Home Blog Page 598

बड़ी खबर : भारत में BBC के काम पर रोक लगाने की याचिका SC में खारिज

0

नई दिल्ली: BBC की डॉक्यूमेंट्री के साथ-साथ भारत में BBC के काम पर रोक लगाने की हिंदू सेना की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इस मामले में SC ने कहा कि ये याचिका पूरी तरह गलत है. हम ऐसा आदेश कैसे दे सकते हैं? जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस याचिका में कोई मेरिट नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से वकील पिंकी आनंद ने कहा कि BBC पूरी तरह भारत विरोधी और PM मोदी के खिलाफ अभियान चला रहा है. अदालत के पास इसे बैन करने का अधिकार है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हिंदू सेना की याचिका में कहा गया था कि BBC नें भारत की एकता और अखंडता तोड़ने की साजिश की है. इसकी जांच NIA से करवाई जानी चाहिए और भारत में BBC पर बैन लगाया जाना चाहिए. हालांकि, इससे पहले 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित BBC डॉक्यूमेंट्री को सेंसर करने से रोकने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से तीन हफ्तों में जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को BBC डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को ब्लॉक करने के अपने फैसले से संबंधित प्रासंगिक रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है. इस मामले पर सुनवाई अब अप्रैल में होनी है. वरिष्ठ पत्रकार एन राम, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और एडवोकेट प्रशांत भूषण की ओर से वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह एक ऐसा मामला है, जहां सार्वजनिक डोमेन में आदेश दिए बिना आपातकालीन शक्तियां लागू की गईं. उन्होंने बताया कि डॉक्यूमेंट्री के लिंक शेयर करने वाले ट्वीट ब्लॉक कर दिए गए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सरकार से इससे जुड़े आदेश की फाइल मांग रहे हैं और इसकी जांच करेंगे.

CM पढ़ने लगे थे पुराना बजट, विपक्ष ने लगाया आरोप, जोरदार हंगामा

0

जयपुर:  राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज बजट पेश कर रहे हैं. इस दौरान काफी हंगामे के बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सीएम अशोक गहलोत पुराना बजट पढ़ने लगे थे.

विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थोड़ी देर के लिए रुक गए. ऐसा लगा कि एक पेज पढ़ने के दौरान छूट गया. इस पर विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौर ने कुछ टिप्पणियां की. जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई.

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट विवाद पर कहा कि बजट बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है और मैं जब मुख्यमंत्री थी तो दो-तीन बार बजट को पढ़ती थी. उन्होंने अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री इतने बड़े डॉक्यूमेंट में लापरवाही कर सकता है, आप समझ सकते हैं कि उसके राज में प्रदेश कितना सुरक्षित है?

हंगामे के कारण अध्यक्ष को सदन से बाहर जाना पड़ा और आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. वहीं विपक्ष सदन के वेल में ही बैठा है. उसका आरोप है कि बजट लीक हो गया है. सीएम पुराना बजट ही पढ़ रहे थे. ये राजस्थान के बजट इतिहास में एक बड़ी भूल है.

विपक्ष का आरोप है कि सीएम ने पुराना बजट पढ़ना शुरू कर दिया था. इस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई. इसके बाद वित्त विभाग से जुड़े अधिकारी बजट की कॉपी लाने के लिए भागे. विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री के अलावा कोई और बजट नहीं ला सकता है. बजट तकनीकी रूप से लीक हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट को मिले दो नए जज, इतने साल बाद पूरी हुई क्षमता

0

सुप्रीम कोर्ट को दो और जज मिल गए हैं. राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर मुहर लगाई है.  इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया है. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या क्षमता के तहत पूरी 34 हो गई है.  31 जनवरी को कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की नियुक्ति की सिफारिश भेजी थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल,और गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी.

