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आजम खान की रिहाई पर अखिलेश यादव का ट्वीट, “झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं…”

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साल 2020 से जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान को जमानत मिल गई है। वह आज सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं, उनके जेल से बाहर आने से जहां सपा में खुशी का माहौल बना हुआ है वहीं, विपक्ष का चेहरा उतर गया है। बता दें कि इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनके जेल से बाहर आने पर खुशी जताई है और उनके लिए एक ट्वीट भी किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान पिछले 27 महीनों से जेल में बंद थे और जेल में बंद रहने के बाद भी उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा।

सिर्फ चुनाव लड़ा ही नहीं बल्कि उन्होंने बहुमत के साथ रामपुर सीट पर जीत भी दर्ज की, जीत हासिल करने के बाद उन्होंने लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। आजम खान के खिलाफ यूपी पुलिस ने कुल मिलाकर 88 मामले दर्ज किए थे। जिसमें से सभी मामलों में उनको जमानत मिल गई थी, लेकिन एक मामले में जमानत न मिलने के कारण उनको जेल में ही रहना पड़ा, लेकिन अब आखिकार कोर्ट ने उन्हें सभी मामलों में जमानत देते हुए जेल से रिहा कर दिया है।

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जेल से आजम खान के रिहा होने पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि “सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक मा. श्री आज़म ख़ान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!” जानकारी के अनुसार आजम खान के बेटे अब्दुल्लाह आजम और शिवपाल यादव आजम खान को लेने सीतापुर जेल पहुंचे थे।

GST परिषद की सिफारिशों पर SC का बड़ा फैसला, केंद्र और राज्य बाध्य नहीं…

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गुरुवार को एक अहम मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। जीएसटी परिषद के एक मामले पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा दी गई सिफारिशों और उनको लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार किसी भी तरह से मजबूर नहीं है। बल्कि जितनी भी सिफारिशें लागू की जाए, इन सभी सिफारिशों पर सलाह-परामर्श करना जरूरी है। सलाह-परामर्श के बाद अगर इन सिफारिशों में बेहतरी दिखे तभी इनको लागू करना चाहिए।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि “जीएसटी परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्य सरकारों पर बाध्यकारी नहीं हैं। संसद का इरादा जीएसटी परिषद की सिफारिशों को बाध्यकारी बनाना नहीं है।” इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं के पास पूरा अधिकार है कि वह GST पर कानून बनाए और GST परिषद इन कानूनों पर पर उन्हें अपनी सलाह दें।

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इसके साथ ही इस मामले पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि “राज्य और केंद्र सरकार दोनों माल और सेवा कर पर कानून बना सकते हैं। जीएसटी परिषद की सिफारिशें एक सहयोगी चर्चा का परिणाम हैं। यह आवश्यक नहीं है कि किसी एक संघीय इकाई के पास हमेशा बड़ा हिस्सा हो।” डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर आगे कहा कि “संविधान का अनुच्छेद 279A एक गैर-बाधा खंड से शुरू नहीं होता है, और अनुच्छेद 246A में प्रतिशोध का प्रावधान शामिल नहीं है। ‘सहकारी संघवाद’ सिद्धांतों के महत्व पर जोर दिया गया है कि भारतीय संघवाद एक संवाद है जिसमें राज्य और केंद्र हमेशा एक संवाद में संलग्न होते हैं।”

एक ही महीने में 2 बार बढ़े कुकिंग गैस के दाम, पहले 50 रुपए और अब…

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बढ़ती मंहगाई के बीच आज एक बार फिर आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ महीनों से तेज़ी से बढ़ रही कीमतें अब आसमान छूने लगी हैं। खबर है कि गैस सप्लाई कंपनियों ने इस ही महीने में दूसरी बार गैस के दामों में वृद्धि की है। पहले 7 मई को गैस सिलेंडरों के दाम में 50 रुपए की बढ़ोतरी की थी। जिसके बाद अब 19 मई गुरुवार के दिन यानि आज फिर इसके दामों को बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार अब जनता को एक 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर के लिए 1,000 से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।

