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असम जाना चाहते थे आमिर खान, CM बिस्वा सरमा बोले :15 अगस्त के बाद आना

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आमिर खान की नई रिलीज फिल्म लाल सिंह चड्ढा लगातार सुर्खियों में है। उनकी फिल्म को हिन्दू विरोधी बताकर लोग बेवजह उनकी फिल्म का विरोध कर रहे हैं। कई हिन्दू संगठनों ने फिल्म को बॉयकॉट करने की मांग की है। देश के कई हिस्सों में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन भी चल रहे हैं। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज कहा कि आमिर खान इस सप्ताह असम का दौरा करना चाहते थे, लेकिन उनसे 15 अगस्त के बाद आने के लिए आग्रह किया  है। सूत्रों के अनुसार, आमिर खान अपनी फिल्म के प्रचार के लिए 14 अगस्त को गुवाहाटी आना चाहते थे। लेकिन, अब उनके 16 अगस्त को गुवाहाटी पहुंचने की संभावना है।

आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हिन्दू संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का पहले दिन प्रदर्शन भी खास छाप छोड़ने में नाकाम रहा। मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि फिल्म का ओपनिंग कलेक्शन 11 करोड़ के करीब रहा है।

शुक्रवार को असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा, “आमिर खान यहां आना चाहते थे और यहां तक ​​कि मुझसे बात भी की थी। लेकिन क्योंकि इस बार स्वतंत्रता दिवस और पूरी तिरंगा पहल और इसके महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया है, इसलिए हम नहीं चाहते थे कि कार्यक्रम प्रभावित हो। इसलिए मैंने उनसे गुवाहाटी आने का प्रोग्राम स्थगित करने का अनुरोध किया है। कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद आओ।

हिमंत बिस्वा ने कहा कि वे अक्सर फोन पर एक-दूसरे से बात करते हैं, इसलिए आमिर जब भी उन्हें आमंत्रित करेंगे, उनसे मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने कहा कि आमिर खान जब भी आएंगे, मुख्यमंत्री सरमा भी के साथ फिल्म देखेंगे। आमिर खान ने हाल ही में मुख्यमंत्री से सार्वजनिक प्रशंसा अर्जित करते हुए राज्य में बाढ़ राहत के लिए दान दिया था।

हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करके बताया था, बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने सीएम राहत कोष में 25 लाख का योगदान देकर हमारे राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया था। उनकी चिंता के लिए मेरा हार्दिक आभार।

उत्तराखंड: आखिर कहां तक जुड़े हैं पेपर लीक मामले के तार, सचिवालय का एक और अधिकारी गिरफ्तार

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देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक मामले में रोजाना नये खुलासे हो रहे हैं। एक के बाद एक नये किरदार सामने आ रहे हैं। सवाल यह है कि पेपर लीक और भर्ती घोटाले के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। इसके असली मगरमच्छ कौन हैं और उन पर कब एक्शन लिया जाएगा।

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ की कार्रवाई जारी है। एसटीएफ की लगातार गिरफ्तारियों से पेपर लीक मामले में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। एक के बाद एक अब तक 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें कोई पूर्व कर्मचारी है, कोई सरकार ओर कोई निजी कंपनी का कर्मचारी है।

एसटीएफ ने मामले में सचिवालय में नियुक्त सूर्य प्रताप निवासी ग्राम निवाड़ मंडी जसपुर जनपद उधम सिंह नगर जो वर्तमान में न्याय विभाग में अपर निजी सचिव के पद पर तैनात था को गिरफ्तार किया है।

सांसद ने PM मोदी पर कसा तंज, केंद्री मंत्री किया लाइक, जानें क्या लिखा था?

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पीएम मोदी पर किए तंज भरे एक ट्वीट को केंद्रीय मंत्री ने लाइक क्या किया। हंगामा मच गया। शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से जुड़ा ट्विटर का रोचक मामला सामने आया है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर ट्वीट के जरिए किए गए तंज को केंद्रीय मंत्री ने लाइक कर दिया। अब शिवसेना की तरफ से इस मामले पर तंज कसा जा रहा है। इससे पहले शिवसेना ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।

priyanka chaturvedi kiren rijiju

ये था मामला
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया, श्कैसे गिरिराज सिंह जी 10 लाख नौकरियों को लेकर तेजस्वी यादव जी का मजाक उड़ा रहे हैं, यह भी गौरतलब है कि कैसे पत्रकार भी बिहार के डिप्टी सीएम से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन कोई भी प्रधानमंत्री से नहीं पूछ रहा। 2014 में किए गए 2 करोड़ नौकरियों का वादा तो छोड़िए, नौकरियां कहां हैं।

