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नागपुर में भड़की हिंसा: दुकानों में तोड़फोड़, गाड़ियों में आग, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

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नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जहां महाल इलाके में दो गुटों के बीच झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद हंसपुरी इलाके में अज्ञात उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, वाहनों में आग लगा दी और पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल कदम उठाए और पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।

हंसपुरी में उपद्रव, गाड़ियों में लगाई आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात हंसपुरी इलाके में नकाबपोश उपद्रवियों ने अचानक हमला कर दिया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “एक टीम यहां आई, उनके चेहरे स्कार्फ से ढंके हुए थे। उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें थीं। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया, दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। उन्होंने 8-10 गाड़ियों में आग भी लगा दी।”

कांग्रेस सांसद ने की निंदा

दिल्ली में बोलते हुए कांग्रेस सांसद श्यामकुमार बर्वे ने इस हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “नागपुर में हिंदू-मुस्लिम झड़पें कभी नहीं हुईं, लेकिन अब इस तरह की कोशिशें की जा रही हैं। मैं दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। ऐसी घटनाओं के जरिए मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।”

स्थिति नियंत्रण में, उपद्रवियों की तलाश जारी

नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बयान जारी कर बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। उन्होंने कहा, “यह घटना रात 8 से 8:30 बजे के बीच हुई। हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। दो गाड़ियों में आग लगाई गई और पत्थरबाजी हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जा रही हैं।”

आयुक्त ने आगे कहा, “हमने धारा 144 लागू कर दी है, जिससे भीड़ जमा होने से रोका जा सके। नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।” उन्होंने यह भी बताया कि हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

नागपुर में बढ़ा सुरक्षा बंदोबस्त

हिंसा को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचें।

उत्तराखंड में IAS, IPS और PCS अधिकारियों के तबादले

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसके तहत कई IPS और PPS अधिकारियों के स्थानांतरण और नई नियुक्तियां की गई हैं।

IAS अधिकारियों के तबादले:

युगल किशोर पंत – सचिव भाषा की अतिरिक्त जिम्मेदारी

सोनिका – अपर सचिव नागरिक उड्डयन की अतिरिक्त जिम्मेदारी

विनीत कुमार – अपर सचिव नियोजन की जिम्मेदारी वापस

रीना जोशी – मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार

आनंद श्रीवास्तव – चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से हटाए गए, अब अपर सचिव कृषि

मनुज गोयल – ग्रामीण विकास एवं कृषि से हटाए गए, अब अपर सचिव सैनिक कल्याण और उच्च शिक्षा

हिमांशु खुराना – अपर सचिव वित्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी

अभिषेक रुहेला – अपर सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन

नितिका खंडेलवाल – ग्रामीण विकास व शहरी विकास निदेशक पद से हटाए गए, अब अपर सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी

गौरव कुमार – निदेशक, शहरी विकास

PCS अधिकारियों के तबादले:

निधि यादव – अपर सचिव कृषि की अतिरिक्त जिम्मेदारी

नंदन कुमार – नगर आयुक्त हरिद्वार, CDO चमोली से हटाए गए।

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IPS अधिकारियों के तबादले

रिद्धिम अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अरुण मोहन जोशी को एसडीआरएफ पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है।

योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक की जिम्मेदारी दी गई है।

जगदीश चंद्र को अपर पुलिस अधीक्षक, नैनीताल नियुक्त किया गया है।

लोकजीत सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात देहरादून की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरजीत सिंह पंवार को उप सेना नायक, 40वीं वाहिनी पीएसी से हटाकर उनको अपर पुलिस अधीक्षक, एटीसी/पीएसी, हरिद्वार की नई जिम्मेदारी दी गई है।

अरुणा भारती: उप सेनानायक, एटीसी/पीएसी हरिद्वार से अपर पुलिस अधीक्षक, जीआरपी के पद पर नियुक्त।

जगदीश चंद्र: अपर पुलिस अधीक्षक, मातृ उत्तराखंड उच्च न्यायालय सुरक्षा/नगर नैनीताल से अपर पुलिस अधीक्षक, नैनीताल बनाए गए।

