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बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सीरीज़ के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का हुआ चयन, ख़लील अहमद और शिवम् दुबे..

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भरतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने गुरुवार को हुई अपनी बैठक के बाद बांग्लादेश के ख़िलाफ़ घरेलू सीरीज़ के लिए T20 और टेस्ट टीमों का ऐलान कर दिया है। और इस बार टीम में कुछ बदलाव करते हुए कुछ नए चेहरों को टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने का मौक़ा दिया गया है। तो कुछ पुराने चेहरों को एक बार फिर से आज़माया जा रहा है। ऐसा ही एक चेहरा हैं, केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन जिन्हें टीम इंडिया में एक बार फिर से मौक़ा दिया गया है। बता दें कि विजय हजारे एकदिवसीय टूर्नामेंट में रिकॉर्ड तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 212 रन बनाने वाले सैमसन ने अपना पिछला एकमात्र टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2015 में हरारे जिंबाब्वे में खेला था।

इमरान ख़ान ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, कोई नहीं चाहेगा तोड़ना..

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इमरान ख़ान

जब इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तो शायद उन्होंने सोचा भी नहीं होगा, कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी उनके नाम होगा, जिसे वह कभी भी अपने नाम के साथ जोड़ना पसंद नहीं करेंगे। यहाँ तक कि कोई भी उस रिकॉर्ड को नहीं बनाना चाहेगा। बता दें कि हाशिए पर खड़ी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बचाने की कोशिश में सत्तारूढ़ इमरान ख़ान सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में क़र्ज़ लेने का एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

आधिकारिक आंकड़ों की बात करें तो इमरान ख़ान सरकार के एक साल के कार्यकाल में पाकिस्तान के कुल क़र्ज़ में 7509 अरब (पाकिस्तानी) रुपए की वृद्धि हुई है। सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के अनुसार क़र्ज़ के ये आंकड़े स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिए हैं। अगर मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान के मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 3 महीने में सरकार का कर संग्रह 960 अरब रुपये का था। पाकिस्तान के स्टेट बैंक के आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले 2 महीनों में पाकिस्तान के सार्वजनिक क़र्ज़ में 1.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई।

संघीय सरकार का यह क़र्ज़ बढ़कर 32,240 अरब रुपए तक पहुंच गया है। जबकि अगस्त 2018 में ये क़र्ज़ 24,732 अरब रुपए रिकॉर्ड किया गया था। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2018 से अगस्त 2019 के बीच विदेशों से 2804 अरब रुपए और घरेलू स्रोतों से 4705 अरब का क़र्ज़ पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार ने लिया है। बता दें कि पाकिस्तान आज दुनिया में आतंक की पनाहगाह के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। जिसकी क़ीमत वहां की जनता को चुकानी पड़ रही है और पाकिस्तान के आर्थिक हालात और अर्थव्यवस्था लगातार बद से बदहाल होती जा रही है।

महाराष्ट्र और हरियाणा में एक बार फिर चमकी मुस्लिम सियासत, इतनी सीटों पर..

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महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के नतीजे अब लगभग आ गए हैं. महाराष्ट्र में ये साफ़ है कि एक बार फिर भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बन जाएगी जबकि हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा बनती दिख रही है. चुनाव आयोग की साईट पर जो अब तक की स्थिति है वो इस प्रकार है. महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना 154 सीटों पर जीत चुके हैं या बढ़त बनाये हुए हैं जबकि कांग्रेस-एनसीपी+ 107 सीटों पर जीत चुके हैं या आगे चल रहे हैं.

असदउद्दीन ओवैसी की आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन ने भी दो सीटों पर जीत दर्ज की है. एनसीपी-कांग्रेस के साथ गठबंधन में समाजवादी पार्टी भी शामिल थी, सपा को दो सीटों पर जीत हासिल हुई है. सीपीएम को भी एक सीट मिली है. सीपीएम भी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में शामिल है. इस फ़ेहरिस्त में हम आपको बताने जा रहे हैं मुस्लिम विजेताओं के बारे में.

महाराष्ट्र की विधानसभा में इस बार 10 मुस्लिम विधायक पहुंचेंगे. इसमें 3 कांग्रेस, सपा के 2 एनसीपी के 2 मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. शिव सेना के टिकट पर एक मुस्लिम उम्मीदवार ने जीत हासिल की जबकि आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के टिकट पर दो मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं. महाराष्ट्र से जो मुस्लिम उम्मीदवार जीते हैं उनके नाम इस प्रकार हैं.

