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ICC के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया नंबर वन, ऐसा करने वाली दूसरी टीम

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 276 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया ने 48.4 ओवर में 281 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत आईसीसी वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गया। वह टी20 और टेस्ट में पहले ही शीर्ष पर था। इस तरह भारत एक ही समय में तीनों फॉर्मेट में नंबर-1 बन गया है।

केएल राहुल की कप्तानी में मिली जीत के साथ ही टीम इंडिया इतिहास रच दिया। वह एक ही समय में तीनों फॉर्मेट में पहले स्थान पर पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने ऐसा किया था। वह अगस्त 2012 में एक साथ टेस्ट-वनडे और टी20 में पहले पायदान था।

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के बाद वनडे में भारत के 116 रेटिंग अंक हो गए। उसने पहला स्थान हासिल करते हुए पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया। पाकिस्तानी टीम को 115 रेटिंग अंक हैं। ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर कायम है। उसके 111 रेटिंग अंक हैं।
हार के परिणामस्वरूप, ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व कप में नंबर-1 टीम के तौर पर नहीं जाएगी। भारत के खिलाफ बाकी बचे दो मैच जीतने के बावजूद पर वह शीर्ष पर नहीं पहुंच पाएगा। हालाँकि, अगर ऑस्ट्रेलिया बाकी दोनों मैच जीत जाता है तो भारत पहले स्थान पर नीचे आ सकता है और पाकिस्तान शीर्ष पर पहुंच सकता है।

चीन का कारनामा, इन भारतीय खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में नहीं दी एंट्री

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चीन में चल रहे एशियाई खेल में अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों को एंट्री नहीं दी गई। इसके बाद भारत सरकार ने चीन को जोरदार जवाब दिया है। खबर के मुताबिक एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जा रहे भारत के तीन खिलाड़ियों को चीन ने वीजा देने से इनकार कर दिया।

चीन की इस हरकत पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “भारत सरकार को पता चला है कि चीनी अधिकारियों ने लक्षित और पहले से निर्धारित तरीके से अरुणाचल प्रदेश के कुछ भारतीय खिलाड़ियों को चीन के हांगझोऊ में होने वाले 19वें एशियाई खेलों में मान्यता और एंट्री नहीं देकर उनके साथ भेदभाव किया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “हमारी दीर्घकालिक और सुसंगत स्थिति के अनुरूप, भारत डोमिसाइल या जातीयता (Ethnicity) के आधार पर भारतीय नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को दृढ़ता से खारिज करता है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसके बाद कहा, “इसके अलावा चीन की कार्रवाई के खिलाफ हमारे विरोध के रूप में, भारत के सूचना और प्रसारण और युवा मामले और खेल मंत्री ने खेलों के लिए चीन की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। भारत सरकार हमारे हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

BREAKING : मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि वैज्ञानिक सर्वे की मांग वाली याचिका SC ने की खारिज

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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर के वैज्ञानिक सर्वे से जुड़ी एक याचिका को सुनने से सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले इसकी स्वीकार्यता पर फैसला होगा। तभी सर्वे की मांग पर विचार होगा।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े सभी मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया है। हाईकोर्ट को यह निर्धारित करने का अधिकार मिला हुआ है कि वे विचारणीयता से संबंधित मुकदमे की सुनवाई पहले करेंगे या किसी अन्य मामले की।

अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 136 के तहत हमें यह हमारे अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने का मामला नहीं लगता है।श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की तरह ही क्षेत्र विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ट्रस्ट ने कहा कि सर्वे में साइट के महत्व की व्यापक समझ प्रदान करने के लिए आधुनिक पुरातात्विक तरीकों, भू-स्थानिक विश्लेषण और एतिहासिक रिकार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।

ट्रस्ट ने अपने अध्यक्ष सिद्धपीठ माता शाकुंभरी पीठाधीश्वर भगुवंशी आशतुोष पांडे का प्रतिनिधित्व करते हुए हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने 10 जुलाई के अपने फैसले में ट्रायल कोर्ट के 31 मार्च के आदेश की पुष्टि की।

राहुल गांधी बोले : महिला आरक्षण अच्छी बात, लेकिन 10 साल बाद होगा लागू

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संसद की दोनों सदनों से महिला आरक्षण बिल पास हो चुका है. इसको लेकर राहुल गांधी ने फिर कहा की महिला आरक्षण तो बड़ी अच्छी चीज है, लेकिन यह लागू कब होंगे, यह साफ नहीं है. उन्होंने कहा कि आरक्षण लागू करने के लिए सबसे पहले जनगणना होगी और डिलिमिटेशन करना होगा. यह करने के लिए सालों लगेंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि यह भी नहीं पता कि ये होगा या नहीं. यह एक डायवर्जन टैक्टिस है. डायवर्जन ओबीसी सेंसस से हो रही है. उन्होंने केंद्र सरकार में सेक्रेटरी और कैबिनेट सेक्रेटरी की जातीय कैटगरी पर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह ओबीसी के लिए इतना ही काम कर रहे हैं तो 90 में सिर्फ तीन लोग ही ओबीसी कैटगरी से क्यों हैं? कांग्रेस नेता ने बताया कि ओबीसी ऑफिसर्स देश के पांच फीसदी बजट को कंट्रोल कर रहा है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री हर रोज ओबीसी प्राइड की बात करते हैं तो उनके लिए पीएम ने क्या किय? प्रधानमंत्री संसद में ओबीसी रिप्रेजेंटेशन की बात करते हैं, राहुल ने कहा कि इससे क्या होगा? जो डिसीजन मेकर्स हैं उनमें सिर्फ पांच फीसदी को ही जगह क्यों दी गई? क्या ओबीसी की आबादी देश में सिर्फ पांच फीसदी है? राहुल ने कहा कि अब मुझे ये पता लगाना है कि हिंदुस्तान में ओबीसी कितने हैं? और जितने भी हैं उस हिसाब से उन्हें भागीदारी मिलनी चाहिए.

लोकसभा को टेंपल ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि आप किसी भी बीजेपी नेता से पूछ लीजिए कि वह कोई फैसले लेता है? कोई कानून बनाता है? उन्होंने कहा कि कोई भी फैसले लेने में हिस्सा नहीं लेता. सांसदों को मूर्तियां बना रखा है और ओबीसी की संसद में मूर्तियां भर रखी है. लेकिन, उनके पास कोई पावर नहीं है. हर ओबीसी युवा को यह समझना होगा. कांग्रेस नेता ने एक बार फिर कहा कि नया सेंसस जाति के आधार पर ही होना चाहिए.

जारी रहेगा पटाखों पर बैन, SC ने नहीं दी राहत

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 दिल्ली में दिवाली पर पटाखे जलाने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

इसी के साथ बेरियम का उपयोग कर पटाखों के निर्माण और उपयोग की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी है। केंद्र सरकार और पटाखा निर्माताओं ने इन पटाखों के निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया की जानकारी SC को दी थी। दोनों ने इनके निर्माण को मंजूरी का अनुरोध किया था।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने हाल ही में राज्य में पटाखों के निर्माण, बिक्री और जमाखोरी पर बैन लगाया था। कोर्ट ने इससे पहले भी कहा था कि लोगों का स्वास्थ्य जरूरी है, न कि पटाखे जलाने। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार ने जो फैसला लिया है उसका कड़े तरीके से पालन होना चाहिए।

भारत-कनाडा के संबंधों में आई कड़वाहट, एयर फेयर 25 फीसदी महंगा

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भारत-कनाडा का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है.विवाद हर दिन बढ़ता ही जा रहा है. दोनों देशों की कड़वाहट का असर अब आम जनता पर भी पड़ना शुरू हो गया है. दरअसल, राजनयिक, इकोनॉमी और आम आदमी की थाली के बाद अब इसका असर हवाई सफर पर भी पड़ने लगा है.

हाल ही में भारत सरकार ने कनाडा पर सख्त रुख अपनाते हुए कनाडाई वीजा पर रोक लगा दी है. जिसके बाद अब एयर फेयर पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है. भारत-कनाडा के विवाद के चलते हवाई किराये में करीब 25 फीसदी तक इजाफा हुआ है.

सरकार ने कनाडा के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कनाडा के वीजा प्न रोक लगा दी है. जिसके चलते अब हवाई सफर कनाडा के लिए महंगा हो गया है. नई दिल्ली और टोरंटो के बीच डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 1.46 लाख से ज्यादा हो गया है. वहीं, टोरंटो-दिल्ली के रुट पर यह 1.01 लाख से ज्यादा है.

इसके अलावा नई दिल्ली-मॉन्ट्रियल के लिए नार्मल फ्लाइट का किराया 1.55 लाख से ज्यादा हो गया. नई दिल्ली-वैंकूवर उड़ान में देर से बुकिंग के लिए यात्रियों को लगभग 1.33 लाख खर्च करने होंगे, जबकि वैंकूवर से आने वालों को लगभग 1.3 लाख खर्च करने होंगे.

महिला कांस्टेबल पर हमला करने वाला एनकाउंटर में ढेर, SO समेत तीन पुलिसकर्मी घायल

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यूपी में फिर से एनकाउंटर हुआ है। इस बार पुलिस ने ट्रेन में महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ कर उस पर जानलेवा हमला करने आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। पिछले दिनों सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमले के मामले में पुलिस ने एक अपराधी अनीस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। STF और अयोध्या पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर में अपराधी नसीम ढेर हुआ है। उसके दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं।

मुठभेड़ में SO पुराकलंदर रतन शर्मा व दो अन्य सिपाही के भी घायल होने की सूचना है। क्षेत्र के थाना पूराकलंदर के छतरिवा पारा कैल मार्ग पर मुठभेड़ हुई है। इसी मामले में थाना इनायत नगर से दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। सावन मेले के दौरान सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमला हुआ था। महिला को गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ व जीआरपी को लगाया गया था। घटना 31 अगस्त को हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था और आधी रात को कोर्ट खोलकर सुनवाई की गई थी। जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में मारा गया अनीस महिला कांस्टेबल से छेड़खानी करने लगा था। महिला ने बदमाश को पटक दिया तो तीनों बदमाशों ने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। ट्रेन की खिड़की से सिर लड़ाकर महिला को घायल कर दिया था।

अयोध्या से पहले ट्रेन धीमी हुई थी तो तीनों बदमाश फरार हो गए थे। यूपी एसटीएफ और अयोध्या पुलिस ने महिला कांस्टेबल पर जानलेवा हमला करने वाले एक बदमाश को मार गिराया है। मारे गए बदमाश अनीस के दो अन्य साथी आजाद और विशंभर दयाल उर्फ लल्लू घायल है। स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा, सरयू एक्सप्रेस में महिला कांस्टेबल पर हमला करने वाला मुख्य आरोपी अयोध्या के पूरा कलंदर में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। उसके दो अन्य साथियों को मुठभेड़ के बाद इनायत नगर से गिरफ्तार किया गया है।

उत्तराखंड: कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने मुंडवाया सिर, सीएम आवास किया कूच

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देहरादून में कांग्रेस ने आज मुख्यमंत्री आवास का कूच किया. प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया. वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास से पहले बैरिकेटिंग लगाकर रोक लिया.

प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला और शिवानी थपलियाल ने सरकार द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाते हुए अपना सर मुंडवाया. उन्होंने कहा कि सरकार अंकिता के हत्यारों को बचाना चाहती है. अंकिता भंडारी हत्याकांड को एक साल हो चुका है लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में उनकी ओर से यह एक श्रद्धांजलि दी गई है.

आपको बता दें कि कांग्रेस ने आज अंकिता भंडारी हत्याकांड वीआईपी का नाम उजागर करने, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के साथ ही डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। इस दौरान हरीश रावत, करन माहरा, यशपाल आर्य समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फिर से एक्टिव हो सकते हैं चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर!

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ISRO का चंद्रयान-3 मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, लेकिन ऐसी खबर आ रही है कि यह मिशन अब फिर से शुरू हो सकता है। दरअसल, इसरो के अंतरिक्ष विज्ञानियों का कहना है कि 23 सितंबर को चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर फिर से एक्टिव हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है कि चंद्रयान का रोवर चांद की सतह पर और प्रयोगात्मक डाटा इसरो को भेज सकता है।

ISRO के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के निदेशक निलेश देसाई ने बताया कि ‘बीती तीन सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात ढलने के चलते चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को स्लीप मोड में डाल दिया गया था। निलेश देसाई ने बताया कि लैंडर और रोवर पर सोलर पैनल लगाए गए हैं और चांद के दक्षिणी ध्रुव पर दिन निकलने पर रिचार्ज हो सकते हैं।

निलेश देसाई ने बताया कि ‘हमारी योजना के मुताबिक 23 सितंबर को लैंडर विक्रम और रोवर रिवाइव हो सकते हैं। चांद पर अब दिन निकलना शुरू हो गया है। हालांकि ये देखने वाली बात होगी कि रात के दौरान जब चांद की सतह पर तापमान माइनस 120 से माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है तो क्या सोलर पैनल फिर से ठीक काम कर पाएंगे या नहीं।

लैंडर पर मौजूद चार सेंसर्स और रोवर पर मौजूद दो सेंसर्स में से कुछ फिर से काम करना शुरू कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो हम आगे भी चांद पर नए प्रयोग कर पाएंगे।’ बता दें कि चांद पर धरती के 14 दिनों के बराबर दिन और रात होते हैं। मतलब वहां 14 दिनों तक दिन होता है और उतने ही दिनों तक रात। जब चंद्रयान 3 का लैंडर चांद पर उतरा था तो उस वक्त चांद पर दिन निकल रहा था। यही वजह रही कि 14 दिनों तक काम करने के बाद लैंडर और रोवर स्लीप मोड में चले गए थे।

उत्तराखंड: चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति अटकी, आखिर क्यों?

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देहरादून: उत्तराखंड में भर्तियों का लटकना और नियुक्तियों के अटकने का इतिहास लंबा है। एक नहीं, बल्कि कई भर्तियां विवादों के कारण सालों तक लटकी रहती हैं। कुछ में बेवजह का विरोध भी देखने को मिलता है। एक और भर्ती पूरी होने के अब नियुक्ति प्रक्रिया अटका दी गई। जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन, चयनित अभ्यर्थी हर बार यही सवाल उठा रहे हैं कि जब सबकुछ पहले से स्पष्ट था तो फिर जांच का क्यों? यही सवाल भाजपा नेता रविंद्र जुगरान भी उठा चुके हैं।

मामला उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की गई 254 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती का है। इसको लेकर अब जांच शुरू हो गई है। चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन अब सरकार पहले यह पता लगाएगी कि भर्ती सही हुई या गलत? जांच आयुर्वेद निदेशक और अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे कर रहे हैं।

आयुर्वेद विभाग के प्रस्ताव पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 254 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती शुरू की थी। 30 जून को भर्ती का परिणाम घोषित कर चयनित अभ्यर्थियों की सूची शासन को भेजी थी। भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर 4 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्तियों की जांच के आदेश दिए थे।

जिन बिंदुओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वो पहले ही विज्ञप्ती में साफ कर दिए गए थे। भर्ती के लिए निर्धारित नियमों को देखा जाए तो साफ है कि भर्ती पूरी तरह से सही हुई है। इस मामले में कुछ अभ्यर्थियों का आरोप था कि उनके रिटर्न में ज्यादा नंबर थे, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। जबकि, भर्ती की विज्ञप्ति में साफतौर पर लिखा गया था कि लिखित परीक्षा केवल छंटनी के लिए है। परिणाम पर इसको कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भर्ती में चयन के लिए साक्षत्कार, अनुभव और अकादमिक योग्यता के आधार पर नंबर दिए जाने थे। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समेत अन्य आरक्षण का भी पूरा ख्याल रखा गया है। साक्षात्कार के लिए विशेषज्ञ देश के अलग-अलग संस्थानों से बुलाए गए थे।

चयनित अभ्यर्थियों के अपने तक और जिनका चयन नहीं हुआ है उनके अपने तर्क हैं। अब सवाल यह है कि जांच में क्या निकलकर आता है। जांच तय करेगी कि भर्ती नियमों के तहत हुई है या फिर गलत हुई है।