खेल के मैदान से : सेंचुरियन टैस्ट में हार की क्या रही वजह

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 • दिव्य नौटियाल 

 खेल के मैदान से 

सेंचुरियन टेस्ट में हार की क्या रही वजह : वन डे में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका की तेज पिच पर फिसड्डी साबित हुई है। सेंचुरियन टेस्ट में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा है। महज तीन दिनों में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सरेंडर कर दिया।

किसी ने नहीं सोचा था कि वन डे विश्व कप के फाइनल तक पहुंचने वाली टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट में इतना खराब प्रदर्शन करेगी। सेंचुरियन टेस्ट में भारतीय टीम को एक पारी और 32 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस हार से एक बार फिर भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने के सपने को और आगे बढ़ा दिया है।

हार की स्क्रिप्ट तो मैच की पहली पारी में लिख दी गई थी जब भारतीय टीम सिर्फ 245 रन के स्कोर पर आउट हो गई थी, तब लग रहा था शायद भारतीय गेंदबाज करिश्मा करेंगे और दक्षिण अफ्रीका को कम स्कोर पर समेट देंगे लेकिन हुआ इसका उलट और साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 408 रन स्कोर बनाकर टीम इंडिया पर 163 रनों की बढ़त हासिल कर ली।

ऐसे में दूसरी पारी में सबको उम्मीद थी कि रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली अपने बल्ले से कमाल कर टीम इंडिया को मैच में वापसी करा देंगे लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी की तरह यहां भी निराश किया। पहली पारी में केएल राहुल ने शतक लगाया था और दूसरी पारी में विराट अकेले लड़ते रहे। विराट ने 76 रन की पारी खेली।

भारत की हार का सबसे बड़ा कारण रही बल्लेबाजी। टॉप ऑडर पूरी तरह से फ्लॉप रहा। भारतीय टीम के दोनों पारियों के  स्कोर बोर्ड पर नजर दौड़ाई जाये तो पहली पारी में केएल राहुल ने सैकड़ा जड़ा तो दूसरी पारी में विराट ने अर्धशतक लगाया। इन दोनों को छोड़ दिया जाये तो अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया। पहली पारी में छह बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सके जबकि दूसरी पारी में नौ बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर अटके रहे। हार की वजह बल्लेबाजों की नाकामी रही। विराट के साथ केवल गिल ने 26 रन बनाकर दोहरे अंक तक पहुंचे।

वहीं गेंदबाजी की बात करें तो यहां पर टीम इंडिया की खराब गेंदबाजी भी हार की बड़ी वजह बनी। मोहम्मद शमी और जडेजा के न होने से टीम इंडिया का गेंदबाजी अटैक बेहद कमजोर नजर आया। प्रसिद्ध कृष्णा अपना डेब्यू टेस्ट खेल रहे थे लेकिन वो इसे याद नहीं रखना चाहेंगे क्योंकि उन्होंने 20 ओवर में कुल 93 रन दिए और विकेट सिर्फ एक हासिल किया जबकि  शार्दुल ठाकुर का भी यही हाल रहा।  शार्दुल ठाकुर ने 19 ओवरों में 101 रन खर्च करते हुए सफलता एक हासिल की। कुल मिलाकर भारतीय टीम का कमजोर बैटिंग लाइनअप के साथ-साथ गेंदबाजों के कम अनुभवी होने की वजह से भारतीय टीम को सेंचुरियन टेस्ट में हार झेलनी पड़ी। अब दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया को पहले से बेहतर रणनीति के साथ उतरना पड़ेगा नहीं तो सीरीज भी हाथ से निकल जाएगी।