अणुशक्ति नगर से नवाब मालिक (एनसीपी),धुले सिटी से शाह फ़ारुक़ अनवर (एआईएमआईएम), कागल से मुशरिफ़ हसन मियाँलाल (एनसीपी), मलाड वेस्ट से असलम रमज़ान अली (कांग्रेस), वांद्रे ईस्ट से ज़ीशान बाबा सिद्दीक़ी (कांग्रेस), मालेगाँव सेंट्रल से मुहम्मद इस्माइल अब्दुल ख़ालिक़(एआईएमआईएम), मानखुर्द-शिवाजी नगर से अबू असीम आज़मी (समाजवादी पार्टी), भिवंडी पूर्व से रईस असलम शेख़ (समाजवादी पार्टी), मुम्बा देवी से अमीन पटेल (कांग्रेस), और सिल्लोड से अब्दुल सत्तर अब्दुल नबी (शिव सेना) ने जीत दर्ज की है.

हरियाणा की बात करें तो यहाँ मुक़ाबला टक्कर का बनता दिख रहा है. भाजपा 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है वहीँ कांग्रेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 31 सीटों पर क़ब्ज़ा जमा लिया है. जेजेपी 10 सीटें जीती है जबकि इनलो महज़ एक सीट पर सिमट गई है. 90 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए 45 सीटें चाहिएँ. हरियाणा से मुस्लिम उम्मीदवारों की बात करें तो उनकी संख्या तीन है.

ये सभी कांग्रेस के हैं.फ़िरोज़पुर झिरका सीट से मम्मन ख़ान चुनाव जीते हैं. नुह सीट से आफ़ताब अहमद ने जीत हासिल की है, उनके मुक़ाबले में भाजपा ने ज़ाकिर हुसैन को खड़ा किया था. पुनहाना सीट से कांग्रेस ने मुहम्मद इलियास को टिकट दिया, इलियास ने भाजपा के प्रत्याशी नौक्षम को हराया है.

हॉकी टीम को कोच की सलाह, “नहीं रखनी है कमी…”

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Graham Read

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच ग्राहम रीड ने कहा है, कि वह इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रखें। और आत्ममुग्धता से बचें। हम किससे खेल रहे हैं, यह मायने नहीं रखता। हमारे तेवर आक्रामक ही होंगे। लेकिन हम विरोधी का सम्मान करके खेलेंगे।

ग़ौरतलब है कि भारतीय टीम ने जून में भुवनेश्वर में पुरुष हॉकी सीरीज़ का फाइनल जीता था। और अगस्त के महीने में टोक्यो में ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट जीता था। इसके साथ बेल्जियम दौरे पर भी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेज़बान और स्पेन के ख़िलाफ़ अपने सारे मैच जीते। कोच ग्राहम रीड का कहना है कि दौड़ने, प्रयासों, रफ़्तार, और ऊर्जा में कोई कमी नहीं थी।

पिछले विश्वकप की तुलना में यह बेहतर प्रदर्शन रहा है। कोच रीड ने कहा कि गेंद पर नियंत्रण और संयोजन अच्छा था। अब इसी दिशा में प्रदर्शन बरक़रार रखना है। अप्रैल 2019 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच का पदभार संभालने वाले ग्राहम रीड ने कहा कि फीफा के क्वालीफायर मैच में उनकी टीम का फोकस बेसिक्स सही रखने पर होगा। बता दें कि कोच ग्राहम रीड भारतीय हॉकी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन से बहुत ख़ुश हैं। और उन्होंने इच्छा जताई है कि रूस के ख़िलाफ़ आगामी ओलंपिक क्वालीफायर में उनके खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।

न्यूनतम मज़दूरी मामले में दिल्ली सरकार को मिला सुप्रीम कोर्ट का साथ

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Arvind Kejriwal

दिल्ली सरकार ने 3 मार्च 2017 को न्यूनतम मज़दूरी में 11.1 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी की थी। लेकिन, इसके विरोध में कुछ लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। और उच्च न्यायालय ने 4 सितंबर 2018 को दिल्ली सरकार के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी। दिल्ली सरकार ने इस रोक के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दी थी।

