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सिंधु जल संधि की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

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नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है। इसमें समझौते की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। यह याचिका एमएल शर्मा ने दायर की है। वहीं आज 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि समझौते को रद्द करने के नफा-नुकसान पर चर्चा करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर होगी।
बता दें कि 1960 में पानी के बंटवारे को लेकर भारत-पाकिस्तान में एक संधि हुई था। इस संधि को सिंधु जल संधि के नाम से जाना जाता है। इस संधि पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे। इस संधि के तहत सतलुज, ब्यास, रावी, सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों के पानी का बंटवारा किया गया था। सतलुज, ब्यास और रावी का ज्यादातर पानी भारत के हिस्से आता है जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का ज्यादातर पानी पाकिस्तान के हिस्से आता है। सिंधु, झेलम और चेनाब के बहाव पर भारत का नियंत्रण सीमित है। इस पानी से पाकिस्तान में कई प्रोजेक्ट और सिंचाई होती है।
पाकिस्तान का एक बड़ा इलाका सिंधु नदी के पानी पर आश्रित है। उरी में आतंकी हमले के बाद के हर कोने से एक ही आवाज उठी। पाकिस्तान को सबक सिखाओ, लेकिन सबक सिखाएं तो कैसे? पाकिस्तान के साथ सीधी जंग तो मुमकिन नहीं, इसलिए पाकिस्तान की कमर तोड़ने के लिए सिंधु जल संधि तोड़ने का प्रस्ताव सामने आया।
गौरतलब है कि 18 सिंतबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में 12 ब्रिगेड की छावनी पर आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में 18 सेना के जवान शहीद हो गए थे।

भारत की बड़ी कामयाबी, PSLV से दागे गए 8 उपग्रह, पहली बार एक साथ दो कक्षाओं में प्रक्षेपण

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महासागर और मौसम के अध्ययन के लिए तैयार किये गये स्कैटसैट-1 (एससीएटीएएटी-1) और सात अन्य उपग्रहों को लेकर पीएसएलवी सी-35 ने सोमवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी. स्कैटसैट-1 से इतर सात उपग्रहों में अमेरिका और कनाडा के उपग्रह भी शामिल हैं.
स्कैटसैट-1 के अलावा, इसरो का 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी रॉकेट दो भारतीय विश्वविद्यालयों के उपग्रह भी साथ लेकर गया है. इसके अलावा तीन उपग्रह अल्जीरिया के हैं और एक-एक उपग्रह अमेरिका और कनाडा का है. पीएसएलवी सी-35 ने चेन्नई से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह नौ बजकर 12 मिनट पर उड़ान भरी. यह पहली बार है, जब पीएसएलवी दो अलग-अलग कक्षाओं में पेलोड प्रक्षेपित करेगा. इस काम के लिए चार चरणों वाले इंजन को दो बार दोबारा शुरू किया जाएगा.
पीएसएलवी सी-35 चेन्नई से करीब 110 किमी दूर स्थित स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह नौ बजकर 12 मिनट पर अपने सफर के लिए रवाना हुआ. स्कैटसैट-1 एक प्रारंभिक उपग्रह है और इसे मौसम की भविष्यवाणी करने और चक्रवातों का पता लगाने के लिए है. इसरो ने कहा कि यह स्कैटसैट-1 द्वारा ले जाए गए कू-बैंड स्कैट्रोमीटर पेलोड के लिए एक ‘सतत’ अभियान है.
कू-बैंड स्कैट्रोमीटर ने वर्ष 2009 में ओशनसैट-2 उपग्रह द्वारा ले जाए गए एक ऐसे ही पेलोड की क्षमताएं पहले से बढ़ा दी हैं. स्कैटसैट-1 के साथ जिन दो अकादमिक उपग्रहों को ले गया है, उनमें आईआईटी मुंबई का प्रथम और बेंगलुरु बीईएस विश्वविद्यालय एवं उसके संघ का पीआई सैट शामिल हैं. प्रथम का उद्देश्य कुल इलेक्ट्रॉन संख्या का आकलन करना है जबकि पीआई सैट अभियान रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों के लिए नैनोसेटेलाइट के डिजाइन एवं विकास के लिए है.
पीएसएलवी अपने साथ जिन विदेशी उपग्रहों को ले गया है, उनमें अल्जीरिया के- अलसैट-1बी, अलसैट-2बी और अलसैट-1एन, अमेरिका का पाथफाइंडर-1 और कनाडा का एनएलएस-19 शामिल हैं. इसरो ने कहा कि पीएसएलवी सी-35 के साथ गए सभी आठ उपग्रहों का कुल वजन लगभग 675 किलोग्राम है. स्कैटसैट-1 का वजन 371 किलोग्राम है.
स्कैटसैट-1 को उड़ान भरने के 17 मिनट बाद 730 किलोमीटर उंचाई पर स्थित ‘पोलर सनसिंक्रोनस ऑर्बिट’ में छोड़ा जाना है. बाकी उपग्रहों को लगभग दो घंटे बाद 689 किलोमीटर उंचाई वाली एक निचली कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा.

