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मुख्यमंत्री ने सुनी प्रधानमंत्री के मन की बात

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मुख्यमंत्री ने सुनी प्रधानमंत्री की मन की बात।

देहरादून 31 दिसंबर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रेमनगर, सुद्धोवाला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 108वां संस्करण सुना। इस अवसर पर उन्होंने लेखक हरि सिंह बिष्ट द्वारा लिखी गई पुस्तक ’मन की बात-सकारात्मक संवाद से सशक्त भारत’ का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 75वें संस्करण से 99वें संस्करण तक विस्तार से वर्णन किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने हमेशा देश वासियों को जोड़ने और समाज में बेहतर कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी किया है। विभिन्न क्षेत्रों में शोध और अनुसंधान के साथ विशिष्ट कार्य करने वालों को इस कार्यक्रम के माध्यम से अलग पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने देशवासियों को जोड़ने और समाज सेवा से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए 100 से अधिक बार मन की बात साझा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का रिश्ता है। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। केदारनाथ का पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य तेजी से हुआ है। राज्य में अनेक परियोजनाओं पर कार्य चल रहे है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष भाजपा देहरादून ग्रामीण मीता सिंह, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेन्द्र भसीन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

खेल के मैदान से: एशियाई क्रिकेट में पाक का हुआ बुरा हाल, बांग्लादेश और अफगान चमके

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• दिव्य नौटियाल 

31 दिसंबर: खेल के मैदान से

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एशियाई क्रिकेट में पाक का हुआ बुरा हाल…बांग्लादेश और अफगान चमके

एशिया की मजबूत टीम कही जाने वाली पाकिस्तानी टीम इस वक्त काफी बुरे दौर से गुजर रही है। विश्व कप में भी उसका प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा। इतना ही नहीं खिलाडिय़ों का आपसी विवाद इस टीम का बेड़ा गर्क कर रहा है। बाबर आजम को कप्तानी से हटा दिया गया और नये खिलाड़ी शान मसूद को पाक टीम की कमान सौंपी गई जबकि उधर पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड में काफी बदलाव किया गया है। टीम में युवा खिलाडिय़ों की भरमार है लेकिन मैदान पर अभी तक इन युवा खिलाडिय़ों का जोश देखने को नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई पाकिस्तानी टीम वहां की तेज पिचों के आगे कमजोर साबित हुई है। एमसीजी टेस्ट में उसे हार का मुंह देखना पड़ा जबकि बॉक्सिंग डे टेस्ट में उसको एक बार फिर पराजय झेलनी पड़ी।

एक वक्त था जब एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक थी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम। यहां के तेज गेंदबाज दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए बड़ा सिरदर्द हुआ करते थे लेकिन मौजूदा वक्त में पाकिस्तानी टीम अब बेहद कमजोर हो चुकी है। कंगारुओं ने पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में 79 रनों से विजय हासिल की।  317 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम खेल के चौथे दिन (29 दिसंबर) 237 रनों पर ढेर हो गई। ये हार काफी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि पाकिस्तानी टीम की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर यह लगातार 16वीं हार रही। इतना ही नहीं पाकिस्तानी टीम ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 28 साल से कोई टेस्ट मैच जीत नहीं है। पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर आखिरी टेस्ट जीत का स्वाद 1995 में चखा था जब वसीम अकरम की कप्तानी में पाकिस्तान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को सिडनी टेस्ट में 74 रनों से पराजित किया था। पाकिस्तानी टीम की लगातार हार से एशिया क्रिकेट इसका असर देखने को मिल रहा है।

दूसरी तरफ बांग्लादेश जैसी टीम भले ही कीवियों के खिलाफ सीरीज न जीत पा रही हो लेकिन उसने अभी तक शानदार क्रिकेट खेला है। न्यूजीलैंड दौरे पर बांग्लादेश ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज बराबर कर साबित कर दिया उसकी नई टीम एशियाई क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए तैयार है तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान क्रिकेट भी बेहतर क्रिकेट खेलता हुआ नजर आ रहा है। उसने विश्व कप में कई चौंकाने वाली जीत हासिल करी थी। अफगानिस्तान जैसा देश इस वक्त काफी उठापटक के दौर से गुजर रहा है लेकिन क्रिकेट की दुनिया में अफगानिस्तान एक अलग मुकाम बना रहा है। पाकिस्तान को इन टीमों से सीखना चाहिए।

