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सत्येंद्र जैन को 6 हफ्तों के लिए मिली जमानत, एक साल बाद जेल से आएंगे बाहर

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम जमानत मिल गई है. कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को 6 हफ्तों के लिए जमानत दी है. हाल ही में सत्येंद्र जैन के वकील ने उनकी खराब तबीयत के बारे में कोर्ट को बताया था. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सत्येन्द्र जैन दिल्ली-एनसीआर से बाहर नहीं जा सकेंगे. अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जैन जमानत की अवधि के दौरान किसी गवाह से नहीं मिलेंगे. बिना कोर्ट की अनुमति से वह दिल्ली नहीं छोड़ेंगे. ज़मानत के दौरान वह मीडिया से भी बात नहीं कर सकेंगे. वहीं, इलाज का दस्तावेज़ भी कोर्ट के सामने प्रस्तुत करना होगा. कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को 11 जुलाई 2023 तक अंतरिम जमानत दी है.

मामले की सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट से कहा कि आज वह सिर्फ मेडिकल ग्राउंड पर बात करेंगे. सत्येन्द्र एक साल से जेल में हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. अभियोजन पक्ष की ओर से देरी किया जा रहा है. सिंघवी ने कहा कि जैन की हालत देखें, वह कहां भागेंगे. उनके शरीर का वजन 35 किलो वजन कम हो गया है.

सत्येंद्र जैन को शुक्रवार को तबीयत खराब होने पर दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल में एडमिट कराया गया था. इसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा था. इसके बाद उन्हें एलएनजेपी हॉस्पिटल बेहतर इलाज के लिए शिफ्ट कर दिया गया था. ईडी ने सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अरेस्ट किया गया था. जैन की गिरफ्तारी 30 मई 2022 को हुई थी.

सत्येंद्र के वकील की मानें तो वह काफी बीमार चल रहे हैं. उन्हें डिप्रेशन सहित कई बीमारियों ने जकड़ रखा है. इस वजह से उनका शरीर भी कमजोर हो गया है. इस बीच खबर आई थी कि सत्येंद्र जैन बाथरूम में अचानक ही गिर गए थे, जिसकी वजह से उनके रीढ़ की हड्डियों में गंभीर चोटें आई थीं. इस वजह से उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा था.

इससे पहले सत्येंद्र जैन ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने गुजारिश की थी कि उनके सेल में दो-तीन कैदियों को आने दिया जाए. सत्येंद्र जैन ने अपने पत्र में लिखा था कि वह अकेला महसूस कर रहे हैं. उनकी इस गुजारिश पर जेल अधिकारी ने उनके सेल में दो-तीन कैदियों को भेजा भी था. लेकिन, जैसे ही इस बात की जानकारी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लगी. तत्काल कैदियों को सेल से वापस बुला लिया गया.

डॉन अबु सलेम का भतीजा आरिफ पकड़ा गया, UP पुलिस ने मुंबई से दबोचा

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उत्तर प्रदेश की पुलिस (UP POLICE) ने मुंबई में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. यूपी पुलिस ने डॉन अबु सलेम के भतीजे को मुंबई से हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि यूपी पुलिस ने अबु सलेम के भतीजे आरिफ को बांद्रा हिल रोड के पास से पकड़ा है. आरिफ लंबे समय से फरार चल रहा था. उसकी तलाश में यूपी पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारियां भी की थीं.

UP पुलिस को ऐसी सूचना मिली थी कि आरिफ मुम्बई में छिपकर रह रहा है. इसके बाद यूपी पुलिस ने इस बात की सूचना मुंबई पुलिस को दी. इस बीच, आरिफ को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस की एक टीम मुंबई गई. वहां पर मुंबई पुलिस ने यूपी पुलिस को आरिफ के संबंध में और जानकारी उपलब्ध कराई. इस बीच, पता चला कि आरिफ बांद्रा के एक होटल के नजदीक पान की दुकान पर खड़ा है.

आरिफ की सूचना मिलते ही यूपी पुलिस की एक टीम तत्काल बांद्रा पहुंची. वहां पर आरिफ सड़क पर खड़ा हुआ दिखाई दिया. आरिफ को इस बात की भनक नहीं लगे, इसलिए यूपी पुलिस सादी वर्दी में वहां गई थी. इसका एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि एक दुकान के आगे आरिफ खड़ा हुआ है. वहां पर पहले से कुछ और लोग मौजूद हैं. तभी सादी वर्दी में वहां पर यूपी पुलिस के जवान पहुंचे और आरिफ को पकड़कर एक ओर ले जाने लगे.

उत्तराखंड : यहां नदी में गिरी कार, पांच लोगों की दर्दनाक मौत

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ऊधमसिंह नगर: जिले के खटीमा में बड़ा हादसा हो गया है। जानकारी के अनुसार देर रात एक कार शारदा नदी में जा गिरी। बताया जा रहा है कि हादसे में चालक और महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।

घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नदी से कार निकाल कर शवों को निकाला बाहर। शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक चिकित्सालय में रखा गया है। सीओ खटीमा का कहना है कि महिला के भाई ने पुलिस को जानकारी दी थी। जानकारी के अनुसार वह अपने भाई के घर गई थी और वहां से खाना खाने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे।

गुरुवार देर रात शारदा नदी में गिरी कार में पांच लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की पहचान द्रोपदी, ज्योति, दीपिका, सोनू और कार चालक मोहन सिंह धामी के रूप में हुई हैं। अंजनिया गई हुई थी।

जिस जगह पर घटना हुई है। वह पूरा इलाका सुनसान है। इसके चलते घटना की किसी को जानकारी नहीं लग पाई। महिला का भाई लगातार अपनी बहिन को फोन करता रहा। जब फोन नहीं उठा तो वो खुद ही पता करने चल पड़ा। इस बीच उनको कारण नहर में गिरी मिली, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला। अगर हादसे का समय रहते पता चलता तो, लोगों को बचाया जा सकता था।

संसद भवन के इनोग्रेशन पर ये ख़ास सिक्का होगा जारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला रविवार 28 मई को नए संसद की बिल्डिंग का इनॉगरेशन करेंगे। इस मौके पर 75 रुपए का सिक्का और एक स्टांप लॉन्च की जाएगी। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को सिक्के की ढलाई को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया। उन्होंने बताया कि सिक्के को भारत सरकार की कोलकाता टकसाल में ढाला जा रहा है।

हालांकि, संसद की नई बिल्डिंग के इनॉगरेशन प्रोसेस को लेकर अभी ज्यादा जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं आई है। लेकिन ANI के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नई बिल्डिंग का इनॉगरेशन दो फेज में होने की संभावना है। इनॉगरेशन प्रोग्राम से पहले की रस्में सुबह शुरू होंगी और संसद में गांधी प्रतिमा के पास एक पंडाल में आयोजित होने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक, पूजा और अन्य अनुष्ठान के बाद सुबह का फेस करीब 9:30 बजे समाप्त होगा, जिसके बाद दूसरा फेस दोपहर में लोकसभा कक्ष में राष्ट्रगान के गायन के साथ शुरू होने की उम्मीद है। इस दौरान 75 रुपए का सिक्का और एक स्टैंप भी जारी की जाएगी।

केंद्र सरकार नई बिल्डिंग के इनॉगरेशन पर 75 रुपए का सिक्का लॉन्च करेगी। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यह सिक्का गोल होगा, जिसका डायमीटर 44 मिलीमीटर रखा गया है। इसके किनारों पर 200 सेरेशन यानी दांते होंगे। इस सिक्के को 50% सिल्वर, 40% कॉपर, 5% निकेल और 5% जिंक के मिक्सर से बनाया जा रहा है।

सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ होगा, जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा होगा। बाईं ओर देवनागरी में भारत और दाईं ओर अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। नए सिक्के में रुपए का साइन होगा और लायन कैपिटल के नीचे 75 रुपए भी लिखा होगा। सिक्के की दूसरी साइड पर संसद परिसर की तस्वीर होगी। तस्वीर के ऊपर देवनागरी में संसद संकुल और नीचे अंग्रेजी में पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स लिखा होगा।

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटीज भारत के ईन राज्यों छात्रों के एडमिशन पर बैन

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ऑस्ट्रेलिया की कई यूनिवर्सिटीज ने भारत के 4 राज्यों और जम्मू-कश्मीर के छात्रों के एडमिशन पर बैन लगा दिया है। ऑस्ट्रेलियन न्यूज पेपर सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया की 2 बड़ी यूनिवर्सिटी ने अपने एजुकेशन एजेंट्स को पिछले हफ्ते एक लेटर लिखा था। इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के छात्रों का दाखिला नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया का होम अफेयर डिपार्टमेंट कश्मीर समेत इन 4 राज्यों के छात्रों की वीजा एप्लिकेशन लगातार खारिज कर रहा है। पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया की 4 यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों पर आरोप लगाए थे कि वो स्टूडेंट वीजा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कहा था- लोग स्टूडेंट वीजा लेकर पढ़ने की बजाय नौकरी के लिए ऑस्ट्रेलिया आ रहे हैं। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने बताया कि 2022 में कई भारतीय छात्रों ने दाखिले कराए, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। यूनिवर्सिटी ने एजेंट्स को बताया कि ऐसा करने वालों में ज्यादातर स्टूडेंट्स पंजाब, गुजरात और हरियाणा से हैं। इन राज्यों के छात्रों पर लगा बैन जून तक जारी रहेगा।

आगे ऐसा होने से रोकने के लिए दाखिले की पॉलिसी को और सख्त बनाया जा रहा है। होम अफेयर्स डिपार्टमेंट की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से आने वाली हर 4 में से 1 स्टूडेंट वीजा की एप्लिकेशन फ्रॉड है। इसके चलते ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए लगाई जाने वाली एप्लिकेशन का रिजेक्शन रेट भी बढ़ कर 24.3%हो गया है। जो पिछले 13 सालों में सबसे ज्यादा है। सिडनी हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटीज विदेशों छात्रों के दाखिले के लिए पूरी तरह एजेंट्स पर निर्भर हैं। दाखिले के लिए स्टूडेंट और यूनिवर्सिटी दोनों एजेंट्स को अप्रोच करते हैं। जिसके बदले यूनिवर्सिटीज एजेंट्स को मोटा कमीशन देती हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने विदेशी स्टूडेंट्स के काम करने की पॉलिसी में अहम बदलाव किया था। जिसके बाद से स्टूडेंट वीजा की मांग और तेज हुई । दरअसल, नए बदलाव के तहत ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने जाने वाले विदेशी छात्रों के काम करने पर लगी लिमिट को हटा दिया गया था। यानी अब छात्र कितने घंटे भी काम कर सकते हैं। हालांकि अब इस पॉलिसी को फिर से बदलने की तैयारी हो रही है। अल्बनीज सरकार फिर से छात्रों के काम करने के समय पर पाबंदी लगाने जा रही है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर बैन लगाने के मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा है, जब एक दिन पहले बुधवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया से 2 दिन की यात्रा कर भारत वापस लौटे हैं। सिडनी में 20 हजार लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि स्टूडेंट्स दोनों देशों को और करीब ला रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक-दूसरे की एजुकेशन डिग्रियों को मान्यता देने पर बातचीत आगे बढ़ी है। 2 दिसंबर 2022 को कनाडा ने अपने इमिग्रेशन कानून में बड़ा बदलाव किया। यहां की सरकार ने तय किया कि कनाडा में काम करने वाले विदेशियों के परिवार को भी वर्क परमिट दिया जाएगा। जिससे वो भी कनाडा में नौकरी कर पाएंगे। अस्थायी कामगारों को मिलने वाला ये परमिट सिर्फ 2 साल के लिए होगा।

विकास के इन नवरत्न, बदलेगी देवभूमि की तकदीर और तस्वीर

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देवभूमि उत्तराखंड को वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में एक बड़ा तोहफा दिया, इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के विकास के लिए निर्धारित उन नौ रत्नों का भी खुलकर जिक्र किया जिसके जरिए “डबल इंजन” की सरकार पहाड़ी राज्य की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी सरकार का पूरा जोर, “विकास के नवरत्नों पर है”। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि “नवरत्नों की माला को पिरोने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के जो प्रोजेक्ट यहां चल रहे हैं, उन्हें भी धामी जी की सरकार ने नई ऊर्जा दी है।

