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गुस्से में योगी ने अखिलेश को लताड़ा, बोले : अतीक अहमद को मिट्टी में मिला देंगे…

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Yogi Adityanath

लखनऊः उत्तर प्रदेश की विधानसभा में उमेश पाल हत्याकांड की गूंज सुनाई दी। सपा के आरोपों पर योगी आदित्यनाथ गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने सपा को अतीक अहमद को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग चोरी और सीनाजोरी करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम प्रयागराज की घटना के अपराधियों को मिट्टी में मिला देंगे। इस दौरान अखिलेश और योगी आदित्यनाथ के बीच तीखी बहस भी हो गई और दोनों एक दूसरे पर चीखते नजर आए।

CM योगी ने अखिलेश पर आरोप लगाते हुए कहा कि आप सारे अपराधियों को पालेंगे। उनका माल्यार्पण करेंगे और उसके बाद तमाशा बनाते हैं आप लोग। एक तरफ अपराधियों को प्रश्रय देंगे और दूसरी तरफ दोषारोपण करेंगे। इस पर अखिलेश ने कहा कि आप बताइए, बीएसपी से आपकी दोस्ती है। इसलिए आप उसके खिलाफ नहीं बोल रहे हैं। जवाब में अखिलेश ने कहा कि जिस अतीक अहमद के खिलाफ राजू पाल के परिवार ने केस दर्ज कराया, वह सपा का पोषित अपराधी है। उसको मिट्टी में मिला देंगे।

उन्होंने कहा कि आपको बहाना चाहिए था। ये सपा के लोग पेशेवर माफिया और अपराधियों के सरपरस्त हैं। इनके रग-रग में अपराध भरा हुआ है। इसके अलावा उन्होंने कुछ सीखा नहीं है। सारा प्रदेश यह जानता है। जिस माफिया ने यह कृत्य किया है, वह यूपी से बाहर है। सपा के सहयोग से वह बार-बार एमपी और एमएलए बना है। इलाहाबाद वेस्ट से सपा सरकार के सहयोग से एमएलए बना था।

यही नहीं, 2004 में भी वह माफिया इन्हीं लोगों के सहयोग से एमपी बना था। 2009 में उस माफिया को सांसद बनाने का कुख्यात काम इन्हीं लोगों ने किया था। यह लोग चोरी और सीनाजोरी का काम कर रहे हैं। माफिया कोई भी हो, सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम सरकार करेगी। चोरी और सीनाजोरी का काम नहीं चलेगा।

योगी ने आगे कहा कि प्रयागराज की घटना दुखद है। जिसने किया, उसको बख्शा नहीं जाएगा लेकिन ये पेशेवर अपराधी आखिर किसके द्वारा पाले-पोसे गए हैं। आखिर क्यों इतनी परेशानी हो रही है। उन्होंने दिनकर की कविता सुनाते हुए कहा कि यह पाप सपा का है। उत्तर प्रदेश की जनता को, 25 करोड़ की जनता को पहचान का संकट खड़ा हुआ, इ्हीं पेशेवर अपराधियों के कारण हुआ जो सत्ता पोषित होते थे। जिन्हें महिमामंडित करके ये लोग गौरवान्वित महसूस करते थे। जिनके सामने सत्ता नतमस्तक होती, सभी जानते हैं कि उनके खिलाफ जो कार्रवाई चली है, वह नजीर बनी है।

बड़ी खबर : गृह मंत्री अमित शाह पर मिसाइल हमले का अलर्ट, आखिर देश में चल क्या रहा है?

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AMIT SHAH

पटना : मीडिया में एक खबर तेजी से चल रही है कि गृह मंत्री अमित शाह पर स्टिंगर मिसाइल से हमला हो सकता है। इसको लेकर बिहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अमित शाह का आज (शनिवार) को पटना और पश्चिम चंपारण में दौरा प्रस्तावित है। इसको लेकर एडीजी सुरक्षा की ओर से अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें गृह मंत्री के हेलीकाप्टर, हेलीपैड से लेकर सड़क मार्ग पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

दैनिक जागरण के अनुसार जारी पत्र में बताया गया है कि आतंकियों के पास अधिक दूरी तक मार करने वाले राकेट स्टिंगर मिसाइल उपलब्ध हो जाने से विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा पर खतरा अधिक बढ़ गया है। इसके बाद शुक्रवार को रात भर पटना के सभी थाना क्षेत्रों में वाहनों की जांच होती रही। होटलों, बस अड्डों और स्टेशनों पर तलाशी अभियान भी चलाया गया। हालांकि, किसी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु के मिलने की जानकारी सामने नहीं है।

