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सदस्यता जाने के बाद पहली मीडिया के सामने आए राहुल गांधी

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मानहानि मामले में सूरत कोर्ट की ओर से सजा पाने और लोकसभा की सदस्यता गंवाने के बाद आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी मीडिया से रूबरू हो रहे हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल ने कहा है कि मैंने आप सबसे काफी बार बोला है कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है। उन्हाेंने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा।वायनाड से मेरा प्यार का रिश्ता है। तो मैंने सोचा कि वायनाड के लोगों के लिए चिट्ठी लिखूं कि उनके दिल में मेरे लिए क्या है।

राजनीति मेरे लिए कोई फैशन की बात नहीं है। मेरे लिए सच बोलना कोई नई बात नहीं है। ये मेरे जीवन की तपस्या है। चाहे मुझे अयोग्य ठहराएं। मुझे मारे-पीटें, जेल में डालें। लेकिन मुझे अपनी तपस्या करनी है। इस देश ने मुझे प्यार दिया है। इसलिए मुझे उसके लिए यह सब करना है।

मैं भारत जोड़ो यात्रा तक में कहता रहा हूं कि सभी समुदाय को एक साथ चलना चाहिए। भाजपा ध्यान को भटकाने की कोशिश करती है। कभी ओबीसी की बात, कभी विदेश की बात। भाजपा का यही काम है। लेकिन मैं तीन अरब डॉलर की बात उठाना बंद नहीं करुंगा।

सवाल पूछना मैं बंद नहीं करुंगा। अदाणी जी का मोदीजी के साथ क्या रिश्ता है। मैं पूछता रहूंगा कि 20 हजार करोड़ रुपये किसके हैं। मैं पूछता जाउंगा, मुझे कोई डर नहीं लगता इन लोगों से। अगर यह लोग सोचते हैं कि मुझे अयोग्य करवाकर, धमकाकर, जेल में डालकर मुझे बंद कर सकते हैं तो मेरी वो हिस्ट्री नहीं है। मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। मैं किसी चीज से नहीं डरता हूं।

मेरे बारे में मंत्रियों ने संसद में झूठ बोला। कहा कि मैंने विदेशी ताकतों से मदद मांगी। मैंने ऐसी कोई बात नहीं की है। मैंने स्पीकर से कहा कि संसद का नियम है कि अगर किसी सदस्य पर कोई आरोप लगाता है, तो उस सदस्य को जवाब देने का हक होता है। मैंने चिट्ठी लिखी, लेकिन उसका जवाब नहीं आया। दूसरी चिट्ठी लिखी उसका भी जवाब नहीं आया। मैं स्पीकर के चैंबर में गया। मैंने कहा कि यह कानून है, नियम है। इन लोगों ने झूठा आरोप लगाया है। आप मुझे बोलने क्यों नहीं दे रहे? स्पीकर साहब मुस्कुराए और उन्होंने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता। फिर उसके बाद आप सबने देखा कि क्या हुआ।

जो मीडिया रिपोर्ट से मैंने निकाला। अदाणी जी और नरेंद्र मोदी जी के रिश्ते के बारे में डिटेल से बोला। रिश्ता नया नहीं है, रिश्ता पुराना है। जब मोदी जी गुजरात के सीएम बने थे, रिश्ता तब से है। हवाई जहाज की फोटो मैंने दिखाई थी, जिसमें मोदीजी अपने दोस्त के साथ आराम से बैठे थे। ये सवाल मैंने पूछा। फिर मेरे बयान को संसद से हटाया गया। मैंने स्पीकर को डिटेल चिट्ठी लिखी पॉइंट बाय पॉइंट। मैंने कहा कि एयरपोर्ट्स अदाणी जी को रूल्स बदलकर दिए गए हैं। ये लीजिए रूल की कॉपी जिसे बदला गया। चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।

