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Miss Universe : USA की गेब्रियल ने जीता मिस यूनिवर्स 2022 का ताज

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मिस यूनिवर्स 2022 में भारत का सपना टूट गया है। इस प्रतियोगिता को अमेरिका की आर बोनी गैब्रिएल ने अपने नाम किया है। उन्हें भारत की पूर्व विश्व सुंदरी हरनाज संधू ने अपना ताज पहनाया है। वेनेजुएला की अमांडा डुडामेल पहली रनर अप घोषित की गईं। डोमिनिकन रिपब्लिक की ऐंडरिना मार्टिनेज दूसरी रनर अप बनीं। भारत की दिविता राय सिर्फ सेमीफाइनल तक ही पहुंच पाईं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गेब्रियल को हाई स्कूल में फैब्रिक्स और टेक्सटाइल्स के साथ डिजाइन बनाने का शौक हो गया। उन्होंने उत्तरी टेक्सास विश्वविद्यालय में 2018 में फाइबर में एक माइनर के साथ फैशन डिजाइन में स्नातक की डिग्री हासिल की और फिलहाल को अपनी खुद के कपड़ों के ब्रांड, R’Bonney Nola की सीईओ हैं।

 

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भारत की दिविता राय का सफर ईवनिंग गाउन राउंड के बाद ही खत्म हो गया था और वह टॉप-5 में अपनी जगह नहीं बना पाईं। इसके साथ ही लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम का करने का भारत का भी सपना टूट गया। इस 71 वें मिस यूनिवर्स पेजेंट का आयोजन अमेरिका के लुइसियाना स्टेट के न्यू ऑर्लेअंस शहर में हुआ।

मिस यूनिवर्स 2022 के इस एडिशन में भूटान की शुरुआत और अंगोला, बेलीज, इंडोनेशिया, किर्गिस्तान, लेबनान, मलेशिया, म्यांमार, सेंट लूसिया, सेशेल्स, स्विट्जरलैंड, त्रिनिदाद और टोबैगो और उरुग्वे जैसे देशों की वापसी जैसी कई चीजें पहली बार देखी गईं।

ब्रेकिंग : काठमांडू से पोखरा जा रहा विमान क्रैश, प्लेन में सवार थे 68 यात्री

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नेपाल में एक विमान हादसे का शिकार हुआ है. नेपाली मीडिया के हवाले से पता चला है कि काठमांडू से पोखरा जा रहा यति एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. विमान में 68 यात्री सवार थे. नेपाल के पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रनवे पर 72 सीटों वाला यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। बचाव कार्य जारी है।

फिलहाल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। विवरण की प्रतीक्षा है। हादसे की जानकारी देते हुए येती एयरलाइंस के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने बताया कि पुराने हवाई अड्डे और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान में कुल 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो में दुर्घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। विवरण की प्रतीक्षा है। हेलीकॉप्टर से दुर्घटनास्थल पर एक बचाव दल तैनात किया गया है।

जोशीमठ में कम नहीं हो रहा संकट, 2 और होटल तिरछे, कई मकानों में दरारें

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जोशीमठ: जोशीमठ में संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खतरा लगातार और बढ़ रहा है। भू-धंसाव की चपेट में अब और मकान और होटल भी आ रहे हैं। होटल मलारी इन और माउंट व्यू की तरह ही रोपवे तक जाने वाले रास्ते में स्नो क्रेस्ट और कॉमेट होटल भी भू-धंसाव से तिरछे होने लगे हैं। दोनों होटल मालिकों ने अपने होटलों को खाली करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं नगर पालिका क्षेत्र में 22 और मकानों में दरारें आने से लोगों पर संकट बढ़ गया है। अब तक 782 मकानों में दरारें आ चुकी हैं।

कॉमेट होटल के मालिक देवेश कुंवर का कहना है कि होटल आपस में चिपकने लगे हैं। सुरक्षा को देखते हुए पहले ही होटल के सामान को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया है। कहा कि इसकी जानकारी प्रशासन को भी दे दी गई है।

