पर दस्तक नहीं दी है। शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्मों का उनके फ़ैंस को बड़ी बेसब्री से इंतज़ार रहता है। शायद यही वजह है कि शाहरुख़ ख़ान की  आने वाली फ़िल्मों को लेकर अफवाहों का अंबार लगा हुआ है। कभी शाहरुख़ के धूम 4 में होने की बात कही जाती है, कभी डॉन-3 में फ़ैंस शाहरुख़ को एक बार फिर से देखने की बाट जोह रहे हैं। कभी शाहरुख़ के हॉलीवुड की फ़िल्म किल बिल के हिंदी रिमेक में होने की बात कही जाती है तो कभी कई अन्य प्रोजेक्ट्स।

इन सब अफ़वाहों के बीच शाहरुख़ ख़ान ने मुंबई में डिज़्नी के स्वामित्व वाले स्टार इंडिया नेटवर्क के दूसरे सीज़न ‘टेड टॉक्स इंडिया:’नई बात’ के शुभारंभ के समय बातों के दौरान हंसते हुए कहा, ‘दरअसल मैंने संजय (गुप्ता), गौरव (बनर्जी) और उदय शंकर (स्टार एंड डिज़्नी इंडिया के अध्यक्ष) और द वाल्ट डिज़्नी कंपनी एशिया पेसिफिक के अध्यक्ष से बात की है। और यह वही मंच है, जहां मैं इसके बारे में घोषणा करना चाहता हूं। मैं जल्द यहां आऊंगा, और इसके बारे में सभी को बताऊंगा। टेड-टॉक मेरी नई फ़िल्म होगी।

फिर थोड़ा गंभीर होते हुए किंग ख़ान ने कहा, “ख़ैर यह रही मज़ाक़ की बात। मैं कुछ समय लेने की सोच रहा हूं। मैं दो-तीन स्क्रिप्ट पर काम कर रहा हूं। और इंशाल्लाह, जैसे ही वह तैयार होते हैं, मैं भी तैयार हो जाऊंगा, क्योंकि मैं जिन लोगों के साथ काम कर रहा हूं, उनमें से ज़्यादातर अभी व्यस्त हैं। ऐसे में इंशाल्लाह, मैं ख़ुद ही इसकी घोषणा करूंगा। मेरे ख़्याल से तब तक के लिए अफवाहों को उड़ते रहने दीजिए। यह अच्छा है, क्योंकि इनसे मुझे कुछ आईडिया मिले हैं।

आदित्य ठाकरे ने किया बड़ा ऐलान, चाचा राज ठाकरे ने कहा

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Raj Thackery- Aditya Thackery

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कई बार कह चुके हैं कि वह शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे को दिया अपना वचन एक दिन ज़रूर पूरा करेंगे। और शिवसेना का मुख्यमंत्री सूबे में एक न एक दिन ज़रूर कुर्सी पर फिर एक बार बैठेगा। बता दें कि आदित्य ठाकरे को शिवसेना मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर राजनीति के क्षेत्र में स्थापित करने की पूरी कोशिश कर रही है। और इसके लिये आदित्य ठाकरे के विधायक बनने की राह में कोई रुकावट ना आए, इसके लिए शिवसेना ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है। और इसीलिए आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

बता दें कि वर्ली विधानसभा सीट पर मराठी वोटरों का दबदबा क़ायम रहा है। इस सीट पर कई बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के दफ्तर भी हैं। आदित्य ठाकरे मराठी लोगों और अंग्रेज़ी बोलने वाले एलीट क्लास दोनों के ही साथ अच्छा तालमेल बैठाने की काबिलियत रखते हैं, इस वजह से भी आदित्य ठाकरे को वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में खड़ा किया गया है। महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो शिवसेना ने कई बार बीजेपी के गठबंधन में होते हुए भी किसी की भी नाराज़गी की परवाह किए बग़ैर कई बार एनसीपी और कांग्रेस की मदद की है।

अब जबकि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के पोते चुनाव की राजनीति में क़दम रख रहे हैं, तो शिवसेना विपक्ष को बिना कुछ कहे सब कुछ याद दिला रही है। जब उद्धव ठाकरे से पूछा गया कि यह चुनाव निर्विरोध होगा क्या तो उद्धव ठाकरे ने जवाब दिया कि, मैं किसी को ऐसा नहीं बोलूंगा कि हमने आपके लिए किया है तो आप भी करो।

बता दें कि राज ठाकरे की एमएनएस ने पहले ही आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ उम्मीदवार नहीं उतारने की घोषणा कर दी है। आदित्य ठाकरे रोड शो के ज़रिए अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए मां, छोटे भाई और पिता उद्धव ठाकरे के साथ नामांकन दाख़िल करने पहुंचे। तो उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘समाज सेवा ठाकरे परिवार की परंपरा है। सभी शिवसैनिकों ने आदित्य को आशीर्वाद दिया है। उम्मीद है कि जनता आदित्य को अपना आशीर्वाद देगी।’ इससे पहले आदित्य अपने दादा बाल ठाकरे की तस्वीर के सामने नमन करके उनका आशीर्वाद लेना नहीं भूले।

नेता के आँसू बने पहेली, सोशल मीडिया में हुआ विडीओ वायरल

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Firoz Khan

2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती का महत्वपूर्ण दिन इस बार पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा था। जगह-जगह विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। चाहें वो केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी हो या फिर विपक्ष कि सभी राजनीतिक पार्टियां, राजनीतिक और ग़ैर राजनीतिक लोग बापू के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने में पीछे नहीं रहे।

इसी बीच समाजवादी पार्टी के नेता फ़िरोज़ ख़ान कुछ सपा नेताओं के साथ चंदौसी थाना क्षेत्र के फ़वारा चौक पहुंचे, और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। सपा नेता फ़िरोज़ ख़ान ने बापू की प्रतिमा के आगे अपना माथा झुकाया, और अचानक से कैमरे के सामने रोना शुरू कर दिया। जिससे वहां उपस्थित सभी लोग सकते में आ गए। सपा नेता फ़िरोज़ ख़ान ने रोते-रोते कहना शुरू किया, “आप कहां चले गए बापू? आपने इतने बड़े देश को आज़ाद कर दिया, और हमें अकेला छोड़ दिया। हमारी सभी इच्छाएं धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं।”

सपा नेता फ़िरोज़ ख़ान को ऐसे फूट-फूटकर कर रोता देखकर वहां उनके साथ मौजूद अन्य सपा नेताओं ने भी ज़ोर-ज़ोर से रोना शुरू कर दिया। यह वीडियो क्लिप तेज़ी से वायरल होनी शुरू हो गई। और जिसने भी इस वीडियो क्लिप को देखा, उन सभी ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कुछ लोगों का कहना था कि सपा नेता फ़िरोज़ ख़ान सच में रो रहे हैं। जबकि कुछ अन्य का कहना है कि सपा नेता जनता के सामने रोने का ड्रामा कर रहे हैं। बता दें कि संभल क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के ज़िलाध्यक्ष फ़िरोज़ ख़ान अक़्सर अपने विवादित बयानों और ड्रामेबाज़ी की वजह से सोशल मीडिया में सुर्ख़ियां बटोरते रहते हैं।

हरियाणा में सियासी जंग दोहरा रही है इतिहास, क्या इस बार भी..

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Dushyant Kumar- Birendra Singh

राजनीति का ऊंट कब और किस करवट बैठेगा, यह बताना मुश्किल है। बता दें कि जननायक जनता पार्टी ने अपने 30 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है और करनाल विधानसभा सीट से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सीधी टक्कर देने के लिए पूर्व सैनिक तेज बहादुर यादव को चुनावी मैदान में फ्रंट फुट पर उतारा है। तो वहीं दूसरी ओर चौटाला परिवार और बीरेंद्र सिंह परिवार एक बार फिर से इतिहास रचने जा रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि दुष्यंत चौटाला जो कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पोते हैं, वह उचाना कलां से चुनाव के मैदान में उतरेंगे। बता दें कि उचाना कलां की इस सीट से 2009 में दुष्यंत चौटाला के दादा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने बीरेंद्र सिंह को हराया था। और साल 2014 में इसी सीट से दुष्यंत चौटाला ने चुनावी बिगुल बजाया था। लेकिन वह बीजेपी की प्रेमलता सिंह से हार गए थे।

उल्लेखनीय है कि प्रेमलता सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार से बीजेपी के सांसद हैं। और उनके पति बीरेंद्र सिंह कांग्रेस और बीजेपी दोनों की ही सरकारों में केंद्रीय मंत्री पद पर रह चुके हैं। और अब एक बार फिर से यह दोनों परिवार एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने की पूरी तैयारी में हैं। एक तरफ दुष्यंत चौटाला अपने दादा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का इतिहास दोहराने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। तो वहीं दूसरी ओर बीरेंद्र सिंह परिवार प्रेम लता सिंह की जीत को दोहराने में पूरी ताक़त झोंकने की तैयारी कर चुका है।

भाजपा से तोड़ गठबंधन इन पार्टियों ने जोड़ा आपस में नाता, अब साथ मिलकर…

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Narendra Modi- Amit Shah

ख़बर है कि केंद्र में सत्तारूढ़ राजग में सहयोगी अकाली दल ने राज्य में भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। कहा जा रहा है कि शिरोमणि अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह जो कि कलांवली सीट से उनके एकमात्र विधायक हैं, वह भाजपा में शामिल हो गए। इस वजह से अकाली दल ने बीजेपी से अपना गठबंधन तोड़ दिया। साथ ही घोषणा की है कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठजोड़ करके लड़े जाएंगे।

ग़ौरतलब है कि 2014 के विधानसभा चुनाव अकाली दल ने इनेलो के साथ गठजोड़ करके ही लड़े थे। लेकिन 2017 में सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे की वजह से दोनों का गठबंधन टूट गया था। सूत्रों के अनुसार हरियाणा में इनेलो ने 64 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इनेलो के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की अध्यक्षता में दिल्ली में पार्टी की चुनाव समिति की बैठक हुई। जिसके बाद उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई। पार्टी के राज्य इकाई के अध्यक्ष बी डी ढालिया के अनुसार पहली सूची में 12 महिलाओं के नाम भी शामिल किए गए हैं। ग़ौरतलब है कि ओम प्रकाश चौटाला ने पार्टी में महिलाओं के लिए 33 फ़ीसदी आरक्षण की बात कही थी।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल की सज़ा काट रहे हैं। और फ़िलहाल पैरोल पर बाहर हैं। शिरोमणि अकाली दल और इंडियन नेशनल लोकदल का यह गठजोड़ विधानसभा चुनावों में वोटरों के दिल को जीत पाता है या नहीं यह तो चुनावों के परिणामों की घोषणा ही तय करेगी। लेकिन यह बात तय है कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव अकाली दल अपने 2014 के साथी इनेलो के साथ गठबंधन में ही लड़ेगा। बता दें कि हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है। और 24 अक्टूबर को इन चुनावों के परिणामों की घोषणा होगी।

कांग्रेस की युवा एमएलए के बाग़ी तेवर, पार्टी के विरुद्ध जाकर किया ये काम

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Priyanka Gandhi- Aditi Singh

सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली की कांग्रेस एमएलए अदिति सिंह के सुर और अंदाज़ आजकल बदले-बदले नज़र आ रहे हैं। विधायक अदिति सिंह प्रियंका गांधी की क़रीबी मानी जाती हैं। क्योंकि अदिति सिंह को राजनीति के अखाड़े में हाथ पकड़कर लाने का श्रेय प्रियंका गांधी को जाता है। बता दें कि कांग्रेस विधायक अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली एमएलए रहे अखिलेश सिंह की बेटी हैं। अखिलेश सिंह का हाल ही में बीमारी की वजह से निधन हो गया था। और अखिलेश सिंह के ना रहने पर उनके प्रतिद्वंदी उनकी बेटी अदिति सिंह पर हावी होने की कोशिश में हैं।

अभी कुछ दिन पहले ही रायबरेली-लखनऊ रोड पर विधायक अदिति सिंह पर हमले की भी घटना हुई। जिसका प्रियंका गांधी ने विरोध किया था। लेकिन शायद अब विधायक अदिति सिंह ने राजनीति के बदलते समीकरणों के हिसाब से चलना सीख लिया है। और अब अदिति सिंह के बदले हुए तेवरों में अपनी ही पार्टी यानी कांग्रेस पार्टी से बग़ावत की आवाज़ साफ़ सुनाई देने लगी है। जिसकी साफ़ तसवीर दिखी, जब 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन लखनऊ में प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का मार्च था।

जिसको लेकर कांग्रेस ने व्हिप भी जारी किया था। तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ योगी सरकार की ओर से 36 घंटे तक चलने वाला विधानसभा का सत्र बुलाया गया था। जिसका पूरे विपक्ष ने बायकॉट किया। लेकिन विधायक अदिति सिंह ने पार्टी से बग़ावत करते हुए व्हिप को नज़रअंदाज़ करके विधानसभा सत्र में हिस्सा लिया और जब उनके इस निर्णय के बारे में उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने एक सधे हुए राजनीतिज्ञ की तरह जवाब देते हुए कहा, ‘मुझे जो ठीक लगा वह मैंने किया, पार्टी का क्या निर्णय होगा मुझे नहीं मालूम, मैं पढ़ी-लिखी युवा एमएलए हूँ। विकास का मुद्दा बड़ा मुद्दा है यही गांधीजी को सच्ची श्रद्धांजलि है।’