अब कथित तौर पर इस ट्वीट को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लाइक कर दिया। इसपर एक पत्रकार ने रिजिजू की प्रतिक्रिया का जिक्र किया और कहा कि शायद वह ट्वीट का अंतिम भाग नहीं पढ़ पाए। उन्होंने लिखा, श्कैसे हुआ कि किरेन रिजिजू ने इस ट्वीट को लाइक कर दिया… मुझे लगता है कि उन्होंने आखिर हिस्सा नहीं पढ़ा।श् इसके जवाब में चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी बात का समर्थन किया है।

बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव 10 लाख नौकरियों का वादा किया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबंधित अधिकारियों से इसे प्राथमिकता बनाने के निर्देश दिए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, श्सरकारी विभागों में बहुत से पद खाली हैं। हम इन्हें भरने से शुरुआत करेंगे…श्

उत्तराखंड : कौन-कौन बनेगा दायित्वधारी, नेता जी कह रहे, इस बार उनकी बारी?

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देहरादून: सरकार बनने के बाद से ही इस बात की चर्चा है कि भाजपा बहुत जल्द अपने वरिष्ठ नेतओं और कुछ विधायकों को दायित्व बांटेगी। लेकिन, अब तक ऐसा नहीं हुआ है। दरअसल, इसको लेकर विधायकों, सीनियर लीडर और कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी है। उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान जिन नेताओं को दायित्व दिए गए थे। त्रिवेंद्र की कुर्सी जाने के साथ उनकी कुर्सियां भी छिन गई थी। लेकिन, दोबारा बंटवारा हुआ ही नहीं।

त्रिवेंद्र सिंह रावत की कुर्सी जाने के बाद से तीन सीएम बन चुके हैं। जिनमें एक तीरथ सिंह रावत और दूसरा कार्यकाल मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी का चल रहा है। ऐसे में अब विधायकों और नेताओं का धैर्य जवाब देने लगा है। वो चाहते हैं कि जल्द दायित्वों का बंटवारा कर दिया जाए।

हाल ही में सीएम धामी के दिल्ली के कई दौरे हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कुछ अहम बैठकों में भी हिस्सा लिया। पार्टी पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों से भी राज्य के मसलों पर चर्चाएं की। इस दौरान कुछ योजनाओं की स्वीकृति भी हुई। माना जा रहा है कि इन्हीं दौरों के दौरान सीएम धामी ने दायित्व बंटवारे को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से बात कर ली होगी।

इस बीच भाजपा ने फायर ब्रांड विवादित बयानों के लिए चर्चित महेंद्र भट्ट को भाजपा ने प्रदेश अध्यख बना दिया। उनको भी अपनी टीम तय करनी है। भाजपा के सामने अब इस बाता की चुनौती है कि किसको संगठन में जगह दी जाए और किए सरकार में शामिल किया जाएगा। बहरहाल, संगठन और सरकार में दायित्वों की सूची तैयार होने के बाद भी भाजपा कोई फैसला लेगी।

यूपी की यमुना नदी में पेश आया हादसा, डूबी 35 लोगों से भरी नाव, इतनों की गई जान…

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उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों पहले सड़क हादसे देखने के मिले थे। लेकिन अब पानी में भी हादसा होने की खबरें तेज़ी से फैल रही है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ये हादसा पेश आया है। जिसमें करीब 35 लोगों की जान जोखिम में पड़ गई थी। हालांकि उनमें से अब तक 18 लोगों को बचा लिया है, लेकिन अब तक 17 लोगों का कोई अता पता नहीं चल पाया है। ये हादसा कल शाम यमुना नदी में हुआ। जब 35 लोगों से भरी एक नाव अचानक से पलट गई। नाव के डूबने से इन सभी लोगों की जान खतरें में पड़ गई।

हादसे ही जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने एक्शन लिया और मौके पर सभी अधिकारी पहुंच गए। सही समय पर पहुंच कर यूपी पुलिस ने गोताखोरों की मदद से 18 लोगों को नदी से बाहर निकाला, जिसमें से 15 लोगों की हालत खराब थी, उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि अभी 17 लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया है। उनको ढूंढने के प्रक्रिया जारी है। पुलिस प्रशासन और गोताखोर लगाता उनकी तलाश में जुट हुए हैं। लेकिन अब तक किसी का कोई पता नहीं चला है।

