Home Blog Page 579

उत्तराखंड : जोशीमठ संकट के बीच कितनी सुरक्षित है यात्रा, जानें इस सवाल का जवाब?

0

देहरादून : चारधाम यात्रा की शुरूआत अप्रैल से हो रही है। सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। तारीख का ऐलान मंदिर समिति की ओर से किया जाना है। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खुलेंगे। जबकि, बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल से खुलेंगे, बदरीनाथ नाथ धाम की यात्रा को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं।

जोशीमठ भू-धंसाव संकट के बाद इस तरह की चिंताएं लोगों के मन में घर कर गई हैं। चिंता की बात है भी लेकिन, यह चिंता कितनी सही और कितनी गलत है, इस पर लोग अपनी-अपनी तरह से सोच रहे हैं। मीडिया में चली खबरों के बाद से ही लोगों के मन में यात्रा को लेकर डर बैठा हुआ है। उनका कहना है कि जोशीमठ खतरे के चलते बद्रीनाथ यात्रा भी सुरक्षित नहीं है।

सरकार लगातार दावा कर रही है कि यात्रा पर किसी तरह से प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए लगातार तैयारियां की जा रही हैं। हाईवे को लेकर लोगों के मन में जो भी आशंकाएं हैं, उनको पूरी तरह से दूर कर दिया गया है। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बदरीनाथ यात्रा को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। बदरीनाथ यात्रा पर जोशीमठ खतरे का कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

जोशीमठ खतरे से इतर बदरीनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालुओं को बिना किसी डर के यात्रा पर आना चाहिए। सरकार ने धामों में आने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी की हुई है। लोगों को कोई समस्या ना हो, इसके लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो फिलहाल यात्रा पर कोई संकट नजर नहीं आ रहा है।

देश में H3N2 से पहली मौत की पुष्टि, एक मार्च को गई थी जान

0

भारत में इन्फ्लुएंजा वायरस H3N2 से पहली मौत का मामला सामने आया है। बताया गया है कि कर्नाटक के हासन के रहने वाले एक 82 वर्षीय व्यक्ति की इस वायरस से मौत की पुष्टि हुई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, मृत का नाम हीरा गौड़ा है। उसकी एक मार्च को मौत हुई थी। अब टेस्टिंग में पता चला है कि वह एच3एन2 वायरस से संक्रमित था।

अधिकारी ने बताया कि हीरा गौड़ा डायबिटीज और हाइपरटेंशन से भी पीड़ित था। उसे 24 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और एक मार्च को उसकी मौत हो गई। छह मार्च को उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। गौरतलब है कि पांच दिन पहले ही कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने एच3एन2 के मामलों को लेकर अफसरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, केंद्र ने हर हफ्ते 25 टेस्ट्स का टारगेट रखा है। उन्होंने कहा कि यह संक्रमण 15 साल से छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में ज्यादा देखा जाता है।

गौरतलब है कि देश में इस वक्त एच3एन2 वायरस, जिसे हॉन्गकॉन्ग फ्लू भी कहते हैं, इसके 90 केसों की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा एच1एन1 वायरस के भी आठ केस रिपोर्ट हुए हैं। इस तरह के मामलों के देश में बढ़ने पर डॉक्टरों ने भी बयान जारी किए हैं। इससे संक्रमित लोगों में बुखार, सर्दी, कफ, सांस लेने में समस्या देखी गई है। इसके अलावा उन्हें बदनदर्द, गले में खराश और डायरिया की शिकायत हो सकती है। यह लक्षण एक हफ्ते तक रहते हैं।

UGC नेट फेज 5 के लिए एडमिट कार्ड जारी, 9 विषयों के लिए परीक्षा 13 मार्च से

0

UGC नेट दिसंबर 2022 के लिए आवेदन किए उम्मीदवारों के लिए अपडेट। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने विश्वविद्यालय UGC की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) दिसंबर 2022 के पांचवे चरण में आयोजित किए जाने वाले 9 विषयों की परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। NTA की ओर से UGC NET दिसंबर 2022 फेज 5 एडमिट कार्ड वीरवार, 9 मार्च को जारी किए गए। इसके साथ ही, एजेंसी ने फेज 5 यूजीसी नेट एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक को भी एक्टिव कर दिया है। इस लिंक से माध्यम से उम्मीदवार अपने अप्लीकेशन नंबर व जन्म-तिथि के विवरणों का इस्तेमाल करते हुए डाउनलोड कर सकते हैं।

दूसरी तरफ, उम्मीदवारों को यूजीसी नेट फेज 5 एडमिट कार्ड 2023 डाउनलोड करने के बाद इस पर दिए गए अपने विवरणों की जांच कर लेनी चाहिए। प्रवेश पत्र उनके व्यक्तिगत विवरणों में किसी भी प्रकार की त्रुटि होती है तो वे इसे एनटीए की हेल्पलाइन 011-40759000 पर फोन करके या जारी ईमेल आइडी ugcnet@nta.ac.in पर मेल करके दुरूस्त करा सकते हैं।

एनटीए द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, दिसंबर 2022 चक्र के लिए आयोजित की जा रही यूजीसी नेट परीक्षा का 5वां चरण 9 विषयों के लिए आयोजित किया जाना है। इन विषयों में उड़िया, पर्वावरण विज्ञान, गृह विज्ञान, लाइब्रेरी और इंफॉर्मेशन साइंस, लेबर वेलफेयर / पर्सनल मैनेजमेंट / इंडस्ट्रियल रिलेशंस / लेबर एण्ड सोशल वेलफेयर / ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, एजुकेशन, सोशल वर्क, मनोविज्ञान और संस्कृत शामिल हैं। इन विषयों से यूजीसी नेट दिसंबर 2022 के लिए आवेदन किए उम्मीदवार एनटीए द्वारा नोटिस में अपनी परीक्षा तारीख और पाली की जानकारी ले सकते हैं।

दिल्ली, मुंबई से लेकर पटना तक ED की रेड, लालू यादव की बेटियों के घर भी छपा

0

लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में ED ने दिल्ली, मुंबई और पटना में कई जगहों पर छापेमारी की. जानकारी है कि ईडी की टीम ने दिल्ली में 15 जगहों पर रेड मारी है, जिसमें लालू यादव की बेटियों के घर पर शामिल हैं. इसी के साथ पटना में आरजेडी के पूर्व विधायक के अबू दोजाना के घर पर भी ईडी की टीम पहुंची है और छापेमारी जारी है. पूर्व MLA अबू दोजाना पेशे से बिल्डर हैं.

जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अभी दो दिन पहले सीबीआई की टीम ने लालू यादव से दिल्ली में पूछताछ की थी. वहीं शुक्रवार को ईडी ने दो राज्यों में छापेमारी कार्रवाई की है. जानकारी है कि लालू यादव की तीन बेटियों के घर भी रेड की गई है. हेमा, रागिनी और चंदा का घर दिल्ली में है, जिनके घर पर ईडी की टीम मौजूद है. सूत्रों की मानें तो बिहार के उप मुख्यमंत्री और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव के दिल्ली आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची है.

यह मामला लालू प्रसाद के 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहने के दौरान उनके परिवार को तोहफे में जमीन दे कर या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर ‘ग्रुप-डी’ की नौकरी दिए जाने से संबंधित है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित रेलवे के विभिन्न जोन में 2004-2009 के दौरान ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले में उन लोगों ने या उनके परिवार के सदस्यों ने लालू यादव और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर अपनी जमीन दी. बाद में इस कंपनी का स्वामित्व प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने अपने हाथ में ले लिया था.

ये भी आरोप लगाया गया है कि पटना में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने पांच बिक्री सौदों, दो उपहार सौदों के माध्यम से 1,05,292 वर्ग फुट जमीन लोगों से ली. इसके लिए विक्रेताओं को नगद भुगतान करने को कहा गया. इस जमीन की कीमत वर्तमान ‘सर्किल रेट; के अनुसार 4.32 करोड़ रुपये है, लेकिन लालू प्रसाद के परिवार को यह जमीन इससे बहुत कम दाम में बेची गई.

सिसोदिया की जेल से देश के नाम चिट्ठी, BJP जेल में डालने की राजनीति कर रही, हम शिक्षा की

0

तिहाड़ जेल में बंद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को देश के नाम खुला पत्र लिखा। भाजपा की केंद्र सरकार पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने लिखा कि भाजपा लोगों को जेल में डालने की राजनीति कर रही है। हम बच्चों को पढ़ाने की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का गुनाह इतना है कि प्रधानमंत्री के समक्ष वैकल्पिक राजनीति खड़ी कर दी, इसलिए केजरीवाल सरकार के दो मंत्री फिलहाल जेल में हैं।

जेल की राजनीति भले ही सफल होते दिख रही है, लेकिन भारत का भविष्य स्कूल की राजनीति में है। अगर पूरे देश की राजनीति तन-मन-धन से शिक्षा के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के काम में जुट गई होती तो देश में हर बच्चे के लिए विकसित देशों की तरह अच्छे स्कूल बन गए होते।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि जेल के अंदर से देख पा रहा हूं कि जब राजनीति में सफलता जेल चलाने से मिल जा रही है तो स्कूल चलाने की राजनीति की भला कोई जरूरत क्यों महसूस करेगा। सत्ता के खिलाफ उठने वाली आवाज को जेल भेजना बच्चों के लिए अच्छे स्कूल-कॉलेज खोलने से कहीं ज्यादा आसान है। एक बार शिक्षा की राजनीति राष्ट्रीय फलक पर आ गई तो जेल की राजनीति हाशिए पर ही नहीं, बल्कि जेल भी बंद होने लगेंगी।
सत्ता के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को जेल भेजकर या जेल भेजने की धमकी देकर सत्ता चलाना, शानदार स्कूल-कॉलेज खोलने और चलाने से कहीं ज्यादा आसान है। उत्तर प्रदेश के हुक्मरानों को एक लोकगायिका का लोकगीत अपने खिलाफ लगा तो पुलिस का नोटिस भेजकर उसे जेल जाने की धमकी भिजवा दी। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री के बारे में एक शब्द कहने पर दो राज्यों की पुलिस ने उन्हें एक खूंखार अपराधी की तरह फिल्मी अंदाज में दबोच लिया।
सिसोदिया ने पत्र में लिखा है कि तस्वीर एकदम साफ दिख रही है। जेल की राजनीति सत्ता में बैठे नेता को और बड़ा व ताकतवर बना रही है। शिक्षा की राजनीति के साथ समस्या यही है कि यह नेता को नहीं देश को बड़ा बनाती है। जब शिक्षा लेकर देश के कमजोर से कमजोर परिवार का बच्चा भी मजबूत नागरिक बनता है तो देश ताकतवर बनता है। देश साफ-साफ देख रहा है कि कौन खुद को बड़ा बनाने की राजनीति कर रहा है और कौन देश को बड़ा बनाने की राजनीति कर रहा है।
सिसोदिया ने लिखा कि यह बात जरूर है कि शिक्षा की राजनीति आसान काम नहीं है। यह कम से कम राजनीतिक सफलता का शॉर्टकट तो बिल्कुल नहीं है। शिक्षा के लिए इतने बच्चों को माता-पिता को और विशेषकर शिक्षकों को प्रेरित करने का रास्ता लंबा है। जेल की राजनीति में तो जांच एजेंसी के चार अधिकारियों को दबाव में लेने भर से काम हो जाता है। शिक्षा की राजनीति में ऐसा नहीं हो सकता।
देश में शिक्षा की राजनीति के जरिये आ रहे बदलावों का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने लिखा है कि जेल की राजनीति की इसी सुलभ सफलता ने राजनीति में शिक्षा को हाशिए पर ला दिया है। हालांकि शुभ संकेत यह है कि शिक्षा की राजनीति देश के वोटर के अंदर सुगबुगाहट ला रही है।
दिल्ली के शिक्षा मॉडल से प्रभावित होकर पंजाब के वोटरों ने भी बेहतरीन शिक्षा, अच्छे सरकारी स्कूल और कॉलेज के लिए वोट दिया। इससे भी अच्छी बात यह है कि कई गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी राज्य सरकारों ने राजनीति से ऊपर उठकर एक दूसरे के अच्छे कार्यों से सीखने-समझने का सिलसिला शुरू कर दिया है। भाजपा शासित राज्यों में सरकारी स्कूल भले ही खराब हालत में हों फिर भी वहां के मुख्यमंत्री शिक्षा से जुड़े विज्ञापन करने के लिए मजबूर हुए हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मनीष सिसोदिया ने जेल से देश के नाम पत्र लिखा है। भाजपा लोगों को जेल में डालने की राजनीति करती है। हम बच्चों को पढ़ाने की राजनीति कर रहे हैं। राष्ट्र शिक्षा से आगे बढ़ेगा, जेल भेजने से नहीं।

