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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग का आइडियाज पोर्टल लांच

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नीति आयोग का आइडियाज पोर्टल लांच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने प्रतिभाग किया।

देहरादून: 11 दिसंबर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग द्वारा वर्चुअल माध्यम से आयोजित विकसित भारत@2047ः वाईस ऑफ यूथ कार्यक्रम में राजभवन देहरादून से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत@2047 से जुड़े आइडियाज पोर्टल का लॉंच किया।

अपने वर्चुअल संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के जीवन में, इतिहास एक मौका देता है जब राष्ट्र अपनी विकास यात्रा में तेजी से प्रगति कर सकता है। भारत में ‘अभी अमृत काल चल रहा है’ और ‘यह भारत के इतिहास का वह कालखंड है जब देश एक लंबी छलांग लगाने जा रहा है’। उन्होंने आस-पास के कई देशों का उदाहरण दिया जिन्होंने एक निर्धारित समय सीमा में इतनी लंबी छलांग लगाई कि विकसित राष्ट्र बन गए। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यही समय है, सही समय है। उन्होंने कहा कि इस अमृत काल के प्रत्येक क्षण का उपयोग किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे भारत (इंडिया) की शुरूआत आई यानी ‘मैं’ से होती है वैसी ही आइडिया यानी विचार की शुरूआत भी आई यानी ‘मैं’ से होती है। इसी तरह विकास के विचार भी स्वयं के ‘मैं’ से शुरू होते है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के पश्चात राजभवन में उपस्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, कुलपति, शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी पूरे विश्वास के साथ 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की बात करते हैं और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समस्त देशवासियों को साथ लेकर मेहनत कर रहे हैं, मुझे लगता है कि हम इस लक्ष्य को 2047 से पहले ही प्राप्त कर लेंगे।

उन्होंने कहा कि समर्थ युवाओं का निर्माण सशक्त राष्ट्र की निर्माण की सबसे बड़ी गारंटी होती है, इसलिए मैं शिक्षकों से भी कहना चाहता हूँ कि वे बच्चों को स्वच्छंद वातावरण दें, उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करें, ताकि वह हमेशा कुछ नया सीखने और करने का साहस कर सकें। आज देश जैसे जैसे विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है भारत की पहचान और परंपराओं में भी दुनिया की दिलचस्पी बढ़ रही है इसलिए हमें योग, आयुर्वेद, कला संस्कृति से भी अपनी नई पीढ़ी को परिचित करवाना होगा, ताकि वे संस्कार युक्त शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व सरकार के द्वारा देश को विकसित बनाने के भाव का बीजारोपण हुआ है, और आप सब जानते हैं जो व्यक्ति पेड़ लगाता है ना, वो उसका फल नहीं खाता, बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ी उन फलों का स्वाद चखती है, ये कार्य भी कुछ ऐसा ही है, आने वाले समय में जब देश वर्ष 2047 में प्रवेश करेगा तो आप सब अपनी मध्यवस्था में होंगे, और आज जिस बीज का रोपण हुआ है, उस बीज को विशालकाय वृक्ष के रूप में देखेंगे, उसकी छाँव में जीवन गुजर बसर कर रहे होंगे, इसलिए इस यात्रा में आपकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। देश की आप से भी बड़ी अपेक्षाएं हैं आप अपने अपने क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए आजादी के 100 वर्ष के उत्सव को उत्साह पूर्वक मनाने के लिए विकसित भारत संकल्प के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए संकल्प लें।

प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के पश्चात पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 4 विभिन्न विषयों पर पैनल परिचर्चा का आयोजन हुआ जिसमें विभिन्न कुलपतियों द्वारा अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये गये। प्रथम सत्र में ‘‘संपन्न एवं टिकाऊ अर्थव्यवस्था’’ विषय पर पैट्रोलियम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राम शर्मा, इक्फाई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामकरण सिंह, जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं डीन डॉ. के. रावेरकर, एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान की प्रो. नीतू बोरा शर्मा ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने परिचर्चा के दौरान सशक्त जीडीपी, जीडीपी के साथ जीईपी एवं कृषि क्षेत्र का अर्थव्यवस्था में योगदान, महिला सशक्तिकरण से आर्थिक सशक्तिकरण का वर्णन किया। सत्र का संचालन आईएमएस यूनिसन के कुलपति डॉ. रवि के श्रीवास्तव ने किया।

द्वितीय सत्र में ‘‘नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’’ विषय पर यूटीयूू के कुलपति डॉ. ओंकार सिंह, आईआईटी रुड़की के डीन प्रो. अक्षय द्विवेदी, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. संजय जसोला, एनआईटी श्रीनगर के डीन डॉ. हरिहरन मुत्थू स्वामी ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने परिचर्चा के दौरान डिजिटल इंडिया, कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विश्वविद्यालयों के मध्य टेक्नोलॉजी एवं स्टूडेंट ट्रांसफर आदि पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन डॉ. राम शर्मा ने किया।

तृतीय सत्र में ‘‘दुनिया में भारत’’ विषय पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. त्रिपाठी, एच.एन.बी. गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. रमेश चन्द्र भट्ट एवं उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने परिचर्चा के दौरान मातृ शक्ति एवं युवा शक्ति का समन्वय, भारत की अविरल संस्कृति, वैश्विक स्तर पर भारत की स्वीकार्यता एवं भारत के जीवंत लोकतंत्र पर प्रकाश डाला। सत्र का संचालन आईआईएम काशीपुर के प्रो. अभ्रदीप मैती ने किया।

चतुर्थ सत्र में ‘‘विकसित भारत@2047 में युवाओं की भूमिका एवं योगदान’’ विषय पर पैट्रोलियम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सुनील राय, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.विजय धस्माना एवं डीआईटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जी. रघुराम ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने परिचर्चा के दौरान युवा छात्रों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने के तरीके, देश की 65 प्रतिशत आबादी की औसत आयु युवा वर्ग के होने के लाभ एवं सभी विश्वविद्यालयों को एकजुट माध्यम से विकसित उत्तराखण्ड एवं विकसित राष्ट्र बनाने के कार्यक्रमों की योजना बनाने पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधि परामर्शी राज्यपाल अमित कुमार सिरोही, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस. भदौरिया, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, एचएनबी राजकीय चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचंद्र, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.के. जोशी, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश शास्त्री, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओ.पी.एस. नेगी, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्योगिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल सहित राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया।

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उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट समापन

•केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा समिट से अनंत संभावनाओं की शुरुआत।