ससे पहले जब रंजन गोगोई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) थे तब सुप्रीम कोर्ट में जजों के सभी पद भरे हुए थे. पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर सरकार की लगाई गई, आपत्तियों का खंडन करते हुए केंद्र को लिखे गए अपने पत्र अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए थे. एडवोकेट सौरभ किरपाल को दिल्ली हाईकोर्ट, सोमशेखर सुंदरसन को बॉम्बे हाईकोर्ट और आर जॉन सत्यन को मद्रास हाईकोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई थी.

किरपाल के मामले में न्यायालय ने दोनों कारणों का हवाला देते हुए यह खारिज कर दिया था कि उम्मीदवार खुले तौर पर समलैंगिक है और उसका साथी स्विस नागरिक है. अदालत ने कहा था कि इन आधारों पर उसे खारिज करना स्पष्ट रूप से संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत होगा. बॉम्बे हाईकोर्ट के सोमशेखर सुंदरेसन की पदोन्नति सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर खारिज कर दी गई थी. सूत्रों ने कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर आलोचनात्मक ट्वीट किए थे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ”सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है.

एक उम्मीदवार द्वारा विचारों की अभिव्यक्ति उसे एक संवैधानिक पद धारण करने के लिए तब तक अयोग्य नहीं बनाती है जब तक कि जज के पद के लिए प्रस्तावित व्यक्ति मेरिट और सत्यनिष्ठा के आधार पर योग्यता रखने वाला व्यक्ति हो.” मद्रास हाईकोर्ट के वकील आर जॉन साथियान के बारे में भी उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पर खुफिया ब्यूरो से एक निगेटिव रिपोर्ट मिली थी. इनमें से एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाला लेख था.

उत्तराखंड : यशपाल आर्य का बयान, लाठी-डंडों के बल पर आंदोनल को कुचलना चाहती है सरकार

0

देहरादून : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर घंटाघर, गांधी पार्क और राजपुर रोड इलाके में शांति पूर्वक धरना-प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों पर बर्बर लाठीचार्ज कर सरकार ने सिद्ध कर दिया है कि वह देवभूमि उत्तराखंड में सरकार उसकी संस्थाओं और पुलिस के गलत कार्यों का विरोध करने वालोँ को लाठी-गोली के बल पर कुचलना चाहती है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर परीक्षा में नकल माफिया द्वारा सामूहिक नकल कराना उत्तराखण्ड की नियति बन गयी है। जो नकल के मामले खुले भी हैं वे सारे मामले राज्य की पुलिस या उसकी किसी जांच संस्था ने नहीं खोले हैं , बल्कि बेरोजगारों के लंबे संघर्ष के बाद हुई जांचों के बाद खुले हैं।

यशपाल आर्य ने कहा कि , अभी तक हुई हर परीक्षा में अनिश्चितता और शंसय के माहौल के कारण यदि प्रदेश के युवा, सभी भर्तियों की जांच सीबीआई से करवाने, जांच तक परीक्षाओँ को निरस्त रखने और नकल विरोधी कानून पास करने तक परीक्षाओँ को स्थगित रखने की मांग कर रहे हैं तो ये कंही गलत नही है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि, बेरोजगार युवा लोक सेवा आयोग से लेकर मुख्यमंत्री तक को सभी सबूत दे चुके हैं लेकिन सरकार अभी तक बेरोजगारों को संतुष्ट करने वाले निर्णय नहीं ले सकी है न ही नकल विरोधी कानून को ले पायी है।

अब सरकार अपनी और अपनी संस्थाओं की असफलता का दंड बेरोजगारों पर लाठी-चार्ज कर और उनका दमन करके देना चाहती है जिसे उत्तराखण्ड की जनता सहन नहीं करेगी। नेता प्रतिपक्ष ने बेरोजगारों को आश्वासन दिया कि, उनकी हर न्यायोचित लड़ाई में कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक उनका साथ देगी।

