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महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री जेल में बेहोश, अस्पताल लाया गया

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मुंबई: जेल में बद महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता अनिल देशमुख जेल में बेहोश हो गए। उनको सरकारी जेजे अस्पताल ले जाया गया। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार के एक कथित मामले में यहां आर्थर रोड जेल में बंद देशमुख को चक्कर आया और वह बेहोश हो गए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता ने सीने में दर्द की शिकायत की। अधिकारी ने कहा कि उनका रक्तचाप बढ़ गया था और ईसीजी रिपोर्ट असामान्य थी, उन्होंने कहा कि देशमुख का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें पहले नवंबर 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।

सीबीआई ने दर्ज किया था मुकदमा
जुलाई, 2022 में सीबीआइ की विशेष अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख व उनके दो पूर्व सहयोगियों की याचिका को खारिज कर दिया था। अनिल देशमुख ने भ्रष्टाचार मामले में जमानत मांगी थी। सीबीआइ ने ही देशमुख के खिलाफ यह मामला रजिस्टर किया था। कोर्ट ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों देशमुख के पूर्व पर्सनल सेक्रेटरी संजीव पलांडे और पूर्व पर्सनल असिस्टेंट कुंदन शिंदे की जमानत वाली याचिका भी खारिज कर दी।

ये है पूरा मामला
मार्च, 2021 में पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने आरोप लगाया था कि राज्य के गृहमंत्री रह चुके एनसीपी नेता देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया था कि हर माह शहर के बार व रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपये की वसूली की जाए। इसके बाद पिछले साल अप्रैल में हाई कोर्ट ने एडवोकेट द्वारा मामले में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए सीबीआइ को मामले में जांच करने का आदेश दिया।

इसके बाद सीबीआइ ने अपनी जांच के तहत देशमुख व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। सीबीआइ की एफआइआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी देशमुख के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया है। ईडी ने देशमुख को नवंबर 2021 में गिरफ्तार कर लिया था और अभी वे न्यायिक हिरासत में हैं।

EXCLUSIVE : विकल्प खुले तो फिर CBI जांच से परहेज क्यों?

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  • प्रदीप रावत (रवांल्टा)

उततराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग (UKSSSC) स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामला केवल उत्तराखंड ही नहीं। बल्कि, देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तक इस मामले में 23 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। नकल माफिया की संपत्ति इतनी है कि लोग उसके बारे में जानकर हैरान रह गए। यह खेल किसी एक का तो नहीं, लेकिन इसका सबसे बड़ा खिलाड़ी BJP से निकाला जा चुका जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ही माना जा रहा है। हालांकि, रामनगर के चंदन मनराल की संपत्ति भी हाकम से कुछ कम नहीं है। मामले में नकल के खेल से करोड़पति बने धनपशुओं का खुलासा होना बाकी है।

स्नातक सतरीय पेपर (VPDO) लीक मामले के अलावा एक और भर्ती सचिवालय रक्षक में भी पेपर लीक का खुलासा हो चुका है। इस मामले में भी कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। पेपर लीक मामला केवल उत्तराखंड से ही नहीं, बल्कि यूपी से भी जुड़ा हुआ है।

BJP के नेता और मंत्री बार-बार कह रहे है कि अगर इस मामले में दूसरे राज्यों का कनेक्शन मिला तो CBI जांच कराई जाएगी। सवाल इस बात पर है कि यूपी का कनेक्शन पहले दिन से ही इस मामले में साफ है। अधीनस्त चयन सेवा आयोग के लिए जो प्रिटिंग प्रैस पेपर छापती थी, वह यूपी की है और उसके कर्मचारी पहले ही मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। फिर सीबीआई जांच से सरकार क्यों कतरा रही है?

बेराजगार संगठन से जुड़े युवा बार-बार सीबीआई जाचं की मांग कर रहे हैं। प्रदेशभर से भी लगातार यही मांग उठ रही है। यूकेडी से लेकर कांग्रेस तक सभी सीबीबाई जांच की मांग कर रहे हैं, फिर सरकार पीछे क्यों हट रही है? क्यों सीएम पुष्कर सिंह धामी बार-बार कह रहे हैं कि सभी विकल्प खुले हैं। अगर विकल्प खुले हैं, तो फिर उस विकल्प को क्यों नहीं चुना जा रहा है, जिसकी लोग डिमांड कर रहे हैं?