स्नो क्रेस्ट होटल की मालिक पूजा प्रजापति का कहना है कि वर्ष 2007 से होटल का संचालन किया जा रहा है। गत वर्ष से अभी तक होटल सुधारीकरण का काम किया जा रहा है, इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आया। अब होटल भू-धंसाव से तिरछा होने लगा है, जिससे सामान शिफ्ट करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजित सिन्हा ने बताया कि अभी तक 782 भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें दरारें आई हैं। 22 भवन शनिवार को चिन्हित किए गए। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहरबाग में पांच, सुनील में सात वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं।

14 साल के लड़के को भगा ले गई 22 साल की लडकी, FIR दर्ज

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गाजियाबाद : पुलिस को सूचने मिली कि खोड़ा थाना क्षेत्र से 14 साल का लड़का लापता हो गया है। उसके पिता ने 22 साल की युवती पर उसे बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया है। युवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

खोड़ा थाना क्षेत्र से बुधवार की शाम 14 साल का किशोर लापता हो गया। उसके पिता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाली 22 साल की युवती बेटे से प्यार करती है। वह उससे शादी करना चाहती है। उससे जबरदस्ती रिश्ता बनाना चाहती है। वही बेटे को बहला-फुसलाकर भगा ले गई है। इसके पहले भी दो बार वह बेटे को भगाकर ले गई थी। अब तीसरी बार बेटे को लेकर गई है।

उन्होंने युवती के माता-पिता से इसकी शिकायत की है तो उन्हें मारने की धमकी मिली है। इससे वह बहुत परेशान हैं। उन्होंने इसकी खोड़ा थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने शुक्रवार को युवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
किशोर के पिता के अनुसार, उनकी व युवती की जाति अलग-अलग है। उनका बेटा भी युवती से आठ साल छोटा और नाबालिग है। वह उसकी शादी युवती से कैसे करा दें। उन्होंने कहा कि बेटी के उम्र संबंधित दस्तावेज पैन कार्ड, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र पुलिस को दिए हैं।

मनीष सिसोदिया के दफ्तर में CBI की छापेमारी, ट्वीट कर दी जानकारी

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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के दिल्ली सचिवालय में स्थित ऑफिस पर सीबीआई ने छापा मारा है. इसी बीच उन्होंने दावा किया कि सीबीआई को पहले भी कुछ नहीं मिला था और अब भी कुछ नहीं मिलेगा.

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर दावा किया, ”आज फिर CBI मेरे दफ़्तर पहुंची है. उनका स्वागत है. इन्होंने मेरे घर पर रेड कराई, दफ़्तर में छापा मारा, लॉकर तलाशे, मेरे गांव तक में छानबीन करा ली. मेरे ख़िलाफ़ न कुछ मिला हैं न मिलेगा क्योंकि मैंने कुछ ग़लत किया ही नहीं है.

 ईमानदारी से दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया है. वहीं, सीबीआई सूत्रों ने कहा कि हमने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के ऑफिस पर कोई छापेमारी नहीं की है.  फिलहाल सीबीआई की तरफ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं आई है.

नितिन गडकरी को मिली जान से मारने की धमकी, दफ्तर में दो बार आया फोन

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी दी गई है. नागपुर में गडकरी के दफ्तर में दो बार फोन कर ये धमकी दी गई है जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है. पुलिस के मुताबिक धमकी वाले फोन आज सुबह साढ़े ग्यारह से साढ़े 12 बजे के बीच आए.

मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार 14 जनवरी को 11:30 से 12:30 के बीच  दो  बार गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय में धमकी के कॉल आए, जिसमें हमें फिरौती दो नहीं तो केंद्रीय मंत्री गडकरी को जान से मार देंगे ऐसी धमकी दी गई. साथ ही साथ दाऊद का नाम भी लिया गया.

तीन बार धमकी की कॉल आने के बाद गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. इस समय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गडकरी के कार्यालय में पहुंचे हैं और जांच जारी है. अधिकारियों ने बताया धमकी मिलने के बाद गडकरी के ऑफिस और आवास के आस-पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

मामले में अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक नितिन गडकरी को धमकी वाली कॉल कर्नाटक के हुबली से की गई थी. कॉल का नंबर और तस्वीर पुलिस के साथ शेयर किया गया है.नितिन गडकरी की गिनती मोदी सरकार के उन मंत्रियों में होती है जो बढ़िया काम करते हैं और रिजल्ट भी देते हैं.

