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ऐसा DM, जिसका खुद PM ने रुकवाया ट्रांसफर, आखिर क्यों?

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सीएम योगी ने वाराणसी के DM का ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर पीएम मोदी के दखल के बाद डीएम का ट्रांसफर रोक दिया गया। अब ये रोक चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर रुक गया है। शुक्रवार को कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर प्रयागराज के मंडलायुक्त पद पर कर दिया गया था, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही शासन को अपना ये फैसला वापस लेना पड़ा। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि 24 घंटे के अंदर कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर रोकना पड़ा?

कौशल राज शर्मा का शुक्रवार को शासन ने ट्रांसफर कर दिया था। उन्हें प्रयागराज का नया मंडलायुक्त बनाया गया था। हालांकि, 24 घंटे के अंदर ही सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। पुराना आदेश निरस्त करते हुए कौशल राज शर्मा को वाराणसी के डीएम पद पर बने रहने का नया फरमान जारी किया गया।

शासन के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कौशल के ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा था। पीएमओ की तरफ से शासन को यह भी कहा गया है कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रशासनिक फेरबदल से पहले पीएमओ को सूचित किया जाए।

कहा जाता है कि वाराणसी में अभी भी काफी विकास कार्य बचे हुए हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले नगर निकाय चुनाव भी है। ये दोनों चुनाव भाजपा के लिए चुनौती का विषय है। इनमें अगर गड़बड़ी हुई तो सीधे सवाल पीएम मोदी पर खड़े होंगे। पीएमओ किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है।

कौशल राज शर्मा काम में काफी तेज माने जाते हैं। वाराणसी से पहले वह प्रयागराज, कानपुर जैसे बड़े जिलों में डीएम रह चुके हैं। दो नवंबर 2019 को जब लोकसभा चुनाव में जीतकर भाजपा दोबारा सत्ता में आई थी, तब सरकार ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की कमान कौशल राज शर्मा को दी थी। तब से लेकर आज तक वह इस पद पर बने रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की कई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया।

कौशल राज शर्मा ने कमान संभालते ही केंद्र और राज्य सरकार की तमाम परियोजनाओं में तेजी लाने का काम किया। फिर वह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर हो या वाराणसी की सड़कों के चौड़ीकरण का। कोरोना काल में भी डीएम कौशल राज शर्मा ने काफी मेहनत की।

उनके डीएम बनते ही सीएए-एनआरसी को लेकर वाराणसी में काफी बवाल हुआ था। तब भी उन्होंने बड़े ही व्यवस्थित तरीके से पूरे मामले को संभाला।  डीएम के इन कामों से पीएम मोदी भी काफी प्रभावित हुए। कौशल राज शर्मा को 2020 में फेम इंडिया मैग्जीन की ओर से देशभर के 50 सर्वश्रेष्ठ आईएएस अफसरों की लिस्ट में शामिल किया गया था। 2022 में कौशल राज शर्मा को पीएम एक्सिलेंस अवार्ड भी मिला था। यह अवार्ड खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल को दिया।

बिजली महोत्सव को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, इस खास वजह पर करेंगे रामलाल खेतान से करेंगे चर्चा…

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देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आज इस महोत्सव का अंतिम दिन है और आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके पर डिजीटल मध्यम से 100 से अधिक जिलों के लोगों से जुड़ने वाले हैं। खबर के अनुसार इन जिलों में पटना के साथ नालंदा सुपौल मुजफ्फरपुर और भोजपुर शामिल है। बता दें कि अमृत महोत्सव के ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकीकृत विद्युत विकास योजना (आईपीडीएस) लाभार्थियों से ऑनलाइन संवाद करेंगे। खबर थी कि इस दौरान पीएम मोदी बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामलाल खेतान से वर्चुअल बातचीत करने वाले हैं।

इस दौरान पीएम मोदी, रामलाल खेतान से स्मार्ट मीटर को लेकर चर्चा कर सकते हैं और इसका फीडबैक भी लेंगे। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि “पीएम मोदी बिजली योजनाओं के लाभार्थियों से आईपीडीएस लागू होने के बाद हुए बदलाव पर बातचीत कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस वर्चुअल संबोधन के दौरान पीएम मोदी नेशनल सोलर रूफटॉप पोर्टल का भी शुभारंभ करेंगे और बताएंगे की इससे देश का विकास किस तरह हो सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि वह इस बात के बारे में भी बताएंगे कि पिछले 8 सालों में बिजली के क्षेत्र में कितना विकास हुआ है।