पाक उच्चायुक्त बासित बोले- कश्मीरी भारत के साथ खुश तो वहीं रहें

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नई दिल्ली। उरी हमले के बाद भारत का कूटनीतिक दबाव रंग ला रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बाद भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित का कहना है कि जंग कोई हल नहीं है। कश्मीरियों को अपने भविष्य को चुनने का मौका मिलना चाहिए। अगर वो भारत में खुश हैं तो उन्हें वहीं रहने दो।
कोझिकोड में नरेंद्र मोदी की चेतावनी पर पाकिस्तान में हलचल है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी मुल्क कहना सिर्फ जुमलेबाजी है। हम भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उससे कोई मकसद हल नहीं होता। दो देशों के रिश्ते जुमलेबाजी से नहीं चलते। किसी भी देश को इस तरह की चेतावनी देना सही नहीं है।एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कर में बासित ने कहा कि उड़ी आतंकी हमले में पाक का कोई लेना-देना नहीं है।
पाकिस्तान हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन को भारत के खिलाफ जहर उगलने की इजाजत क्यों देता है? इस पर बासित ने कहा कि ऐसी आवाजें भारत में भी उठती हैं, लेकिन पाकिस्तान या भारत की पॉलिसी लोगों के आग उगलते भाषणों से नहीं तय होतीं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर भारतीय सेना द्वारा सीमा पार कर आतंकी ठिकानों के तबाह किए जाने के सवाल पर बासित ने कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पाकिस्तान अपनी हिफाजत करने में काबिल है। मुझे नहीं लगता कि चीजें इस हद तक बढ़ेंगी।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा- भारत कश्मीर के निहत्थे लोगों पर जुल्म कर रहा है। महिलाओं और बच्चों को भी बख्शा नहीं जा रहा है। बयान के मुताबिक, जुलाई में कश्मीरी यूथ लीडर बुरहान वानी की हत्या के बाद जब वहां के लोगों ने आवाज उठाई तो जुल्म बढ़ गए। पिछले 75 दिनों में कश्मीर के करीब 100 लोग शहीद हुए, कई ने आंखें गंवा दी और हजारों जख्मी हुए।
पाक ने कहा कि ये बदकिस्मती की बात है कि इतने जुल्मों के बाद भी भारतीय नेता पाकिस्तान को बदनाम करने की और कश्मीर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अफसोस है कि ये सब टॉप लेवल से किया जा रहा है। बयान के मुताबिक, ‘दुनिया के कई देश कश्मीर में हो रहे ह्युमन राइट्स वॉयलेशन पर नजर रख रहे हैं। हम मांग करते हैं कि कश्मीर में स्वतंत्र जांच दल और फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे जाएं। पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं। इंडियन नेवी के एक अधिकारी कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी से साफ हो जाता है कि भारत हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है।’

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में की घुसपैठ, चार दिन बाद भारतीय सेना ने खदेड़ा