साथ ही नितिन गडकरी सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहते हैं. ट्विटर और फेसबुक के साथ उनका अपना यूट्यूब चैनल भी है. उन्होंने खुद बताया था कि किस तरह उन्होंने सोशल मीडया से कमाई शुरू कर दी है. गडकरी को धमकी मिलने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है और जांच शुरू कर दी है.

उत्तराखंड: बाहर से आया बाबा बोला: पांच सौ रुपये और शराब की बोतल में बिक गए जोशीमठ वाले!

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चमोली: जोशीमठ में बाहर से आए एक बाबा के बयानों से विवाद छिड़ गया है। गोविंदानंद नाम के इस कथित बाबा के खिलाफ लोगों को पुलिस को तहरीर दी है। लोगों का आरोप है कि बाबा ने ज्योतिर्मठ के लोगों का अपमान करते हुए कहा कि जोशीमठ के लोग 500 और एक बोतल में बिक गए हैं।

इससे लोगों में भारी आक्रोश है। हमारे पहाड की अस्मिता के साथ यहां के लोगों के स्वाभिमान पर पर ये बडा प्रहार है। हम इसे कभी माफ नहीं कर सकते। पुलिस से गोविंदानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उससे पहले लोगों ने बाबा का घेराव भी किया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया था कि उनको बाहर से जानबूझकर वहां भेजा गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि सीएम धामी जब दूसरी बार जोशमठ में नरसिंग मंदिर में पूजा कर रहे थे। उस वक्त संत वहां भी सीएम धामी के साथ मौजूद थे।

संक्रांति यानी सम्यक क्रांति, सकारात्मक बदलाव के लिए संकल्पित होने का दिन

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  • अरुण तिवारी, दिल्ली 

संक्रान्ति यानी सम्यक क्रान्ति– इस नामकरण के नाते तो मकर संक्रान्ति सम्यक क्रांति का दिन है, एक तरह से सकारात्मक बदलाव के लिए संकल्पित होने का दिन। ज्योतिष व नक्षत्र विज्ञान के गणित के मुताबिक कहेें, तो मकर संक्रान्ति ही वह दिन है, जब सूर्य उत्तरायण होना शुरु करता है और एक महीने, मकर राशि में रहता है; तत्पश्चात् सूर्य, अगले पांच माह कुंभ, मीन, मेष, वृष और मिथुन राशि में रहता है। इसी कारण, मकर संक्रान्ति पर्व का एक नाम ’उत्तरायणी’ भी है। दक्षिण में इसे पोंगल के रूप में मनाया जाता है। पहले दिन-भोगी पोंगल, दूसरे दिन-सूर्य पोंगल, तीसरे दिन-मट्टू पोंगल और चैथे तथा आखिरी दिन-कन्या पोंगल। मट्टू पोंगल को केनू पोंगल भी कहते हैं। भोगी पोंगल पर साफ-सफाई कर कूङे का दहन, सूर्य पोंगल को लक्ष्मी पूजा व सूर्य को नैवैद्य अर्पण, मट्टू पोंगल को पशुधन पूजा, कन्या पोंगल को बेटी और दामाद का विशेष स्वागत-सत्कार। 13 जनवरी का दिन पंजाब-हरियाणा के कथानक पर आधारित लोहङी पर्व के लिए तय है ही।

एक दिन का हेरफेर हो जाये, तो अलग बात है, अन्यथा मकर संक्रान्ति का यह शुभ दिन, हर वर्ष अंग्रेजी कैलेण्डर के हिसाब से 14 जनवरी को आता है। इसका कारण यह है कि मकर संक्रान्ति एक ऐसा त्योहार है, जिसकी तिथि का निर्धारण सूर्य की गति के अनुसार होता है, जबकि भारतीय पंचाग की अन्य समस्त तिथियां, चन्द्रमा की गति के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। स्पष्ट है कि मकर संक्रान्ति, सूर्य पर्व है।

दिशा-दशा बदलाव सूचक पर्व

इससे पूर्व 16 जुलाई को सूर्य, कर्क राशि में प्रवेश करने के बाद करीब छह माह के दौरान सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और धनु राशि में रहता है। छह माह की यह अवस्था, सूर्य की दक्षिणायण अवस्था कहलाती है। दक्षिणायण अवस्था में सूर्य का तेज कम और चन्द्र का प्रभाव अधिक रहता है। दक्षिणायण में दिन छोटे होने लगते हैं और रातंे लंबी। यह अवस्था, वनस्पतियों की उत्पत्ति में सहायक मानी गई है। उत्तरायण होते ही, सूर्य का तेज बढ़ने लगता है। दिन, लंबे होने लगते हैं और रातें, छोटी। इस तरह मकर संक्रान्ति एक तरह से सूर्य की दिशा और मौसम की दशा बदलने का सूचक पर्व भी है। शिशिर ऋतु की विदाई और बसंत के आगमन का प्रतीक पर्व!
इससे पूर्व 14 दिसंबर से 13 जनवरी तक का समय एक ऐसे महीने के तौर पर माना गया है, जिसमें शुभ कार्य न किए जायें; एक तरह से शादी-ब्याह के उत्सवों के बाद संयम की अवधि। इस अवधि को ‘खरमास’ भी कहा गया है।

पौष-माघ की बादरी और कुवारा घाम, ये दोनो जो सह सके, सिद्ध करे सब काम”

हम सभी जानते हैं कि पौष के महीने में माघ की तुलना में ज्यादा कठिन बदली होती है। श्रावण-भादों की तरह इस अवधि में भी सूर्य से पूर्ण संपर्क नहीं होता। जठराग्नि मंद पङ जाती है। भोजन में संयंम जरूरी हो जाता है। संभवतः इसलिए भी उक्त अवधि को ’खरमास’ के तौर पर शुभ कार्यों हेतु वर्जित किया गया हो। इसी तरह उत्तरायण में शरीर छूटे, तो दक्षिणायण की तुलना में उत्तम माना गया है। अब इन मान्यताओं का विज्ञान क्या है ? कभी जानना चाहिए।

दान पर्व

सामान्यतया स्नान, दान, तप, श्राद्ध और तर्पण आदि मकर संका्रन्ति के महत्वपूर्ण कार्य माने गये हैं। चूङा, दही, उङद, तिल, गुङ, गो आदि मकर संका्रन्ति के दिन दान के भी पदार्थ और स्वयं ग्रहण करने के भी। महाराष्ट्र में विवाहिता द्वारा अपने पश्चात् पहली संका्रन्ति पर अन्य सुहागिनों को कपास, तेल और नमक दान की प्रथा है। तिल-गुङ बांटना और मीठे बोल का आग्रह करने का सामान्य चलन तो है ही। स्नान करें, पर्व कर्म करें और सूर्य का आशीष लें; किंतु जयपुर, राजस्थान में आप मकर संक्रन्ति को पंतंग उङाने की उमंग के पर्व के रूप में पायंेगे। आकाश, पंतंगों और डोर के संजाल से पटा होगा और छतें, हर उम्र के लोगों से। जैसे रंग-बिरंगी छतरी बनाकर सभी सूर्य का स्वागत करने निकल आये हों। यूं राजस्थान में मकर संक्रान्ति का दूसरा रूप सुहागिनों द्वारा सुहाग सूचक 14 वस्तुओं का पूजन तथा उनका ब्राह्मणों को दान के रूप में देख सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस दिन खिचङी का भोजन करने तथा उङद-चावल, नमक, खटाई आदि दान करने का प्रावधान है। इस नाते, वहां इस पर्व को ’खिचङी’ कहकर पुकारा जाता है। असम में मकर संक्रान्ति को ‘माघ बिहू’ व ‘भोगाली बिहू’ के नाम से जानते हैं।

संगम स्नान पर्व

”माघ मकर गति जब रवि होई। तीरथपति आवहू सब कोई”

अर्थात माघ के महीने में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करे, तो सभी लोग तीर्थों के राजा यानी तीर्थराज प्रयाग में पधारिए। प्रयाग यानी संगम। संगम सिर्फ नदियों का ही नहीं, विज्ञान और धर्म, विचार और कर्म, सन्यासी और गृहस्थ तथा धर्मसत्ता, राजसत्ता और समाजसत्ता का संगम। कभी ऐसा ही संगम पर्व रहा है, मकर संक्रान्ति। कोई न्योता देने की जरूरत नहीं; सभी को पता है कि हर वर्ष, मकर संका्रन्ति को प्रयाग किनारे जुटना है। सभी आते हैं, बिना बुलाये। नदी पूजन का मतलब ही होता है – स्नान, पान और दान।

प्रयाग किनारे ही क्यों ?

