सेहत को ठीक रखने में खान-पान की भूमिका काफी अहम होती है लेकिन शरीर को सेहतमंद रखने में व्यायाम भी काफी फायदेमंद होता है। यदि आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तो इससे आपका तन और मन दोनों खिले रहेंगे। शरीर स्वस्थ रहने पर मस्तिष्क भी स्वस्थ रहेगा।
व्यायाम करने से हमारे दिमाग के टेम्पोरल लोब नामक हिस्से की कार्यक्षमता तेज होती है जो कि हमारी भावनाओं से जुड़ी यादों को जमा रखने के लिए जिम्मेदार होती है। इसके अलावा कुछ नया सीखने और प्रदर्शन करने की क्षमता बढ़ती है।
अभ्यास करने से मनुष्य भूलने की बीमारी -डिमेंशिया, अल्जाइमर से छुपकारा पा सकता है। इसके अलावा व्यायाम से मास्टर ग्लैंड कही जाने वाली पीयूष ग्रंथि या पिट्यूटरी ग्लैंड ज्यादा एंडोर्फिन हार्मोन स्रावित करती है जो दर्द निवारक होता है। तनाव, अवसाद और उत्तेजना के प्रति संवेदी होने का खतरा कम होता है।
तन और मन को तंदुरूस्त रखता है व्यायाम
हिंदी प्रेमियों को फेसबुक का शानदार तोहफा
नई दिल्ली : फेसबुक ने सोमवार को हिंदी प्रेमियों को एक शानदार तोहफा दिया है। फेसबुक ने एक टूल लॉन्च किया है, जिसके जरिये हिंदी में टाइप करना आसान हो जाएगा। फेसबुक ने कहा- ‘हम अब एंड्रॉयड फोन्स के लिए फेसबुक एप के अंदर एक हल्के वजन का हिंदी एडिटर पेश कर रहे हैं।’
फेसबुक के मुताबिक- ‘जब एप की सेटिंग ऑन कर दी जाएगी, तब आप बार में मौजूद एक बटन के जरिए अपनी ताजा सूचना और टिप्पणियां टाइप कर सकते हैं। यह रोमन अक्षरों को खुद ही देवनागरी लिपि में परिवर्तित कर देगा। बयान में आगे कहा गया है, ‘जब लोग इसका प्रयोग करते हैं, तब अक्षर अंग्रेजी में टाइप होते हैं और वह देवनागरी लिपि में बदल जाता है।’
भूमाता ब्रिगेड के मार्च को लेकर हाजी अली के चारों ओर घेराबंदी
शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के बाद भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने अब मुंबई की हाजी अली दरगाह का रुख किया है. महिलाओं को इबादत का समान हक दिलाने के लिए तृप्ति गुरुवार को हाजी अली जाने वाली हैं. उनके इस कदम के विरोध में एमआईएम और दूसरे धार्मिक संगठन एक साथ हो गए हैं, वहीं टकराव की स्थिति के एहतियातन पुलिस ने दरगाह के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी है.
दूसरी ओर, बीएसपी प्रमुख मायावती ने मामले को धर्म से संबंधित होने के कारण फैसला धर्मगुरुओं पर छोड़ने की बात कही है. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि हर धर्म के अपने रिवाज हैं और उसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. यह मामला उस धर्म के धर्मगुरुओं के ऊपर छोड़ देना चाहिए. महिलाओं को बराबरी तो मिलनी चाहिए, लेकिन उसका ठीक तरीका होना चाहिए.’
तृप्ति देसाई ने मामले में बॉलीवुड की तीनों सुपरस्टार खान सलामन, शाहरुख और आमिर खान से अपील की है कि वो इस मामले में अपना रुख साफ करें. तृप्ति ने कहा, ‘मुझे लगता है कि शाहरुख, सलमान खान और आमिर खान को भी इस मामले में अपना रुख साफ करना चाहिए. इससे समाज पर बड़ा असर पड़ेगा. ऐसा करने से उनके फैंस भी हमारी बराबरी की लड़ाई में साथ जुड़ेंगे.’
गौरतलब है कि बीते कई महीनों के संघर्ष के बाद भूमाता ब्रिगेड के नेतृत्व में महाराष्ट्र के तीन मंदिरों शनि शिंगणापुर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर के गर्भ गृह में महिलाओं प्रवेश मिल पाया है. जबकि हाजी दरगाह की मजार पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन 28 अप्रैल को प्रदर्शन को लेकर वह पहले ही ऐलान कर चुकी हैं.
दूसरी ओर, एमआईएम नेता रफत हुसैन का कहना है कि अगर तृप्ति देसाई दरगाह में जबरन घुसने की कोशिश करती हैं तो उनके ऊपर काली स्याही फेंकी जाएगी.