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रिपोर्ट्स के अनुसार ये सवारियां फतेहपुर से मरका की ओर आ रही थीं। तभी ये हादसा पेश आ गया। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर चिंता जाहिर की है और पुलिस प्रशासन को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द सभी लोगों को बचाया जाए। बचाव कार्य बड़े पैमाने पर करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने जनहानि पर शोक व्यक्त किया है। गोरतलब हैं कि इस बीच 3 लोगों की मौत भी हो गई है।

किराये के मकान में रहने वालों को भी देना होगा GST.? नियमों में हुआ बदलाव…

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कोरोना काल के दौरान और उसके बाद भी भारत सरकार ने कई फैसले लिए। कई ऐसे फैसले लिए जिसके विरोध में देश की पूरी जनता रही। वहीं, कुछ ऐसा फैसले भी लिए जिसको सबने हसी खुशी कुबूल किया। इस बीच भारत सरकार ने एक और फैसला लिया है, अब देखना होगा कि इस पर जनता कोई एक्शन लेती है या इसका समर्थन करती है। मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में भारत सरकार ने जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के नियमों में बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत अब किराये के मकान में रहने वाले लोगों को झटका लग सकता है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब किराये के मकान में रहने वाले लोगों को भी 18 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। ये नियम 18 जुलाई को ही लागू कर दिया गया था। लेकिन इसकी जानकारी बहुत ही कम लोगों को थी। नए नियमों के अनुसार, रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी किराये पर लेकर रहने वाले किरायेदारों को रेंट के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी भी देना होगा।

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एक और जरूरी बात आपको बता दें कि ये हर किसी के लिए लागू नहीं है। जीएसटी केवल उन ही लोगों को देना होगा जो किरायेदार जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हो और जीएसटी रिटर्न भरने वाली कैटेगरी में आता हो। रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को किराये पर लेकर वहां से अपना बिजनेस चलाने वाले किरायेदार को 18 प्रतिशत टैक्स देना होगा। जानकारी के इसके लिए भी एक निर्धारित सीमा रखी गई है। यानि निर्धारित सीमा पार करने के बाद ही जीएसटी लागू होगा। निर्धारित सीमा सालाना टर्नओवर की रखी गई है।

रक्षाबंधन को नहीं मिली अच्छी ओपनिंग, लाल सिंह चड्ढा ने इतने करोड़ कमाए

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अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन पहले दिन करीब 8 करोड़ रुपये कमाए। त्योहार के बावजूद फिल्म दर्शक नहीं खींच सकी। इस साल अक्षय कुमार की रिलीज हुई फिल्मों में रक्षाबंधन को सबसे खराब ओपनिंग मिली है। फिल्म रिलीज के पहले नेगेटिव वजह से चर्चा में रही। सोशल मीडिया पर इसका खूब बॉयकॉट चला। इसके अलावा आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा की रिलीज की वजह से भी कुछ दर्शक बंट गए। हालांकि लाल सिंह चड्ढा भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।

बॉक्सऑफिसइंडिया.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षाबंधन का अर्ली इस्टीमेट 7.5-8 करोड़ के आसपास है। रिपोर्ट में यह भी कहा गा कि फिल्म को दिन बढ़ने के साथ लाल सिंह चड्ढा की अपेक्षा ज्यादा दर्शक मिले लेकिन, यह उन जगहों पर हुआ जहां रक्षाबंधन के दिन छुट्टी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल सिंह चड्ढा ने पहले दिन 10-11 करोड़ रुपये की कमाई की। रक्षा बंधन अक्षय कुमार की साल की तीसरी रिलीज थी। इससे पहले बच्चन पांडे की ओपनिंग 13.25 करोड़ और सम्राट पृथ्वीराज की ओपनिंग 10.7 करोड़ रुपये रही थी। इस लिहाज से रक्षा बंधन अक्षय कुमार की सबसे खराब ओपनर रही।

फिल्म रक्षा बंधन में अक्षय कुमार ने लाला केदारनाथ का रोल निभाया है, जो कि चाट बेचता है। वह कसम खाता है कि जब तक उसकी चार बहनों की शादी नहीं हो जाती वह शादी नहीं करेगा। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ भूमि पेडनेकर भी हैं। फिल्म को मिले-जुले रिव्यूज मिले हैं। पहले दिन मूवी को दर्शक भले ही कम मिले हों लेकिन सोशल मीडिया पर इसके रिव्यूज ठीक हैं। लोगों को फिल्म इमोशनली कनेक्ट कर रही है साथ ही मैसेज की तारीफ भी हो रही है।

आखिर किसकी होगी शिवसेना, 15 दिन बाद होगा तय!