देवभूमि उत्तराखंड से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। उनका बार-बार उत्तराखंड आना और देवभूमि के विकास के प्रति उनके विचार एवं गतिमान व प्रस्तावित योजनाएं यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि अपने मुखारबिंद से उनका यह कहना कि “ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा”, यह सब आज वास्तव में धरातल पर परिलक्षित हो रहा है।

वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ के अवसर पर भी उन्होंने “ये दशक उत्तराखंड का दशक” होगा वाली पंक्तियों को न केवल दोहराया बल्कि यह भी बताया कि किस तरह ये दशक उत्तराखंड का दशक होने जा रहा है। उन्होंने विकास के नवरत्नों पर विस्तार से बोलते हुए बताया कि किस तरह विकास के नवरत्न के तहत चल रहे कार्य उत्तराखंड के लिए आने वाले दिनों में कितने अहम साबित होंगे।

ये हैं विकास के नवरत्न

  • पहला रत्न- केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ रुपए से पुनर्निर्माण का कार्य.
  • दूसरा रत्न- ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य.
  • तीसरा रत्न- कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का काम.
  • चौथा रत्न- पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा। राज्य में 4000 से अधिक होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं.
  • पांचवा रत्न- 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास.
  • छठा रत्न- उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। उधमसिंह नगर में AIIMS का सेटलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है.
  • सातवां रत्न- करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना.
  • आठवां रत्न- ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास.
  • नौवां  रत्न- टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन। इस रेल लाइन पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा. 

PM ने कहा कि आप लोगों ने एक कहावत सुनी होगी- सोने पर सुहागा। इसलिए इन नवरत्नों की माला को पिरोने के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर के जो प्रोजेक्ट यहां चल रहे हैं, उन्हें भी धामी जी की सरकार ने नई ऊर्जा दी है। 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से चारधाम महापरियोजना पर तेज गति से काम हो रहा है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे तैयार होने से देहरादून-दिल्ली के बीच सफर और आसान हो जाएगा। रोड कनेक्टिविटी के साथ ही, रोप-वे कनेक्टिविटी के लिए भी उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। पर्वतमाला योजना आने वाले दिनों में उत्तराखंड का भाग्य बदलने जा रही है। इसके लिए जिस कनेक्टिविटी का उत्तराखंड के लोगों ने बरसों इंतजार किया है, वो इंतजार भी हमारी सरकार समाप्त कर रही है।

उत्तराखंड को मिली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी। उन्होंने आज देहरादून से दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। आज गुरुवार सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर वर्चुअल माध्यम से वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन किया। वहीं दून में राज्यपाल गुरमीत सिंह, केंद्रीय रेल मंत्रि अश्वनी वैषणव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहे।

 

दिल्ली आनंद विहार से देहरादून आने वाली गाड़ी का नंबर 20457 रहेगा, जबकि देहरादून से दिल्ली आनंद विहार जाने वाली गाड़ी का नंबर 20458 रहेगा। सप्ताह में बुधवार को छोड़कर वंदे भारत एक्सप्रेस शेष सभी छह दिन संचालित होगी।

दून रेलवे स्टेशन को वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के लिए फूलों से सजाया गया। वंदे भारत प्लेटफार्म नंबर नंबर-दो से दिल्ली आनंद विहार रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होगी। सुरक्षा को लेकर रेलवे पुलिस बल एवं जीआरपी को तैनात किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीसीटीवी से आने-जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रहेगी। जिससे किसी भी तरह की कोई चूक न रहे। कार्यक्रम को लेकर रेलवे स्टेशन पर बड़ी टीवी स्क्रीन की व्यवस्था भी की गई है।

