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दर्दनाक हादसा: कार पर पलटा ट्रेलर, एक ही परिवार के छह लोगों की मौत

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बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। राख से लदा एक भारी ट्रेलर ट्रक अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया, जिससे कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रक और कार के बीच ओवरटेकिंग के दौरान ट्रक का संतुलन बिगड़ गया।

ट्रक के नीचे दबी कार

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह दुर्घटना करणी माता मंदिर के पास रेलवे क्रॉसिंग पुल पर हुई। कार बीकानेर से नोखा जा रही थी, जबकि ट्रेलर नोखा से बीकानेर की ओर आ रहा था। अचानक ट्रक का नियंत्रण बिगड़ा और वह सीधे कार पर जा गिरा, जिससे कार पूरी तरह दब गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। कार के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए तीन जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। लेकिन जब तक राहत कार्य पूरा हुआ, तब तक कार में फंसे सभी छह लोगों की मौत हो चुकी थी।

एक ही परिवार के थे सभी मृतक

पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई:

  • अशोक (45) पुत्र जगन्नाथ
  • मूलचंद (45) पुत्र गंगाराम
  • पप्पूराम (55) पुत्र गंगाराम
  • श्यामसुंदर (60) पुत्र चेतनराम
  • द्वारकाप्रसाद (45) पुत्र चेतनराम
  • करणीराम (50) पुत्र मोहनराम

एएसआई चरणसिंह ने बताया कि मृतकों में से मूलचंद और पप्पूराम सगे भाई थे, जबकि श्यामसुंदर और द्वारकाप्रसाद भी आपस में भाई थे।

समारोह से लौट रहा था परिवार

हादसे का शिकार हुआ परिवार बीकानेर में एक समारोह में शामिल होकर नोखा लौट रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आईजी और एसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

केंद्रीय मंत्री के भांजों में फायरिंग, एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

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भागलपुर। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के दो भांजे के बीच हुए आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नवगछिया के जगतपुर निवासी जयजीत यादव और विकल यादव के बीच किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे पर गोली चला दी।

इस गोलीबारी में विकल यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जयजीत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

डीजीपी का बड़ा बयान: ‘जब बूढ़े अश्लील डांस देखेंगे तो बच्चे दुष्कर्मी बनेंगे’

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पटना। बिहार पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अश्लीलता किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके विरोध में समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। खासकर महिलाओं को गलत चीजों का डटकर प्रतिकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिलक और शादी जैसे कार्यक्रमों में अश्लील गाने बजाना और उन पर नृत्य करना समाज की मानसिकता को दर्शाता है। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि उस क्षेत्र के लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं।

डीजीपी ने कहा कि यदि महिलाएं घर से बाहर निकलकर इन गानों पर रोक लगाने की मांग करेंगी, तो ऐसे गाने बजने बंद हो जाएंगे। उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों की परवरिश और संस्कारों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों के हाथ में मोबाइल आ चुका है, ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस पर नजर रखें।

अश्लीलता के खिलाफ उठानी होगी आवाज

पटना पुलिस मुख्यालय में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान विषय पर आयोजित ‘उड़ान’ कार्यक्रम में डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में कई महिलाओं ने शिकायत की है कि उन्हें डांस या किसी कार्यक्रम में बुलाया जाता है और वहां असहज माहौल पैदा कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को पुलिस से मदद लेनी चाहिए।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस के खिलाफ हिंसा और हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस डरकर पीछे हट जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाए जाएंगे।

महिला सुरक्षा को लेकर बड़े कदम

डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर बड़े कदम उठाए गए हैं। राज्य में 27 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, सभी जिलों में महिला थाना संचालित हो रहे हैं और अधिकांश थानों में महिला हेल्पडेस्क की स्थापना की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायती राज व्यवस्था में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए लागू किया गया है, जो बिहार के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि डायल 112 और अन्य हेल्पलाइन नंबरों पर भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शानदार रिस्पांस मिल रहा है। पिछले साल महिला थाना को मजबूत बनाने के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

“न अश्लील गाने देखेंगे, न देखने देंगे” – नीतू चंद्रा

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेत्री नीतू चंद्रा भी मौजूद थीं। उन्होंने भोजपुरी और अन्य भाषाओं में अश्लील गानों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “ये गाने हमारे समाज को बदनाम कर रहे हैं। बिहार में इतना समृद्ध संगीत और संस्कृति है, जिसे सुनाया जाना चाहिए।”

उन्होंने महिलाओं से ऐसे गानों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “जब तक हम अश्लीलता को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएंगे, ऐसे गाने बनते रहेंगे। हमें यह संकल्प लेना होगा कि न हम ऐसे गाने देखेंगे, न सुनेंगे और न ही देखने-सुनने देंगे।”