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भारत में घुसपैठ की घटनाओं पर लगाम लगती नजर नहीं आ रही हैं. पाकिस्तानी आतंकियों का उरी में सेना पर हमला करने का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की घटना सामने आई है. खबर के मुताबिक 9 सितंबर को चीनी सैनिक भारत की सीमा में न सिर्फ घुस आए थे बल्कि उन्होंने 45 किलोमीटर अंदर आकर प्लम इलाके में कैंप भी बनाए थे.
चार दिन बाद 13 सितंबर को भारतीय सेना और आईटीबीपी ने इलाके में जॉइंट पेट्रोलिंग के दौरान उन्हें वहां से वापस खदेड़ दिया था.
इंटेलिजेंस के उच्च स्तरीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल चांगलांग जिले से 94 किलोमीटर दूर है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने सीमा पर स्थित हदीग्रह पास इलाके से घुसपैठ की और वहां से 45 किलोमीटर अंदर आकर प्लम इलाके तक पहुंच गए और यहां अस्थाई कैंप भी बना लिया.
सूत्रों ने आगे बताया कि भारतीय सेना ने 5 सितंबर को चांगलांग से 52 किलोमीटर दूर थीनिया में लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग की थी. 9 सितंबर को थीनिया और प्लम के बीच भारतीय सेना का सामना चीनी सेना से हुआ.
भारतीय सीमा में घुसपैठ और तनाव को रोकने के लिए 14 सितंबर को भारतीय सेना और पीएलए की फ्लैग मीटिंग रखी गई थी. ये बैठक चीन में हुई थी. सूत्रों ने बताया कि 1 अक्टूबर को एक और बैठक बुलाई गई है.

पाकिस्‍तान को मिलेगा करारा जवाब, संयुक्त राष्ट्र महासभा को आज संबोधित करेंगी सुषमा स्‍वराज

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न्यूयार्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र को संबोधित करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यहां पहुंच चुकी हैं और सभी की नजरें महासभा में सोमवार को होने जा रहे उनके संबोधन पर टिकी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अपने संबोधन में सुषमा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से कश्मीर पर आक्षेपों का एक चुभ जाने वाला जवाब देने वाली हैं। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि सुषमा स्वराज अपने भाषण में नवाज शरीफ के हर झूठे दावे की पोल खोलेंगी। उरी हमले को लेकर पाक पीएम नवाज शरीफ को करारा जवाब दे सकती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि भारत की ओर से अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील करने की रणनीति को भी सुषमा यहां आगे बढ़ा सकतीं हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करने के लिए भारत पहले ही कमर कस चुका है।
बता दें कि सुषमा रविवार दोपहर यहां पहुंची हैं और आज सुबह वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज न्यूयार्क पहुंचीं। शरीफ ने महासभा में अपने संबोधन के दौरान ज्यादा ध्यान कश्मीर पर ही केंद्रित रखा था। ऐसे में सुषमा से उम्मीद की जा रही है कि वह शरीफ के उस भाषण का कड़ा जवाब देंगी।
शरीफ के भाषण पर भारत ने जवाब के अधिकार का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को ‘आतंकवाद की शरणस्थली’ तथा ऐसा ‘आतंकी देश’ करार दिया, जो आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर करते हुए ‘युद्ध अपराधों’ को अंजाम देता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भारत के प्रमुख फोकस को रेखांकित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने कहा था कि आतंकवाद भारत के साथ-साथ विश्वभर के देशों के लिए ‘प्राथमिक चिंता’ का विषय है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और शांति रक्षा जैसी अन्य प्राथमिकताओं को भी सूचीबद्ध किया और इन्हें महासभा के मौजूदा सत्र में भारत की प्राथमिकता बताया।

