देश के सबसे बड़े सोशल मीडिया डाटा लीक का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। साइबर पुलिस के मुताबिक इस डाटा लीक में सरकारी और गैर-सरकारी के करीब 16.8 करोड़ अकाउंट का डाटा चोरी हुआ है। इसमें 2.55 लाख सेना के अधिकारियों का भी डाटा शामिल है। इस डाटा लीक को देश का सबसे बड़ा डाटा लीक कहा जा रहा है।
सबसे बड़ा डाटा लीक, 1.2 करोड़ WhatsApp, 17 लाख फेसबुक यूजर्स शिकार
केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल, लोकतंत्र को समाप्त करना चाहती है BJP सरकार
देहरादून : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार गैर भाजपा राजनीतिक दलों के नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों – सीबीआई, ईडी आदि का गलत इस्तेमाल कर देश में लोकतंत्र को समाप्त करना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए ईडी द्वारा घंटों पूछताछ की गयी।
आर्य ने कहा कि केन्द्र सरकार की संस्थाओं के इस कदम को असंवैधानिक व दबावपूर्वक कार्यवाही बताया। आर्य ने कहा कि इन कार्यवाहियों से जांच एजेंसी की साख खराब हो रही है, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संबैधानिक और जांच संस्थाओं के दुरुपयोग से देश में 70 साल से बचे लोकतंत्र पर पिछले 8 साल में में बहुत चोट पंहुची है।
आर्य ने कहा कि पिछले कुछ सालों से केंद्र की भाजपा सरकार को देश के जिस भी राज्य में विपक्षी दल मजबूत नजर आते हैं वहा सीबीआई- ईडी का दबाव डालकर या तो सत्ता परिवर्तन कर देती है या सरकारों को गिरा देती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2014 के बाद अब तक सीबीआई ने जितने भी केस दर्ज कराए हैं। उसमें 95 प्रतिशत सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं के विरुद्ध हैं।
इस दौरान मोदी सरकार के दौरान ईडी ने 3000 से अधिक तक जगहों पर रेड मारी है । इनमें से अधिकांश विपक्षी नेताओं पर की गई। यशपाल आर्य ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, ईडी ने जितने भी केस दर्ज किए उनमें से वह केवल मात्र 0.05 प्रतिशत मामलों में ही सजा करवा पायी है। उन्होंने कहा इससे निष्कर्ष निकलता है कि अदालत में लगभग सभी केस फर्जी साबित हुए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी तक सरकारों को गिराने , सरकारों को बदलने के लिए जांच एजेंसियों का प्रयोग करने वाली भाजपा की केंद्र सरकार अब देश के ज्वलंत मुद्दों और आम जनमानस जी आवाज़ उठाने वाले नेताओं के विरुद्ध भी सीबीआई, ईडी और पुलिस का प्रयोग कर रही है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार द्वारा लोकतंत्र को अपमानित करने का प्रयत्न बताया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि , राजनीतिक प्रतिशोध और सियासी विरोधियों को परेशान करने वाली हर कार्यवाही का कांग्रेस का हर सिपाही पूरा जबाब देगा । उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आवाह्न किया कि , “वे देश का लोकतंत्र बचाने के लिए किसी भी हद तक संघर्ष के लिए तैयार रहें।
क्या उत्तराखंड में छुपा है खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह, दावे में कितना सच?
