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गगूल पर सर्च करते वक्त छोटी सी गीलती पड़ सकती है भारी…

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अगर आपको कुछ भी सर्च करना है या किसी सवाल का सटीक जवाब चाहिए, तो फिर आजकल तो लोग गूगल का ही सहारा लेते हैं। मतलब आप गूगल पर कुछ भी सर्च कीजिए और ये आपको उसका सटीक ही जवाब देता है। लैपटॉप, कंप्यूटर से लेकर आप अपने मोबाइल तक में गूगल की मदद से कुछ भी खोज सकते हैं। इस बात में शायद दो राय न हो कि इंटरनेट सर्फिंग क्षेत्र में गूगल का एकाधिकार है।

गूगल पर आप जब भी कुछ सर्च करते हैं, तो इसको लेकर गूगल के अपने कई नियम और शर्तें हैं। ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप जब भी गूगल का इस्तेमाल करें, तो कुछ बातों का ध्यान रखें क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती आपको जेल की हवा खिलवा सकती है। तो चाहिए जानते हैं उन कामों के बारे में, जो आपको गूगल पर कभी नहीं करने चाहिए।

नंबर 1
अगर आप किसी फिल्म को उसकी रिलीज तारीख से पहले ही ऑनलाइन लीक कर देते हैं, तो आप दिक्कत में पड़ सकते हैं क्योंकि ऐसा करना दंडनीय अपराध है। अगर आप पाइरेसी या लीक फिल्मों को डाउनलोड भी करते हैं, तो भी ये एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारत सरकार सिनेमेटोग्राफी एक्ट 1952 को मंजूरी दे चुकी है। ऐसे में इसके तहत फिल्म को लीक करना एक अपराध है। कानून के अंतर्गत अगर आप सिनेमाघरों में फिल्म की रिकॉर्डिंग करते हैं और उसका कोराबार करते हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको 3 साल की जेल हो सकती है और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

नंबर 2
कभी भूलकर भी गूगल पर बम बनाने से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में सर्च न करें। अगर आप गूगल पर बम बनाने के तरीके के बारे में सर्च करते हैं, तो आप सुरक्षा एजेंसियों की नजरों में आ जाते हैं, जिसे आप दिक्कत में पड़ सकते हैं और आपको जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है।

नंबर 3
गूगल पर कभी भूलकर भी किसी की प्राइवेट तस्वीरें या वीडियो शेयर न करें। अगर आप किसी लड़की या लड़के किसी की भी तस्वीरों और वीडियो को ऑनलाइन इंटरनेट पर लीक करते हैं, तो ये गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर आपको जेल तक हो सकती है। इसलिए ऐसा न करें।

शाहिद कपूर अपनी OTT डेब्यू में बने आर्टिस्ट, बोले- लाइफ का नया फेज

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शाहिद कपूर एक बार फिर धमाकेदार कमबैक करने के लिए तैयार हैं! ‘कबीर सिंह’ एक्टर को आखिरी बार 2022 में आई फिल्म ‘जर्सी’ में देखा गया था. अब वह ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज के साथ ओटीटी डेब्यू करने जा रहे हैं. वहीं फैंस शाहिद की इस वेबसीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इन सबके बीच बता दें कि ‘फर्जी’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है.

बता दें कि शाहिद कपूर की डिजिटल डेब्यू ‘फर्जी’ का पहला टीज़र बुधवार को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो और खुद एक्टर ने सोशल मीडिया पर जॉइंटली जारी किया. ‘द फैमिली मैन’ फेम राज निदिमोरु और कृष्णा डी.के डायरेक्शन में बनी फिल्म में विजय सेतुपति, राशी खन्ना, के के मेनन, रेजिना कैसेंड्रा, जाकिर हुसैन, भुवन अरोड़ा, अमोल पालेकर और कुब्रा सैत भी नजर आएंगे.

टीजर की बात करें तो इसमें शाहिद कैमरे की तरफ देखते हुए पेंटिंग करते हुए नजर आते हैं और कहते हैं कि वे लाइफ का नया फेज, क्या लोगों को पसंद आएगा?  लेकिन आर्टिस्ट तो आर्टिस्ट होता है, है ना?” ये कहकर शाहिद चले जाते हैं  ‘फ़र्जी’ शब्द उसके कैनवास पर दिखाई देता है.

 

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वहीं शाहिद की फिल्म ‘फर्जी’ के टीजर को देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हो गए हैं और जमकर कमेंट कर रहे हैं. फैन लिख रहे हैं, “ फाइनली”. एक फैन ने लिखा है, “ हम और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते हैं.” एक और फैन ने लिखा है, ‘मिस्टर कपूर 2023 आपका साल होगा. अपने ओटीटी डेब्यू के बारे में बात करते हुए, शाहिद ने पहले पीटीआई से कहा था, “ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाने का ऑप्शन इस ट्रेंड को ब्रेक करना था, कुछ अलग करना था और खुद को चुनौती देना था.

मैं लगभग 20 वर्षों से ऐसा कर रहा हूं, मुझे चैलेंज और एक्साइटेड महसूस करने की जरूरत होती है. उन्होंने आगे कहा था, “यह एक लंबा फॉर्म फॉर्मेट है. मैं यह देखने के लिए एक्साइटेड था कि मैं पहले सीज़न में आठ से नौ एपिसोड में एक कैरेक्टर को कैसे ब्लिड कर सकता हूं. हम देखेंगे कि उसके बाद क्या होता है. लेकिन यह एक ऐसे किरदार को निभाने से बहुत अलग है जो दो घंटे का है और काफी हद तक एक स्ट्रेच में है. वे सभी चीजें रोमांचक हैं. मैंने वास्तव में खुद को पूरी तरह एंजॉय किया.

उत्तराखंड : जोशीमठ के अस्तित्व पर मंडराया खतरा, लोगों के सामने बड़ा संकट

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चमोली: भू-धंसाव के कारण पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के जोशीमठ शहर पर खतरा मंडरा रहा है। यहां कई दुकानों और घरों में दरारें पड़ गई हैं। एक रिपोर्ट में 500 घरों को रहने लायक नहीं बताया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जोशीमठ पर कितना बड़ा संकट मंडरा रहा है। यह वही शहर है, जहां आदिगुरु शंकराचार्य ने ज्योतिर्मठ की स्थापना की थी।

जानकारी भले ही जोशीमठ के मंडरा रहे खतरे को लेकर अब जाग रहे हों, लेकिन, कॉमरेड अतुल सती, इंद्रेश मैखुरी और अन्य समाजिक संगठन लंबे समय से इसको लेकर सरकार चेता रहे हैं। लेकिन, उनकी बातों को बार-बार इग्नोर किया जाता रहा। ऐसा क्यों किया गया, सभी जानते हैं। इन लोगों को विकास विरोधी बताया गया। समय गुजरने के साथ उनके दावे और शंकाए सही साबित हो रही हैं।

इस बीच SDC फाउंडेशन ने उत्तराखंड में आने वाली प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं पर अपनी तीसरी रिपोर्ट जारी की है। उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (उदास) की रिपोर्ट के अनुसार, जोशीमठ में 500 घर रहने के लायक नहीं हैं। रिपोर्ट में जोशीमठ में लगातार हो रहे भूधंसाव को लेकर चिंता जताई गई है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना में क्रिकेटर ऋषभ पंत के घायल होने की घटना को भी एक चेतावनी के रूप में देखा गया है।

रिपोर्ट का प्रमुख हिस्सा इस बार जोशीमठ के भूधंसाव को लेकर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर के 500 से ज्यादा घर रहने लायक नहीं हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है, जिसके कारण उन्हें 24 दिसंबर को सड़कों पर उतरना पड़ा। इस दिन शहर की करीब आठ सौ दुकानें विरोध स्वरूप बंद रहीं। जोशीमठ धंसाव के कारणों का भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया है। इसके अलावा राज्य में दिसंबर 2022 में कोई बड़ी आपदा या दुर्घटना नहीं हुई है।

सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटीज (SDC) फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार ‘उदास’ मंथली रिपोर्ट राजनीतिज्ञों, नीति निर्माताओं, अधिकारियों, शोधार्थियों, शैक्षिक संस्थाओं, सिविल सोसायटी आर्गेनाइजेशन और मीडिया के लोगों के लिए सहायक होगी। इसके साथ ही दुर्घटना और आपदाओं से होने वाले नुकसान के न्यूनीकरण के लिए नीतियां बनाते समय भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। उत्तराखंड आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। अपने अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिक यहां भूस्खलन, भूकंप आने की आशंका लगातार जताते रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में विशेष तौर पर आपदा तंत्र को मजबूत करने की सख्त जरूरत है।

जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भू-धंसाव ने अब सभी वार्डों को चपेट में ले लिया है। बुधवार को जोशीमठ से 66 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। अब तक 77 परिवारों को शिफ्ट किया जा चुका है। राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों का एक दल जोशीमठ रवाना होगा।

जोशीमठ जाने वाले विशेषज्ञ दल में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) से डॉ. पीयूष रौतेला, उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) से डॉ. शांतनु सरकार, IIT रुड़की से प्रो. बीके महेश्वरी, GSI से मनोज कास्था, डब्ल्यूआईएचजी से डॉ. स्वपना मित्रा चौधरी और एनआईएच रुड़की से डॉ. गोपाल कृष्णा को शामिल किया गया है। इससे पहले विशेषज्ञों का यह दल 16 से 20 अगस्त 2022 के बीच जोशीमठ को दौरा कर पहली रिपोर्ट सरकार को सौंप चुका है। यह टीम अगले कुछ दिन जोशीमठ में ही रहकर सर्वेक्षण का कार्य करेगी। इस दौरान दीर्घकालिक और तात्कालिक उपायों के संबंध में टीम सरकार को रिपोर्ट देगी।

विशेषज्ञों के अनुसार जोशीमठ में भू-धंसाव का कारण बेतरतीब निर्माण, पानी का रिसाव, ऊपरी मिट्टी का कटाव और मानव जनित कारणों से जल धाराओं के प्राकृतिक प्रवाह में रुकावट है। शहर भूगर्भीय रूप से संवेदनशील है, जो पूर्व-पश्चिम में चलने वाली रिज पर स्थित है। शहर के ठीक नीचे विष्णुप्रयाग के दक्षिण-पश्चिम में, धौलीगंगा और अलकनंदा नदियों का संगम है। नदी से होने वाला कटाव भी इस भू-धंसाव के लिए जिम्मेदार है।

जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव को रोकने के लिए अस्थाई सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि इन कार्यों को करने के लिए सिंचाई विभाग के प्रस्ताव पर छह फर्मों ने रुचि दिखाई थी। इनमें से चार फार्मों का चयन किया गया है। अब इन फर्मों के तकनीकी प्रस्तावों पर 20 जनवरी को निर्णय लेते हुए फर्म का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही असुरक्षित हो चुके भवनों में रह रहे लोगों को दूसरे स्थानों पर बसाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

सीएम पुष्कर सिंह धाम ने कहा कि भू-धंसाव के मामले की हम लगातार समीक्षा कर रहे हैं। दो दिन पहले ही इस संबंध में मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट ली है। वहां जो भी जरूरत होगी, उसके अनुसार काम किया जाएगा। बृहस्पतिवार को विशेषज्ञों का एक दल वहां भेजा जा रहा है। मैं खुद वहां जाकर स्थिति की समीक्षा करूंगा।
जोशीमठ धंसाव का आकलन करने जाएगा भाजपा का 14 सदस्यीय दल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जोशीमठ भूस्खलन के जोशीमठ भूस्खलन के आकलन को लेकर एक 14 सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी को समिति का संयोजक बनाया गया है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष निर्देश पर समिति छह जनवरी को स्थलीय भ्रमण कर स्थानीय निवासियों, व्यापारियों तथा जन प्रतिनिधियों से वार्ता करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।

