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पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर गायिका वाणी जयराम की मौत, जांच में जुटी पुलिस

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इसी साल पद्म भूषण से सम्मानित हुईं दिग्गज गायिका वाणी जयराम का निधन हो गया है। 77 वर्षीय गायिका चेन्नई में अपने घर में मृत पाई गई हैं। वाणी जयराम की मौत की जांच के लिए पुलिस भी उनके घर पर पहुंच चुकी है। वहीं, वाणी जयराम के घर काम करने वाली मलारकोडी का भी बयान सामने आ गया है।

मलारकोडी ने कहा, ‘मैंने पांच बार घंटी बजाई, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। यहां तक कि मेरे पति ने भी उन्हें फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल भी नहीं उठाया। इस घर में वो अकेले ही रहती थीं।

वाणी जयराम ने हिंदी, तमिल तेलुगू, मलयालम, मराठा, बंगाली समेत कई भाषाओं में 10 हजार से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। बॉलीवुड फिल्म ‘गुड्डी’ (1971) में उन्होंने ‘बोले रे पपीहा रे’ गाना गया था।

वाणी जयराम को सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका के लिए तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा से राज्य पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।

UGC नेट सिटी इंटीमेशन स्लिप जल्द होगी रिलीज, ऐसे करें चेक

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UGC नेट दिसंबर परीक्षा 2022 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी कि एनटीए परीक्षा के लिए सिटी इंटीमेशन स्लिप जल्द रिलीज करेगा। वहीं, जैसे ही स्लिप रिलीज होगी उसके बाद आधिकारिक वेबसाइट https://ugcnet.nta.nic.in/ पर जाकर उसे डाउनलोड कर पाएंगे। अभ्यर्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि स्लिप डाउनलोड करने के लिए उन्हें जरूरी डिटेल्स एंटर करनी होगी। इसके बाद वे ये चेक कर पाएंगे कि परीक्षा के लिए उन्हें किस सिटी के लिए ट्रैवल करना होगा।

21 से 10 मार्च तक होगा एग्जाम 

UGC NET दिसंबर सेशन के लिए एक बार सिटी इंटीमेशन स्लिप रिलीज होने के बाद ही एडमिट कार्ड जल्द रिलीज कर दिए जाएंगे। यह भी आधिकारिक वेबसाइट पर ही अपलोड किए जाएंगे। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर जरूरी डिटेल्स एंटर करके अपने प्रवेश पत्र देख पाएंगे। यूजीसी नेट की परीक्षा 21 फरवरी 2023 से 10 मार्च 2023 तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 83 भाषाओं के लिए आयोजित की जाएगी।

बढ़ाई गयी थी डेट 

NTA ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) दिसंबर सत्र 2022 के लिए हाल ही में आवेदन प्रक्रिया खत्म हुई है। इस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 23 जनवरी 2023 तक का मौका मिला था। हालांकि, पहले आवेदन की अंतिम तिथि 17 जनवरी थी, जिसे बढ़ाकर 23 जनवरी किया गया था।

ऐसे चलेगा पता 

UGC नेट दिसंबर एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले स्टूडेंट्स आधिकारिक साइट http://ugcnet.nta.nic.in पर जाएं। होम पेज पर उपलब्ध एग्जाम सिटी इंटिमेशन लिंक पर क्लिक करें। अब पंजीकरण विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें। अब आपका परीक्षा शहर स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। अब परीक्षा शहर की जांच करें और पृष्ठ डाउनलोड करें। अब आगे की जरूरत के लिए उसी की एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

इतनी रफ्तार से बढ़ी इन सांसदों संपत्ति, रिपोर्ट में खुलासा

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लोकसभा चुनाव में अभी पूरा एक साल है। 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इस बीच रराजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने अपनी एक रिपोर्ट में 2009 से 2019 के लोकसभा चुनावों के बीच लगातार तीन बार चुने गए 71 सांसदों की संपत्ति को लेकर खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार सांसदों औसत संपत्ति 286 फीसदी बढ़ी है। इनमें प्रति सांसद की संपत्ति में एवरेज 17.59 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है।

अमर उजाला ने इसको लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट के अनुसार 2009 में निर्दलीय सहित विभिन्न दलों द्वारा मैदान में उतारे गए इन 71 दोबारा निर्वाचित सांसदों की औसत संपत्ति 6.15 करोड़ रुपये थी। लेकिन 2014 में दोबारा चुने गए इन सांसदों की औसत संपत्ति बढ़कर 16.23 करोड़ रुपए हो गई। पिछले चुनाव यानी 2019 की बात करें तो 71 सांसदों की औसत संपत्ति 23.75 करोड़ रुपये हो गई।

जिन सांसदों की संपत्ति सबसे ज्यादा बढ़ी है उनमें भाजपा के छह सांसद हैं। एनसीपी, शिरोमणि अकाली दल, बीजद और ।प्न्क्थ् से एक-एक सांसद टॉप दस में शामिल हैं। सबसे आगे बठिंडा सीट से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल हैं। दस साल में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल की संपत्ति में सबसे ज्यादा 157.68 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। 2009 में बादल की संपत्ति 60.31 करोड़ रुपये थी जो 2019 में 217.99 करोड़ रुपये हो गई।
इस सूची में दूसरा नाम शरद पवार की बेटी और बारामती सीट से एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले का आता है।

सुले की संपत्ति 2009 में 51.53 करोड़ रुपये थी जो 2019 में बढ़कर 140.88 करोड़ रुपये हो गई। दस साल में उनकी संपत्ति में 89.35 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। संपत्ति इजाफे के मामले में तीसरा नाम पुरी सीट से बीजद सांसद पिनाकी मिश्रा का आता है। दस साल में मिश्रा की संपत्ति 87.78 करोड़ रुपये बढ़ी। 2009 में उनकी संपत्ति 29.69 करोड़ रुपये थी जो 2019 में 117.47 करोड़ रुपये तक पहुँच गयी है।

भाजपा के सांसदों में सबसे ज्यादा संपत्ति वृद्धि पीसी मोहन की हुई है। 2009 में कर्नाटक बैंगलोर से सांसद मोहन की संपत्ति पांच करोड़ थी जो 2019 में बढ़कर 75 करोड़ हो गई। टॉप दस में पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी का भी नाम है। 2009 में वरुण की संपत्ति 4.92 करोड़ थी जो 2019 में बढ़कर 60.32 करोड़ हो गई है। उनकी संपत्ति में 1124 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी कड़ी में अन्य प्रमुख नाम सुल्तानपुर से भाजपा सांसद मेनका गांधी का है।

2009 में मेनका की संपत्ति 17 करोड़ थी जो 2019 में बढ़कर 55 करोड़ हो गई। लगातार तीन बार निर्वाचित सांसदों की औसत संपत्ति में वृद्धि के मामले में सबसे ज्यादा 43 भाजपा के सांसद हैं। 10साल में भाजपा के इन सांसदों की संपत्ति औसतन 15 करोड़ बढ़ी है। 2009 में इनकी औसत संपत्ति चार करोड़ थी जो 2019 में बढ़कर 20 करोड़ हो गई।

इस मामले में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, इसके दस सांसदों की संपत्ति में औसतन दस करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 2009 में इनकी औसत संपत्ति पांच करोड़ थी जो 2019 में वृद्धि के साथ 16 करोड़ हो गई। इस कड़ी में तीसरा नाम पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का है। 71 में से इसके सात लोकसभा सदस्यों की संपत्ति में औसतन पांच करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 2009 से जीत रहे तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की औसत संपत्ति 76 लाख थी जो 2019 में बढ़कर 5.9 करोड़ हो गई। इसी तरह दो-दो सांसदों के साथ बीजद और शिवसेना क्रमशः चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। इसके अलावा एक-एक सांसद के साथ टॉप दस में AIMIM, AIUDF, IUML, जद (यू) और एनसीपी भी हैं।

CM बोले : कोई मरा-मरा कहता है तो कोई राम-राम, क्या फर्क पड़ता है?

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रामचरितमानस पर समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान ने हंगामा मचा दिया है. आए दिन उनके बयान पर राजनीति हो रही है. बीजेपी और तमाम दक्षिणपंथी समूहों ने समाजवादी पार्टी की खूब आलोचना की है. वहीं अब इस पर पूरे विवाद पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि इस मुद्दे पर वाद-विवाद करना ही गलत है. हमें रामचरितमानस के मूल तत्व को समझना होगा.

एक सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  ने कहा, ‘देखिए बात रामायण के बारे में है, राम के बारे में है… राम को आप किसी भी रूप में देख सकते हैं, “मरा-मरा” बोलेंगे तो भी आखिर में “राम-राम” बोल ही लेते हैं… क्या फर्क पड़ता है. आप किसी भी नाम से जपें.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बयान में आगे कहा कि चाहे कोई विरोध में भी बात करे तो भी उसी का (राम) नाम है. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस के सकारात्मक पहलू हैं जिन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए. भूपेश बघेल ने कहा, ‘वाद-विवाद करना गलत है. जो अच्छी चीजें हैं उसको ग्रहण कर लीजिए. दो-चार चौपाई से ग्रंथ को कोई फर्क नहीं पड़ता है. उसके मूल तत्व को समझना बहुत जरूरी है… हर बात हर एक व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकती.’

दरअसल, कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों पर सवाल खड़े कर दिए थे. उन्होंने कहा था कि जो धर्म आदिवासी, दलित, पिछड़े और महिलाओं का विरोध करता है, शूद्रों के सत्यानाश की बात करता है, ऐसे धर्म का सत्यानाश हो.

उन्होंने ये भी कहा कि कुछ पंक्तियां (रामचरितमानस में) हैं जिनमें ‘तेली’ और ‘कुम्हार’ जैसी जातियों के नामों का उल्लेख है और इनके कारण लाखों लोगों की भावनाएं होती हैं. मौर्य ने कहा कि रामचरितमानस के आपत्तिजनक अंश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

उत्तराखंड : अब तक 8 परीक्षाओं में गड़बड़ी, 6 रद्द, 66 गिरफ्तार

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देहरादून : भर्ती घोटालों का दाग उत्तराखंड पर ऐसा लगा है, जो छूटनने का नाम नहीं ले रहा है। एक ग्रहण छूटता है तो दूसरा लग जाता है। एक के बाद एक भर्ती घोटाले सामने आ रहे हैं। सरकारें चाहे कितने ही दावे क्यों ना करे, लेकिन सच यह है कि सरकारों का तंत्र कभी इन भर्ती घोटालों का ना तो पता लगा पाया और कभी जांच की जहमत उठाई।

इतना जरूर है कि धामी सरकार ने बेरोजगारों की ओर से शिकायत और कुछ सबूत दिए जाने के बाद जांच का साहस जरूर दिखया। UKSSSC पेपर लीक मोमले की जांच हुई तो परतें खुलती चली गईं। एक के बाद एक कई बड़े खुलासे हुए। कई चेहरे बेनकाब हुए।

राज्य में 2015 से अब तक UKSSSC और UKPSC के 3314 पदों पर भर्ती कराई गई। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कांड और अन्य तरह की गड़बड़ियां सामने आई। मामलों का खुलासा होने के बाद अब तक 66 आरेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। कुछ को जमानत भी मिल चुकी है, जबकि कुछ अब भी सलाखों के पीछे हैं। स्पेशल टास्क फोर्स ने शानदार काम किया। जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी पकड़ी गई है, उनमें दो कांग्रेस तो छह भाजपा के शासनकाल में कराई गईं।

ये भर्तियां हुई रद्द
नकल माफिया और अधिकारियों के गठजोड़ यूपी तक फैला हुआ था। इस गठजोड़ ने हजारों युवाओं के सपनों को चकनाचूर करके रख दिया। VPDO : भर्ती 2016 में हुई थी। 196 पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी। यह परीक्षा UKSSSC ने कराई थी, जिसका परिणाम 26 मार्च 2016 को घोषित किया गया। कुछ समय पहले पता चला कि इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की OMR शीट से छेड़छाड़ की गई थी। इस प्रकरण में UKSSSC के पूर्व अध्यक्ष डा. RBS रावत, पूर्व सचिव मनोहर सिंह कन्याल, पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया सहित छह को गिरफ्तार किया जा चुका है। STF इसकी जांच कर रही है।

स्नातक स्तरीयः UKSSSC ने चार और पांच दिसंबर 2021 को यह भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। विभिन्न विभागों में स्नातक स्तरीय 933 पदों को भरने के लिए कराई गई इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में नकल माफिया हाकम सिंह, केंद्रपाल और प्रश्नपत्र छापने व परीक्षा की अन्य जिम्मेदारियों संभाल रही आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस के मालिक राजेश चौहान समेत 43 आरोपितों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया।

सचिवालय रक्षक : यह भर्ती परीक्षा 33 पदों के लिए आयोजित की गई थी। 26 सितंबर 2021 को हुई इस भर्ती परीक्षा का पेपर भी RMS टेक्नो साल्यूशंस के कर्मचारी ने UKSSSC के अंदर से लीक किया था। इसका पता तब लगा, जब स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की जांच शुरू हुई। इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है।

वन दारोगाः वन दारोगा की भर्ती परीक्षा 16 से 25 जुलाई 2021 तक आनलाइन हुई थी। 316 पदों के लिए हुई इस भर्ती में धांधली से पर्दा तब उठा, जब स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा की जांच की गई। इस भर्ती की जांच करने के लिए UKSSSC की ओर से एसटीएफ को पत्र लिखा गया था। इस परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था। इस मामले में चार आरोपित गिरफ्तार किए गए।

लेखपाल : यह भर्ती परीक्षा आठ जनवरी 2023 को राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने आयोजित की थी। 536 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा की जांच में सामने आया कि आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने ही इसका पेपर लीक कर दिया। इस मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इस प्रकरण में संजीव चतुर्वेदी समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन भर्ती परीक्षाओं की चल रही जांच
दारोगा (सीधी भर्ती) : 2015 में हुई उत्तराखंड पुलिस में दारोगा की सीधी भर्ती में भी घपलेबाजी सामने आई। 339 पदों पर हुई इस भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ तो हुई ही, कई अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेजों के सहारे भी पेपर देकर दारोगा बन गए। अब विजिलेंस की जांच के बाद 20 दारोगाओं को निलंबित किया गया है। इस मामले में जांच चल रही है। यह परीक्षा UKSSSC ने कराई थी।

AE और JE भर्ती परीक्षा : राज्य लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2022 में जेई के 735 पदों के लिए सात से 10 मई तक और AE के 166 पदों के लिए 23 से 26 मई तक परीक्षा कराई थी। लेखपाल भर्ती पेपर लीक का राजफाश होने के बाद इस भर्ती परीक्षा में भी धांधली की बात सामने आई। अब एसआइटी की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद नौ आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस पेपर लीक को भी लेखपाल भर्ती की धांधली में लिप्त गिरोह ने अंजाम दिया था।

कलयुगी बेटे की करतूत, मां को जिंदा जलाया

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बेंगलुरू में हॉलीवुड फिल्म ‘ऑर्फन’ से मिलती-जुलती एक घटना सामने आई है। दरअसल, बेंगलुरु में एक दंपती ने एक अनाथ बच्चे को गोद लिया था, उस बच्चे ने अपनी मां को ही आग के हवाले कर दिया और अब पिता को भी जान से मारने की धमकी दे रहा है।

इस बात की जानकारी स्थानीय पुलिस द्वारा दी गई है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उत्तम कुमार के तौर पर की गई है। पुलिस के मुताबिक, मंजूनाथ और उसकी पत्नी के बच्चे नहीं थे, इसलिए उन्होंने आरोपी को गोद लिया था।

हालांकि, कुछ समय बाद आरोपी उत्तम कुमार ने अपने माता-पिता का अनादर करना शुरू कर दिया और उनसे नफरत भी करने लगा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी उत्तम कुमार ने साल 2018 में ही अपनी दत्तक मां को आग में जिंदा जला दिया था, जिसके लिए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रिहा होने के बाद उसने अपने पिता को जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया था।

पीड़ित पिता मंजूनाथ ने पुलिस को बताया कि उनके पास पांच घर है जिसमें किराएदार रहते हैं, इनका बेटा चाहता है कि किराए के पैसे उसे दिए जाए। जब मंजूनाथ ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी किरायेदारों के पास गया और उन्हें हथियार दिखाकर धमकी दी कि वे किराया सिर्फ उसे ही दिया करें। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई तो उसने ड्रामा शुरू हो गया। सदाशिवनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

न गाड़ी और न घोड़ी, JCB पर सवार होकर निकाला दूल्हा

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गुजरात के नवसारी जिले में एक अनोखी शादी देखने को मिली है। अक्सर हम दूल्हे को घोड़ी पर बारात लाते हुए देखते हैं लेकिन नवसारी में दूल्हे ने अपनी शादी को अनोखा बनाने के लिए बुलडोजर पर बारात निकाली थी। बुलडोजर पर निकली बारात की अनोखी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रही हैं।

दरअसल यह पूरा मामला नवसारी के कलियारी गांव का है। जहां आदिवासी धोडीया समाज के केयूर पटेल ने बुलडोजर पर अपनी बारात निकाली है। इस अनोखी बारात पर दूल्हे का कहना है कि वह अपनी शादी में कुछ अलग हटकर करना चाहता था। यही वजह है कि उसने खुदाई के लिए इस्तेमाल होने वाली जेसीबी मशीन पर अपनी बारात निकालने का सोचा था।

केयूर पटेल ने बताया कि उसने कुछ समय पहले पंजाब में एक दूल्हे को बुलडोज़र पर बारात निकालने का वीडियो देखा था। वही वीडियो देखकर उसने अपनी बारात भी बुलडोजर पर निकालने की ठान ली थी। दूल्हे ने बताया कि सब लोग गाड़ी लेकर आते हैं…मैं कुछ अलग करना चाहता था इसलिए मैं अपनी शादी पर जेसीबी लेकर आया था। उसने कहा कि मैं कुछ अनोखा करना चाहता था इसलिए मैंने यूट्यूब पर जेसीबी पर बारात निकालने का वीडियो देखा था।

बारात को देखकर दुल्हन पक्ष के लोग भी काफी हैरान हो गए थे। एक महंगी गाड़ी की तरह ही जेसीबी को फूलों से पूरी तरह से सजाया गया था। ढोल बजाते हुए साथ ही डीजे लेकर चल रही ये बारात दुल्हन के घर पहुंची थी। अतरंगी बारात को देखकर स्थानीय लोग भी आश्चर्यचकित रह गए।

 

 

कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी पर गिरी गाज, कांग्रेस ने सांसद परनीत कौर पार्टी से निलंबित

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पंजाब : पंजाब कांग्रेस ने हाल ही में एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी किया है। इसमें बताया गया है कि पार्टी ने पटियाला की अपनी लोकसभा सांसद परनीत कौर को पार्टी से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और पटियाला से लोकसभा सांसद रही परनीत कौर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं, जिसके कारण पार्टी ने उन्हें निष्कासित करते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा है। कांग्रेस के कई नेताओं ने भी इस बात की पुष्टि की है कि परनीत कौर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

जारी किए गए प्रेस रिलीज में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष को पीसीसी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस बात की शिकायत की है कि परनीत कौर भाजपा की मदद करने के लिए पार्टी के विरोध में कई गतिविधियां कर रही थीं। पार्टी को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थी। AICC की ओर से तुरंत इस मामले में कार्रवाई करने की बात कही गई थी। डीएसी ने इसपर विचार किया और परनीत कौर को पार्टी से तत्काल रूप से निलंबित कर दिया।

साथ ही प्रेस रिलीज में बताया गया है कि परनीत कौर को तीन दिन का समय दिया गया है जिसमें उन्हें बताना है कि आखिर क्यों उन्हें पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाना चाहिए। परनीत कौर के कई करीबी भाजपा में शामिल थे जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी की मांग थी कि परनीत कौर को पार्टी से बाहर निकाल देना चाहिए।

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि परनीत कौर कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं। कुछ तकनीकि कारणों और लोकसभा सदस्या रद्द होने के डर से वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं लेकिन लोगों का यह मानना गलत होगा कि परनीत कौर पार्टी की सदस्य हैं। साथ ही रंधावा ने कहा था कि परनीत कौर में अगर थोड़ा सा अत्मसम्मान बचा है तो वो खुद ही पार्टी छोड़ दें।

अखिलेश यादव के काफ‍िले में बड़ा हादसा, मौके पर मची भगदड़, कई लोग घायल

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हरदोई : सपा प्रमुख अखिलेश यादव के काफ‍िले में बड़ा हादसा हो गया। इसमें कई लोग घायल हो गए। जिन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया है। जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव किसी शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ उनके काफ‍िले में कई गाड़‍ियां चल रही थीं।

बताया जा रहा है कि यह गाड़‍ियां आपस में टकरा गईं। करीब 6 गाड़‍ियां टकराई हैं। इसके बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। गाड़‍ियां टकराने के बाद काफ‍िले में ही शा‍मिल कई लोग घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस से अस्‍पताल ले जाया गया है।

बताया गया है क‍ि अख‍िलेश यादव हरदोई के हरपालपुर क्षेत्र के बैठापुर गांव में एक शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। फरहत नगर रेलवे क्रासिंग के पास कोई सामने आया तो एक गाड़ी ने ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहे कई वाहनों ने भी जब ब्रेक लगाए तो स्‍पीड तेज होने के कारण गाड़‍ियां आपस में टकरा गईं।

अजन्मे बच्चे को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इस्तेमाल की स्पेशल पॉवर, जानें क्या है मामला

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देश की सर्वोच्च अदालत ने एक गर्भ में पल रहे एक बच्चे को बचाने के लिए संविधान के तहत मिली असाधारण शक्तियों का प्रयोग किया है. 20 साल की युवती ने अनचाहे गर्भ को गिराने की अनुमति मांगी थी. इस मामले पर एम्स (AIIMS) ने गर्भपात न करने की सलाह दी. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एम्स को युवती का सुरक्षित प्रसव कराने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के दखल के चलते जन्म के बाद बच्चे को नया परिवार भी मिलेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे के जन्म के बाद उसे एक इच्छुक परिवार को सौंपने की अनुमति दी है. इस परिवार ने युवती की याचिका के बारे में जानने के बाद बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकार का प्रयोग करते हुए एम्स को प्रसव कराने का निर्देश दिया और शिशु को इच्छुक परिवार को सौंपने की अनुमति दी थी.

20 साल की इंजीनियरिंग छात्रा ने 29 माह के गर्भ को गिराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. युवती ने कोर्ट को बताया था कि उसे 7 महीने बाद गर्भ ठहरने का पता चला. कोर्ट को यह भी बताया गया कि युवती अविवाहित है और उसके परिवार वाले बच्चे को अपनाने को तैयार नहीं है.

मामला तब पेचीदा हो गया जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एम्स के मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट पेश की. एम्स ने अपनी रिपोर्ट में सलाह दी कि इस स्थिति में अगर सर्जरी की जाती है तो बच्चा गर्भ से जीवित ही बाहर आएगा. जीवित होने की स्थिति में बच्चे को नवजात शिशु गृह में रखना होगा. एम्स की रिपोर्ट के बाद यह मामला दुर्लभतम श्रेणी में पहुंच गया.

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी माना कि यह केस गर्भपात के उन मामलों की तरह नहीं है, जिनमें अनुमति दी जाती रही है. पिछली सुनवाई में सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा था कि ऐसी स्थिति में गर्भपात 29 सप्ताह के बच्चे की हत्या के समान होगा.

असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने एडिशनल सॉलीसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को युवती से बात करने को कहा. लड़की से बात करने के बाद ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि अब वह गर्भ में पल रहे बच्चे को जन्म देने को तैयार है लेकिन अपनी परिस्थितियों के चलते उसे अपने पास नहीं रख सकती. भाटी ने यह भी बताया कि एक युगल है जो जन्म के बाद बच्चे को गोद लेने और उसकी परवरिश के लिए तैयार है.

इस युगल ने सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) में रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है. कोर्ट को बताया गया कि छात्रा बहुत टूटा हुआ महसूस कर रही थी. वहीं, लड़की के वकील ने कहा कि वह बहुत परेशानी में हैं और कुछ गलत कदम उठा सकती है. इस पर ऐश्वर्या ने कहा कि ऐसा है तो वह लड़की को अपने साथ रखने को तैयार हैं.