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मुंबई में आतंकी हमले की धमकी, NIA को मिली धमकी के बाद कई शहरों में अलर्ट

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मुंबई : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आतंकी हमले की धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक ई-मेल मिला है। इस ई-मेल में मुंबई में आतंकी हमले की धमकी मिली है। मेले भेजने वाले ने खुद को तालिबानी बताया है। धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

समाचार एजेंसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि एनआईए ने मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी है। वहीं, आतंकी हमले की धमकी के बाद महाराष्ट्र के कई शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई पुलिस के सूत्रों ने कहा, “धमकी देने वाले ने खुद को तालिबानी बताया है। E-MAIL में कहा है कि मुंबई में आतंकी हमला होगा।” एनआईए अब मुंबई पुलिस के साथ मिलकर इसकी छानबीन कर रही है।

इससे पहले इसी साल जनवरी में मंगलवार को मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में एक धमकी भरी कॉल आई थी। इस कॉल में अज्ञात शख्स ने स्कूल को उड़ाने की धमकी दी थी। मुंबई पुलिस ने इस बारे में बताया था कि स्कूल के लैंडलाइन पर दोपहर साढ़े चार बजे एक कॉल आया था। अज्ञात शख्स ने स्कूल में बम रखने का दावा किया था।

पठान का 9 दिन में वर्ल्डवाइड कलेक्शन 700 करोड़ के पार

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  • T.S. Lama

शाहरुख खान-स्टारर ‘पठान’ का बॉक्स ऑफिस पर एक ड्रीम रन जारी है. फिल्म ने रिलीज के 9 दिन में ही 700 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है. हाल फिलहाल फिल्म की कमाई में गिरावट होने के कोई संकेत भी नहीं मिल रहे हैं. ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला के मुताबिक, रिलीज के नौवें दिन ‘पठान’ ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk के मुताबिक, फिल्म अपने दूसरे गुरुवार को 15 करोड़ रुपये से 16 करोड़ रुपये की कमाई करने में सफल रही.

फिल्म ने बुधवार को 57 करोड़ रुपये के साथ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार ओपनिंग हासिल की थी. फिल्म हफ्ते के बीच में रिलीज हुई थी, इसने पांच दिनों के एक्सटेंडेड वीकेंड में दुनिया भर में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने में सफल रही. इसने इसे हिंदी सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा ओपनिंग वीकेंड ग्रॉसर बना दिया.

सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित, ‘पठान’ ने अभी तक ‘केजीएफ 2’ और ‘बाहुबली 2’ के घरेलू संग्रह को पार नहीं किया है, लेकिन केवल जब इन फिल्मों के हिंदी डब संस्करणों की बात आती है. ‘पठान’ आमिर की ‘दंगल’ के रिकॉर्ड को तोड़ने की कगार पर है, जो वर्तमान में 387.38 करोड़ रुपये (शुद्ध) है. ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर ज़िंदा है’ और ‘वॉर’ के बाद यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स में ‘पठान’ चौथी फिल्म है.

दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम अभिनीत, ‘पठान’ सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक चल रही है और इस सप्ताह के अंत में कोई बड़ी रिलीज नहीं होने के कारण, फिल्म शायद बॉक्स ऑफिस पर राज करती रहेगी. इससे पहले, कार्तिक आर्यन-स्टारर शहजादा 10 फरवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन फिल्म अब 17 फरवरी को रिलीज होगी.

सलमान खान ने ‘पठान’ में अपने केरेक्टर टाइगर के रूप में कैमियो किया था. फैंस को उम्मीद थी कि ऋतिक उन्हें भी सरप्राइज देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सिद्धार्थ ने पिंकविला को समझाया, हम ऋतिक या किसी अन्य अभिनेता को भी बोर्ड पर ला सकते थे, लेकिन सलमान खान और शाहरुख को एक फिल्म में एक्शन करते हुए पहले नहीं देखा गया था. मुझे लगता है कि आखिरी बार जब वे एक साथ एक्शन कर रहे थे वह 1996 में करण अर्जुन के साथ थी. सौभाग्य से, आदि के पास इस क्रॉसओवर को करने के लिए टाइगर का आईपी था और परिणाम शानदार है.

