Home Blog Page 466

राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर हमला, मणिपुर जल रहा और PM संसद में हंस रहे थे

0

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में मणिपुर पर दो मिनट बोले। मणिपुर में महीनों से आग लगी है, लोग मारे जा रहे हैं। दुष्कर्म हो रहा है, बच्चों को मारा जा रहा है। आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री हंस कर बोल रहे थे। मुस्कुरा रहे थे। जोक मार रहे थे। प्रधानमंत्री को यह शोभा नहीं देता है। अगर देश में ऐसा हो रहा है तो प्रधानमंत्री को दो घंटे यह नहीं करना चाहिए था। विषय कांग्रेस पार्टी नहीं था, विषय मणिपुर था, मणिपुर जल रहा है।

आगे बोले कि मैं करीब 19 साल से राजनीति में हूं और करीब हर राज्य में, चाहे बाढ़ आए, सुनामी आए, हिंसा हो, हम जाते हैं। 19 साल के अनुभव में मैंने जो मणिपुर में देखा, वह मैंने पहले कभी नहीं सुना। मैंने संसद में कहा कि अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी ने मणिपुर में भारत की हत्या की।

साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपको बताता हूं मैंने यह बात बोली क्यों। जब हम वहां पहुंचे तो हमने वहां का दौरा किया। जब हम मैतेई इलाकों में गए, तो हमें साफ कहा गया था कि अगर आपकी सिक्योरिटी डिटेल में कोई कुकी होगा तो आप उसे मत लाइए हम उसे मार देंगे। जब हम कुकी इलाके में गए तो हमें कहा गया कि मैतेई को मत लाइएगा हम उसे गोली मार देंगे। हम जहां गए वहां से अपनी सुरक्षा में मैतेई और कुकियों को हटा दिया। यानी राज्य दो हिस्सों में बंट चुका है।

पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसलिए मैंने कहा कि मणिपुर में जो हो रहा है वह भारत की हत्या है। उस पर प्रधानमंत्री हंस रहे थे। वे मणिपुर जा नहीं सकते। हिंदुस्तान की सेना आप सब जानते हो सेना को। जो मणिपुर में हो रहा है, उसे हिंदुस्तान की सेना दो दिन में रोक सकती है। अगर हिंदुस्तान की सेना को कहा गया कि तीन दिन में इस हिंसा को बंद करो तो सेना दो दिन में यह कर सकती है। लेकिन प्रधानमंत्री मणिपुर को आग में जलाना चाहते हैं। इसे बुझाना नहीं चाहते।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय  सेना दो दिन में हालात काबू में ला सकती है लेकिन पीएम मणिपुर को जलाना चाहते हैं और आग को बुझाना नहीं चाहते हैं। प्रधानमंत्री कम से कम मणिपुर जा सकते थे, समुदायों से बात कर सकते थे और कह सकते थे कि मैं आपका पीएम हूं, आइए बात शुरू करें लेकिन मुझे कोई इरादा नहीं दिखता… सवाल यह नहीं है कि क्या पीएम मोदी 2024 में पीएम बनेंगे, सवाल मणिपुर का है जहां बच्चे, लोग मारे जा रहे हैं।

क्या बाहुबली से पठान तक, सारे बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ेगी सनी देओल की गदर 2?

0

सनी देओल और अमीषा पटेल की मच अवेटेड फिल्म गदर 2 आज रिलीज़ हो गई है. पहली गदर की रिलीज़ के 22 साल बाद आई गदर 2 को लेकर पूरे देश में बज़ देखा जा रहा है. इसकी एडवांस बुकिंग की चर्चा काफी दिनों से चल रही थी. इंडस्ट्री के जानकार कई तरह के आंकड़े पेश कर रहे थे. पर रिलीज़ से ऐन पहले गुरुवार रात को गदर 2 के मेकर्स ने ऐसा दावा किया कि सभी हैरान रह गए.

गदर 2 के मेकर्स ने दावा किया कि रिलीज़ से पहले ही गदर 2 के 20 लाख टिकट एडवांस में बुक कर लिए गए हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि फिल्म को बंपर ओपनिंग मिलने वाली है. हालांकि ये सभी टिकट पहले दिन के लिए बिके हैं या पहले वीकेंड के लिए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. पर मेकर्स के इन दावों पर यकीन करे तो गदर 2 ने एडवांस बुकिंग ने इतिहास रच दिया है.

