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उत्तराखंड : एक दिन बगैर बैग के स्कूल जाएंगे बच्चे, कम होगा बोझ

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देहरादून : स्कूलों में बच्चों के भारी-भरकम बस्तों का बोझ कम करने के लिये राज्य में संचालित सभी शिक्षा बोर्ड के साथ विचार-विमार्श कर कोई तरीका निकाला जायेगा, जिससे बच्चों के बस्ते का बोझ कम किया जा सके। इसी के साथ स्कूली बच्चों का तनाव कम करने के उद्देश्य से माह में एक दिन बैग फ्री डे निर्धारित करते हुये उनसे स्कूलों में अन्य गतिविधियां कराई जा सकती है।

यह बात सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज देहरादून के एक निजी होटल में उत्तराखंड अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशालय एवं SCERT द्वारा आयोजित NEP-2020 के क्रियान्वयन एवं शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्द्धन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कही। डॉ. रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्कूली बच्चों के बस्तों का बोझ उनके वजन से भी ज्यादा बढ़ गया है, जिसको कम करना उनके सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में संचालित सभी शिक्षा बोर्डों के अधिकारियों एवं शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श कर बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने का कोई नया तरीका निकालना होगा।

इसके लिये चाहे बच्चों के पाठ्यक्रम को त्रिमासिक एवं अर्द्धवार्षिक के हिसाब से बांटते हुये पाठ्य पुस्तकों एवं नोट बुक्स का चयन भी किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चे कई बार लगातार पढ़ाई से ऊब जाते हैं जिससे वह तनाव में आ जाते हैं। उनकी इस समस्या को दूर करने के लिये माह में एक दिन को बैग फ्री डे निर्धारित करते हुये उस दिन बच्चों से केवल खेल-कूद, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कृषि कार्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही अन्य कौशल विकास से संबंधी गतिविधियां कराई जा सकती है।

उन्होंने कार्यशाला में मौजूद विभागीय अधिकारियों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा हमारी विरासत पुस्तक नाम से एक पाठ्य पुस्तक तैयार करने को कहा ताकि बच्चों को अपने जनपद, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विरासत एवं इतिहास पुरूषों के बारे में जानकारी मिल सके।

उन्होंने कार्यशाला में आये उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, विद्या भारती एवं नेफा नई दिल्ली से आये शिक्षा अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुये उनके राज्य में एनईपी पर किये गये कार्यों के प्रस्तुतिकरण के लिये आभार जताया। डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी के अंतर्गत किये गये कार्यों के साथ करने से सभी राज्यों को एक-दूसरे से कुछ नया सीखने को मिलेगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि निकट भविष्य में राज्य में संचालित विभिन्न बोर्डों के साथ टीचिंग शेयरिंग को लेकर अनुबंध किया जायेगा ताकि अच्छे शिक्षकों को एक-दूसरे बोर्ड के स्कूलों में शिक्षण कार्य के लिये बुलाया जा सकेगा, जिसका फायदा छात्र-छात्राओं को मिलेगा। कार्यशाला में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 220 दिन अनिवार्य रूप से पठन-पाठन किया जायेगा, इसके लिये उन्होंने अधिकारियों को नवीन शैक्षिणिक सत्र शुरू होने से पूर्व पूरी कार्ययोजना तैयार कर शैक्षिक कैलेंडर बनाने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने भविष्य में स्कूली बच्चों को जुलूस-प्रदर्शनों एवं विभाग से इतर अन्य गतिविधियों में शामिल ने किये जाने के निर्देश दिये।

कार्यशाला में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन ने कहा कि राज्य में एनईपी-2020 को लेकर जनपदों में भी कार्याशालाओं का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के 4500 से अधिक प्री-प्राइमरी पाठशालाओ एवं आंगनबाडी केन्द्रों में एनईपी लागू कर ली गई है, अन्य कक्षाओं में भी धीरे-धीरे इसे लागू किया जायेगा।