हरियाणा: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस समेत कई राज्यों की पुलिस तलाश रही है। फरार होने के बाद अब तक वो पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। इस बीच एक खबर सामने आई है। जिसमें दावा किया गया है कि अमृतपाल सिंह तीन दिन कुरुक्षेत्र के शाहाबाद कस्बे के सिद्धार्थ कालोनी में रुका था।
एसटीएफ को जैसे सूचना मिली सिद्धार्थ कालोनी में उस मकान में छापा मारा गया, जहां अमृतपाल रुका था। हालांकि एसटीएफ को वह नहीं मिला। यह मकान लाडवा एसडीएफ के रीडर हरजिंदर का है। हरजिंदर ने एसटीएफ के सामने सरेंडर कर दिया है। एसटीएफ ने हरजिंदर की बहन को अपनी हिरासत में ले लिया है। जब एसटीएफ ने मकान पर छापा मारा हरजिंदर की बहन घर पर थी। दैनिक जागरण की खबर में सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि कि हरजिंदर की बहन ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल उत्तराखंड की ओर निकल गया है। हालांकि, इस पर अभी पुलिस इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रही है।
वहीं, पंजाब पुलिस खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के सभी समर्थकों और उसको सहयोग करने वालों के खिलाफ पिछले शनिवार से ही कार्रवाई कर रही है। पंजाब में हाई अलर्ट है, कहीं धारा 144 लागू है तो कहीं इंटरनेट सेवा बंद है। अमृतपाल लगातार पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदल रहा है। कभी कार.. तो कभी बाइक और कभी तो ठेले पर बैठ कर वो अपनी जान बचा रहा है। सूत्रों की मानें तो अमृतपाल सिंह अभी पंजाब में ही कहीं छीपा बैठा है।
पुलिस ने अमृतपाल सिंह के 11 साथियों को उसके अवैध हथियार रखने व उनकी संभाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पकड़े गए अमृतपाल के साथियों में हरमिंदर सिंह, गुरवीर सिंह, अजयपाल सिंह, बलजिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, स्वरीत गुरलाल सिंह,संगरूर निवासी गुरप्रीत सिंह, अमृतसर के शहीद उधम सिंह नगर निवासी भूपिंदर सिंह, सुखमनप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह (चालक) शामिल है।
देश में फिर पैर पसार रहा Corona, XBB.1.16 वेरिएंट के 349 मामले
देश में कोरोना वायरस एक बार फिर पैर पसार रहा है। INSACOG डाटा के अनुसार, कोविड वेरिएंट XBB.1.16 के 349 मामले सामने आए है। ये सभी 349 मामले 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश से सामने आए। सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं। इस राज्य में 105 मामले दर्ज किए गए।
तेलंगाना में 93, कर्नाटक में 61 और गुजरात में 54 मामले सामने आए हैं। बता दें कि XBB 1.16 वेरिएंट का पहला मामला जनवरी में सामने आया था। फरवरी महीने में इस वेरिएंट के 140 सैंपल सामने आए थे। मार्च में सैंपल का आंकड़ा 207 था।
एम्स के पूर्व निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि नया एक्सबीबी.1.16 वैरिएंट से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। इस संक्रमण की वजह से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होने वाली है। उनके अनुसार यह कोरोना एक्सबीबी का यह एक नया वेरिएंट है।
उत्तराखंड से बड़ी खबर : पूर्णागिरि धाम में बड़ा हादसा, 5 लोगों की मौत
टनकपुर : पूर्णागिरि धाम में बड़ा हादसा हो गया। एक वाहन कई लोगों को कुचलता हुआ निकल गया। इस हादसे में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। जबकि सात लोगों के घायल होने की सूचना है।
ठुलीगाड़ के पास यात्री पार्किंग में खड़े बस का इंतजार कर रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए। हादसे का शिकार हुए सभी लोगों को टनकपुर अस्पताल लाया गया। कुछ लोगों ने इलाज से पहले ही दम तोड़ दिया। जबकि कुछ घायलों का टनकपुर उप जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की जांच में जुटी है।
Corona : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की राज्यों को गाइडलाइन, दिए ये निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि वह टेस्ट-ट्रेक-ट्रीट-वैक्सीनेशन और कोविड उपयुक्त व्यवहार की ‘फाइव फोल्ड स्ट्रेटेजी’ पर फोकस करना जारी रखें। मंत्रालय की ओर से एक अधिसूचना में कहा गया, हम कोविड-19 की तैयारियों को देखने के लिए एक और मॉक ड्रिल करेंगे। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जल्द ही मॉक ड्रिल की जाएगी।
अधिसूचना के मुताबिक, देश में टीकों की कुल 220.65 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। अस्पताल में भर्ती होने में वृद्धि का कोई सबूत नहीं मिला है। एहतियातन खुराक बढ़ाई जानी चाहिए। बयान में कहा गया है कि सभी गंभीर तीव्र श्वसन की बीमारी के मामलों की प्रयोगशाला निगरानी और परीक्षण को बढ़ाने की आवश्यकता है।
बड़ी खबर : राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा
अहमदाबाद : मोदी सरनेम को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में गुजरात की सूरत कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोषी करार दिया है। जिला अदालत थोड़ी देर में सजा का एलान करेगी। राहुल गांधी अदालत में सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। राहुल कोर्ट में पेशी के लिए गुरुवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। बता दें कि राहुल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में राहुल गाँधी को दो साल की सजा सुनाई गई, इस मामले में उनको जमानत भी मिल गई है।
ये मामला 2019 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले का है। आरोप है कि कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था, “कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है?”। उनके इस बयान के बाद भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने इस टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया।
पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। उनकी शिकायत पर सूरत शहर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एच. एच. वोरा के न्यायालय में लंबी सुनवाई चली। दोनों पक्षों की ओर से चली लंबी बहस गत शुक्रवार को पूरी हुई। राहुल इस मामले में पिछली बार अक्टूबर 2021 को न्यायालय में पेश हुए थे, इसके बाद उन्हें अदालत में उपस्थित रहने से छूट मिल गई थी।
राहुल ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है तथा वे निर्दोष हैं। वहीं, राहुल के वकील ने दलील पेश करते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता के खिलाफ कोई दस्तावेजी सबूत नहीं हैं और कोई भी राजनेता 13 करोड़ की आबादी वाले समाज के बारे में गलत बयान नहीं देगा। राहुल के वकील ने सफाई में कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी, ललित मोदी, नीरव मोदी व अन्य के नाम लेकर टिप्पणी की थी ना कि समाज पर।
विवादित टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी दोषी करार, सुनाई जाएगी सजा
अहमदाबाद : मोदी सरनेम को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में गुजरात की सूरत कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोषी करार दिया है। जिला अदालत थोड़ी देर में सजा का एलान करेगी। राहुल गांधी अदालत में सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। राहुल कोर्ट में पेशी के लिए गुरुवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। बता दें कि राहुल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया है।
ये मामला 2019 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले का है। आरोप है कि कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था, “कैसे सभी चोरों का सरनेम मोदी है?”। उनके इस बयान के बाद भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने इस टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया।
पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। उनकी शिकायत पर सूरत शहर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एच. एच. वोरा के न्यायालय में लंबी सुनवाई चली। दोनों पक्षों की ओर से चली लंबी बहस गत शुक्रवार को पूरी हुई। राहुल इस मामले में पिछली बार अक्टूबर 2021 को न्यायालय में पेश हुए थे, इसके बाद उन्हें अदालत में उपस्थित रहने से छूट मिल गई थी।
राहुल ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है तथा वे निर्दोष हैं। वहीं, राहुल के वकील ने दलील पेश करते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता के खिलाफ कोई दस्तावेजी सबूत नहीं हैं और कोई भी राजनेता 13 करोड़ की आबादी वाले समाज के बारे में गलत बयान नहीं देगा। राहुल के वकील ने सफाई में कहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी, ललित मोदी, नीरव मोदी व अन्य के नाम लेकर टिप्पणी की थी ना कि समाज पर।