ISRO का SSLV-D2 रॉकेट श्रीहरिकोटा से लॉन्च, इसलिए है खास

0

ISRO ने आज लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान SSLV-D2 के दूसरे संस्करण को लॉन्च कर दिया है। आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा रॉकेट पोर्ट के पहले लॉन्चपैड से आज सुबह 9.18 बजे इसको लॉन्च किया गया। इसरो के अनुसार ये रॉकेट तीन उपग्रहों- इसरो के अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-07, अमेरिका के ANTARIS की Janus-1 और चेन्नई की स्पेस किड्ज इंडिया की AzaadiSat-2 को 450 किलोमीटर पर पृथ्वी की गोलाकार कक्षा में स्थापित करेगा।

ये हैं ख़ास बातें 

  • ISRO ने SSLV को 550 किलोग्राम की पृथ्वी की निचली कक्षा (एलईओ) तक ले जाने की क्षमता के साथ विकसित किया है। यह छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के बाजार पर आधारित है।
  • SSLV-D2 का कुल वजन 175.2 किलोग्राम होगा, जिसमें 156.3 किलोग्राम EOS, 10.2 किग्रा Janus-1 और 8.7 किग्रा AzaadiSat-2 का होगा।
  • एसएसएलवी रॉकेट अंतरिक्ष के लिए कम लागत वाली पहुंच प्रदान करता है, जो कई उपग्रहों को समायोजित करने में कम समय और लचीलापन प्रदान करता है और न्यूनतम लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना काम पूरा करता है।
  • इसरो के अनुसार एसएसएलवी रॉकेट की लगभग 56 करोड़ रुपये है और यह 34 मीटर लंबा है। रॉकेट का भार 120 टन है। अपनी उड़ान के लगभग 13 मिनट में, SSLV रॉकेट EOS-07 और उसके तुरंत बाद अन्य दो उपग्रहों Janus को बाहर निकाल देगा। इसरो ने बताया कि तीनों उपग्रहों को 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर छोड़ा जाएगा।
  • यह रॉकेट लॉन्चिंग इसलिए भी खास है क्योंकि एसएसएलवी की पहली उड़ान एसएसएलवी-डी1 पिछले साल 7 अगस्त को विफल रही थी।
  • इसरो ने जब विफलता का पता लगाने की कोशिश की तो पता चला कि दूसरे चरण के पृथक्करण के दौरान कंपन के कारण लाॉन्चिंग प्रभावित हुई थी। रॉकेट का सॉफ्टवेयर उपग्रहों को बाहर निकालने में सक्षम था, लेकिन इजेक्शन गलत कक्षा में किए गए थे। उपग्रहों में एक स्थिर कक्षा में होने के लिए आवश्यक वेग का भी अभाव था, जिसके चलते उपग्रह गलत दिशा में चले गए।

उत्तराखंड : दून में आज धारा 144 लागू, लगाए गए कड़े प्रतिबंध

0

देहरादून: पुलिस अधीक्षक (नगर), देहरादून से आज प्राप्त सूचना के अनुसार बेरोजगार संघ के युवाओं, उनके अभिभावकों द्वारा स्थान गांधी पार्क, परेड ग्राउण्ड देहरादून में 09 फरवरी 2023 से 10 फरवरी 2023, अधिक संख्या में गाँधी पार्क पहुचने की सम्भावना हैं और इससे शान्ति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की पूर्ण सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु परेड ग्राउण्ड के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में धारा-144 द०प्र०सं० लागू की गई है।

उक्त क्षेत्रान्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थान, चैराहे अथवा अन्य जगह पर 5 या उससे अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं होंगे और किसी भी प्रकार के समूह में बसों, ट्रैक्टर ट्रॉलियों अथवा दोपहिये वाहनों तथा चैपहिया वाहनों के जुलूस की शक्ल में एकत्र होने पर प्रतिबन्ध रहेेगा। किसी भी प्रकार के जुलूस/प्रदर्शन सार्वजनिक सभा का आयोजन बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जायेगा।

उक्त क्षेत्रान्तर्गत कोई भी व्यक्ति अग्नेयास्त्र, लाठी, हाकी, स्टिक, तलवार अथवा अन्य कोई तेज धार वाला अस्त्र, जिसका फल ढाई इंच से अधिक न हो, बम और किसी अन्य प्रकार की बारूद वाले अस्त्र जिसका प्रयोग हिंसा के लिए किया जाता हो, लेकर नहीं चलेगा और न ही कोई हिंसा के प्रयोग हेतु ईंट, पत्थर रोड़ा आदि एकत्र करेगा।