हुसैन ने कहा, ‘हमारे धर्म के खिलाफ जाएंगे तो हम कालिख 100 फीसदी पोतेंगे. तृप्ति देसाई कानून हाथ में ले सकती हैं तो हम क्यों नहीं?’ रफत हुसैन ने आगे कहा कि तृप्ति मुस्लिम औरतों को भड़काने की कोशिश कर रही हैं.
इससे पहले शिवसेना नेता हाजी अराफात तृप्ति को चप्पल से पीटने की धमकी दे चुके हैं. शिवसेना और एमआईएम के अलावा इस्लामिक सगंठन आवाम विकास पार्टी की खातून ब्रिगेड ने भी ऐलान किया है कि वो किसी भी हाल में इस्लामिक परंपरा टूटने नहीं देंगे. गुरुवार को खातून ब्रिगेड की करीब 200 महिलाएं हाजी अली के बाहर ह्यूमन चैन बनाकर तृप्ति देसाई को रोकेंगी.
I P L 2016 हाईकोर्ट के आदेश पर रोक से सुप्रीमकोर्ट का इंकार
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को आईपीएल मामले पर बांबे उच्च न्यायालय के दिये गये पिछले निर्णय को बरकरार रखते हुये मौजूदा ट््वंटी 20 लीग के मैचों को मई माह में सूखाग्रस्त महाराष्ट्र से बाहर कराने के निर्देश दिये।
सर्वोच्च अदालत ने पुणे में 1 मई को एकमात्र आईपीएल मैच की अनुमति हालांकि दी है। लेकिन इसके बाद सभी आईपीएल मुकाबले महाराष्ट्र के बाहर ही कराये जाने के बांबे उच्च न्यायालय के निर्णय पर सहमति जताई है। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र और मुंबई क्रिकेट संघों की बांबे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ की गई याचिका को खारिज करते हुये यह निर्णय दिया।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि सूखे के चलते लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और ऐसे में मैचों को बाहर ले जाना बेहतर होगा। इस आदेश से सुप्रीम कोर्ट ने इशारा कर दिया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश सही है कि लोगों की जिंदगी से बढ़कर क्रिकेट नहीं है। सुनवाई के दौरान मुंबई की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और महाराष्ट्र क्रिकेट की ओर से पी चिदंबरम पेश हुए। सिंघवी ने कहा कि वानखेडे में चार मैचों के लिए 8-10 लाख लीटर पानी की जरूरत है और वो सीवर का ट्रीटमेंट वाला पानी इस्तेमाल करेंगे। लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि आंकड़े कहां से आए क्योंकि याचिकाकर्ता का कहना है कि 60 लाख लीटर पानी की जरूरत होगी।पीने के पानी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा
वहीं, चिदंबरम ने कहा कि महाराष्ट्र में 6 मैचों के लिए 4.80 लाख लीटर पानी की जरूरत होगी और इसके लिए टैंकर की व्यवस्था की गई है। इससे पीने के पानी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि आप ट्रीटमेंट वाला पानी टैंकर से मंगाने को तैयार हैं तो क्या हम सभी स्टेडियम में पानी की सप्लाई काट सकते हैं और कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ये निगरानी करा सकते हैं कि किसी भी स्टेडियम में सप्लाई का एक बूंद पानी भी इस्तेमाल ना हो। लेकिन सिंघवी ने कहा कि लोगों के लिए टायलेट और पिच के लिए को पानी की जरूरत पड़ेगी।पानी की कमी है और ऐसे में विवाद में पडऩे की जरूरत नहीं
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पानी की कमी है और ऐसे में विवाद में पडऩे की जरूरत नहीं। बेहतर होगा कि आप मैच बाहर ले जाएं। दरअसल महाराष्ट्र में सूखे के चलते आईपीएल के मैचों को राज्य से बाहर कराने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन और मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा था।
