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PMC बैंक ग्राहकों को भारतीय रिजर्व बैंक का मलहम, अब निकाल सकेंगे इतने रुपए

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PMC Bank

पीएमसी बैंक में हुए वित्तीय घोटाले की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के ग्राहकों को पैसे निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था। पहले यह प्रतिबंध 6 महीने में 1000 रुपये तक निकालने का था। जो बाद में विरोध प्रदर्शन के बाद 10 हज़ार और फिर 25 हज़ार तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन अब जबकि त्योहारों का सीज़न शुरू हो चुका है, तो ऐसे में भारतीय रिज़र्व बैंक ने पीएमसी बैंक के ग्राहकों को त्योहारों का तोहफा देते हुए पीएमसी बैंक से पैसे निकासी की सीमा 25 हज़ार से बढ़ाकर 40 हज़ार रुपये तक कर दी है।

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के मामले से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर बहुत बारीकी से नज़र रखे हुए है। साथ ही इसकी जांच भी तेज़ी से चल रही है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने भरोसा दिलाया है, कि पीएमसी बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि, ‘आरबीआई गवर्नर ने मुझे आश्वासन दिया है, कि वह ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखेंगे। और जल्द से जल्द ग्राहकों की दिक्क़तों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। ग़ौरतलब है कि पीएमसी बैंक में हुए वित्तीय घोटाले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वित्तीय घोटाले में शामिल तीनों आरोपियों को महानगर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करके तीनों आरोपियों की हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की।

मजिस्ट्रेट एस जी शेख़ ने पुलिस की अर्जी पर विचार करते हुए तीनों की हिरासत 16 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी है। बता दें कि पीएमसी बैंक में 4,355 करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल होने के आरोप में हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन को 3 अक्टूबर और पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को 5 अक्टूबर को गिरफ़्तार किया गया था।

मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था की मंदी से उबरने को दी इस शख़्स ने ऐसी सलाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण फँसी दोनों ओर से

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NIrmala Sitaraman

विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाते हुए इसे 6% कर दिया है। जबकि साल 2018-19 में भारत की आर्थिक विकास की दर 6.9% थी। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ सालाना बैठक के बाद विश्व बैंक ने यह ऐलान किया है। बता दें कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर ने ‘द हिंदू’ के लिए एक कॉलम लिखते हुए कहा है कि मौजूदा मोदी सरकार को ‘राव-सिंह आर्थिक नीति’ से सीख लेनी चाहिए।

यहाँ हम बता दें कि 1991 में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। जिसमें पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे, और मनमोहन सिंह वित्त मंत्री थे। बता दें कि प्रभाकर ने लिखा है कि, “गांधीवादी और समाजवाद के साथ बीजेपी की छेड़खानी इसकी स्थापना के बाद कुछ महीनों से अधिक नहीं चली। अगर आर्थिक नीति की बात करें, तो पार्टी ने मुख्य रूप से ‘नेति-नेति’ (यहनहीं-यह नहीं) को अपनाया है। बिना यह बताए कि उसकी अपनी नीति क्या है।”

प्रभाकर ने सुझाव देते हुए कहा है कि, मोदी सरकार ने ‘आर्थिक मोर्चे’ पर अपने प्रदर्शन के बजाय, एक बाहुबल, राजनीतिक राष्ट्रवाद और सुरक्षा को चुनावी मुद्दा बनाया है। उल्लेखनीय है कि अपने कॉलम में प्रभाकर ने यह सुझाव भी दिया है कि आज बीजेपी आर्थिक मोर्चे पर नरसिम्हा राव को रोल मॉडल के तौर पर ले सकती है। जैसा कि राजनीतिक मोर्चे पर बीजेपी ने सरदार पटेल के लिए किया है। ग़ौरतलब है कि बीजेपी ने रॉव के आर्थिक मॉडल को ना तो चुनौती दी है, और ना ही अस्वीकार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ‘रॉव-सिंह का आर्थिक मॉडल’ काम आ सकता है। उसी दौरान देश में आर्थिक उदारीकरण शुरू हुआ था।