ऊखीमठ पहुंची चारधाम तीर्थ यात्रा

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ऊखीमठ पहुँची शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा

30 दिसम्बर 2023 ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग 
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज द्वारा आरम्भ की गई ‘शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा’  का दल आज तीसरे पड़ाव ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचा । यात्रा दल के पहुंचने पर तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय लोगों एवम श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया । यहां पहुंचने पर शंकराचार्य जी ने भगवान केदारनाथ एवं मध्यमेश्वर की शीतकालीन पूजा स्थल में पूजा अर्चना की।

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ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य ने कहा कि उत्तराखंड स्थित चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की पूजा निरंतर चलती रहती है । केवल पूजा स्थलों में परिवर्तन होता है । उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं को यह संदेश देने के उद्देश्य से ही उत्तराखंड स्थित चार धामों की शीतकालीन पूजा स्थलों की यात्रा की जा रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहितों के द्वारा ही इन धर्मों का व्यापक तौर से प्रचार-प्रसार किया गया और शीतकालीन यात्रा के प्रचार प्रसार के लिए भी उन लोगों को प्रयास करना चाहिए ।

इससे पहले श्री केदार सभा केदारनाथ धाम की तीर्थ पुरोहितों के द्वारा शंकराचार्य जी का वैदिक मंत्र उपचार के बीच पादुका पूजन किया गया केदार सभा की ओर से ज्योतिष्पीठ की शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ को अभिनंदन पत्र ही प्रेषित किया गया।

इस अवसर पर बनारस से आए आचार्यों की ने भगवान केदारनाथ जी की आरती की ।

ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि शीतकालीन पूजा स्थलों की यात्रा के अंतिम पड़ाव में रविवार को तीर्थ यात्री दल ज्योतिर्मठ पहुंचेगा । जहां ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के पावन सानिध्य में भगवान नृसिंह की पूजा अर्चना, पांडुकेश्वर स्थित उद्धव जी और कुबेर जी की पूजा अर्चना के बाद यात्रा संपन्न होगी ।

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इस अवसर पर इस अवसर पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती , केदारनाथ मंदिर के कार्याधिकारी रमेश चंद तिवारी, ज्योतिर्मठ मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, चार धाम महा पंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी, विनोद शुक्ला, केदार सभा के मीडिया प्रभारी पंकज शुक्ला, अंकित सेमवाल, विष्णुकांत तिवारी, प्रवीण तिवारी, पूजारी शिव शंकर, यमुनोत्री धाम के रावल अनुरूद उनियाल , प्रकाश रावत, उमेश सती आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक संपन्न

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उत्तराखंड पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक संपन्न

  • पत्रकारों को मुख्यमंत्री पेंशन सम्मान योजना का लाभ।

देहरादून 30 दिसंबर
शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर सूचना निदेशालय, रिंग रोड देहरादून में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में पत्रकार कल्याण कोष समिति की बैठक संपन्न हुई।

इस दौरान बैठक में कुल 5 पत्रकारों के आश्रितों को पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) से आर्थिक सहायता देने हेतु समिति ने सहमति जताई। साथ ही “मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना” के अन्तर्गत 3 वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन देने पर सहमति बनी है।

उल्लेखनीय है कि पत्रकार एवं मृतक पत्रकार के आश्रितो हेतु पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) की स्थापना वर्ष 2008 में की गई। वर्तमान में पत्रकार कल्याण कोष (कारपस फंड) के मूलधन ₹7 करोड से अर्जित ब्याज के रूप में लगभग ₹24 लाख की धनराशि एंव ₹ 1 करोड़ 25 लाख की एफ.डी के रुप में जमा है। कारपस फण्ड के मूलधन से अर्जित ब्याज की धनराशि से ही पत्रकार एंव उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता तथा वर्तमान में प्रदेश के 15 पात्र पत्रकारों को प्रतिमाह ₹ 8-8 हजार पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।

इस दौरान समिति के सदस्यों के रूप में अपर निदेशक सूचना आशीष कुमार त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक शशि सिंह, डॉ. बी.डी.शर्मा, दिनेश जोशी, श्रीमती निशा रस्तोगी, दीन दयाल मित्तल, उपस्थित रहे।

मुंबई पारबंदर परियोजना की लागत में 2192 करोड़ रुपए की वृद्धि

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30 दिसंबर, मुंबई:

मुंबई पारबंदर परियोजना की लागत में 2192 करोड़ रुपए की वृद्धि

अभी भी 100 फीसदी पूरा नहीं हुआ है

ठेकेदार 2 एक्सटेंशन से चूक गए

मुंबई शहर में यातायात की भीड़ को कम करने और नवी मुंबई में क्षेत्र को विकसित करने के लिए निर्माणधीन मुंबई पारबंदर परियोजना की लागत में 2192 करोड़ रुपए की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एमएमआरडीए प्रशासन ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को सूचित किया है कि 2 बार समय सीमा का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों पर अब तक कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है और 100 प्रतिशत काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने एमएमआरडीए प्रशासन से मुंबई पारबंदर परियोजना के बारे में पूछा था। एमएमआरडीए प्रशासन द्वारा अनिल गलगली को उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ में, परियोजना के पैकेज 1, 2 और 3 की समग्र भौतिक प्रगति – 98.92 प्रतिशत है जबकि पैकेज 4 की भौतिक प्रगति 82 प्रतिशत है। औसत भौतिक प्रगति 98.41 प्रतिशत है। इस परियोजना के दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। अनिल गलगली के मुताबिक समय पर काम पूरा नहीं होने से लागत बढ़ गई है, यह ठेकेदारों की गलती है। बढ़ी हुई रकम चुकाने के बजाय अलग से जुर्माना लगाना ज्यादा उचित होगा।

लागत में 2192 करोड़ की वृद्धि

मुख्य परियोजना जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) से ऋण सहायता से कार्यान्वित की जा रही है। पैकेज के तहत 1 लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड IHI इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स कंपनी लिमिटेड कंसोर्टियम का अनुबंध मूल्य था 7637.30 करोड़। इसमें अब 999.67 करोड़ की बढ़ोतरी हो गई है। पैकेज-2 के तहत देवू इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड और टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड जेवी का कॉन्ट्रैक्ट प्राइस 5612.61 करोड़ था, जो अब 936.45 करोड़ बढ़ गया है। पैकेज के तहत 3 के तहत लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड का अनुबंध मूल्य 1013.79 करोड़ था। अब इसमें 232.37 करोड़ का इजाफा हो गया है। पैकेज 4 के तहत स्ट्रोबैग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सेफ्टी सॉल्यूशंस जीएमबीएच जेवी का अनुबंध मूल्य 449 करोड़ था। अब इसमें 23.24 करोड़ का इजाफा हुआ है। मूल खर्च 14712.70 करोड़ था, अब यह बढ़कर 16904.43 करोड़ हो गया है। अब इसमें 2192.73 करोड़ खर्च का कुल इजाफा हुआ है।

ठेकेदार 2 एक्सटेंशन से चूक गए

ठेकेदारों ने 2 एक्सटेंशन मिस कर दिए हैं। काम 22 सितंबर, 2022 को पूरा होने की उम्मीद थी। एमएमआरडीए प्रशासन ने पहला विस्तार 22 सितंबर 2023 तक दिया। इसके बाद 15 दिसंबर 2023 दूसरा विस्तार है। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है।

शीतकाल में देवदर्शन से दस गुना अधिक पुण्य मिलेगा: शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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शीतकालीन चार धाम तीर्थ यात्रा 

29 दिसंबर 23, मुखवा गांव, उत्तरकाशी:

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“शीतकाल में देव दर्शन से दस गुणा अधिक पुण्य मिलेगा”: ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’

“आध्यात्मिक आनन्द की भूमि में जब हम कष्ट सहकर तीर्थ यात्रा करते हैं तो वो भौतिक रूप से शायद कठिन हो लेकिन उस कठिनाई से की गई यात्रा का परिणाम बहुत ही अधिक होकर हमें प्राप्त होता है । उसी अद्भुत आनन्द से ओतप्रोत है ये शीतकालीन यात्रा जहां पर प्रकृति और परमेश्वर प्रत्यक्ष दर्शन दे रहे हैं इस शीतकाल में “।

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शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा कर रहे  ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज यात्रा के तीसरे दिन दूसरा पडाव गंगा जी की शीतकालीन पूजा स्थली शीत गंगोत्री (मुखीमठ) मुखवा गांव में 11 बजे पहुंची जहां पर स्थानीय पुरोहितों, आचार्यों द्वारा भव्य स्वागत किया गया । पहुंचते ही गर्भगृह में गंगा मैया की महापूजा शंकराचार्य जी महाराज ने सम्पन्न की । विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के माध्यम से भगवती की उपासना की, फिर मंचासीन शंकराचार्य जी महाराज का आशीर्वचन सभी भक्तों को प्राप्त हुआ । क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान ने शंकराचार्य जी के चरण पादुकापूजन किए , गंगोत्री मन्दिर के सचिव श्री सुरेश सेमवाल जी ने अभिनन्दन पत्र समर्पित किए ।

ब्रज भूमि मथुरा में उत्तराखंड का सम्मान हुआ

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गोवर्धन मथुरा मे उत्तराखंड को सम्मान मिला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रज की पावन भूमि पर स्वयं के सम्मान को बताया देवभूमि की सवा करोड़ जनता का सम्मान।

मथुरा( उप्र) 29 दिसंबर। मुख्यंमत्री पुष्कर सिंह धामी के सम्मान में शुक्रवार को गुरू कृपा अतिथि गृह गोवर्धन मथुरा में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। ब्रज भूमि और ब्रज के लोगों का आभार वक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हे जो सम्मान मिला है यह सिर्फ उनका सम्मान नहीं है बल्कि ब्रज की भूमि पर यह सम्मान देवभूमि की सवा करोड़ जनता का सम्मान है।
मुख्यंमत्री ने भगवान श्री कृष्ण, राधा रानी और ब्रज के सभी संतों को नमन करते हुए कहा कि मथुरा ’भक्ति आंदोलन’ की विभिन्न धाराओं का संगम स्थल रहा है। आज इस भक्ति यज्ञ को भगवान श्री कृष्ण के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश पहली बार गुलामी की मानसिकता से बाहर आया है। आज भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर बन रहा है, जिसके साक्षी हम सभी 22 जनवरी को बनेंगे। इस दिशा में प्रधानमंत्री शनिवार को अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा भव्य रेलवे स्टेशन के साथ ही अन्य कई योजनाओं का लोकार्पण करने वाले हैं। रामलला हम आयेंगे मंदिर वहीं बनायेंगे की कामना पूर्ण हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई गाथा लिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले न तो राम मंदिर बना पाते, न धारा 370 हटा पाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। यह प्रधानमंत्री मोदी की ही क्षमता है जो बिना झुके, थके, व डिगे अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते ही रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से ही वे भी बिना थके, बिना डिगे उत्तराखण्ड की जनता की सेवा कर रहे हैं। उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, इसके साथ ही हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी प्रारंभ की। यही नहीं अब हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तराखण्ड देवभूमि है, इस देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इस दिशा में कदम उठाये गये हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विकास और प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। देश में 2014 से 2019 का समय आवश्यकताओं को पूरा करने का था, जबकि 2019 से 2024 का समय आकांक्षाओं की पूर्ति करने का कालखंड है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में 2024 से 2029 का समय भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। अपने इंग्लैंड व अन्य देशों के भ्रमण के दौरान उन्होंने देश के मान व सम्मान को स्वयं भी महसूस किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की ख्याति का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है, हमारा भी यह कर्तव्य बनता है कि भारत की इस विकास यात्रा में हम भी सहभागी बनें। आज ’’प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’’ के तहत गरीबों को निःशुल्क राशन, ’’प्रधानमंत्री आवास योजना’’ के अंतर्गत गरीबों को पक्के मकान, ’’आयुष्मान भारत योजना’’ के तहत गरीबों को पांच लाख रूपये तक का निःशुल्क इलाज का लाभ तथा लाखों किसानों को ’’प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’’ के माध्यम से सम्मान राशि सीधे बैंक खातों में मिल रही है यही नहीं ऐसी कई अन्य योजनाएं हैं, जिनका लाभ आम आदमी को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर तथा उज्जैन में महाकाललोक के भव्य कॉरिडोर के निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का सौंदर्यीकरण होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज हमारे मंदिरों का ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति का भी संरक्षण और संवर्धन हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप भव्यता के साथ श्री केदारनाथ मंदिर क्षेत्र का भव्य पुनर्निर्माण, श्री बदरीनाथ का मास्टर प्लान के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। प्रधानमंत्री के हाल ही में 18 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश, पार्वती कुण्ड की यात्रा से भी उत्तराखण्ड की पहचान देश व दुनिया में बढ़ी है। इस वर्ष उत्तराखण्ड के चारधाम यात्रा में 56 लाख यात्री शामिल रहे। यह राज्य के धार्मिक पर्यटन के लिये निश्चित रूप से शुभ संकेत हैं।
इस अवसर पर विधायक गोवर्धन, मथुरा, मेघश्याम, प्रभारी भाजपा मथुरा, अशोक कटारिया, महानगर अध्यक्ष भाजपा घनश्याम लोदी, महानगर उपाध्यक्ष भाजपा श्याम सिंघल, अनेक जन प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मंदिरों का संचालन धर्माचार्यों के हाथ में होना चाहिए : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज

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शीतकालीन चार धाम तीर्थ यात्रा

जगतगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद महाराज की ऐतिहासिक ‘शीतकालीन चार धाम तीर्थ यात्रा’ आज मां गंगा के शीतकलीन पूजा स्थली मुखवा गांव, उत्तरकाशी पहुंच गई है।

मुखवा गांव पहुंचते ही जगतगुरू शंकराचार्य जी का भव्य स्वागत हुआ। 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज जी ने कहा कि “सरकारों को मंदिरों का संचालन धर्माचार्यों के हाथ सौंपना चाहिए। धर्माचार्य सनातन धर्म का अध्ययन करते हैं, उसका पालन करते हैं और उसे जीते हैं। मंदिरों के संचालन में धर्म का ज्ञान होना आवश्यक है। अधिकारी आईएएस, पीसीएस जनरल नॉलेज की पढ़ाई करते हैं, उनका यह क्षेत्र नहीं है, वे किसी क्षेत्र के एक्सपर्ट नहीं होते हैं, किसी असामान्य परिस्थिति में कैसे तुरंत मैनेजमेंट करना है उसमें किसकी कितनी बुद्धि चलती है और जेनरल नॉलेज का ज्ञान ऐसे व्यक्ति आईएएस, पीसीएस बनते हैं। वहीं सनातन धर्म की पढ़ाई करने वाला एक बालक भी जानता है की गर्भगृह में प्रवेश बिना स्नान किए नहीं करते हैं। इसलिए सरकारों को चाहिए कि सनातन धर्म का ज्ञान जिसे है, जो उसका पालन करता है उसे जीता ऐसे धर्माचार्यों को मंदिरों का संचालन सौंपना चाहिए”

 

 

खेल के मैदान से : सेंचुरियन टैस्ट में हार की क्या रही वजह

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 • दिव्य नौटियाल 

 खेल के मैदान से 

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सेंचुरियन टेस्ट में हार की क्या रही वजह : वन डे में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका की तेज पिच पर फिसड्डी साबित हुई है। सेंचुरियन टेस्ट में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा है। महज तीन दिनों में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सरेंडर कर दिया।

किसी ने नहीं सोचा था कि वन डे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचने वाली टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में इतना खराब प्रदर्शन करेगी। सेंचुरियन टेस्ट में भारतीय टीम को एक पारी और 32 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस हार से एक बार फिर भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने के सपने को और आगे बढ़ा दिया है।

हार की स्क्रिप्ट तो मैच की पहली पारी में लिख दी गई थी जब भारतीय टीम सिर्फ 245 रन के स्कोर पर आउट हो गई थी, तब लग रहा था शायद भारतीय गेंदबाज करिश्मा करेंगे और दक्षिण अफ्रीका को कम स्कोर पर समेट देंगे लेकिन हुआ इसका उलट और साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 408 रन स्कोर बनाकर टीम इंडिया पर 163 रनों की बढ़त हासिल कर ली।

ऐसे में दूसरी पारी में सबको उम्मीद थी कि रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली अपने बल्ले से कमाल कर टीम इंडिया को मैच में वापसी करा देंगे लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी की तरह यहां भी निराश किया। पहली पारी में केएल राहुल ने शतक लगाया था और दूसरी पारी में विराट अकेले लड़ते रहे। विराट ने 76 रन की पारी खेली।

भारत की हार का सबसे बड़ा कारण रही बल्लेबाजी। टॉप ऑडर पूरी तरह से फ्लॉप रहा। भारतीय टीम के दोनों पारियों के  स्कोर बोर्ड पर नजर दौड़ाई जाये तो पहली पारी में केएल राहुल ने सैकड़ा जड़ा तो दूसरी पारी में विराट ने अर्धशतक लगाया। इन दोनों को छोड़ दिया जाये तो अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया। पहली पारी में छह बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सके जबकि दूसरी पारी में नौ बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर अटके रहे। हार की वजह बल्लेबाजों की नाकामी रही। विराट के साथ केवल गिल ने 26 रन बनाकर दोहरे अंक तक पहुंचे।

वहीं गेंदबाजी की बात करें तो यहां पर टीम इंडिया की खराब गेंदबाजी भी हार की बड़ी वजह बनी। मोहम्मद शमी और जडेजा के न होने से टीम इंडिया का गेंदबाजी अटैक बेहद कमजोर नजर आया। प्रसिद्ध कृष्णा अपना डेब्यू टेस्ट खेल रहे थे लेकिन वो इसे याद नहीं रखना चाहेंगे क्योंकि उन्होंने 20 ओवर में कुल 93 रन दिए और विकेट सिर्फ एक हासिल किया जबकि  शार्दुल ठाकुर का भी यही हाल रहा।  शार्दुल ठाकुर ने 19 ओवरों में 101 रन खर्च करते हुए सफलता एक हासिल की। कुल मिलाकर भारतीय टीम का कमजोर बैटिंग लाइनअप के साथ-साथ गेंदबाजों के कम अनुभवी होने की वजह से भारतीय टीम को सेंचुरियन टेस्ट में हार झेलनी पड़ी। अब दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया को पहले से बेहतर रणनीति के साथ उतरना पड़ेगा नहीं तो सीरीज भी हाथ से निकल जाएगी।

 

उत्तराखंड में पर्यटकों की सुविधा हेतु बनेगी ट्रेकिंग पालिसी

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*एसीएस राधा रतूड़ी ने पर्यटन को सुव्यवस्थित करने हेतु उत्तराखण्ड में ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन को पुख्ता करने के निर्देश दिए*

पर्यटको की सुविधा हेतु तत्काल प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी एवं एसओपी बनाने की हिदायत

 

देहरादून 28 दिसंबर।राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को गम्भीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को पुख्ता करने, प्रदेश में एक प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी या एसओपी बनाने के साथ ही डीएफओ को ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ अनिवार्यतः सांझा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी इस सम्बन्ध में डीएफओ, पर्यटन विभाग तथा ईको टूरिज्म से समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि समय पर ट्रैकिंग एसओपी प्रभावी न होने की दशा में प्रदेश में आने वाले ट्रैकर्स की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही की घटना के लिए वन विभाग को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा एवं कार्यवाही की जाएगी। एसीएस ने वन विभाग को सख्त हिदायत दी है कि ट्रैकिंग एजेंसियों के लिए भी एक ठोस एसओपी के साथ ही ट्रैकर्स के लिए पुख्ता सुरक्षा मापदण्ड, बीमा, प्रशिक्षित गाइड्स, स्नो इक्वपमेन्ट्स, हेल्थ सर्टिफिकेट, बेसिक मेडिसिन की तत्काल व्यवस्था को लागू किया जाए।

सचिवालय में प्रदेश में शीत लहर के सम्बन्ध में प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से निर्माणधीन स्थलों में रहने वाले जरूरतमंदों श्रमिकों के शीत लहर से बचाव एवं राहत के लिए श्रम विभाग को तत्काल सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घने कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत एसीएस ने हरिद्वार तथा उधमसिंह नगर जिलों में ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग कों विशेषरूप से अलर्ट मोड पर रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही उन्होंने फायर डिपार्टमेंट को आग की घटनाओं को रोकने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए दान किये जाने वाले गर्म कपड़ों को एकत्रित एवं वितरित करने के लिए एसीएस ने एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश आज की बैठक में दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग को सड़कों की कनेक्टिविटी बनाए रखने, जेसीबी की व्यवस्था करने, सड़कों से पाला हटाने के लिए परम्परागत उपायों के साथ नए समाधानों पर कार्य करने निर्देश दिए गए। इस दौरान सभी जनपदों को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था एवं कम्बलों के वितरण, अस्थाई रैनबसेरो में बिजली, पानी, बिस्तर एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करने, इस सम्बन्ध में पृथक से नोडल अधिकारी नामित करने, सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईधन की जनवरी माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण करने, चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।