उत्तराखंड : जोशीमठ संकट के बीच कितनी सुरक्षित है यात्रा, जानें इस सवाल का जवाब?

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देहरादून : चारधाम यात्रा की शुरूआत अप्रैल से हो रही है। सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। तारीख का ऐलान मंदिर समिति की ओर से किया जाना है। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर खुलेंगे। जबकि, बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल से खुलेंगे, बदरीनाथ नाथ धाम की यात्रा को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं।

जोशीमठ भू-धंसाव संकट के बाद इस तरह की चिंताएं लोगों के मन में घर कर गई हैं। चिंता की बात है भी लेकिन, यह चिंता कितनी सही और कितनी गलत है, इस पर लोग अपनी-अपनी तरह से सोच रहे हैं। मीडिया में चली खबरों के बाद से ही लोगों के मन में यात्रा को लेकर डर बैठा हुआ है। उनका कहना है कि जोशीमठ खतरे के चलते बद्रीनाथ यात्रा भी सुरक्षित नहीं है।

सरकार लगातार दावा कर रही है कि यात्रा पर किसी तरह से प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए लगातार तैयारियां की जा रही हैं। हाईवे को लेकर लोगों के मन में जो भी आशंकाएं हैं, उनको पूरी तरह से दूर कर दिया गया है। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बदरीनाथ यात्रा को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। बदरीनाथ यात्रा पर जोशीमठ खतरे का कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

जोशीमठ खतरे से इतर बदरीनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालुओं को बिना किसी डर के यात्रा पर आना चाहिए। सरकार ने धामों में आने वाले लोगों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी की हुई है। लोगों को कोई समस्या ना हो, इसके लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो फिलहाल यात्रा पर कोई संकट नजर नहीं आ रहा है।