बताते चलें कि इस बार गैस सप्लाई कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम एलपीजी के हर एक सिलेंडर पर 3.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। यानि अब हर एक सिलेंडर की कीमत 1,003 रुपये हो गई है। वहीं, 19 किलोग्राम के एक सिलेंडर का रेट 2,354 रुपये हो गया है। लगातार बढ़ते दामों से जनता परेशान आ गई है। पहले मार्च के महीने में प्रति सिलेंडर 50 रुपये की वृद्धि की गई थी।

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जिसके बाद फिर मई की शुरुआत में ही जनता को दूसरा झटका मिला। 7 मई को इनके दामों में एक और बार बढ़ोतरी करते हुए इन पर 50 रुपए और बढ़ा दिए गए। जिसके चलते सिक्लिंडर 999.50 रुपए पर पहुंच गया और अब 19 मई को इसके दामों में 3.50 रुपए की बढ़त को कर दी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ राज्य तो ऐसे हैं जहां 14.2 किलोग्राम के एक सिलेंडर की कीमत और भी ज्यादा है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 14.2 किलो का सिलेंडर जहां सबसे ज्यादा महंगा कोलकाता में 1,029 रुपये पर बिक रहा है।

MCDs की बुलडोजर कार्यवाई पर बोले सीएम अरविंद केजरीवाल, मांगी रिपोर्ट…

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राष्ट्र राजधानी दिल्ली में एमसीडी द्वारा तोड़ फोड़ के बाद अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने चुप्पी तोड़ दी है। पिछले कुछ समय से एमसीडी द्वारा लगातार बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। जिसपर अब तक हर कोई चुप्पी साधा हुआ था, लेकिन अब केजरीवाल ने इस कार्यवाई का विरोध किया है। केजरीवाल ने कहा कि “कई जगह बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है अगले कई महीनों तक बुलडोजर चलाए जाएंगे। कह रहे हैं जितना अवैध अतिक्रमण है, उनको हटाया जाएगा।

आगे बात करते हुए सीएम कहते हैं कि “हम खुद भी अतिक्रमण के खिलाफ हैं, हम नहीं चाहते कि अवैध बिल्डिंग बने या कब्जे हों, लेकिन दिल्ली प्लान तरीके से नहीं बनी। 80% से ज्यादा दिल्ली अतिक्रमण या अवैध निर्माण के दायरे में आएगी तो सवाल उठता है क्या 80 फ़ीसदी दिल्ली को तोड़ा जाएगा?” प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी से बुलडोजर चलाने को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

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रिपोर्ट की मांग करते हुए केजरीवाल कहते हैं कि “जिस तरह से अतिक्रमण को हटाया जा रहा है, उसमें ना कागज हैं, ना किसी को मौका दिया जा रहा है। बुलडोजर लेकर पहुंच जाते हैं और किसी की भी मकान दुकान तोड़ने लग जाते हैं। यह ठीक नहीं है, जिस तरीके से हटाया जा रहा है वह ठीक नहीं है। इनकी प्लानिंग है कि दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों को तोड़ा जाएगा, कच्ची कॉलोनियों में 50 लाख लोग रहते हैं। इनकी प्लानिंग है झुग्गियों को तोड़ा जाएगा, जिसमें 10 लाख लोग रहते हैं। 3 लाख ऐसे हैं, जिनके घर में नक्शे से अलग थोड़ा बहुत अतिक्रमण हुआ है या अवैध निर्माण हुआ है।”

अपने धाकड़ अंदाज में इस मामले पर बात करते हुए वह कहते हैं कि “अभी मैंने विधायकों की बैठक की है और यही कहा है कि जेल भी जाना पड़े तो डरना मत, लेकिन आपको जनता के साथ खड़ा होना है इस तरह से बुलडोजर चलाना ठीक नहीं है, दादागिरी करना ठीक नहीं है। 63 लाख लोगों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। आजाद भारत का यह सबसे बड़ा विध्वंस होगा। यह ठीक नहीं है, चुनाव से पहले बीजेपी ने कहा था कच्ची कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक दिलाया जाएगा, चुनाव से पहले बीजेपी ने कहा था जहां झुग्गी वहां मकान बना कर दिया जाएगा, अब ये लोग तोड़ने को आ गए।”

