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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकी ठिकाने का खुलासा, हथियार और गोला-बारूद बरामद

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जम्मू: सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक सुदूर जंगल में आतंकियों के एक ठिकाने का पता चला है। इस ठिकाने से एक पिस्तौल, तीन मैगजीन और छह राउंड गोलियां, साथ ही एके असॉल्ट राइफल के 25 राउंड बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह ठिकाना भद्रवाह के भालरा वन क्षेत्र में स्थित था, जहां स्थानीय पुलिस और सेना के विशेष अभियान समूह (SOG) द्वारा शनिवार को संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। यह अभियान विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर चलाया गया था।

तलाशी अभियान जारी

इस बीच, सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़ जिले के गुरिनाल, थाथरी और चटरू जंगलों में भी संयुक्त तलाशी अभियान तेज कर दिया है। कुछ ग्रामीणों ने इन इलाकों में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने गुरुवार को इस अभियान की शुरुआत की। हालांकि, अभी तक किसी संदिग्ध से संपर्क नहीं हो पाया है।

ओवरग्राउंड वर्करों पर शिकंजा

सुरक्षाबलों ने उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में लश्कर-ए-तैयबा के चार ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) के ठिकानों पर छापेमारी की। इसके अलावा, पाकिस्तान में बैठे एक कश्मीरी आतंकवादी द्वारा दक्षिण कश्मीर में कब्जाई गई जमीन को भी मुक्त कराया गया। पुलिस ने इस आतंकी द्वारा बनाए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। जिन ओवरग्राउंड वर्करों पर कार्रवाई की गई, उनमें से दो प्रतिबंधित अलगाववादी संगठनों जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी और पीपुल्स लीग से जुड़े बताए जा रहे हैं।

आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त

सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क में भी आतंकियों के एक बंकरनुमा ठिकाने को नष्ट कर दिया है। खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली थी कि पहलीपोरा के पास जंगलों में आतंकी गतिविधियां हो रही हैं। इसके बाद तलाशी अभियान तेज किया गया, जिसमें खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब भी आतंकियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सामाजिक न्याय फार्मूला, वंचित तबकों को संगठन में बड़ी भागीदारी

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कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 131 जिला और शहर अध्यक्षों की नई सूची जारी की है। इस सूची में पिछड़े, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और महिलाओं को 65% पद देकर पार्टी ने सामाजिक समावेशन और जमीनी मजबूती को प्राथमिकता दी है। यह बदलाव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अहम भूमिका रही।

संगठन में सामाजिक समावेशन

कांग्रेस ने जातिगत और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए संगठन में भागीदारी सुनिश्चित की है। 131 जिला और शहर अध्यक्षों में:

  • OBC को 48 पद मिले, जिनमें मुस्लिम OBC भी शामिल हैं।

  • अल्पसंख्यक समुदाय को 32 पद (24.41%) मिले, जिससे पार्टी ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।

  • अनुसूचित जाति को 19 पद (14.50%) और अनुसूचित जनजाति को 1 पद (0.76%) दिया गया।

  • सामान्य वर्ग को 46 पद (35.11%) मिले।

यह संरचना राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें वंचित तबकों को नेतृत्व में भागीदारी देकर उन्हें मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

इस सूची में 8 महिलाओं (6.11%) को अध्यक्ष पद देकर कांग्रेस ने महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित किया है। यह कदम प्रियंका गांधी के “लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ” अभियान की भावना को आगे बढ़ाता है, जिससे महिला मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

युवा नेतृत्व को तरजीह

नई सूची में 41-50 आयु वर्ग के 59 और 31-40 आयु वर्ग के 24 नेता शामिल किए गए हैं, जिससे युवा और अनुभवी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाया गया है। औसत आयु 47.97 वर्ष है, जो दर्शाता है कि संगठन में नई ऊर्जा लाई जा रही है।

2027 विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक तैयारी

यह बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। संगठन में 64.89% पद वंचित तबकों को देकर कांग्रेस ने उन समुदायों को प्राथमिकता दी है, जो राज्य की आबादी का बड़ा हिस्सा हैं और चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।

सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम

कांग्रेस ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह सिर्फ इन समुदायों की आवाज नहीं उठा रही, बल्कि उन्हें नेतृत्व में भी भागीदारी दे रही है। यह रणनीति 2027 के चुनावों में भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर सकती है। अविनाश पांडे की रणनीति, अजय राय का जुझारूपन और राहुल गांधी की सामाजिक न्याय नीति के चलते कांग्रेस उत्तर प्रदेश में नए सिरे से मजबूती की ओर बढ़ रही है।

सौहार्द और एकता का संदेश

उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह सौहार्द और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कार्यक्रम में शामिल होकर इसे यादगार बताया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, रोहित चौधरी, सत्येंद्र नारवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीएल पुनिया समेत अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह के दौरान सभी कांग्रेसजनों ने समाज में नफरत को मिटाने और मोहब्बत व भाईचारे के रंग में रंगने का संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप एकजुटता का संदेश दिया।

नागपुर हिंसा: दंगाइयों से वसूला जाएगा नुकसान, न देने पर जब्त होगी संपत्ति

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नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को स्पष्ट किया कि नागपुर हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। अगर वे भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों को जब्त कर बेचा जाएगा।

104 दंगाइयों की हुई पहचान

सीएम फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के विश्लेषण के बाद अब तक 104 दंगाइयों की पहचान कर ली गई है। इनमें से 12 नाबालिगों सहित 92 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा पर नहीं पड़ेगा असर

फडणवीस ने कहा कि सोमवार को मध्य नागपुर में हुई हिंसा के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित यात्रा प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

दंगाइयों पर होगी सख्त कार्रवाई”

मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “मेरी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक पुलिस पर हमला करने वाले सभी तत्वों को पकड़ा नहीं जाता और उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई नहीं की जाती।”

खुफिया तंत्र की विफलता से इनकार

फडणवीस ने कहा कि इस घटना को खुफिया तंत्र की असफलता नहीं कहा जा सकता, लेकिन खुफिया जानकारी और बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए, लेकिन उनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई।

अब तक नहीं मिला विदेशी कनेक्शन

जांच को लेकर सीएम ने कहा कि अभी तक विदेशी तत्वों या बांग्लादेशी लिंक का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने हिंसा के राजनीतिक एंगल से भी इनकार किया।

सख्ती से निपटेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा और नुकसान की भरपाई उन्हीं से की जाएगी। अगर वे भुगतान नहीं करते, तो उनकी संपत्तियों को जब्त कर बेच दिया जाएगा। सरकार किसी भी अराजक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी।

सहारनपुर में भाजपा नेता ने पत्नी और तीन बच्चों को मारी गोली

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सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को गोली मार दी, जिसमें 11 साल की बेटी श्रद्धा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने नेता को पकड़कर जमकर पीटा और तुरंत पुलिस को सौंप दिया।

यह घटना गंगोह कस्बे के गांव सांगा-ठेड़ा में घटी। आरोपी योगेश रोहिला भाजपा की जिला कार्यकारिणी के सदस्य हैं और पूर्व में भाजयुमो (भाजपा युवा मोर्चा) के जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। गोली लगने से पत्नी नेहा और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात घर के अंदर ही अंजाम दी गई। आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलाई, जिसकी आवाज सुनकर गांव के लोग तुरंत घर की ओर दौड़े। जब तक लोग पहुंचे, तब तक भाजपा नेता अपनी पत्नी और बच्चों को गोली मार चुका था।

गुस्साए ग्रामीणों ने योगेश रोहिला को पकड़ लिया और जमकर पीटा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां पत्नी और दोनों बच्चों का इलाज चल रहा है।

फिलहाल, पुलिस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और परिवार के अन्य सदस्यों से भी जानकारी ली जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।