यूट्यूबर मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार बंद, जलाए टायर
यूट्यूबर मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को बिहार बंद का ऐलान किया गया है। इस बंद का असर सुबह से कई जिलों से सामने आ रहा है। मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के विरोध में शेखपुरा में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 82 को जाम कर दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। मनीष कश्यप के समर्थक और राष्ट्रीय जन जन पार्टी ने गुरुवार को बंद का अह्वान किया है। शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत श्री कृष्ण चौक पर राष्ट्रीय जन जन पार्टी से जुड़े नेताओं ने बिहार बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं व यूट्यबर के समर्थकों ने टायर जलाकर आगजनी की और गाड़ियों के आवागमन को बंद कर दिया। प्रदर्शन के कारण बिहारशरीफ से मोकामा जाने वाली सड़कों पर जाम लग गया। राष्ट्रीय जन जन पार्टी के जिला अध्यक्ष गोपाल सिंह ने राज्य सरकार पर मनीष कश्यप पर दुर्भावना से ग्रसित होकर गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
लखीसराय के बड़हिया में बाजार बंद का असर नहीं दिख रहा है। दुकाने खुले हैं। राष्ट्रीय जन जन पार्टी के प्रदेश सचिव अमित कुमार के नेतृत्व में दर्जन भर कार्यकर्ता बड़हिया बाजार को बंद कराने निकले लेकिन बाजार बंद का कोई असर नहीं दिखा। इधर, पटना के आसपास के क्षेत्रों में भी बंद को लेकर मनीष के समर्थक सड़क पर उतरे। लोगों ने गुरुवार की सुबह बख्तियारपुर-रजौली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-20 पर अकबरपुर के समीप नोनाय गांव के पास जाम लगा दिया।
ट्विटर पर बिहार बंद ट्रेंड कर रहा है। मनीष कश्यप के समर्थक टि्वटर पर मनीष के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि मनीष कश्यप को गलत फंसाया जा रहा है। ट्विटर पर ट्वीट कर उसके समर्थक मनीष कश्यप को रिहा करने की मांग कर रहे हैं, वहीं, मनीष कश्यप रिमांड के पहले दिन ईओयू के सामने गिड़गिड़ाता रहा। पूछताछ के दौरान वो माफी मांगता रहा। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जब उससे पूछताछ की जा रही है, तो वह कई चीजें स्वीकार नहीं कर रहा है।
ईओयू ने मनीष से पूछा कि वह वारंट निकलने के दौरान क्यों भागा और इस दौरान कहां रहा। इस पर मनीष ने बताया कि वह गुरुग्राम और दिल्ली गया था। उसे लगा था कि कुछ दिनों में मामला शांत हो जाएगा मगर कुर्की की कार्रवाई होता देख वह थाने में सरेंडर कर दिया। ईओयू ने मनीष के सहयोगी नागेश कश्यप को भी गिरफ्तार किया है।
कोरोना ने पकड़ी रफ्तार! PM मोदी ने बुलाई हाई लेवल बैठक
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी बुधवार को अहम बैठक की। इस दौरान देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। जानकारी के मुताबहिक, कोरोना के मामलों में तेजी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा के लिए यह उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को अपडेट किए गए आंकड़ों से पता चला कि भारत में 1134 नए कोरोना के मामले दर्ज किए गए। मौजूदा वक्त में 7,026 कोरोना संक्रमितों का इलाज चल रहा है। इस दौरान पांच लोगों की मौत भी हुई।
छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में एक-एक मौत की खबर है। इसके अलावा एक कोरोना संक्रमित की जान केरल में गई। देश में दैनिक सकारात्मकता 1.09 फीसदी दर्ज की गई, जबकि साप्ताहिक सकारात्मकता 0.98 प्रतिशत आंकी गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्यों को चिट्ठी लिखी थी। मंत्रालय ने महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक को चिट्ठी लिखकर कोरोना के प्रति सतर्क रहने को कहा था।
मंत्रालय ने परीक्षण, ट्रैक, उपचार, टीकाकरण और कोरोना से लड़ने के अनुरूप व्यवहार की रणनीति का पालन करने को कहा था। इन राज्यों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में सरकार से फाइव फोल्ड स्ट्रैटेजी के तहत हालात पर नजर रखने और जरूरी उपाय करने को कहा है।