मुंडका आग हादसे का शिकार हुए 19 लोगों की नहीं हो पाई है अब तक कोई पहचान, इस जांच से की जाएगी…

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दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक बिल्डिंग भीषण आग का शिकार हो गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी मिली थी। हालांकि अभी तक ये कन्फर्म नहीं हो पाया है कि कितने लोग इस घटना का शिकार हुए थे और इसमें कितने लोगों की मौत हुई। ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो इस घटना में 19 शव से बरामद हुए हैं जिनकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। बुरी तरह जलने के कारण देख कर किसी भी शव की पहचान करना लगभग नामुमकिन है। जिसके चलते अब डीएनए जांच के जरिये इन शवों की पहचान की जाएगी।

इस काम के लिए एफएसएल रोहिणी की एक बड़ी टीम को चुना गया है। बताया जा रहा है कि एफएसएल को जांच के लिए 100 सैम्पल मिले हैं। इस मुद्दे पर एफएसएल की डायरेक्टर दीपा वर्मा से बात की गई है। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए हैं। उनसे पूछा गया कि हादसे में 19 शव ऐसे बरामद हुए हैं जिनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है तो अब उनकी पहचान किस तरह की जाएगी.?

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इसके जवाब में दीपा वर्मा कहती हैं कि “हमारे पास सैम्पल फ़ॉरेंसिक डीएनए जांच के लिए जमा कराए जाते हैं। उस फ़ॉरेंसिक जांच से हम डीएनए प्रोफाइल जनरेट करते हैं, मृतक का भी और उसके रिश्तेदारों का भी। फिर डीएनए मैच करने से पता चलता है कि ये पर्सन उसका रिश्तेदार है कि नहीं।” इसके बाद उनसे पूछा गया कि अब तक उनके पास कितने सैंपल टेस्ट के लिए आए हैं.? और उनकी जांच में कितना समय लग सकता है.?

जवाब में वह कहती हैं कि “करीब 100 सैम्पल हैं हमारे पास जिसमे विक्टिम का सैंपल या मृतक का सैंपल या रिश्तेदार का सैंपल, जांच के समय से तय होगा कि वो जो अवशेष मिला है वो किस तरह का है, क्योंकि अलग-अलग बॉडी के जो सैंपल होते हैं, उनका एक्जामिनेशन टाइम अलग-अलग होता है। तो किस तरह का सैंपल मिला है और उसकी क्वालिटी क्या है, वो उस पर निर्भर करता है। फिर भी प्रायोरिटी पर हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमारी टीम लगी हुई है।”

BPSC एग्जाम पेपर लीक होने से मची खलबली, 2-3 दिन में हो सकता है बड़ा खुलासा…

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पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि देश के कई राज्यों में पेपर होने से पहले ही लीक हो रहा है। हालांकि बाद में इसकी जानकारी मिलते ही इसको रद्द कर दिया गया है, लेकिन इस बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी सिक्योरिटी के बाद भी किस तरह एग्जाम पेपर लीक होता है.? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में एक और बड़ी परीक्षा का एग्जाम पेपर लीक हो चुका है। जिसके चलते उनको रद्द करवाना पड़ा। 8 मई को बिहार लोकसेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्‍नपत्र लीक होने से अब फिर एक बाद सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बता दें कि ये परीक्षा 8 मई को आयोजित की गई थी और सभी बच्चे परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र भी पहुंच चुके थे। लेकिन तभी उनका एग्जाम रद्द कर दिया गया और बाद में छात्रों को बताया गया कि एग्जाम पेपर लीक हो चुका है। जानकारी के अनुसार अब इस एग्जाम को 15 जून के बाद करवाया जाएगा। मामले की जांच लगातार की जा रही है और अब एक इस मामले में कई अपराधियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