उत्तराखंड सरकार के तीन साल पूरे, सीएम धामी ने गिनाई उपलब्धियां

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देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने सरकार के कार्यकाल को “शानदार, ऐतिहासिक और बदलाव लाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और युवा उत्तराखंड की मजबूत इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।

‘जनहित में लिए साहसिक फैसले’

सीएम धामी ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता से किए सभी वादे पूरे किए। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए कहा कि राज्य की डेमोग्राफी और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना हमारा संकल्प है। सरकार ने इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (UCC), धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाए हैं।

‘जनता के सहयोग से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड’

सीएम धामी ने प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “राज्य में कठिन परिस्थितियों के बावजूद जनता ने हम पर भरोसा बनाए रखा। देवतुल्य जनता के सहयोग और समर्थन के लिए मैं दिल से धन्यवाद देता हूं।”

उत्तराखंड सरकार अपने कार्यकाल के तीन वर्षों में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में उत्तराखंड को नए आयामों तक ले जाने के लिए बड़े फैसले लिए जाएंगे।

अमृतसर में हिमाचल रोडवेज की बस पर हमला, शीशे तोड़े, खालिस्तानी नारे लिखे

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अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में एक बार फिर हिमाचल रोडवेज की बस को निशाना बनाया गया। देर रात अज्ञात शरारती तत्वों ने बस के शीशे तोड़ दिए और उस पर “खालिस्तान” लिख दिया। यह घटना अमृतसर बस स्टैंड पर घटी, जहां हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर से आई बस खड़ी थी।

बस पर लिखे नारे किए गए साफ

बस चालक सुरेश कुमार के अनुसार, वह बस लेकर सुजानपुर से अमृतसर पहुंचे और बस को बस स्टैंड के काउंटर नंबर 12 के सामने पार्क कर दिया। देर रात उन्हें किसी ने जानकारी दी कि बस के शीशे टूटे हुए हैं और उस पर खालिस्तानी नारे लिखे गए हैं।

उन्होंने तुरंत इसकी सूचना हिमाचल रोडवेज के जीएम को दी। इसके बाद, बस पर लिखे नारों को हटा दिया गया। हालांकि, इस घटना से यात्रियों और बस स्टाफ में खौफ का माहौल बन गया है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले

गौरतलब है कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश की बसों पर खालिस्तानी नारे लिखने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले भी हिमाचल की बसों को निशाना बनाया गया था, जिससे प्रदेश के यात्रियों और बस ड्राइवरों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस कर रही जांच

फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके। प्रशासन ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एलोरा बेकरी में भीषण आग, दो अन्य दुकानें भी चपेट में, लाखों का नुकसान

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देहरादून: राजपुर रोड स्थित एलोरा बेकरी की दोनों दुकानों में भीषण आग लग गई, जिससे आसपास की दो अन्य दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है।

एलोरा बेकरी के प्रबंधक महिपाल ने बताया कि आग तड़के लगी, जिससे बेकरी में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि बगल की दो अन्य दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं और वहां रखा सामान भी नष्ट हो गया।

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने में सफल रहीं। फिलहाल, नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

गूगल ने Play Store से हटाए 300 मैलिशियस ऐप्स, 60 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड्स, यूजर डेटा चोरी का खुलासा

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नई दिल्ली: गूगल ने एक बड़े साइबर फ्रॉड ऑपरेशन का पर्दाफाश करते हुए Play Store से लगभग 300 मैलिशियस ऐप्स हटा दिए हैं। ये ऐप्स Android 13 OS की सिक्योरिटी को बायपास कर यूजर डेटा चोरी कर रहे थे और अब तक 60 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किए जा चुके थे।

क्यों खतरनाक थे ये ऐप्स?

IAS Threat Lab के साइबरसिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, इन ऐप्स का संबंध Vapor नामक एक बड़े फ्रॉड ऑपरेशन से था। ये ऐप्स न केवल यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी चुराते थे, बल्कि फिशिंग अटैक्स के जरिए क्रेडिट कार्ड डिटेल्स भी हासिल कर सकते थे। इसके अलावा, इन ऐप्स ने 200 मिलियन फेक ऐड रिक्वेस्ट्स जेनरेट किए, जिससे यूजर्स और विज्ञापनदाताओं को भारी नुकसान हुआ।

कैसे ठगे गए यूजर्स?