मैंने आप सबसे काफी बार बोला है कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है और इसके हमको हर रोज नए नए उदाहरण मिल रहे हैं। सवाल मैंने एक ही पूछा था। फाउंडेशन पर जाता हूं। अदाणी जी की शेल कंपनीज हैं। उसमें 20 हजार करोड़ रुपया किसी ने इन्वेस्ट किया। यह अदाणी जी का पैसा नहीं है। अदाणी जी का इन्फ्रास्ट्रक्चर बिजनेस है, यह पैसा उनका नहीं है। मैंने पूछा कि यह 20 हजार करोड़ रुपये जो निवेश हुए हैं अदाणी जी की कंपनी में, वे किसके हैं। मैंने संसद में सबूत के साथ इस पर सवाल पूछा।

 

उत्तराखंड: देर रात हुआ बड़ा हादसा, एक की मौत, दो गंभीर घायल

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उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जिले में देर रात बड़ा हादसा हो गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि, दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को देर रात ही अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था।

पुराना धरासू थाना से कुछ दूर आगे मरगांव जाने वाली रोड के पास ऑल वेदर प्रोजेक्ट के अंतर्गत कटिंग का कार्य चल रहा था । जहां पर एक पोकलैंड मशीन  सड़क के ऊपर रैम बनाकर कटिंग का कार्य किया जा रहा था और  दूसरी मशीन  कटिंग कर रही थी।

इस दौरान मलवा डंपर संख्या UK- 09CA- 0917 मैं लोड किया जा रहा था। इस दौरान ऊपर से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा गिरने लगा। यह घटना रात करीब साढ़े 10 बजे की है। दो पोकलैंड मशीन और एक डंपर के ऊपर मलबा आ गिरा। जिससे सड़क पर खड़े डंपर चालक और ठेकेदार मलबे में दब गए।

पास में ही खड़े साइड इंचार्ज के पत्थर लगने के कारण वो सड़क से नीचे खाई में गिर गया। धरासू पुलिस ने तत्काल मौके पर जाकर SDRF व साइड पर मौजूद मजदूरों की सहायता से मलबे में दबे हुए व्यक्तियों को निकाला गया। खाई में गिरे साइड इंचार्ज को रेस्क्यू कर सड़क तक लाया गया। जिनको 108 की मदद से CHC चिन्यालीसौड़ लाया गया। सीएचसी चिन्यालीसौड़ में (साइड इंचार्ज) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ठेकेदार व डंपर चालक का सीएचसी चिन्यालीसौड़ में उपचार चल रहा है। मृतक के शव को मोर्चरी में रखा किया गया है।

मृतक का विवरण

1- सिकंदर पुत्र मेहताब सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी- मुजफ्फरपुर, बिहार। (साइड इंचार्ज)

घायल का विवरण

1- संजय चौधरी पुत्र शीशपाल, उम्र 44 वर्ष, निवासी-नियाजपुर, जिला हापुड, उत्तर-प्रदेश। (ठेकेदार)

2- महेश नेगी पुत्र लक्ष्मीचंद, उम्र 42 वर्ष, निवासी- ग्राम झाला, थाना हर्षिल, जिला उत्तरकाशी। (डंपर चालक)

सुप्रीम कोर्ट में जन प्रतिनिधित्व कानून के प्रावधान को दी चुनौती

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका दोषी ठहराए जाने के बाद निर्वाचित विधायी निकायों के प्रतिनिधियों को स्वत: अयोग्य ठहराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका में जनप्रतिनिधियों के अधिनियम की धारा 8(3) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि धारा 8(3) के तहत प्रतिनिधियों को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें अपने आप अयोग्य घोषित नहीं किया जाना चाहिए। जन प्रतिनिधि कानून, 1951 में व्यवस्था की गई है कि यदि किसी जन प्रतिनिधि को किसी मामले में दो साल या इससे अधिक की सजा होगी तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा सजा पूरी होने के छह साल तक वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। किसी मौजूदा सदस्य के मामले में तीन महीने की छूट दी गई है।

