Home Blog Page 259

सचिव आपदा प्रबंधन ने की समीक्षा, जिलों को जल्द योजना तैयार करने के निर्देश

0

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जिला आपदा प्रबंधन योजना (DDMP) और राज्य आपदा प्रबंधन योजना (SDMP) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं को जल्द से जल्द तैयार किया जाए।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ये योजनाएँ बनाई जा रही हैं। यूएसडीएमए के एसीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी श्री राज कुमार नेगी ने कहा कि DDMP और SDMP आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। उन्होंने जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को इन्हें प्रभावी तरीके से तैयार करने के सुझाव भी दिए।

एसीईओ (प्रशासन) आनंद स्वरूप ने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों (DDMO) को SDRF और SDMF के लिए शीघ्र डिमांड भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सुरंगों के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने, विभिन्न बांधों, बड़ी परियोजनाओं और संरचनाओं के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान विकसित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (JCEO) मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. बिमलेश जोशी, डॉ. वेदिका पंत, श्री रोहित कुमार, सुश्री तंद्रीला सरकार, श्री हेमंत बिष्ट, श्री अंकित सती, डॉ. रुचिका टंडन, श्री वैभव बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए देशभर के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में हीट वेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई और प्रभावी रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, यूएसडीएमए के एसीईओ (प्रशासन) आनंद स्वरूप, एसीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी राज कुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी और डॉ. बिमलेश जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। डॉ. नरेश कुमार ने जानकारी दी कि इस साल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गर्मी पड़ने और हीट वेव के दिनों में वृद्धि होने की आशंका है।

गर्मी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

NDMA अधिकारियों ने भीषण गर्मी के मद्देनजर स्कूलों और श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव करने की सिफारिश की, ताकि वे हीट वेव के प्रभाव से बच सकें। सभी राज्यों को हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. आकाश श्रीवास्तव, अपर निदेशक, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने बताया कि सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है, जिसमें हीट वेव से बचाव के लिए व्यापक कार्ययोजना और सुझाव शामिल हैं।

हीट वेव से बचाव के लिए उठाए जाने वाले कदम:

  • अस्पतालों में अलग से हीट स्ट्रोक रूम बनाने के निर्देश.
  • एम्बुलेंस में हीट स्ट्रोक पीड़ितों के उपचार की विशेष व्यवस्था।
  • डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना।
  • सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कूलिंग अप्लायंसेज की व्यवस्था।
  • विद्युत आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करना।
  • सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
  • कूल रूफिंग सॉल्यूशंस को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू करना।
  • प्रत्येक राज्य में एक ‘हीट नोडल ऑफिसर’ की तैनाती।
  • NDMA ने सभी राज्यों को गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और समय रहते ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।

 

युवक ने यूट्यूब पर विडियो देखकर किया अपना ऑपरेशन, फटे पेट के साथ पहुंचा अस्पताल

0

वृंदावन में एक व्यक्ति द्वारा खुद ही अपना ऑपरेशन करने का मामला सामने आने के बाद इस पर तीखी बहस छिड़ गई है। इस घटना के बाद रूस के मशहूर डॉक्टर लियोनिद इवानोविच रोगोजोव की चर्चा होने लगी, जिन्होंने 1961 में सोवियत अंटार्कटिक अभियान के दौरान खुद ही अपनी अपेंडिक्स सर्जरी की थी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि रोगोजोव एक प्रशिक्षित चिकित्सक थे, जबकि आम व्यक्ति के लिए ऐसा करना आत्मघाती साबित हो सकता है।

यह बहादुरी नहीं, मूर्खता है

गैस्ट्रो सर्जन डॉ. नितिन गोयल का कहना है कि हर कोई लियोनिद रोगोजोव नहीं हो सकता। इस तरह के कृत्य से जान जाने का खतरा रहता है। वृंदावन में राजाबाबू नामक युवक द्वारा खुद अपना ऑपरेशन करने का प्रयास किसी भी तरह से सराहनीय नहीं बल्कि मूर्खतापूर्ण है। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि अगर युवक ने आर्थिक तंगी के कारण ऐसा किया, तो यह भी पूरी तरह गलत था, क्योंकि आयुष्मान योजना जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं उपलब्ध हैं।

मुफ्त इलाज के विकल्प होते हुए भी ऐसा कदम क्यों?

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि कई ऐसे चिकित्सक हैं जो मानवता के नाते निशुल्क ऑपरेशन के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यूट्यूब या अन्य स्रोतों से देखकर ऑपरेशन करने की कोशिश जानलेवा हो सकती है। आज जहां लोग छोटी-छोटी बीमारियों में भी डॉक्टर की सलाह लेते हैं, वहीं खुद ऑपरेशन करना पूरी तरह से अनुचित और खतरनाक है।

क्या है पूरा मामला?