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इसके अलावा अधीक्षण अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि “एक ग्रिड एक नेशन के तहत बिजली सुधार मेें आंदोलनकारी बदलाव हुए हैं।” उन्होंने आगे बताया कि “एक ग्रिड एक नेशन सुविधा लागू होने पर बिजली कटौती और लो वोल्टेज से होने वाली ट्रिपिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। अब सरप्लस बिजली एक ग्रिड से दूसरे को भेजने में सुविधा होगी। कहीं मांग बढ़ने पर दूसरी जगह की अतिरिक्त बिजली भेज दी जाएगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने पीएमओ को पांच नाम भेजे थे जिसे स्वीकृति मिल गई है।”

उत्तराखंड: लोगों की जेब पर लगा ‘करंट’, फिर बढ़ गए रेट

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देहरादून: बिजली के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। एक बार फिर से ऊर्जा निगम ने दामों के बढ़ोतरी कर दी है। ऊर्जा निगम ने तीन महीने के लिए बिजली की दरें औसतन छह पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दी हैं। कोयले के दाम बढ़ने से फ्यूल चार्ज में यह बढ़ोतरी की गई है।

बिजली की बढ़ी हुई दरें जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने के बिल में लागू होंगी। बीपीएल उपभोक्ताओं को दो पैसे, घरेलू को पांच पैसे, व्यवसायिक, सरकारी ऑफिस को सात पैसे, निजी ट्यूबवेल को दो पैसे। उद्योगों को सात पैसे, मिक्स लोड छह पैसे, रेलवे सात पैसे, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन को छह पैसे प्रति यूनिट फ्यूल चार्ज अतिरिक्त रूप से देना होगा।

नई दरों से घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में प्रति महीने दस रुपये से लेकर 20 रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार ने बिजली दरें बढ़ाने की पुष्टि की है।

उत्तराखंड में आफत की बारिश : रामगंगा नदी पर बनी झील, मंडरा रहा बड़ा खतरा

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पिथौरागढ़ : उत्तराखंड में भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। भारी बारिश के कारण की सड़कें बंद हो गयी हैं। इसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिथौरागढ जिले में भी लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण हरड़िया नाले में गट घोरगाड़ी और सुकतोली गांवों की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। मलबा नदी में गिर रहा है, जिसके चलते रामगंगा नदी में झील बन गयी है। रामगंगा नदी पर बनी 30 फुट गहरी और 700 मीटर लंबी झील खतरा बन सकती है।
नदी में मलबा पटने के कारण रामगंगा हरड़िया से नीचे नाचनी फल्याटी और रिगुनिया तक दो मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध के आधे हिस्से तक मलबा भर गया है। हरड़िया वैली ब्रिज मलबे से मात्र 10 फुट ऊपर है। हरड़िया नया बस्ती में थल-मुनस्यारी सड़क वाहनों और राहगीरों के खतरनाक बनी हुई है। पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। दिल्ली-मुनस्यारी रोडवेज बस आगे नहीं जा पा रही है। चालक को बस नाचनी में ही खड़ी करनी पड़ रही है।
दर्जनों गांवों को मुख्यालय से जोड़ने वाले सौन पट्टी क्षेत्र में पुल की दीवार पर आई दरार एक साल बाद भी ठीक नहीं की गई है। पूर्व बीडीसी सदस्य रमेश चंद ने कहा कि बडारी, कांटेबोरा, बोनकोट मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है।  सड़क का मलबा और पानी बहकर केनखोला गांव में पहुंच रहा है जिससे उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और पेयजल योजना दूषित हो रही है। लोनिवि अधिकारियों से मोटर पुल की दरार आने की शिकायत की गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

उत्तराखंड : जानें क्यों बदले गए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, ये है बड़ी वजह

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एक्सक्लूसिव
देहरादून: भाजपा ने मदन कौशिक को हटाकर बद्रीनाथ के पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट को संगठन के मुखिया की कमान सौंपी है। महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे भाजपा की रणनीतिक चाल मानी जा रही है। निकाय चुनाव आने से पहले भाजपा क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को साधने की तैयारी काफी समय से कर रही थी। तय माना जा रहा था कि प्रदेश अध्यक्ष गढ़वाल मंडल से किसी ब्राहमण नेता को ही बनाया जाएगा।

दरअसल, भाजपा हो या कांग्रेस जो भी दल सत्ता में होता है। गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही जातियों का संतुलन हमेशा बनाकर रखा जाता है। उसके पीछे नेताओं का शक्ति संतुलन सबसे बड़ा कारण है। धामी के दूसरी बार सीएम बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा जोरों पर थी। चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर उन्हीं के पार्टी के विधायकों ने उनको हराने का आरोप भी लगाया था। ऐसे में उनको बदले जाने का पार्टी के पास एक और पुख्ता कारण था। हरिद्वार जिले में भाजपा को उम्मीदों के अनुरूप परिणाम भी नहीं मिल पाए थे।

महेंद्र भट्ट अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। वो हिन्दूवादी नेता माने जाते हैं। उनकी पहचान भी इसी रूप में रही है। साथ ही उनको भाजपा संगठन में काम करने का भी अच्छा अनुभव है। भट्ट पार्टी में कई दायित्वों को संभाल चुके हैं। ऐसे में उनको यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब देखना होगा कि महेंद्र भट्ट पार्टी और सरकार के बीच किस तरह से समन्वय बना पाते हैं। कार्यकर्ताओं को साधना भी उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, भाजपा में पर्दे के आगे कुछ विवाद नहीं होते, लेकिन पार्टी के भीतर नेताओं के बीच मतभेज जरूर होते हैं, जिनको दूर करते हुए पार्टी को नई मजबूती प्रदान करना पहली चुनौती होगी।

उनकी पहली परीक्षा निकाय चुनाव के रूप में उनके सामने होगी। आने वाले समय में निकाय चुनाव होने हैं। उसको देखते हुए भाजपा रणनीति भी तैयार कर रही है। यही कारण है कि अब संगठन में बदलाव बड़े स्तर से शुरू कर दिए हैं। आने वाले दिनों में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का राजनीतिक सफर
– 1991 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश सह मंत्री, जिला संयोजक, जिला संगठन मंत्री, विभाग संगठन मंत्री का दायित्व संभाला।
-1997 में भाजपा युवामोर्चा का प्रदेश सह मंत्री रहे।
-1998 से 2000 में उत्तरांचल युवामोर्चा में प्रदेश महामंत्री का दायित्व संभाला।
-2000 से 2002 में राज्य निर्माण के समय उत्तरांचल प्रदेश युवामोर्चा का प्रथम प्रदेश अध्यक्ष रहे।
-2002 से 2005 तक युवामोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य-हिमांचल एवं महाराष्ट्र युवामोर्चा के प्रदेश प्रभारी का दायित्व संभाला।
– 32 साल की उम्र में 2002 से 2007 तक उत्तराखंड की प्रथम निर्वाचन में 39 नंदप्रयाग विधानसभा से सदस्य निर्वाचित हुए और विधानमंडल में मुख्यसचेतक का दायित्व संभाला।
-2007 से 2010 तक प्रदेश भाजपा में विभिन्न दायित्व, प्रदेश मंत्री, गढ़वाल संयोजक व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहे।
-2010 से 2012 तक राज्यमंत्री का दायित्व संभाला। लघु सिंचाई अनुश्रवण समिति में उपाध्यक्ष रहे।
– 2012 से 2014 तक दोबारा उत्तराखंड भाजपा के गढ़वाल प्रभारी रहे।
– 2014 से 2017 तक दोबारा भाजपा मं प्रदेश मंत्री रहे।
– 2016 में कांग्रेस सरकार के खिलाफ परिवर्तन यात्रा के गढ़वाल प्रभारी रहे।
-2017 के विधानसभा चुनाव में बदरीनाथ विधानसभा से सदस्य निर्वाचित हुए।
– रामजन्मभूमि आंदोलन में 15 दिन पौड़ी के कांसखेत में जेल में रहे।
– उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पांच दिन पौड़ी जेल में रहे।

उत्तराखंड : बद्रीनाथ हाईवे बहा, करीब 2000 यात्री फंसे, SDRF ने संभाला मोर्चा

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देहरादून : उत्तराखंड में पिछले कई घंटों से भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पद रहा है। बारिश के कारण की मार्ग बंद हो गए हैं। बद्रीनाथ हाईवे भी लामबगड़ के पास बह गया, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लामबगड़ में भारी बारिश के चलते लामबगड़ नाला और खचड़ा नाला में बदरीनाथ हाइवे  बीते दिन से बंद है। सड़क पर पानी नदी की तरह बह रहा है। दो हजार से अधिक यात्री हाइवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। हाइवे पर चलना खतरे से खली नहीं है। SDRF की टीम ने फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस नाले से सुरक्षित निकाला।

टीम ने 50 लोगों का रेस्क्यू कर नाले से पार कराया। बदरीनाथ हाईवे पर बीती शाम पांच बजे बारिश के दौरान खचड़ानाला व लामबगड़ नाला ऊफान पर आ गया। इससे लामबगड़ में 10 मीटर व खचड़ानाला में पांच मीटर हाईवे का हिस्सा बह गया। इससे हाईवे के दोनों ओर दो हजार से अधिक यात्री फंस गए।  

उत्तराखंड से बड़ी खबर: महेंद्र भट्ट बने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, क्या फिर से मंत्री बनेंगे मदन कौशिक?

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देहरादून: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को बदले जाने की चर्चाएं काफी दिनों से चल रही थी। आखिरकार भाजपा ने उनको बदल दिया है। कौशिक की जगह अब भाजपा के फायरब्रांड नेता महेंद्र भट्ट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मदन कौशिक को फिर से मंत्री बनाया जा सकता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र भट्ट भाजपा उत्तराखंड के नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इसस पहले उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मदन कौशिक के कंधों पर थी। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

भट्ट बद्रीनाथ और नन्दप्रयाग विधानसभा के विधायक भी रह चुके हैं। उत्तराखंड भारतीय युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। विभिन्न प्रदेशों में भाजपा के चुनाव प्रभारी का दायित्व भी रहा है ‌।

लघुशंका करने गया दूल्हा, फिर नहीं लौटा, सच पता चला तो उड़ गए होश

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दूल्हा लघुशंका के बहाने निकाह वाली जगह से बाहर निकला। लेकिन, वापस लौटकर नहीं आया। काफी देर तक वो नहीं आया तो लोग परेशान हो गए। पता करने पर जो सच सामने आया, उसके बारे में जानकर दुल्हन पक्ष के होश उड़ गए। शादी के जश्न में मातम से छा गया। पता चला कि केवल दूल्हा ही नहीं बल्कि उसका पिता भी गायब है। इस घटना के बाद से दूल्हा और दुल्हन का प्रकरण शाहबाद और इस्लामनगर क्षेत्र में चर्चा का विषय है।

निकाह की रस्म पूरी होने के बाद दूल्हा और बराती भोजन करके धीरे-धीरे खिसक लिए। दुल्हन को बिना लिए ही दूल्हा और बराती वापस आ गए। बताया जा रहा है कि दूल्हा लघुशंका जाने के बहाने ससुराल से भाग गया। मामला पंचायत तक जा पहुंचा। तीन दिनों तक मामला दुल्हन को लाने के लिए चलता रहा। लेकिन ,दुल्हन के पिता ने पूरी जिम्मेदारी संभ्रांत लोगों पर छोड़ रखी थी।

शाहबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की बरात जनपद बदायूं के इस्लामनगर 25 जुलाई की रात को गई थी। रात में बैंड बाजे के साथ दूल्हा की बरात चढ़ाई गई। उसके बाद दूल्हा और बरातियों ने भोजन किया। देर रात को दूल्हा का निकाह पढ़ाया गया। ज्ञात रहे कि बरातियों ने भोजन करने के बाद और देर रात होने के कारण सभी बाराती वापस आ गए थे। दूल्हा और दूल्हा का परिवार रहा गया था।

दूल्हा और उसका पिता लघुशंका के बहाने बाहर आ गए। बाहर आकर देर रात लगभग तीन बजे दुल्हन को साथ लिए बिना ही खिसक लिए। काफी देर तक जब दूल्हा और उसके परिजन नजर नहीं आए तो दुल्हन पक्ष के लोगों को चिंता होने लगी। दुल्हन पक्ष के लोगों ने जब दूल्हा पक्ष के लोगों को फोन किया, तो पता लगा कि दूल्हा पक्ष के लोग दुल्हन को बिना लिए ही निकल गए। इसके बाद दुल्हन के यहां पर चल रहे खुशी का माहौल मातम में तब्दील हो गया।