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर संसद में हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा स्थगित

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अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को भी जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल मामले की जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। इससे पहले आज सुबह 10 बजे विपक्षी दलों ने बैठक की थी। बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई।

विपक्षी दलों ने गुरुवार को भी अदाणी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर दोनों सदनों में हंगामा किया। विपक्ष इस पर जांच की मांग कर रहा है। विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में या संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से मामले की जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस 6 फरवरी को देशभर में एलआईसी और एसबीआई के कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करेगी।

बजट सत्र के दौरान खरगे ने प्रेस वार्ता भी की। खरगे ने कहा कि सभी पार्टियों ने मिलकर निर्णय किया है कि देश में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जो भी घटनाएं हो रही हैं, उन्हें सदन में उठाना है। अदाणी मामले पर भी चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा विपक्ष से कहा कि वह निराधार दावे न करें और सदन को चलने दें। प्रश्नकाल संसदीय कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

आरबीआई ने सभी बैंकों से कहा है कि उनकी तरफ से अदाणी समूह की विभिन्न कंपनियों को कितना कर्ज दिया गया है, इसका पूरा लेखाजोखा उसके समक्ष रखें। आरबीआई यह जानना चाहता है कि एक कॉरपोरेट हाउस में वित्तीय कंपनियों की तरफ से किए जाने वाले निवेश या कर्ज आवंटन में नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया गया है। सेबी भी पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।

BBC डॉक्यूमेंट्री पर बैन के खिलाफ याचिका, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

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BBC की डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी. गुजरात दंगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनाई गई BBC की डॉक्यूमेंट्री को केंद्र सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था. केंद्र के फैसले के खिलाफ एन राम, महुआ मोइत्रा, प्रशांत भूषण और एडवोकेट एमएल शर्मा ने फैसले के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की है. जस्टिस संजीव खन्ना और एमएम सुंदरेश की दो जजों वाली पीठ याचिका पर सुनवाई करेगी.

एडवोकेट ML शर्मा ने अपनी याचिका में BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ पर प्रतिबंध के फैसले को “दुर्भावनापूर्ण, मनमाना और असंवैधानिक” बताया था. केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री पर बैन के साथ ही इसके लिंक शेयर करने वाले ट्वीट पर हटवा दिए थे. इन ट्वीट्स को हटाने के फैसले को वरिष्ठ पत्रकार एनराम और वकील प्रशांत भूषण ने एक अन्य याचिका दायर की है.

इससे पहले एन राम और प्रशांत भूषण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने बताया था कि कैसे कथित तौर पर आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके उनके ट्वीट को हटा दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि अजमेर में BBC डॉक्यूमेंट्री स्ट्रीमिंग के लिए छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था.

BBC ने इंडिया: द मोदी क्वेश्चन नाम से दो पार्ट की एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है. इस डॉक्यूमेंट्री के पहले पार्ट के आते ही यह विवादों में घिर गई थी. इसमें 2002 के गुजरात दंगों के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे. डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि यह गुजरात दंगों के दौरान की गई कुछ पहलुओं की जांच रिपोर्ट का हिस्सा है. वहीं केंद्र सरकार ने इसे प्रोपेगेंडा बताया है.

डॉक्यूमेंट्री की रिलीज के साथ ही केंद्र सरकार ने इसे शेयर करने वाले यूट्यूब वीडियो और ट्विटर लिंक को ब्लॉक करने का आदेश दिया था. यूट्यूब वीडियो और ट्विटर पोस्ट को हटाने के सरकार के फैसले की विपक्षी पार्टी की तरफ से जमकर विरोध किया गया और इसे सेंसरशिप कहा गया.

प्रतिबंध के बावजूद कई जगहों पर विरोध स्वरूप डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी की गई. कांग्रेस समेत कई दूसरे दलों और उससे जुड़े संगठनों ने डॉक्यूमेंट्री को सार्वजनिक स्थान पर चलाकर दिखाया. जेएनयू, डीयू, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर तनाव का माहौल बना जब बीजेपी समर्थित संगठनों ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध किया.