देहरादून :9 दिसंबर।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह के अवसर पर देवभूमि उत्तराखण्ड को नमन करते हुए कहा कि यह केवल डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड का ही समारोह नहीं है, बल्कि कई नई चीजों की शुरूआत भी है। उन्होंने कहा कि *02 लाख करोड़ के करारों के लक्ष्य के सापेक्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक के करार हुए हैं, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के शासन और प्रशासन को बधाई दी। यह नये उत्तराखण्ड की अनन्त संभावनाओं को तलाशने की शुरूआत है।* उत्तराखण्ड को ईको फ्रेंडली तरीके से किस प्रकार से उद्योग जगत के साथ भी जोड़ा जा सकता है, इसका एक मजबूत उदाहरण समग्र विश्व के सामने बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विश्वास के साथ कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। *यह ऐसा स्थान है, जहां विकास और दैवीय शक्ति साथ में है। मुख्यमंत्री धामी ने इसके साथ परफोर्मेंस को भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय एजेंसियों को पूरा श्रेय दिया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं निगरानी के साथ ही मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का सराहनीय कार्य किया गया। उनके चेहरे पर जो अद्भुत शांति और आत्मविश्वास था, यह नेतृत्व के लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड सरकार को बधाई दी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अटल जी ने बनाया और मोदी जी ने इसे संवारा है। उनके नेतृत्व में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने का उद्देश्य यही था कि राज्य का तेजी से विकास हो।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अनेक महत्वपूर्ण इनीशिएटिव लिये गये हैं।* यहां की चारधाम यात्रा व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बनाई गई योजना सराहनीय है। लगभग तीस इन्वेस्टर फ्रेंडली नई नीतियों से उत्तराखण्ड पॉलिसी ड्रीवन स्टेट बन गया है। मोदी जी के नेतृत्व में पारदर्शिता के साथ शासन को बढ़ावा दिया गया है। भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जायेगा। उत्तराखण्ड सरकार ने पारदर्शी माहौल दिया है। *पूरे देश में उत्तराखण्ड सबसे ज्यादा शांत और सुरक्षित राज्यों में है। पारदर्शिता उत्तराखण्ड का स्वभाव बन गया है। पूरे देश की जिम्मेदारी है कि उत्तराखण्ड मजबूत और सबसे विकसित राज्य बने।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में देश तेजी से आगे बढ़ा है। पूरे देश में मल्टी डाइमेंशनल बदलाव आये हैं। इन वर्षों में 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। प्रति व्यक्ति आय दुगुनी हुई है। करोड़ों किसानों की चिंता की गई है। यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या कई गुना हो गई है। भारत ने जिस तरह जी-20 का आयोजन किया, उसकी पूरे विश्व में सराहना की गई।जी-20 का दिल्ली घोषणा पत्र कूटनीति के क्षेत्र में भारत का परचम फहरायेगा। 2047 तक प्रधानमंत्री ने देश को विकसित और हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ बनाने का लक्ष्य रखा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा उनके नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ ही सहकारिता क्षेत्र में भी भारत ’’सहकार से समृद्धि’’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके अंतर्गत देश के सभी पैक्स को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा अक्टूबर 2021 में पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का कार्य देश में पहली बार उत्तराखंड से ही प्रारंभ किया गया था और आज राज्य में सभी समितियां कम्प्यूटरीकृत हो चुकी हैं। ’’डेस्टिनेशन उत्तराखंड’’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। आज इसके समापन समारोह में अमित शाह उपस्थित हैं। उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमवीरों को सकुशल बाहर निकालने में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का राज्य सरकार को निरंतर सहयोग मिलता रहा, जिसके चलते ही सिलक्यारा मिशन सफल हुआ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उनके विजन के अनुरूप ही हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है। जहां एक ओर आज उत्तराखंड में सेब, कीवी, मशरूम, श्री अन्न, जड़ी बूटियों आदि के उत्पादन द्वारा हमारे काश्तकार पूरी दुनियां को ’’मेक इन इंडिया’’ का संदेश दे रहे हैं, वहीं प्रदेश के अन्दर लॉजिस्टिक्स पार्क, एरोमा पार्क, फार्मा तथा इलैक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस हो, सिंगल विंडो क्लियरेंस हो, कठिन नियमों को सरल बनाने की बात हो, बजट को नियंत्रित करने के प्रयास हों, आज इन सभी मापदंडों में उत्तराखंड खरा उतरने का प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के मूल मंत्र को अंगीकार कर अनेक सेक्टरों के लिए सरल एवं पारदर्शी नीतियों को लागू करने का प्रयास किया है, जिससे हमारे उद्योग बंधुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस इन्वेस्टर समिट में उत्तराखण्ड को साढे़ तीन लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 44 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग का कार्य प्रगति पर है।मख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा रही है।

निवेशकसम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर इस सम्मेलन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। उत्तराखण्ड में निवेश करने वाले सभी निवेशकों द्वारा उत्तराखंड और उत्तराखंड के लोगों पर विश्वास जताने के लिए भी उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विश्वास को कभी टूटने नहीं देगी, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश करने वाले सभी उद्योगबंधु हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं और हम ये सुनिश्चित करेंगे की ’’डेस्टिनेशन उत्तराखंड’’ ब्रांड निवेश हेतु एक श्रेष्ठ ब्रांड साबित हो।

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधु ने कहा कि *प्रधानमंत्री ने हाउस आफ हिमालयाज का शुभारंभ कर अंत्योदय के विकास की नई उम्मीद को आगे बढ़ाया है। साथ ही स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को एक वैश्विक स्तर का मंच मिला है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने वेडिंग इन उत्तराखंड की बात कही थी उनके इस कथन से प्रदेशवासियों में उत्साह का माहौल है।‌ उन्होंने कहा कि पिछले 06 माह में प्रदेश में 30 नई नीतियों बनाई गई हैं। निवेशकों का उत्साह उत्तराखंड के प्रति निरंतर बढ़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा 6000 एकड़ सरकारी जमीन का लैंड बैंक तैयार किया गया है। उद्योगों को सस्ती दरों में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। एनसीआर से भी कनेक्टिविटी को और अधिक सुगम बनाया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य में लॉ एंड आर्डर की स्थिति अच्छी है। राज्य का वातावरण प्रदूषण रहित है।इस अवसर पर सीईओ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आशीष कुमार चौहान एम.डी. मदर डेयरी मनीश बंदलिश, एमडी रसना पिरूज खंबाटा, एमडी जुबिलेंट जेनेरिक्स लि. डॉ. जयदेव राजपाल ने भी विचार व्यक्त किये।इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि), केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय, मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

क्या यह टनल घोटाला है : धस्माना

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1.सिलक्यारा टनल पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की “एस्केप पैसेज” के प्रावधान को क्यों किया गया नज़रंदाज़ ?
2.सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी की सिफारिशों का क्यों किया गया उलंघन ?
3.सिलक्यारा आपदा के जिम्मेदारों पर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं ?IMG 20231121 WA0019
क्या यह एक बड़ा “टनल घोटाला” है
-सूर्यकांत धस्माना

देहरादून : उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राज मार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग को 20 फरवरी 2018 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने हरी झंडी दी जिसमें स्पष्ट रूप से एस्केप पैसेज का जिक्र है फिर ऐसे में बिना एस्केप पैसेज व आपातकालीन निकासी के निर्माण के बिना प्रधानमंत्री की कमेटी के निर्णय का उलंघन करते हुए कैसे साढ़े चार किलोमीटर की सुरंग बनाई जा रही थी यह सवाल आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में एआईसीसी सदस्य व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में 20 फरवरी2018 में हुई बैठक के बारे में जारी प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो भारत सरकार के प्रेस नोट को प्रेस को जारी करते हुए पूछा कि इस निर्णय के बाद क्या कारण है कि साढ़े चार किलोमीटर लंबी सुरंग में न तो एस्केप पैसेज न कोई आपातकालीन निकासी का प्रबंध किया गया था ?

धस्माना ने कहा कि ऊपर से पांच दिन पूर्व केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल पर प्रेस के द्वारा पूछे गए आपातकालीन निकासी के सवाल पर इस चूक को स्वीकार करने की जगह जनता को गुमराह करने के लिए कह गए कि भविष्य में जो टनल बनेंगी उन में आपातकालीन निकासी की व्यवस्था होगी। धस्माना ने कहा कि पूरे चार धाम प्रोजेक्ट में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों की भी अवहेलना की जा रही है और एमसीटी (मेन सेंट्रल थ्रस्ट ) वाले संवेदनशील क्षेत्रों में भी 5.5 मीटर की जगह 12 मीटर चौड़ाई का काम किया जा रहा जो भू धसाव और भूस्खलन का बड़ा कारण बन रहा है। उन्होंने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी के दिशा निर्देशों की अव्हेलना किस की शह पर हो रही है ? सिलक्यारा सुरंग आपदा में जिम्मेदार किन किन लोगों एजेंसियों व कार्यदायी संस्थाओं पर अब तक क्या कार्यवाही हुई है इसका जवाब राज्य सरकार व सड़क परिवहन मंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमारे सवालों का जवाब नहीं देती तो इसका साफ मतलब है कि यह एक बड़ा “टनल घोटाला” है। धस्माना ने कहा कि कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी व जिम्मेदार विपक्षी पार्टी होने के नाते जनता की ओर से सरकार से यह वाजिब सवाल कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर नेता व एक एक कार्यकर्ता ईश्वर से सिलक्यारा सुरंग आपदा में फंसे सभी 41 श्रमिकों के सुरक्षित निकल आने की प्रार्थना कर रहे हैं व रेस्क्यू आपरेशन में लगे सभी देश विदेश के एक्सपर्ट्स, एसडीआरएफ एनडीआरएफ,राज्य पुलिस व सिविल अधिकारी व कर्मचारियों को साधुवाद देते हैं व उनकी मेहनत की सफलता की कामना करते हैं।

उत्तरकाशी : कुछ घंटों का इंतजार, जल्द बाहर निकाले जाएंगे टनल में फंसे मजदूर

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उत्तरकाशी: सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान को 11 दिन पूरे हो गए हैं। लगातार टनल में कैद मजदूरों को बाहर निकालने के लिए पांच प्लान पर काम किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो आज रात या कल सुबह तक अच्छी खबर सामने आ सकती है।

सिलक्यारा में राहत एवं बचाव कार्यों के निरीक्षण को पहुंचे भास्कर खुल्बे ने उम्मीद से भरे संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 15 घंटे अहम होंगे। उनके इस बयान से माना जा रहा है कि श्रमिकों तक एस्केप टनल पहुंचाकर उन्हें सकुशल निकाल लिया जाएगा। फिलहाल ऑगर से 39 मीटर की ड्रिलिंग पूरी होने की बात कही जा रही है।

वहीं, अपर सचिव तकनीकी, सड़क एवं परिवहन महमूद अहमद ने कहा कि अगर कोई बड़ी घटना नहीं होती तो जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई रुकावट नहीं आई तो आज रात या कल सुबह कोई बड़ी खबर मिल सकती है। मलबे के साथ एक लोहे की रॉड भी आई है. खुशी की बात है कि ये लोहा पाइपलाइन बिछाने के बीच में हमारे लिए कोई समस्या पैदा नहीं हुई।

उत्तराखंड: सामने आया टनल के भीतर फंसे 41 मजदूरों का वीडियो, सभी सुरक्षित

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  • CM धामी ने कहा कि सभी को जल्द सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
  • PM मोदी ने CM धामी को फिर किया फोन, रेस्क्यू का लिया अपडेट।

उत्तरकाशी  : यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा सुंरग में फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। रेस्क्यू टीम ने उन तक पहुंचाए गए एंडोस्कोपी प्लेक्सी कैमरे से सभी से बातचीत हुई है। इसका वीडियो और फ़ोटो भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी को जल्द सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। श्रमिकों और परिजनों को धैर्य बनाये रखने की जरूरत है। केंद्र और राज्य सरकार युद्धस्तर पर रेस्क्यू कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को लेकर मंगलवार को मंगलमयी खबर आई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव कार्य में जुटी टीम ने सोमवार रात को 6 इंच के पाइप से पका हुआ पौष्टिक खाना भेजने के बाद आज सुबह एक और बड़ी खुशखबरी दी है। बचाव दल ने सुरंग में फंसे मजदूरों तक एंडोस्कोपी प्लेक्सी कैमरा भेजकर उनकी बात परिजनों से कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मनोयोग से बचाव कार्य में जुटी है। जल्द सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य जल्द अंजाम तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन श्रमिकों के परिजन घटना स्थल तक नहीं पहुंचे हैं, उन तक भी श्रमिकों की कुशलता की सूचना भेजी जाए। इसके लिए वीडियो और फ़ोटो भी भेजी जाएं, ताकि परिजनों का हौसला कायम रहे।

 

पीएम मोदी की सीएम से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर सिलक्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों के राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 6 इंच व्यास की पाइप लाइन के सफलता पूर्वक मलबे के आर-पार किए जाने और उसके माध्यम से भोजन और अन्य आवश्यक सामान श्रमिकों तक पहुँचाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से एंडोस्कोपिक फ़्लेक्सी कैमरे की मदद से हुई बातचीत और उनकी कुशलता की जानकारी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।

उत्तराखंड : यहां माइनस 8 डिग्री पहुंचा तापमान, नलों में जम रहा पानी

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मौसम अपडेट: ठंड दस्तक दे चुकी है। खासकर पहाड़ों में लगातार तापमान लगातार गिर रहा है। केदारनाथ धाम की बात करें तो धाम बर्फबारी से तापमान माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, गंगोत्री धाम में भी गिरते तापमान का असर नजर आ रहा है। धाम में नदियां और नाले जमने लगे हैं।

गंगोत्री धाम धाम में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि धाम में भागीरथी नदी का जल और नलों का पानी जमने लग गया है। रात का तापमान माइनस 6 से 7 डिग्री तक पहुंच रहा है। सुबह और शाम को हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि होने की अनुमान है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। ऐसे में लोगों को सकर्त रहने की सलाह दी गई है।

धनतेरस के दिन खरीदारी और पूजा का मुहूर्त, दीपावली पर ऐसे करें पूजा

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इस वर्ष दीप महापर्व छह दिनों का मनाया जाएगा। आमतौर पर इसे पंच दीपावली नाम से जाना जाता है। 10 नवंबर को धनतेरस से दीप पर्व की शुरुआत होगी। इसी दिन प्रदोष व्रत व शाम को यम दीपदान होगा। 11 नवंबर को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली होगी। बड़ी दीपावली यानी महालक्ष्मी पूजन 12 नवंबर को होगा। 13 नवंबर को सोमवती अमावस्या है। 14 को गोवर्धन पूजा व 15 नवंबर को यम द्वितीय व भैया दूज मनाया जाएगा।

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस पर्व मनाया जाता है। धनतेरस पर इस बार विशेष योग बन रहे हैं। हस्त नक्षत्र, स्थिर योग, आयुष्मान, प्रीति योग, इंद्र योग, शुक्र व चंद्रमा के संयोग से कलात्मक योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे।

पंडित जी ने बताई पूजा विधि

धनतेरस का पर्व धन, धान्य, समृद्धि के अतिरिक्त स्वास्थ्य, आरोग्यता से जुड़ा हुआ है। धनतेरस की संध्या में घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर अनाज के ढेर पर मिट्टी का दीपक जलाना चाहिए। दीपक का मुंह दक्षिण दिशा की ओर हो।

जान लें शुभ मुहूर्त

  • धनतेरस पूजन का मुहूर्त: त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 10 नवंबर अपराह्न 12.38 से।
  • प्रदोष काल व वृषभ काल पूजा मुहूर्त: शाम 05.17 से रात्रि 07.57 बजे तक।

ये खरीदने का विशेष महत्व

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना, चांदी की ज्वेलरी या मूर्ति। पीतल के बर्तन। मिट्टी के दीये। झाड़ू खरीदना, तांबे का दीपक खरीदना अति शुभ कारक रहेगा।

श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन करने पहुंची महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू

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• प्रदेश के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री भी साथ रहे।

चमोली : महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू आज भगवान बदरीविशाल के दर्शन को पहुंची बदरीनाथ आर्मी हैलीपेड में राज्यपाल गुरुमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने राष्ट्रपति की अगवानी की।

राष्ट्रपति ने 11 बजे भगवान श्री बदरीविशाल के दर्शन किये। वेदपाठ विशेष पूजा संपन्न की। उनके साथ प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल अवकाश प्राप्त गुरुमीत सिंह तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी श्री बदरीनाथ धाम दर्शन को पहुंचे।

दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री ने महामहिम राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह, मोजपत्र में लिखी भगवान बदरीविशाल की आरती भी भेंट की। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने महामहिम राष्ट्रपति को भगवान बदरीविशाल का प्रसाद भेंट किया।

इस अवसर पर रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सहित मंदिर समिति सदस्य वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना,उप महानिरीक्षक पुलिस गढ़वाल केएस नगन्याल एसपी रेखा यादव सहित पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी/डिप्टी CEO कुमकुम जोशी, प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, विपुल डिमरी एई गिरीश देवली,टीओ राजेंद्र चौहान,ईओ नगर पंचायत सुनील पुरोहित, बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ सहित मंदिर समिति अधिकारीगण मौजूद रहे।

सिराज ने शाहीन से छीनी बादशाहत, बाबर को पीछे छोड़ नंबर-1 बने शुभमन गिल

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भारतीय टीम शानदार फॉर्म में चल रही है। उसने अब तक टूर्नामेंट में अपने सभी मैच जीते हैं। टीम के सभी खिलाड़ी अच्छे फॉर्म में हैं और महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। टीम इंडिया लगातार आठ मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। अब उसे एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। वनडे में बल्लेबाजों और गेंदबाजों की रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है।

पिछले काफी समय से वनडे में नंबर वन बैटर बने रहे पाकिस्तान के बाबर आजम को पछाड़ भारत के शुभमन गिल नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। शुभमन ने पहली बार वनडे में नंबर एक रैंकिंग हासिल की है। वहीं, वनडे गेंदबाजों में भारत के मोहम्मद सिराज ने एक बार फिर से नंबर वन पोजिशन हासिल किया है। उन्होंने पाकिस्तान के शाहीन अफरीदी को पीछे छोड़ पहला स्थान हासिल किया।

गिल के अलावा शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली की भी रैंकिंग में सुधार हुआ है। उन्होंने तीन स्थान की छलांग लगाई और चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोहली का रेटिंग पॉइंट तीसरे स्थान पर मौजूद क्विंटन डिकॉक से एक अंक कम है। विराट अब तक इस विश्व कप में 543 रन बना चुके हैं। बल्लेबाजों और गेंदबाजों की शीर्ष 10 रैंकिंग में कई बदलाव हुए हैं।

ICC onday circket rainking

श्रेयस अय्यर ने भी 17 पायदान की छलांग लगाते हुए वनडे बल्लेबाजों की लिस्ट में 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के फखर जमान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार पारी खेली और उनकी रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। तीन पायदान के सुधार के साथ फखर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जमाया। उनकी रैंकिंग में छह स्थानों का सुधार हुआ। वह वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में 12वें पायदान पर पहुंच गए हैं।

इस विश्व कप के शुरू होने से पहले जो गेंदबाजी की रैंकिंग थी, उसमें भी भारी उथल पुथल हुआ है और वह पूरी तरह से बदल गया है। भारत के चार गेंदबाजों ने शीर्ष 10 वनडे गेंदबाजों में अपनी जगह बना ली है। भारतीय गेंदबाजी इस विश्व कप में अब तक सर्वश्रेष्ठ दिखी है और इसी का फायदा उन्हें मिला है। भारत ने आठ मैच खेले हैं और 76 विकेट चटकाए हैं।

सिराज ने एक बार फिर से वनडे में शीर्ष रैंकिंग हासिल की है। उन्होंने पाकिस्तान के शाहीन अफरीदी को पीछे छोड़ दिया। वहीं, कुलदीप यादव ने तीन पायदानों की छलांग के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। जसप्रीत बुमराह तीन स्थानों के सुधार के साथ आठवें पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं, मोहम्मद शमी ने सात स्थानों की छलांग लगाई और 10वें पायदान पर पहुंच गए। ये चारों वनडे गेंदबाजों के शीर्ष 10 की लिस्ट में पहुंच चुके हैं।

दिल दहलाने वाली तस्वीर, बहन का शव पीठ पर बांधकर बाइक से ले गया भाई

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औरैया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कितनी बदतर है, इसका उदाहरण यहां सीएचसी में देखने को मिला। पानी गर्म करने के लिए बाल्टी में डाली गई रॉड छू जाने से नवीन बस्ती पश्चिमी निवासी प्रबल प्रताप सिंह की पुत्री अंजलि (20) बेसुध हो गई। परिजन की नजर पड़ने पर उसे बेसुध हालत में सीएचसी ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने युवती को मृत घोषित कर दिया।

अमर उजाला ले अनुसार इसके बाद जो हुआ उसे सीएचसी परिसर में मौजूद लोग एक टक देखते रहे। शव ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो भाई ने शव बाइक पर रखा। दूसरी बहन पीछे बैठी। बीच में मृत बहन का शव भाई ने दुपट्टे से पीठ पर बांधा और घर के लिए रवाना हो गया। तकरीबन 15 मिनट तक हर किसी की निगाहें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बाबूराम मोहनलाल महाविद्यालय के पास नवीन बस्ती पश्चिमी में रहने वाली अंजलि नहाने के लिए पानी गर्म करने के लिए कमरे में गई।

जहां बाल्टी में इलेक्ट्रानिक रॉड डाल रखी थी। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई। परिजन ने जब बाल्टी के पास अंजलि को पड़ा देखा तो वो उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। जहां मौजूद चिकित्सक ने अंजलि को मृत घोषित कर दिया। युवती की मौत के बाद परिजन बिलख पड़े। डॉक्टर से बिना पोस्टमार्टम के शव घर ले जाने की बात कहकर बाहर निकले।

अंजलि के भाई आयुष, पिता प्रबल व दूसरी बहन बाइक से थे। अंजलि की मौत ने इतना झकझोरा कि एंबुलेंस की ओर परिजन का ध्यान ही नहीं गया। किसी ने एंबुलेंस व्यवस्था होने को लेकर शायद ही ध्यान दिलाया हो। आयुष बाइक पर बैठा। दूसरी बहन पीछे बैठी। बीच में पिता ने अंजलि का शव रखा। संतुलन न बिगड़े इसके लिए दुपट्टे से अंजलि का शव भाई आयुष ने पीठ पर बांध लिया। तकरीबन 15 से 20 मिनट तक यह सब सीएचसी परिसर में चलता रहा। हर किसी की निगाहें बाइक पर टिकी रहीं।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक का कहना था कि शव ले जाने के लिए वाहन मांगा जाता तो जरूर दिया जाता। अगर कोई वाहन नहीं होता है तो वाहन 100 शैया अस्पताल से मंगाकर कर शव घर भेजा जाता है। बाइक पर शव ले जाने के संबंध में जानकारी नहीं है। अगर कोई ऐसा मामला है तो जो जानकारी की जाएगी।

सवाल यह है कि अस्पताल से शव को घर तक पहुंचाने के लिए वाहन मिले यह किसकी जिम्मेदारी है। इस समय जिले में सिर्फ दो शव वाहन हैं। इनमें से एक मेडिकल कॉलेज में रहता है, जबकि एक 50 बेड के अस्पताल में। इन्हें आने में कम से कम पौने दो घंटे का समय लगता है।

औरैया के मामले को लेकर सपा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर लिखा गया है कि  योगी सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाज़ा…बहन के शव को बाइक से घर ले गया भाई! औरैया के बिधूना में सीएचसी के बाहर बाइक पर बहन के शव को पीठ पर बांधकर घर ले जाने की खबर बेहद दुखद एवं इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक एम्बुलेंस का इंतजाम न कर सका।
जनपद औरैया के सीएचसी, बिधूना में शव को पीठ पर बांधकर बाइक से ले जाने संबंधी वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएचसी अधीक्षक और उक्त प्रकरण से संबंधित डॉक्टरों को भविष्य के लिए एक-एक प्रतिकूल प्रवष्टि देकर तत्काल हटाए जाने के आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी, औरैया को दिए हैं।