पाकिस्तानी एक्टर ने भारतीयों पर किए नस्लवादी कमेंट्स, शो से निकाला गया

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कश्मीर मुद्दे पर भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक नस्ली ट्वीट करने वाले पाकिस्तानी अभिनेता मार्क अनवर को ब्रिटिश सीरियल ‘कोरोनेशन’ स्ट्रीट से बाहर कर दिया गया है. 45 साल के अनवर फरवरी 2014 में कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
आईटीवी चैनल ने कहा कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया. काफी समय से चल रहे इस सीरियल में 45 साल के अनवर शरीफ नजीर नाम का किरदार निभा रहे थे. जब संडे मिरर अखबार के जरिए आईटीवी नेटवर्क के प्रमुखों को अनवर की नस्लीय ट्वीटों के बारे में पता चला तो उन्होंने अभिनेता को इस धारावाहिक से बाहर कर दिया गया.
इन ट्वीटों में भारतीयों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था. मिरर ने अभिनेता के ट्विटर अकाउंट पर इन कथित टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट को प्रकाशित किया है. इनमें अनवर ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर निशाना साधा है. उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों से भारत में काम ना करने की भी अपील की. अखबार ने आईटीवी की ओर से आधारिकारिक वक्तव्य को भी प्रकाशित किया है. इसमें कहा गया, मार्कर् अनवर द्वारा ट्विटर पर नस्लीय रूप से की गयी अपमानजनक टिप्पणी पूरी तरह अस्वीकार्य है, हम इससे स्तब्ध है.
चैनल ने कहा, हमने मार्क से बात की है और उनकी टिप्पणियों के परिणामस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से कोरोनेशन स्ट्रीट से बाहर कर दिया गया है. हाल में कश्मीर के उरी में हुए एक आतंकी हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हो गए. घटना के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. अभिनेता ने टिप्पणी उसी पृष्ठभूमि में की है.

ऐसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों से हमारा कुछ भला नहीं होगा

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देश में उच्च शिक्षा की दशा को लेकर सरकार की चिंता सामयिक भी है और सराहनीय भी. लेकिन विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने की उसकी योजना के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता. मुट्ठी भर विश्वस्तरीय संस्थान बनाने के बजाय जोर विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ऐसा माहौल तैयार करने पर होना चाहिए जिसमें वे दुनिया से होड़ ले सकें.
दरअसल विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी बनाने का यह विचार ही दोषपूर्ण है. ऐसी कोई जादू की छड़ी नहीं है कि कोई विश्वविद्यालय खुलते ही विश्वस्तरीय हो जाए. सरकार इसे बढ़िया से बढ़िया सुविधाएं दे सकती है लेकिन कोई विश्वविद्यालय कितना अच्छा है, यह इस बात से तय होता है कि उससे कितने ज्ञान का सृजन हो रहा है और उस ज्ञान की गुणवत्ता कैसी है. सबसे जरूरी चीज है फैकल्टी और उस फैकल्टी की अगुवाई या निगरानी में होने वाला काम. यह क्रमिक विकास की प्रक्रिया है जो एक रात में पूरी नहीं हो सकती. इसलिए जोर पहले माहौल तैयार करने पर होना चाहिए.
इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले उच्च शिक्षा के ढांचे को चलाने वाली जो व्यवस्था है उसमें आमूलचूल बदलाव लाया जाए. अभी नियामक का जोर निगरानी और क्या पढ़ाया जा रहा है, इस पर होता है. इसके बजाय यह नतीजों पर होना चाहिए. विश्वविद्यालयों को संचालन और वित्तीय प्रबंधन में स्वायत्तता दी जानी चाहिए. नियामक यह सुनिश्चित करे कि विश्वविद्यालय मानकों के अनुरूप चलें, अपने दावों पर खरे उतरें और सबके साथ बराबरी से बर्ताव करें.
अभी नियामक ही अप्रभावी है इसलिए प्रस्तावित विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों को इस नियामक से छूट देने से उनकी सफलता सुनिश्चित नहीं होगी. विश्वविद्यालयों को फलने-फूलने के लिए एक माहौल की जरूरत होती है. इसके लिए जरूरी है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाया जाए. इस दिशा में पहला कदम एक सक्रिय और प्रभावी नियामक है. यह काम आसान नहीं होगा और इसमें समय भी लगेगा. लेकिन आखिर में इसकी परिणति एक ऐसी व्यवस्था के रूप में होगी जो सबका भला करेगी न कि सिर्फ कुछ का.