वृंदावन के सुनरख निवासी 32 वर्षीय राजा बाबू, पुत्र कन्हैया ठाकुर, लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थे। उन्होंने कई डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। 18 साल पहले उनका अपेंडिक्स का ऑपरेशन हो चुका था, जिसके बाद से बार-बार पेट दर्द की समस्या बनी हुई थी। जब किसी भी इलाज से राहत नहीं मिली, तो उन्होंने खुद ही अपना ऑपरेशन करने की ठान ली।

कैसे किया खुद का ऑपरेशन?

राजाबाबू ने डॉक्टरों की तरह खुद को इंजेक्शन लगाकर सुन्न किया, फिर सर्जिकल ब्लेड से पेट चीरा। शुरुआत में दर्द महसूस नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म हुआ, वह तड़पने लगे। इसके बावजूद उन्होंने अपने पेट में 11 टांके भी लगाए। जब दर्द असहनीय हो गया और वह चीखने लगे, तो परिवार के लोगों ने दौड़कर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत में भर्ती कर लिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

पत्नी साथ रहने के लिए मांगती है 5000 रुपये, पुलिस के पास पहुंचा सॉफ्टवेयर इंजीनियर

0

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी पत्नी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी रोज उनके साथ रहने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए 5000 रुपये की मांग करती थी। यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

शादी से पहले भी मांगे थे पैसे

शिकायतकर्ता श्रीकांत ने बताया कि उन्होंने अगस्त 2022 में वैवाहिक साइट के जरिए बिंदुश्री से शादी की थी। लेकिन अब वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि शादी से पहले ही बिंदुश्री की मां ने पैसों की मांग की थी। इस मांग को पूरा करने के लिए श्रीकांत ने अपनी सास के खाते में 3 लाख ट्रांसफर किए थे और शादी के खर्च के लिए 50,000 अतिरिक्त भेजे थे।

शारीरिक संबंध के लिए पैसे की मांग!

श्रीकांत ने आरोप लगाया कि शादी के दो साल बाद भी उनकी पत्नी ने उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार किया। जब भी वह नज़दीक आने की कोशिश करते, तो बिंदुश्री उनसे 5000 रुपये मांगती। इतना ही नहीं, अगर वह उनकी इस मांग को पूरा नहीं करते, तो वह आत्महत्या की धमकी देती और ब्लैकमेल करने के लिए सुसाइड नोट भी छोड़ देती थी।

मीटिंग के दौरान नाचकर करती थी परेशान

श्रीकांत ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि जब वह घर से काम कर रहे होते, तो उनकी पत्नी बहस छेड़ देती या उनकी मीटिंग में डांस करके बाधा डालती थी। उन्होंने दावा किया कि इस कारण उन्हें अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास सबूत के तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिसमें उनकी पत्नी का ऐसा व्यवहार कैद है।

पति और ससुरालवालों पर लगाए गंभीर आरोप

श्रीकांत की शिकायत के बाद बिंदुश्री ने भी उनके और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीकांत के भाई ने उन्हें गर्भवती करने की सलाह दी थी ताकि वह घर छोड़कर न जा सकें। परेशान होकर वह अपने माता-पिता के घर चली गईं, लेकिन पति से सुलह की उम्मीद में वापस लौटीं। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया है। श्रीकांत के अनुसार, एक मनोचिकित्सक ने उन्हें आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी है, जिस पर बिंदुश्री भी सहमत हो गई हैं।

आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: सौरभ भारद्वाज बने दिल्ली अध्यक्ष, मनीष सिसोदिया को पंजाब की जिम्मेदारी

0

आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार, 21 मार्च को संगठन में बड़े बदलाव किए। पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, उन्होंने गोपाल राय की जगह ली। गोपाल राय को अब गुजरात का प्रभारी बनाया गया है।

पार्टी ने अपने सबसे महत्वपूर्ण राज्य पंजाब की कमान पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सौंपी है। वहीं, छत्तीसगढ़ का प्रभारी राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को बनाया गया है, जबकि गोवा की जिम्मेदारी पंकज गुप्ता को दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में भी संगठनात्मक बदलाव किया गया है। वहां से मेहराज़ मलिक को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी के पहले और इकलौते विधायक हैं।

दिल्ली में हार और पंजाब की चुनौती

ये बदलाव ऐसे समय में किए गए हैं जब दिल्ली नगर निगम चुनावों में पार्टी को झटका लगा है और पंजाब में अपनी पकड़ बनाए रखना उसके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। चुनाव परिणामों के बाद से ही मनीष सिसोदिया पंजाब में सक्रिय थे, जिसे लेकर विपक्षी दलों—कांग्रेस और बीजेपी ने सवाल भी उठाए।

हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने भी पंजाब का दौरा किया था। उनके लौटने के बाद ही पार्टी ने ये छह बड़े संगठनात्मक फैसले लिए, जो आने वाले चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माने जा रहे हैं।