ये मैलिशियस ऐप्स दिखने में हेल्थ ऐप्स, ट्रैकिंग ऐप्स, QR स्कैनर्स और वॉलपेपर ऐप्स जैसे सामान्य ऐप्स की तरह थे। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि ये फोन में छिप सकते थे, नाम बदल सकते थे और बैकग्राउंड में बिना यूजर इंटरैक्शन के चलते रहते थे। कई ऐप्स ने फुल-स्क्रीन विज्ञापन दिखाकर यूजर्स को गुमराह किया, जिससे उन्हें पहचानना और हटाना मुश्किल हो गया।

अब यूजर्स को क्या करना चाहिए?

  • अगर आपके पास Android 13 OS वाला स्मार्टफोन है, तो इसे तुरंत लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। इससे सिक्योरिटी सिस्टम मजबूत होगा और डेटा सुरक्षित रहेगा।
  • अपने फोन में इंस्टॉल किए गए ऐप्स की जांच करें और संदिग्ध ऐप्स तुरंत हटा दें।
  • अनावश्यक ऐप्स को अनइंस्टॉल करें और फोन में कम से कम ऐप्स रखें।
  • भविष्य में ऐप डाउनलोड करते समय सतर्क रहें – केवल ट्रस्टेड डेवलपर्स के ऐप्स डाउनलोड करें, रिव्यू पढ़ें और इंस्टॉलेशन से पहले ऐप परमिशन चेक करें।

गूगल ने Gmail में जोड़ा नया AI फीचर

गूगल ने हाल ही में Gmail के लिए एक नया अपग्रेड भी जारी किया है। यह अपग्रेड ‘Most Relevant’ नामक AI-पावर्ड सर्च फीचर लाता है, जो जरूरी ईमेल्स को सबसे ऊपर दिखाता है और पुराने क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर को हटा देता है। यह फीचर मौजूदा फिल्टर्स के साथ काम करेगा, जिससे यूजर्स अपने सर्च रिजल्ट्स को और अधिक फाइन-ट्यून कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पर कांग्रेस के गंभीर सवाल, महेंद्र भट्ट को आड़े हाथों लिया

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देहरादून : कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय, राजपुर रोड पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा के बजट सत्र में घटित घटनाक्रम को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

विधानसभा में असंसदीय भाषा पर तीखी प्रतिक्रिया

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बजट सत्र के दौरान तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री द्वारा प्रयोग की गई भाषा संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ थी और यह उत्तराखंड के विधानसभा इतिहास में अभूतपूर्व घटना है। विधानसभा अध्यक्ष का कर्तव्य होता है कि वह सदन की गरिमा बनाए रखें और असंसदीय भाषा को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दें। लेकिन इस मामले में अध्यक्ष ने न तो मंत्री को टोका, न ही कोई हस्तक्षेप किया।

यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि नेता सदन (मुख्यमंत्री) भी उस समय सदन में मौजूद थे, फिर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक लखपत बुटोला ने संसदीय मर्यादा में रहते हुए जब मंत्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाही, तो विधानसभा अध्यक्ष का उनके प्रति व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण था, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा नेताओं की चुप्पी और दोहरे मापदंड पर सवाल

यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए “सड़क छाप” शब्द का इस्तेमाल किया, जो बेहद आपत्तिजनक है। भाजपा को इस शब्द की व्याख्या करनी चाहिए और स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह तत्कालीन कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को उनके पद से हटाया गया, उसी तरह विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व की चुप्पी इस ओर इशारा करती है कि बजट सत्र में हुआ घटनाक्रम किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। भाजपा सरकार राज्य को पहाड़ बनाम मैदान की राजनीति में बांटना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी। कांग्रेस, उत्तराखंड की एकता और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी और जब तक जनता को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

विधानसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक पद है, जो राजनीति से ऊपर होता है। लेकिन उत्तराखंड की वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष भाजपा के सदस्यता अभियान में भाग ले रही हैं, पार्टी के मंच साझा कर रही हैं, जो संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है।

उन्होंने बजट सत्र के दौरान तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री को असंसदीय भाषा के प्रयोग पर नहीं टोका और विपक्षी विधायकों को अपनी बात रखने से रोका। यह उनकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने भी इस घटनाक्रम को नकार दिया है। सोशल मीडिया और सड़कों पर जनता ने इस अलोकतांत्रिक व्यवहार का विरोध दर्ज कराया है।

भाजपा को स्पष्ट करनी होगी अपनी मंशा

गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। भाजपा और प्रदेश सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उत्तराखंड राज्य के निर्माण में सभी वर्गों ने योगदान दिया है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। लेकिन भाजपा की रणनीति राज्य को पहाड़ और मैदान में बांटने की लगती है, यही कारण है कि वह अपने नेताओं के दुर्व्यवहार पर चुप्पी साधे हुए है।

उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर कार्रवाई की गई, उसी तरह विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। तभी यह स्पष्ट होगा कि भाजपा वास्तव में पूरे राज्य को समान दृष्टि से देखती है या नहीं।

 

सचिव आपदा प्रबंधन ने की समीक्षा, जिलों को जल्द योजना तैयार करने के निर्देश

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देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने जिला आपदा प्रबंधन योजना (DDMP) और राज्य आपदा प्रबंधन योजना (SDMP) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इन योजनाओं को जल्द से जल्द तैयार किया जाए।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ये योजनाएँ बनाई जा रही हैं। यूएसडीएमए के एसीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी श्री राज कुमार नेगी ने कहा कि DDMP और SDMP आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। उन्होंने जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को इन्हें प्रभावी तरीके से तैयार करने के सुझाव भी दिए।

एसीईओ (प्रशासन) आनंद स्वरूप ने सभी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों (DDMO) को SDRF और SDMF के लिए शीघ्र डिमांड भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सुरंगों के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने, विभिन्न बांधों, बड़ी परियोजनाओं और संरचनाओं के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान विकसित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (JCEO) मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. बिमलेश जोशी, डॉ. वेदिका पंत, श्री रोहित कुमार, सुश्री तंद्रीला सरकार, श्री हेमंत बिष्ट, श्री अंकित सती, डॉ. रुचिका टंडन, श्री वैभव बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए देशभर के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में हीट वेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई और प्रभावी रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, यूएसडीएमए के एसीईओ (प्रशासन) आनंद स्वरूप, एसीईओ (क्रियान्वयन) डीआईजी राज कुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी और डॉ. बिमलेश जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। डॉ. नरेश कुमार ने जानकारी दी कि इस साल पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गर्मी पड़ने और हीट वेव के दिनों में वृद्धि होने की आशंका है।

गर्मी से बचाव के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

NDMA अधिकारियों ने भीषण गर्मी के मद्देनजर स्कूलों और श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव करने की सिफारिश की, ताकि वे हीट वेव के प्रभाव से बच सकें। सभी राज्यों को हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. आकाश श्रीवास्तव, अपर निदेशक, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने बताया कि सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है, जिसमें हीट वेव से बचाव के लिए व्यापक कार्ययोजना और सुझाव शामिल हैं।

हीट वेव से बचाव के लिए उठाए जाने वाले कदम:

  • अस्पतालों में अलग से हीट स्ट्रोक रूम बनाने के निर्देश.
  • एम्बुलेंस में हीट स्ट्रोक पीड़ितों के उपचार की विशेष व्यवस्था।
  • डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना।
  • सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कूलिंग अप्लायंसेज की व्यवस्था।
  • विद्युत आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करना।
  • सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
  • कूल रूफिंग सॉल्यूशंस को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू करना।
  • प्रत्येक राज्य में एक ‘हीट नोडल ऑफिसर’ की तैनाती।
  • NDMA ने सभी राज्यों को गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और समय रहते ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।