पाकिस्तान में जाकर गदर मचाने की इस कहानी का फैंस काफी वक्त से इंतज़ार कर रहे थे. टीज़र और ट्रेलर के बाद से ही फिल्म गदर 2 को लेकर जो बज़ बना वो अब तक कायम है. ट्रेलर में सनी देओल के डायलॉग भी लोगों को भा गए थे. यही वजह है कि सनी देओल ने शाहरुख खान, प्रभास, यश और आमिर खान जैसे बड़े सितारों को भी पीछे छोड़ दिया. निर्देशक अनिल शर्मा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि फिल्म के 20 लाख टिकट एडवांस में बिके हैं. उन्होंने इसके लिए इश्वार का धन्यवाद किया.

  • बाहुबली 2 – 6.15 लाख टिकटें
  • पठान – 5.56 लाख टिकटें
  • केजीएफ 2 – 5.15 लाख टिकटें
  • वॉर – 4.10 लाख टिकटें
  • ठग्स ऑफ हिंदोस्तान – 3.46 लाख टिकटें
  • भारत – 3 लाख टिकटें
  • ब्रह्मास्त्र – 2.5 लाख टिकटें
  • सूर्यवंशी – 2 लाख टिकटें
  • संजू – 2 लाख टिकटें
  • टाइगर जिंदा है – 3 लाख टिकटें

20 लाख बहुत बड़ा नंबर है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या गदर 2 पहले दिन कमाई का पठान का रिकॉर्ड तोड़ देगी? शाहरुख, जॉन अब्राहम और दीपिका की पठान ने पहले दिन हिंदी में 55 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था और ये हिंदी में सबसे ज्यादा ओपनिंग हासिल करने वाली फिल्म बन गई थी. गदर 2 को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग खूब रिएक्शन दे रहे हैं.

उत्तराखंड : बागेश्वर उपचुनाव कौन मारेगा बाजी, जानें क्या कहता है इतिहास?

0

बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव का ऐलान हो चुका है। उपचुनाव के लिए नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख 17 अगस्त है। 21 अगस्त तक नाम वापसी। 5 सितंबर को मतदान और 8 सितंबर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम जारी कर दिए जायेंगे। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीतिक दल भी तैयारियों में जुट गए हैं। BJP इस उप चुनाव को हर हाल में जीतना चाहेगी। वहीं, कांग्रेस के लिए ये उप चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ी पीरक्षा है। कांग्रेस के संगठन का भी इस चुनाव में टेस्ट होने वाला है।

उपचुनाव में विपक्ष जीतेगा या सत्ता पक्ष? सबसे पहले इस सवाल की पड़ताल करना जरूरी है। उत्तराखंड में पहले भी उपचुनाव होते रहे हैं। उन उपचुनावों के परिणाम हमेशा विपक्ष के लिए निराशाजनक रहे। यही वजह है कि यह चुनाव कांग्रेस की कड़ी परीक्षा लेने वाला है। वहीं, BJP के लिए भी ये चुनाव जीतना बहुत जरूरी है। खासकर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को धयन में रखते हुए, हालांकि इसका बड़ा असर तो नहीं पड़ेगा, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए माहौल बनाने का यह एक मौका जरूर है।

राज्य में उपचुनावों का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है कि जब-जब जिसकी सत्ता रही है। तब-तब उसी राजनीतिक दल के उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। सत्ता चाहे कांग्रेस की रही हो या फिर भाजपा की। दोनों ही परिस्थितियां में जीत सत्ता पक्ष के हाथ लगी है।

एक चुनाव को छोड़ दिया जाए तो अब तक 14 बार विधानसभा उपचुनाव हो चुके हैं, जिनमें से 13 बार सत्ता पक्ष को ही जीत मिली है। सिर्फ एक बार यूकेडी (UKD) को उपचुनाव में जीत मिली है। बागेश्वर उप चुनाव के लिए भी यूकेडी का स्थानीय संगठन सक्रिय हो गया है और पूरी मजबूती से चुनाव लड़ने के दावे भी कर रहा है।