इन पाकिस्तानी नागरिकों को मिली भारत की नागरिकता, वजह जानकर रह जाएँगे हैरान

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pakistan se aaye Visthapit

15 अक्टूबर 2019 का दिन 14 पाकिस्तानी विस्थापितों की ज़िदगी में हमेशा के लिए एक ऐतिहासिक दिन बनकर रहेगा, जिसे वह पीढ़ी दर पीढ़ी याद रखेंगे। पाकिस्तान के ज़ुल्मों से परेशान होकर यह 14 नागरिक 20 साल से भी अधिक समय से भारत में रह रहे थे। बग़ैर किसी पहचान के अपने ऊपर से पाकिस्तानी होने का ठप्पा हटाने के इंतजार में जयपुर में रहकर अपने लिए भारतीय नागरिकता हासिल करने का संघर्ष कर रहे थे।

इनमें कुछ तो ऐसे परिवार हैं जिन्होंने 1991 से जयपुर में शरण ले रखी थी। तो कुछ ऐसे जिन्होंने इसके बाद आकर जयपुर शहर को अपना ठिकाना बनाया और भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी। बता दें कि थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू बड़ी संख्या में भारत आते हैं और फिर यहीं बस जाते हैं। वह पाकिस्तान लौटने के ख़याल से भी डरते हैं।

बता दें कि आईबी की रिपोर्ट आने के बाद ही पाकिस्तानियों को भारतीय नागरिकता दी जाती है। ग़ौरतलब है कि भारत सरकार ने हाल ही में भारत के 40 ज़िलाधिकारीयों को उनके ज़िले में रह रहे पाकिस्तानी विस्थापितों को भारत की नागरिकता देने का अधिकार प्रदान किया है। अगर जयपुर की बात करें तो अब तक 122 पाकिस्तानी विस्थापितों को भारत की नागरिकता दी जा चुकी है। बता दें कि पाकिस्तानी शरणार्थी संतो खान,सपन बाई,मरियम ख़ातून,मोट्योमल,कलावती किशनलाल,मोर ओड, मुकेश कुमार, दिलीप कुमार,संतरी बाई, लक्ष्मीकांत, किरण शर्मा,चन्द्रन बाई, लाजाजी को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है।

भारत की नागरिकता पाने के लिए संघर्ष करने वाले नागरिकों ने बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होना गुनाह है। वहां अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म ढाये जाते हैं। अब भारत की नागरिकता मिलने के बाद हमारी ज़िंदगी में किसी तरह का कोई डर या भय नहीं है। बता दें कि मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जयपुर ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपकर भारतीय होने का गौरव प्रदान किया और इस अवसर पर भारतीय नागरिक बने पाकिस्तानी विस्थापितों की आंखें ख़ुशी के आंसुओं से छलक पड़ीं।

मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र बयान पर मायावती का पलट वार, कहा ‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है ना कि हिंदू राष्ट्र’ है”

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Mayavati

विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया था। जिसकी वजह से राजनीति के गलियारों में हलचल मच गई है। बता दें कि मोहन भागवत ने कहा था कि जो भारत के हैं, जो भारतीय पूर्वजों के वंशज हैं, वह सभी विविधताओं को स्वीकार, सम्मान व स्वागत करते हुए आपस में मिलजुल कर देश के वैभव व मानवता में शांति बढाने का काम करने में जुट जाते हैं, वह सभी भारतीय हिंदू हैं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान बसपा सुप्रीमो मायावती को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, “हाल ही में आरएसएस प्रमुख ने एक बयान में कहा था कि इस देश में मुस्लिम ख़ुश हैं क्योंकि भारत एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है। बसपा इस बयान से सहमत नहीं है। आरएसएस प्रमुख को इस तरह का बयान देने से पहले सच्चर समिति की रिपोर्ट को पढ़ लेना चाहिए।”