इस प्रश्न के उत्तर में जानकार कहते हैं कि खासकर, इलाहाबाद प्रयाग की एक विशेष भौगोलिक स्थिति है। मकर संक्रान्ति को प्रयाग, आकाशीय नक्षत्रों से निकलने वाली तरंगों का विशेष प्रभाव केन्द्र होता है। जिन-जिन तिथियों में ऐसा होता है, उन-उन तिथियों में प्रयाग में विशेष स्नान की तिथि होती है। इन तिथियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष महत्व है। बहुत संभव है कि इसी तरह ऊपर उत्तराखण्ड में स्थित पंच प्रयागों की भी कोई खास स्थिति हो, कभी अध्ययन करें।

गंगासागर एक बार

जहां गंगा, समुद्र से संगम करती है, वह स्थान ’गंगासागर’ के नाम से जाना जाता है। इसी स्थान पर कपिल मुनि द्वारा राजा सगर के 60 हजार पुत्रों के भस्म करने की कथा है। राजा भगीरथ के तप से धरा पर आई मां गंगा द्वारा इसी स्थान पर सगर पुत्रों के उद्धार का कथानक है। संभवतः इसीलिए मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगासागर में जैसा स्नान पर्व होता है, कहीं नहीं होता। क्या उत्तर, क्या दक्षिण और क्या पूर्व, क्या पश्चिम… पूरे भारतवर्ष से लोग गंगासागर पहुंचते हैं कहते हुए – ’’सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार।’’ कपिल मुनि का आश्रम, आज भी गंगासागर के तीर्थ यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का पूज्य स्थान है। आखिरकार, कपिल मुनि का दिया शाप न होता, तो भगीरथ प्रयास क्यों होता और गंगा, गंगासागर तक क्यों आती ?

मंथन पर्व

गौर कीजिए कि आज हम मकर संक्रान्ति को माघ मेले और अर्धकुंभ के प्रथम स्नान पर्व के रूप में ज्यादा भले ही जानते हों, किंतु वास्तव में मकर संक्रान्ति, एक मंथन पर्व है; सम्यक क्रान्ति हेतु चिंतन-मनन का पर्व। माघ मेले के दौरान समाज, राज और प्रकृति को लेकर किए अनुसंधानों का प्रदर्शन, उन पर मंथन, नीति निर्माण, रायशुमारी, समस्याओं के समाधान और अगले वर्ष के लिए मार्गदर्शी निर्देश – इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों की विमर्श शालाओं का संगम जैसा हो जाता था कभी अपना पौराणिक प्रयाग। ऋषियों के किए अनुसंधानों पर राज और धर्मगुरु चिंतन कर निर्णय करते थे। नदी-प्रकृति के साथ व्यवहार हेतु तय पूर्व नीति का आकलन और तद्नुसार नव नीति का निर्धारण का मौका भी थे, माघ मेले और कुंभ। जो कुछ तय होता था धर्मगुरु, अपने गृहस्थ शिष्यों के जरिए उन अनुसंधानों/नीतियों/प्रावधानों को समाज तक पहुंचाते थे। माघ मेला और कंुभ में कल्पवास का प्रावधान है ही इसलिए।

कितना महत्वपूर्ण कल्पवास ?

पौष माह के 11 वें दिन से शुरु होकर माघ माह के 12वें दिन तक कल्पवास करने का प्रावधान है। कल्पवासी, प्रयाग में आज भी इस अवधि के दौरान जुटते हैं। आमतौर पर कल्पवासी, उम्रदराज होते हैं; एक तरह से परिवार के ऐसे मुखिया, जो अब मार्गदर्शी भूमिका में हैं। ये परिवार प्रमुख, कल्पवास के दौरान अपने परिवार से पीढ़ी-दर-पीढ़ी संबद्ध गुरु परिवार से मिलते हैं। उनके मिलने के स्थान तय होते हैं। इन स्थानों पर गुरु सानिध्य में कल्पवासी, बेहतर गृहस्थ जीवन का ज्ञान प्राप्त करते थे; यही पंरपरा है। दुर्योग से हमारे स्नान पर्व, आज धर्मसत्ता के दिखावट और सजावट के पर्व बनकर रह गये हैं।