बागेश्वर उपचुनाव के लिए BJP पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक हो चुकी है। तीन नामों का पैनल हाईकमान को भेजा जा चुका है। हालांकि, अब तक नाम सामने नहीं आए हैं। वहीं, कांग्रेस (Congress) भले ही प्रदेश स्तर पर मंथन कर रही हो, लेकिन अब तक कांग्रेस ने खुलकर कुछ भी नहीं कहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस रंजीत दाव को ही फिर से मैदान में उतार सकती है।

जहां तक BJPका सवाल है, राजनीति गिलयारों की चर्चाओं की मानें तो भाजपा बागेश्वर में भी पिथौरागढ़ की तरह ही परिवार के किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतार सकती है। पिथौरागढ़ में प्रकाश पंत के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उनकी पत्नी को मैदान में उतारा गया था।

बागेश्वर (Bageswar By Election) को लेकर भी चर्चा है कि यहां भी दिवंगत मंत्री चंदन रामदास के बेटे या परिवार के किसी दूसरे सदस्य को मैदान में उतारा जा सकता है। भाजपा ने चुनाव की तैयारियां ग्राउंड लेवल पर शुरू भी कर दी है। यह भी दावा किया है कि चम्पावत उपचुनाव की तरह ही इस चुनाव को भी भाजपा रिकॉर्ड वाटों से जीतेगी।

उत्तराखंड : मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

0

देहरादून: भारी बारिश का सिलसिला प्रदेशभर में लगातार जारी है। भारी बारिश के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई सड़कें बंद हैं। जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। इस मौसम विभाग ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निर्देशक बिक्रम सिंह ने कहा कि देहरादून, टिहरी, चम्पावत, नैलीताल, ऊधमसिंह नगर और पौड़ी जिले में आज से 14 अगस्त तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, यहां आज गर्जन के साथ बिजली चमकने और बारिश की तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं।red alrt 11 14 aguest

इसके अलावा नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यहां के लिए येलो अलर्ट है।

 

CJI का सरकार को इतना डर, CEC की नियुक्ति में दखल रोकने के लिए उठाया ये कदम

0

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की भूमिका खत्म किए जाने को लेकर आज सरकार ने राज्यसभा में एक विधेयक पेश किया है। हालांकि, फिलहाल विधेयक के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी उपलब्ध नहीं है। वहीं, विधेयक पेश होने से पहले कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चुनाव आयोग को प्रधानमंत्री के हाथों की कठपुतली बनाने का प्रयास कर रही है।

विधेयक में क्या है?

    • विधेयक में कहा गया है कि चयन समिति अपनी प्रक्रिया को “पारदर्शी तरीके” से रेगुलेट करेगी।
    • CEC और EC का कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा।
    • CEC और ईसी का वेतन कैबिनेट सचिव के समान होगा।
    • अब CEC के सदस्यों का चयन प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसका उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को कार्यपालिका के हस्तक्षेप से बचाना था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि इनकी नियुक्तियां प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की सदस्यता वाली एक समिति की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएंगी।न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने एक सर्वसम्मत फैसले में कहा था कि यह मानदंड तब तक लागू रहेगा जब तक कि इस मुद्दे पर संसद द्वारा कानून नहीं बनाया जाता।

कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तों और कार्यकाल के विनियमन के लिए सरकार द्वारा लाए जाने वाले विधेयक को ‘असंवैधानिक, मनमाना और अनुचित’ करार देते हुए कहा कि वह इसका हर मंच पर विरोध करेगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने यह आरोप भी लगाया कि यह कदम निर्वाचन आयोग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों की कठपुतली बनाने का प्रयास है।

वेणुगोपाल ने कहा कि यह चुनाव आयोग को पूरी तरह से प्रधानमंत्री के हाथों की कठपुतली बनाने का खुला प्रयास है। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा फैसले का क्या, जिसमें एक निष्पक्ष आयोग की आवश्यकता की बात की गई है? प्रधानमंत्री को पक्षपाती चुनाव आयुक्त नियुक्त करने की आवश्यकता क्यों महसूस होती है? उन्होंने कहा कि यह एक असंवैधानिक, मनमाना और अनुचित विधेयक है। हम हर मंच पर इसका विरोध करेंगे।

लोकसभा से अधीर रंजन चौधरी के निलंबन पर कांग्रेस सख्त, बुलाई सांसदों की बैठक

0

लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी के निलंबन के मुद्दे पर कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया है और वह सरकार से दो-दो हाथ करने के मूड में नजर आ रही है। कांग्रेस संसदीय समिति की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई है। यह बैठक अधीर रंजन चौधरी के लोकसभा से निलंबन के मुद्दे पर होगी। गुरुवार को संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें अधीर रंजन चौधरी के लोकसभा से निलंबन का प्रस्ताव दिया गया। जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दी गई।

सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने अपने संबोधन में महाभारत के एक संदर्भ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की थी। जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में मौजूद थे। इसी के चलते प्रहलाद जोशी ने अधीर रंजन के खिलाफ निलंबन प्रस्ताव पेश किया। फिलहाल यह मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया है, तब तक अधीर रंजन चौधरी सदन से निलंबित रहेंगे।

वहीं, इस विवाद पर अधीर रंजन चौधरी ने सफाई पेश करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री का अपमान नहीं किया है। मोदी जी हर बात पर बोलते हैं, लेकिन मणिपुर मुद्दे पर वह ‘नीरव’ बैठे हैं। जिसका मतलब है ‘चुप बैठना’। पीएम मोदी को नहीं लगा कि उनका अपमान किया गया, लेकिन उनके दरबारियों को ऐसा लगा और वह मेरे खिलाफ निलंबन प्रस्ताव लाए।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अधीर रंजन के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मनीष तिवारी का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 105 (1) का खुला उल्लंघन है। इसका लोकतंत्र और संसद में बोलने की आजादी और विधायिका पर असर होगा। मनीष तिवारी ने संकेत दिए कि पार्टी इस मामले को कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

वहीं, प्रहलाद जोशी ने बताया कि अधीर आदत बन गई है। वह कांग्रेस पार्टी के सदन में नेता हैं, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद वह खुद में सुधार नहीं करते। हमेशा अपने भाषणों में वह आधारहीन आरोप लगाते हैं और सरकार के मान को कम करने की कोशिश करते हैं। उनके तर्कों में कोई तथ्य नहीं होते और वह कभी माफी भी नहीं मांगते। हम मांग करते हैं कि वह माफी मांगे। जब गृहमंत्री अमित शाह ने सदन को संबोधित किया था, उस वक्त भी उन्होंने (अधीर रंजन) ऐसा ही किया था।

BJP नेता की गोली मारकर ह्त्या, यहां का है मामला

0

मुरादबाद: मुरादाबाद में BJP नेता अनुज चौधरी की गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई. हत्यारों ने वारदात तब अंजाम दी जब भाजपा नेता अनुज चौधरी पार्क में टहलने के लिए गए थे. इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की. साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है. परिजनों की तहरीर के आधार पर 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. परिजनों ने असमोली के ब्लॉक प्रमुख के ऊपर हत्या का आरोप लगाया है. हत्या का कारण चुनावी रंजिश बताया जा रहा है

BJP किसान मोर्चा के नेता अनुज चौधरी इन दिनों पाकबड़ा के प्रतिभा अपार्टमेंट में रहते थे. वह संभल के नेकपुर के रहने वाले थे. वह गुरुवार को घर के पास पार्क में भाई के साथ टहल रहे थे. उसी वक्त बाइक से अचानक तीन हमलावर आए और गोली मारकर तुरंत फरार हो गए. बाइक सवार हमलावरों ने जैसे ही अनुज को गोली मारी वह जमीन पर गिर गए. इसके बाद बाइक से उतरकर दो हमलावर लगातार गोली चलाते रहे जबकि एक हमलावार बाइक लेकर भागने के लिए तैयार रहा. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी.

घायल अनुज को तत्काल एक निजी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. सबसे बड़ी बात यह अपार्टमेंट के पहले गेट से लेकर दूसरे गेट तक सिक्योरिटी गार्ड रहते है, उसके बावजूद हमलावर कैसे अंदर हुए और जब गोली मारकर हमलावर भाग रहे थे तो किसी ने उन्हें रोकने का प्रयास नही किया. ये सवाल उठ रहे हैं.परिजनों ने संभल जनपद के असमोली ब्लॉक प्रमुख के ऊपर हत्या का आरोप लगाया है.

परिजनों के अनुसार ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ने के बाद से ही अनुज चौधरी की वर्तमान ब्लॉक प्रमुख पति प्रभाकर से चुनावी रंजिश चल रही थी. मृतक अनुज 10 वोट से चुनाव हार गए थे. अनुज ने मौजूदा ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी शुरू कर दी थी. घटना होने के बाद ब्लॉक प्रमुख पति, बेटे समेत 4 के खिलाफ तहरीर दी है. हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए 5 टीमें गठित की गईं हैं.

SSP हेमराज मीणा ने बताया कि मझोला थाना क्षेत्र में पार्श्वनाथ हाउसिंग सोसायटी के अंदर गोली मारी गई है. अनुज चौधरी नाम के व्यक्ति को बाइक सवार हत्यारों ने गोली मार दी. जानकारी के अनुसार कुछ लोग आए और पीछे से उनको गोली मारी. गोली इनके सिर में और कंधे में गोली लगी थी. परिजनों के द्वारा इसमें तहरीर दी गई. इसके आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

जो आरोपी हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है. पहले से ही कई लोगों से इनका विवाद चल रहा था. परिजनों ने जिनके खिलाफ तहरीर दी है उसमें एक मोहित चौधरी हैं जो कि जेल में है उनके जो भाई अमित चौधरी उनका नाम नामजद किया गया है. दूसरा अनिकेत हैं जो वर्तमान ब्लाक प्रमुख का बेटा है. 2021 में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में इनका विवाद हुआ था. मृतक को तीन गोली लगी है. मौके से चार कारतूस मिले हैं. हत्याकांड की जांच की जा रही है.

Vitamin-K : शोध में नया खुलासा, कमी से इस अंग पर पड़ता है बड़ा असर

0

नई दिल्ली: जिन लोगों के ब्लड में ‘विटामिन के’ का स्तर कम होता है उनके फेफड़े खराब होने की संभावना अधिक होती है. इसकी कमी वाले लोग अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज- COPD और घरघराहट से पीड़ित होते हैं. गुरुवार को प्रकाशित हुए एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है. ‘विटामिन के’ पत्तेदार हरी सब्जियों, वनस्पति तेलों और अनाजों में पाया जाता है. Vitamin K रक्त (ब्लड) के थक्के जमने में भूमिका निभाता है, और इसलिए शरीर को घावों को ठीक करने में मदद करता है. लेकिन, शोधकर्ताओं को फेफड़ों के स्वास्थ्य में इसकी भूमिका के बारे में बहुत कम पता है.

ईआरजे ओपन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित नए परिणाम, विटामिन के सेवन पर वर्तमान सलाह में कोई बदलाव नहीं करते हैं. शोधकर्ता डॉ. टोर्किल जेस्पर्सन ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार, बड़ी सामान्य आबादी में ‘विटामिन के’ और फेफड़ों की कार्यप्रणाली पर यह पहला अध्ययन है. हमारे परिणाम बताते हैं कि Vitamin K हमारे फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भूमिका निभा सकता है. यह अध्ययन कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल और कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी में डेनिश शोधकर्ताओं की एक टीम ने किया था. इसमें कोपेनहेगन में रहने वाले 24 से 77 वर्ष की आयु के 4,092 लोगों का एक समूह शामिल हुआ था.
शोधकर्ताओं ने पाया कि ‘विटामिन के’ के कम स्तर वाले लोगों में औसतन एफईवी1 कम और एफवीसी कम था. ‘विटामिन के’ के कम स्तर वाले लोगों में यह कहने की अधिक संभावना थी कि उन्हें सीओपीडी, अस्थमा या घरघराहट है. शोधकर्ता जेस्पर्सन ने कहा कि अपने आप में, हमारे निष्कर्ष ‘विटामिन के’ सेवन के लिए वर्तमान सिफारिशों में बदलाव नहीं करते हैं.
लेकिन वे सुझावदेते हैं कि हमें इस पर और अधिक शोध की जरूरत है कि क्या कुछ लोग, जैसे कि फेफड़ों की बीमारी वाले लोग, ‘विटामिन के’ पूरकता से लाभान्वित हो सकते हैं. मनुष्यों को प्रतिदिन Vitamin K से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे : हरी सब्जियां, पत्तागोभी, मटर , पत्तेदार सब्जियाँ जैसे सलाद, शतावरी, पालक, लौकी, वनस्पति तेलों और अनाजों आदि का सेवन करना चाहिए.

उत्तराखंड : गौरीकुंड हादसे में लापता लोगों की तलाश जारी, दो और शव बरामद

0

देहरादून: गौरीकुंड में हुआ भूस्खलन हादसे में लापता कुल 23 लोगों में से 5 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं। अब भी 18 लोग लापता हैं। लगातार खोजबीन अभियान के दौरान आज दो और शव बरामद कर लिए गए हैं। खोज अभियान अब भी जारी है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने अवगत कराया कि विगत दिनों गौरीकुंड डाटपुलिया के समीप भारी भू-स्खलन के कारण लापता हुए 20 लोगों का आज सावतें दिन भी लगातार घटना स्थल व अन्य स्थानों पर जिलाधिकारी के निर्देशन मे सर्च रेस्क्यू एवं खोजबीन का अभियान जारी है।

खोजबीन अभियान के दौरान आज 20 लोगों में से लापता चल रहे दो (2) लापता व्यक्तियों के शव बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि घटना में लापता हुए 23 व्यक्तियों में से अब तक 5 व्यक्तियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शेष 18 लापता व्यक्तियों का रेस्क्यू एवं खोजबीन कार्य जारी है।

रेस्क्यू और खोजबीन टीम में डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वाईएमएफ, पुलिस, प्रशासन की टीम शामिल हैं। इनके अलावा पुलिस थाना चौकियों एवं फायर सर्विस द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सर्च रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड : इन जिलों में हो सकती है भारी से बहुत भारी बारिश, एडवाइजरी जारी

0

देहरादून : मौसम विभाग ने टिहरी, देहरादून, पौड़ी, चम्पावत, नैनीताल और उधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यन्त भारी बारिश होने का नुमान लगाया है.

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 10 से 14 अगस्त तक टिहरी, पौड़ी और देहरादून और 12 से 14  अगस्त तक चम्पावत, नैनीताल और उधमसिंह नगर में कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. जबकि, कहीं-कहीं अत्यन्त भारी बारिश के साथ-साथ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/बारिश के अति तीव्र से अत्यन्त तीव्र दौर होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है. इसको देख्रते हुए एडवाइजरी जारी की गई है.

दिशा-निर्देश 

1. प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाये रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बरता जाये।

2. किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जायें।

3. आपदा प्रबन्धन IRS प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे।

4. NH. PWD, PMGSY, ADB, BRO, WB, CPWD आदि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की दशा

में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करेंगे।

5. समस्त राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने क्षेत्रों में बने रहेंगे।

6. समस्त चौकी / थाने भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों एवं वायरलैस सहित हाई अलर्ट में रहेंगे।

7. उक्त अवधि में किसी भी अधिकारी / कर्मचारी के मोबाईल / फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे । 8. अधिकारीगण बरसाती, छाता, टार्च, हैलमेट तथा कुछ आवश्यक उपकरण एवं सामग्री अपने वाहनों में अपने स्तर से रखने हेतु उचित कार्यवाही करेंगे।

9. उक्त अवधि में लोगों के फँसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जायें ।

10. विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में सावधानी बरती जायें।

11. असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को अनुमति न दी जाये ।

12 नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों एवं कलवटों के अवरोधों को दूर किया जाये । 13. जिला सूचना अधिकारी उक्त सूचना को आम जनमानस तक दृश्य एवं प्रिन्ट मीडिया से प्रसारित करना सुनिश्चित करेंगे।

14. समस्त सम्बन्धित अधिकारी किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना SEOC / राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 2884314, 2664315, 2664316, फैक्स नं० 0135-2710334, 2664317, टोल फ्री नं0 1070, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल देना सुनिश्चित करेंगे।