500वां टेस्ट मैच: फिरकी के आगे कीवी मुश्किल में, पहला सेशन भारत के नाम

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कानपुर। टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच कानपुर में खेला जा रहा है। यह टीम इंडिया का ऐतिहासिक 500वां टेस्ट भी है। तीसरे दिन का खेल जारी है। न्यूजीलैंड ने लंच तक 5 विकेट खोकर 238 रन बना लिए हैं। मिचेल सैंटनर (28) और बीजे वाटलिंग (3) क्रीज पर हैं।
न्यूजीलैंड के लिहाज से तीसरे दिन की शुरुआत खराब रही। इंडियन टीम ने जल्दी-जल्दी 3 विकेट झटके लेकिन, टीम इंडिया को अगले विकेट के लिए इंतजार करना पड़ा। यहां तक कि कोहली ने रोहित शर्मा से भी ओवर कराया। हालांकि इसके बाद रवींद्र जडेजा ने ल्यूक रॉन्ची (33) को आउटकर भारत को पांचवीं सफलता दिला दी। रॉन्ची और सैंटनर के बीच 49 रन की साझेदारी हुई।
तीसरे दिन न्यूजीलैंड की पारी को शुक्रवार के नाबाद बल्लेबाज केन विलियम्सन और टॉम लाथम ने एक विकेट पर 152 रन से आगे बढ़ाया। टीम इंडिया को सफलता के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा और दिन के तीसरे ओवर में ही आर अश्विन ने गुरुवार को शानदार खेल दिखाने वाले लाथम को 58 के निजी स्कोर पर पगबाधा आउट कर दिया। विलियम्सन-लाथम के बीच 124 रन की अहम साझेदारी हुई। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 159 रन था। स्कोर में एक रन और जुड़ा था कि रवींद्र जडेजा ने रॉस टेलर (0) को चलता कर दिया। टेलर भी पगबाधा आउट दिए गए। न्यूजीलैंड को चौथा और बड़ा झटका कप्तान विलियम्सन (75) के रूप में लगा, जिन्हें अश्विन ने बोल्ड किया।
इसके पहले भारत की पहली पारी 318 रनों पर समाप्त हुई थी। इस तरह मेहमान टीम पहली पारी में 80 रन पीछे है जबकि उसके 5 विकेट शेष है।

कपिल शर्मा के शो पर आएंगे अन्ना हजारे

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सामाजिक आंदोलन से चर्चा में आए किसन बाबूराव हजारे उर्फ अन्ना हजारे के जीवन पर भी एक फिल्म बनकर तैयार है। खबर है कि ‘अन्ना : किसन बाबूराव हजारे’ नाम से बनी इस फिल्म के प्रचार के लिए अन्ना हजारे कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में आएंगे।
सूत्र ने बताया ‘ अन्ना हजारे शुक्रवार को शो के लिए शूटिंग करेंगे। यह पहला मौका होगा जब अन्ना किसी टीवी शो का हिस्सा होंगे। वो यहां अपनी बायोपिक का प्रचार करेंगे।’
आपको बता दें कि ‘अन्ना : किसन बाबूराव हजारे’ की अवधि 130 मिनट लंबी है। फिल्म की शूटिंग अन्ना के पैतृक गांव रालेगण सिद्धी, अहमदनगर (महाराष्ट्र), मुंबई, नई दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान में हुई है।
फिल्म का निर्माण राइज पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशन शशांक उदापुरकर ने किया है। पहली बार निर्देशन कर रहे शशांक मराठी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता हैं। शशांक के अलावा फिल्म में एक्ट्रेस तनिषा मुखर्जी भी हैं। वो एक पत्रकार बनी हैं। बायोपिक में तीन गीतों को भी शामिल किया गया है।
‘द कपिल शर्मा शो’ से कपिल शर्मा, नवजोत सिंह सिद्धू, सुनील ग्रोवर, चंदन प्रभाकर, कीकू शारदा, अली असगर और सुमोना चक्रवर्ती जैसे कलाकार जुड़े हुए हैं।