नीतू चंद्रा ने महिला पुलिसकर्मियों को अपनी उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर शेयर करने और रील्स बनाकर पूरे विश्व तक पहुंचाने की सलाह दी।

महिला सशक्तिकरण पर बल

कार्यक्रम में सीआईडी एवं कमजोर वर्ग के एडीजी अमित कुमार जैन ने कहा कि समाज में लिंग आधारित समानता बेहद जरूरी है। वहीं, गृह विभाग की विशेष सचिव केएस अनुपम ने कहा कि हर लड़की को बड़े सपने देखने चाहिए और अपनी उड़ान खुद तय करनी चाहिए।

विशेष शाखा की डीआईजी हरप्रीत कौर ने कहा कि बचपन से ही लड़कियों को अन्याय सहने की सीख देने के बजाय, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं की भागीदारी केवल पुलिस में ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है।

कार्यक्रम के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने अभिनेत्री नीतू चंद्रा से सवाल-जवाब सत्र में भी भाग लिया।

समाज को आगे आना होगा

अंत में, डीजीपी विनय कुमार ने समाज से अपील की कि वे अश्लीलता और महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध को सहन न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन हर संभव सहायता के लिए तत्पर है और महिला सुरक्षा के लिए सरकार भी प्रतिबद्ध है।

पुणे में टेंपो ट्रैवलर में लगी आग, चार कर्मचारियों की मौत

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पुणे : पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ इलाके में एक टैंपो ट्रैवलर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा बुधवार सुबह हिंजेवाड़ी इलाके में हुआ, जब एक निजी कंपनी के कर्मचारी दफ्तर जा रहे थे।

अचानक लगी आग, बचने का मौका नहीं मिला
जानकारी के मुताबिक, डसॉल्ट सिस्टम्स के पास पहुंचते ही टैंपो ट्रैवलर में अचानक आग लग गई। इस दौरान कुछ कर्मचारी गाड़ी से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन चार लोग अंदर फंस गए और जिंदा जल गए। पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन चार लोगों को नहीं बचाया जा सका।

पुलिस कर रही जांच
हिंजेवाड़ी पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

286 दिनों बाद अंतरिक्ष से लौटीं सुनीता विलियम्स, सफल स्प्लैशडाउन के बाद किया अभिवादन

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अमेरिका की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी “बुच” विल्मोर 286 दिनों के लंबे अंतरिक्ष प्रवास के बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। नासा के अनुसार, स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने 19 मार्च को तड़के 3:27 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका के फ्लोरिडा के समुद्री क्षेत्र में सफल स्प्लैशडाउन किया।

इस ऐतिहासिक मिशन के तहत, सुनीता और उनके सहयोगी अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में महत्वपूर्ण शोध और तकनीकी परीक्षणों में शामिल रहे। वापसी पर, अंतरिक्ष यान से बाहर निकलते ही सुनीता ने हाथ हिलाकर वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। उनके साथ लौटे अन्य अंतरिक्ष यात्री निक हेग (NASA), बुच विल्मोर (NASA) और अलेक्जेंडर गोरबुनोव (Roscosmos) भी खुशी से मुस्कुराते हुए दिखाई दिए।

ऐतिहासिक मिशन की झलक

1. 286 दिन अंतरिक्ष में: सुनीता विलियम्स और उनकी टीम ने करीब 9.5 महीने अंतरिक्ष में बिताए, जहां उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नए आवासीय और तकनीकी सिस्टम का परीक्षण किया।

2. स्पेसएक्स ड्रैगन का सफल मिशन: यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी पर सुरक्षित लैंडिंग करने में सक्षम था, जिससे नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से किए गए मिशन की सफलता और भरोसेमंदता साबित हुई।

3. विज्ञान और अनुसंधान में योगदान: मिशन के दौरान मानव शरीर पर दीर्घकालिक अंतरिक्ष यात्रा के प्रभाव, माइक्रोग्रैविटी में नई तकनीकों और रोबोटिक सिस्टम पर गहन शोध किया गया।

कौन हैं सुनीता विलियम्स?