उत्तराखंड : आपदा का एक महीना पूरा, अब भी राहत शिविरों में गुजारा, आखिर कब तक?

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जोशीमठ : भू-धंसाव के कारण आपदा के जद में आए जोशीमठ में संकट को पूरा एक महीना हो गया है। सरकार ने होटलों को तोड़ने का काम शुरू किया था, जो अब भी जारी है। लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में रखा गया। लोग राहत शिविरों में कब तक रहेंगे, अब तक इस सवाल का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है और ना सरकार पुनर्वास का कोई प्लान तैयार कर पाई है।

भू-धंसाव और मकानों में दरारें आने का सिलसिला काफी पहले शुरू हो गया था, लेकिन दो जनवरी की रात को मनोहर बाग, सिंहधार और सुनील वार्ड के कई मकानों में अचानक बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थीं। तब लोगों ने रात में ही अपने घरों को खाली कर दिया था। दो जनवरी की रात को ही मारवाड़ी वार्ड के जेपी कॉलोनी में पानी का फव्वारा फूटने लगा, जो अब भी जारी है। यहां भी कई मकानों में दरारें आनी शुरू हुई और जमीन फट गई और दीवारें चटक गईं।

प्रशासन ने अगले दिन यहां के कई परिवारों को राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया था। वर्तमान में 249 परिवारों के 904 सदस्य राहत शिविरों में रह रहे हैं जबकि 47 परिवारों के 91 सदस्य रिश्तेदार या किराये के भवन में चले गए हैं।आपदा के एक माह बाद भी प्रभावित परिवारों के लोग अभी राहत शिविरों में रह रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से अभी यह तय नहीं हो पाया है कि प्रभावितों का पुनर्वास किस तरह से किया जा सकेगा।

हालांकि सरकार ने पुनर्वास को लेकर तीन विकल्प जरूर दिए हैं, लेकिन प्रभावित किसी एक विकल्प को चुनने में असमंजस की स्थिति में हैं। प्रशासन की ओर से उद्यान विभाग की जमीन पर प्री-फेब्रिकेटेड भवन के मॉडल बनाने का काम अंतिम चरण में है। भू-धंसाव तेज होने पर नगर में विभिन्न संस्थाओं के वैज्ञानिकों की टीमें जोशीमठ में जांच के लिए पहुंचीं थीं लेकिन अभी किसी भी संस्था की रिपोर्ट नहीं आई है। आपदा प्रभावितों के साथ ही सभी लोगों की निगाहें वैज्ञानिकों की रिपोर्ट पर लगी हुई हैं।

जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति का धरना बृहस्पतिवार को 33वें दिन भी जारी रहा। तहसील परिसर में समिति के बैनर तले धरने पर बैठे आपदा प्रभावितों की मांग है कि जल्द से जल्द पुनर्वास कर मुआवजा दिया जाए। साथ ही एनटीपीसी की परियोजना और हेलंग मारवाड़ी बाईपास के निर्माण को बंद किया जाए।

ग्राहकों को झटका, 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए दूध के दाम

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Milk

देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल की ओर से फुल क्रीम दूध के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके बाद अमूल के फुल क्रीम दूध का दाम बढ़कर 66 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो कि पहले 63 रुपये प्रति लीटर थे। इसके भैंस के दूध का दाम 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 65 रुपये की जगह 70 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

इसके साथ दूध के अन्य वेरिएंट्स के दामों में भी इजाफा हुआ है। अमूल की ओर से लगभग सभी प्रकार के दूध के दामों में इजाफा कर दिया गया है। ताजा बढ़ोतरी आज लागू हो गई है। यानी आज से आपको दूध खरीदने के लिए पहले के मुकाबले अधिक दाम देने होंगे।

अमूल दूध के नए दाम

अमूल ताजा 500 मिली – 27 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ताजा एक लीटर – 54 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ताजा दो लीटर – 108 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ताजा छह लीटर – 324 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ताजा 180 मिली – 10 रुपये प्रति यूनिट

अमूल गोल्ड 500 मिली – 33 रुपये प्रति यूनिट

अमूल गोल्ड एक लीटर – 66 रुपये प्रति यूनिट

अमूल गोल्ड छह लीटर- 396 रुपये प्रति यूनिट

अमूल गाय का दूध 500 मिली – 28 रुपये प्रति यूनिट

अमूल गाय का दूध एक लीटर – 56 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ए2 भैंस का दूध 500 मिली – 35 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ए2 भैंस का दूध एक लीटर – 70 रुपये प्रति यूनिट

अमूल ए2 भैंस का दूध छह लीटर – 420 रुपये प्रति यूनिट

इससे पहले दिसंबर के महीने में दिल्ली-एनसीआर में दूध की बेचने वाली कंपनी मदर डेयरी की ओर से दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया गया था।

किताब में दर्ज होगा मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडियों का इतिहास, नूतन सवेरा करेगा प्रकाशित

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मुंबई में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंड रहते हैं। उत्तराखंडी लोग सामाजिक क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाते आए हैं और सिलसिला लगातार जारी है। लेकिन, अब तक मुंबई में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के इतिहास को कभी किताब के रूप में सामने लाने का प्रयास नहीं हुआ। पहली बार इस तरह का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडियों के अब तक के इतिहास को संजोया जाएगा।

किताबें भावनाओं की वाहक होती है, जो वर्तमान को बताती हैं कि अतीत में क्या हुआ था। यह एक ऐसा दस्तावेज़ है, जिसे संजो कर हम हर दौर में अपनी पहचान की वास्तविक तस्वीर को गहराई से समझ सकते हैं। कुछ ऐसा ही प्रयास कौथिग किताब के प्रकाशन के जरिए की जा रही है।

उत्तराखंडी प्रवासियों की ओर से मुंबई या किसी भी अन्य शहर में अपने अतीत और वर्तमान को किताबों में दर्ज करने की गंभीर कोशिश बहुत कम हुई हैं।  इस पर सतत प्रयास की जरूरत है।

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कौथिग फाउंडेशन का यही प्रयास है। अपने संघर्ष को गंभीरता से दर्ज करना जरूरी होता है। इससे आने वाली पीढ़ी को अपना इतिहास और किसी शहर में होने और रहने का संघर्ष की जानकारी मिलती है।

कौथिग 2023 के लिए एक किताब पर काम चल रहा हैं और कोशिश कर रहे हैं कि प्रवासियों के कठिन सफ़रनामे को तरतीब से नयी पीढ़ी के समक्ष रखा जा सके। इस किताब के प्रकाशन की जिम्मेदारी नूतन सवेरा निभा रहा है।

दिवंगत नंदकिशोर नौटियाल ने अपने समय में नूतन सवेरा और अन्य पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से प्रवासियों के लिए काम किया।  राजीव नौटियाल  की पहल पर  कौथिग फाउंडेशन किताब का प्रकाशन करेगा।

किताब के लिए ये हैं सब्जेक्ट

1-मुंबई में प्रवासी समाज का सफ़रनामा।

2-प्रतिनिधि प्रवासियों का संघर्ष, उनकी उपलब्धियां और सामाजिक भूमिका।

3-सामाजिक संगठनों का अतीत व वर्तमान।

4-निवासी-प्रवासियों के बीच नजदीकी व दूरियां।

5-निवास व प्रवास में मेलों का आयोजन व उनकी सामाजिक सार्थकता।

6-सिनेमा जगत में उत्तराखंड की उपस्थिति। इन विषयों के साथ कुछ अन्य विषयों पर इस किताब का प्रकाशन शीघ्र करेंगे। यदि आप भी अपने शब्दों को किताब में दर्ज करना चाहते हैं, तो स्वागत है। आप अपना हमें इन E-mail पते प्रेषित कीजिएगा। nautiyalrajiv@gmail.com ksbist11@gmail.com mnsh.asthana@gmail.com

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बड़ा रेल हादसा टला, सत्याग्रह एक्सप्रेस की 15 बोगियां बिना इंजन पटरी पर दौड़ी

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बिहार : नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर गुरुवार सुबह बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। मझौलिया-बेतिया रेलवे स्टेशन के बीच महोद्दीपुर रेल गुमटी के पास 15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस की ईंजन कई बोगी छोड़कर चली गई। जिसके बाद बोगियां बिना इंजन के पटरी पर दौड़ने लगी।