'भट्ट कैम्प' और 'राज' फ्रेंचाइजी का बॉक्स ऑफिस कनेक्शन

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हिंदी फिल्म जगत में भट्ट कैम्प को दर्शकों के लिए अलग-अलग जोनर की फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। इनमें रोमांस, थ्रिलर, एक्शन का तड़का शामिल होता है। मगर बीच-बीच में यह अपनी ओर से हॉरर का रोमांच भी दर्शकों के बीच लेकर आता है। अच्छी बात यह है कि इसे रिस्पांस भी ठीक-ठाक मिल जाता है।

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इन दिनों ‘राज रीबूट’ को लेकर एक बार फिर भट्ट कैम्प सुर्खियों में है। यह ‘राज’ फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म है जो रिलीज हो चुकी है। दर्शकों को यह फिल्म कितनी पसंद आएगी? यह तो कुछ दिनों में पता लग ही जाएगा। मगर हां, मोटे तौर पर देखें तो भट्ट कैम्प के लिए ‘राज’ फ्रेंचाइजी की फिल्में हमेशा ही फायदे का सौदा ही साबित हुई है। कम से कम आंकड़े तो यही बताते हैं। आइए डालते हैं उन पर एक नजर।

विक्रम भट्ट फिर से डर का रोमांच बड़े परदे पर लेकर आए हैं। इसकी शुरुआत साल 2002 में हॉरर फिल्म ‘राज’ से हुई थी। विक्रम के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बिपाशा बसु, डिनो मारिया और आशुतोष राणा जैसे कलाकार नजर आए थे। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर 37 करोड़ रुपए कमाए थे। बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली यह दूसरी फिल्म बनी थी। फिल्म के बोल्ड सीन चर्चा में रहे थे।
लंबे ब्रेक के बाद साल 2009 में आई फिल्म ‘राज : द मिस्ट्री कंटीन्यूस’। इस बार निर्देशन की बागडोर मोहित सूरी ने संभाली। स्टार कास्ट में इमरान हाशमी के साथ कंगना रनोट और अध्ययन सुमन का नाम शामिल था। यह फिल्म भी सेमी हिट ही रही थी। इसकी कमाई का आंकड़ा 34 करोड़ रुपए से ज्यादा का था। यह सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में 15 वें क्रम पर थी। कंगना और अध्ययन की रिलेशनशिप चर्चा में थी।

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साल 2012 में इस कड़ी का तीसरा भाग ‘राज 3’ के नाम से रिलीज हुआ। फिल्म का निर्देशन फिर से विक्रम भट्ट ने खुद संभाला। स्टार कास्ट में इमरान हाशमी के साथ बिपाशा बसु की वापसी हुई। नए चेहरे के तौर पर ईशा गुप्ता दिखीं। यह फिल्म भी सुपरहिट रही। इमरान-बिपाशा की केमिस्ट्री के अलावा ईशा गुप्ता का न्यूड सीन सुर्खियाें में था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 97 करोड़ रुपए कमाए थे। सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में इस फिल्म को 13 वें क्रम पर रखा गया।

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एक बार फिर ‘राज’ फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म ‘राज रीबूट’ दर्शकों के बीच है। फिल्म को रिलीज हुए दो ही दिन हुए हैं। फिल्म को पहले दिन अच्छा रिस्पांस मिला है। वीकेंड के बाद देखना होगा कि फिल्म को फैन्स ने कैसा सपोर्ट किया है। इस फिल्म का निर्देशन एक बार फिर विक्रम भट्ट ने किया है। स्टार कास्ट में इमरान हाशमी के साथ दो नए चेहरे कीर्ति खरबंदा और गौरव अरोड़ा भी शामिल हैं। कीर्ति की यह पहली हिंदी फिल्म है जबकि गौरव इससे पहले भट्ट कैम्प की फिल्म ‘लव गेम्स’ में नजर आ चुके हैं।