 

दिल्ली हाईकार्ट के जज पर सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की कार्रवाई, इलाहाबाद भेजे गए, ये था मामला

0

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को उनके मूल उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली इस कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को यह सिफारिश भेजी। न्यायमूर्ति वर्मा ने अक्टूबर 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय तब लिया गया जब होली की छुट्टियों के दौरान उनके सरकारी बंगले में आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी बरामद हुई। बताया जाता है कि आग लगने पर न्यायाधीश के परिवार ने, जो उस समय शहर में मौजूद नहीं था, आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया, जिसके दौरान यह नकदी बरामद हुई।

इस घटना पर दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील ने मुख्य न्यायाधीश से कार्रवाई की मांग की। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने इस घटनाक्रम को ‘चौंकाने वाला’ और ‘निराशाजनक’ बताया। न्यायमूर्ति वर्मा ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और उन्होंने आज अदालत की कार्यवाही में भाग नहीं लिया।

कोर्ट मास्टर ने सूचित किया कि खंडपीठ ‘छुट्टी’ पर है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने नकदी बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए, पांच सदस्यीय कॉलेजियम के साथ चर्चा के बाद सर्वसम्मति से न्यायमूर्ति वर्मा के स्थानांतरण पर सहमति जताई।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक गंभीर मुद्दा है और यह पहली बार नहीं है जब इसे उठाया गया है। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सावधानीपूर्वक बनाने की मांग की। सिब्बल ने यह भी कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए गए बयानों के बावजूद, भ्रष्टाचार की घटनाएं बढ़ रही हैं, और इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पुणे हिंजवाड़ी मिनीबस अग्निकांड: चालक की साजिश में गई चार जानें, छह घायल

0

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में गुरुवार को एक मिनीबस में लगी आग में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। इस घटना को पहले एक दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। पुलिस के अनुसार, यह आग किसी तकनीकी खराबी या हादसे के कारण नहीं लगी, बल्कि यह मिनीबस चालक जनार्दन हंबार्डिकर द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश थी।

बदले की आग में झोंक दी जिंदगियां

हिंजवाड़ी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कन्हैया थोराट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि बस चालक ने जानबूझकर वाहन में आग लगाई और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पूछताछ में सामने आया कि जनार्दन हंबार्डिकर अपने सहकर्मियों से नाराज था और बदला लेने के इरादे से उसने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया

कैसे दिया वारदात को अंजाम?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हंबार्डिकर ने बस में ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाई। आग लगते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन कुछ लोग बाहर निकलने में सफल नहीं हो सके और उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई। बाकी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

सीसीटीवी और सबूतों से खुला राज

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस घटना के पीछे की साजिश सामने आई। इसके बाद पुलिस ने बस चालक जनार्दन हंबार्डिकर को गिरफ्तार कर लिया

अब क्या होगा?

पुलिस ने चालक के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस घटना ने पुणे समेत पूरे महाराष्ट्र को हिला कर रख दिया है। प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए यात्रा सुरक्षा और वाहनों की निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की योजना बना रहा है।

न्याय की मांग, सख्त कार्रवाई की अपील

पीड़ितों के परिवारवालों ने सरकार से कड़ी कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि निजी नाराजगी को सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ना कितना घातक हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें।

आधुनिक तकनीक से जोड़ें परंपरागत कृषि : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि राज्य में किसानों की आय बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में किसान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें उसी क्षेत्र में और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सभी योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन हो, ताकि बजट का समुचित उपयोग हो और लोगों की आजीविका में सुधार आए।

कृषि और उद्यान में नवाचार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—

क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाए।

मिलेट (छोटे अनाज) को राज्य में व्यापक रूप से अपनाया जाए।

पॉलीहाउस निर्माण की गति तेज की जाए।

एरोमा, एप्पल और कीवी मिशन को मजबूत किया जाए।

उत्तराखंड के पारंपरिक फल जैसे नाशपाती, प्लम, माल्टा, नारंगी और आड़ू के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए।

ऐसे फसलों को बढ़ावा दिया जाए, जिन्हें जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते।

औषधीय पौधों की खेती को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ाई जाए।

सहकारिता के क्षेत्र में सुधार और वैल्यूचेन सिस्टम की मजबूती

मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिया कि—

किसानों को उचित प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए।

वैल्यूचेन सिस्टम को मजबूत कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो।

आगामी पांच वर्षों में सभी ग्राम सभाओं को पैक्स से जोड़ा जाए।

सहकारी समितियों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाया जाए और विपणन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

डिजिटल बदलाव और सगंध फसलों को बढ़ावा

बैठक में बताया गया कि किसानों के लिए ई-रूपी भुगतान प्रणाली अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू की जाएगी, जिससे त्वरित, सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान संभव होगा।