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मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में एक और बड़ा खुलासा हो सकता है। गोरतलब हैं इस मामले में अब तक भोजपुर जिले में बड़हरा के BDO जयवर्धन गुप्ता, कुंवर सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. योगेंद्र प्रसाद सिंह, प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और अगम कुमार सहाय को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया है।

बढ़ती मंहगाई के बीच SBI का दावा, आरबीआई दोषी नहीं, इस कारण बढ़ रही है महंगाई…

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देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। पिछले कई महीनों से रोजाना इस्तेमाल में आने वाली चीजों के दामों में काफी बढ़ोतरी कर दी गई है। जनता की नजर में बढ़ती मंहगाई का जिम्मेदार भारत सरकार है। लेकिन देश की सबसे बड़ी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का कहना है कि महंगाई की जिम्मेदार सरकार नहीं। एसबीआई का कहना है कि यूक्रेन-रूस के बीच का युद्ध इस बढ़ती मंहगाई का कारण है। इसके साथ ही बैंक का कहना है कि अगर युद्ध नहीं रुका तो महंगाई के भी थामने की कोई संभावना नहीं है।

एक रिपोर्ट जारी कर एसबीआई ने कहा कि “ग्रामीण क्षेत्रों में खाने की वस्तुओं के दाम अधिक हैं और शहरी इलाकों में यह बहुत अधिक हो गए हैं। फरवरी से अब तक बढ़ी कुल महंगाई में खाद्य व पेय पदार्थ, ईंधन, बिजली और ट्रांसपोर्ट ने 52 फीसदी का योगदान दिया है। अगर विशेष रूप से एफएमसीजी क्षेत्र में आ रही इनपुट लागत और पर्सनल केयर संबंधी वस्तुओं को भी महंगाई के फैक्टर में शामिल किया जाए तो कुल महंगाई का 59 फीसदी हिस्सा केवल रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बढ़ा है।”

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बताते चलें कि इस दौरान एक बार फिर रेपो रेट में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। आरबीआई ने असामयिक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट को 40 बेसिस पॉइंट बढ़ा दिया था। बढ़ती मंहगाई से सबसे ज्यादा परेशान आम जनता है। पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ती मंहगाई को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि आम लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है।

14 बार की चैंपियन को हराकर भारत ने रचा इतिहास, पहली बार अपने नाम किया ये बड़ा खिताब…

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खेल की दुनिया में अब धीरे धीरे भारत इतिहास रच रहा है। कभी क्रिकेट में तो कभी किसी अन्य खेल में, इस बार फिर से भारत में इतिहास रच दिया है। इस बार भारत ने बैडमिंटन के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट थॉमस (Thomas Cup) को जीत कर इतिहास के पन्नो पर अपना नाम दर्ज करवाया है। बता दें कि भारत ने लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी और किदांबी श्रीकांत की मदद से इस खिताब को पहली बार अपने नाम किया है। इससे पहले भारत ने ये खिताब कभी अपने नाम नहीं किया था।

इस गेम की खास बात ये रही कि भारत ने फाइनल में प्रतियोगिता के 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को सीधे मुकाबलों में 3-0 से मात देते हुए इस खिताब पर कब्जा किया है। गोरतलब हैं कि पहले मैच में मेंस सिंगल वर्ग में लक्ष्य सेन ने विश्व के नंबर चार खिलाड़ी एंथनी सिनिसुका गिनटिंग को मात दी। जिसके बाद इस जीत को आगे बढ़ाते हुए मेंस डबल वर्ग में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी जोड़ी ने इंडोनेशिया के केविन संजाया और मोहम्मद अहसान की जोड़ी को हराया।

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डबल्स मुकाबले में हुए तीन मैचों में से भारत ने 2 मैच जीते जबकि इंडोनेशिया ने एक, भारत ने मैच को 2-1 से जीत कर ये मुकाबला भी अपने नाम किया। जिसके बाद आखिरी मुकाबले में भारत के किदांबी श्रीकांत का मुकाबला इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी के साथ हुआ। इस मुकाबले में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। लेकिन अंत में ये मुकाबला भी भारत ने जीतकर थॉमस कप का खिताब अपने नाम कर लिया।

सुपर मार्केट के बाद अब अमेरिका के इस चर्च में खुलेआम फायरिंग, एक की मौत, 5 घायल..

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पिछले शनिवार को अमेरिका में ताबड़तोड़ फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद अब एक और मामला सामने आ रहा है, जिसमें एक शख्स ने लॉस एंजिल्स के पास एक चर्च में गोलीबारी कर एक शख्स की जान ले ली है और साथ ही 5 लोगों को घायल भी कर दिया है। ये मामला तब पेश आया जब लोग चर्च में प्राथना कर चुके थे। इस दौरान वहां करीब 30 लोग मौजूद थे। तभी इस शख्स ने फायरिंग शुरू कर दी और चर्च में भगदड़ मच गई। घटना साउथ कैलिफोर्निया के प्रेबिस्टेरियन चर्च की है।

जानकारी के अनुसार फायरिंग करने वाले शख्स को पकड़ लिया गया है और इसके पास से हतियार भी बरामद किया गया है। ऑरेंज काउंटी शेरिफ विभाग ने का कहना है कि “लगुना वुड्स शहर जिनेवा प्रेबिस्टेरियन चर्च में ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनी गई। मामला दोपहर में करीब 1 बजे के आसपास का है। फायरिंग की आवाज सुनकर वहां भगदड़ मच गई और लोग वहां जान बचाने के लिए भागने लगे।” संदिग्ध की उम्र 60 से 70 के बीच बताई जा रही है।

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इस मामले पेश आने के बाद कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम के कार्यालय ने एक ट्वीट कर कहा कि “हम स्थिति पर नजर रखने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रहें हैं। किसी को भी अपने पूजा स्थल पर जाने से डरने की जरूरत नहीं है। हमारी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ हैं।” बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी न्यूयॉर्क के बफेलो में एक शख्स ने खुलेआम एक सुपरमार्केट में फायरिंग कर 10 लोगों की जान ले ली थी।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन कांग्रेस का बड़ा फैसला, असंतुष्ट नेताओं की इस मांग को किया कुबूल…

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राजस्थान के उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर को दो दिन पूरे हो गए हैं और आज इसका तीसरा और आखिरी दिन है। बीते दो दिनों में कई अहम बातें निकल कर सामने आईं हैं। लेकिन फिलहाल हम बात करने वाले हैं लोकसभा चुनाव की तैयारियों की, कांग्रेस पार्टी इस बार चुनाव जीते के लिए हर शर्त मंजूर कर रही है। ये ही वजह है कि पार्टी ने असंतुष्ट नेताओं को मनाने के लिए उनकी एक अहम मांग को कुबूल कर लिया है। इससे बाकी नेताओं को झटका तो लगा है लेकिन पार्टी का मानना है कि ये कारगर साबित होगा।

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने चिंतन शिविर के दूसरे दिन कांग्रेस संसदीय बोर्ड को गठित करने की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसकी मांग पार्टी के असंतुष्ट नेता काफी लंबे समय से कर रहे थे। लेकिन पार्टी ने इसको मंजूरी देने से इंकार कर दिया था। लेकिन अब खुद पार्टी ने ही इसके लिए हामी भर दी है। हालांकि इस फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की मंजूरी की जरूरत होगी, जो पार्टी की शीर्ष निर्णय़कारी संस्था है। इसके साथ ही आपको बता दें कि अभी तक ये डिसाइड नहीं हो सका है कि कांग्रेस संसदीय बोर्ड के लिए चुनाव होगा या इनके सदस्यों का चयन पार्टी खुद करेगी।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये बोर्ड चुनाव समिति की जगह लेगा और लोकसभा-विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन करेगा। इसके साथ ही बता दें कि शिविर में राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग ने भी जोर पकड़ा। पार्टी के कई नेता उनके सपोर्ट में खड़े हुए। लेकिन इस बीच कुछ नेताओं ने इसका विरोध भी किया।