मायावती ने कहा, ‘बाबासाहेब आंबेडकर ने सिर्फ़ हिंदुओं को ध्यान में रखकर संविधान नहीं तैयार किया था। उन्होंने धर्मनिरपेक्षता के आधार पर सभी धर्म के लोगों का ख़्याल रखा था।’ उन्होंने कहा ‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है ना कि हिंदू राष्ट्र’ है।

बता दें कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र अपनी पार्टी का प्रचार करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा था कि मोदी सरकार की विफल नीतियां ही मौजूदा आर्थिक मंदी का कारण हैं। मायावती ने कहा, “दलितों और अनुसूचित जनजातियों के हितों के लिए बनाए गए क़ानूनों को सरकार ने निष्प्रभावी कर दिया है। इससे देश में दलितों का शोषण करने वालों को बढ़ावा मिला है।” उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती का कहना है कि देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक है।

पोस्टपेड सेवा शुरू होने के बावजूद, कश्मीर में आउटगोइंग कॉल ने खड़ी की परेशानी

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प्रतीकात्मक तस्वीर

5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा यानी अनुच्छेद 370 हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फ़ैसले के बाद से ही वहां पर संचार सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। संचार सेवाओं को सरकार ने एहतियातन बंद किया था। जिससे फ़ोन के नेटवर्क का इस्तेमाल दंगे भड़काने में ना हो सके। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पहले ही सीमित संख्या में लैंडलाइन की सुविधा को बहाल कर दिया था।

बता दें कि अब सरकार ने पोस्टपेड सुविधा को तो बहाल कर दिया है। लेकिन प्रीपेड सेवा के लिए कश्मीर के लोगों को अभी थोड़ा इंतज़ार और करना होगा। ग़ौरतलब है कि कश्मीर घाटी में क़रीब 70 लाख मोबाइल कनेक्शन हैं। जिसमें से 40 लाख पोस्टपेड फ़ोन ने काम करना शुरू कर दिया है। जबकि 30 लाख प्रीपेड फ़ोन हैं। जिन्हें अभी तक बहाल नहीं किया गया है। साथ ही अभी तक यह भी जानकारी नहीं दी गई है, कि इंटरनेट सेवा कब से शुरू की जाएंगी।

सरकार का कहना है कि प्रतिबंध को चरणबद्ध तरीके से हटाया जायेगा। ग़ौरतलब है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मोबाइल और लैंडलाइन सेवा को बंद करने के सरकार के क़दम का समर्थन करते हुए कहा था, कि लोगों की सुरक्षा सेल फ़ोन सेवाओं से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है। जिसका उपयोग आतंकवादियों द्वारा ‘भीड़ जुटाने के लिए किया जाता है’ उन्होंने कहा था कि, ‘लोग पहले भी टेलीफ़ोन के बिना रहते थे। हमारे लिए एक कश्मीरी का जीवन महत्वपूर्ण है, टेलीफ़ोन नहीं।’

इस महिला को उठानी पड़ी पढ़ने के लिए कई मुश्किलें, हार न मानी तो आ पहुँची देश के सबसे बड़े

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Nimita Raut

TV के प्रसिद्ध क्विज़ शो “कौन बनेगा करोड़पति’ का 11वां सीज़न चल रहा है। इसके सोमवार को प्रसारित हुए एपिसोड में जो कंटेस्टेंट आई, उन्होंने सबका दिल जीत लिया। ख़ासतौर पर अमिताभ बच्चन को अपने व्यक्तित्व और विचारों से बहुत प्रभावित किया। बता दें कि कल फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट जीतकर हॉट सीट पर आने वाली महाराष्ट्र के ठाणे की रहने वाली निमिता राऊत ‘टीच फॉर इंडिया’ नामक एनजीओ से जुड़ी हैं।

निमिता राऊत ने बीएचयू आईआईटी से इंजीनियरिंग की है। अब वह नौकरी से रिटायरमेंट के बाद एक एनजीओ में पढ़ा रही हैं। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो के दौरान अमिताभ बच्चन को अपने संघर्ष के बारे में बताते हुए निमिता ने बताया कि वह इंजीनियरिंग करना चाहती थीं, लेकिन लोग उनसे यह कहते हुए मना करते थे कि इंजीनियरिंग करके क्या करोगी। साथ ही उनसे यह भी कहा जाता था कि “तुम एक लड़के की सीट क्यों खाना चाहती हो?”