फ्रिज ब्लास्ट के बाद लगी आग, पुलिस अधिकारी सहित दो की मौत

0

तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में एक हैरान करने वाला मामले सामने आया है। यहां घर में रखे एक फ्रिज में ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद आग लग गई। आग लगने से एक पुलिस अधिकारी और एक महिला बुरी तरह से झुलस गए, जिसके बाद दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर दमकल एवं बचाव सेवा के कर्मी मौके पर पहुंच कर आग पर बुझाना शुरू कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पोलाची के पास नल्लूर गांव में गुरुवार को यह हादसा हुआ। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह हादसा फ्रिज में ब्लास्ट होने के बाद हुआ। ब्लास्ट के बाद आग लग गई। घर में आग लगने से एक पुलिस अधिकारी और एक महिला की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान चेन्नई में कार्यरत इंस्पेक्टर शबरीनाथ और शांति के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि घर में एक फ्रिज में विस्फोट हो गया, जिसके कारम आग लग गई। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दमकल एवं बचाव सेवा के कर्मी मौजूद हैं। हालांकि दोनों का पोस्टमॉर्टम होना बाकी है।

BSF की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी आरक्षण

0

केंद्र सरकार ने बीएसएफ के भीतर रिक्तियों में पूर्व-अग्निवरों के लिए 10% आरक्षण की घोषणा की है. इसके साथ ही अग्निवीरों को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी. जो इस बात पर निर्भर करेगा कि पहले बैच का हिस्सा हैं या बाद के बैचों में शामिल हुए थे. गृह मंत्रालय ने 6 मार्च को एक अधिसूचना के जरिए इसकी घोषणा की है.

इसके लिए गृह मंत्रालय ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर रिक्रूटमेंट रूल्स, 2015 में संसोधन किया है, जो गुरुवार (9 मार्च) से लागू हो गया है. इसके लिए गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्ष बल (BSF), जनरल ड्यूटी कैडर रिक्रूटमेंट रूल्स, 2015 में संसोधन किया है, जो गुरुवार (9 मार्च) से लागू हो गया है.

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक कॉस्टेबल के पद के लिए पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलेगी जबकि पूर्व अग्निवीरों के बाद के सभी बैचों को 3 साल की छूट दी जाएगी.

ED ने मनीष सिसोदिया को किया गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- जनता सब देख रही है…

0

नई दिल्ली : ED ने गुरुवार को दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को दिल्ली के आबकारी नीति के कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने सिसोदिया से दिल्ली के तिहाड़ जेल में करीब 8 घंटे की पूछताछ की।

ED के मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”मनीष को पहले CBI ने गिरफ़्तार किया। CBI को कोई सबूत नहीं मिला, रेड में कोई पैसा नहीं मिला। कल बेल पर सुनवाई है। कल मनीष छूट जाते। तो आज ED ने गिरफ़्तार कर लिया। केजरीवाल ने आगे कहा कि इनका एक ही मक़सद है, मनीष को हर हालत में अंदर रखना। रोज़ नये फ़र्ज़ी मामले बनाकर। जनता देख रही है। जनता जवाब देगी।”

इससे पहले सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। सिसोदिया ने CBI की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली थी। इसके बाद मनीष सिसोदिया ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

मनीष सिसोदिया दिल्ली की आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में CBI के गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद थे, जहां पर गुरुवार को ED ने दिल्ली के आबकारी नीति मामले में उनसे करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है।

परिवार को बम से उड़ाने की धमकी, राकेश टिकैत ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी

0

किसान आंदोलन से अलग होने की चेतावनी देते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मोबाइल पर दी गई धमकी की तहरीर गौरव टिकैत ने भोराकलां थाने में दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत के मोबाइल पर धमकी भरी काल आई हैं। गौरव ने बताया कि सात बार काल की गई है। पहले परिवार ने इसे किसी की शरारत समझा, लेकिन बार-बार काल आने की वजह से भौराकलां थाने में तहरीर दी गई है।

धमकी देने वाले ने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और गौरव टिकैत को निशाना बनाया है। गौरव टिकैत ने बताया कि धमकी भरी काल में कहा कि राकेश टिकैत दूर-दूर तक किसान आंदोलन कर रहे हैं और तुम भी मेरठ में आंदोलन की तैयारी कर रहे हो। सरकार को बदनाम करना बंद कर दो, अन्यथा बम से उड़ा देंगे।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को इस मामले में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए भाकियू अध्यक्ष समेत परिवार को सुरक्षा दी जाए। साथ ही गृह मंत्रालय मामले की गंभीरता से जांच कराए।

‘पप्पू पेजर’ से लेकर ‘मुत्थु स्वामी’ तक, शानदार किरदारों के लिए याद किए जाएंगे सतीश कौशिक

0

T.S Lama

बॉलीवुड के शानदार एक्टर और डायरेक्टर सतीश कौशिक के निधन की खबर ने पूरे सिनेमा जगत को स्तब्ध कर दिया है। एक्टर ने हाल ही में होली सेलिब्रेशन की कई सारी तस्वीरें शेयर की थी, इसके बाद अचानक गुरुवार की सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। फैंस से लेकर स्टार्स तक, हर कोई उनके जाने से सदमे में है। सतीश कौशिक बॉलीवुड के ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने कादर खान से लेकर गोविंदा और अनिल कपूर तक, बदलते समय के कई स्टार संग काम किया। ‘पप्पू पेजर’ और ‘कैलेंडर’ उनके निभाए कुछ ऐसे किरदार है, जिन्हें फैंस हमेशा याद करेंगे।

अनिल कपूर, श्रीदेवी और अमरीश पुरी स्टारर ‘मिस्टर इंडिया’ बॉलीवुड की चुनिंदा शानदार फिल्मों में से एक है। फिल्म में सतीश कौशिक ने अनिल कपूर के कुक ‘कैलेंडर’ का किरदार निभाया था और अपनी एक्टिंग से दर्शकों को इंप्रेस किया।

 ‘राम लखन’ में अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ के साथ सतीश कौशिक भी फिल्म का हिस्सा थे। उन्होंने ‘राम लखन’ में अनुपम खेर की दुकाम पर काम करने वाले नौकर का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके डायलॉग और मजाकिया अंदाज ने उन्हें खूब वाहवाही दिलाई।

सतीश कौशिक ने इस फिल्म में साउथ इंडियन म्यूजिशियन ‘मुत्तु स्वामी’ का किरदार निभाया था। गोविंदा, करिश्मा कपूर और तब्बू स्टारर इस फिल्म में उन्होंने लीड के दोस्त का किरदार निभाया था।

अक्षय कुमार और जूही चावला स्टारर इस फिल्म में सतीश कौशिक ने एक ज्योतिषी का किरदार निभाया था। फिल्म में वो अक्षय कुमार के मामा के रोल में थे, जो हमेशा उसकी कुंडली में राजयोग की बात कहकर उसे काम करने से मना कर देता था।

अनिल कपूर, गोविंदा और जूही चावला स्टारर इस फिल्म सतीश कौशिक ने ‘पप्पू पेजर’ नाम के डॉन का किरदार निभाया था। ‘दीवाना मस्ताना’ में उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्टिंग ने उन्हें खूब वाहवाही दिलाई थी।

सतीश कौशिक ने अपने करियर में डेविड धवन और गोविंदा के साथ कई सारी फिल्में की थीं। इनमें से एक ‘क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता’ भी है। इस फिल्म में सतीश कौशिक ने एक वकील के किरदार में थे, जो अपने दोस्त गोविंदा की हमेशा मदद करता था।