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बदरी-केदार मंदिर समिति की बैठक में यात्री सुविधाओं के प्रस्ताव पारित

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श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति बोर्ड बैठक संपन्न

• आगामी यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारियों ,मंदिर समिति कार्यालयों को ई – आफिस के रूप में विकसित करने सहित मंदिर तथा विश्रामगृह जीर्णोद्धार- र्निर्माणकार्यों, श्री त्रियुगीनारायण मंदिर, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने यात्री सुविधाओं-कर्मचारी हितों के प्रस्ताव पारित।

देहरादून: 6 जनवरी। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति बोर्ड बैठक श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में केनाल रोड देहरादून कार्यालय सभागार में भगवान बदरीविशाल की आरती पवनमंद सुगंध शीतल हेममंदिर शोभितम्” की सांकेतिक स्तुतिगान से शुरू हुई।
बैठक में यात्रा वर्ष 2024 हेतु तैयारियों, निर्माण- जीर्णोद्धार कार्यों संबंधित प्रस्ताव सहित, मंदिर समिति कार्यालयों को ई आफिस के रूप में परिवर्धित किये जाने का निर्णय लिया गया।
यात्रावर्ष 2024 हेतु पर्याप्त यात्री सुविधायें उपलब्ध कराने, मंदिर जीर्णोद्धार विश्राम गृहों परिसर- विस्तारीकरण निर्माण कार्यों यात्रा पूर्व अनुरक्षण कार्य किये जाने सहित, अस्थायी कर्मचारियों के विनियमतीकरण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे जाने एवं कर्मचारी हित के कई प्रस्ताव पारित किये गये।

बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर समिति तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु प्रतिबद्ध है यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में आगामी श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार तथा ढ़ाचागत विकास हेतु कार्य किया जा रहा है, साथ ही श्री त्रियुगीनारायण मंदिर क्षेत्र को वेडिंग डिस्टनेशन के रूप में विकसित किया जायेगा इसके लिए मूलभूत सुविधाएं जुटायी जायेगी इस संबंध में भी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ है।

बताया कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ कोठा भवन में प्रथम फेज का का कार्य पूरा हो चुका है द्वितीय चरण के कार्य प्रगति पर हैं इस संबंध में प्रस्तुतिकरण समिति के समक्ष रखा गया।
श्री बदरीनाथ धाम में मास्टरप्लान कार्यों से मंदिर समिति के विश्रामगृह, भवन सरंचनाएं ध्वस्त हुई हैं उनके एवज में नवनिर्माण विश्राम गृह, पुजारी निवास, कर्मचारी निवास नव निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।कहा कि गोरामाई मंदिर गौरीकुंड परिसर विस्तार, जोशीमठ में श्री वासुदेव मंदिर, दुर्गामंदिर परिसर सौंदर्यीकरण,आधुनिक सूचना तकनीकि का इस्तेमाल कर तीर्थयात्रियों को अधिक से अधिक यात्रा सुविधाएं मुहैया कराये जाने पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ।

मंदिर समिति कार्यालयों को ई- आफिस के रूप में उच्चीकृत किया जायेगा, कर्मचारी सेवा नियमावली के बावत बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि यह कर्मचारियों के हित में है पदोन्नति,विनियमितीकरण,
वरिष्ठता,नियुक्ति ने सुविधा होगी। अस्थायी कर्मचारियों के दीर्घकालीन समय से चली आ रही लिए पद सृजन, विनियमितीकरण, वेतन वृद्धि की मांग पर हर संभव कार्य हो रहा है।इस संबंध में आज प्रस्ताव पारित कर शासन को संदर्भित कर दिया गया है।

मंदिर समिति के विश्राम गृहों मंदिरों में जहां निर्माण एवं विस्तारीकरण की आवश्यकता है यात्रा पूर्व सभी कार्य यथा समय पूरे किये जायेंगे इसी क्रम में डालमिया यात्री विश्राम गृह श्रीनगर ( गढवाल) का पुनर्निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया इसके अंतर्गत बहुमंजिला विश्राम गृह, पार्किंग, डीलक्स रूम बनने प्रस्तावित है।

बैठक की शुरूआत में मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने नये वर्ष की शुभकामनाएं दी तथा विगत बोर्ड बैठक 12 जुलाई 2023 के प्रस्तावों कीअनुपालन आख्या प्रस्तुत की उसके पश्चात बैठक बैठक का संचालन करते हुए ऐजेंडे पर बिंदुवार चर्चा एवं विचार विमर्श हुआ।
सर्वप्रथम मंदिर समिति में विभिन्न संवर्गों के सृजन,अस्थायी कर्मचारियों के विनियमितिकरण,मास्टर प्लान के तहत श्री बदरीनाथ धाम में ध्वस्त भवनों संरचनाओं के स्थान पर पुनर्निमाण,विनसर मंदिर चौथान पट्टी पौड़ी को बीकेटीसी के अधीनस्थ मंदिरों के अंतर्गत किये जाने पर विचार, रघुनाथ कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय संचालन, दानीदाता द्वारा तांबे की चद्दर पर सोने की परत लगी श्रीमद् भगवदगीता को बदरीनाथ मंदिर सभागृह परिसर में स्थापित करने, श्री ओंकारेश्वर मंदिर, श्री गौरामाई मंदिर के विस्तारीकरण,पुराने फार्मेसी भवन के स्थान पर नया प्रशासनिक भवन बनाये जाने, उखीमठ जयबीरी तोक भूमि को लीज पर दिये जाने,केदारनाथ धाम के प्रवचन हाल में कर्मचारी आवास व्यवस्था बनाये जाने के भी प्रस्ताव पारित हुए ।
बैठक के अंत में बीकेटीसी मुख्यकार्याधिकारी ने सभी सदस्यों को धन्यवाद किया ओर भगवान केदारनाथ की सूक्ष्म स्तुति के बाद बैठक समाप्ति की घोषणा की गयी। इससे पहले सच्चिदानंद संस्कृत महाविद्यालय स्थित अनंत अंबानी पुस्तकालय प्रभारी कृष्णानंद पंत परिवार द्वारा लिखी पुस्तकों, संग्रहित पा़ंडुलिपियों, डाक टिकटों पर आधारित लघु फिल्म प्रस्तुति हुई जिसकी सराहना की गयी।

बैठक में मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार,मंदिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, वीरेंद्र असवाल, महेंद्र शर्मा, भास्कर डिमरी,पुष्कर जोशी, रणजीत सिंह राणा,राजपाल जड़धारी,जयप्रकाश उनियाल, आशुतोष डिमरी,कृपाराम सेमवाल सहित मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह,वित्त अधिकारी भारत चंद्र, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी,कार्याधिकारी आरसी तिवारी,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल एई विपिन तिवारी, एई गिरीश देवली, विधि अधिकारी शिशुपाल बर्त्वाल, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़, अतुल डिमरी, दीपेंद्र रावत, अमित देवराड़ी आदि मौजूद रहे।

केपटाउन टैस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत: खेल के मैदान से

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04 जनवरी 24, खेल के मैदान से • दिव्य नौटियाल 

केपटाउन टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत

पहले टेस्ट में करारी हार झेलने वाली भारतीय टीम केपटाउन टेस्ट में पूरी तरह से बदली हुई नजर आई। उसने दक्षिण अफ्रीका को एक झटके में जमीन पर ला दिया। किसी ने नहीं सोचा था पांच दिन का टेस्ट मैच सिर्फ दो दिन के अंदर ही खत्म हो जायेगा। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से पराजित कर उसका घमंड तोड़ डाला है।

भारत को सेंचुरियन टेस्ट में पारी और 32 रनों से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन भारतीय टीम की केपटाउन में नया इतिहास रचते हुए पहली टेस्ट जीत यहां पर हासिल की है। इससे पहले केपटाउन में भारत को 6 टेस्ट में 4 बार हार का सामना करना पड़ा है, वहीं 2 मैच ड्रॉ रहे थे।