जानकारी के अनुसार 15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस ईंजन और चार बोगी लेकर चली गई, शेष बोगियां बगैर ईंजन के रेल पटरी पर दौड़ने लगी। हालांकि, चार बोगी को लेकर ईंजन अभी 100 मीटर आगे बढ़ी थी कि चालक को इसकी जानकारी लग गई। चालक ने आपातकाल ब्रेक लगा कर ईंजन समेत चार बोगियों को रोका। उसके बाद फिर से सभी बोगियों को जोड़कर ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया।

इस दौरान करीब 15 मिनट तक ट्रेन रेल फाटक के समीप खड़ी रही। मामले को लेकर यात्रियों ने हंगामा भी किया। बताया जाता है कि बोगियों को कनेक्ट करने के लिए लगाए गए कपलिंग के अचानक टूट जाने के कारण यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि रक्सौल-आनंद बिहार सत्याग्रह एक्सप्रेस रक्सौल से निर्धारित समय पर खुली थी। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे के आसपास महोद्दीपुर रेल गुमटी के पास पहुंची थी।

ट्रेन में सवार यात्री राकेश कुमार ने बताया कि मझौलिया से ट्रेन खुली थी, तो रूक-रूक कर हिचकोले खा रही थी लेकिन चालक ने ध्यान नहीं दिया। महोद्दीपुर गुमटी पर पहुंचते हीं जोर का झटका लगा और ईंजन समेत चार बोगी लेकर पायलट चला गया। जबकि 15 बोगियां ट्रैक पर यूं ही रेंगने लगी।

सोने की तस्करी के रैकेट का भंडाफोड़, 21 करोड़ का सोना बरामद

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मंगलवार को सोने की तस्करी के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया। राज्य खुफिया एजेंसी ने इस दौरान 21 करोड़ रुपये मूल्य का 36 किलोग्राम सोना जब्त किया। डीआरआई सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि यह सोना अलग-अलग हवाला ऑपरेटरों के जरिए विदेश से मुंबई लाया गया था। डीआरआई ने 20 लाख रुपये नकद भी बरामद किए। सोना पिघलाने वाले एक दुकान के इंचार्ज को भी गिरफ्तार किया गया है।

इससे पहले डीआरआई ने 18 जनवरी को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4.54 करोड़ रुपये मूल्य का 8.230 किलोग्राम सोना पेस्ट के रूप में जब्त किया था। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर सोना यात्रियों के अंत:वस्त्रों की तह में छिपाया गया था, जिससे इसका पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया था।

उन्होंने कहा कि डीआरआई को इस बात की विशेष जानकारी थी कि दुबई से मुंबई जाने वाले यात्रियों के गिरोह द्वारा ‘पेस्ट’ के रूप में सोने की भारत में तस्करी की जा रही है। जिसके मुताबिक, छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डीआरआई अधिकारियों की टीम द्वारा संदिग्ध यात्रियों की पहचान की गई और उन्हें रोका गया। अधिकारी ने बताया कि उनकी तलाशी में ‘पेस्ट’ के रूप में 8.230 किलो सोना बरामद हुआ। सोने की कीमत 4.54 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एक हफ्ते में बदली गौतम अडानी की फिजा, कैसे बिगड़ा माहौल, 10 प्वाइंट में समझें

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अरबपति गौतम अडानी के लिए साल 2023 की बेहद खराब शुरुआत हुई है। खासतौर पर बीते एक हफ्ते में गौतम अडानी अर्श से फर्श पर आ गए हैं। अडानी समूह के साथ ये सबकुछ अमेरिका की शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद हुआ है। इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद गौतम अडानी की दौलत और रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है। वहीं, अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयर भी धराशायी हो गए हैं।

इस रिपोर्ट की वजह से ही दुनिया भर की रेटिंग एजेंसियां और कर्ज देने वाले बैंक अडानी समूह से सवाल पूछ रहे हैं। अब समूह ने अपना फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग यानी एफपीओ को भी कैंसिल कर दिया है। बहरहाल, आइए सिलसिलेवार 10 प्वाइंट में जानते हैं कि कैसे हफ्ते भर में ही गौतम अडानी समूह की फिजा बदल गई है।