बताया गया कि दहेज में बाइक न होने के कारण दुल्हन को लिए बिना लिए ही दूल्हा आ गया था। जबकि, दूल्हा पक्ष के लोगों ने बताया कि उनके पास कोई जेवरात और रुपये नहीं थे। इसलिए वे वहां से निकले थे। जानकारी करने पर बताया गया कि बरात में जाने के लिए तीन सौ बराती तय किए थे। लेकिन, बरात में मात्र साठ ही बराती पहुंचे थे। इस घटना के बाद से दुल्हन और उसके परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल था।

दुल्हन छोड़ने का मामला पंचायत तक जा पहुंचा। बृहस्पतिवार को मामले को सुलझाने के लिए वहां के संभ्रांत लोग और दूल्हा पक्ष की ओर के संभ्रांत लोग दुल्हन के यहां पहुंचे। पहले तो पंचायत के लोग दुल्हन भेजने के लिए मना कर रहे थे। लेकिन ,दूल्हा पक्ष के संभ्रांत लोग जिद पर अड़ गए। बृहस्पतिवार देर रात तक समझौता चल रहा था।

उत्तराखंड: अग्निवीर बनने का आखिरी मौका, ये है लास्ट डेट

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देहरादून: सेना में भर्ती होना उत्तराखंड के युवाओं का सपना रहता है। हालांकि, अग्निवीर योजना आने के बाद युवाओं ने विरोध भी किया था। लेकिन, जैसे ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई यवुाओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराने शुय कर दिए। अब अग्निवीर बनने का आखिरी मौका है।

सेना भर्ती कार्यालय लैंसडौन की ओर से आगामी 19 से 31 अगस्त तक कोटद्वार के विक्टोरिया क्रास गबर सिंह कैंट में अग्निवीर रैली आयोजित की जाएगी। अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती होने के लिए युवा 30 जुलाई तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सेना की आधिकारिक वेबसाइट https://joinindianarmy.nic.in पर आनलाइन पंजीकरण/आवेदन करने की प्रक्रिया एक जुलाई से शुरू हो गई थी। आनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थी को अपनी सभी जानकारियां सही ढंग से भरनी होंगी। हर जानकारी को अच्छी तरह से पढ़ने के बाद ही अगले स्टेप की ओर बढ़ें।

एक अभ्यर्थी एक ही श्रेणी के लिए आवेदन कर सकता है। एक से अधिक श्रेणी के लिए आवेदन करने पर आवेदन पत्र सिस्टम स्वतरू ही निरस्त कर देगा।अग्निवीर की भर्ती के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु साढ़े 17 साल और अधिकतम आयु 23 साल होनी चाहिए। भर्ती रैली जनरल ड्यूटी, क्लर्क, तकनीकी व ट्रेडमैन के लिए आयोजित की जा रही है।

उत्तराखंड: भारी बारिश के बाद गिरी चट्टान, 50 मीटर सड़क हो गई तबाह, रूट डायवर्ट

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नैनीताल: भारी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। खासकर पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते लोगों के लिए भी कई तरह की मुश्किलें हो रही हैं। नैनीताल-भवाली रोड पर पाइंस के पास भारी भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के कारण सड़क का 50 मीटर हिस्सा पूरी तबाह हो गया है। जिसके चलते यातायात ठप हो गया। वाहनों को दूसरे रूट से डायबर्ट किया गया है।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल और एसएसपी पंकज भट्ट ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि पाइंस स्थित पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटने से यह स्थिति पैदा हुई है।

फिलहाल इस रोड पर चलने वाले वाहन वाया ज्योलीकोट होकर चलेंगे। कहा कि सड़क को बनने में लगभग हफ्ते भर का समय लग सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि जो पहाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है उसी के पास आईटीआई और विद्युत विभाग की आवासीय कॉलोनी भी है। विभागीय अधिकारियों को पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहाड़ में बारिश आफत बनकर बरस रही है। बारिश से जगह-जगह मार्गों में मलबा आने से 193 मार्ग बंद हो गए हैं। खटीमा में निर्माणाधीन मकान के क्षतिग्रस्त होने से मकान में दो लोग दब गए जबकि अल्मोड़ा जिले के छांतरिया रेंज कार्यालय पर चीड़ का पेड़ गिरने से कार्यालय भवन का 50 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।