साथ ही कोई भी व्यक्ति अपने घर के आँगन के अतिरिक्त पटाखों एवं बारूद से बने किसी भी वस्तु का प्रयोग सड़क पर, गली पर व चैराहे पर नही करेगा। शस्त्र अथवा लाठी लेकर चलने का प्रतिबन्ध ड्यूटी पर कार्यरत राजकीय सेवकों, बुर्जुगो एंव बीमार व्यक्तियों जिनके लिए इसका सहारा (लाठी) आवश्यक है, पर लागू नहीं होगा।

उक्त क्षेत्रान्तर्गत किसी भी प्रकार की नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग, सरकारी इमारतों पर नारे लिखना, साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले उत्तेजक भाषण करना, किसी प्रकार के भ्रामक साहित्य के प्रचार-प्रसार आदि को भी प्रतिबन्धित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति राजकीय एवं सार्वजनिक सम्पत्तियों को किसी प्रकार की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से क्षति नहीं पहुँचायेगा।

उक्त आदेश 09 फरवरी 2023 से गाँधी पार्क, परेड ग्राउण्ड में आयोजित धरना प्रदर्शन की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा, यदि इससे पूर्व इसे अपास्त न कर दिया जाये। उपरोक्त आदेश का उल्लंघन भा०दं०वि० की धारा 188 के अधीन दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

UKPSC के दो कर्मचारी सस्पेंड, 56 अभ्यर्थियों को ब्लैकलिस्ट का नोटिस

0

UKPSC News: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के भर्ती परीक्षा पेपर लीक हंगामे के बीच आयोग ने कई फैसले लिए हैं। आयोग ने इसमें शामिल 56 अभ्यर्थियों को ब्लैक लिस्ट करने के लिए नोटिस भेजा है, जिसकी सूची जल्द वेबसाइट पर जारी की जाएगी। साथ ही सवालों के घेरे में आए आयोग के परीक्षा नियंत्रक को भी हटा दिया गया है। वहीं यूकेपीएससी ने 02 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और 03 भर्ती परीक्षाओं के पेपर नष्ट करते हुए नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं।

UKPSC द्वारा 56 अभ्यर्थियों को ब्लैक लिस्ट करने के लिए नोटिस

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने भर्ती परीक्षा पेपर लीक में शामिल 56 उम्मीदवारों को ब्लैक लिस्ट करने के लिए नोटिस जारी किया है। 15 दिनों के भीतर इनसे जवाब मांगा गया है। इसके बाद उन्हें ब्लैक लिस्ट में डालते हुए पूरी सूची वेबसाइट पर जारी की जाएगी। इनमे 08 जनवरी को हुई राजस्व विभाग के अंतर्गत राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी / लेखपाल) परीक्षा -2022 के 44 परीक्षार्थी और जे.ई. एवं ए.ई. की परीक्षा के 12 परीक्षार्थी शामिल हैं। हरिद्वार एसएसपी की ओर से आयोग को पेपर लीक में शामिल इन उम्मीदवारों के नामों की सूची उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल इन ही दोनों मामलों की जांच जारी है। ऐसे में इस सूची में अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।

UKPSC के परीक्षा नियंत्रक हटाए गए

वहीं सरकार ने पटवारी-लेखपाल भर्ती पेपर लीक प्रकरण के बाद विवादों में आए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) के परीक्षा नियंत्रक सुंदर लाल सेमवाल को गुरुवार को हटा दिया है। इस संबंध में अपर सचिव कार्मिक कमेंद्र सिंह ने आदेश जारी किया। फिलहाल सेमवाल को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। उनकी जगह हरिद्वार के सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बता दें कि, आयोग (UKPSC) के अति गोपनीय विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के पेपर लीक करने के बाद से परीक्षा नियंत्रक पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे।

