Home Blog Page 617

भारत जोड़ो यात्रा में चल रहे सांसद संतोख सिंह का निधन, राहुल गांधी जाएंगे उनके घर

0

पंजाब में चल रही भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उनके साथ चले रहे जालंधर से सांसद संतोख सिंह का निधन हो गया. वह यात्रा में राहुल गांधी के साथ चल रहे थे. इससे पहले संतोख सिंह चौधरी को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लुधियाना में एक एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. इस मामले में ताजा अपडेट यह है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संतोख सिंह के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे. कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी का अंतिम संस्कार कल उनके गांव में किया जाएगा.

बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ चल रहे संतोष सिंह को हार्ट अटैक आ गया. हालात, बिगड़ता देख तुरंत उनको फगवाड़ा के विर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां पर उनका कुछ देर इलाज चला, मगर वो जिंदगी की जंग हार गए. बताया गया है कि संतोख सिंह की हार्ट अटैक की वजह से देहांत हुआ. उन्हें हार्ट अटैक के बाद फगवाड़ा के एक निजी हस्पताल में लाया गया था लेकिन तब तक उनका देहांत हो गया.

संतोख सिंह चौधरी पंजाब के जालंधर एससी सीट से कांग्रेस सांसद थे. वह लांधरा हाउस, नूर महल रोड, फिल्‍लौर, जालंधर, पंजाब के रहने वाले थे. उन्होंने बीए, एलएलबी की डिग्री हासिल की थी. संतोख जालंधर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर 2014 और 2019 में चुनाव जीते थे.

उत्तराखंड: बर्फ की सफेद चादर से ढकी पहाड़ियां

0

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने लंबे समय बाद करवट बदली है। लंबे समय से लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन, बारिश और बर्फबारी ना होने से जहां पर्यटक मायूस थे। वहीं, किसान और बागवानों के चेहरे भी मुर्झाये हुए थे। बारिश और बर्फबारी नहीं होने से सूखे जैसे हालात हो गए थे।

लेकिन, पिछले तीन दिनों से पहाड़ों पर और दो दिनों से मैदानी जिलों में हल्की बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पहाड़ी जिलों में केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में जमकर बर्फबारी हुई। पर्यटक स्थलों पर भी बर्फ की सफेद चादर जम गई है। जिससे लोगों के चेहरे खिल उठे।

भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। धाम में करीब तीन फीट बर्फबारी जमी हुई। धाम में माइनस 11 डिग्री टंपरेचर में काम कर रहे मजदूर भी अब लौट आए हैं। धनोल्टी में बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे बंद हो गया है। उत्तरकाशी में भी गंगोत्री हाईवे झाला में बंद हो गया है।

Lalit Modi को निमोनिया और कोविड अटैक, एयरलिफ्ट कर ले जाया गया था लंदन

0

IPL के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। उन्हें इन्फ्लूएंजा, निमोनिया के साथ दो हफ्ते में दो बार कोविड हुआ था। मेक्सिको सिटी में रह रहे ललित मोदी को उनके बेटे और डॉक्टर्स एयरलिफ्ट करके लंदन ले गए और वहां उनका इलाज कराया। यह जानकारी खुद ललित मोदी ने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए दी।

आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी मौत के मुंह से बाहर निकल आए है। उन्हें इंफ्लूएंजा, निमोनिया के साथ दो हफ्ते में दो बार कोविड हुआ था। इसकी जानकारी ललित मोदी ने खुद दी। अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर ललित मोदी ने बताया कि डॉक्टर और बेटा कुशल एयर एम्बुलेंस से मुझे लंदन लाए और मेरा इलाज कराया, इस वजह से मैं मौत के मुंह से वापस आ सका, लेकिन अभी भी मुझे 24 घंटे बाहरी ऑक्सीजन पर ही रहना पड़ता है।

राहुल गांधी ने लिखा खुला पत्र, पढ़ें उन्होंने क्या खास कहा

0

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के तहत करीब 3500 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं. इस समय उनकी यात्रा पंजाब में है. इस बीच उन्होंने ओपन लेटर (खुला पत्र) लिखकर यात्रा के अनुभवों को साझा किया है. साथ ही बताया है कि उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीव का लक्ष्य क्या है.

राहुल गांधी ने कहा, ”भारत जोड़ो यात्रा ने उन्हें सिखाया है कि मेरे व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन का लक्ष्य एक ही है- हक की लड़ाई में कमजोरों का ढाल बनना और जिनकी आवाज दबाई जा रही है, उनकी आवाज उठाना.”

उन्होंने पत्र में कहा, ”मेरा सपना हमारे देश को अंधेरे से उजाले की ओर, नफरत से मोहब्बत की ओर और निराशा से आशा की ओर ले जाना. इस लक्ष्य को पाने के लिए मैं भारत को एक महान संविधान देने वाले हमारे महापुरुषों को बताए हुए सिद्धांतों और मूल्यों को अपना आदर्श बनाकर आगे बढ़ूंगा.”

‘लड़ाया जा रहा है’
राहुल गांधी ने कहा कि भारच आर्थिक संकट से गुजर रहा है. युवा बेरोजगार है. महंगाई बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि चारों तरफ निराशा का माहौल है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म, जाति को दूसरी जाति और एक भाषा को दूसरी भाषा से लड़ाया जा रहा है.
b80587f1565599c4fe47825a5d6256401673602228663124 original

हिमाचल में पहली कैबिनेट बैठक में पूरा किया चुनावी वादा, बहाल हुई पुरानी पेंशन योजना

0

हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल कर दिया है. हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की पहली बैठक में ही कांग्रेस सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने का फैसला लिया. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया से भी रूबरू होंगे. चुनाव में कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग थी, जिसे पूरा करने का वादा कांग्रेस के नेताओं ने किया था.

हिमचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस के तमाम नेताओं ने ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने का वादा किया था. प्रियंका गांधी से लेकर हिमाचल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की बात कही थी. इस मुद्दे को लेकर जमकर राजनीति भी हुई थी. हालांकि, चुनाव प्रचार में कांग्रेस की तरफ से किया गया ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने का वादा बीजेपी पर भारी पड़ गया और सत्ता से हाथ धोना पड़ा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगभग 2.75 लाख है. आंकड़ें बताते हैं कि इनमें से करीब 1.5 लाख कर्मचारी नई पेंशन योजना के तहत आते हैं. ओपीएस में पेंशनरों को कर्मचारी के रूप में अंत में ड्रॉ किए वेतन का 50 फीसदी ही मिलता है. इसके विपरीत एनपीएस एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है. सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14 प्रतिशत भाग डालती है.

कैबिनेट बैठक में जोशीमठ को लेकर बड़े फैसले, ये है सरकार का विस्थापन प्लान

0

जोशीमठ : आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत पैकेज को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में कई फैसले लिए गए है। विशेष कैबिनेट बैठक में जोशीमठ के भविष्य को लेकर रोडमैप जारी किया गया। सरकार की कवायद नई टिहरी की तर्ज पर नया जोशीमठ बसाने की है।

ये फैसले लिए गए

  • 45 करोड़ की आर्थिक सहायता को कैबिनेट ने जारी करने की दी मंजूरी।
  • 5 जगहों को पुनर्वास के लिए किया कैबिनेट ने चिन्हित।
  • चार हजार की जगह 5 हजार किया गया प्रभावित परिवारों के लिए किराया की दर।
  • एक हजार की किराए राशि कैबिनेट ने बढ़ाई।
  • कैबिनेट में मौजूद मंत्रियो ने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का लिया फैसला।
  • जोशीमठ आपदा प्रभावितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे मंत्री एक माह का वेतन।
  • राहत शिवीरी में रह रहे लोगों को 450 रुपये खाने के एक दिन के लिए दिए जाएंगे।
  • यदि कोई राहत शिविर के बजाय खुद से खाना बनाता है तो उसे भी एक दिन के एक व्यक्ति के 450 रुपये खाने का दिया जाएगा।
  • विस्थापन के लिए 15 हजार रुपये प्रति पशु दिए जाएंगे।
  • बड़े पशुओ के लिए चार 80 रुपये और छोटे पशुओं के लिए 40 रुपये दिए जाएंगे।
  • नवंबर महीने से 6 महीने के लिए बिजली और पानी के बिल माफ किये गए।
  •  साल तक सहकारी बैंक से लिए गए लोन को अगले  एक साल तक न भरने की छूट।
  • वाणिज्यक व सरकारी बैंक की किस्त पर एक साल तक रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे।