कार्यशाला में गुजरात से आये आसिफ सामंत एवं कल्पेश कुमार द्वारा नवाचार के अंतर्गत सूचना और तकनीकी का समन्वयन विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें बताया गया कि गुजरात में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, छात्रों का ऑनलाइन मूल्यांकन एवं प्रत्येक छात्र की यूनिक पहचान संख्या के द्वारा ऑन लाइन अनुश्रवण किया जाता है।

इसी क्रम में एनसीईआरटी नई दिल्ली से प्रो. इन्द्राणी भादुडी ने ग्रेड थ्री से कक्षा-12 तक बच्चों का समग्र मूल्यांकन पर प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि बच्चों का सम्पूर्ण मूल्यांकन 360 डिग्री प्रगति कार्ड तैयार कर अभिभावक, छात्र तथा शिक्षकों के लिये शैक्षणिक प्रगति के साथ ही उनके स्वास्थ्य, अभिरूचि मूल्यों तथा जिज्ञासों का आंकलन किया जाता है।

उत्तराखंड : फिर से जारी हुए एडमिट कार्ड, पेपर हो गया था लीक

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हरिद्वार : पटवारी भर्ती पेपर लीक कांड के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) अतिरिक्त सकर्तकता बरत रहा है।  सरकार ने भी सभी जिलों के DM और SSSP को निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग किसी भी तरह से कोताही नहीं बरतना चाहता है। सुरक्षा के लिए कड़ा प्लान बनया गया है। LIU और पुलिस को आयोग में तैनात किया गया है। एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं।

लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने आठ जनवरी को पटवारी-लेखपाल भर्ती की परीक्षा कराई थी। इस परीक्षा में आयोग के ही अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने पेपर लीक कर दिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद आयोग ने नए सिरे से परीक्षा की पूरी कसरत की है। आयोग (UKPSC) दफ्तर में इंटेलीजेंस ने डेरा जमाया हुआ है, हर अधिकारी-कर्मचारी पर बारीकी से नजर रखी जा रही है तो दूसरी ओर आयोग ने भी अब 12 फरवरी को दोबारा होने जा रही पटवारी-लेखपाल भर्ती के लिए सख्त एक्शन प्लान बनाया है।

आयोग ने भरोसे के कर्मचारियों को साथ लेकर सभी गोपनीय व अतिगोपनीय अनुभागों को एक ही जगह कर दिया है। उधर, सरकार के निर्देशों पर तय किया गया है कि हर शहर के हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस तैनात रहेगी। साथ ही आसपास के इलाकों में LIU की टीमें लगाई गई हैं। भर्ती परीक्षा से जुड़ी हर हरकत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) आज एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने बताया कि परीक्षा के लिए 1,58,210 अभ्यर्थी हैं। आठ जनवरी को इनमें से 1,14,071 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 498 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा उन्हीं केंद्रों पर होगी, जो पहली बार में तय किए गए थे।

अडानी के मुद्दे पर संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

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संसद के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी यानी बुधवार को आम बजट 2023-24 पेश किया। केंद्र सरकार आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेगी।

केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि सरकार ने आजादी के 100 साल तक का रोडमैप बनाया है। ये जो बोल रहे हैं कि ये अमृतकाल नहीं मित्र काल का बजट है तो उन्हें इसका मतलब नहीं पता और अगर मित्र काल का भी बजट मान लें, तो देश के सभी लोगों को मित्र, दोस्त मानकर बजट लाया गया है।

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा में जबरदस्त हंगामा किया। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की गई है। विपक्षी दल सदन में सरकार को अडानी के मुद्दे पर घेरेंगे।

सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्षी पार्टियां संसद के दोनों सदनों में हिंडनबर्ग रिपोर्ट और अडानी स्टॉक क्रैश का मुद्दा उठाएंगी। संसद में सरकार की रणनीति पर चर्चा के लिए पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में अमित शाह, राजनाथ सिंह, अनुराग ठाकुर, निर्मला सीतारमण, प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल शामिल हुए।

जेबकटुआ है सरकार, चौधरी बोले- 1000 रुपये लेकर देती है 200

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने 1 फरवरी को आम बजट पेश किया है. कांग्रेस के वरिष्ट नेता और सांसद अधीर रंजन चौधरी बजट से ना खुश होते हुए बोले सरकार हमरी जेब से हजार रुपये लेती है और 200 देती है. अधीर रंजन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, सरकार का फर्ज होता है आम लोगों को सुविधा मुहैया करवाना लेकिन ये सरकार जेबकटुआ सरकार बन गई है.