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका में हुआ था। वह पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया था। उनकी जड़ों का संबंध भारत के गुजरात से है।

सुनीता की इस शानदार वापसी के बाद, अब वैज्ञानिक समुदाय मिशन के परिणामों और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करेगा। इस सफलता ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

 

फिरोजाबाद के दिहुली नरसंहार मामले में तीन दोषियों को फांसी की सजा, 44 साल बाद आया फैसला

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फिरोजाबाद: जिले के जसराना क्षेत्र के गांव दिहुली में 18 नवंबर 1981 को हुए 24 दलितों के नरसंहार मामले में मंगलवार को कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशेष डकैती अदालत ने कप्तान सिंह, रामसेवक और रामपाल को फांसी की सजा सुनाई है। इसके अलावा, कप्तान सिंह और रामसेवक पर दो-दो लाख रुपये तथा रामपाल पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

तीनों दोषियों को मैनपुरी जेल भेजा गया

कोर्ट का फैसला आते ही पुलिस तीनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच मैनपुरी जिला कारागार लेकर गई, जहां उन्हें दाखिल कर दिया गया। फैसला सुनते ही तीनों के चेहरे पर मायूसी छा गई और वे कोर्ट में ही फूट-फूटकर रो पड़े। कोर्ट के बाहर मौजूद उनके परिजन भी अपने आंसू रोक नहीं सके।

ऐसे चली सुनवाई, अभियोजन ने दी मजबूत दलीलें

विशेष एडीजे (डकैती) इंदिरा सिंह की अदालत में मंगलवार सुबह 11:30 बजे दोषियों को मैनपुरी जिला कारागार से भारी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। पहली पेशी के बाद उन्हें फिर दोपहर 12:30 बजे दीवानी अदालत में भेज दिया गया।

दोपहर 3 बजे, लंच के बाद कोर्ट ने पुनः तीनों को तलब किया। अभियोजन पक्ष के वकील रोहित शुक्ला ने नरसंहार से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों का हवाला देते हुए कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की।

कोर्ट का कड़ा फैसला – मृत्युदंड और जुर्माना

सभी सबूतों और गवाहियों के आधार पर, कोर्ट ने इस जघन्य हत्याकांड में कप्तान सिंह, रामसेवक और रामपाल को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही, कप्तान सिंह और रामसेवक पर दो-दो लाख तथा रामपाल पर एक लाख का आर्थिक दंड भी लगाया गया।

30 दिन में हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं दोषी

फांसी की सजा पाए दोषियों को अपने कानूनी अधिकारों के तहत 30 दिन के भीतर हाईकोर्ट में अपील करने का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट इस फैसले की समीक्षा कर सकता है और सजा को बरकरार रख सकता है या उसमें संशोधन कर सकता है।

14 दिन तक क्वारंटीन बैरक में रहेंगे दोषी

जेल प्रशासन ने बताया कि फांसी की सजा पाए तीनों दोषियों को पहले 14 दिन के लिए क्वारंटीन बैरक में रखा जाएगा। मंगलवार शाम जेल पहुंचने के बाद उन्हें इसी बैरक में भेज दिया गया, जहां उनकी नियमित निगरानी होगी। जेल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वे समय पर भोजन करें और उनकी मानसिक स्थिति ठीक रहे। 14 दिनों के बाद उन्हें सामान्य बैरक में भेज दिया जाएगा।

सजा से पहले जेल में बेचैनी भरी रही रात

सोमवार रात तीनों दोषियों के लिए बेहद तनावपूर्ण रही। रामपाल, रामसेवक और कप्तान सिंह पूरी रात करवटें बदलते रहे और अपने भविष्य को लेकर चिंतित दिखे। सबसे ज्यादा बेचैनी कप्तान सिंह में देखी गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, दोषी पूरी रात सो नहीं सके और खाना भी बहुत कम खाया। मंगलवार सुबह वे तय समय पर उठे, लेकिन उनके चेहरे पर खौफ साफ झलक रहा था।

महाकुंभ की सफलता पर बोले पीएम मोदी : मैं सिर झुकाकर नमन करता हूं…

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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में संबोधन दिया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने प्रयागराज में हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ की भव्यता और इसकी ऐतिहासिक सफलता का जिक्र किया। पीएम मोदी ने महाकुंभ के आयोजन में योगदान देने वाले करोड़ों नागरिकों को नमन करते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया।

महाकुंभ ने दुनिया को दिखाई भारत की भव्यता

लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “महाकुंभ जिस भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इसके सफल आयोजन के लिए मैं देश के नागरिकों को सिर झुकाकर नमन करता हूं।” उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने पूरी दुनिया को भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक दिखा दी।

भारत अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार हो रहा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत के उज्जवल भविष्य पर जोर देते हुए कहा कि “पिछले वर्ष अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने हमें यह एहसास कराया कि भारत अगले 1000 वर्षों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष आयोजित महाकुंभ ने भी देशवासियों की सोच और आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सामूहिक चेतना, इसकी संस्कृति और परंपराएं हमें अपने सामर्थ्य का अहसास कराती हैं और यह राष्ट्र को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती हैं।

देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा भारत

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत केवल भौतिक विकास ही नहीं कर रहा, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी खुद को सशक्त कर रहा है। महाकुंभ और राम मंदिर जैसे आयोजनों से यह साबित हो रहा है कि भारत अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों को बताया देशद्रोही

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महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुगल सम्राट औरंगजेब की प्रशंसा करने वालों को “देशद्रोही” करार देकर विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार रात एक शिव जयंती कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए, शिंदे ने औरंगजेब की महाराष्ट्र पर विजय प्राप्त करने की कोशिशों और छत्रपति संभाजी महाराज, जो कि सम्मानित मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र थे, के खिलाफ कथित अत्याचारों की निंदा की।

शिंदे ने शिवाजी महाराज को हिंदुत्व, वीरता और लोकतंत्र का प्रतीक बताते हुए उनकी प्रशंसा की, जबकि औरंगजेब पर दमनकारी शासन का आरोप लगाया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा छत्रपति संभाजी नगर जिले से औरंगजेब की मकबरे को हटाने की मांग तेज हो गई है।

हाल ही में इस मुद्दे ने जोर पकड़ा है, और 17 मार्च को नागपुर में मकबरे को हटाने से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हिंसक झड़पें हुईं। शिंदे के बयान ने ऐतिहासिक कथाओं और राज्य की समकालीन राजनीति के बीच बहस को और गहरा कर दिया है।

सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष से धरती की ओर रवाना: स्पेसएक्स क्रू-9 यान ISS से हुआ अलग

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वाशिंगटन: भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को अलविदा कह दिया है। दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन के तहत धरती की ओर लौट रहे हैं। सोमवार देर रात को स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान ISS से सफलतापूर्वक अलग हो गया, जिसका नासा ने लाइव प्रसारण किया। यह यात्रा लगभग 17 घंटे की होगी और मंगलवार को ये अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर पहुंचेंगे।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले नौ महीने से अंतरिक्ष में थे। उनकी यह यात्रा जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर के पहले मानव मिशन के साथ शुरू हुई थी, जो मूल रूप से 8 दिन की थी। हालांकि, स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और इसे खाली वापस भेजा गया। इसके बाद नासा ने स्पेसएक्स की मदद से क्रू-9 मिशन को तैयार किया, जिसमें सुनीता और बुच को वापस लाने की योजना बनाई गई।

नासा के लाइव प्रसारण में दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को क्रू-9 यान में सवार होते और ISS से विदाई लेते देखा गया। सुनीता विलियम्स ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह एक यादगार यात्रा रही। उनके साथ निक हेग और रूसी कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी इस मिशन का हिस्सा हैं। यह यान मंगलवार सुबह फ्लोरिडा के तट पर उतरेगा।

इस मिशन के साथ सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में बिताया गया समय 300 दिनों से अधिक हो गया है, जो उन्हें सबसे अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्रियों में शुमार करता है। नासा और स्पेसएक्स की इस संयुक्त कोशिश को अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

नागपुर में भड़की हिंसा: दुकानों में तोड़फोड़, गाड़ियों में आग, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

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नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जहां महाल इलाके में दो गुटों के बीच झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद हंसपुरी इलाके में अज्ञात उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, वाहनों में आग लगा दी और पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल कदम उठाए और पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।

हंसपुरी में उपद्रव, गाड़ियों में लगाई आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात हंसपुरी इलाके में नकाबपोश उपद्रवियों ने अचानक हमला कर दिया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “एक टीम यहां आई, उनके चेहरे स्कार्फ से ढंके हुए थे। उनके हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें थीं। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया, दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। उन्होंने 8-10 गाड़ियों में आग भी लगा दी।”

कांग्रेस सांसद ने की निंदा

दिल्ली में बोलते हुए कांग्रेस सांसद श्यामकुमार बर्वे ने इस हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “नागपुर में हिंदू-मुस्लिम झड़पें कभी नहीं हुईं, लेकिन अब इस तरह की कोशिशें की जा रही हैं। मैं दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। ऐसी घटनाओं के जरिए मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।”

स्थिति नियंत्रण में, उपद्रवियों की तलाश जारी

नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने बयान जारी कर बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। उन्होंने कहा, “यह घटना रात 8 से 8:30 बजे के बीच हुई। हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। दो गाड़ियों में आग लगाई गई और पत्थरबाजी हुई है। पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जा रही हैं।”

आयुक्त ने आगे कहा, “हमने धारा 144 लागू कर दी है, जिससे भीड़ जमा होने से रोका जा सके। नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।” उन्होंने यह भी बताया कि हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

नागपुर में बढ़ा सुरक्षा बंदोबस्त

हिंसा को देखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचें।