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लक्ष्य सेन ने जीता कनाडा ओपन, ऑल इंग्लैंड चैंपियन ली शी फेंग को दी शिकस्त

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CWG के स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन ने मौजूदा ऑल इंग्लैंड चैंपियन चीन के ली शी फेंग को हराकर कनाडा ओपन 2023 में मेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। लक्ष्य ने वर्ल्ड नंबर-10 खिलाड़ी शी फेंग पर सीधे गेम में जीत हासिल की। लक्ष्य ने मैच 21-18, 22-20 से अपने नाम किया। लक्ष्य का यह इस सीजन दूसरा BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। वह जनवरी 2022 में पहले ही इंडिया ओपन का खिताब जीत चुके हैं।

मेंस सिंगल्स में लक्ष्य की मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग 19 है। उन्होंने राउंड ऑफ-32 में वर्ल्ड नंबर चार कुनलावुत विटिडसार्न को शिकस्त दी थी। इसके बाद लक्ष्य ने सेमीफाइनल में दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी जापान के केंटो निशिमोटो पर शानदार जीत हासिल की और एक साल से अधिक समय में अपने दूसरे सुपर 500 फाइनल और पहले बीडब्ल्यूएफ समिट क्लैश में प्रवेश किया। लक्ष्य ने सेमीफाइनल मुकाबला 21-17, 21-14 से जीता था।
पिछले साल अगस्त में विश्व चैंपियनशिप (22 से 28 अगस्त) के बाद लक्ष्य की नाक की सर्जरी हुई थी और इलाज के बाद उन्हें ठीक होने में काफी समय लगा थी। उन्होंने पिछली बार कोई फाइनल पिछले साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में खेला था। तब भी लक्ष्य चैंपियन बने थे और मेंस सिंगल्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। नाक की सर्जरी से रिकवरी के बाद कई टूर्नामेंट में वह शुरुआती राउंड में ही बाहर हो गए थे।
इस सीजन की शुरुआत में लक्ष्य फॉर्म में नहीं दिखे थे, जिससे वह रैंकिंग में 19वें नंबर पर खिसक गए थे। हालांकि, थाईलैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंकर उन्होंने अपनी फॉर्म में सुधार के संकेत दिए थे। अब वह कनाडा ओपन के चैंपियन बन गए हैं। इससे लक्ष्य के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की राह आसान हुई है। ली शी फेंग के खिलाफ लक्ष्य की यह पांचवीं जीत थी। दोनों के बीच कुल सात मुकाबले खेले गए हैं। ली शी फेंग को सिर्फ दो मैचों में जीत मिली है।

भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से तबाही, 34 की मौत!

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भारी बारिश का असर जारी है। हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी राज्यों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से 34 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 11 मौतें हिमाचल में हुईं। इसके अलावा, यूपी में 8, उत्तराखंड में 6, दिल्ली में 3, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा व पंजाब में दो-दो की जान गई।

हिमाचल के मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। दिल्ली में 41 साल बाद जुलाई में एक दिन में 153 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के चलते उत्तर रेलवे ने 17 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। 12 ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े हैं।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से सड़कें मलबे में बदल गई हैं, जबकि राजधानी दिल्ली समेत मैदानी राज्यों की सड़कें पानी में डूब गई हैं। इसके चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिल्ली में यमुना का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब, हिमाचल के मुख्यमंत्री और दिल्ली व जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से बातकर हालात से निपटने में केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

हिमाचल में 24 जून को मानसून पहुंचने के बाद से ही भारी तबाही हुई है। शनिवार देर रात मंडी और कुल्लू में बादल फटने से ब्यास नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसमें तीन पुल, एक एटीएम समेत चार दुकानें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बरसात को लेकर रेड व आॅरेंज अलर्ट जारी किया है।

पंजाब के कई इलाकों में ट्रैक पर पानी भरने से अंबाला से ऊना-अंब-दौलतपुर चौक आने वाली वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों की आवाजाही ठप रही। श्रीखंड महादेव यात्रा दो दिन के लिए निलंबित कर दी गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में छह इंच पानी बरसा है। वहीं, झुंझुनूं व सीकर में बाढ़ जैसे हालात हैं।

 

DCP ऑफिस में बाबा बागेश्वर का दरबार, हाथ जोड़कर बैठे दिखे दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी

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नई दिल्‍ली:  दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में बाबा बागेश्वर की कथा का आयोजन किया गया, जहां हजारों की संख्या में बाबा के श्रद्धालु पहुंचे थे. शुक्रवार यानी 7 जुलाई को बाबा की कथा का समापन हुआ और फिर दिल्ली पुलिस भी बाबा की भक्ति में रंगी नज़र आई. पुलिस अधिकारी बाबा से विनती कर उन्‍हें DCP ईस्ट ऑफिस में ले गए. फिर क्या था, वहीं DCP ईस्ट ऑफिस में सज गया बाबा का दरबार. जहां पुलिस अफसर मीटिंग करते हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस होती हैं, उसी रूम में बाबा की गद्दी लगाई गई.

इस दौरान डीसीपी ईस्ट ऑफिस में वर्दी में दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी बाबा के सामने बैठे नजर आए और बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री बड़े सौफे पर अपने आसान पर झोले के साथ विराजमान दिखे. बाबा बागेश्वर के इस दरबार में जॉइंट सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और तमाम पुलिस ऑफिसर नजर आए.

सूत्रों के मुताबिक, बाबा बागेश्वर करीब एक घंटा डीसीपी ईस्ट ऑफिस में रहे…इस दौरान पहले तो सभी ने अपना परिचय दिया और फिर घुमा फिराकर अपना भविष्य पूछने लगे…बाबा ने कुछ अधिकारियों के सवालों के जवाब दिये भी.

वहीं, एक वीडियो भी सामने आया है, इसमें बाबा जा रहे हैं और सभी पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर उन्‍हें विदाई दे रहे हैं…ऐसी वीडियो और फोटो पहली बार सामने आई है, जहां बाबा ने पुलिस ऑफिस में ही अपना दरबार लगा दिया हो.

उत्तराखंड: इन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश

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देहरादून: प्रदेशभर में पिछले लगभग 24 घंटों से लगातार बारिश जारी है, जिसके चलते  प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग की ओर अलर्ट भी जारी किया गया है। इसको देखते हुए सरकार ने अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी अधिकारी मौके पर तैनात रहें, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति से निपटा जा सके।

 

निदेशक, भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने 9.07.2023 के प्रातः 11:00 बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 09.07.2023 को राज्य के उत्तरकाशी, टिहरी एवं देहरादून जनपदों और दिनांक 11.07.2023 से दिनांक 12.07.2023 तक राज्य के चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यन्त भारी वर्षा के साथ-साथ कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने / वर्षा के अति तीव्र से अत्यन्त तीव्र दौर होने की संभावना व्यक्त की गयी है।

 

इसी क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर जिलाधिकारी चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर को अपने जनपदों में विशेष सावधानियां सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किये गए है | संबंधित जिलाधिकारिओ को प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाये रखते हुए आवागमन में नियंत्रण रखने, किसी भी आपदा / दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओंका तत्काल आदान-प्रदान करने, आपदा प्रबन्धन IRS प्रणाली के नामित समस्त अधिकारियो एवं विभागीय नोडल अधिकारियो को हाई अलर्ट में रहने, समस्त राजस्व उपनिरीक्षको , ग्राम विकास अधिकारियो , ग्राम पंचायत अधिकारियो को अपने क्षेत्रों में बने रहेंने,समस्त चौकी / थाने को भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों एवं वायरलैस सहित हाई अलर्ट में रहने, उक्त अवधि में किसी भी अधिकारी / कर्मचारी को मोबाईल / फोन स्विच ऑफ नहीं करने, अधिकारीगणो को बरसाती, छाता, टार्च हैलमेट तथा कुछ आवश्यक उपकरण एवं सामग्री अपने वाहनों में रखने हेतु उचित कार्यवाही करने, उक्त अवधि में लोगों के फँसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल सुविधा की व्यवस्था करने, विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में विशेष सावधानी बरतने, असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन की अनुमति न देने, नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों एवं कलवटों के अवरोधों को दूर करने, NH, PWD, PMGSY, ADB, BRO, WB, CPDW आदि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की दशा में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करने,केन्द्रीय जल आयोग के लिंक http//ffs.india-water.gov.in से जलस्तर / खतरे की स्थिति की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चत करने के निर्देश जारी किये गए है |

 