समिति में ये सदस्य शामिल
प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी के संयोजन में प्रदेश उपाध्यक्ष बलवंत सिंह भौर्याल, कर्णप्रायग के विधायक अनिल नौटियाल, धराली के विधायक भोपाल राम टम्टा, चमोली के जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, पूर्व पंचायत अध्यक्ष विनोद कपरवाण, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य माधव सेमवास, उपाध्यक्ष बीकेटीसी किशोर पंवार, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण मणि थपलियाल, पूर्व जिला उपाध्यक्ष भगवती नंबूरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश भंडारी, पूर्व उपाध्यक्ष एसटी प्रकोष्ठ गौर सिंह कुंवर समिति में शामिल हैं।

मौसम की मार, इन राज्यों में कोहरे से विजिबिलिटी हुई कम, आगे ऐसा रहेगा हाल

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मौसम नए साल के पहले हफ्ते में ही अपना कोल्डवार दिखाता नजर आ रहां है। उत्त्ताराखंड समेत देश के ज्यादातर राज्यों में शीतलहर नजर आ रही है। उत्तर भारत में शीतलहर के साथ कोहरे का सितम जारी है, जिसके आगे भी जारी रहने के आसार हैं। राजधानी दिल्ली में कोहरा फिलहाल कम है, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट आ रही है।

दिल्ली में 2.8 डिग्री तापमान

दिल्ली में मौसम नए साल के आते ही बदलता दिखा, यहां तेजी से तापमान में गिरावट देखी गई। वहीं, शीतलहर और हल्का कोहरा भी राजधानी में छाया है। IMD के अनुासर कोहरे के कारण दिल्ली के पालम में आज विजिबिलिटी 25 मीटर आंकी गई। तापमान की बात करें तो दिल्ली के लोधी रोड पर आज सुबह इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री और अधिकतम 17 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश में शीतलहर का कहर

उत्तर प्रदेश में राजधानी दिल्ली से भी ज्यादा ठंड का कहर मचा है। यहां न्यूनतम तापमान तो 7 डिग्री है, लेकिन अधिकतम तापमान 12 डिग्री आंका गया जिसके चलते ठंड ज्यादा मeather report uttarakhand हसूस होने लगी है। लोग भी अब बाहर निकलने से बचते दिख रहे हैं, जरूरत पड़ने पर ही लोग घरों से बाहर आ रहे हैं। राज्य में कोहरा भी काफी ज्यादा है, आगरा में तो विजिबिलिटी शून्य तक आ गई है।

प्रमुख राज्यों का तापमान -विजिबिलिटी (मीटर में)

  • जम्मू और कश्मीर में न्यूनतम तापमान -7 रहा, वहीं विजिबिलिटी जम्मू में 25 रही।
  • मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में तापमान 5 डिग्री तो राज्य के भटिंडा शहर में विजिबिलिटी 0 रही, वहीं अमृतसर और पटियाला में यह 25-25 रही।
  • हरियाणा में तो 9 चंडीगढ़ में आज तापमान 6 डिग्री रहा, वहीं विजिबिलिटी 25 रही।
  • उत्तराखंड में तापमान 1 डिग्री रहा वहीं देहरादून में विजिबिलिटी 200 रही।
  • उत्तर पश्चिमी राजस्थान में कोहरा कुछ हद तक कम हुआ है। गंगानगर और चुरू में 25-25 विजिबिलिटी रही है।
  • बिहार के पटना में तापमान 9 डिग्री तो विजिबिलिटी 25 रही।
  • पश्चिम बंगाल में तापमान 13 डिग्री तो वहीं के सिलीगुड़ी में विजिबिलिटी 100 रही।
  • मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान 7 तो ग्वालियर में विजिबिलिटी 25 रही।

यहां विजिबिलिटी जीरो

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में भी शीतलहर के कारण ठंड अपना सितम ढा रही है, लोग घरों से बाहर निकलते ही घबराते नजर आ रहे हैं। वहीं धूप कम निकलने के कारण भी ठंड बढ़ी है।

शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी

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दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है और फिलहाल इससे राहत मिलती नहीं दिख रही है। आज तापमान और गिरने की आशंका। कोहरे का भी असर बना हुआ है। आज सवेरे दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

साथ ही उसने जानकारी दी है कि सभी उड़ानों का संचालन इस समय सामान्य है फिर भी यात्रियों को संबंधित एयरलाइंस से संपर्क कर लेना चाहिए। इसके अलावा कोहरे के कारण उत्तर रेलवे की 12 ट्रेन देरी से चल रही हैं और दो को दोबारा शेड्यूल किया गया है।

उत्तर पश्चिमी दिशाओं से चल रही बर्फीली हवाओं के वजह से बुधवार को दिल्ली का पारा नैनीताल, देहरादून, जम्मू, कटरा, अमृतसर से भी नीचे चला गया था। बुधवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।

वहीं दस साल बाद चार जनवरी को न्यूनतम तापमान सबसे कम दर्ज हुआ है। इससे पहले 4 जनवरी 2013 को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार को दिन भर चली ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन महसूस हुई। दिन में हल्की धूप जरूर खिली, लेकिन ज्यादा राहत नहीं मिली।

 

निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले में यूपी सरकार को राहत

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नई दिल्ली : यूपी में स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण वाले मामले पर राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के एक हिस्से पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 31 जनवरी से पहले निकाय चुनाव कराए जाएं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगले आदेश तक इस फैसले पर रोक जारी रहेगी. इस दौरान यूपी सरकार ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग 31 मार्च तक रिपोर्ट दे देगा. जिन निकायों के कार्यकाल खत्म हो रहा है, वहां चुने हुए निकाय की बजाय 3 सदस्यों की प्रशासनिक कमिटी काम कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका पर सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. तीन हफ्ते बाद मामले की अगली सुनवाई होगी.

पेरिस जा रहे विमान की IGI एयरपोर्ट पर हुई इमरजेंसी लैंडिंग, 218 यात्री थे सवार

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नई दिल्ली: एयर इंडिया की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। ये फ्लाइट दिल्ली से पेरिस जा रही थी। एयर इंडिया की फ्लाइट AI143 में खराबी (Flap Issues) जानकारी मिलने के बाद वापस बुलाया गया था। लगभग 231 यात्रियों को लेकर विमान की सेफ लैंडिंग दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई।

विमान और यात्री सुरक्षित
CISF के सूत्रों के मुताबिक सभी विमान और यात्री सुरक्षित हैं। इमरजेंसी लैंडिग को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर पूरे इंतजाम किए गए थे। दिल्ली के अस्पताल ओर फायर विभाग को भी अलर्ट किया गया था।

इस बीच यहां ये भी बता दें कि रायपुर में खराब दृश्यता के कारण इंडिगो की उड़ान आईजीओ 6687 अहमदाबाद-रायपुर को दोपहर 12.37 बजे भुवनेश्वर की ओर मोड़ दिया गया। फ्लाइट एआईसी 651 मुंबई-रायपुर को सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर खराब दृश्यता के कारण नागपुर की ओर डायवर्ट किया गया था।

क्या कांग्रेस में शामिल होंगे वरुण गांधी? चर्चाएं तेज!

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उत्तर प्रदेश में खुद के लिए जमीन तलाश रही कांग्रेस को बड़ा सहारा मिल सकता है.पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. इस बात की चर्चा से ही यूपी में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. वरुण गांधी पहले ही अपने एक भाषण के दौरान खुलकर ना सही, लेकिन राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा का समर्थन कर चुके हैं. लेकिन अब इसमें नया मोड़ आ गया है.

दरअसल, सूत्रों का दावा है कि वरुण गांधी से उनकी चचेरी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से बातचीत होती है. हालांकि पहले ये बातचीत परिवार तौर पर होती थी. लेकिन अब इसमें सियासी मोड़ आ गया है. राजनीतिक पंडितों का दावा है कि वरुण गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने का प्रयास करेंगे. इसके लिए वह बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आ सकते हैं. इस वजह से उन्हें कांग्रेस में लाने का प्रयास बहन प्रियंका गांधी के जिम्मे छोड़ा गया है.