लोकजीत सिंह: अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात हरिद्वार से अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात देहरादून स्थानांतरित।

स्वपन किशोर सिंह: उप सेनानायक, एसडीआरएफ से अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ के पद पर नियुक्त।

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यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे, और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

चमोली के इन अस्पतालों को SCI ने दी आधुनिक मशीनें, इलाज के नहीं काटने पड़ेंगे श्रीनगर और देहरादून के चक्कर

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गोपेश्वर। चमोली जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को एक नया आयाम मिला है। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर और उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में अब अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुविधा उपलब्ध होगी। शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत क्रिएटिव अटेम्प्ट इन रूरल डेवलपमेंट (CARD) संस्था के माध्यम से ये आधुनिक मशीनें अस्पतालों को प्रदान की गई हैं।

गोपेश्वर अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा

गोपेश्वर अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक मशीन की स्थापना से जिले के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब जटिल सर्जरी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक विकसित तकनीक है, जिससे ऑपरेशन कम दर्दनाक, कम समय में और अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है।

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कर्णप्रयाग अस्पताल में भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं

कर्णप्रयाग अस्पताल को भी तीन नई अत्याधुनिक मशीनें प्राप्त हुई हैं—एबीजी (ABG), सीबीसी (CBC) और ईसीजी (ECG)। इन उपकरणों से मरीजों की बेहतर जांच और इलाज संभव हो सकेगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुप्ता ने कहा, “इन आधुनिक उपकरणों से जिले के पिछड़े और अल्प आय वर्ग के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। अब मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी। साथ ही, चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा।”

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गोपेश्वर डॉ. धनिक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कर्णप्रयाग डॉ. पुरोहित, एससीआई प्रतिनिधि शिखा चौहान, कार्ड संस्था के प्रतिनिधि डॉ. कमलेश सिंह महर और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा।

उत्तराखंड में सरकारी अधिसूचनाओं में रहेगा विक्रम संवत का उल्लेख।

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उत्तराखंड:मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिसूचनाओं में विक्रम संवत एवं हिन्दू माह के उल्लेख के निर्देश दिए


देहरादून 17 मार्च।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में जारी होने वाली सरकारी अधिसूचनाओं, गजट नोटिफिकेशनों, उद्घाटन पट्टिकाओं एवं शिलान्यास शिलाओं में तिथि और वर्ष के साथ-साथ विक्रम संवत एवं हिन्दू माह (यथा फाल्गुन, कृष्ण पक्ष/शुक्ल पक्ष) का उल्लेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को आवश्यक आदेश तत्काल निर्गत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में जारी होने वाले सभी अधिसूचनाओ, शिलान्यास शिलाओं, उद्घाटन पट्टिकाओ में इन पारंपरिक समय-गणना मानकों का समावेश किया जा सके,मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रम संवत भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है।

संसद सत्र में हंगामा: राज्यसभा से विपक्ष का वॉकआउट

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नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों ने राज्यसभा में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर चर्चा की मांग की, जिसे सभापति ने खारिज कर दिया। इस पर विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर गए।

मतदाता सूची पर विपक्ष का हंगामा

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया था, लेकिन राज्यसभा अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले, टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी।

लोकसभा में उठा रेल टिकट का मुद्दा

लोकसभा में टीएमसी सांसदों ने रेलवे टिकट रद्दीकरण से होने वाली सरकारी आय पर सवाल उठाए। सांसदों ने कहा कि सरकार रेल टिकट रद्द करने पर करोड़ों रुपये की कमाई कर रही है, लेकिन यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।

टीएमसी सांसद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वंदे भारत ट्रेन अमीरों के लिए ‘बिरयानी’ जैसी है, जबकि गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, कन्याकुमारी से सांसद विजय कुमार ने रेल टिकट किराए में रियायत खत्म करने पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया।

स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर सरकार का बयान

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संसद में कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को जानबूझकर इतिहास से मिटा दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उन सभी सेनानियों को उचित सम्मान देने का प्रयास कर रही है, जो आजादी की लड़ाई में योगदान देने के बावजूद भुला दिए गए।