समस्त सम्बन्धित अधिकारियो को किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना SEOC/ राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 2664314, 2664315 2664316, फैक्स नं० 0135-2710334, 2664317. टोल फ्री नं0 1070, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं |

हिमाचल में आफत की बारिश, भारी नुकसान की ख़बरें

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शिमला जिला में पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। शिमला जिला के कोटगढ़ इलाके में मलबे में दबने से दम्पति और बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य चोटिल हुए। भूस्खलन की ये घटना ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील कोटगढ़ के ग्राम पंचायत मधावनी के पानेवली गांव में हुई।

एक मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ है। मकान में पांच लोगों का परिवार रह रहा था। भारी वर्षा के कारण चट्टान युक्त मलबा इस मकान पर गिर पड़ा। इस मकान में दम्पति समेत छह लोग सो रहे थे। इसमें अनिल (32) पुत्र जयचंद, किरण (31) पत्नी अनिल और स्वप्निल (11) पुत्र अनिल की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई है। तीनों के शवों को निकाल दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों जयचंद और उनकी पत्नी बीना देवी को हल्की चोटें आई है।

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में शुक्रवार देर रात से लगातार जारी बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंडी जिला के पधर उपमंडल के अंतर्गत बरोट क्षेत्र में ऊहल नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। जिससे यहां हालात बिगड़ने लगे हैं।

बरोट स्थित शानन विद्युत परियोजना के बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। लक्कड़ बाजार फिर खतरे की जद में आ गया है। ऊहल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने बरोट में होटल व गेस्ट हाउस खाली करा दिए हैं। वहीं, कीरतपुर नेरचौक फोरलेन पर समलेटू के पास मार्ग पत्थर गिर गए हैं। इसी के साथ फोरलेन पर लैंड स्लाइड के बाद प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है।

ऊहल नदी का जल स्तर बढ़ने से ढरांगण स्थित रिवर रिट्रीट कैंपिंग साईट में दो कारें नदी के पानी मे दब गई हैं। बरोट से लेकर बोचिंग तक किसानों के खेतों में पानी घुसने से आलू की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। ऊहल नदी का बहाव बरोट के मुख्य लक्कड़ बाजार के करीब पहुंचना शुरू हो गया है। ऐसे में स्थिति को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीण और दुकानदार रात को ही अपने घर और दुकानों को छोड़ कर सुरक्षित स्थानों में निकल गए हैं।

बीती आधी रात से बरोट और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद हो गई है। लोक निर्माण विभाग मंडल नंबर-1 मंडी स्थित पधर के अंतर्गत एक दर्जन के करीब सड़क मार्ग भारी बारिश से भूस्खलन से जगह-जगह पर बंद हो गए हैं। घटासनी-बरोट राजमार्ग टिक्कन स्थित वरधाण के पास भूस्खलन से बंद हो गया है। जबकि, बरोट-मियोट, लपास-रुलँग, झटिंगरी-डायनापार्क, कुन्नू-बसाही, पधर-बल्ह, कटिंडी-कमांद-बजौरा मार्ग भी भूस्खलन से बंद हैं।

उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया कि जिले में भारी वर्षा के दृष्टिगत 10 जुलाई सोमवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि गत शनिवार से ही जिले में लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण अधिकतर संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इसके अलावा मौसम विभाग ने भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसी के मध्यनजर जिले के सभी शिक्षण संस्थानो सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलो, महाविद्यालयो व आईटीआई में सोमवार 10 जुलाई को अवकाश रहेगा।

दलित युवक को पहले पीटा, फिर चप्पल भी चटवाई

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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से दलित युवक के साथ अमानवीय हरकत करने का मामला सामने आया है. बिजली से संबंधित शिकायत करने पर पहले संविदा पर तैनात लाइनमैन ने उसकी पिटाई गई. फिर कान पकड़कर उठक-बैठक कराया गया. इससे भी मन ना भरा तो उससे चप्पलें चटवाईं गईं. अब दलित के साथ हुए इस अमानवीय हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

वायरल VIDEO में दिख रहा है कि एक शख्स कमीज की जेब में कलम लगाए चौकी पर बैठा हुआ है और चप्पले पहन अपना पैर आगे करता है. इधर, दलित शख्स अपने घुटने पर बैठता है और उसके चप्पल चाटता है. बाद में उससे जबरदस्ती उठक-बैठक भी कराया जाता है.

घटना एक हफ्ते पहले की है. पीड़ित शख्स की पहचान राजेंद्र के रूप में हुई है. पूरे मामले में दोषी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 (SC/ST अधिनियम) के तहत एक पुलिस मामला दर्ज किया गया है.

आरोपी की पहचान बिजली विभाग के लाइनमैन तेजबली सिंह के रूप में की गई है. इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दलित के मामा के घर पर बिजली की समस्या थी. लाइनमैन मौके पर पहुंचा और उस व्यक्ति की पिटाई शुरू कर दी. वीडियो में दिखाया गया है कि तेजबली ने उससे अपनी चप्पलें चटवाईं. एक अन्य वीडियो में, लाइनमैन ने राजेंद्र को बांह से पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और उसे बार-बार थप्पड़ मारे, भद्दे अपशब्द कहे. उसने उसे क्षेत्र में दोबारा न आने की धमकी भी दी. दलित व्यक्ति अपने मामा से मिलने आया था.

BSF के DIG का बड़ा खुलासा : चुनाव आयोग ने नहीं दी संवेदनशील बूथों की कोई जानकारी

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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव भले ही सपन्न हो गए हैं, लेकिन इस दौरान राज्य में जमकर हिंसा हुई। 12 लोगों की जानें चली गईं और कई लोग घायल हो गए। इस मामले में अब  BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने रविवार को कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बीएसएफ के बार-बार अनुरोध के बावजूद राज्य चुनाव आयोग ने ऐसे बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को कोई जानकारी नहीं दी।

बीएसएफ के डीआइजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ ने राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखकर संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी मांगी थी, लेकिन सात जून को छोड़कर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें केवल बूथों की संख्या के बारे में बताया गया, लेकिन उनके स्थान या किसी अन्य जानकारी के बारे में कुछ नहीं बताया गया।

गुलेरिया ने कहा कि बीएसएफ की तैनाती स्थानीय प्रशासन के आदेश पर की गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी के लिए 25 राज्यों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राज्य सशस्त्र पुलिस की 59,000 टुकड़ियां पहुंची थीं, लेकिन संवेदनशील मतदान केंद्रों पर उनका पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया। राज्य ने केवल 4834 संवेदनशील बूथ घोषित किए थे, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी, लेकिन वास्तव में इससे कहीं अधिक संवेदनशील मतदान केंद्र थे।

आठ जुलाई यानी शनिवार को पंचायत चुनाव के दौरान राज्य भर में हुई हिंसा में 13 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मुर्शिदाबाद, कूच बिहार, मालदा, दक्षिण 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर और नादिया जैसे कई जिलों से बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों को नुकसान पहुंचाने और पीठासीन अधिकारियों पर हमले की खबरें आईं।

BSF ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल राज्य में 3317 ग्राम पंचायतों, 341 पंचायत समितियों और 20 जिला परिषदों के लिए चुनाव कराने के लिए कुल 61,636 मतदान केंद्र स्थापित किए थे। चुनावों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य राज्य पुलिस बलों के 59,000 कर्मियों को राज्य भर में मतदान केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई, जिसमें 4834 संवेदनशील बूथ भी शामिल हैं, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी। शाम को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतपेटियों को राज्य भर के 339 स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीएपीएफ को दी गई है।

उत्तराखंड : गहरी खाई में गिरा वाहन, 11 लोग थे सवार

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टिहरी: आज सुबह तड़के करीब तीन बजे एक मैक्स वाहन गूलर के पास गहरी खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो गया। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हुई और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, टिहरी गढ़वाल जिले के थाना मुनि की रेती की चौकी ब्यासी पर सूचना मिली कि सोनप्रयाग से ऋषिकेश आ रही एक मैक्स गाड़ी मालाकुंती पुल से होटल आनंद काशी के बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे खाई में गिर गई। गाड़ी में चालक समेत 11 लोग सवार थे।

सूचना मिलते ही मौके पर थाना पुलिस और SDRF की टीम पहुंची। टीम ने नदी से पांच लोगों को बाहर निकाल लिया है। सभी को एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। टीम को अभी चालक समेत अन्य छह लोगों की तलाश है।

रेस्क्यू किए गए यात्रियों ने बताया गया कि वो सभी लोग अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं। सोनप्रयाग से शनिवार की रात आठ बजे एक मैक्स गाड़ी में बैठे थे। तीन बजे मालाकुंठी पुल से आगे गुलर की तरफ पहाड़ से बारिश में अचानक पत्थर गिरने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी सीधे नदी में जा गिरी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की डॉ. योगेश दुबे के कार्यों की सराहना

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मुंबई। महाराष्ट्र की यात्रा पर आई देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता, राष्ट्रीय दिव्यांगजन पुरस्कार विजेता और उत्तर भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. योगेश दुबे की ओर से किए जा रहे सामाजिक और राष्ट्रहित कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।

डॉ. योगेश दुबे ने राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें अपनी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से युवाओं, दिव्यांगों और पिछड़ों के उत्थान की दिशा में किए जा रहे सामाजिक शैक्षणिक और राजनीतिक कार्यों की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने कहा कि आप इसी तरह देश और समाज को मजबूत करने की दिशा में काम करते रहिए।

राष्ट्रपति मुर्मू ने पिछले दिनों संविधान दिवस के अवसर पर अपील की थी कि देश के जेलों में बंद छोटे अपराध करने वाले आदिवासियों को मुक्त कराने की दिशा में काम होना चाहिए। डॉ. योगेश दुबे ने उन्हें बताया कि देश की जेलों में सजा पूरी होने के बावजूद जुर्माना अदा न करने के कारण भारी संख्या में बूढ़े कैदी रिहा नहीं हो पा रहे हैं।

उन्होंने इस दिशा में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की और उनकी याचिका पर आयोग ने गृह सचिव, भारत सरकार और जेल महानिदेशक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। डॉ. योगेश ने उन्हें बताया कि वह लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

शरद पवार बोले -मैं रिटायर नहीं, फायर हूं, अजित को चेतावनी

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NCP प्रमुख शरद पवार ने पार्टी से बगावत के लिए भतीजे अजित पर आज जमकर हमला बोला। अजित पवार के ‘रिटायर’ होने वाले सुझाव पर उन्होंने कहा कि अभी वो न थके हैं, न रिटायर हो रहे, उनमें अभी आग बाकी है। NCP प्रमुख ने कहा कि वह काम करना जारी रखेंगे क्योंकि पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि वह काम करते रहें।

शरद पवार ने अजित पर हमला बोलते हुए कहा कि वो मुझे जो भी कह रहे हैं उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। पवार ने कहा, ”मैं न थका हूं, न रिटायर हुआ, मैं फायर हूं। जल्द ही सभी बागियों को एनसीपी से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।शरद ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में भतीजे अजित की सभी बातों का बेबाकी से जवाब दिया। शरद ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि मोरारजी देसाई किस उम्र में प्रधानमंत्री बने थे? मैं प्रधानमंत्री या मंत्री नहीं बनना चाहता, बल्कि केवल लोगों की सेवा करना चाहता हूं। मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ।

इसी के साथ पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि मैं न तो थका हूं और न ही रिटायर हुआ हूं। उन्होंने कहा अजित मुझे रिटायर होने के लिए कहने वाले कौन होते हैं? मैं अभी भी काम कर सकता हूं। शरद पवार से जब पूछा गया कि परिवार में उत्तराधिकार की लड़ाई में अजित को इसलिए दरकिनार कर दिया गया, क्योंकि वह उनके बेटे नहीं थे। पवार ने कहा कि मैं इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। मुझे पारिवारिक मुद्दों पर परिवार के बाहर चर्चा करना पसंद नहीं है।

पवार ने कहा कि अजित को मंत्री बनाया गया और उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया लेकिन उनकी बेटी सुप्रिया सुले को कोई मंत्री पद नहीं दिया गया, जबकि यह संभव था। उन्होंने कहा कि जब भी राकांपा को केंद्र में मंत्री पद मिला, वह दूसरों को दिया गया, लेकिन सांसद होने के बावजूद सुप्रिया को नहीं।

अजित और आठ अन्य राकांपा विधायकों के महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल होने के एक सप्ताह बाद, शरद पवार शनिवार को नासिक जिले के येवला में रैली करके अपने राज्यव्यापी दौरे की शुरुआत कर रहे हैं, जो कि मंत्री छगन भुजबल का निर्वाचन क्षेत्र है।