आज वंदे भारत एक्सप्रेस का पहले दिन मुफ्त सफर रहेगा, हालांकि विधिवत संचालन के बाद टिकट लेना होगा। वंदे भारत में कुल आठ कोच और इसकी यात्री क्षमता 570 की है। दून से हरिद्वार के बीच राजाजी पार्क क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए औसतन रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा रखी गई है।

तिहाड़ जेल के वॉशरूम में गिरे सत्येंद्र जैन, LNJP अस्पताल किया गया शिफ्ट

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नई दिल्ली : पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन गुरुवार सुबह तिहाड़ जेल के वॉशरूम में फिसलकर गिर पड़े थे। उन्हें सुबह दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोपहर करीब 12 बजे उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें लोक नारायण जय प्रकाश अस्पताल (LNJP) में शिफ्ट किया गया है। उन्हें फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

तिहाड़ के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6 बजे सत्येंद्र जैन तिहाड़ की जेल नंबर 7 के मेडिकल इंस्पेक्शन रूम के बाथरूम में फिसलकर गिर पड़े। यहां उन्हें कमजोरी की शिकायत के बाद ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। शुरुआती जांच में उनके अंग ठीक से काम कर रहे थे, लेकिन जैन ने पीठ, बाएं पैर और कंधे में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया।

एक हफ्ते में यह तीसरी बार है, जब जैन को अस्पताल लाया गया है। इससे पहले 22 मई को उन्हें दिल्ली के ही सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। तब उन्हें रीढ़ में परेशानी आई थी। 20 मई को भी वो इसी परेशानी के चलते दीन दयाल अस्पताल लाए गए थे।

टीपू सुल्तान का बेटा सिद्धारमैया, बयान को लेकर मुश्किल में पड़े कर्नाटक के पूर्व मंत्री, मामला दर्ज

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कर्नाटक : पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सीएन अश्वथ नारायण सिद्धारमैया को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान को लेकर फंसते नजर आ रहे हैं। उनके खिलाफ मैसूर के देवराज पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, कांग्रेस नेता उनकी गिरफ्तारी की भी मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है, अश्वथ नारायण ने कहा था कि टीपू का बेटा सिद्धारमैया आएगा…क्या आप टीपू या सावरकर चाहते हैं? हमें टीपू सुल्तान को कहां भेजना चाहिए? उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा ने क्या किया? उसी तरह उन्हें भी बाहर कर दिया जाना चाहिए और भेज दिया जाना चाहिए। हालांकि, बाद में अपने बचाव में पूर्व मंत्री अश्वथ नारायण ने कहा था कि उन्होंने सिद्धारमैया की तुलना टीपू सुल्तान से की थी। उन्होंने टीपू सुल्तान के प्रति सिद्धारमैया के प्यार के बारे में बात की है। उनके बारे में अपमानजनक बात नहीं की है।
नारायण ने कहा था कि मैंने कांग्रेस पार्टी को हराने का आह्वान किया है। मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। यह एक वैचारिक अंतर है। अगर उन्हें ठेस पहुंची है तो मैं उनसे माफी मांगता हूं। मंत्री के विवादित बयान पर सिद्धारमैया ने कहा था कि मंत्री को बंदूक खुद उठा लेना चाहिए। सिद्धारमैया ने कहा कि मंत्री अश्वथ नारायण ने लोगों को मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की तरह मुझे खत्म करने का आह्वान किया था। मैं उनकी हत्या के आह्वान से हैरान नहीं हूं। हम इनके नेताओं से प्यार, सहानुभूति, और दोस्ती की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। वह पार्टी जो महात्मा गांधी की हत्या करने वाले का सम्मान करती है।
सिद्धारमैया ने आगे कहा था कि राज्य के एक मंत्री ने सार्वजनिक रूप से हत्या का आह्वान किया, यह दिखाता है कि सरकार जीवित नहीं, मर चुकी है। उन्होंने मांग की थी कि मंत्री अश्वथ नारायण को तुरंत कैबिनेट से हटा दिया जाना चाहिए। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति की तरह बयान दिया। अगर उन्हें बर्खास्त और गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो इसका मतलब है कि भाजपा भी मान रही है कि मंत्री अश्वथ नारायण वास्तव में मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं।