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ट्रंप प्रशासन की बड़ी चूक: सिग्नल ग्रुप चैट में लीक हुआ हूती विद्रोहियों पर हमले का प्लान

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वासिंगटन डीसी : यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा तैयार किया गया गोपनीय युद्ध योजना लीक हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह लीक किसी हैकिंग या जासूसी के कारण नहीं, बल्कि प्रशासन की खुद की चूक से हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने हूती विद्रोहियों पर हमले की योजना एक सिग्नल ग्रुप चैट में साझा कर दी। लेकिन इसमें एक अनजाने ‘विशेष’ सदस्य भी शामिल था—प्रसिद्ध पत्रकार और द अटलांटिक मैगजीन के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग।

गोपनीयता की पोल खुली

सोमवार को व्हाइट हाउस ने भी इस बात को स्वीकार किया कि सिग्नल ग्रुप चैट में हूती विद्रोहियों पर हमले को लेकर चर्चा हुई थी। ब्रायन ह्यूजेस, जो व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता हैं, ने कहा कि यह चैट प्रामाणिक लग रही है। अब प्रशासन इस बात की समीक्षा कर रहा है कि कोई अनजान नंबर इस ग्रुप में कैसे जुड़ गया?

कौन-कौन था ग्रुप में शामिल?

इस ग्रुप में अमेरिका की शीर्ष सुरक्षा और रक्षा से जुड़े अधिकारी थे, जिनमें रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल थे। लेकिन गलती से इस ग्रुप में एक ऐसा सदस्य भी शामिल हो गया, जो प्रशासन का नहीं, बल्कि मीडिया का व्यक्ति था—जेफरी गोल्डबर्ग।

हेगसेथ ने पत्रकार गोल्डबर्ग को बताया ‘धोखेबाज’

इस लीक को लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गोल्डबर्ग पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि “कोई वार प्लान साझा नहीं किया गया था। गोल्डबर्ग एक धोखेबाज और बदनाम पत्रकार हैं, जो बार-बार झूठ फैलाने के लिए जाने जाते हैं।”

ट्रंप ने उड़ाया मजाक, एलन मस्क की पोस्ट भी की री-शेयर

इस पूरे मामले पर जब ट्रंप से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया और कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाद में उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एलन मस्क की एक पोस्ट री-शेयर कर दी, जिसमें लिखा था—
“अगर किसी शव को छिपाना हो, तो सबसे अच्छी जगह अटलांटिक पत्रिका का पेज 2 है, क्योंकि वहां कभी कोई नहीं जाता।”

पत्रकार को गलती से ग्रुप में जोड़ा गया?

गोल्डबर्ग ने एबीसी न्यूज को बताया कि उन्हें माइक वाल्ट्ज नामक एक व्यक्ति का ग्रुप जॉइन करने का अनुरोध मिला था। उन्हें लगा कि यह कोई अन्य वाल्ट्ज होगा, इसलिए उन्होंने जॉइन कर लिया। लेकिन बाद में ग्रुप में हूती विद्रोहियों पर सैन्य कार्रवाई की रणनीति साझा की गई। हमले के बाद जब ग्रुप में ही बधाई संदेश भेजे जाने लगे, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के बीच बैठे हैं।

‘यह एक सुरक्षा उल्लंघन’ – गोल्डबर्ग

गोल्डबर्ग ने इस घटना को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली के लिए “गंभीर उल्लंघन” करार दिया। उन्होंने कहा, “अगर एक पत्रकार को ही हथियार प्रणालियों, यमन में हमले के समय, मौसम और सैन्य रणनीतियों की जानकारी दी जा रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।”

नागपुर हिंसा मामले में घर गिराने पर हाईकोर्ट की रोक, प्रशासन को कड़ी फटकार

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नागपुर: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने नागपुर हिंसा मामले में दो आरोपियों के घरों को गिराने की प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने प्रशासन के रवैये को मनमाना और दमनकारी बताते हुए कड़ी फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि बिना सुनवाई के घरों को गिराना कानून के खिलाफ है।

फहीम खान का घर आदेश से पहले ही गिराया गया

हालांकि, हाईकोर्ट का आदेश आने से पहले ही फहीम खान का दो मंजिला घर ध्वस्त कर दिया गया था। वहीं, यूसुफ शेख के घर के अवैध हिस्से को गिराने की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद रोक दी गई।

अदालत ने प्रशासन से मांगा जवाब

घर गिराने के खिलाफ फहीम खान और यूसुफ शेख ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर जस्टिस नितिन साम्बरे और वृषाली जोशी की बेंच ने सुनवाई की। अदालत ने सवाल उठाया कि बिना सुनवाई के किसी का घर कैसे गिराया जा सकता है? फहीम खान के वकील अश्विन इंगोले ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। यदि तोड़फोड़ अवैध पाई जाती है, तो प्रशासन को नुकसान की भरपाई करनी होगी।

