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उत्तराखंड कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय

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उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

देहरादून 12 जनवरी। उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक बृहस्पतिवार देरशाम सचिवालय में शुरू हुई। जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
वन टाईम सेटलमेंट स्कीम, 2023-24’ योजना की शर्तों में संशोधन किये जाने का निर्णय।
राज्य में उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, 1948/उत्तराखण्ड मूल्यवर्धित कर अधिनियम, 2005/केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956/उत्तराखण्ड प्रवेश कर अधिनियम, 2008 एवं उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम, 1979 (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) के अधीन दिनांक 31 मार्च, 2023 तक सृजित मांग से संबंधित बकाया पर देय ब्याज व अर्थदण्ड की 100 प्रतिशत मांग को माफ किए जाने हेतु ‘वन टाईम सेटलमेंट स्कीम, 2023-24’ लागू की गयी थी। राजस्व संर्वधन हेतु एवं व्यापारियों द्वारा योजना का और अधिक लाभ लेने हेतु शासन के पत्र संख्या 156556 दिनांक 22-09-2023 द्वारा योजना की अवधि को दिनांक 31-12-2023 तक विस्तारित किया गया है। पूर्व में इस योजना में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश कराधान तथा भू-राजस्व विधि अधिनियम, 1975) अनुकूलन एवं उपांतरण आदेश, 2002 को सम्मिलित नहीं किया गया था, अब उक्त अधिनियम को भी सम्मिलित करते हुए उक्त अधिनियम के अंतर्गत सृजित बकाया पर देय ब्याज व अर्थदण्ड की 100 प्रतिशत मांग को भी माफ किया जाना प्रस्तावित है। योजना का अधिक से अधिक व्यापारियों द्वारा लाभ लिए जाने के दृष्टिगत योजना की कतिपय बिन्दुओं में संशोधन के साथ योजना की अवधि पुनः अग्रेत्तर तीन माह बढ़ाने का अधिकार सचिव, वित्त उत्तराखण्ड शासन को दिये जाने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा दी गयी मंजूरी।

राजकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के स्वीकृत / रिक्त पदों के सापेक्ष नितान्त अस्थायी व्यवस्थान्तर्गत वर्तमान शिक्षण सत्र 2023-24 हेतु संविदा शिक्षकों की तैनाती किये जाने का निर्णय लिया गया।
उच्च शिक्षा विभागान्तर्गत प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में छात्रहित में नितान्त अस्थाई व्यवस्थान्तर्गत वर्तमान शिक्षण सत्र 2023-24 हेतु विभिन्न विषयों (कुल 11 विषय) मे रिक्त चल रहे कुल 25 संविदा शिक्षकों (सहायक प्राध्यापकों) की तैनाती / नियुक्ति राज्य के रोजगार प्रयाग पोर्टल के माध्यम से किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

ग्रेटर दून विकास प्राधिकरण लि० को समाप्त किये जाने का निर्णय हुआ
राज्य में प्रचलित नजूल नीति, 2021 के प्रभावी / लागू रहने की अवधि बढ़ाये जाने संबंधी निर्णय।
नजूल नीति, 2021 के प्रभावी / लागू रहने की समाप्ति की अवधि को दिनांकः 11.12.2023 से बढ़ाते हुए, जब तक कि राज्य में प्रस्तावित ‘उत्तराखण्ड नजूल भूमि प्रबंधन, व्यवस्थापन एवं निस्तारण अधिनियम, 2021’ के अन्तर्गत नियमावली प्रख्यापित नहीं हो जाती है, तब तक, उक्त नजूल नीति यथावत प्रभावी / लागू रहेगी।
नजूल नीति, 2021 के प्रस्तर-16 (2) में प्रदत्त व्यवस्था ‘स्थानीय निकाय / विकास प्राधिकरण 35 प्रतिशत प्रचलित सर्किल दर पर 05 प्रतिशत स्वमूल्यांकन की धनराशि राजकोष में आवेदन करेंगे’ में संशोधन करते हुए पूर्व नजूल नीति, 2009 में प्रदत्त व्यवस्था ‘स्थानीय निकाय, नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम, जिला पंचायत (इनके पक्ष में फ्रीहोल्ड नियमानुसार मूल्य निर्धारण के 05 प्रतिशत की धनराशि राज्य कोषागार में जमा करने पर किया जायेगा) की भांति विकास प्राधिकरण, स्थानीय निकाय, नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम, जिला पंचायत के पक्ष में फ्रीहोल्ड नियमानुसार प्रचलित सर्किल दर पर भूमि मूल्य निर्धारण का 5 प्रतिशत की धनराशि राज्य कोषागार में जमा करने पर किया जा सकने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 395 (b) के अनुपालन में उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० के वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखे जाने संबंधी अनुमोदन।
कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 395 (b) में सरकारी कम्पनियों के वार्षिक लेखा रिपोर्ट के तैयार होने के बाद महालेखाकार की टीका-टिप्पणियों या संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ राज्य विधान-मंडल के सदन या दोनों सदनों समक्ष रखे जाने का प्रावधान है।
उक्त के परिप्रेक्ष्य में ऊर्जा विभाग के नियन्त्रणाधीन उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० (उत्तराखण्ड सरकार का उपक्रम) के वित्तीय वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधान-मंडल के सदन या दोनों सदनों के समक्ष रखे जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा दिया गया अनुमोदन।