क़रीब 2 साल यह मामला अदालतों में लंबित था और अब गुरुवार को दिल्ली सरकार के हक़ में सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया है। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फ़ैसले पर रोक लगाकर न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाने का आदेश दिया है। साथ ही पीठ ने इस मामले में दायर की गई अन्य अर्ज़ियों की त्वरित सुनवाई का आदेश भी दिया है। यह याचिकाएं विभिन्न नियोक्ताओं और फैक्टरी मालिकों ने दायर की हैं।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली में स्नातक कर्मचारियों को 19,572 रुपए प्रति माह से कम वेतन नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से क़रीब 50 लाख़ कर्मचारी लाभान्वित होंगे। हालांकि, जस्टिस यू यू ललित की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कर्मचारियों को कोई एरियर नहीं दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाने के लिए चार सदस्यीय मूल्य संग्रह समिति का गठन किया था। समिति ने सभी छह श्रेणियों में 11.1 फ़ीसदी तक वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को न्यूनतम वेतन वृद्धि के लिए नई अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। बता दें कि दिल्ली सरकार ने अनस्किल्ड लेबर को 14,842 और स्किल्ड लेबर को 17,991 रुपए महीनों की न्यूनतम मज़दूरी तय की है, तो वहीं सेमी स्किल श्रमिकों के लिए 16,341 प्रति महीना तय किया गया है। और ग्रेजुएट कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मज़दूरी 19,572 रुपए प्रति महीना तय किया गया है। नॉन मैट्रीकुलेट को 16,341 रुपए प्रति महीना और मैट्रीकुलेट लेकिन बिना ग्रेजुएशन वालों को 17,991 प्रति महीना दिया जाएगा। इस नए न्यूनतम मज़दूरी दर को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।

पी चिदम्बरम की जमानत पर आया ये फ़ैसला, याचिका पर हो गयी है सुनवाई

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P chidambaram

बहुचर्चित INX मीडिया मामले में सीबीआई ने कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि चिदंबरम को गिरफ़्तार करने के लिए नहीं बल्कि पूछताछ करने के लिए गिरफ़्तार किया गया है। इस मामले में चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम, अफ़सरों और कंपनियों समेत 15 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

सीबीआई ने कहा है कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। एक गवाह ने प्रभावित करने की कोशिश की बात कही भी है। जिसकी जानकारी सील कवर में सीबीआई कोर्ट में दे दी गई है। बता दें कि वह गवाह इंद्राणी मुखर्जी नहीं हैं। सीबीआई का कहना है कि चिदंबरम को ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए, इससे गवाहों को प्रभावित करने की गंभीर आशंका है।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि चिदंबरम के ख़िलाफ़ केवल  INX मामले की ही जांच नहीं चल रही है, बल्कि चिदंबरम जब वित्त मंत्री थे उस दौरान की सभी एफआईपीबी के अप्रूवल को लेकर जांच चल रही है। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा है, कि भले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो गई है, लेकिन, वह ज़मानत ना देने का आधार नहीं है।

सिब्बल ने कहा कि अगर इनके आरोपपत्र के हिसाब से मैं दोषी हूं, तो यह निचली अदालत में साबित किया जाए। इसे ज़मानत की सुनवाई के दौरान लाने का कोई मतलब नहीं है। मैं सभी सवालों का जवाब ट्रायल के दौरान दूंगा। पी चिदंबरम के वकील सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम का वजन जेल में रहते हुए लगातार घट रहा है। घर के खाने के बावजूद उनकी सेहत गिर रही है। सर्दियों में उन्हें डेंगू होने का भी ख़तरा है। चिदंबरम के ख़िलाफ़ सीबीआई के पास कोई सीधा सबूत नहीं है। बता दे कि चिदंबरम की ज़मानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा है।

अर्थव्यवस्था पर उठते विपक्ष के सवालों पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब

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Nirmla Sitaraman

विश्व व्यापक आर्थिक मंदी की वजह से दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। भारत की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। जिसकी वजह से सरकार को विपक्ष के तानों और आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार के लक्ष्यों को असंभव बताया था। वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “आईएमएफ ने ग्रोथ प्रोजेक्शंस घटाई हैं। भारत की भी घटाई है। पर हम अब भी दुनिया की सबसे तेज़ रफ़्तार अर्थव्यवस्था हैं। अच्छा होता कि मनमोहन सिंह दूसरे मुद्दों पर सलाह देते।”

निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स से कहा कि भारत में कॉरपोरेट्स टैक्स अब दुनिया की सबसे कम दरों में से एक है। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी का कहना है कि मनमोहन सरकार को विकास का सेहरा जाता है। और मौजूदा सरकार के समय हालात बिगड़े हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “कुछ दिन पहले कॉरपोरेट टैक्स कम किया गया। उद्योग पतियों को एक लाख़ 25 हज़ार करोड़ की राहत दी गई। मीडिया ने कहा अब अर्थव्यवस्था ठीक हो जाएगी। लेकिन 3 दिन में गैस का गुब्बारा फ़टा। ख़त्म कहानी। आप देखिएगा, कि अगले छह महीनों में अर्थव्यवस्था की क्या हालत होती है, बेरोज़गारी की क्या हालत होती है।”

ग़ौरतलब है कि निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में कहा था, कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उनके सबसे ‘बुरे दौर’ में पहुंचाने के लिए मनमोहन सिंह-रघुराम राजन की जोड़ी ज़िम्मेदार है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार सुनती है और फिर प्रतिक्रिया देती है। अगर यह बताना है कि किसी क्षेत्र में परेशानी क्यों है, तो आज की सरकार को याद करना होगा कि पहले क्या ग़लत हुआ है। वित्त मंत्री ने क्या ग़लत हुआ था, यह याद करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर इसका कारण वह दौर है, जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। रघुराम राजन आरबीआई के गवर्नर थे।

बता दें कि महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी अभियान में कमज़ोर पड़ती अर्थव्यवस्था एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर सामने आई है। और बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच अर्थव्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोपों का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है।

सहवाग ने माँगी इस क्रिकेटर से माफ़ी, कहा “मेरी वजह से हुआ…”

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Virendra Sahwag

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और महान खिलाड़ी अनिल कुंबले ने हाल ही में अपने जीवन के 49 साल पूरे किए हैं, जो कि उपलब्धियों से भरपूर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम का एक अहम हिस्सा रहे पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने सर्वाधिक 956 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। और देश के लिए 17 साल क्रिकेट खेले हैं। बता दें कि कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट में 619 और वनडे में 337 विकेट अपने नाम किए हैं। अनिल कुंबले जितने अच्छे गेंदबाज़ रह चुके हैं। उतने ही शानदार बल्लेबाज़ भी रहे हैं।

अनिल कुंबले ने अपने 132 टेस्ट मैचों में पांच अर्धशतक और एक शतक की सहायता से 2500 से भी ज़्यादा रन बनाए थे। लेकिन एक ऐसा मौक़ा आया जब कुंबले अपना दूसरा शतक लगाने से सिर्फ़ 13 रनों से चूक गए। इसके लिए वह वीरेंद्र सहवाग को दोषी मानते हैं। शायद यही वजह है कि आज अनिल कुंबले के जन्मदिन पर जब सबने उन्हें बधाई दी तो वीरेन्द्र सहवाग ने उन्हें बधाई देने के साथ-साथ उनसे माफी भी मांगी।

बता दें कि वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट करके कहा है कि, ‘भारत के अब तक के सबसे बड़े मैच विनर्स में से एक और एक शानदार मार्गदर्शक, आपको दूसरे शतक से दूर रखने के लिए माफी चाहता हूं अनिल कुंबले भाई। लेकिन मैं प्रार्थना करता हूं कि आप वास्तविक जीवन में शतक बनाएं। हैं केवल 51 और बाकी हैं। जन्मदिन की शुभकामनाएं। यह पूरा मामला कुछ इस तरह से है कि साल 2008 में एडिलेड में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट मैच में अनिल कुंबले 87 रन बनाकर खेल रहे थे। दूसरे छोर पर ईशांत शर्मा बल्लेबाज़ी कर रहे थे। और टीम के 9 विकेट गिर चुके थे। फिर चाय काल के समय वीरेंद्र सहवाग आए। और उन्हें तेज़ खेलने को कहा, और इसी तेज़ खेलने की वजह से कुंबले अपना विकेट गंवा बैठे और अपने दूसरे शतक से सिर्फ़ 13 रन से चूक गए।

अमेरिका से बढ़ते विवाद के कारण चीन में आ सकता है ये बड़ा संकट

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प्रतीकात्मक तस्वीर

राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने अमेरिका और चीन के व्यापारिक विवाद के बढ़ने के साथ चीन में आर्थिक विकास में कमी होने की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि तीसरी तिमाही में जीडीपी में 6.0 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा है कि प्रारंभिक गणना के अनुसार चीन के सकल घरेलू उत्पाद में पहली तीन तिमाहियों में सालाना आधार पर 69.779 ट्रिलियन युआन लगभग 9.8 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि रिकॉर्ड हुई है। यानी साल दर साल 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ये रिपोर्ट बताती है कि तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हुई है, जो कि विश्लेषकों द्वारा लगाए गए पूर्वानुमानों से कम है। जबकि विश्लेषकों ने जीडीपी में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई थी। कहा जा रहा है कि अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर लंबा खिंचने और घरेलू मांग कमज़ोर होने से चीन की विकास
 दर प्रभावित होगी।