भारत ने कल मियां सिराज की घातक गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को घुटनों पर ला दिया था। हालांकि पहली पारी में 55 रन पर आउट होने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम ने वापसी करने की पूरी कोशिश की और रबाडा और लुंगी ने भारतीय बल्लेबाजों को सिर्फ 153 रन पर रोक डाला था लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा क्योंकि उसने पहली पारी 98 रन की अहम बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि एक वक्त लग रहा था कि टीम इंडिया बड़ी बढ़त हासिल कर लेगी लेकिन उसने 11 गेंदों में बगैर रन बनाये ही छह विकेट खो दिए थे।

इसके बाद जब कल दक्षिण अफ्रीका दूसरी पारी शुरू हुई तो भी भारतीय गेंदबाजों का एक बार फिर जलवा देखने को मिला। उसने कल ही टॉप-3 बल्लेबाज सिर्फ 62 रन पर ही चलते बने। इसके बाद जब दूसरे दिन का खेल शुरू हुआ तो बुमराह ने आते ही अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया। बुमराह ने तेजी से विकेट चटकाते हुए दक्षिण अफ्रीका की आधी टीम को 85 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद ही तय हो गया था कि भारतीय टीम यहां पर जीत का मौका गंवाना नहीं चाहती है। पहली पारी में सिराज की गेंदबाजी के आगे दक्षिण अफ्रीका को संघर्ष करना पड़ा तो दूसरी पारी में बुमराह की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे दक्षिण अफ्रीका का टॉप ऑर्डर पूरी तरह से बिखर गया। इसका नतीजा ये हुआ कि साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 176 रनों पर ही सिमट गई लेकिन मार्करम ने 106 रन बनाए। उन्होंने अकेले संघर्ष किया और इस दौरान 17 चौके जड़े और दो जोरदार छक्के भी लगाए लेकिन मार्करम को मोहम्मद सिराज ने आउट कर दक्षिण अफ्रीकी की हार की कहानी लिख दी। बुमराह ने इस पारी में छह विकेट चटकाये। 79 रन का लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कुल मिलाकर भारतीय टीम की इस शानदार जीत को ऐतिहासिक कहा जायेगा क्योंकि अभी तक भारतीय टीम यहां पर एक भी टेस्ट नहीं जीता था। भारतीय टीम पर हमें गर्व है।

खेल के मैदान से: मियां सिराज तो छा गए

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• दिव्य नौटियाल 

04 जनवरी 24, खेल के मैदान से

मियां सिराज तो छा गए…

भारतीय टीम इस वक्त दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर है। हालांकि अभी तक भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया है। पहले टेस्ट में मिली बड़ी हार के बाद केपटाउन टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने खासकर मियां मैजिक यानी मोहम्मद सिराज की घातक गेंदबाजी देखने को मिली।

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उनकी तूफानी और कहर बरपाती हुई गेंदबाजी के आगे दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए। उनके गेंदबाजी के सामने अफ्रीकी शेर बुरी तरह से चित हो गए।

सेंचुरियन में हथियार डालने वाली भारतीय टीम  केपटाउन टेस्ट में पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है। गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीकी की उछाल भरे विकेट का पूरा फायदा उठाया है लेकिन बल्लेबाजों ने एक बार फिर निराश किया है।

केपटाउन टेस्ट के पहले दिन मियां मोहम्मद सिराज ने 15 रन देकर 6 विकेट झटके, जबकि दक्षिण अफ्रीकी टीम सभी विकेट खोकर 55 रन ही बना पाई। जसप्रीत बुमराह और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट चटकाये।  सिराज ने सबसे पहले एडेन मार्कराम (2) को आउट किया। इसके बाद मोहम्मद सिराज केपटाउन के विकेट पर और ज्यादा खतरनाक नजर आये।

मियां सिराज की तूफानी गेंदबाजी ने कप्तान डीन एल्गर (2), टोनी डि जॉर्जी (2), डेविड बेडिंघम (12), मार्को यानेसन (0) को आउट कर दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी है।

इसके बाद काइल वेरेन का विकेट लेकर सिराज, भारत के लिए पहले सेशन में 6 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। लेकिन इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों का फ्लॉप शो तब देखने को मिला जब रबाडा और लुंगी ने मिलकर भारतीय टीम को मात्र 153 रन पर समेट डाला। हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया है। हालात तो ऐसे लग रहे हैं कि पांच दिन का टेस्ट शायद दो दिन में खत्म हो जाये तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।

ओडीओपी में उत्तरकाशी देश में पहले स्थान पर

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*उत्तराखंड व उत्तरकाशी ओडोओपी नेशनल अवार्ड में मिला द्वितीय पुरस्कार*

*देश के 500 जिलों के बीच उत्तरकाशी ने खेती के लिए बेहतर प्रयासों हेतु जीता ईनाम*

उत्तरकाशी/दिल्ली: 4 जनवरी। नयी दिल्ली में आयोजित नेशनल वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) अवार्ड में उत्तरकाशी जिले को दूसरा पुरस्कार मिला है। देशभर के लगभग पांच सौ जिलों के बीच उत्तरकाशी को कृषि की श्रेणी में यह सम्मान मिला है। जबकि राज्य अवार्ड में भी उत्तराखंड को दूसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हासिल इस उपलब्धि से राज्य एवं जिले में खेती-किसानी को लाभदायक व्यवसाय में बदलने की सरकार की मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिलने से राज्य में आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें आजीविका के नए अवसर प्रदान कराने के सरकार के अभिनव और प्रतिबद्ध प्रयाद फलीभूत हो रहे हैं । कुछ समय पहले ही उत्तराखंड के लाल धान को जीआई टैग और अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।

नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आत्म निर्भर भारत उत्सव का आयोजन हुआ। उत्सव का उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान देशभर के जिलों के बीच कृषि की श्रेणी में उत्तरकाशी जिले ने लाल धान की खेती को लेकर दूसरा स्थान हासिल किया है। इस दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय विदेश मंत्री डा. एस. जयशंकर ने हाथों जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला ने जिलों की श्रेणी में प्रथम रनर अप का नेशनल ओडीओपी पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके पर जिले के मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी तिवारी के साथ ही महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र उत्तरकाशी शैली डबराल भी उपस्थित रही।जबकि ओडीओपी अवार्ड में राज्यों के बीच उत्तराखंड राज्य को भी दूसरा स्थान मिला है। जिलों की श्रेणी में उत्तरकाशी जिले को नेशनल ओडीओपी अवार्ड प्रदान करते हुए केन्द्र सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य व जिले में कृषि के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों को सराहा गया है। इधर, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्तर पर मिले सम्मान की सराहना की। कहा कि टीम वर्क से आगे भी इस तरह के नए उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएं। मुख्यमंत्री ने राज्य और जिले की टीम को बधाई दी।

*मुख्यमंत्री ने पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने की मुहिम शुरू की*
*डीएम खुद लाल धान की रोपाई को उतरे*

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में विशिष्ट गुणों वाले लाल धान का उत्पादन होता है। जिले के पुरोला क्षेत्र सहित रवांई घाटी में परंपरागत रूप से बड़े पैमाने पर लाल धान की खेती होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारम्परिक खेती के क्षेत्र में विद्यमान सम्भावनाओं को देखते हुए लाल धान और अन्य पारम्पारिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की हिदायत देते हुए अधिकारियों को इस दिशा में प्रतिबद्ध प्रयास करने की अपेक्षा की थी। मुख्यमंत्री श्री धामी के विजन और मिशन पर अमल करते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के द्वारा जिले में लाल धान की पारंपरिक खेती का संरक्षण व संवर्द्धन के लिए बहुआयामी प्रयास करने के साथ ही गंगा घाटी के इलाकों में भी इसकी पैदावार करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर पिछले वर्ष से लाल धान की खेती शुरू करवाई गई। इस मुहिम में स्वयं डीएम अभिषेक रुहेला और अन्य अधिकारी खुद खेतों में उतर कर रोपाई की थी।

*किसानों को दी मदद और महत्वपूर्ण जानकारी*

जिला प्रशासन ने किसानों को लाल धान के बीज, खाद व अन्य तकनीकी जानकारी देने के साथ ही कृषि विभाग की टीम निरंतर लाल धान की खेती को बढावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को जमीन पर उतारने में जुटी रही।जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने किसानों को तकनीकी जानकारी और अन्य मदद उपलब्ध कराई। उत्साहित किसानों ने बड़े पैमाने पर लाल धान की खेती को अपनाया।

*ऐसा हुआ ओडोओपी पुरस्कार हेतु चयन*

वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट के तहत उत्तरकाशी जिले सेे लाल धान को पूर्व नामित किया गया था। जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं उद्योग विभाग ने राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु के लिए गत अगस्त माह में भारत सरकार से आवेदन किया था। जिसके बाद भारत सरकार के दल ने बीते अक्टूबर व नवंबर माह में जिले का दौरा कर जिले के दावे की पड़ताल की और तय मानकों पर जिले के दावे को उपयुक्त पाया।

नेशनल वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) अवार्ड में लाल धान और उत्तरकाशी जिला देश भर से दावेदार लगभग 500 जिलों के बीच सराहना और सम्मान का पात्र बना। इस उपलब्धि पर जिले में हर्ष की लहर है।

ऐतिहासिक शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा, मां गंगा की आरती से सकुशल संपूर्ण हुई

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3 जनवरी 2024, हरिद्वार, उत्तराखंड:

एतिहासिक ‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ के सुन्दर स्वरूप को समाज के सामने रखने वाले ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज द्वारा अपनी सप्तदिवसीय ‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ में
सबसे पहले हरिद्वार के चण्डीघाट से गंगा पूजा कर शीत यमुनोत्री सुखीमठ, शीत गंगोत्री मुखीमठ, शीत केदार ऊखीमठ और शीत बदरीनाथ जोशीमठ में पूजा करके उद्धव जी और कुबेर जी की पूजा के बाद आज पुनः भगवती भागीरथी गंगा जी की विशेष पूजा और महाआरती सम्पन्न की गई ।

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आध्यात्मिक आनन्द से कोई भी वंचित ना रहे ये हमारा प्रमुख उद्देश्य है

एक सवाल का उत्तर देते हुए शंकराचार्य जी महाराज ने बताया कि शीतकाल में सभी तीर्थस्थलों की ऊर्जा बडी अद्भुत रहती है और आनन्द भी बहुत प्राप्त होता है इस आनन्द को प्रत्येक आस्तिक सनातनी प्राप्त करें इसलिए हमने ये यात्रा की है। जब लोग इन स्थानों पर जाएंगे तो निश्चित ही स्थानीय लोगों का भौतिक विकास अवश्य होगा । लोगों को रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे।

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सरकार शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा के लिए बुकिंग शुरु करे
शंकराचार्य जी महाराज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि इस यात्रा के विषय निरन्तर चर्चा बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि सब लोग जान सकें, उन्होने पुरोहितों , हकहकूकधारियों तथा समस्त संबन्धितों से अनुरोध किया है कि सब लोग इस यात्रा को जन जन तक पहुंचाने के लिए इसका प्रचार प्रसार करें साथ ही उत्तराखंड सरकार जैसे ग्रीष्मकालीन यात्राओं की बुकिंग करती है उसी तरह शीतकालीन यात्राओं के विस्तार के लिए बुकिंग आरंभ कर दे ।

चारों धाम के प्रतिनिधि गण उपस्थित रहे गंगा पूजा में

ऐतिहासिक ‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ समापन के अवसर पर शंकराचार्य जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित गंगा पूजन में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के प्रतिनिधि सर्वश्री सहजानन्द ब्रह्मचारी , दयानन्द ब्रह्मचारी, राधिकानन्द ब्रह्मचारी, केशवानन्द ब्रह्मचारी, ज्योतिर्मठ के धर्माधिकारी जगदम्बाप्रसाद सती , ज्योतिर्मठ मीडिया प्रभारी डा बृजेश सती, केन्द्रीय धार्मिक डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी , गंगोत्री मन्दिर सचिव सुरेश सेमवाल , लक्ष्मी बडवा दिनेश डिमरी , नरेशानन्द नौटियाल, दिनकर बाबुलकर, यमुनोत्री से पवन उनियाल, अनिरुद्ध उनियाल, ब्रह्मकपाल से उमेशचन्द्र सती , शिवानन्द उनियाल , रमेश पाण्डेय, सुशीला भण्डारी, अधीर कौशिक, पवन शास्त्री, चतुर्भुजाचार्य , पवन पाठक , मोहित डिमरी , यशपाल राणा आदि उपस्थित रहे ।

 

 

आपदा न्यूनीकरण निधि प्रस्ताव हेतु राज्य कार्यकारिणी की बैठक

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राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि प्रस्ताव अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी की बैठक।

देहरादून: 2 जनवरी।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुयी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति में प्रस्तावों के लाने से पूर्व जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा प्रस्तावों की जांच अनिवार्य रूप से करा ली जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभिन्न जनपदों द्वारा प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनायी जा रही है। इसमें सुधार लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जनपदों से सुझाव मांगते हुए प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए एक समान प्रक्रिया अपनाए जाने के निर्देश दिए।

शीतलहर को देखते हुए मुख्य सचिव ने जनपदों द्वारा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त धनराशि के प्रस्ताव शासन को शीघ्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए जनपद पौड़ी के लिए 15 लाख सहित बाकी 12 जनपदों को 10 -10 लाख (कुल ₹135 लाख) आबंटित कर कार्याेत्तर स्वीकृति सहित विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी।

इस अवसर पर सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों से जिलाधिकारी सहित शासन से अन्य वरिष्ठ उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कचरा प्रबंधन हेतु वाहनों को फ्लैग आफ किया

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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अन्तर्गत देहरादून शहर में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 58 डोर-टू-डोर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने सेग्रिगेशन पर आधारित गीत का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों की उपलब्धता से नगर निगम को अपशिष्ट प्रबंधन में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्वच्छता की दिशा में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन में हम सबको अपना पूरा योगदान देना है। स्वच्छ और सुन्दर दून के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों में स्वच्छता के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान निरन्तर चलाये जाएं।

मुख्यमंत्री ने जिन 58 डोर-टू-डोर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया उनसे नगर निगम देहरादून के सात विधानसभा क्षेत्रों राजपुर, रायपुर, डोईवाला, धर्मपुर, सहसपुर, मसूरी एवं देहरादून कैंट क्षेत्र से अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जायेगा। डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 3.98 करोड़ रूपये की धनराशि से स्पेशल असिस्टेंश स्कीम में नगर निगम द्वारा ये 58 वाहन क्रय किये गये हैं।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री  प्रेमचन्द अग्रवाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ,  खजान दास,  सविता कपूर, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी देहरादून  सोनिका, नगर आयुक्त देहरादून गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त  वीर सिंह बुदियाल एवं नगर निगम देहरादून के अधिकारी उपस्थित थे।

जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के सानिध्य में आज गंगा आरती, शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा संपन्न

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2 जनवरी 24, हरिद्वार, उत्तराखंड

ऐतिहासिक शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा संपन्न हुई, इस अवसर पर शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा समिति ने सभी सनातनियों को गंगा आरती में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। नीचे पढ़ें

जय बदरीविशाल 🙏🙏
जय गंगा मैया 🙏🙏

‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ समापन के अवसर पर आज दिनांक 2 जनवरी 2024 को सायं 4 बजे से हरिद्वार स्थित चण्डी घाट(नमामि गंगे) घाट पर गंगा जी की पूजा और महाआरती सम्पन्न की जाएगी ।

गंगा जी की पूजा से आरम्भ हुई ये ऐतिहासिक ‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ आज सायं यहीं गंगा जी के पावन घाट पर पूरी होगी ।

‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज के पावन सान्निध्य में महाआरती और आशीर्वचन सभा सम्पन्न होगी ।

आप सादर आमन्त्रित हैं ।

स्थान – चण्डी घाट
समय – सायं 4 बजे से
दिनांक- 2 जनवरी 2024

निवेदक
शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा व्यवस्था समिति

ऐतिहासिक शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा संपन्न

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1जनवरी 24, जोशीमठ, चमोली, उत्तराखंड:

‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’ पूरी हुई।

ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के चार धामों की शीतकालीन पूजा शीतकालीन पूजा स्थलो में निरंतर होती रही है। लेकिन लोगों को इस बारे में जानकारी न होने के कारण श्रद्धालु खुशीमठ , मुखीमठ, ऊखीमठ और जोशीमठ नहीं आ पाते हैं। इन स्थानों मे अधिक से अधिक तीर्थ यात्री आकर पुण्य अर्चित करें, इसी उद्देश्य के लिए यात्रा की गई ।

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चारधाम तीर्थ यात्रा के समापन के बाद स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य जी महाराज ने कहा शीतकालीन पूजा स्थलों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों को हो इसके लिए सरकार के साथ ही स्थानीय और धार्मिक गतिविधि से जुड़े लोगों को पहल करनी होगी ।

बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मानवीय गतिविधियां लगातार बढने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस पर अंकुश लगाया जाना आवश्यक है । धामों की मर्यादा बनाए रखना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए । इसके लिए सरकार, शासन प्रशासन को कठोर कदम उठाना होगा ।

सम्पूर्ण पैनखंडा के लोगों की लंबे समय से ज्योतिर्मठ में एक अत्याधुनिक सुविधाओं से संपन्न चिकित्सालय की मांग थी । इस दिशा में वे निरंतर प्रयासरत हैं । पहले चरण में भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हुई है ।

ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा नृसिंह मंदिर, जोशीमठ में की जाती है । इसमें किसी को भी संशय नहीं होना चाहिए।

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उत्तराखंड में भू समिति की रिपोर्ट आने तक भूमि क्रय -विक्रय पर रोक

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश हित और जनहित में जांच कमेटी की रिपोर्ट तक उत्तराखंड में भूमि क्रय- विक्रय पर रोक

देहरादून 1 जनवरी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भू – कानून के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-कानून के लिए बनाई गई कमेटी द्वारा बड़े पैमाने पर जन सुनवाई की जाय और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों की राय ली जाय। भू-कानून के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था के लिए गढ़वाल और कुमाऊं कमिश्नर को भी शामिल किया जाए।

उत्तर प्रदेश जमींदारी एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 154 में वर्ष 2004 में किए गए संशोधन के अनुसार ऐसे व्यक्ति जो उत्तराखंड राज्य में 12 सितंबर 2003 से पूर्व अचल संपत्ति के धारक नहीं है उन्हें कृषि व औद्यानिकी के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की जिला अधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान किए जाने का प्रावधान है ।वर्तमान में उत्तराखंड राज्य के लिए नए भू कानून तैयार किए जाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रारूप समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश हित और जनहित में यह निर्णय लिया गया है की भू कानून समिति की आख्या प्रस्तुत किये जाने तक या अग्रिम आदेशों तक जिलाधिकारी उत्तराखंड राज्य से बाहरी व्यक्तियों को कृषि एवं उद्यान के उद्देश्य से भूमि क्रय करने की अनुमति के प्रस्ताव में अंतिम निर्णय नहीं लेंगें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि समिति द्वारा विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के सुझावों के आधार पर तेजी से ड्राफ्ट बनाया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी निर्णय प्रदेश के हित में लिए जा रहे है। राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप और जो राज्यहित में जो सर्वोपरि होगा, सरकार द्वारा उस दिशा में निरंतर कार्य किए जायेंगे इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, एडीजी ए. पी अंशुमन, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित थे।