राज्यसभा में लौटे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने स्वस्थ होने के बाद फिर से सदन की कार्यवाही संभाल ली। हाल ही में उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से वह 12 मार्च को डिस्चार्ज हुए थे।

वक्फ बोर्ड संशोधन पर संसद में बहस

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 को लेकर संसद में गरमागरम बहस हुई।

  • भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने AIMPLB के विरोध पर कहा कि इस संशोधन से सबसे ज्यादा फायदा गरीब और पसमांदा मुसलमानों को होगा।
  • राजद सांसद मनोज झा ने विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि JPC (संयुक्त संसदीय समिति) ने इस पर बहस को सीमित रखा, जिससे कई चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया गया।

थोक महंगाई दर में बढ़त, जनवरी के 2.31% से बढ़कर 2.38% पर पहुंचा WPI

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: फरवरी 2025 में भारत की थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) दर बढ़कर 2.38% हो गई, जो जनवरी में 2.31% थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं, कपड़ा निर्माण और अन्य विनिर्माण वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई दर में यह उछाल देखने को मिला।

अनुमानों से थोड़ी अधिक रही महंगाई दर

अर्थशास्त्रियों ने थोक मूल्य मुद्रास्फीति के 2.36% रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे थोड़ा अधिक रहा। हालाँकि, कुछ श्रेणियों में कीमतों में नरमी भी दर्ज की गई।

खाद्य और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में कमी

  • थोक खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी में 7.47% थी, जो फरवरी में घटकर 5.94% हो गई।
  • प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में 4.69% से घटकर फरवरी में 2.81% हो गई।

ईंधन और बिजली की कीमतों में गिरावट

ईंधन और बिजली की थोक कीमतों में फरवरी में 0.71% की गिरावट आई, जबकि जनवरी में इसमें 2.78% की कमी दर्ज की गई थी।

विनिर्माण क्षेत्र में महंगाई जारी

विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में फरवरी में 2.86% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जनवरी में यह वृद्धि 2.51% थी। इसका असर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट

इससे पहले, केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) फरवरी में घटकर 3.61% हो गई, जो जनवरी में 4.31% थी। यह सात महीने का सबसे निचला स्तर है।

खुदरा महंगाई में गिरावट मुख्य रूप से खाद्य कीमतों में आई कमी के कारण हुई, जहां खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी में 5.97% थी, जो फरवरी में घटकर 3.75% रह गई।

क्या रहेगा आगे का रुझान?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खाद्य और ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है, तो थोक महंगाई दर पर और नियंत्रण पाया जा सकता है। हालाँकि, विनिर्मित उत्पादों की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं, जो आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई को प्रभावित कर सकती हैं।

अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, एक फरार

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अमृतसर: हाल ही में अमृतसर के एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले के मुख्य आरोपी गुरसिदक सिंह को सोमवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। पुलिस ने राजासांसी इलाके में छिपे आरोपियों का सुराग मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां मुठभेड़ के दौरान गुरसिदक घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, उसका साथी विशाल मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

कैसे हुई मुठभेड़?

पुलिस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्रेनेड हमले में शामिल आरोपी राजासांसी इलाके में देखे गए हैं। इसके बाद, सीआईए और छेहरटा पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। सोमवार सुबह टीम को एक बाइक पर दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन दोनों आरोपियों ने बाइक छोड़ते ही पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

इस गोलीबारी में कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह के सिर पर गोली लगी, इंस्पेक्टर अमोलक सिंह की पगड़ी छूकर गोली गुजरी, जबकि एक गोली पुलिस वाहन पर जा लगी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी गुरसिदक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि उसका साथी विशाल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

क्या था ग्रेनेड हमला?

गौरतलब है कि शुक्रवार रात करीब 1 बजे अमृतसर के शेरशाह सूरी रोड पर स्थित सर्व धर्म प्रार्थना सभा ठाकुरद्वारा मंदिर के बाहर बम धमाका हुआ था। इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई थी। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी गुरसिदक और विशाल फरार थे।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस अब फरार आरोपी विशाल की तलाश में जुटी है और उसे जल्द पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज कर ली है और इस हमले के पीछे के मकसद को खंगालने के लिए जांच जारी है।

कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, सर्च ऑपरेशन जारी

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श्रीनगर: उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के समीप खुरमोरा राजवार इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान आतंकियों से सामना हो गया।

हालांकि, संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकी घेराबंदी तोड़कर भागने में सफल रहे। फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और फरार आतंकियों की तलाश जारी है। इस मुठभेड़ में एक सुरक्षा कर्मी के घायल होने की सूचना है। अन्य विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।

 

दिल्ली में ‘गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’ का आयोजन आज, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रेस को करेंगे संबोधित

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज ‘गौ प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ महाराज पहुंच रहे हैं।

कार्यक्रम के अनुसार, शंकराचार्य जी महाराज सायंकाल कांस्टिट्यूशन क्लब में प्रेस को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में गौ माता के महत्व, गौसंरक्षण की अनिवार्यता और गौ प्रतिष्ठा अभियान के अगले कदमों को लेकर अहम घोषणाएं होने की संभावना है।

गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को लेकर बढ़ी उम्मीदें

गौ प्रतिष्ठा आंदोलन लंबे समय से चल रहा है, जिसमें गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और उनके संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग उठाई जा रही है। इस संदर्भ में, शंकराचार्य जी के संबोधन से इस अभियान को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भक्तों और अनुयायियों की बड़ी उपस्थिति

कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु, गौ भक्त, संत समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी #गौप्रतिष्ठा_निर्णायक_दिवस और #गौमाता_राष्ट्रमाता जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि गौ रक्षा का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है।

औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए आज से का अभियान, मराठा वीरों की प्रतिमा की मांग तेज

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नई दिल्ली/महाराष्ट्र: देशभर में ऐतिहासिक स्थलों और नामों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जहां एक ओर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने मुगल बादशाह औरंगजेब के निशान हटाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मराठा वीरों – पेशवा बाजीराव प्रथम, महादजी शिंदे और मल्हारराव होलकर – की प्रतिमाएं दिल्ली में स्थापित करने की मांग तेज हो गई है।

विहिप का औरंगजेब के विरुद्ध अभियान

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार छत्रपति शिवाजी की जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र में जिलास्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी औरंगाबाद के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने और महाराष्ट्र में लगी उसकी प्रतिमाओं को हटाने की मांग करते हुए जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।

दिल्ली में भी इस अभियान के तहत विहिप के महामंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि राजधानी में औरंगजेब रोड का नाम बदलने की मांग को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री और एनडीएमसी चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

दिल्ली में मराठा योद्धाओं की प्रतिमा स्थापना की मांग

इसी के साथ मराठा वीरों की विरासत को सम्मान देने की मांग भी तेज हो गई है। इतिहासकारों और मराठा समाज के नेताओं का कहना है कि पेशवा बाजीराव प्रथम, महादजी शिंदे और मल्हारराव होलकर ने भारतीय उपमहाद्वीप में मराठा साम्राज्य के विस्तार में अहम भूमिका निभाई थी। उनके योगदान को उचित सम्मान देने के लिए उनकी प्रतिमाएं दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम के समीप स्थापित की जानी चाहिए।

तालकटोरा क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी इस मांग को प्रासंगिक बनाता है, क्योंकि यह स्थान कभी मराठा सेना का महत्वपूर्ण शिविर स्थल हुआ करता था। मराठा समाज और इतिहास प्रेमियों का कहना है कि इन महापुरुषों की मूर्तियों की स्थापना से दिल्ली में उनकी विरासत को उचित सम्मान मिलेगा। इस विषय पर प्रशासन से जल्द ही औपचारिक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

सियासी सरगर्मी बढ़ी

इन दोनों अभियानों से राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है। एक ओर जहां हिंदू संगठनों द्वारा औरंगजेब से जुड़े निशानों को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर मराठा समाज अपने नायकों के इतिहास को जीवंत करने की मुहिम में जुटा हुआ है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।