रिपोर्ट में खुलासा, हर साल 2.60 इंच धंस रहा जोशीमठ

0

जोशीमठ : भू-धंसाव को लेकर इसरो की ओर से रिपोर्ट जारी गई है। जिसमें बताया गया है कि 12 दिन में जोशीमठ की जमीन 5.4 सेंटीमीटर धंसी है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की ओर से सैटेलाइट इमेज जारी की गई। जिसमें यह साफ दिखाई दे रहा है।

ISRO की ओर से जारी की सैटेलाइट तस्वीरें से पता चलता है कि जोशीमठ शहर 27 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच 5.4 सेमी नीचे धंसा है। 12 दिनों के अंदर  शहर 5.4 सेंटीमीटर नीचे चला गया। इसरो की रिपोर्ट बताती है कि मिट्टी धंसने से जोशीमठ में आर्मी हेलीपैड और नरसिंह मंदिर भी प्रभावित हुआ है। धंसने का केंद्र 2180 मीटर की ऊंचाई पर जोशीमठ-औली रोड के पास स्थित है।

सैटेलाइट इमेज

 

दूसरी ओर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (IIRS) ने करीब दो साल की सेटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट सरकार को दी है। जिसमें बताया गया कि जोशीमठ हर साल 6.62 सेंटीमीटर यानी करीब 2.60 इंच धंस रहा है। IIRS देहरादून के वैज्ञानिकों ने जुलाई 2020 से मार्च 2022 के बीच जोशीमठ और आसपास के करीब छह किलोमीटर क्षेत्र की सेटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन किया।

अध्ययन में जोशीमठ व आसपास के क्षेत्र में आ रहे भूगर्भीय बदलाव को देखा गया। हाल ही में IIRS ने इसकी रिपोर्ट जारी की है। इसमें दावा किया गया कि जोशीमठ हर साल 6.62 सेमी. की दर से नीचे की ओर धंस रहा है। इसकी सेटेलाइट तस्वीर भी जारी की गई है। साथ ही IIRS ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें जोशीमठ के थ्री-डी बदलावों को दिखाया गया है।

 

सैटेलाइट इमेज

IIRS ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें यह भी दर्शाया गया कि भू-धंसाव केवल जोशीमठ शहर में ही नहीं हो रहा है। पूरी घाटी इसकी चपेट में है। आने वाले समय में इसके खतरनाक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। सरकार ने जोशीमठ के अध्ययन की जिम्मेदारी तमाम वैज्ञानिक संस्थाओं को सौंपी है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि अब तक की जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि जोशीमठ के भीतर की चट्टानें और ढलान दोनों एक ही दिशा में बढ़ रहे हैं। आमतौर पर चट्टानें समतल होती हैं, लेकिन यहां लगातार धंस रही है।

रेपिडो को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, सेवाएं बंद करने का निर्देश

0

बाइक टैक्सी सर्विस चलाने वाली कंपनी रेपिडो को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाई कोर्ट ने पुणे में कंपनी को अपनी सभी सेवाएं तत्काल रोकने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा बाइक टैक्सी के साथ ही कंपनी के रिक्शा, डिलीवरी सर्विस भी बिना लाइसेंस के हैं.

रेपिडो टैक्सी सर्विस को लेकर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंपनी को सभी सेवाएं रोकने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट के आदेश के बाद कंपनी 20 जनवरी तक पूरे राज्य में सभी सेवाएं बंद करने को तैयार हो गई है. इस मामले में अगले शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी.

पुणे RTO ने कंपनी को ये कहते हुए लाइसेंस देने से मना कर दिया था कि राज्य में बाइक टैक्सी को लेकर कोई नियम नहीं है. इसके बाद रैपिडो ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था.

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया कि उसने ‘बाइक टैक्सी’ को लेकर स्वतंत्र समिति बनाई है. समित जल्द ही इस संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. तब तक राज्य सरकार इस सेवा को तत्काल बंद करने की मांग करती है.

ऑस्ट्रेलिया ने रद्द की अफगानिस्तान सीरीज, नाराज हो गए राशिद खान, बिग बैश लीग छोड़ने की धमकी

0

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) द्वारा मार्च में अफगानिस्तान (Afghanistan) के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज रद्द करने पर राशिद खान (Rashid Khan) नाराज हो गए हैं. अफगानिस्तान के इस खिलाड़ी ने इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली बिग बैश लीग (BBL) छोड़ने की धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर अफगानिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने में ऑस्ट्रेलिया को असहज महसूस होता है तो मैं BBL में अपनी उपस्थिति से उन्हें असहज नहीं करना चाहूंगा.

ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को अफगानिस्तान के खिलाफ मार्च में खेली जाने वाली वनडे सीरीज रद्द करने का एलान किया था. यह सीरीज यूएई में आयोजित होनी थी. सीरीज रद्द करने के पीछे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तालिबान के उस एलान को जिम्मेदार ठहराया था, जिसमें तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा और रोजगार पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा था, ‘हमने मार्च में होने वाली अफगानिस्तान वनडे सीरीज से हटने का फैसला किया है. हम इस खेल को अफगानिस्तान समेत दुनियाभर में सपोर्ट करते है और बढ़ाना चाहता है. हम इस उम्मीद में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड से जुड़े रहेंगे कि वहां महिलाओं और लड़कियों की स्थिति में आगे सुधार हो.’

राशिद खान ने ऐसे किया पलटवार
राशिद खान ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले के जवाब में सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने लिखा, ‘अफगानिस्तान के एकमात्र उम्मीद क्रिकेट ही है. कृपया राजनीति को इससे दूर रखें’ इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘मैं यह सुनकर बहुत दुखी हूं कि ऑस्ट्रेलिया ने हमारे साथ मार्च में होने वाली वनडे सीरीज रद्द कर दी. मुझे अपने देश के लिए खेलने पर हमेशा गर्व रहा है और हमने क्रिकेट जगत में पिछले कुछ समय में अच्छी तरक्की की है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला हमें अपने सफर में पीछे धकेलने वाला है.

उत्तराखंड : जोशीमठ के बाद कर्णप्रयाग में भी दरारें, आठ घरों को खाली कराने का नोटिस

0

कर्णप्रयाग:  जोशीमठ के बाद अब चमोली जिले का कर्णप्रयाग भी दरारों की जद में आ गया है। यहां आठ घरों की हालत खतरनाक बनी हुई है। जिसे देखते हुए इन घरों में रहने वाले आठ परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया है। कर्णप्रयाग में राजनगर, गांधीनगर, बहुगुणानगर, आइटीआइ और अपर बाजार रामलीला मैदान से मस्जिद परिसर तक भूधंसाव का खतरा मंडरा रहा है।

60 के करीब घरों में दरारें भी आ गई हैं। ऐसे में जोशीमठ वासियों की स्थिति देखकर कर्णप्रयाग में भी शहरवासियों की चिंता बढ़ गई है। 14 हजार की आबादी वाले कर्णप्रयाग के स्थानीय निवासियों की शिकायत है कि वर्ष 2012 में मंडी समिति के भवन निर्माण के दौरान जेसीबी मशीनों से खोदाई की गई।

उसी समय से नगर में भूधंसाव शुरू हो गया और लगातार मकानों में दरारें बढ़ने लगी। इसके बाद कई लोगों ने किराये के भवनों में रहना शुरू कर दिया। वहीं शहर में निकासी नालियों की व्यवस्था न होने से जरा सी बारिश होने पर पानी का रुख आबादी की ओर होने से भूधंसाव का खतरा बना रहता है।

आवासीय भवनों के निरीक्षण को पहुंचे तहसीलदार सुरेंद्र सिंह देव ने बताया कि भूधंसाव की जद में आए 24 से अधिक भवनों का सर्वे किया गया है। इनमें आठ आवासीय भवन रहने लायक नहीं पाए गए। ऐसे में इन परिवारों को नगर पालिका के रैन-बसेरे में शिफ्ट किया जाएगा।

रुड़की आइआइटी के भूविज्ञानियों की टीम बदरीनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव कर्णप्रयाग में बहुगुणानगर से आइटीआइ तक भूधंसाव वाले क्षेत्रों की भौगोलिक संरचना का अध्ययन करेगी। नगर क्षेत्र में 60 से अधिक मकान भूधंसाव की जद में हैं, जबकि आठ मकान रहने लायक नहीं बचे। हालांकि इससे पहले भी रुड़की आइआइटी के भूविज्ञानियों ने नगर क्षेत्र का अध्ययन कर मृदा परीक्षण समेत अन्य अध्ययन की जरूरत बताई थी।