आइये, इसे पुनः बनायें सम्यक क्रान्ति का मंथन पर्व

आइये, मकर संक्रान्ति को फिर से सम्यक क्रान्ति मंथन पर्व बनायें; जिन नदियों के किनारे जुटते हैं, उनकी ही नहीं, राज-समाज और संतों की अविरलता-निर्मलता सुनिश्चित करने का पर्व। यह कैसे हो ? राज, समाज और प्रकृति का प्रतिनिधित्व करने वाले ऋषियों के बीच राष्ट्र और प्रकृति के प्रति जन-जन के कर्म संवाद की अविरलता और निर्मलता सुिनश्चित किए बगैर यह संभव नहीं। आइये, यह सुनिश्चित करें। इसी से भारत, पुनः भारतीय हो सकेगा; मौलिक भारत।

नहीं रहे तारक मेहता फेम एक्टर सुनील होलकर, लिवर सिरोसिस से थे पीड़ित

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टीवी जगत से एक बुरी खबर आ रही है। टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम एक्टर सुनील होलकर इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। एक्टर की उम्र महज 40 वर्ष थी। 13 जनवरी को उनका निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी मां, पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं। उन्होंने आखिरी बार नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्म ‘गोष्ट एका पैठाणीची’ में काम किया था। सुनील नाटक, फिल्मों और टीवी शो तीनों माध्यमों से दर्शकों का मनोरंजन करते थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील पिछले कुछ दिनों से लिवर सोरायसिस से पीड़ित थे। उनका इलाज चल रहा था। मगर, अचानक वह इस दुनिया से चले गए। इतनी कम उम्र में एक्टर के निधन से फैंस को तगड़ा झटका लगा है। सुनील होलकर के एक्टिंग सफर की अगर बात करें, तो एक्टर ने अशोक हांडे के चौरंग नाट्य संस्थान में कई वर्ष काम किया। सुनील को हमेशा से ही एक एक्टर और कथावाचक के रूप में जाना जाता है।

उन्होंने 12 से भी अधिक वर्षों तक थिएटर किया। महज 40 की उम्र में उनका यूं जाना कला जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनील होलकर को शायद अपनी मौत का आभास पहले ही हो गया था। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने एक दोस्त को आखिरी मैसेज भेजा था, इसमें इसका जिक्र किया था। उन्होंने दोस्त को व्हॉट्सएप पर भेजे गए मैसेज में कहा था कि यह उनकी आखिरी पोस्ट है। वो सभी को अच्छे से अलविदा कहना चाहते थे और सबसे मिले प्यार के लिए धन्यवाद। साथ ही सुनील खुद से हुई गलतियों की माफी मांगना चाहते थे।

बड़ी आतंकी साजिश नाकाम! डेयरी में रेड के बाद हैंड ग्रेनेड बरामद

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देश की राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से दिल्ली पुलिस  ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के बाद इन दोनों के पास से हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं. दो संदिग्धों की पहचान जगजीत और नौशाद के तौर पर हुई है. कल पटियाला हाउस कोर्ट ने इन दोनों की 14 दिन की रिमांड मंजूर कर ली थी. इसी दौरान उन्होंने पुलिस को हैंड ग्रेनेड की सूचना दी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया.

बताया जा रहा है कि जहांगीरपुरी के एक फ्लैट से UAPA के तहत गिरफ्तार नौशाद और जगजीत सिंह से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कल देर रात भलस्वा डेरी में छापेमारी की थी. इसी छापेमारी के दौरान एक घर से पुलिस ने हैंड ग्रेनेड बरामद किए. फिलहाल FSL की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है. जानकारी के अनुसार, FSL की टीम ने भलस्वा डेरी के इस घर से खून के कुछ नमूने लिए हैं.

सूत्रों के मुताबिक, नौशाद और जगजीत ने इस घर में किसी हत्याकांड को अंजाम दिया है और उसका वीडियो अपने हैंडलर को भेजा है. हत्या किसकी की गई है इसकी जांच जारी. सूत्रों ने ये भी बताया कि गिरफ्तार जगजीत सिंह विदेश में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप डल्ला के सम्पर्क में था. जबकि गिरफ्तार नौशाद आतंकी संगठन हरकत उल अंसार से जुड़ा हुआ था और डबल मर्डर के केस में सजा काट कर जेल से बाहर आया हुआ था.