उत्तराखण्ड आयुष विभाग आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा संवर्ग, समूह ‘क’ सेवा नियमावली, 2011 (यथा संशोधित) में अग्रेत्तर संशोधन किये जाने के सम्बन्ध में निर्णय।
उत्तराखण्ड आयुष (आयुर्वेदिक एवं यूनानी) विभाग के समूह ‘क’ सेवा में भर्ती तथा उसमें नियुक्त व्यक्तियों की सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए पूर्व में प्रख्यापित ‘उत्तराखण्ड आयुष विभाग आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा संवर्ग (समूह ‘क’) सेवा नियमावली, 2011’ के प्रथम संशोधन, 2016 के भाग-3 नियम-5 (1) व नियम-5 (3) में संशोधन करते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा संवर्ग समूह ‘क’ सेवा (संशोधन) नियमावली, 2023 को प्रख्यापित किये जाने के संबंध में लिया गया निर्णय।
गौलापार (हल्द्वानी) में मा० उच्च न्यायालय की स्थापना हेतु प्रस्तावित स्थल के आस-पास के क्षेत्र को फ्रीज जोन घोषित किये जाने के संबंध में निर्णय।
नैनीताल शहर की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं नैनीताल शहर पर बढते अतिरिक्त दबाव को दृष्टिगत रखते हुए हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र की 26.08 हेक्टेयर भूमि में मा० उच्च न्यायालय की स्थापना हेतु भूमि का चयन किया गया है। चिन्हित क्षेत्र के आस-पास अनियमित एवं अनधिकृत निर्माण को रोकने हेतु गौलापार (हल्द्वानी), जनपद-नैनीताल में प्रस्तावित स्थल के क्षेत्र को, महायोजना बनने तक फ्रीज जोन घोषित किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

सिविल कोर्ट परिसर खटीमा, ऊधमसिंहनगर में 135 X 210 वर्गफीट भूमि अधिवक्ता चैम्बर निर्माण हेतु बार एसोसिएशन खटीमा को 90 वर्ष के स्थान पर 30 वर्ष हेतु लीज पर दिये जाने का निर्णय।
पेराई सत्र 2023-24 हेतु प्रदेश की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंको से ऋण लिये जाने हेतु शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में निर्णय।
राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को पेराई सत्र में गन्ना किसानों के ससमय गन्ना मूल्य भुगतान हेतु राज्य सरकार द्वारा शासकीय प्रत्याभूति प्रदान की जाती है। अतः पेराई सत्र 2023-24 हेतु भी राज्य सरकार द्वारा राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों डोईवाला, किच्छा, नादेही व बाजपुर हेतु कुल रू० 409.47 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया।
श्री केदारनाथ धाम एराइवल प्लाजा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारत सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के अन्तर्गत अति विशिष्ट प्रकार की ओम कलाकृति का स्ट्रक्चर ब्रास धातु का बनाया गया है। कार्य में एकरूपता बनाये रखने के दृष्टिगत उक्त ओम मूर्ति के पैडस्टल का निर्माण कार्य कराये जाने की अनुमति कैबिनेट द्वारा प्रदान की गई।
श्री बद्रीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर समिति के विभिन्न सेवा संवर्गों के सीधी भर्ती के पदों पर संविलियन नियमावली, 2023 को प्रख्यापित किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर अधिनियम, 1939 में प्रस्तावित विभिन्न सेवा संवर्गाे की सेवा नियमावलियों में उल्लिखित शैक्षिक अर्हता /भर्ती का स्रोत, योग्यता, पात्रता आदि के क्रम में मंदिर समिति हेतु अभ्यर्थियों का चयन करने में संभावित कठिनाईयां के दृष्टिगत् वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विभागीय आवश्यकताओं का वर्तमान तथा भावी हित/उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुये नियमानुसार मंदिर समिति के विभिन्न सेवा संवर्गों के सीधी भर्ती के पदों पर संविलियन किये जाने का प्राविधान रखे जाने का निर्णय।

राज्य बांध सुरक्षा संगठन, उत्तराखण्ड द्वारा तैयार वार्षिक प्रतिवेदन 2022-23 को मा० विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य के छावनी परिषद, क्षेत्रों से नागरिक क्षेत्रों को पृथक करते हुये निकटवर्ती नगर निकाय में सम्मिलित किये जाने अथवा पृथक नगर निकाय बनाये जाने के संबंध में निर्णय।
छावनी परिषद क्षेत्रों से नागरिक क्षेत्रों को पृथक किये जाने से छावनी परिषदः क्षेत्रान्तर्गत निवासरत नागरिकों को भूमि हस्तांतरण, भवन निर्माण, आवागमन इत्यादि समस्याओं का सामना करना पडता है।
मा0 मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड की बोर्ड बैठक में लिए गये निर्णयानुसार ‘हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर परियोजना’ से संबंधित कार्य यूआईडीबी द्वारा संचालित किये जाने तथा आवास विभाग के अन्तर्गत गठित एसपीवी को निरस्त / स्थानांतरित किया जाने के सम्बन्ध में मा० मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।कैबिनेट बैठक में राज्य विधान सभा के आगामी सत्र को आहूत करने के लिये कैबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।

मानसखंड मंदिर माला विकास हेतु बैठक में चर्चा

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मानसखण्ड मंदिर माला के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं का क्रियान्वयनIMG 20240111 WA0078

देहरादून 11 जनवरी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले मंदिरों से़ अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जोड़ने के लिए 15 अप्रैल से एक रेल सेवा मानसखण्ड एक्सप्रेस प्रारम्भ किये जाने पर कार्य चल रहा है। यह रेल सेवा कोलकाता से टनकपुर तक संचालित की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए टनकपुर से पूर्णागिरी, हाटकालिका, पाताल भुवनेश्वर, जागेश्वरधाम, गोल्ज्यू देवता मंदिर, नन्दा देवी, कैंची धाम आदि मानसखण्ड मंदिर माला के अन्य मंदिरों तक स्थानीय बस व अन्य परिवहन सेवाओं को संचालित किया जाएगा। केएमवीएन के अतिथि गृह, होम स्टे, स्थानीय होटल आदि तथा हुनर योजना के तहत प्रशिक्षित स्थानीय गाइड्स पर्यटकों के आतिथ्य में सहयोग करेंगे। पर्यटकों की वापसी के लिए काठगोदाम से कलकता के लिए रेल सेवा उपलब्ध रहेगी। सचिवालय में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान एसीएस राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत मंदिरों को जोड़ने वाली अप्रोच रोड्स के चौड़ीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी को पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत चिहिन्त कुमाऊँ मण्डल के सभी 16 मंदिरों के अलग-अलग मास्टर प्लान अनुमोदित हो चुके हैं। इनमें से 9 मंदिरों की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इनमें से अधिकांश मंदिरों का शिलान्यास जल्द हो जाएगा। मंदिरों के सौन्दर्यीकरण एवं विकास का कार्य कलस्टर अप्रोच के साथ किया जा रहा है। एसीएस ने मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत आने वाले सभी मंदिरों सौन्दर्यीकरण के साथ ही इनसे जोड़ने वाली अप्रोच रोड के चौड़ीकरण के कार्यो को भी साथ-साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को सिंगल लाइन सड़कों को डबल लाइन में बदलने के कार्यो को जल्द समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने संस्कृति विभाग को राज्य की ऐतिहासिक विरासतों, मंदिरों आदि के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु हेरीटेज एक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे सहित संस्कृति, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

अतिक्रमण हटाने को मुख्य सचिव के जिलाधिकारियों को निर्देश

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अतिक्रमण रोकने को मुख्य सचिव के जिलाधिकारियों को निर्देश।

देहरादून: 10 जनवरी
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों की परिसम्पत्तियों एवं भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी, अर्द्ध सरकारी, सार्वजनिक निगमों, ग्राम सभाओं आदि की परिसम्पत्तियों पर कब्जा रोकने के लिए पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। जिसपर विभाग अपने अपने कब्जे वाली जमीनों का अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं की डायमेंशन और लोकेशन के साथ पोर्टल पर डाटा अपलोड करेंगे।

IMG 20240110 WA0074मुख्य सचिव ने कहा कि इस पूरे कार्य में राजस्व परिषद को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि हम जितनी जल्दी यह प्रक्रिया पूरी करेंगे, उतनी अधिक भूमि अतिक्रमण होने से बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को इसके लिए अपने स्तर से अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करनी होगी कि उनके कार्यकाल में यदि विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा होता है तो उसकी जवाबदेही किस अधिकारी की होगी। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारी ही अपने स्तर की भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि पोर्टल और मोबाइल ऐप सहित अन्य तकनीकी सुविधाओं के लिए आईटीडीए और यू-सैक संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भूमि की जियो मैपिंग के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा प्रत्येक माह अपनी-अपनी भूमि की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करायी जानी है, पिछले माह की फोटो-वीडियोग्राफी से तुलनात्मक अध्ययन कर अतिक्रमण होने या न होने का पता लग जाएगा। यदि अतिक्रमण हुआ है तो अतिक्रमण हटाया जाना सुनिश्चित करके विभागीय नोडल अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं को इस दिशा में तेजी से कार्य करना होगा। इन क्षेत्रों की अत्यधिक कीमती भूमि होने के कारण इन क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर तेजी से अति से अतिक्रमण हो रहा है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से डाटा कलेक्शन के दौरान फील्ड में आ रही समस्याओं के विषय में भी जानकारी ली। तकनीकी समस्याओं के निस्तारण के लिए आईटीडीए और यूसैक को एक सप्ताह का समय देते हुए तकनीकी सहयोग लगातार दिए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सीसीएफ पराग मधुकर धकाते, कमिश्नर एवं सचिव राजस्व परिषद चंद्रेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं विभागीय जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अभिमन्यु ईश्वरन: एक नया सितारा

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09 जनवरी 24, देहरादुन, उत्तराखंड:

• दिव्य नौटियाल

अभिमन्यु ईश्वरन…एक नया सितारा

भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है परंतु कई ऐसे क्रिकेटर है जो प्रतिभा होने के बावजूद लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। 80 और 90 के दशक में अगर कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन करता था तो उसको सीधे भारतीय टीम में जगह मिल जाती थी लेकिन अब हालात ऐसे नहीं है। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बावजूद इन खिलाडिय़ों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे नहीं खुलते हैं। हालांकि आईपीएल में अगर कोई खिलाड़ी चमकता है तो उसके लिए दिल खोलकर टीम इंडिया स्वागत करती है लेकिन रणजी ट्रॉफी या फिर बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट में रन बनाने के बावजूद ऐसे खिलाड़ी अब तक भारतीय टीम में जगह बनाने में संघर्ष कर रहे हैं।

सरफराज खान और अभिमन्यु ईश्वरन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। दोनों ही खिलाड़ी लंबे वक्त से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनको भारत से खेलने का मौका नहीं मिल रहा है। देहरादून में जन्मे अभिमन्यु ईश्वरन लगातार  रनों की बारिश कर रहे हैं लेकिन बीसीसीआई अब तक उनको लेकर गम्भीर नजर नहीं आया है। उत्तराखंड के युवा क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन को 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनको रोहित शर्मा की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उनको अंतिम 11 में शामिल नहीं किया गया। उनके चयन से उत्तराखंड में खेल प्रेमी बेहद ख़ुश थे लेकिन अब तक वो अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं। 29 साल के अभिमन्यु ईश्वरन दाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं और साथ में लेग ब्रेक गुगली करने में माहिर हैं। उनके पिता आरपी ईश्वरन का सपना है कि उनका बेटा भारतीय टीम को खेले और इसके लिए वो लगातार अपने बेटे का हौसला बढ़ा रहे हैं। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि अभिमन्यु के पिता ने अपने बेटे के करियर के खातिर अकाउंटेंसी का काम छोडक़र क्रिकेट कोचिंग देने का काम शुरू कर दिया और अपने बेटे को एक बेहतरीन क्रिकेटर बनाने के लिए उनका पूरा फोकस है। इतना ही नहीं उनके पिता आरपी ईश्वरन की आंखों में क्रिकेटर बनने का सपना तैर रहा था लेकिन वो पूरा नहीं हो सका। अब वो अपने बेटे के सपनों को उड़ान देने के लिए देहरादून में 1988 से अभिमन्यु क्रिकेट अकादमी चला रहे हैं। अभिमन्यु ईश्वरन ने बचपन में क्रिकेट का बल्ला थाम लिया था और अपनी नानी से कहा था कि देखना नानी मैं भीं  एक दिन इंडिया खेलूंगा और नानी के सपने और पिता के अरमानों को पूरा करने के लिए अभिमन्यु ईश्वरन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है और घरेलू क्रिकेट में बंगाल की तरफ से अपना सिक्का जमा रखा है।

शुरुआती दौर में अपने पिता से कोचिंग लेने के वाले अभिमन्यु 2004 में कोलकाता आ गए और वहां पर बनगांव में निर्मल सेन गुप्ता की निगरानी में क्रिकेट की बारिकियों को सीखने लगे और फिर इसके बाद उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा। राहुल द्रविड़ को अपना आर्दश मानने वाले अभिमन्यु ईश्वरन को अभी भी टीम इंडिया की कैप का इंतेजार है। उनकी प्रतिभा को देखते हुए बंगाल ने उनको टीम की कमान सौंप दी। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इतना ज्यादा शानदार रहा कि बीसीसीआई ने उनको इंडिया-ए की कमान सौंपी है। बंगाल के अनुभवी खिलाड़ी अभिमन्यु ईश्वरन को इंग्लैंड लायंस के खिलाफ चार दिवसीय मैच के लिए 13 सदस्यीय भारत ‘ए’ टीम का कप्तान बनाया गया है। हाल में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भी गए थे। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 89 मैचों में 6585 रन बनाये और उनका औसत 47.03 का रहा है जो काफी अच्छा माना जायेगा जबकि उन्होंने 22 शतक भी जड़े हैं।

कुल मिलाकर पूरा उत्तराखंड चाहता है कि जल्द इस क्रिकेटर को भारतीय टीम की कैप मिले। बीसीसीआई ऐसी प्रतिभा को आगे लाने के लिए अक्सर तैयार रहती है और उम्मीद है जल्द इस क्रिकेटर को भारत की तरफ से खेलने का मौका मिलेगा।

देहरादून: महार रेजीमेंट स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया सैनिको का सम्मान

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IMG 20240109 WA0064मुख्यमंत्री ने 15 महार रेजीमेंट स्थापना दिवस पर सैन्य अधिकारियों को किया सम्मानित।

देहरादून: 9 जनवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यमंत्री सेवक सदन में 15 महार रेजिमेंट के 54 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में रेजिमेंट के पूर्व सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन में पिताजी से महार रेजिमेंट के वीर सैनिकों की शौर्य गाथाओं के बारे में सुनकर उनके मन में उत्साह और उमंग की भावना पैदा होने लगती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन सेना के साथ बीतने के कारण उन्होंने जीवन में अनुशासन फौज से ही सीखा है। आपसी सद्भाव व सम्मान व सहयोग की भावना हमारी सेना की पहचान है। इस अवसर पर अपने स्व. पिता को याद कर मुख्यमंत्री भावुक नजर आये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह सेना में तो नहीं हैं परन्तु वीर सैनिकों को अपना आदर्श मानकर राष्ट्र सेवा में अपना यथासंभव योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सैन्य कौशल और पराक्रम का इतिहास महार रेजिमेंट के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्येक सैनिक की वीरता, साहस और बलिदान पर हर एक नागरिक को गर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महार रेजिमेंट विविधता का प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में सेना का मान और सम्मान बढ़ा है। हमारे वीर सैनिक अब दुश्मन को उसके घर में घुस कर जवाब दे रहे हैं। जब भी दुश्मन ने ललकारा है भारत ने उसे मुंह तोड़ जवाब दिया है। भारत वैश्विक मंचों पर पूरी दृढ़ता और अपने हितों को सर्वोपरि रखते हुए अपनी बात रख रहा है। आज सेना के आधुनिकीकरण को भी एक नया आयाम दिया जा रहा है और डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और उनके द्वारा सैनिकों को दिए जा रहे प्रोत्साहन के कारण ही आज हमारी सेना पहले से कई गुना अधिक सशक्त है और सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। उत्तराखण्ड को आदर्श एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिये हम निरंतर प्रयासरत हैं। हमारा प्रदेश सैन्य पृष्ठभूमि का प्रदेश है। सैनिकों के कल्याण के लिये राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी कदम उठाये गये हैं।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पूर्व सैन्य अधिकारी सू.मे. प्रद्युम्न सिंह, आ. कै. सूरज मणि, कै. भानी चंद, सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अंकिता भंडारी केस में सरकार दोषियों को बचा रही है: जसविंदर गोगी

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09 जनवरी 2024, देहरादून:

अंकिता भंडारी के माता पिता द्वारा
अंकिता की हत्या के मामले में वीआईपी के नाम की पहचान करने के बावजूद सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न करने तथा रिसोर्ट पर तत्काल जेसीबी चलाने वाले लोगों पर भी कोई कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया।  Screenshot 2024 01 09 16 10 36 25 6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी ने कहा कि सरकार मामले में दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। अंकिता के माता पिता के आरोपों के अनुसार न अजय कुमार को जांच की जद में लाया गया न सबूतों को नष्ट करने के लिए तत्काल रिसॉर्ट पर जेसीबी चलाने का आदेश देने वाली विधायक रेणु बिष्ट और एसडीएम प्रमोद कुमार पर ही कोई कार्रवाई हुई। मुख्य आरोपी भाजपा नेता या उसके परिजन हैं, जांच में जिस वीआईपी का नाम आ रहा है वो आरएसएस और भाजपा का वरिष्ठ नेता है, ऐसे में धामी सरकार के पास इस मामले की जांच का नैतिक साहस ही नहीं है। जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की देखरेख में करवाई जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री पूरण सिंह रावत ने कहा कि भाजपा लोगों की धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर चुनाव जीतती हैं और अगले पांच साल निरंकुश राज करती है। फिर से जब चुनाव आते हैं तो धार्मिक मुद्दे छेड़ कर लोगों में घृणा और द्वेष पैदा कर के राजनीतिक रोटियां सेकती है। इस आड़ में अंकिता को न्याय, भूकानून जैसे अहम मुद्दे गौण हो जाते हैं। अब लोग भाजपा का असली चरित्र समझ चुके हैं और भाजपा की ये काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ने वाली। कांग्रेस इस मुद्दे को उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव मनीष नागपाल, महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला थापा ,मंजू त्रिपाठी, जगदीश धीमान, अनूप कपूर,
अभिषेक तिवारी ,सलमान, वीरेंद्र पवार, भूपेंद्र नेगी, अनिल शर्मा, वकार अहमद, मोहम्मद दानिश, राहुल तलवार, अमनदीप सिंह, सुनील, राजेश पुंडीर, मरगूब आलम, मुकीम अहमद, रिपु दमन, आदर्श सूद, मुकेश रेगमी ,शहजाद अंसारी ,हेमंत उप्रेती ,अवधेश कथेरिया .परवीन कश्यप ,शकील ,रामबाबू ,मनीष गर्ग ,प्रवीण भारद्वाज ,मुस्लिम अंसारी ,मोहम्मद इस्लाम ,मोहम्मद वसीम , मोहम्मद फैजल ,गोपाल दास ,चुन्नीलाल ,मुंशी राम ,नवीन कुमार ,आदि उपस्थित थे।

मंदिर समिति एसडीआरएफ तथा आईटीबीपी का स्वच्छता अभियान

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IMG 20240108 WA0083श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ के शीर्ष पर ध्वज चढ़ाया
मंदिर समिति, एसडीआएफ एवं आईटीबीपी ने चलाया स्वच्छता अभियान।

जोशीमठ/ गोपेश्वर: 9 जनवरी। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) ने श्री नृसिंह मंदिर के शीर्ष छतरी के निकट एसडीआरएफ के सहयोग से श्री नृसिंह बदरी का ध्वज चढ़ाया।
साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल एवं श्री नृसिंह मंदिर के साथ मंदिर परिसर में एसडीआरएफ तथा आईटीबीपी प्रथम वाहिनी जोशीमठ के सहयोग से दो दिवसीय स्वच्छता अभियान चलाया गया।
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय के निर्देश पर भगवान राम जी के मंदिर अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर मंदिर समिति के मंदिरों में स्वच्छता अभियान चलाने तथा पूजा -अर्चना हेतु मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने आदेश जारी किये है
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भगवान राम जी के मंदिर की अयोध्या में 22 जनवरी को मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आदि गुरू शंकराचार्य गद्दी स्थल,श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ तथा श्री उद्धव जी तथा श्री कुबेर जी के शीतकालीन निवास योग बदरी पांडुकेश्वर में भी तैयारियां शुरू हो गयी है इस क्रम में मंदिर समिति ने सोमवार को एसडीआरएफ के सहयोग से श्री नृसिंह मंदिर के शीर्ष पर नया ध्वज चढाया तथा स्वच्छता अभियान भी चला आज मंगलवार को भारत तिब्बत सीमा पुलिस ने मंदिर के दीवारों पर सीढ़ियों तथा रस्सियों से चढ़कर स्वच्छता अभियान चलाया।बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार तथा सदस्य वीरेंद्र असवाल ने एसडीआर एफ एवं आईटीबीपी का आभार जताया।

आधे अधूरे मंदिर में भगवान को स्थापित करना न्यायोचित और धर्म सम्मत नहीं है: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का वक्तव्य: देखें वीडियो

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09 जनवरी 24:

शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज – “हम धर्म शास्त्र के अनुसार बात करते हैं और सनातनियों को इसी पर चलने को कहते हैं”।

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज का भ्रामक वक्तव्य चलाया जा रहा है, वीडियो देखें ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरू शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महराज ने क्या कहा

“हम प्रधानमंत्री मोदी के विरोधी नहीं बल्कि उनके हितैषी हैं “।

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने कहा है कि यदि राम मंदिर रामानंद संप्रदाय का है तो मंदिर संप्रदाय को सौंप देना चाहिए। इसमें पूरे संत समाज को कोई आपत्ति नहीं होगी। कहा कि चंपत राय सहित सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के विरोधी नहीं है , बल्कि उनके हितेषी हैं और इसलिए उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वे शास्त्र सम्मत कार्य करें । विरोधी तो वे हैं जो उनसे अशास्त्रीय कार्य करवाकर उनके अहित का मार्ग खोल रहे हैं।

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने स्पष्ट करते हुए कहा कि शंकराचार्यों का अपना कोई भी मंदिर नहीं होता है। वे केवल धर्म व्यवस्था देते हैं। चंपतराय को जानना चाहिये कि शंकराचार्य और रामानन्द सम्प्रदाय के धर्मशास्त्र अलग अलग नहीं होते । उन्होंने सवाल किया कि वे बताएं कि क्या रामानंद संप्रदाय अधूरे मंदिर में प्रतिष्ठा को शास्त्र सम्मत मानता है ?

शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने चंपत राय के बयान पर कहा कि पहले उपेक्षा और अब प्रेम उमड़ रहा है। रामानंद संप्रदाय के प्रति उनकी आस्था को इस बात से समझा जा सकता है कि रामानन्द संप्रदाय निर्मोही अखाडे के एक सदस्य को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रखा गया और दूसरे सदस्य को नाम मात्र का अध्यक्ष बनाकर बैठक के पहले दिन ही अभिलेखों में उनके हस्ताक्षर करने के अधिकार को भी छीन लिया गया था यह सर्वविदित तथ्य है।

ज्ञातव्य है कि यह बयान
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ने राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपतराय के उस बयान के बाद दिए हैं जिसमें उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘राम मंदिर रामानंद संप्रदाय से जुड़े लोगों का है, शंकराचार्य शैव और शाक्त का नहीं’ ‘
इस पर अपनी बात रखते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा यदि राम मंदिर रामानंद संप्रदाय से जुड़े लोगों का है तो इस मंदिर को प्रतिष्ठा से पूर्व रामानंद संप्रदाय से जुड़े लोगों को दे दिया जाना चाहिए। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी । इसके अलावा उन्होंने कहा कि चंपतराय के अलावा सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा भी देना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि चारों पीठों के शंकराचायों को कोई राग द्वेष नहीं है लेकिन उनका मानना है कि शास्त्र सम्मत विधि का पालन किये बिना मूर्ति स्थापित किया जाना सनातनी जनता के लिये अनिष्टकारक होने के कारण उचित नहीं है।

कहा कि पूर्व में तत्कालीन परिस्थितियां ऐसी थीं कि बिना मुहूर्त के ही राम जी की मूर्ति को सन 1992 में स्थापित किया गया था। लेकिन वर्तमान समय में स्थितियां अनुकूल है। ऐसे में उचित मुहूर्त और समय का इंतजार किया जाना चाहिए।

कहा कि आधे अधूरे मंदिर में भगवान को स्थापित किया जाना न्यायोचित और धर्म संम्मत नहीं है। शंकराचार्य ने कहा कि निर्मोही अखाड़े को पूजा का अधिकार दिए जाने के साथ ही रामानंद संप्रदाय को मंदिर व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए ।

देहरादून: हिमगिरी महोत्सव का मुख्य मंत्री ने किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय ‘हिमगिरी महोत्सव-2024″ का शुभारम्भ

देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है – मुख्य मंत्री

देहरादून: 7 जनवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बी.आर. अम्बेडकर स्टेडियम कौलागढ़ रोड देहरादून में ओएनजीसी एवं उत्तराखंड सरकार के सहयोग से पर्वतीय सरोकारों के लिए समर्पित” हिमगिरि सोसाइटी” द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘हिमगिरी महोत्सव-2024″ का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में डॉ॰ दिनेश कुमार असवाल, चित्रकला के क्षेत्र में प्रो. शेखर चंद्र जोशी तथा पर्यावरण के क्षेत्र में श्री सचिदानंद भारती को “हिमगिरि गौरव सम्मान-2024″ तथा हिमगिरि के संस्थापक सदस्य दिनेश कुमार पांडे को तेल एवं गैस अन्वेषण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिये लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने हिमगिरि महोत्सव सांस्कृतिक समागम के भव्य आयोजन के लिये आयोजकों के साथ हिमगिरि सम्मान और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित विभूतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ओएनजीसी के सेवानिवृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पंजीकृत हिमगिरी सामाजिक संस्था अपने समर्पण और सेवाओं के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र की समृद्धि, संस्कृति और विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है। ऐसे आयोजन हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान कर आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने तथा सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करते हैं। इससे हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच उपलब्ध होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है। संगठन चाहे वह सामाजिक, साहित्यिक हो या सांस्कृतिक उसमें बड़ी शक्ति होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं। हमें भारत को पुनः विश्व गुरू के पद पर आरूढ़ करने के लिए हर परिस्थिति को पार करना है। भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर छोटी बड़ी कोशिश करनी है। श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के ’विकल्प रहित संकल्प’ को प्राप्त करने हेतु अपने प्रयास निरंतर जारी रखने होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी का आह्वान किया कि हमारे ये सभी प्रयास तभी सफल होंगे जब हम सब आपसी सहयोग से राज्य के विकास में अपना योगदान देंगे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, अध्यक्ष उत्तराखण्ड श्रम संविदा बोर्ड कैलाश पंत, सोसाइटी के अध्यक्ष गोपाल जोशी, सचिव आशीष चौहान, संदीप सिंह बिष्ट, एल मोहन लखेड़ा, श्री देवेन्द्र बिष्ट, शोभा नेगी, श्री विजय मधुर, मनमोहन नेगी, श्री परमेश उनियाल, आर जे काव्या, मातबर सिंह असवाल आदि उपस्थित थे।

हरिद्वार: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुकुलम भूमि पूजन किया।

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भारत की नैतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए देश में और अधिक गुरुकुल हों स्थापित।

गुरुकुलों से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अग्रसर होने का किया आह्वान।

“हमारे ज्ञान का विशाल भंडार पूरी दुनिया को है समर्पित”- रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह

देहरादून: 7 जनवरी।केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  शनिवार को स्वामी दर्शनानन्द गुरूकुल महाविद्यालय, हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल एवं योग गुरु स्वामी रामदेव की उपस्थित में ’पतंजलि गुरूकुलम’ एवं ’आचार्यकुलम’ का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। कार्यक्रम देर शाम तक आयोजित हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश में गुरूकुलों में न केवल आधुनिक शिक्षा प्रदान की जाए, बल्कि भारत की नैतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए और अधिक गुरुकुल स्थापित किए जाने चाहिए। ऐसे समय में जब विदेशी संस्कृति के अनुकरण के कारण नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, युवाओं को नैतिक मूल्यों के समावेश के साथ आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए गुरुकुलों को यह दायित्व निभाने के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने गुरुकुलों से आज के निरंतर विकसित हो रहे समय के साथ तारतम्य बिठाते हुए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसी उभरती और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अग्रसर होने का आह्वान किया। “ऐसी प्रौद्योगिकियां विकसित करें जो देश को इस क्षेत्र में अग्रणी बनायें। उन्होंने कहा कि गुरुकुलों को अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए, आने वाले समय में वे एक बार फिर देश और उसकी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करें और भारत की नई पहचान बनें। रक्षा मंत्री ने कहा कि “लगभग 1,500 वर्ष पूर्व भारत में कई बड़े विश्वविद्यालय थे, जिनमें गुरुकुल परंपरा प्रचलित थी। उसके बाद, देश ने विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा उस व्यवस्था को लगभग नष्ट होते हुए देखा। बदले में, उन्होंने एक ऐसी प्रणाली विकसित की जो हमारे युवाओं को देश की सांस्कृतिक भावना के अनुरूप शिक्षा प्रदान नहीं करती थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि उस दौरान, स्वामी दर्शनानंद जी ने इस गुरुकुल की स्थापना की, जो तत्कालीन समय से हमारी युवा पीढ़ियों को ज्ञान और संस्कृति के माध्यम से दीप्तिमान कर रहा है।”

रक्षा मंत्री ने देश में सांस्कृतिक विकास में गुरुकुलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि “काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकालेश्वर धाम से राम मंदिर तक बुनियादी ढांचागत विकास से पता चलता है कि सरकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसके उत्थान की दिशा में कार्यरत है। यह विचार सांस्कृतिक संरक्षण से भी आगे जाता है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इस महान देश की संस्कृति पर गर्व कर सकें। उन्होंने कहा कि गुरुकुल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने प्राथमिक शिक्षा से ही युवाओं के मन में नैतिक मूल्यों को विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।

रक्षा मंत्री ने योग के महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे इसके हितकारी होने के कारण संपूर्ण विश्व ने प्राचीन भारतीय पद्धति का अनुसरण किया है। “भारत वसुधैव कुटुंबकम (विश्व एक परिवार) की अवधारणा का पालन करता है। हमारे ज्ञान का विशाल भंडार पूरी दुनिया को समर्पित है। अब 21 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि योग की इस प्रथा को, कभी केवल भारत तक ही सीमित माना जाता था, लेकिन अब इसे विश्व स्तर पर लोगों ने स्वीकार किया है, अब योग प्रणाली पूरे विश्व के लोगों के दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” भारतीय साहित्य में संस्कृत के महत्वपूर्ण स्थान की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने प्राचीन भारतीय भाषा को उसी तरह बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया जिस प्रकार से योग को लोगों के लिए सुलभ बनाया गया था।

 

स्वामी दर्शनानंद का प्राचीन गुरूकुल परंपरा को पुर्नजीर्वित करने में है बड़ा योगदान- मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती और स्वामी दर्शनानंद का प्राचीन गुरूकुल परंपरा को पुर्नजीर्वित करने में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा जिस प्रकार स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ के माध्यम से विश्व में योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने का कार्य किया, उसी प्रकार पतंजलि गुरूकुलम भी शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का द्योतक बनेगा। गुरूकुलम में बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार भी मिलेंगे, जिससे वो एक आदर्श नागरिक के रूप में समाज में अपना योगदान दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुकुल में गुरु अपने छात्रों को अपना कुलवाहक मानकर उन्हें तैयार करते हैं तथा शिक्षित कर उन्हें आदर्श मनुष्य बनाने का काम करते हैं। भविष्य में पतंजलि गुुरुकुलम् रूपी गंगोत्री से निकले छात्र भारतीय शिक्षा पद्धति की धर्म ध्वजा को चारों ओर फहराने का कार्य करेंगे। व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश में अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बन रहा है। जिसके साक्षी हम सभी 22 जनवरी को बनेंगे। काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के भव्य कोरिडोर, उज्जैन में महाकाललोक कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का सौंदर्यीकरण हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने राज्य हित में ऐतिहासिक फैसले लेते हुए उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है। देवभूमि में पहली बार अतिक्रमण के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए। इसके साथ ही भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा अब हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सात प्रमुख नगरियों में से मध्य प्रदेश की अवन्तिका नगरी तथा यहां की मायापुरी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह श्रीकृष्ण की धरा है। यहां आचार्य संदीपनी के आश्रम में श्रीकृष्ण ने 64 कला तथा 14 विद्याओं का अध्ययन किया था। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुये कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने योग गुरू स्वामी रामदेव से अपेक्षा की कि इस गुरूकुलम को जल्द से जल्द तैयार करने के साथ ही ऐसा ही गुरूकुलम मध्य प्रदेश में भी स्थापित करने का प्रयास करें, जिसके लिये मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा।

कार्यक्रम में केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एम0पी0 सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। योग गुरू स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने भारतीय संस्कृति, गुरूकुलम एवं आचार्यकुलम के इतिहास आदि की जानकारी दी।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री व नगर विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, बालकनाथ महाराज, स्वामी परमानन्द, ज्ञानदेव, राजीव, महन्त रविन्द्रपुरी, स्वामी हरिचेतनानन्द, रूड़की विधायक पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, कुलाधिपति डॉ0 सत्यपाल सिंह, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।