UKPSC ने पुराने प्रश्न पत्र किए नष्ट, नए पेपर तैयार

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक के आरोपी संजीव चतुर्वेदी की देखरेख में पटवारी-लेखपाल भर्ती, फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा और उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य (सिविल) प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा 2021 के तैयार किए गए पेपर भी नष्ट कर दिए हैं। इन परीक्षाओं हेतु विषय विशेषज्ञों के नवीन पैनल द्वारा पुनः नवीन प्रश्न पत्रों का निर्माण कड़ी सुरक्षा में कराया जा रहा है। आयोग (UKPSC) ने बताया कि, अपचारी कार्मिक संजीव प्रकाश चतुर्वेदी की देखरेख में राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी / लेखपाल) परीक्षा -2022 एवं वन आरक्षी परीक्षा -2022 के प्रश्न पत्रों का निर्माण किया गया था, जिन्हें विनष्ट करते हुए नवीन प्रश्न पत्र का निर्माण नवीन पैनल द्वारा कराया जा रहा है। अपचारी कार्मिक संजीव कुमार द्वारा वर्तमान वर्ष 2023 में निर्धारित किसी भी परीक्षा के प्रश्न पत्र का निर्माण नहीं कराया गया है।

UKPSC ने जेल में बंद 02 कर्मचारियों को किया निलंबित

वहीं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक के आरोप में जेल गए दो कर्मचारियों को निलंबित करने के बाद विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी। आयोग (UKPSC) के अनुसार, अपचारी कार्मिक संजीव प्रकाश चतुर्वेदी और संजीव कुमार, दोनों वर्तमान में जेल में निरुद्ध है, दोनों अपचारी कार्मिकों को निलम्बित करते हुए विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है।

उत्तराखंड : पुलिस कांस्टेबल भर्ती का रिजल्ट जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट

0

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें लिखित परीक्षा और फिजिकल परीक्षा के आधार पर सूची शार्टलिस्ट की गई है। इनमे कुल 203 अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन के लिए बुलाया गया है।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, 28 दिसम्बर 2021 को विज्ञापित उत्तराखण्ड पुलिस आरक्षी / आरक्षी पी.ए.सी. / आईआर. बी. (पुरूष) / फायरमैन (अग्निशामक) (पुरुष / महिला) परीक्षा – 2021 के अन्तर्गत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा और 18 दिसम्बर 2022 को आयोजित लिखित (वस्तुनिष्ठ) परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों को अभिलेख सत्यापन सूची के लिए शार्टलिस्ट किया गया है। अभिलेख सत्यापन सूची अभ्यर्थियों के सूचनार्थ आयोग की वेबसाईट www.psc.uk.gov.in पर प्रसारित की गयी है।

अभिलेख सत्यापन का कार्य आयोग कार्यालय में 27 फरवरी 2023 से शुरू होगा, जिसके संबंध में अनुक्रमांकवार विस्तृत कार्यक्रम आयोग की बेबसाइट पर 17 फरवरी 2023 को जारी किया जायेगा। शार्टलिस्टेड अभ्यर्थियों से पदों की वरीयता भी ऑनलाइन भरा जाना है, जो आयोग की बेबसाइट पर 17 फरवरी 2023 से उपलब्ध होगा। ऑनलाइन वरीयता की हार्ड कॉपी अभिलेख सत्यापन के समय अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि को आयोग कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।

 

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने यह भी सूचित किया किया है कि, अभ्यर्थियों के प्राप्तांक एवं कट्-ऑफ-मार्क्स अन्तिम चयन परिणाम के पश्चात आयोग की वेबसाइट पर प्रसारित किये जायेंगे। उक्त के क्रम में सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्राप्तांक से सम्बन्धित अनुरोध पत्रों के क्रम में अन्तिम चयन परिणाम से पूर्व कोई सूचना प्रदान नहीं की जायेगी।

Screenshot 20230209 193506 Samsung Notes Screenshot 20230209 193512 Samsung Notes Screenshot 20230209 193516 Samsung Notes Screenshot 20230209 193525 Samsung Notes Screenshot 20230209 193528 Samsung Notes Screenshot 20230209 193541 Samsung Notes Screenshot 20230209 193521 Samsung Notes Screenshot 20230209 193546 Samsung Notes Screenshot 20230209 193556 Samsung Notes Screenshot 20230209 193601 Samsung Notes Screenshot 20230209 193550 Samsung Notes

 

सर जडेजा का शानदार कमबैक, 5 विकेट झटक कर बनाया नया रिकॉर्ड

0

भारत के स्टार हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में चल रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में पांच विकेट झटके. लंबे समय तक चोटिल रहने के बाद टीम में वापसी करते हुए, जडेजा ने टेस्ट में अपना 11वां पांच विकेट हॉल लेकर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया. जडेजा ने 42 रन देकर पांच विकेट लिए जिससे भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 177 रन पर ऑल आउट कर दिया. विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का पैट कमिंस का फैसला टीम को भारी पड़ गया.

जडेजा दूसरे सत्र के दौरान धातक रहे. उन्होंने टॉड मर्फी को फंसाने से पहले स्टीव स्मिथ (37) और मारनस लाबुशेन (49) के बीच 82 रन की साझेदारी को तोड़ा. जडेजा (5/47) ने दिन के अंतिम सत्र में पीटर हैंड्सकॉम्ब (31) को फंसाया और ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 63.5 ओवर में ढेर हो गई. एलेक्स कैरी ने 33 गेंदों में 36 रन बनाए. अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (3/42) ने उनकी पारी को खत्म किया. अश्विन  भारत के लिए दूसरे प्रमुख विकेट लेने वाले गेंदबाज थे.

इससे पहले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (1/18) और मोहम्मद सिराज (1/30) ने पहले तीन ओवर में सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा (1) और डेविड वॉर्नर (1) को आउट कर मेहमान टीम को शुरुआती झटके दिए. पैट कमिंस के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया ने बाएं हाथ के ट्रेविस हेड को बाहर कर रखा और ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका दिया. रोहित शर्मा की भारतीय टीम ने इस मैच में टी20 स्टार सूर्यकुमार यादव और विकेटकीपर श्रीकर भरत को टेस्ट कैप सौंपी. भारत की निगाहें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार चौथी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने पर टिकी हैं.

उत्तराखंड : बेरोजगार युवाओं पर लाठीचार्ज, दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी

0

देहरादून : भर्ती घोटालों को लेकर युवा लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन, सरकार के इशारे पर पुलिस लगातार आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। पहले देर रात को आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पुलिस ने आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास किया। युवाओं, महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी की गई। आज उसके विरोध में युवा सड़कों पर उतरे।

भर्ती घोटालों के लेकर राजधानी देहरादून में भारी संख्या में पहुंचे युवाओं ने जमकर हंगामा किया। गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आक्रोश कुछ ही देर में राजधानी की सड़कों पर दिखने लगा। सड़कें जाम हो गई। जिलाधिकारी युवाओं को समझाने पहुंची, लेकिन युवाओं ने एक न सुनी। इस बीच पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिससे मामला पूरी तरहर से बिगड़ गया। सवाल यह है कि आखिर पुलिस ने किस अधिकारी और मंत्री के कहने पर लाठी चार्ज किया।

बिगड़ते हालात के बीच अब सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है। सीएम ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। कहा कि हमने घोटाला किया न दबाया है। उन्होंने युवाओं से किसी के बहकावे न आने की अपील की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा करना सबसे पहला दायित्व है। नकल रोकने के लिए कानून बनाया जाएगा।

सवाल यह भी है कि क्या सरकार को पता नहीं था कि पुलिस ने देर रात युवाओं, महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी की है। फिर सरकार ने क्यों पुलिस के जिम्मेदारी अधिकारियों पर एक्शन नहीं लिया। क्या युवा लाठी खाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए युवाओं के आंदोलन को कुचलना चाहती है। लोग इस तरह के सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है।