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नई दिल्ली: उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच शिवसेना के चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही लड़ाई में शिवसेना को राहत मिली है। चुनाव आयोग ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे धड़े को पार्टी के चुनाव चिन्ह पर अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज जमा करने के लिए 15 दिन और दिए हैं। शि‍वसेना पार्टी और चुनाव चिन्‍ह पर कब्‍जे के लिए उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट ने चुनाव आयोग ने अपना दावा ठोंका है।

पिछले महीने चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्‍यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी के चुनाव चिन्ह धनुष और तीर पर अपने दावों के समर्थन में 8 अगस्त तक दस्तावेज जमा करने के लिए कहा था।

सूत्रों ने बताया कि उद्धव ठाकरे गुट के अनुरोध के बाद चुनाव आयोग ने अब उसे 23 अगस्त तक दस्तावेज जमा करने को कहा है। उद्धव ठाकरे गुट द्वारा मामले की सुनवाई 4 सप्ताह के लिए स्थगित करने की याचिका पर एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा कि फिलहाल चुनाव आयोग ने केवल दस्तावेज मांगे हैं और सुनवाई बाद में होगी।

उद्धव ठाकरे गुट द्वारा मामले की सुनवाई 4 सप्ताह के लिए स्थगित करने की याचिका पर एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा कि फिलहाल चुनाव आयोग ने केवल दस्तावेज मांगे हैं और सुनवाई बाद में होगी।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दस्तावेज जमा करने को कहा था, जिसमें शिवसेना के विधायिका और संगठनात्मक विंग के समर्थन पत्र और मामले पर उनके लिखित बयान शामिल हैं।

शिवसेना के 39 विधायकों ने इस साल जून में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह किया था, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी। महाविकास अघाड़ी सरकार में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल थी।

शिंदे गुट ने भाजपा से हाथ मिला लिया और बाद में महाराष्ट्र में सरकार बनाई। शिंदे ने 30 जून को भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बाद में शिंदे गुट के 9 विधायकों और भाजपा के 9 विधायकों को मंत्री बनाया गया।

उत्तराखंड : बदल गए आपके थाने के इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज, यहां देखें पूरी लिस्ट

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देहरादून: देहरादून जिले के SSP दलीप सिंह कुंवर ने बड़े स्तर पर दरोगा ओर इंस्पेक्टर के तबादले किए हैं। तबादला लिस्ट में 13 इंस्पेक्टर व 16 दरोगा शामिल हैं।

पटेलनगर, कैंट,नेहरु कॉलोनी, मसूरी, विकासनगर, डोईवाला सहित साथ थानों के इंचार्च बदले गए हैं। इंस्पेक्टर सूर्यभूषण नेगी कोतवाली पटेलनगर के प्रभारी बनाए गए हैं। इसके अलावा पांच चौकी इंचार्ज बदले गए हैं।

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उत्तराखंड : सुबह-सुबह हादसा, बस ने कार को मारी जोरदार टक्कर

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देहरादून: सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून के लच्छीवाला में सुबह करीब साढ़े सात बजे बस और कार में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। वहीं बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। गनीमत यह रही कि, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कुछ लोगों को हल्की चोटे आई हैं।

जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस (वाहन संख्या UK 07 PA 3112) यात्रियों को लेकर देहरादून से पौड़ी जा रही थी। इसी दौरान शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे लच्छीवाला के पास तेज रफ्तार बस ने कार (वाहन संख्या UK 07 X 3418) को पीछे से टक्कर मार दी। जिससे दोनों वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इससे मौके पर लोगों में चीख पुकार मच गई।

हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के समय कार में दो लोग सवार थे, जबकि बस भी यात्रियों से भरी थी। बस सवार लोगों का आरोप है कि, बस चालक ने शराब पी रखी थी और वह तेज रफ्तार से बस चला रहा था। गनीमत यह रही कि, इस हादसे में किसी को गंभीर चोटें नहीं आई। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

लेकिन, लोगों का कहना है कि, पहाड़ जा रही बस चालक के शराब पीने के कारण पहाड़ी मार्ग पर पहुंचने पर किसी बड़े हादसे की भी आशंका बनी थी। वहीं, हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बस चालक का मेडिकल कराने के साथ ही घटना के कारणों की जांच की जा रही है।