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क्रिकेट के इतिहास में हुआ ऐसा जो आज तक नहीं हुआ, इस खिलाड़ी ने जड़ा..

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Yashasvi Jaiswal

क्रिकेट दुनिया एक सबसे पसंदीदा खेलों में से एक माना जाता है और भारत में तो ये सबसे लोकप्रिय खेल है। छोटी उम्र से कई खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल होने का सपना देखते हैं। कई बार अपनी लगन से ऐसा कारनामा कर जाते हैं कि लोग उन्हें देखते रह जाते हैं। ऐसा ही एक कारनामा मुंबई के 17 साल के यशस्वी जायसवाल ने, ऐसा कारनामा जो क्रिकेट के इतिहास में कोई नहीं कर सका है।

कर्नाटक के अलूर में खेली जा रही विजय हजारे प्रीमियर वनडे ट्रॉफी के अंतर्गत मुंबई और झारखंड के बीच खेले जा रहे मुक़ाबले में यशस्वी जयसवाल ने धुआंधार दोहरा शतक लगाया है। इस दोहरे शतक को यशस्वी ने सिर्फ़ 154 गेंदों पर ही हासिल कर लिया, जिसमें 17 चौके और 12 छक्कों का योगदान रहा। यशस्वी जयसवाल ने 203 रनों की धमाकेदार पारी खेली। इस बेहतरीन पारी से युवा बल्लेबाज़ यशस्वी जयसवाल विजय हज़ारे ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज़ बन गए हैं। और लिस्ट-A क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले नौवें भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं।

ग़ौरतलब है कि लिस्ट-A वनडे मैच में रोहित शर्मा के नाम तीन और वीरेंद्र सहवाग एवं सचिन तेंदुलकर के नाम एक-एक दोहरा शतक है। लेकिन पांच वनडे के और चार टेस्ट मैच के कुल 9 दोहरे शतक लगाने वाले सभी बल्लेबाजों में यशस्वी जयसवाल सबसे ख़ास हैं क्योंकि वह सभी बल्लेबाज़ों में सबसे कम उम्र के हैं। उल्लेखनीय है कि मुंबई के 17 साल के युवा बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल लेफ्टी हैं,और अपनी इस ऐतिहासिक पारी की वजह से क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन चुके हैं। उनके अंदर क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की गुण अभी से दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली की आड-इवन योजना को मिला उबर का साथ, यात्रियों के लिए है ये ख़ुशख़बरी

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Uber

बता दें कि दिल्ली और दिल्ली के आसपास के इलाके फिर से विषैली धुंध के गिरफ़्त में आ चुके हैं, जिससे वातावरण की वायु की गुणवत्ता बहुत ही निचली श्रेणी की रिकॉर्ड हुई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने वायु की गुणवत्ता का स्तर गिरने का मुख्य कारण पराली जलाना बताया है। ग़ौरतलब है कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में हर साल अक्टूबर से नवंबर के समय में सर्वाधिक पराली जलाई जाती है। जो दिल्ली क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण है। साथ ही पराली जलाना ग्लोबल वार्मिंग का भी एक मुख्य कारण है।

वायु में प्रदूषण की कमी लाने और जाम की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड इवन (सम-विषम) की योजना दिल्ली में क्रियान्वित की हुई है। दिल्ली सरकार का इस योजना में पूरा साथ देने के लिए अब उबर ने एक अच्छी पहल की है। मोबाइल ऐप से टैक्सी उपलब्ध कराने वाली उबर ने 4 से 15 नवंबर को सर्ज़ प्राइसिंग फ्री रखने का फ़ैसला किया है।

उबर टैक्सी कंपनी का कहना है कि वह ऑड-इवन योजना के दौरान शहर के यातायात को सुचारू बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाने को तैयार है। इसलिए इस अवधि में उबर अपनी मांग आधारित किराया वृद्धि प्रणाली को बंद रखेगी। उबर कंपनी ने दिल्ली सरकार के इस क़दम का स्वागत करते हुए, इसकी सफलता की कामना की है। उल्लेखनीय है कि महानगरों में भीड़ बढ़ने के दौरान या कह सकते हैं पीक आवर्स में टैक्सी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में ओला और उबर जैसी मोबाइल एप आधारित टैक्सी कंपनियां अपनी दरों में बढ़ोत्तरी कर देती हैं। इसी को सर्ज़ प्राइसिंग कहा जाता है।