अटर्ल के साथ गश्ती बढ़ाने, सघन जांच से लेकर हेलीपैड पर एकत्रित व्यक्तियों को नियंत्रित करने के लिए हवाई अड्डा व हेलीपैड के चारों तरफ बैरिकेडिंग व पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की बात कही गई है। हवाई अड्डा के बाहर चप्पे-चप्पे पर पुलिस पदाधिकारी व जवान तैनात रहेंगे।

वहां से बापू सभागार और राजकीय अतिथिशाला में भी एंटी सबोटेज जांच की गई है। अधिकारियों ने बताया कि पटना और पश्चिम चंपारण में किलेबंदी रहेगी। कार्यक्रम स्थलों पर स्वान दस्ता और बम निरोधक दस्ता की तैनाती की गई है।

गृहमंत्री अमित शाह का शनिवार को पटना साहिब में पहाड़ी पर, मेहंदीगंज पैजावा, चौकशिकारपुर और शहीद भगत सिंह चौक पर भव्य स्वागत होगा। तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में गृहमंत्री मत्था टेक गुरुघर का आशीर्वाद लेंगे। शुक्रवार को यहां तथा आने मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई एजेंसियां चौकस दिखी।

पुलिस प्रशासन की भी सक्रियता बढ़ी रही। दशमेश गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के जन्मस्थल पर उनके पहुंचते ही सभी जी आयां नूं यानी आपका स्वागत है कह कर स्वागत करेंगे। फूलों की वर्षा होगी। ढोल, मंजीरा के साथ बैंड-बाजे बजेंगे। स्वागत की तैयारियों का जायजा शुक्रवार को विधायक नंद किशोर यादव ने लिया।

दर्दनाक सड़क हादसा, सात लोगों की मौत

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ओडिशा : जाजपुर जिले के नेउलपुर में सेंट्रल बैंक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर एक सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है। खबरों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब पश्चिम बंगाल की ओर से आ रहे एक वाहन (मिनी ट्रक) ने ट्रक को टक्कर मार दी। हादसे में मारे गए सभी सात लोग कोलकाता के रहने वाले थे।

वे पश्चिम बंगाल से ट्रक से आ रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही चंडी खोल फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और बचाव कार्य जारी किया है। धर्मशाला पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर नेउलपुर में दो ट्रकों की टक्कर हो गई थी और उनमें आग लग गई, जिसके चलते ट्रक जलने के बाद सड़क पर पड़ा था।

इसके अगले दिन यानी कि शनिवार को पश्चिम बंगाल से मुर्गियों को लेकर आ रहे एक आइचर ट्रक ने तड़के सड़क किनारे खड़े जले हुए ट्रक को टक्कर मार दी जिसके चलते 7 लोगों की मौत हो गई। सभी शवों को धर्मशाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। फिलहाल, इस हादसे को लेकर लगातार अपडेट जारी रहेगी।

उत्तराखंड: BKTC अध्यक्ष के खिलाफ गुस्से में तीर्थ पुरोहित, दी विरोध की चेतावनी

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  • बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष के पुजारियों की दक्षिणा और तीर्थ यात्रियों के परिधान संबधी बयान के विरोध शुरू हो गया है। चारों धामों के तीर्थ पुरोहित का साफ तौर से कहना है कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को यात्रियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। तीर्थ पुरोहितों ने समिति अध्यक्ष को सस्ती लोकप्रिया हासिल करने के लिए बयानबाजी ना करने की हिदायत भी दी।

 

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालु गरिमामय परिधान पहनकर दर्शन करें। इसके अलावा उन्होंने यह भी बयान दिया कि इन मंदिरों से जुड़े पुजारी श्रद्धालुओं से दान दक्षिणा न लें। इस पर विचार किया जा रहा है।

अध्यक्ष के बयान का चार धामों के तीर्थ पुरोहितों ने विरोध शुरू कर दिया है । उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि मंदिर समिति के अध्यक्ष अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था पर ध्यान दें। उन्होंने मंदिर समिति के अध्यक्ष को सलाह दी है कि वे बद्रीनाथ और केदारनाथ तक ही सीमित रहें, उन्हें गंगोत्री यमुनोत्री मंदिर के बारे में बयान बाजी करने की जरूरत नहीं है।

 

केदारसभा के कार्यकारिणी सदस्य आचार्य संतोष त्रिवेदी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि मंदिर समिति के अध्यक्ष को यह याद रखना चाहिए कि उनकी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री को तीर्थ पुरोहितों के विरोध का सामना कैसे करना पड़ा था ।उन्होंने कहा कि दक्षिणा लेना तीर्थ पुरोहितों एवं पुजारियों का अधिकार है। उन्होंने कहा इसके विरोध में केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने विरोध शुरू कर दिया है।

 

दूसरी ओर उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के मीडिया प्रभारी रजनीकांत ने मीडिया में बयान जारी कर कहा कि इसको लेकर जल्दी ही महापंचायत की बैठक आयोजित कर अगली रणनीति बनाई जाएगी।

नवजात को 20 फीट गहरे कुएं में फेंका, रातभर शरीर पर लिपटा रहा सांप, फिर भी बची जान

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कहते हैं ना जाको राखे सईंया मार सके ना कोय…। यह कहावत उत्तर प्रदेश के बदायूं में सच साबित हुई है। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में किसी ने नवजात बच्चे को 20 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। शुक्रवार की सुबह गांव की एक महिला वहां से गुजरी तो कुएं से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। यह सुनकर जब वह वहां पहुंची तो कुएं के अंदर दृश्य देखकर दंग रह गई।

सूखे कुएं में नवजात बच्चा पड़ा था। उसके शरीर पर सांप लिपटा हुआ था। महिला ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। मौके पर ग्रामीण जुट गए। कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एक ग्रामीण को कुएं में उतारा। उसने सावधानी बरतते हुए बच्चे के शरीर से सांप को हटाया और नवजात को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया है।
माना जा रहा है कि नवजात को रात के समय कुएं में फेंका गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बाहर स्थित कुआं 20 फीट गहरा है। काफी दिनों से सूखा पड़ा है। उसमें कई सांप भी देखे गए हैं। नवजात को किसी ने कुएं में फेंका। वह रातभर में सांप के बीच पड़ा रहा। फिर भी वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना से हर ग्रामीण हैरान है।

दिल्ली सरकार का अधिकारियों को निर्देश, ना मानें उपराज्यपाल के आदेश

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नई दिल्ली : AAP की दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के सीधे आदेशों को ना मानने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि लंबे समय से सरकार और उपराज्यपाल के बीच कई मुद्दों को लेकर चल रही खींचतान के बाद यह आदेश दिया गया है।

सूत्रों ने कहा कि नया मामला सरकारी स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजने के प्रस्ताव का है। आप नेता पहले भी कई मौकों पर एलजी पर दिल्ली की चुनी हुई सरकार को दरकिनार कर अधिकारियों को आदेश जारी करने का आरोप लगा चुके हैं। केजरीवाल सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एलजी से सीधे आदेश लेना बंद करें। सभी मंत्रियों ने अपने विभाग सचिवों को लिखा है, लेनदेन के व्यापार नियमों (TBR) के सख्त अनुपालन का निर्देश दिया है।

एक सूत्र ने कहा कि सचिवों को एलजी से मिले किसी भी सीधे आदेश की जानकारी प्रभारी मंत्री को देने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों ने दावा किया कि उपराज्यपाल टीबीआर के नियम 49 और 50 और उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए निर्वाचित सरकार को दरकिनार करते हुए विभाग सचिवों को आदेश जारी कर रहे हैं।

सूत्र ने दावा किया कि एलजी के इस तरह के सीधे आदेशों को लागू करना टीबीआर के नियम 57 का उल्लंघन माना जाएगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और संविधान के उल्लंघन में आदेशों के कार्यान्वयन को सरकार गंभीरता से लेगी।

MCD : कांग्रेस के पार्षद ने BJP के पक्ष में किया वोट, मतगणना शुरू

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नई दिल्ली : दिल्ली MCD में स्टैंडिंग कमेटी के लिए मतदान पूरा हो गया है। अब विपक्ष के तीन-तीन सदस्यों को मतदान की प्रक्रिया के लिए बुलाया गया है। फिलहाल मतगणना शुरू हो चुकी है। अगर BJP तीन पद जीतती है तो स्थायी समिति के चैयरमेन का दावा और मजबूत हो जाएगा। जानकारी आ रही कि कांग्रेस के 8 पार्षदों ने वोटिंग नहीं की है, जबकि एक कांग्रसी पार्षद ने BJP के पक्ष में वोट किया है।

शांतिपूर्ण तरिके से वोटिंग चल रही है और जल्द ही 250 पार्षदों की वोटिंग पूरी होने वाली है। इसके बाद महापौर शैली ओबेरॉय अपना वोट डालेंगी। इससे पहले सदन में आप और भाजपा पार्षदों ने एक-दूसरे के खिलाफ तीखी नोकझोंक करते हुए लगातार नारेबाजी की। वहीं, बीजेपी पार्षदों में हंगामे के बीच मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिया है, जबकि आप के पार्षद मेयर से आग्रह करते हुए भाजपा का विरोध कर रहे हैं।

दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने सदन की कार्यवाही को शुरू करते हुए सभी से एक-एक कर वोट डालने का का आग्रह किया है। आप से भाजपा में शामिल हुए पार्षद पवन सहरावत ने स्टैंडिंग कमेटी के लिए अपना वोट डाल दिया है। सहरावत के वोट देने के दौरान भाजपा पार्षदों ने खड़े होकर बजाई तालियां और उनका हौसला बढ़ाया।

सहरावत के BJP में आने से भाजपा को नरेला जोन जीतने में राह आसान हो गई है। इस जोन में आप के पास 10 सदस्य हैं, जबकि भाजपा के पास 6 सदस्य हैं। चार एल्डरमैन भाजपा को वोट देते हैं तो इससे भाजपा के पास सदस्यों की संख्या भी 10 हो जाएगी और पवन सहरावत के आने से BJP इस जोन में जीत जाएगी।

अगर आपको है सरकारी नौकरी का इंतजार, तो यहां करें आवेदन

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बैंक में सरकारी नौकरी के इच्छुक या बैंक में अधिकारी पदों पर भर्ती के मौकों का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए काम की खबर। बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जनरल बैंकिंग स्ट्रीम में क्रेडिट ऑफिसर और स्पेशलिस्ट स्ट्रीम में IT ऑफिसर के कुल 500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। आवेदन की यह प्रक्रिया शनिवार, 25 फरवरी 2023 को समाप्त होने जा रही है। ऐसे में जबकि आवेदन में सिर्फ एक दिन का समय बाकी है, इच्छुक व योग्य उम्मीदवारों को अंतिम क्षणों का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अप्लाई कर लेना चाहिए।

भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया

बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी पदों के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, bankofindia.co.in पर भर्ती सेक्शन में एक्टिव किए गए ऑनलाइन अप्लीकेशन फॉर्म के लिंक से से नीचे दिए डायरेक्ट लिंक से ऑनलाइन अप्लीकेशन पेज पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवारों को पहले पंजीकरण करना होगा और फिर आवंटित पंजीकरण संख्या व पासवर्ड से लॉग-इन करके उम्मीदवारों को अपना अप्लीकेशन सबमिट करना होगा। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को 850 रुपये शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना होगा। एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 175 रुपये है।

योग्यता

बैंक ऑफ इंडिया में जनरल बैंकिंग स्ट्रीम में क्रेडिट ऑफिसर पदों के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना चाहिए। वहीं, स्पेशलिस्ट स्ट्रीम में आइटी ऑफिसर पदों के लिए उम्मीदवारों को कंप्यूटर साइंस या आइटी या कंप्यूटर अप्लीकेशन या अन्य सम्बन्धित विषयों में स्नातक होना चाहिए या किसी भी विषय में स्नातक के साथ सम्बन्धित विषय में पीजी या डोएक बी लेवल उत्तीर्ण होना चाहिए। दोनों ही पदों के लिए उम्मीदवारों की आयु 20 वर्ष से कम 29 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

उत्तराखंड : जोशीमठ में खतरा बरकरार, यहां दरारें बढ़ीं

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जोशीमठ : जोशीमठ भूस्खलन का खतरा अभी टला नहीं है। वैज्ञानिकों की फाइनल रिपोर्ट आना बाकी है। इस बीच भले ही सरकार ने मुआवजे का प्लान जारी कर दिया हो, लेकिन, संकट लगातार बढ़ रहा है। जोशीमठ के सिंहधार और सुनील गांव में भूधंसाव से जूझ रहे परिवारों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। सिंहधार में आबादी की ओर झुकी भारी-भरकम शिला के आसपास भूस्खलन होने के बाद अब शिला से चंद कदम की दूरी पर पुश्ता टूट गया है। इससे लोगों में डर बढ़ गया है।

सुनील गांव में खेतों में दरारें बढ़ने से तीन शिलाओं के खिसकने का खतरा बढ़ गया है। इन शिलाओं के आसपास निवास कर रहे 15 परिवार सहमे हुए हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से इसकी शिकायत कर राहत की गुहार लगाई है। जोशीमठ के सिंहधार और सुनील गांव वार्ड आपदाग्रस्त घोषित हैं। यहां भूधंसाव के चलते दरारें लगातार बढ़ रही हैं। सिंहधार में 156, जबकि सुनील गांव में 78 भवनों पर लाल निशान लग चुके हैं। इन वार्डों में क्रमशः 98 और 28 भवन खतरनाक की श्रेणी में हैं।

सिहंधार में पिछले दिनों 20-22 फीट ऊंची और 10-12 फीट चौड़ी शिला आबादी की ओर झुक गई थी। इस शिला को खिसकने से रोकने के लिए सीबीआरआइ रुड़की की तकनीकी टीम की सलाह पर लोनिवि ने उसके निचले हिस्से में लोहे के पाइपों की टेक लगाई हुई है। पिछले चार-पांच दिनों में यहां शिला के आसपास भारी भूस्खलन होने से इन टेकों की पकड़ ढीली पड़ी है। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर पुख्ता व्यवस्था नहीं किए जाने से नाराज स्थानीय निवासियों ने बुधवार को शिला की निगरानी के लिए पहुंची टीम को खूब खरी-खोटी सुनाई थी।

सुनील गांव में भी दरारें बढ़ने से स्थानीय निवासी दहशत में हैं। यहां भरत पंवार के मकान से करीब 10 मीटर नीचे जमीन पर आधा फीट तक चौड़ी दरारें उभर आई हैं। मकान खतरे की जद में आने से भरत परेशान हैं। इससे थोड़ा नीचे भूधंसाव के कारण तीन बड़ी शिलाओं के खिसकने का खतरा बढ़ गया है। इनमें से एक शिला आठ से दस फीट ऊंची और तीन से चार फीट चौड़ी है।

अन्य दोनों बोल्डर छह से सात फीट ऊंची और दो से तीन फीट चौड़ी हैं। इन शिलाओं के आसपास 100 मीटर के दायरे में 15 परिवार रहते हैं, जिनकी सांसें अटकी हुई हैं। अब तक प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से खेतों और भवनों पर नई दरारें आ रही हैं। पुरानी दरारों की चौड़ाई बढ़ने का क्रम भी तेज हुआ है। कुछ खेतों में दो से तीन फीट तक चौड़ी दरारें हैं।

सिंहधार में झुकी हुई शिला के 30 मीटर नीचे गिरसी मोहल्ला और 300 मीटर नीचे रामकलूड़ा मोहल्ला व जेपी कालोनी बसी है। शिला से लगभग एक किमी नीचे मारवाड़ी है। इन सभी स्थानों पर सैकड़ों परिवार रह रहे हैं। शिला के खिसकने की आशंका से इस आबादी की सांस अटकी हुई है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि शिला पर टेक लगाकर प्रशासन व लोनिवि अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।

सीएचसी और महाविद्यालय के बाद अब नृसिंह मंदिर मार्ग पर स्थित जोशीमठ के सरकारी गल्ला गोदाम को भी दरारें आने के चलते असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। गोदाम पर लाल निशान लगाने के बाद अब यहां नया राशन न लाने का निर्णय लिया है। साथ ही प्रशासन की ओर से गोदाम को शिफ्ट करने की कवायद भी चल रही है। इसके लिए जोशीमठ से 15 किमी पहले गुलाबकोटी और 15 किमी आगे तपोवन में स्टोर देखा गया है। दोनों स्टोर की क्षमता कम है, लेकिन यहां गोदाम को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जा सकता है।

अदाणी-हिंडनबर्ग मामला : सुप्रीम कोर्ट का मीडिया पर रोक लगाने से किया इनकार

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नई दिल्ली : SC ने अदाणी-हिंडनबर्ग मामले पर मीडिया को रिपोर्टिंग करने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है, जब तक कि अदालत अपना आदेश नहीं सुनाती। शीर्ष अदालत ने 20 फरवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च के धोखाधड़ी के आरोपों से उत्पन्न अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट पर जनहित याचिकाओं के एक बैच पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले का उल्लेख करने वाले अधिवक्ता एम एल शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा की हम मीडिया के लिए कोई निषेधाज्ञा जारी नहीं करने जा रहे हैं। बेंच में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला भी शामिल हैं।

SC ने सोमवार को याचिकाकर्ताओं में से एक के सुझाव और जनहित याचिकाओं के एक बैच में फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेने से इनकार कर दिया था। अदालत ने 17 फरवरी को शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों के एक प्रस्तावित पैनल पर केंद्र के सुझाव को सीलबंद लिफाफे में स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा था कि हम आपके सीलबंद लिफाफे में दिए गए सुझाव को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि हम पूरी पारदर्शिता बनाए रखना चाहते हैं।