 

साथ ही, सगंध फसलों जैसे डेमस्क रोज, तिमरू, दालचीनी, लेमनग्रास और मिंट को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च मूल्य वाली इन फसलों की उत्पादकता और क्षेत्रफल बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

इसके अलावा, आईटीबीपी और सेना के लिए ताजे कृषि उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को सुनिश्चित बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

 

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, एस.एन. पांडेय, विनय शंकर पांडेय, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सोनिका और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के साथ दायित्वों का भी होगा बंटवारा

0

उत्तराखंड में सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट में कई पद खाली चल रहे थे, और तब से ही विस्तार की अटकलें बनी हुई थीं। यह मुद्दा समय-समय पर सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनता रहा, लेकिन कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ रहा था।

हाल ही में हुए घटनाक्रमों ने कैबिनेट विस्तार को और अधिक तूल दे दिया। विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा पहाड़ियों पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी ने प्रदेशभर में उबाल ला दिया। इस बयान के चलते जगह-जगह प्रदर्शन हुए और लोगों का भारी आक्रोश देखने को मिला। राजनीतिक दबाव के चलते प्रेमचंद अग्रवाल को अंततः अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद से ही कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।

सरकार में खाली पड़े पदों के साथ-साथ लंबे समय से दायित्वों के बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं हो रही थीं। हालांकि, तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी अब तक दायित्वों का स्पष्ट रूप से बंटवारा नहीं किया गया, जिससे नाराजगी की खबरें भी सामने आती रही हैं। पार्टी के अंदर भी इस मुद्दे को लेकर असंतोष के स्वर उठते रहे हैं।

अब सरकार और संगठन ने मिलकर तय कर लिया है कि कैबिनेट विस्तार के साथ ही दायित्वों का बंटवारा भी किया जाएगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संगठन के शीर्ष पदाधिकारी पहले ही पूरी तैयारी कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि पार्टी के भीतर और बाहर किसी प्रकार की असंतोष की स्थिति न बने।

इस बीच, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कैबिनेट विस्तार को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पार्टी नेतृत्व के निर्णयानुसार होगी और जल्द ही दायित्वधारियों की घोषणा भी की जाएगी। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि पार्टी नए चेहरों को भी मौका देने की योजना बना रही है।

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर मुठभेड़ में जवान शहीद, फायरिंग में 2 नक्सली भी ढेर

0
File Photo

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मुठभेड़ बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित घने जंगलों में हुई, जब सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत गंगालूर थाना क्षेत्र में निकली थी।

अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक नक्सली को मार गिराया गया है, जबकि बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के एक जवान ने अपनी शहादत दी। इसके अलावा, दो नक्सलियों को घायल करने के साथ-साथ भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।

इससे पहले, बीजापुर और नारायणपुर से सटी महाराष्ट्र की सीमा पर भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 31 नक्सली मारे गए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृत नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है।

इसी बीच, बीजापुर के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगातार गोलीबारी हो रही है। यह मुठभेड़ नेशनल पार्क क्षेत्र में, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा पर चल रही है। इस दौरान दो जवान घायल हो गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के लिए सुरक्षाबलों का अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार नक्सलियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले रही हैं। बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे इलाकों में सुरक्षाबल गश्त बढ़ा चुके हैं, ताकि नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

भारतीय टीम पर धनवर्षा, BCCI ने किया इतने करोड़ रुपये देने का एलान

0

भारतीय क्रिकेट टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले, टीम इंडिया ने 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी में (श्रीलंका के साथ साझा) और 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में यह खिताब जीता था।

भारत की इस बड़ी जीत के बाद बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने टीम के लिए बड़ी इनामी राशि की घोषणा की है। बीसीसीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि भारतीय टीम को 58 करोड़ रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे। यह राशि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ और चयन समिति के सदस्यों में वितरित की जाएगी।

रोहित शर्मा की कप्तानी में अपराजेय रहा भारत

भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और एक भी मैच नहीं गंवाया। फाइनल मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

इस ऐतिहासिक जीत पर बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा,
“लगातार दो आईसीसी खिताब जीतना बेहद खास है। यह इनामी राशि टीम इंडिया की कड़ी मेहनत और वैश्विक मंच पर उसके समर्पण को दर्शाती है। यह सिर्फ खिलाड़ियों की ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ और सभी सहयोगी सदस्यों की मेहनत का भी नतीजा है। 2025 में यह हमारी दूसरी आईसीसी ट्रॉफी थी, जो भारत के मजबूत क्रिकेट ढांचे को दर्शाती है।”

12 साल बाद भारत ने दोहराया इतिहास

भारतीय क्रिकेट टीम ने आखिरी बार 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद, 12 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एक बार फिर यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की।