बता दें कि सूरत की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में दोषी ठहराया गया है। मानहानि के मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

हालांकि, उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने की अनुमति देने के लिए मामले में 30 दिन की जमानत दी गई है। वहीं, राहुल ने अपनी अयोग्यता पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदी में ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि ”मैं भारत की आवाज के लिए लड़ रहा हूं और कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूं।

CBI दफ्तर पहुंचे तेजस्वी यादव, ED ने मीसा भारती को बुलाया

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बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव शनिवार को ‘लैंड फार जॉब’ स्कैम मामले में पूछताछ के लिए आज CBI के सामने पेश होंगे। वहीं, उनकी बहन और राजद सांसद मीसा भारती ED के सामने पेश होंगी। तेजस्वी यादव ने कहा- हमने हमेशा जांच एजेंसियों का सहयोग किया है, लेकिन जो देश में माहौल है, वह आप देख रही रहे हैं। झुकना आसान हो गया है, जबकि लड़ना बहुत मुश्किल है, लेकिन हमने इसके खिलाफ लड़ने का फैसला किया है।

हम लड़ेंगे और जीतेंगे। बता दें, तेजस्वी CBI दफ्तर पहुंच गए हैं, जहां उनसे लैंड फार जॉब स्कैम मामले में पूछताछ की जाएगी। CBI ने कथित भूमि-नौकरी घोटाले के संबंध में दायर अपनी पहली चार्जशीट में कहा है कि भर्ती के लिए भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए मध्य रेलवे में उम्मीदवारों की अनियमित नियुक्तियां की गईं।

CBI ने कहा कि उम्मीदवारों ने सीधे या अपने निकट संबंधियों/परिवार के सदस्यों के माध्यम से नौकरी के बदले लालू प्रसाद यादव (तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री) के परिवार के सदस्यों को प्रचलित बाजार दरों के 1/4 से 1/5 तक अत्यधिक रियायती दरों पर जमीन बेची।

CBI ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने रेलवे में नियुक्ति दिलाने के एवज में उम्मीदवारों और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली जमीनें अपनी पत्नी राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर हस्तांतरित करा लीं, जो प्रचलित सर्किल दरों के साथ-साथ प्रचलित बाजार दरों से भी काफी कम थीं।

सिसोदिया की जमानत पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, 31 मार्च को आएगा ऑर्डर

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दिल्ली शराब नीति मामले में आरोपी पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया की सीबीआई मामले में आज यानी शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले के सुनवाई 31 मार्च, 2023 को होगी।

 समाचार एजेंसी के अनुसार, जीएनसीटीडी की आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से संबंधित सीबीआई मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने आदेश सुनाने की तारीख 31 मार्च तय की है।

परिणीति चोपड़ा के साथ डेटिंग पर AAP नेता राघव चड्ढा, लग रहे कयास

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परिणीति चोपड़ा के साथ डेटिंग के चर्चों पर अब आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा का रिऐक्शन आया है। बीते बुधवार परिणीति और राघव ने मुंबई में साथ लंच और डिनर किया था। इसके बाद उनके वीडियोज वायरल हो गए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बारे में लिखा है। देखते ही देखते दोनों के लिंकअप की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बीच इन खबरों पर राघव चड्ढा ने भी कुछ बोला है।

परिणीति चोपड़ा अपनी अपकमिंग फिल्म चमकीला की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच उनकी डेटिंग के चर्चे जोर पकड़ने लगे हैं। हाल ही में उन्हें आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा के साथ लंच और डिनर करते देखा गया। वीडियोज सोशल मीडिया पर आते ही गॉसिप गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई। कई लोग दोनों की डेटिंग के कयास लगा रहे हैं। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक जब राघव चड्ढा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया, आप मुझसे राजनीति के सवाल करिए परिणीति के सवाल मत कीजिए। जब पूछा गया कि कयासों पर क्या जवाब देंगे तो राघव बोले कि जवाब देंगे।

परिणीति और राघव को बुधवार को मुंबई में देखा गया था। दोनों ने मैंचिंग शर्ट्स पहनी थीं और पपराजी को पोज भी दिए। वीडियोज में दोनों को साथ देखकर कई लोगों ने खुशी जताई है तो कुछ ने लिखा है कि अभी उनके कमेंट्स आने का इंतजार करना चाहिए।

राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के नेता हैं और वह राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य हैं। राघव दिल्ली से हैं और लंदन स्कूल्स ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई है। परिणीति चोपड़ा भी फिल्मों में आने से पहले इनवेस्टमेंट बैंकिंग में थीं। उन्होंने यूके में मैनचेस्टर बिजनस स्कूल से पढ़ाई की है।

बड़ी खबर : राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द

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राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, पीएम मोदी के न्यू इंडिया में विपक्षी नेता बीजेपी के निशाने पर हैं. जबकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बीजेपी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, विपक्षी नेताओं को उनके भाषणों के लिए अयोग्य ठहराया जाता है. आज, हम संवैधानिक लोकतंत्र में एक नया निम्न स्तर देख रहे हैं.

एक दिन पहले ही मानहानि मामले में सूरत की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने राहुल गांधी दोषी करार देते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी. हालांकि इसके बाद उन्हें तुरंत जमानत मिल गई थी. फैसलेके बाद राहुल गांधी ने कहा था, इंकलाब जिंदाबाद, मैं बीजेपी-आरएसएस से नहीं डरता. राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा था.

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीद दिवस पर सादर नमन! सच और हिम्मत का दामन थाम, देश के लिए बेखौफ लड़ते जाना, भारत मां के इन्हीं वीर सपूतों से सीखा है. इंकलाब जिंदाबाद. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट कर कहा, ए तलवार तुझे झुकना होगा गर्दन ने बगावत कर दी है. राहुल गांधी को डराना आपके बस की बात नहीं है पीएम मोदी, अडानी को बचाने की सारी कोशिशें नाकाम होंगी.

कलरफुल के जमाने में ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ “भीड़”, जानें कैसे है मूवी

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24 मार्च, 2020 को कोरोना संक्रमण रोकने के लिए देशभर में पहला लाकडाउन लगाया था। राज्‍य की सीमाओं को सील कर दिया गया था। लॉकडाउन से सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाला एक वर्ग प्रवासी मजदूरों का रहा, जो रोजगार और आजीविका के अवसरों की तलाश में अपना गृह राज्‍य छोड़कर दूसरे राज्‍य आकर बस गया था।लॉकडाउन ने इन्‍हें बेरोजगार और बेघर बना दिया था। बड़ी संख्‍या में देशभर में प्रवासियों ने अपने घर लौटने का फैसला किया। इन प्रवासियों को केंद्र में रखकर अनुभव सिन्‍हा ने ‘भीड़’ की कहानी गढ़ी है।

ये है ‘भीड़’ की कहानी
कहानी का आरंभ महाराष्‍ट्र के औरंगाबाद में दिल दहला देने वाली घटना से होता है, जिसमें रेल की पटरी पर सोए 16 मजदूरों को मालगाड़ी ने रौंद दिया था। तब परिवहन के साधन रेल और बस, सब बंद थे। कहानी पहला लॉकडाउन लगने के एक महीने के बाद के घटनाक्रम से आरंभ होती है। जब कोरोना संक्रमण से ज्‍यादा अफवाहें तेजी से फैल रही थीं।

पुलिस अधिकारी सूर्य कुमार सिंह टीकस (राजकुमार राव) निम्‍न जाति से संबंध रखता है। उसे राज्‍य की सीमा के एक चेक पोस्‍ट का इंचार्ज बना दिया जाता है। वह डाक्‍टर रेणु शर्मा (भूमि पेडणेकर) से प्रेम करता है। दूसरी ओर सिक्‍योरिटी गार्ड बलराम त्रिवेदी (पंकज कपूर) अपने परिवार और 13 साथियों के साथ निकला है।

फॉर्च्यूनर कार से गीतांजलि (दीया मिर्जा) अपनी बेटी को हॉस्‍टल से लेने के लिए ड्राइवर कन्हैया (सुशील पांडेय) के साथ निकली है। एक किशोर लड़की अपने शराबी पिता को साइकिल पर बैठाकर गांव जा रही है। टीवी चैनल की रिपोर्टर विधि (कृतिका कामरा) अपने दो सहयोगियों के साथ इस घटनाक्रम को कवर करने निकली है। यह सभी दिल्‍ली से 1200 किमी दूर तेजपुर की सीमा पर रोक दिए जाते हैं।

कलर फिल्‍मों के जमाने में अनुभव सिन्‍हा ने ‘भीड़’ को ब्‍लैक एंड व्‍हाइट में बनाया गया है। उन्‍होंने किरदारों को स्‍थापित करने में बेवजह समय नहीं लगाया है। वह सहजता से अपने पात्रों से मिलवाते हैं। उन्‍होंने कठिन विषय चुना है, लेकिन संवेदनाओं को पूरी तरह उभारने में विफल रहते हैं। इस विभीषिका को गुजरे ज्यादा वक्त नहीं हुआ है, ऐसे में उस दर्द की यादें मिटी नहीं हैं।

शुरुआत में कोरोना संक्रमण फैलने के साथ फिल्‍म ऊंच-नीच, जात-पात और अमीरी-गरीबी जैसे सामाजिक मुद्दों के साथ प्रवासियों के संघर्ष को गहनता से दिखाती है। तेजपुर के बॉर्डर पर एकत्र होने के बाद पैदल चलने के कारण प्रवासी मजदूरों के पैरों में पड़े छाले, भूख से बिलखते बच्‍चे, घर के करीब पहुंच कर भी वहां न पहुंच पाने की प्रवासियों की छटपटाहट को अनुभव सिन्‍हा ने बहुत संजीदगी से दर्शाया है।

नियम और औपचारिकताओं में इंसानी दिक्‍कतों को अनदेखा किया जा रहा है। सीमेंट मिक्‍सर में छुपाकर लोगों को गांव पहुंचाने, छुटभैया नेताओं का अपना दमखम दिखाने के साथ लोगों के साथ जाति के आधार पर होने वाले अन्‍याय और बर्ताव को भी उन्‍होंने कहानी में गूंथा है।

इस दौरान धर्म विशेष को बिना जाने बूझे कोराना के लिए जिम्‍मेदार ठहराना, उनके दिए खाने को अस्‍वीकर करना जैसे कई प्रसंग को कहानी में समेटा गया है। इतनी संवेदनशील फिल्‍म में सूर्य कुमार और रेणु के बीच अतरंग दृश्‍य बेहद अनावश्‍यक लगे हैं। इसी तरह राजकुमार के किरदार को जाति की वजह से हर किसी का ताने देना को ज्‍यादा तूल दिया गया है।

बहरहाल, ऊंच-नीच जात-पात, अमीरी-गरीबी, घर पहुचंने की कसमसाहट से जूझते पात्रों के साथ आखिर में कहानी मानवता को प्राथमिकता देने पर आती है। अनुभव सिन्‍हा, सौम्‍या तिवारी और सोनल द्वारा लिखा स्‍क्रीनप्‍ले किरदारों के माहौल और मूड को अच्‍छी तरह से चित्रित करता है। उनके संवादों में कटाक्ष भी है।

फिल्‍म में डायलॉग है, ‘यह विदेश थोड़े ही गया है, जो कोरोना हो गया, घर से निकल कर गए, घर से ही आ रहे हैं और घर ही जा रहे हैं’, जैसे संवाद झकझोर जाते हैं। बीच-बीच में सोशल डिस्‍टेंसिंग,  जिसे शारीरिक दूरी कहना चाहिए की याद दिलाई जाती है। कास्टिंग डायरेक्‍टर मुकेश छाबड़ा की तारीफ करने होगी कि ‘भीड़’ के लिए उन्‍होंने मंझे हुए कलाकारों का चयन किया।

राजकुमार राव अपने पात्र के अनुकूल नजर आते हैं। फिल्‍म का खास आकर्षण पंकज कपूर है। उन्‍होंने बलराम की जिद्दोजहद, जिद, पीड़ा को अच्‍छी तरह समझा और व्‍यक्‍त किया है। भूमि पेडणेकर, वीरेंद्र सक्‍सेना, आदित्‍य श्रीवास्‍तव ने अपने हाव भाव और अभिनय से पात्रों को विश्वसनीय बनाया है।

दीया मिर्जा के किरदार को थोड़ा और विकसित करना चाहिए था। इंस्‍पेक्‍टर यादव के किरदार में आशुतोष राणा अपने अभिनय से मुग्‍ध करते हैं। उन्‍होंने अभिनय में संयम और शिष्‍टता का परिचय दिया है। सुशील पांडेय छोटे से किरदार में भी नोटिस होते हैं। पत्रकार की भूमिका में कृतिका कामरा में ठहराव है। इनक्रेडिबल इंडिया को लेकर बहस का दृश्‍य दो सोच को दर्शाता है। यह याद रह जाता है। फिल्‍म का बैकग्राउंड गीत संगीत कहानी साथ सुसंगत है।

CBI-ED का दुरुपयोग कर रहा केंद्र, SC में इस दिन होगी सुनवाई

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कांग्रेस के नेतृत्व में 14 विपक्षी पार्टियां जांच एजेंसियों (ED और CBI) के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मामला चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखा।

5 अप्रैल को सुनवाई

पीठ ने द्रमुक, राजद, भारत राष्ट्र समिति और तृणमूल कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी की दलीलों पर ध्यान दिया और कहा कि याचिका पर 5 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी। सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी और बेल पर कोर्ट दिशानिर्देश तय करे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

दिल्ली आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया के गिरफ्तार होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नौ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था।

 

नहीं रहे डायरेक्टर प्रदीप सरकार, 68 साल की उम्र में निधन

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टी एस लामा

हिंदी-बंगाली फिल्मों के फेमस डायरेक्टर प्रदीप सरकार का निधन हो गया है. उनकी उम्र 68 साल थी. वे पिछले काफी समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे और उनका डायलिसिस भी चल रहा था. बताया जा रहा है गुरुवार देर रात 2.30 बजे के आसपास उन्हें दिक्कत महसूस हुई थी. उनका पोटैशियम लेवल काफी नीचे लेवल पर आ गया था.

हालत सीरियस होने पर उन्हें रात के 3 बजे के आसपास मुंबई के एक अस्पताल में ले जाया गया था. डॉक्टरों की काफी कोशिश के बाद भी उन्हें बचाया ना जा सका और रात के 3.30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. आज शाम 4 बजे के करीब प्रदीप सरकार का अंतिम संस्कार सांताक्रूज के शवदाह गृह में किया जाएगा. फ़िल्मकार होने के साथ साथ वह एक जाने-माने ऐड फ़िल्ममेकर भी थे जिसके लिए उन्होंने कई बड़े पुरस्कार भी हासिल किये थे.

प्रदीप सरकार ने 2005 में रिलीज हुई ‘परिणीता’ फ़िल्म के ज़रिए अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था जिसमें विद्या बालन, संजय दत्त और सैफ अली खान जैसे सितारे थे. उन्होंने रानी मुखर्जी के साथ ‘लागा चुनरी में दाग’, ‘मर्दानी’ के अलावा ‘लफंगे परिंदे’ जैसी फ़िल्मे बनाईं और वेब सीरीज का निर्देशन भी किया था. इन दिनों वे दिवगंत अभिनेत्री प्रिया राजवंश की बायोपिक बनाने कीं तैयारी कर रहे थे.