सरकार हमारी जेब से 1000 लेकर हमें 200 देती है. ऐसा दिखाती है जैसे हम पर दान किया जा रहा है, जबकि ये हमारा हक है. अधीर रंजन आगे बोले, ये दान और दानी का स्वरूप जो सरकार दिखा रही है उसे समझना चाहिए कि हम हिंदुस्तान के नागरिक हैं प्रजा नहीं. जो चवन्नी सरकार देती है उसमें भी वो ढिंढोरा पीटती है.

इससे पहले अधीर रंजन ने कहा, बजट पेश किए जाने से पहले हम उम्मीद कर रहे थे कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें घटेंगी. हमें उम्मीद थी कि पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के लिए एक्साइज में छूट या इससे जुड़ा कोई ना कोई प्रावधान किया जाएगा. हमें ये भी उम्मीद थी कि रसोई गैस की कीमतें घटेंगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अधीर रजंन बोले, आम जनता को इस बजट से किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली है.

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी बजट के प्रावधानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए 12 दिन तक अभियान चलाएगी जिसके तहत 50 बड़े शहरों में प्रमुख केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. साथ ही बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष अपने राज्यों में बजट की खूबियां बताएंगे. पार्टी के नेताओं के मुताबिक, बजट में घोषित जन-समर्थक उपायों के बारे में जनता को बताने और उन्हें जागरूक करने के लिए भारतीय जनता पार्टी एक फरवरी से 12 फरवरी तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी.

बेस्ट CM की लिस्ट में दूसरे नंबर पर केजरीवाल, सर्वे में इनको लिमा पहला स्थान

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देश में इस समय 30 प्रदेशों में चुनी हुई सरकारें हैं. इसमें दिल्ली और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैसे तो हर काम में अलग ही नजर आते हैं, लेकिन अगर बात बेस्ट परफॉर्मर की हो तो वह न सिर्फ अलग ही हैं बल्कि दूसरे राज्यों के अपने समकक्षों से कई कदम आगे खड़े मिलते हैं. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में हुए एक सर्वे में जनता ने इस बात पर अपनी मुहर लगाई है.

इंडिया टुडे और सी वोटर के हाल ही में किए गए सर्वे में देश का मूड जानने की कोशिश की गई है. इस सर्वे में बेस्ट सीएम चुनने की बारी आई तो योगी आदित्यनाथ जनता की पहली पसंद बने. सर्वे के मुताबिक 39.1 प्रतिशत लोगों ने योगी आदित्यनाथ को बेस्ट परफॉर्मिंग सीएम के रूप में चुना है.

दिल्ली के अरविंद केजरीवाल का नाम योगी आदित्यनाथ के बाद दूसरे नंबर आता है. 16 प्रतिशत लोगों ने अरविंद केजरीवाल को अपनी पसंद बनाया है जबकि 7.3 प्रतिशत लोगों की पसंद ममता बनर्जी, बेस्ट परफॉर्मिंग सीएम की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं.

सर्वे के अनुसार, सीएम योगी की लोकप्रियता उनके काम के चलते बढ़ी है. वहीं, पिछले साल अगस्त की तुलना में अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है. अगस्त 2022 में केजरीवाल 22 प्रतिशत लोगों की पसंद थे. ममता बनर्जी की लोकप्रियता में भी पिछले साल से 1 फीसदी की गिरावट आई है. देश के 30 राज्यों में बेस्ट सीएम चुनने के लिए सर्वे कराया गया था. इसमें 1,40,917 लोगों के हिस्सा लेने का दावा किया गया है.

उत्तराखंड : जोशीमठ में बाहर से आ रहे वामपंथी, एक्शन क्यों नहीं ले रही सरकार?