हालांकि ये पूरी चर्चा राहुल गांधी के बयान से तेज हुई है. जब उनसे वरुण गांधी के कांग्रेस में आने पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, ष्वरुण गांधी के पार्टी में शामिल होने या नहीं होने का सवाल खरगे जी से करिये. वैसे तो भारत जोड़ो यात्रा में उनका या सबका स्वागत है, लेकिन वो बीजेपी में हैं, उनको दिक्कत हो जाएगी. स्वागत तो सबका है. लेकिन वो बीजेपी में हैं तो प्रॉब्लम तो होगी ही उनको.

वहीं इससे पहले बीते दिनों वरुण गांधी ने इसका ही एक संकेत देते हुए कहा था, ष्इस देश को जोड़ने की राजनीतिक होनी चाहिए, तोड़ने की नहीं. भाई को भाई से टकराने की राजनीति नहीं होनी चाहिए. लोगों को हिंदू मुसलमान की राजनीति नहीं चाहिए. बेरोजगारी पर बात होनी चाहिए. भूखमरी पर बात होनी चाहिए. इसके अलावा बेरोजगारी पर बात होनी चाहिए. ये तमाम बाते उस वक्त कही हैं जब राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए थे.

दिल्ली के गंगाराम में भर्ती हुई सोनिया गांधी, ये है वजह

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नई दिल्ली : पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सर गंगाराम अस्पताल में एडमिट किया गया है। जानकारी के अनुसार रूटीन चेकअप के लिए सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती हुई हैं। इससे पहले सोनिया को तबीयत बिगड़ने के बाद 12 जून को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

2 जून को सोनिया गांधी कोरोना संक्रमित हुई थीं। सोनिया गांधी को आखिरी बार 28 दिसंबर को कांग्रेस स्थापना दिवस पर सार्वजनिक रूप से देखा गया था। उन्होंने 24 दिसंबर को दिल्ली में भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया था।

उत्तराखंड : बढ़ गई बेरोजगारी दर, आंकड़े बता रहे सच्चाई

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देहरादून: सरकार भले ही बेरोजगारी कम होने के दावे करे, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि बेरोजगारी फिर से बढ़ गई है। उत्तराखंड में नवंबर की अपेक्षा दिसंबर माह में बेरोजगारी दर में तीन फीसदी का इजाफा हुआ है। राज्य में बेरोजगारी दर नवंबर में 1.2 फीसदी थी, जो दिसंबर में बढ़कर 4.2 फीसदी पहुंच गई।

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के हाल ही में जारी बेरोजगारी दर के आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। माना जा रहा है कि सर्दियों में चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में आई गिरावट की वजह से बेरोजगारी दर बढ़ी है।

आंकड़ों के मुताबिक, सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में उत्तराखंड देश में नौंवे स्थान पर है। हालांकि राज्य की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय बेरोजगारी दर (8.3 फीसदी) से काफी कम है। सबसे कम बेरोजगारी दर उड़ीसा की (0.9 प्रतिशत) और सबसे अधिक हरियाणा की (37.4 फीसदी) आंकी गई है।

 

जून में सबसे ज्यादा

CMIE के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में वर्ष 2022 के दौरान सबसे कम बेरोजगारी दर सितंबर में 0.5 प्रतिशत रही। जबकि सबसे अधिक जून में 8.7 प्रतिशत आंकी गई।

 

उत्तराखंड से कम बेरोजगारी दर

उड़ीसा (0.9 प्रतिशत), गुजरात (2.3 प्रतिशत), कर्नाटक (2.5 प्रतिशत), मेघालय (2.7 प्रतिशत), महाराष्ट्र (3.1 प्रतिशत), मध्यप्रदेश (3.2 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.1 प्रतिशत), तेलंगाना (4.1 प्रतिशत)

 

पिछले चार माह में बेरोजगारी दर

 

वर्ष   सितंबर    अक्तूबर    नवंबर     दिसंबर

2022  0.15     3.3        1.2       4.2