सीबीआई जांच से बचने के पीछे क्या कारण हो सकते हें? पहला कारण वह लगता है, जिसको लेकर बेरोजगार युवा बार-बार सवाल कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा में भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों का भी चयन हुआ है, उनको एसटीएफ ने अब तक क्यों नहीं उठाया? क्यों नहीं उनसे पूछताछ की गई? बेरोजगारों का बार-बार यही सवाल है कि बड़ी मछलियों को कौन बचा रहा है? क्यों उनको बचाने का प्रयास किया जा रहा है?

हालांकि, एक बात तो तय है कि देर-सबेर इस मामले में सरकार को सीबीआई जांच का रुख तो करना ही पड़ेगा, जिस तरह से मामला तूल पकड़ रहा है। उससे एक बात तो साफ है कि आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है। अगर आंदोलन खड़ा हुआ तो सरकार को सीबीआई जांच जैसा कदम उठाना पड़ सकता है। सवाल कुछ और भी हैं। दरअसल, अब पेपर लीक मामले में एफआईआर केवल 120 और 420 में दर्ज है। अगर मामले ठंडा पड़ता है, तो सभी आरोपियों को तत्काल जमानत मिल जाएगी। सीएम धामी दो बार कह चुके हैं कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने के निर्देश दे चुके हैं।

एसटीएफ पहले ही यह जानकारी दे चुकी है कि ईडी के साथ सीभी जानकारियां साझा की जा रही हैं। सीएम धामी भी कह चुके हैं कि प्रिवेंशन ऑफ मनि लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करें। लेकिन, अब तक दोनों ही मामलों में कार्रवाई नहीं हुई है। फिर वही सवाल खड़ा होता है कि आखिर इतना सब होने के बाद भी क्यों बड़ा एक्शन नहीं लिया जा रहा है?

सीएम धामी ने यहां तक कहा कि आरोपियों की संपत्ति जफ्त की जाएगी। लेकिन, सवाल यह है कि फिलहाल जो मुकदमा दर्ज है, जो धाराएं लगी हैं, उनके तहत तो यह संभव नजर नहीं आता है। कानून के जानकार भी यही मानते हैं। फिर कैसे एक्शन लिया जाएगा? जानकारों की मानें तो संपत्ति जब्त करने के लिए आरोपियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के तहत मुकदमा इर्ज किया जाना चाहिए।

तमाम दावों, बातों, बयानों और सवालों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सीबीआई जांच से सरकार को परहेज क्यों है? सरकार को किसी बात का डर सता रहा है? क्यों सरकार लोगों की मांग पर अमल नहीं कर रही? जब विकल्प खुले तो फिर उस विकल्प को कब लॉक किया जाएगा?

समुद्र किनारे जा रहे हैं, तो रहें सावधान, आसपास मौजूद हो सकता है ये खतरा

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मुंबई: मुंबई के समुद्री तटों पर एएक बार फिर से खतरा नजर आने लगा है। ये ऐसा खतरा है, जिसको इसके बारे में जानकारी नहीं है, वो इसकी चपेट में आसानी से सकता है। हाल ही में जहरीली ब्ल्यू बाटल जेलिफिश दिखी है। जेलिफिश के संपर्क में आने पर जलन और सांस लेने में समस्या आ सकती है, इसलिए आगामी गणेश महोत्सव के

जेलीफिश के नजर आने के बाद मुंबई महानगरपालिका ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का फैसला लिया है। दरअसल, मुंबई में गणे महोत्सव शुरू होने वाला है। तैयारियां जारों पर हैं। ऐसे में बीएमसी उपायुक्त हर्षद काले ने कहा, विसर्जन स्थल पर चिकित्सा सुविधा के साथ जरूरी दवाएं रखी जाएंगी। अधिकांश गणेश मूर्तियों को गिरगांव, दादर और जुहू समुद्र तट पर विसर्जित किया जाता है। इन जगहों पर हम वालंटियरों को भी तैनात करेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार हर साल बरसात के मौसम में समुद्री किनारों पर प्रजनन के लिए जेलिफिश आती हैं। जूलाजी के प्रोफेसर भूषण भोइर ने कहा कि जहरीली जेलिफिश का स्पर्श हो जाने पर दर्द महसूस होता है। अस्थमा से पीड़ित लोगों को सांस लेने में समस्या आ सकती है। जेलिफिश का जहर फैलने पर गले में सूजन, हृदय रोग और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