बता दें कि वर्ष 2019 की तीन तिमाहियों में चीन के जीडीपी में 6.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि रिकॉर्ड की गई है। टैक्स कटौती सहित कई सरकारी उपायों के बावजूद विकास दर की सुस्ती को दूर नहीं किया जा सका है। ब्यूरो के अधिकारी ने कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था में कमोबेश स्थिरता बनी हुई है। हालांकि, अधिकारी ने माना है कि इस सुस्ती और वैश्विक आर्थिक विकास दर और बाहरी अनिश्चितता की वजह से चीनी अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। बता दें कि चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि विकास दर का सरकारी लक्ष्य 6 से 6.5 फ़ीसदी के आस-पास का ही है।

चुनावी घमासान में रिश्ते लगे दाँव पर, सत्ता की लड़ाई में सामने हैं..

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Aditya Thackeray

इस बार के महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव बहुत ख़ास होने वाले हैं क्योंकि चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे कई प्रमुख दावेदार एक दूसरे के क़रीबी रिश्तेदार हैं। जिसमें से सबसे ज़्यादा चर्चित जो परिवार है, वह है मुंडे परिवार। बता दें कि मुंडे परिवार के दो सदस्य बीड शहर में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। यह दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे का क्षेत्र और गढ़ कहा जाता है। गोपीनाथ मुंडे की बेटी ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे परली सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी अखाड़े में उतरी हैं। उनके सामने जो उम्मीदवार उनके ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में हैं, वह हैं विधान परिषद में विपक्ष के नेता एमएलसी धनंजय मुंडे, जो कि पंकजा मुंडे के चचेरे भाई हैं।

धनंजय मुंडे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राकांपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। उल्लेखनीय है कि 2014 के चुनावों में धनंजय मुंडे अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे से चुनाव हार चुके हैं। दूसरी तरफ बीड ज़िले की बीड विधानसभा क्षेत्र से चाचा भतीजे में चुनावी दंगल ठना है। इस सीट से जयदत्त क्षीरसागर के सामने उनके भतीजे संदीप क्षीरसागर चुनावी दंगल लड़ रहे हैं। वहीं गेवराई (बीड) में भी एक और चाचा भतीजा चुनावी मैदान में हैं। राकांपा ने अमर सिंह पंडित को मौक़ा दिया है तो उनके चाचा बदामराव पंडित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

लातूर की निलंगा सीट पर भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजीराव निलंगेकर पाटिल के बेटे अशोक निलंगेकर पाटिल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में अपने भतीजे राज्यमंत्री संभाजीराव निलंगेकर पाटिल के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि संभाजीराव बीजेपी के उम्मीदवार हैं। नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली ज़िले से राकांपा के धर्मराव बाबा अत्रम और उनके भतीजे एवं मंत्री अंबरीश राव अत्रम भाजपा के उम्मीदवार के बीच चुनावी लड़ाई होनी है।

पुसम (यवतमाल) में दिवंगत वसंतराव नाईक के पोते इंद्रनील नाईक कांग्रेस के टिकट पर और उनके सामने उनके भतीजे निलय नाईक बीजेपी की ओर से चुनावी बिगुल बजा रहे हैं। जबकि महाराष्ट्र के लातूर ज़िले में पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के दो बेटे अमित और धीरज एक ही पार्टी के टिकट यानी के कांग्रेस के टिकट पर एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं, एक दूसरे के ख़िलाफ़ नहीं। बता दें कि दोनों भाइयों की विधानसभा सीटें क़रीब हैं। लातूर शहर विधानसभा से अमित तो वहीं ग्रामीण विधानसभा सीट से उनके भाई धीरज चुनावी अखाड़े में पहली बार उतरे हैं। बता दें कि अमित और धीरज रॉव देशमुख के भाई रितेश देशमुख जाने-माने फ़िल्म स्टार हैं और ज़ोर-शोर से अपने दोनों भाइयों के लिए चुनावी प्रचार में जुटे हैं।