बॉलीवुड में चली प्रमोशन की नयी ट्रेन, हुए सवार ये सितारे

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Promotion on wheel

ट्रेन और बॉलीवुड का रिश्ता बहुत पुराना है। चाहें वह गाढा काला धुआं उगलती उस समय में चलने वाली ट्रेन हो या फिर आज के समय की हाईटेक ट्रेन, बॉलीवुड के साथ ट्रेन का रिश्ता हमेशा बना ही रहा। इसी रिश्ते को अब एक नए रूप में और एक नए कांसेप्ट के साथ बॉलीवुड प्रयोग करने जा रहा है। ग़ौरतलब है कि अब तक नई रिलीज़ होने वाली फ़िल्मों का प्रमोशन टीवी शोज़ के ज़रिए होता रहा है, लेकिन अब अपनी फ़िल्मों के साथ नए-नए प्रयोग करते रहने के लिए मशहूर अक्षय कुमार ने अब अपनी फ़िल्म के प्रमोशन के लिए भी एक नया तरीका ही चुना है।

भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी समय के साथ अपनी सेवाओं और रूपांतरण का पता लगाते रहते हैं। बता दें कि भारतीय रेलवे ने अपने ‘प्रमोशन ऑन व्हील्स का उद्घाटन किया है, जो कि रेलवे के लिए राजस्व प्राप्त करने में उपयोगी सिद्ध होने की उम्मीद की जा रही है। प्रमोशन ऑन व्हील्स का कांसेप्ट भले ही नया हो। लेकिन ट्रेन का बॉलीवुड से रिश्ता नया नहीं है। सुपरहिट फ़िल्म शोले का वह आइकोनिक ट्रेन का सीन जहां अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और संजीव कुमार हैं, और डाकू उनकी ट्रेन का पीछा कर रहे हैं। या फिर शर्मिला टैगोर राजेश खन्ना की यादगार फ़िल्म आराधना का वह सुपरहिट गीत मेरे सपनों की रानी का फिल्मांकन, सीक्वेंस की वजह से आज भी उतना ही ख़ूबसूरत दिखता है जितना पहले दिखता था और फ़िल्म बर्निंग ट्रेन तो पूरी की पूरी फ़िल्म ट्रेन के अंदर बनी थी। वहीं DDLJ में शाहरुख़- काजोल का आयकॉनिक सीन कोई कैसे भूल सकता है।

रेलवे द्वारा पहली बार किया जा रहा एक प्रयोग जिसमें रेलवे को काफी फ़ायदा होने की उम्मीद है। प्रमोशन ऑन व्हील्स के लिए एक आठ डिब्बों वाली ट्रेन को अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म हाउसफुल 4 के निर्माता साजिद नाडियाडवाला द्वारा बुक किया गया है। हाउसफुल 4 के सभी कलाकारों  अक्षय कुमार, बॉबी देओल, रितेश देशमुख, कृति खरबंदा, कृति सेनन, और पूजा हेगडे सहित फ़िल्म की पूरी कास्ट साथ ही मीडिया को लेकर प्रमोशन के एक ऐतिहासिक सफ़र पर ये ट्रेन गयी। बता दें कि मुंबई से दिल्ली तक के सफ़र में हंसी की फुलझड़ियां छोड़ती इस ट्रेन में अपने प्रोमोशन पर निकली फ़िल्म हाउसफुल 4 को फरहाद सामजी ने निर्देशित किया है। 25 अक्टूबर को यह फ़िल्म सिनेमाघरों में लोगों को एंटरटेन करने आ रही है।

दिल्ली के इस छात्र ने बताया सिंगल यूज़ प्लास्टिक का ऐसा उपयोग, सब रह गए दंग

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Single Use Plastic Toilet

आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि कैसे इस सिंगल यूज़ प्लास्टिक से छुटकारा पाएं क्योंकि यह पूरी तरह से ख़त्म नहीं किया जा सकता। भारत के प्रधानमंत्री ने भी भारत को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने का संकल्प लिया है। आज लोग प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने की कोशिश करते भी दिख रहे हैं। साथ ही इस सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दोबारा इस्तेमाल के तरीकों पर भी सोचा जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली के अश्विनी अग्रवाल ने सिंगर यूज़ प्लास्टिक का दोबारा इस्तेमाल करके पब्लिक टॉयलेट बनाए हैं। अश्विनी अग्रवाल दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्ट्स के स्टूडेंट हैं। साल 2014 में उन्होंने कॉलेज प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया।

वैसे तो यह कॉलेज प्रोजेक्ट था। लेकिन अश्विनी ने सोचा कि देश में पब्लिक टॉयलेट्स की बहुत जरूरत है। लोग 2 रुपये देकर टॉयलेट जाने की जगह ख़ुले में पेशाब करना पसंद करते हैं। यह बात ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने कॉलेज प्रोजेक्ट के तहत प्लास्टिक से टॉयलेट बनाया।

ये पहला टॉयलेट धौला कुआं के एक पुलिस स्टेशन में इंस्टॉल किया, जबकि दूसरा टॉयलेट एम्स के बाहर रिंग रोड पर लगाया गया है। अश्विनी ने बताया कि वह प्लास्टिक की बोतलों को मिक्सर में ग्राइंड कर के मटेरियल तैयार करते हैं और उससे टॉयलेट बनाते हैं। एक प्रोजेक्ट बनाने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है और लगभग 12 हज़ार लागत आती है। इसे बनाने में तीन से चार लोगों की ज़रूरत होती है। एक टॉयलेट बनाने में 9 हज़ार बोतलों की ज़रूरत पड़ती है। इन टॉयलेट्स कर रंग हरा रखा गया है। इन टॉयलेट्स का इस्तेमाल 10 से 12 साल तक किया जा सकता है।

अश्विनी का कहना है कि इन यूरिनल टॉयलेट्स को और बेहतर बनाने की कोशिशें जारी हैं। अश्विनी की इस तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक के टॉयलेट्स पूरे देश में शुरू करने की योजना है। जिसकी शुरुआत दिल्ली से की गई है। दिल्ली में अभी 100  टॉयलेट करने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए अश्विनी क्राउड फंडिंग से पैसा जुटा रहे हैं। साथ ही इवेंट्स में टॉयलेट्स इन्स्टॉल करके कंपनियों से पैसे ले रहे हैं। is सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बने टॉयलेट्स का नाम Pee-Pee रखा गया है। और इस बेसिक शिट प्रोजेक्ट में अश्विनी के दोस्त अदिति, आशु, सहज और युवा भी शामिल हैं।

शेर के बाड़े में कूदने वाले शख़्स ने पुलिस को बताया कूदने का कारण..

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प्रतीकात्मक तस्वीर

शेर को क़रीब से देखने के चक्कर में जान गंवाने वाली घटना तो याद है ना आपको। 23 सितंबर 2014 को दिल्ली के चिड़ियाघर में जब एक युवक बाघ को क़रीब से देखने के चक्कर में शेर के पिंजरे में गिर गया था। पिंजरे में गिरने के बाद 15 मिनट तक वह युवक वही रोता हुआ बैठा रहा। अपनी जान बख़्श देने की शेर से गुहार करता रहा। और शेर युवक को घूरता रहा। लेकिन, तभी किसी ने शेर पर पत्थर फेंक कर मारा, और फिर शान्त दिख रहे शेर ने बड़ी बेरहमी के साथ युवक को क्षत-विक्षत करके मार डाला।

लेकिन शायद इस दिल दहला देने वाली घटना से किसी ने सबक नहीं लिया और दिल्ली के चिड़ियाघर में एक बार फिर से एक युवक शेर के बारे में कूद गया। बता दें कि शेर के बाड़े में कूदने वाले शख़्स का नाम रेहान है। और वह बिहार के पूर्वी चंपारण का रहने वाला है। प्राप्त ख़बर के अनुसार वह युवक वहां तैनात गार्ड को बताकर शेर के बाड़े में कूद गया। गार्ड ने तुरंत पूरे स्टाफ को ख़बर करें। और QRT टीम वहां पहुंच गई। इस रेस्क्यू टीम ने सुंदरम नाम के 10 साल के शेर को बेहोश करके रेहान नामक युवक को शेर के बाड़े से बाहर निकाला।

ख़बर है कि वह युवक क़रीब 15 से 20 मिनट तक शेर के बाड़े में रहा। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताया गया है, कि जब रेहान को शेर के बाड़े से बाहर निकाला जा रहा था, तो उसे बाहर निकलने से मना कर दिया था। इस कारण 10 लोगों की सहायता से उसे बाड़े से बाहर निकाला गया। और पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में युवक मानसिक रूप से कमज़ोर लग रहा है। युवक ने बताया है कि वह बेरोज़गारी से बहुत परेशान था। इसलिए शेर के बाड़े में कूद गया था।

विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं की चोरी पर आया ABVP का ज़ोरदार बयान

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विनोबा भावे विश्वविद्यालय

झारखंड के हज़ारीबाग़ के विनोबा भावे विश्वविद्यालय के एबीवीपी छात्र नेता ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय के उत्तर-पुस्तिका चोरी होने के मामले पर सीबीआई जांच की मांग की है। आपको बता दें कि दशहरे की छुट्टियों के दौरान परीक्षा विभाग से उत्तर पुस्तिकाओं के चोरी होने का मामला सामने आया था। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलसचिव बंशीधर  रुखैयार ने बताया कि 14 अक्टूबर को उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की चोरी हो जाने की सूचना मिली, जो कि परीक्षा विभाग के गोदाम की खिड़कियों से चोरी करे जाने की बात कही जा रही है।

इस घटना की सूचना कोर्रा थाने में दे दी गई है। साथ ही विश्वविद्यालय में तैनात सुरक्षा गार्डों की एजेंसी से भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। जबकि गार्डों का कहना कुछ अलग ही है। गार्डों का कहना है कि चोरी से किसे लाभ हो सकता है। यह समझने की बात है। दूसरी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानि (ABVP) के नेता का कहना है कि विश्वविद्यालय में परीक्षा विभाग द्वारा की गई गड़बड़ियों को छिपाने के लिए ये सारा ड्रामा किया गया है।

विश्वविद्यालय के छात्रों का कहना है कि परीक्षा विभाग के द्वारा की गई गड़बड़ियों की शिक़ायत राज्यपाल से की गई थी। और उन्होंने पूरे मामले पर जांच कमेटी का गठन किया था इसलिए ये चोरी की बात की जा रही है। बता दें कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने उत्तर पुस्तिकाओं  की चोरी की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

अब्बास अंसारी मामले में कोर्ट हुई सख़्त,यूपी पुलिस और राज्य सरकार को कोर्ट की फटकार

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Abbas Ansari

लखनऊ। अंसारी परिवार के मामले में एक बार फिर यूपी पुलिस को शर्मसार होना पड़ा। शनिवार को हाईकोर्ट के लखनऊ डबल बेंच कोर्ट नम्‍बर 9 न्‍यायमूर्ति शबीबुल हसन व न्‍यायमूर्ति रेखा दीक्षित के खंडपीठ ने अंतर्राष्‍ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी अब्‍बास अंसारी के गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस और राज्‍य सरकार को फटकार लगाई।

इस संदर्भ में एडवोकेट अनिमेश शुक्‍ला व मंसूर अंसारी ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि जब लखनऊ के तत्कालीन  जिलाधिकारी ने अब्‍बास अंसारी के असलहे के लाईसेंस के संदर्भ में एनओसी जारी कर दी थी। ज्‍वाइंट कमिश्‍नर आफ दिल्‍ली ने अब्‍बास अंसारी को लाईसेंस जारी कर दिया था, इस मामले में उत्‍तर प्रदेश पुलिस कैसे एफआईआर दर्ज कर लिया।

जबकि इस केस का न्‍यायिक क्षेत्र दिल्‍ली है। यह उत्‍तर प्रदेश के न्‍यायिक क्षेत्र से बाहर है। कोर्ट ने अब्‍बास अंसारी के गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए, पुलिस तीन सप्‍ताह के अंदर जवाब दे कि अब्‍बास अंसारी के उपर यूपी पुलिस ने क्‍यों कार्रवाई की। माननीय न्यायालय का फैसला आने के बाद उमर अंसारी, मिसबाहुद्दिन अहमद, बृजेश जायसवाल इत्यादि लोगों ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया।

मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र की बात पर आया अमृतसर से बड़ा बयान, कहा “बैन हो आरएसएस..

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Mohan Bhagwat

अभी हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा था, कि राष्ट्र के वैभव और शांति के लिए काम कर रहे सभी भारतीय ‘हिंदू’ हैं। संघ की अपने राष्ट्र की पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में, स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है। वह सुविचारित व अडिग है। कि भारत, हिंदुस्तान ‘हिंदू राष्ट्र’ है।

बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का ऐसा बयान अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत को बिल्कुल पसंद नहीं आया है। ज्ञानी हरप्रीत ने अमृतसर में एक बड़ा बयान देते हुए आरएसएस को बैन कर देने की मांग की है। ज्ञानी हरप्रीत का कहना है कि उन्हें लगता है कि आरएसएस जिस तरह से काम कर रहा है, जो उसके काम करने का तरीका है, उससे लगता है कि वह देश में भेदभाव की एक नई लकीर खींच देगा।

जब अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत से बीजेपी पर आरएसएस के प्रभाव के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, अगर ऐसा है तो यह देश के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। यह देश को नुक़सान पहुंचाएगा। और उसे तबाह कर देगा। बता दें कि कुछ दिन पहले ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने देश में मॉब लिंचिंग की घटनाओं को पश्चिमी सोच बताया था। और कहा था कि, “देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।”

कांस्टेबल पासिंग आउट में राज्यपाल ने दिया ऐसा बयान, सुनकर चौंक जाएँगे बड़े नेता

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Satypal Malik

जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1033 कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड के मौके पर परेड को संबोधित करते हुए कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, कि आप भारत के संविधान का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए आपको किसी से भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। राज्यपाल ने अपने बयान में कहा, कि जब आप ड्यूटी पर हों तब यह मत सोचिए कि आप  सिपाही हैं या निरीक्षक हैं। आपको जो सही लगता है, वह करें, यदि कोई बड़ा नेता आपको धमकाता है, तो हम आपका समर्थन करेंगे।

उन्होंने परेड को संबोधित करते हुए कहा, आपको दृढ़ संकल्प और न्याय के साथ खड़ा होना चाहिए। ग़ौरतलब है कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घाटी में 50 हज़ार सरकारी नौकरियों का ऐलान करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास के रास्ते खुल रहे हैं। हमारे लिए हर कश्मीरी की जान क़ीमती है। जम्मू कश्मीर को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात पूरी तरह से सामान्य हो चुके हैं। फ़ोन, इंटरनेट से अफ़वाह फ़ैलाने में मदद मिलती है। यह आतंकियों के हथियार हैं। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है, कि कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल सेवा जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक अक़्सर अपने विवादास्पद बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने पॉलिटिकल जुवेनाइल की तरह व्यहवार किया और कश्मीर को लेकर अपनी स्थिति कभी साफ नहीं की। साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं और राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि जब देश में चुनाव होंगे और उनके विरोधी कहेंगे कि वह अनुच्छेद 370 के समर्थक हैं,तो वह लोग उन्हें जूतों से मारेंगे।

एक और बड़ा बयान देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि देशवासियों को लगता है कि राज्यपाल एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो गोल्फ़ खेलता है। और लोगों के लिए कुछ नहीं करता। और वह अपने कार्यकाल के दौरान सिर्फ़ आराम करता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता है कि हमने पिछले एक साल में जितना काम किया है, उतना चुनी हुई सरकार भी कर पाती।

आदित्य ठाकरे के समर्थन में आए बॉलीवुड के ये बड़े कलाकार, विडीओ जारी कर दिया

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Aditya Thackery

महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) के प्रमुख और राज्यमंत्री महादेव जानकर ने दावा किया था कि संजय दत्त उनकी पार्टी में शामिल होंगे। बता दें कि 2009 में संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान पर उतरे थे। लेकिन उसके बाद संजय दत्त ने कहा था कि मैं किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होऊँगा।

महादेव जानकर के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि संजय दत्त उनकी पार्टी में शामिल होंगे,संजय दत्त ने किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होने की बात दोहराते हुए कहा कि जानकर मेरे प्रिय मित्र और भाई हैं और मैं उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

अभी पिछले महीने ही नागपुर में संजय दत्त ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाक़ात की थी। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शिवसेना प्रमुख आदित्य ठाकरे का समर्थन करते हुए अपना एक वीडियो संदेश जारी किया है। जिसमें लोगों से आदित्य ठाकरे को वोट करने की अपील की गई है।

ग़ौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है।और इस दौरान संजय दत्त कई नेताओं से मिल चुके हैं। ख़ासतौर पर नितिन गडकरी से संजय दत्त की मुलाक़ात ने महाराष्ट्र में चुनावी हवा को और गर्म कर दिया है।