अमिताभ बच्चन से निमिता ने शो के दौरान बताया कि, “मैंने भी सारे कॉमपिटिशन पास किए थे। मुझे बचपन से चैलेंजेस पसंद हैं। जब-जब भी लोग यह बोलते थे कि तुम यह सब नहीं कर पाओगी। तो ऐसे में मेरे मन में हमेशा आता था, कि अब तो मैं यह करके ही रहूंगी। निमिता राउत ने शो के प्रस्तुतकर्ता अमिताभ बच्चन को बताया कि एक एक्सीडेंट की वजह से उन्हें एक आँख नक़ली लगवानी पड़ी थी।

एक आँख से उन्हें दिखाई नहीं देता है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जीवन में कभी हार नहीं मानी। जब अमिताभ ने उनसे पूछा कि वह जीती हुई रकम का क्या करेंगी। तो निमिता ने बताया कि वह गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलने के लिए जीती हुई रकम का इस्तेमाल करेंगी। बता दें कि निमिता 13 वें सवाल के जवाब पर दुविधा में थीं इसलिए उन्होंने गेम को क्विट कर दिया। उन्होंने चार लाइफ लाइन की सहायता लेकर 12 लाख 50 हज़ार की धनराशि अपने नाम की।

रेप वीडिओज़ के ज़रिए चिन्मयानन्द से वसूली जा रही है मोटी रक़म

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छात्रा से रेप के केस में जेल में बंद पूर्व बीजेपी नेता चिन्मयानंद की अय्याशियों के वीडियोज़ 2019 की अप्रैल से ही बनने शुरू हो चुके थे। जिनमें से कुछ वीडियोज़ चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने वाले संजय के हाथ लग भी गए थे। और संजय ने उन वीडियोज़ के बारे में अपने चचेरे भाई विक्रम सिंह को बता दिया था। लेकिन विक्रम सिंह को संजय की बातों पर भरोसा नहीं हुआ।

जियो यूजर्स को इस सर्विस का देना होगा पैसा..

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अभी कुछ दिन पहले ही जिओ ने अपने यूज़र्स को एक बहुत बड़ा झटका देते हुए जिओ नंबर से दूसरे किसी नंबर पर की जाने वाली कॉल्स पर चार्जेस लगा दिए थे। यानी अगर आप जियो के नंबर का उपयोग किसी दूसरे नॉन जिओ नंबर के फ़ोन पर बात करने के लिए कर रहे हैं, तो अब से आपको हर कॉल के लिए प्रति मिनट 6 पैसे चुकाने पड़ेंगे।

बीजेपी के स्लोगन वाली टीशर्ट पहनकर किसान ने की आत्मह’त्या

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महाराष्ट्र का बुलढाणा ज़िला रविवार को हुई एक घटना की वजह से महाराष्ट्र की बीजेपी और शिवसेना गठबंधन की सरकार के लिए किरकिरी का कारण बन गया। बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िले के खटखेड़ गांव में सुबह के लगभग 8:30 बजे एक किसान पेड़ से फांसी लगाकर लटका हुआ मिला। आत्महत्या करने वाले किसान की पहचान 38 साल के राजू तलवड़े के रूप में हुई है।

बच्ची को दफ़न करने गए शख्स ने जैसे ही फावड़ा ज़मीन के अन्दर किया हुआ कुछ ऐसा कि..

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कहते हैं ऊपर वाले के खेल निराले होते हैं। आनंद फ़िल्म के यह बोल कितने सटीक बैठते हैं कि, ‘ज़िंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है, उसे ना तो आप बदल सकते हैं, ना मैं, हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है।’ इसी बात को साबित करती एक घटना बरेली शहर के हितेश कुमार सिरोही के साथ घटित हुई।