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देहरादून : जोशीमठ में जो कुछ हुआ, पूरी दुनिया ने देखा। लोग अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार उनको अपने प्लान तो बता रही है, लेकिन लोगों को कोई सही रास्ता नहीं दिखा पा रही है। इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने लोगों के आंदोलन को माओवादियों का आंदोलन बता दिया, जिससे लोग भड़क गए हैं। स्थानीय लोग पहले भी भाजपा प्रदेश अघ्यक्ष को विरोध कर चुके हैं। ऐसे में उन्होंने एक बार फिर बयान दिया है, जिससे आंदोलन और तेज हो सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि राज्य के बाहर दिल्ली और मुंबई समेत अन्य स्थानों से वामपंथी संगठनों से जुड़े लोग जोशीमठ पहुंच रहे हैं। इस मामले में अब सुरक्षा एजेंसियों को भी नजर रख रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इससे सामरिक दृष्टि से बेहद अहम इस सीमांत क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बनने का अंदेशा सुरक्षा एजेंसियों को सता रहा है।

जोशीमठ में आपदा आने के बाद से ही यहां स्थानीय लोग मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इन्हें समर्थन देने के नाम पर अब राज्य के बाहर से भी लोग आने शुरू हो गए हैं। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एक ओर चीन, भारत के आखिरी गांव तक अपनी ढांचागत सुविधा को मजबूत कर रहा है और उसने आसपास पावर स्टेशन और सड़कें बनाई हैं। इसी दिशा में भारत सरकार भी कदम बढ़ा रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि उन्होंने किसी भी स्थानीय निवासी को आंदोलन से नहीं रोका है। वह तो स्थानीय निवासियों को वामपंथी विचारधारा वाले संगठनों से सचेत करना चाहते हैं, जिनकी रुचि राहत और पीड़ितों में कम और अपने एजेंडे को साधने में अधिक है। ये लोग दिल्ली, मुंबई और जेएनयू दिल्ली से आ रहे हैं।

सवाल यह है कि जब सरकार के पास अतनी पुख्ता जानकारी है, तो फिर ऐसे लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? मडिया रिपोट्स में कहा गया है कि बाहर से आकर वामपंथी माओवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सरकार के पास जानकारी होने के बाद भी एक्शन नहीं लिया जा रहा है। स्थानीय लोगों की भी यही मांग है कि अगर सरकार के पास जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

बाजार को नहीं भाया बजट, 158 अंकों की बढ़त के साथ हुआ सेंसेक्‍स

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज बजट पेश कर दिया. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बजट से हर वर्ग की उम्मीदें जुड़ी हुई थीं. हालांकि हर किसी के लिए यह बजट उम्मीदों को पूरा करने वाला साबित नहीं हुआ. खासकर शेयर बाजार को देखकर तो ऐसा ही लगता है. एक समय शानदार तेजी में चल रहे घरेलू शेयर बाजार ने शाम होते-होते सारी तेजी खो दी.

30 शेयरों वाले सूचकांक बीएसई सेंसेक्स ने आज कारोबार की अच्छी शुरुआत की और बाजार खुलते ही 60 हजार अंक के पार निकल गया. एनएसई निफ्टी ने भी बढ़त के साथ 17,800 अंक के पार कारोबार की शुरुआत की. जैसे-जैसे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन का बजट भाषण आगे बढ़ते गया, बाजार भी तेज होता गया.

दोपहर के एक बजे के आस-पास सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर 60,773.44 अंक पर और निफ्टी 17,972.20 अंक पर जा पहुंचा. इसके बाद जैसे-जैसे बाजार ने बजट को समझना शुरू किया, तेजी गायब होने लग गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स तो एक समय 59,542.35 अंक तक गिर गया.

इस तरह देखें तो सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान 12 सौ अंक से ज्यादा का गोता लगाया. कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 158.18 अंक की मामूली तेजी के साथ 59,708.08 अंक पर और निफ्टी 45.85 अंक के नुकसान के साथ 17,616.30 अंक पर बंद हुआ. इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 59,549.90 अंक पर और निफ्टी 17,662.15 अंक पर बंद हुआ था.

अलग-अलग सेक्टर्स के हिसाब से देखें तो बजट पर रिएक्शन भी अलग रहा. बजट में पर्यटन पर ध्यान दिए जाने से होटल स्टॉक्स में तेजी रही. ईआईएच, इंडियन होटल्स, एचएलवी लिमिटेड, क्लब महिंद्रा, लेमन ट्री जैसे स्टॉक्स 8 फीसदी तक उछल गए. इसी तरह रेल सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स में भी तेजी देखने को मिली. वित्त मंत्री ने बजट में रेलवे के लिए रिकॉर्ड 2.4 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्रावधान किया. इस ऐलान के बाद रेल सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स आरवीएनएल, टीटागढ़ वैगन्स, इरकॉन, केईसी इंटरनेशनल और सीमेंस जैसे स्टॉक्स में करीब 4 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली.

उत्तराखंड : कार के ऊपर अचानक गिरा पेड़, बाल-बाल बची फूड ब्लॉगर की जान

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नैनीताल : नैनीताल ज्योलीकोट हाईवे पर नैनीताल के पास हुए हादसे में फूड ब्लॉगर की कार हादसे का शिकार हो गई। चलती कार पर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

गनीमत रही कि फूड ब्लॉगर की जान बाल-बाल बच गई। इस दौरान यातायात भी प्रभावित हो गया। पुलिस ने फिर कड़ी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया।

नैनीताल ज्योलीकोट नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंबर वन बैंड के पास फूड ब्लॉगर आशीष चंद्रा (38) पुत्र महेश चंद्रा निवासी हल्द्वानी नैनीताल की ओर जा रहा था कि अचानक रोड साइड से एक पेड़ आकर उनकी कार के ऊपर गिर गया।

जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आशीष इस दुर्घटना में बच गए। पेड़ गिरने से थोड़ी देर के लिए यातायात बाधित हो गया। जिसे स्थानीय पुलिस कर्मियों द्वारा सुचारु करवा दिया गया।

टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव, 7 लाख रुपये के इनकम पर कोई टैक्स नहीं

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टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत का एलान किया गया है. अब सात लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा जो अब तक 5 लाख रुपये था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है.

नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स छूट की सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. 5 लाख से 7.50 रुपये तक इनकम पर अब केवल 5 फीसदी टैक्स देना होगा जबकि अभी 10 फीसदी टैक्स पड़ता है. नई टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा टैक्सपेयर्स देने का एलान किया गया है.

मौजूदा टैक्स स्लैब

नई इनकम टैक्स रिजिम में 2.5 लाख रुपये तक के आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. 2.50 से 5 लाख रुपये तक के आय 5 फीसदी टैक्स लगता है जिसमें 87ए के तहत रिबेट का प्रावधान है. 5 से 7.50 लाख रुपये के आय पर 10 फीसदी, 7.50 से 10 लाख तक के आय पर 15 फीसदी, 10 से 12.50 लाख रुपये के आय पर 20 फीसदी, 12.5 से 15 लाख तक के आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा के आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होता है.

बजट पेश कर रही हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, यहां पढ़ें हर अपडेट

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Live GIFs | Tenorवित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने संसद में बजट भाषण शुरू कर दिया है और वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट पेश कर दिया है. इसी के साथ सभी के सामने देश का आर्थिक लेखाजोखा आना शुरू हो रहा है. दुनिया ने माना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक चमकता हुआ सितारा है. ये माना जा रहा है कि हमारी अर्थव्यवस्था 7 फीसदी की दर से ग्रोथ हासिल करेगी जो विश्व की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा है.- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं जो रेलवे के लिए अब तक का सबसे ज्यादा बजट आवंटन है. .ये साल 2014 में दिए गए बजटीय आवंटन से 9 गुना ज्यादा है.

बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर

कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 10लाख करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है. रेल, रोड, सड़क सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट पर जोर दिया गया है. 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जायेंगे और 2014 के बाद जो 157 नए मेडिल कॉलेज स्थापित किए गए है.

 इंफ्रास्ट्रक्चर पर एलान

वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट हमारी तीसरी प्राथमिकता होगा और सरकार ने 33 प्रतिशत कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाया है. इसे बढ़ाया गया है ताकि देश के विकास को और तेज किया जा सके. इससे रोजगार में मदद मिलेगी.

मिलेट्स प्रोग्राम

ग्लोबल हब फोर मिलेट्स के तहत इंडिया मिलेट्स में काफी आगे है. न्यूट्रिशन, फूड सिक्योरिटी और किसानों के योजना के लिए मिलेट्स प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. श्रीअन्ना राड़ी, श्रीअन्ना बाजरा, श्रीअन्ना रामदाना, कुंगनी, कुट्टू इन सबके के हेल्थ के बहुत फायदे हैं. मिलेट्स में किसानों का काफी योगदान है और श्रीअन्ना का हब बनाने के लिए कोशिश की जा रही है.  श्रीअन्ना के उत्पादन के लिए हैदराबाद के रिसर्च इंस्टीट्यूट से काफी मदद मिल रही है. साल 2023-24 के लिए 20 लाख करोड़ रूपये क्रेडिट लक्ष्य रखा गया है. कृषि क्षेत्र के लिए भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट्स का गठन जल्द किया जायेगा. India@100 के जरिए देश को दुनियाभर में मजबूत किया जाएगा. ग्रामीण महिलाओं के लिए 81 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप को मदद मिली, जिन्हें और बढ़ाया जाएगा. पीएम विश्व कर्मा कौशल सम्मान, क्राफ्ट और टेड्रिशन काम करने वाले लोगों को आर्ट औऱ हेंडिक्राफ्ट में योगदान दिया गया. जो आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण कदम है. इसके जरिए न सिर्फ फाइनेंशियल सपोर्ट दिया गया, बल्कि उन्हें टेक्निकल स्किल सुधारने पर जोर दिया गया और उन्हें सोशल सिक्योरिटी प्रदान की गई हैं.

वंचितों को वरीयता सरकार की प्राथमिकता 

वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में 7 प्राथमिकताएं होंगी. एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड से एग्री स्टार्टअप बढ़ेंगे. इससे किसानों को मदद मिलेगी और उन्हें चुनौतियों का सामना करने में आसानी रहेगी और इससे उत्पादकता बढ़ेगी.यह किसानों, स्टेट और इंटस्ट्री पार्टनर के बीच किया जाएगा. बजट में सरकार की सात प्राथमिकताएं हैं. वंचितों को वरीयता सरकार की प्राथमिकता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने गिनाई उपलब्धियां

सरकार ने 220 करोड़ कोविड वैक्सीन की डोज लगवाईं हैं और 44.6 करोड़ लोगों को पीएम सुरक्षा और पीएम जीवन ज्योति योजना से मिला है. पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए करोड़ों किसानों को फायदा मिल रहा है. सरकार जन भागीदारी के तहत सबका साथ, सबका विकास के जरिए आगे बढ़ी है. 28 महीनों में 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज दिया गया है जो छोटी बात नहीं है.

 देश के लोगों की आय बढ़ी

वित्त मंत्री ने कहा कि बीते सालों में भारत के लोगों की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है. प्रति व्यक्ति आय 1.97 लाख रुपये सालाना हो गई है. भारतीय अर्थव्यवस्ता पहले के मुकाबले ज्यादा संगठित हो गई है. इसका असर लोगों के रहन सहन पर दिख रहा है.

रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर

मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी दर 7 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान है. सरकार का खास जोर है कि रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें. भारत की ओर से G20 की अध्यक्षता बड़ा अवसर है और ये भारत की ताकत को दिखाता है.

आजादी के अमृतकाल का ये पहला बजट

वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आजादी के अमृतकाल का ये पहला बजट है. हमने हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश की है. खासकर युवाओं और सभी वर्ग के लोगों तक आर्थिक मजबूती पहुंचाने की कोशिश की है. दुनिया में सुस्ती के बावजूद हमारी मौजूदा ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत के आसपास बरकरार है और चैलेंजिंग समय में भारत तेजी से विकास की तरफ बढ़ रहा है. दुनियाभर के लोगों ने भारत के विकास की सराहना की है और यह बजट अगले 25 साल का ब्लू प्रिंट है. कोविड वैक्सीनेशन ड्राइव ने देश को नए मुकाम पर पहुंचाया है और दुनिया ने भारत की ताकत को पहचाना है.