  1. अमेरिका की शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को 106 पेज की एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में अडानी समूह पर स्टॉक्स के 85 फीसदी तक ओवरवैल्यूड होने के आरोप लगाए गए। इसके साथ ही रिपोर्ट में अडानी समूह पर शेल कंपनियां बनाकर स्टॉक्स में हेरफेर और धोखाधड़ी करने के भी आरोप लगे।
  2. रिपोर्ट के बाद 25 जनवरी को अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट का दौर शुरू हुआ। ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयर भरभरा गए। इसके बाद 26 जनवरी को शेयर बाजार बंद था। इसी दौरान अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग की रिसर्च रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर यानी FPO के खिलाफ साजिश करार दिया। हालांकि, यह सफाई बेअसर रही और 27 जनवरी को मार्केट ओपन होते एक बार फिर अडानी ग्रुप से जुड़े स्टॉक्स रेंगते नजर आए। ब्लूमबर्ग के मुताबिक हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद गुरुवार तक अडानी ग्रुप का मार्केट कैपिटल $100 बिलियन से अधिक स्वाहा हो चुका है।
  3. बीते 28 जनवरी को मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल (MSCI) ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को लेकर अडानी समूह की सिक्योरिटीज पर फीडबैक मांगा। वर्तमान में गौतम अडानी समूह से जुड़ी आठ कंपनियां एमएससीआई स्टैंडर्ड सूचकांक का हिस्सा हैं।
  4. बीते 29 जनवरी को अडानी समूह ने 413 पन्नों का बयान जारी किया जिसमें हिंडनबर्ग के सभी दावों का खंडन किया गया और इसे भारत पर कैल्कुलेटेड अटैक बताया। इसके बाद हिंडनबर्ग ने कहा कि अडानी का बयान उसकी रिपोर्ट में उठाए गए अधिकांश सवालों का जवाब देने में विफल रहा।
  5. समूह के शेयरों में बिकवाली के बीच एक सप्ताह में अडानी की व्यक्तिगत संपत्ति में भी काफी गिरावट आई है। वह अब एशिया के सबसे अमीर रईस का खिताब गंवा चुके हैं। इसके अलावा टॉप 15 अरबपतियों की सूची से भी बाहर हैं।
  6. इस माहौल के बीच स्विट्जरलैंड स्थित निवेश बैंकिंग कंपनी क्रेडिट सुइस ने भी झटका दिया। क्रेडिट सुइस ने अपने निजी बैंकिंग ग्राहकों को मार्जिन लोन के लिए जमानत के रूप में अडानी समूह के बॉन्ड स्वीकार करना बंद कर दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सिटीग्रुप इंक ने भी गौतम अडानी की फर्मों के समूह की सिक्योरिटीज को स्वीकार करना बंद कर दिया है।
  7. बीते 1 फरवरी को अडानी एंटरप्राइजेज ने एफपीओ को रद्द करने का ऐलान किया। अडानी ग्रुप ने इसे नैतिक आधार पर लिया गया फैसला बताया।
  8. इस बीच, फोर्ब्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अडानी एंटरप्राइजेज के एफपीओ को मैनेज करने के लिए जिन 10 कंपनियों को रखा गया था, उनमें दो ऐसी कंपनी भी हैं, जिनका जिक्र हिंडनबर्ग कि रिसर्च रिपोर्ट में भी किया गया है।
  9. अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों से अडानी समूह के लिए उनके कर्ज और जोखिमों की डिटेल मांगी है। वहीं, अडानी समूह का ये प्रकरण अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। संसद में विपक्षी पार्टियां अडानी ग्रुप के खिलाफ गोलबंद होती नजर आ रही हैं।
  10. गौतम अडानी भारत में सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर समूह के संस्थापक हैं। अडानी ग्रुप के कारोबार में इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन के अलावा रियल एस्टेट शामिल हैं। बीते कुछ साल में अडानी समूह ने अलग-अलग सेक्टर में एंट्री शुरू कर दी है। मसलन, सीमेंट और मीडिया इंडस्ट्री में समूह ने एंट्री ली है।