नगर निगम ने भारी सुरक्षा में की थी कार्रवाई

सोमवार सुबह पुलिस सुरक्षा में नगर निगम ने फहीम खान का घर गिराने की कार्रवाई की। प्रशासन ने इसे बिना अनुमति बनी अवैध इमारत बताया। इसी तरह, यूसुफ शेख के घर के अवैध हिस्से को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद उसे रोक दिया गया।

फहीम खान पर देशद्रोह का मामला दर्ज

फहीम खान ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एमडीपी) के नेता हैं। उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज है और वे 17 मार्च की हिंसा में शामिल 100 से अधिक गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं।

नगर निगम का दावा: अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई

नगर निगम ने दावा किया कि फहीम खान की संपत्ति की लीज 2020 में खत्म हो गई थी और उनके घर के लिए कोई आधिकारिक नक्शा पास नहीं था। उन्हें 24 घंटे पहले नोटिस जारी किया गया था और यह कार्रवाई महाराष्ट्र क्षेत्रीय नगर योजना अधिनियम (एमआरटीपी एक्ट) के तहत की गई थी।

सांसदों के वेतन, भत्तों और पेंशन में बढ़ोतरी, 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा नया संशोधन

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सांसदों के वेतन, भत्तों और पूर्व सांसदों की पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी होगी। संशोधन के बाद अब सांसदों को 1,24,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा, जो पहले 1,00,000 रुपये था। वहीं, दैनिक भत्ते को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है।

पूर्व सांसदों की पेंशन में भी संशोधन किया गया है। पहले उन्हें 25,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 31,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, पांच वर्ष से अधिक की सेवा पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। यह संशोधन सांसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 के तहत किया गया है।

संसदीय कार्य मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में इस संशोधन की जानकारी दी गई। संसद के बजट सत्र के दौरान सांसदों के वेतन और पेंशन में यह संशोधन घोषित किया गया है। इससे पहले अप्रैल 2018 में सांसदों के वेतन और भत्तों में बदलाव किया गया था, जिसमें उनका आधार वेतन 1,00,000 रुपये प्रतिमाह तय किया गया था।

सांसदों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं

सांसदों को वेतन के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 70,000 रुपये प्रतिमाह

  • कार्यालय भत्ता: 60,000 रुपये प्रतिमाह

  • दैनिक भत्ता: संसदीय सत्र के दौरान 2,500 रुपये प्रतिदिन

  • यात्रा सुविधा: सालभर में 34 हवाई यात्राएं (परिवार सहित) और प्रथम श्रेणी में असीमित रेल यात्रा

  • फ्री बिजली और पानी: सालाना 50,000 यूनिट बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी

  • आवास सुविधा: नई दिल्ली में निशुल्क सरकारी आवास (हॉस्टल, अपार्टमेंट या बंगला)

  • इंटरनेट और टेलीफोन भत्ता

जो सांसद सरकारी आवास नहीं लेते, वे मासिक आवास भत्ते के पात्र होते हैं। सरकार का कहना है कि सांसदों के वेतन और भत्तों में यह संशोधन महंगाई दर और जीवन यापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे वे अपने संसदीय कार्यों को सुचारू रूप से कर सकें।

मुख्यमंत्री ने 16 एसडीजी अचीवर्स को किया सम्मानित

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एसडीजी अचीवर अवार्ड समारोह में 3 व्यक्तियों, 9 संस्थानों और 4 औद्योगिक प्रतिष्ठानों को एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अग्रगामी 2.0’ और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखंड 2023-2024 का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि राज्य सरकार सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को 2030 तक प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए “त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति” की शुरुआत की है, जो सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल पहले उत्तराखंड एसडीजी इंडिया इंडेक्स में 9वें स्थान पर था, लेकिन आज देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों को मजबूत कर रही है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं, जिन पर और अधिक प्रभावी कार्य करने की आवश्यकता है।

नैनीताल, देहरादून और उत्तरकाशी को भी मिला सम्मान

सीपीपीजीजी द्वारा जारी एसडीजी रैंकिंग 2023-24 में नैनीताल जनपद ने प्रथम स्थान, देहरादून ने दूसरा स्थान और उत्तरकाशी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

एसडीजी अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित व्यक्तित्व और संस्थान

व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता:

  • गगन त्रिपाठी

  • गुरजीत सिंह

  • सुबोध शाह

पुरस्कृत संस्थान:

  • हिमालयन स्टडी सर्कल फॉर एनवायरमेंट, चाइल्ड एजुकेशन, हेल्थ एंड रिसर्च

  • सुविधा एनजीओ

  • जागृति सेवा समिति

  • शक्ति फार्म चारा उत्पादक सहकारी समिति

  • AAGYO

  • सोसाइटी फॉर हिमालयन एसेंशियल नेचुरल एंड रिसर्च

  • हिम विकास सेल्फ रिलायंट कोऑपरेटिव

  • भारतीय ग्रामोथान संस्था

  • दानपुर लोक कला संस्कृति संगम

औद्योगिक प्रतिष्ठान:

  • ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड

  • रिलैक्सो फुटवियर लिमिटेड

  • टीएचडीसीआईएल

  • टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड

मुख्यमंत्री ने नवाचार और सतत विकास के प्रयासों की सराहना की

मुख्यमंत्री ने एसडीजी अचीवर अवार्ड विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ये सभी राज्य के वास्तविक ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 60 स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और सीएसआर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को एसडीजी अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य की पहली रैंकिंग को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है और इसे संभव बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने नीतियों के सरलीकरण और राजस्व वृद्धि के लिए तीव्र गति से कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप खनन राजस्व 400 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ तक पहुंच गया है।

CJI का निर्देश, हाईकोर्ट का एक्शन, कोर्ट की सुनवाई से न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को किया गया अलग

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दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जस्टिस यशवंत वर्मा से तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस ले लिया है। यह जानकारी 24 मार्च 2025 को जारी सप्लीमेंट्री केस लिस्ट में दी गई। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, हालांकि इसके पीछे के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।

हाईकोर्ट के नोटिस के अनुसार, न्यायमूर्ति वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ-III के कोर्ट मास्टर पहले से सूचीबद्ध मामलों में नई तारीख देंगे। यह जानकारी रजिस्ट्रार के नाम से न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी। इस रिपोर्ट में न्यायमूर्ति वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित आवास से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जस्टिस वर्मा के आवास से चार से पांच अधजली बोरियों में नकदी बरामद की गई। वहीं, जस्टिस वर्मा ने इन आरोपों को साजिश करार देते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने स्टोररूम में नकदी रखी थी। उन्होंने इस मामले को उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया है।

नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के घर पर चला बुलडोजर, भारी फोर्स तैनात

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नागपुर : औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर हुए प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके बाद अब महाराष्ट्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके घर पर बुलडोजर चला दिया। फहीम खान पर आरोप है कि वह हिंसा का मास्टरमाइंड था और फिलहाल पुलिस की हिरासत में है।

17 मार्च को नागपुर में भड़की हिंसा के मामले में अल्पसंख्यक लोकतांत्रिक पार्टी (एमडीपी) के नेता फहीम खान समेत 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले नागपुर नगर निगम ने खान को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, जिसकी अवधि पूरी होने के बाद आज कार्रवाई की गई।

पत्नी के नाम पर था मकान

जानकारी के अनुसार, संजय बाग कॉलोनी, यशोधरा नगर में स्थित यह मकान फहीम खान की पत्नी के नाम पर पंजीकृत था। एमडीपी के शहर प्रमुख फहीम खान इस समय जेल में हैं। 17 मार्च को हिंसा उस समय भड़की, जब यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक शिलालेखों वाली एक चादर जलाई गई थी।

हिंसा में पुलिसकर्मी भी हुए घायल

इस हिंसा के दौरान शहर के कई हिस्सों में भारी पथराव और आगजनी हुई, जिसमें तीन डीसीपी स्तर के अधिकारियों समेत कुल 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को स्पष्ट किया था कि हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से कराई जाएगी और यदि वे भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियां जब्त कर नीलाम की जाएंगी। उन्होंने कहा था कि “अगर कानून अनुमति देता है, तो बुलडोजर चलेगा।”

नगर निगम ने पहले ही दी थी चेतावनी

20 मार्च को नागपुर नगर निगम के अधिकारियों ने फहीम खान के घर का निरीक्षण किया था और महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर योजना अधिनियम, 1966 के उल्लंघन का हवाला दिया था। अधिकारियों के अनुसार, इस घर की कोई अधिकृत भवन योजना स्वीकृत नहीं थी, जिससे यह अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है।

उपमुख्यमंत्री शिंदे पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, कुणाल कामरा के शो पर बवाल

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मुंबई | स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। इसको लेकर मुंबई में तोड़फोड़ और विरोध प्रदर्शन हुआ, साथ ही कामरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई।

क्या है पूरा मामला?

कुणाल कामरा ने अपने स्टैंड-अप शो में शिंदे को लेकर कटाक्ष किया और उन्हें “गद्दार” कह दिया। इस बयान से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में जबरन घुसकर तोड़फोड़ कर दी। इसी होटल में कामरा का शो शूट किया गया था।

शिवसैनिकों पर FIR, कामरा को धमकी

इस बवाल के बाद पुलिस ने शिवसेना युवा सेना (शिंदे गुट) के महासचिव राहुल कनाल और 19 अन्य के खिलाफ बीएनएस और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

इस बीच, शिवसेना नेताओं ने कुणाल कामरा को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने एकनाथ शिंदे से माफी नहीं मांगी, तो उनका मुंबई में खुलेआम घूमना मुश्किल हो सकता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जबकि सोशल मीडिया पर भी यह विवाद तूल पकड़ता जा रहा है।

 

उत्तराखंड में टोल प्लाजा पर भीषण हादसा

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देहरादून: आज सुबह करीब 7:29 बजे डोईवाला के लच्छीवाला टोल प्लाजा पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। देहरादून की ओर से आ रहा एक अनियंत्रित डंपर ट्रक कई वाहनों को टक्कर मारते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक रेत से भरा हुआ था और अचानक अनियंत्रित होकर तेजी से टोल प्लाजा में घुस गया। इस भयावह हादसे में दो लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

उत्तराखंड सरकार के तीन साल पूरे, धामी ने की तीन बड़ी घोषणाएं

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-उपनल और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनेगी।

-छात्रों-युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण मिलेगा।

-दस करोड़ रुपये तक के सरकारी कार्य सिर्फ स्थानीय ठेकेदारों को दिए जाएंगे।

-सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष पूरे होने पर देहरादून के परेड ग्राउंड में भव्य कार्यक्रम आयोजित।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर तीन बड़ी घोषणाएं कीं—प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता, उपनल और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए नीति, और स्थानीय ठेकेदारों के लिए 10 करोड़ रुपये तक के सरकारी कार्य आरक्षित करना।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य ने चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने गिनाईं तीन वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ 30 से अधिक नई नीतियों के निर्माण का उल्लेख किया। सरकार की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं।

 

✅ अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर मुफ्त

 

✅ महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण.

 

✅ राज्य आंदोलनकारियों को 10% आरक्षण.

 

✅ वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी.

 

✅ सरकारी नौकरियों में खेल कोटा बहाल.

 

✅ विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना.

 

✅ 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें मुफ्त.

बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4% की कमी आई है, जिससे यह राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 13.59% और प्रति व्यक्ति आय में 11.33% की वृद्धि दर्ज की गई है।

महत्वपूर्ण कानूनों का ज़िक्र

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह देवभूमि से पूरे देश में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। उन्होंने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानूनों तथा भू-कानून के प्रभावों पर भी चर्चा की।

‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ का विमोचन किया। इसके साथ ही ‘देवभूमि रजत उत्सव- संकल्प से सिद्धि’ कैलेंडर और कंटेंट क्रिएटर प्रतियोगिता का डिजिटल शुभारंभ भी किया गया।

बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 13 बच्चों को सम्मान

सरकार के प्रयासों से शिक्षा की मुख्यधारा में लौटे 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के प्रभावितों को 10 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि वितरित की गई। अटल आवास योजना के लाभार्थियों को चेक और चाबियां सौंपी गईं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जिला स्तरीय कार्यक्रम

कार्यक्रम में कलाकारों ने उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पूरे प्रदेश में जिला और ब्लॉक स्तर पर सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन हुआ।

सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया फिट इंडिया मूवमेंट, युवाओं के बीच लगाए पुश-अप्स

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देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में रविवार को राज्य सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिट इंडिया रन का फ्लैग ऑफ किया और युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर खुद भी पुश-अप्स लगाए।

मुख्यमंत्री ने फिटनेस का संदेश देते हुए खिलाड़ियों को aaफिट इंडिया की शपथ दिलाई और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक स्वस्थ नागरिक ही राज्य की सबसे बड़ी ताकत होता है। इस मौके पर उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित ड्रोन कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ड्रोन भी वितरित किए गए।

“सेवा, सुशासन और विकास” के तीन वर्ष

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार के तीन साल जनता की सेवा, सुशासन और विकास को समर्पित रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपने सपनों के प्रति समर्पित रहने और संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, उन्होंने भी अपने सफर की शुरुआत कठिन परिस्थितियों में की थी।

“फिट उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड”

मुख्यमंत्री ने युवाओं से रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने, पौष्टिक आहार अपनाने और नशे से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया फिट इंडिया मूवमेंट अब एक जन आंदोलन बन चुका है, और उत्तराखंड सरकार भी इसमें पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और जीवंत आत्मा की कुंजी है, और इसी के माध्यम से फिट उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड का सपना साकार होगा।

खेल सुविधाओं का विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में खेल सुविधाओं को लगातार बढ़ा रही है। हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी उत्तराखंड ने की, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया।

राज्य सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने और आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति के तहत विभिन्न विभागों में नौकरी देने का भी फैसला किया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को खेल किट, यात्रा भत्ता और चोटिल होने पर आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

खेल को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं

उत्तराखंड सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी और अत्याधुनिक खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक स्तर तक पहुंच सकें।