मुंबई में जुलाई में हुई भारी बारिश के कारण प्रसिद्ध जुहू बीच पर टारबॉल और जेलीफिश देखी गई थी, जिसके बाद समुद्र तट पर तैनात लाइफगार्ड को नर्देश दिया गया था कि वह समुद्र बीच पर आने वाले पर्यटकों को समुद्र तट से दूर रखें जिससे किसी भी प्रकार के नुकशान से बचा जा सके। मालूम हो कि जेलिफिश का डंक बेहद दर्दनाक होता है।

विशेषज्ञ मामते हैं कि जेलिफिश हर साल बरसात के समय समुद्र तट के किनारे प्रजनन करने के लिए आती हैं। बरसात का समय जेलिफिश के लिए प्रजनन का समय होता है। आगर कोई व्यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसको दर्द का अनुभव होता है। मालूम हो कि पिछले कुछ समय में मुंबई में जेलिफिश के संपर्क में आने से 20 लोग इसके शिकार बने हैं।

आज रिटायर हो जाएंगे चीफ जस्टिस एनवी रमना, ये होंगे अगले मुख्य न्यायाधीश

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नई दिल्ली : मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के कार्यकाल का आज समाप्त हो रहा है। उनके कार्यकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही है। इसके अलावा उनकी विदाई पर भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस मौके पर कई जज और वकील उन्हें शीर्ष अदालत से विदा करते हुए भावुक नजर आए। सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे इस दौरान बेहद भावुक हो गए और आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस एनवी रमना ने अपने काम को पूरी दृढता और इच्छाशक्ति के साथ अंजाम दिया। उन्हें नागरिकों के जज के तौर पर याद किया जाएगा।

चीफ जस्टिस के लास्ट वर्किंग डे पर उनके मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की गई है। उन्होंने सुबह 10:30 बजे नए चीफ जस्टिस बनने वाले यूयू ललित और जस्टिस हिमा कोहली के साथ बेंच शेयर की और एक मामले की सुनवाई की। एनवी रमना को अदालत के कामकाज में बड़े सुधारों के लिए भी याद किया जाएग। उन्होंने अपने एक साल 4 महीने के कार्यकाल में जजों की वैकेंसी को भरने का काम किया। उनके दौर में जिला अदालतों और हाई कोर्ट्स में जजों की संख्या में भी इजाफा किया। उन्होंने जज-टू-पॉपुलेश रेश्यो की बात की और कहा कि इसी तरीके से केस लोड को कम किया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश के अपने कार्यकाल के दौरान एनवी रमना ने 225 न्यायिक अफसरों और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की सिफारिश की। एनवी रमना के कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट में 11 जजों की नियुक्ति की गई, जिनमें महिला जज बीवी नागरत्ना भी शामिल हैं।

कहा जा रहा है कि वह 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश होंगी। एनवी रमना के कार्यकाल में 15 हाई कोर्ट्स के चीफ जस्टिस भी नियुक्त हुए हैं। एनवी रमना को उनकी मुखरता के लिए भी जाना जाएगा। पिछले दिनों उन्होंने मुकदमों की मीडिया रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि कई बार संदर्भ से हटकर खबरें दी जाती हैं। यही नहीं उनके एक बयान की काफी चर्चित हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं नेता बनना चाहता था, लेकिन न्यायिक क्षेत्र में आ गया।

कांग्रेस को बड़ा झटका, 51 साल बाद गुलाम नबी आजाद का पार्टी को अलविदा

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कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। निनियर लीडर गुलाम नबी आजाद ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पार्टी के अहम पद से भी इस्तीफा दिया था। खास बात है कि 2020 में ही उन्होंने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, जिसमें संगठन स्तर पर बड़े बदलाव की मांग की गई थी। उस दौरान कांग्रेस की भीतर ही G-23 समूह चर्चा में आया था, जिसमें आनंद शर्मा, मनीष तिवारी समेत कई नेता शामिल थे।

शुक्रवार को आजाद ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस संबंध में सोनिया को पांच पन्नों का लैटर भी भेजा है। खास बात है कि उन्होंने पत्र में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व पर बड़े सवाल उठाए हैं। इस दौरान उन्होंने खासतौर पर ‘जनवरी 2013’ का जिक्र किया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दौरान वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आए थे।

हाल ही में उन्होंने कैंपेन कमेटी के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के राजनीतिक मामलों की समिति से इस्तीफा दे दिया था। खास बात है कि G-23 समूह के सदस्य आजाद ने पार्टी से लंबे समय से नाराज चल रहे थे। उन्हें राज्यसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी ने नजरअंदाज कर दिया था। बहरहाल, वरिष्ठ नेता की तरफ से उठाए गए इस कदम ने राजनीतिक जानकारों के हैरानी में डाल दिया है।

आज से जौलीग्रांट-टू-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हेली सेवा शुरू, CM धामी ने किया फ्लैग ऑफ

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देहरादून : आज से जौलीग्रांट टू अल्मोड़ा हेली सेवा का शुभारंभ हो गया है। इस नई सेवा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। शुक्रवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हेली सेवा का फ्लैग ऑफ किया। यह हैली सेवा देहरादून से हल्द्वानी, पंतनगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तक चलेगी। 7 सीटर पवन हंस की यह सेवा अभी सप्ताह में एक दिन चलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हैली सेवा को शुरू करवाने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना के तहत राज्य में जो हैली सेवाएं चल रही हैं। ये उत्तराखंड में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इन सेवाओं से लोगों को आवागमन की सुविधा आसान होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राज्य में आवागमन के लिए हर प्रकार की सुविधा मिले। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में एयर कनेक्टिविटी को और विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने पवन हंस को इस सेवा को सप्ताह में तीन दिन करने एवं सीटों की संख्या बढ़ाने को कहा।

दहला देने वाली खबर : एक ही परिवार के 6 लोगों कि मौत, मिला सुसाइड नोट

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हरियाणा : अंबाला में से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत से सनसनी फ़ैल गई। हालांकि, अभी तक मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने जानकारी दी है कि घर से सुसाइड नोट बरामद किया गया है।

इस मामले की जांच जारी है। हाल ही में जम्मू से भी इस तरह की घटना सामने आई थी, जहां एक परिवार के 6 सदस्यों के शव दो अलग-अलग घरों में पाए गए थे। अंबाला डीएसपी जोगिंदर शर्मा ने बताया कि दो बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 सदस्य मृत पाए गए हैं। क्राइम टीम को मौके पर बुलाया जा रहा है। सुसाइड नोट बरामद हुआ है। आगे की जांच जारी है।

घटना अंबाला के बलाना गांव की है। मृतकों की पहचान संगत राम, महिंद्र कौर (पत्नी), सुखविंदर सिंह (बेटा), रीना (सुखविंदर की पत्नी) के तौर पर हुई है। इसके अलावा मरने वालों में नाबालिग बेटियां आशू और जस्सी भी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि सुखविंदर ने खुदकुशी से पहले परिवार को जहर दे दिया था। वह निजी कंपनी के लिए काम करता था। शवों को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेजा गया है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले 2000 ऐप्स को किया गया गूगल प्लेस्टोर से आउट, इस तरह से करते थे…

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कोरोना काल के दौरान देश भर में सभी काम डिजिटल माध्यम से किए जा रहे थे। लगभग सभी काम घर बैठे बैठे ही किए जा रहे थे। ऐसे में कई लोगों ने मजबूर लोगों की मजबूरी का खूब फायदा भी उठाया था। जिसमें कुछ इंस्टेंट लोन देने वाले कुछ एप्स भी थे। इन एप्स ने लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे 200% तक ब्याज दर लेना शुरू कर दिया था। जिसको देखते हुए गूगल ने बड़ी कार्यवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार गूगल ने अपने प्ले स्टोर से 2,000 से अधिक लोन ऐप को हटा दिया है। गूगल का कहना है कि इन एप्स ने नियमों का उल्लंघन किया है।

गूगल का कहना है कि “यह ऐप कंपनियां गूगल के बनाए नियमों और शर्तों का उल्लंघन करती पाई गई हैं। इन ऐप्स ने अपनी कई जानकारियों को छुपाया है और लोगों को गलत जानकारी देकर अपने कर्ज के जाल में फंसाया है।” इस बात की जानकारी गूगल के एशिया प्रशांत क्षेत्र के सीनियर डायरेक्टर और ट्रस्ट और सेफ्टी हेड सैकत मित्रा ने दी है। उनका कहना है कि “कंपनी लगातार उन सभी नियमों का पालन करने की कोशिश कर रही है जिसे सही संचालन के लिए बनाया गया है। गूगल की हमेशा कोशिश रहती है कि वह यूजर सेफ्टी को प्राथमिकता दें और डिजिटल अपराध को होने से रोके।”

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बता दें कि गूगल अपने यूजर्स की सुरक्षा के लिए सरकार से बातचीत करने के पक्ष में हैं। कंपनी जनवरी से लेकर अब तक ऐसे कई ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा चुकी है। कंपनी ने इसको लेकर आगे कहा कि “कई ऐप्स अपनी जानकारी को छुपाते थें और सही डिसक्लोजर नहीं डालते थे। ऐसे में यह गूगल की पॉलिसी का यह साफ उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे में इन लोन देने वाले ऐप्स पर कार्रवाई की गई है।” देश में इस तरह से धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिसको देखते हुए आरबीआई ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करने के सलाह दी है।

विशेष सत्र से पहले ही AAP पर विपक्ष का हमला, विधानसभा में हो सकता है हंगामा…

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भाजपा की नजरें इन दिनों पूरी तरह से दिल्ली पर टिकी हुई हैं। भाजपा अब दिल्ली को भी अपने हाथ में लेना चाहती है। जिसके लिए पार्टी ने ‘ऑपरेशन लोटस’ स्टार्ट किया था। पार्टी ने आप के विधायकों को दल बदली के लिए 20-20 करोड़ की पेशकश की थी। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई ने छापामारी की थी, जिसको लेकर भी भाजपा ने आप के विधायकों को धमकी दी थी। ऐसे में अब जब एक दिवसीय सत्र होने जा रहा है, तो लोगों का मानना है कि इस दौरान बड़ा सियासी युद्ध छिड़ने वाला है।

इस विशेष सत्र में पार्टी द्वारा हंगामा होने की पूरी संभावना है। मिली जानकारी के अनुसार सत्र शुक्रवार 26 अगस्त को करीब 11 भी शुरू होने है। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने इसको लेकर आपत्ति जताई है और साथ ही केजरीवाल सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल ने विधानसभा को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया है। विपक्ष के नेता ने कहा कि “एक दिवसीय सत्र बुलाना लोकतंत्र का मजाक बनाना है।”

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इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सभी मामलों को लेकर भाजपा पर तंज कसा। अरविंद केजरीवाल ने भाजपा द्वारा दल बदली के लिए ऑफर की गई रकम पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “उन्होंने (भाजपा ने) हमारे विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये की पेशकश दी है. उन्होंने दिल्ली सरकार गिराने के लिए 800 करोड़ रुपये रखे हैं।” उन्होंने सवाल किया की भाजपा के पास ये रकम कहां से आई। इसका हिसाब पहले भाजपा से लिया जाए।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: सुबह-सुबह बड़ा हादसा, 9वीं के छात्र की मौत

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देहरादून: उत्तराखंड में हर दिन कोई ना कोई हादसा होता ही रहता है। लगातार हादसों में लोग अपनी जान गंवा देते हैं। आज सुबह भी एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 9वीं के एक छात्र की मौत हो गई

जानकारी के अनुसार बोलेरो और बुलेट के बीच जारदार भिड़ंत हो गई। इस भिड़ंत में बुलेट सवार की मौत हो गई है। हादसा शुक्रवार की सुबह डोईवाला में हुआ। बताया जा रहा है कि बुलेट सवार अभिनव शर्मा पुत्र मनीष कुमार शर्मा निवासी बी-3 स्वास्तिक अपार्टमेंट नेशविला रोड देहरादून उम्र लगभग 17 वर्ष की मौत हो गई है।

बताया गया कि मृतक एसजीआरआर रेस कोर्स में नौवीं कक्षा का छात्र था। हादसे की साफ वजह तो पता नहीं चल पाई है। लेकिन, कहा जा रहा है कि हादसे बड़ी बजह तेज रफ्तार थी, जिस तरह से बुलेट बाइक पूरी तरह बर्बाद हो गई और बुलेरो को भी भारी नुकसान हुआ है। इससे अंदाजा लगाना आसान है कि हादसा काफी तेजी रफ्तार में हुआ है।