एमसीए की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की पिछली सुनवाई में उन्होंने अदालत में कहा, हम महाराष्ट्र के लोगों के खिलाफ नहीं हैं और हमारी उनसे पूरी सहानुभूति है।सूखाग्रस्त महाराष्ट्र में 30 तक ही आईपीएल मैच दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने अहम फैसले में कहा था कि सूखाग्रस्त महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक ही आईपीएल मैच कराए जा सकेंगे और इसके बाद के मैचों को राज्य से बाहर कराना होगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद 13 मैच महाराष्ट्र से बाहर होंगे, जिनमें दो प्लेऑफ और 29 मई को मुंबई में होने वाला फाइनल भी शामिल है। महाराष्ट्र में मुंबई के अलावा पुणे और नागपुर में भी आईपीएल मैच हो रहे हैं। हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने 1 मई का पुणे में होने वाला मैच वहां कराने की मंजूरी दे दी। जिसके बाद अब हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित मैचों की संख्या 12 हो गई है। हालांकि सिंघवी ने कहा कि देशभर में पानी की दिक्कत है ऐसे में मोहाली में भी मैच हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि मोहाली पंजाब में है। आप बाहर मैच करा लीजिए
बद्रीनाथ-केदारनाथ की तरह संरक्षित होंगे देवभूमि के मंदिर
उत्तराखंड के संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने देवभूमि के सैकड़ों साल पुराने मंदिरों के संरक्षण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।
योजना के मुताबिक देवभूमि के विभिन्न इलाकों में मंदिरों को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर की तरह ही संरक्षित किया जाएगा। योजना को मूर्तरूप देने के लिए पुरातत्व विभाग सर्वे करा रहा है। सर्वे के अंतर्गत विशेषज्ञों की टीमें ऋषिकेश से लेकर राज्य के उच्च हिमालय क्षेत्र के मंदिरों की पहचान करने में जुट गई हैं।
कई ऐसे मंदिर पाए गए हैं जो जंगलों में बहुत दूरदराज क्षेत्र में स्थित हैं, जहां पहुंचना आसान नही है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक ऐसे 24 प्राचीन मंदिरों की पहचान की गई है। इनमें अल्मोड़ा का वृद्ध जागेश्वर, पिथौरागढ़ का विष्णु मंदिर, अल्मोड़ा का मनकेश्वर मंदिर, प्राचीन शिलालेख कसारदेवी मंदिर, चमोली का तपोवन मंदिर, रुद्रप्रयाग का शिला मंदिर, पिथौरागढ़ का चामुंडा मंदिर, अल्मोड़ा का पावनेश्वर सहित कई मंदिर शामिल हैं।
हालांकि इन प्राचीन मंदिरों को पुरात्व विभाग ने अभी संरक्षित श्रेणी में शामिल नहीं किया है। पुरातत्व विभाग उत्तरकाशी के पुरोला, बड़कोट और रवाई जैसे इलाकों के प्राचीन भवनों का भी संरक्षण करेगा। सैकड़ों साल पुराने ये भवन उत्तरकाशी में आए विनाशकारी भूकंप को भी मात दे चुके हैं। इनके संरक्षण के लिए 50 लाख रुपये के फंड की व्यवस्था की गई है।
बागेश्वर के बागनाथ मंदिर परिसर के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर को सीधा किया जाएगा। 12वीं सदी में निर्मित इस मंदिर के एक ओर झुकने के कारण पुरातत्व विभाग इसे अपलिफ्ट करेगा। मंदिर के कमजोर पत्थरों को पुन: स्थापित कर इसके शिखर वाले भाग को ऊपर उठाया जाएगा। इस मंदिर में भगवान सूर्य की प्रतिमा है। स्थानीय लोग इसकी पूजा पंचकेदार के रूप में करते हैं।
करण की तीसरी पत्नी बनेंगी बिपाशा, 28 को मेहंदी, 29 को शादी
बॉलीवुड अभिनेत्री बिपाशा बसु और अभिनेता करण सिंह ग्रोवर की शादी की तारीख 29 अप्रैल को तय हो गई है. दोनों पिछले काफी समय से एकदूसरे को डेट कर रहे थे और अब वे विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं. दोनों ने पिछले साल फिल्म ‘अलोन’ में साथ काम किया था और इसके बाद से ही दोनों के करीब होने की खबरें आ रही थी.
डीएनए में छपी खबर के अनुसार दोनों की शादी मुंबई स्थित आवास में बंगाली रीति-रिवाज से होगी. शादी से एक दिन पहले 28 तारीख को मेंहदी की रस्म अदा की जायेगी. शादी के बाद रिस्पेशन पार्टी आयोजित की जायेगी जिसमें कई नामचीन लोगों के शामिल होने की खबर है. कई जानीमानी बॉलीवुड हस्तियों की भी शामिल होने की चर्चा है.
वहीं बिपाशा इस खास मौके को और खास बनाने के लिए अपने पहनावे का भी खास ध्यान दे रही है. बिपाशा की पोशाकों की सारी जिम्मेदारी उनके करीबी मित्र फैशन डिज़ाइनर रॉकी एस ने संभाली है.
37 वर्षीया बिपाशा अभिनेता डीनो मोरिया, जॉन अब्राहम और हरमन बावेजा को भी डेट कर चुकी है. हरमन के साथ तो उनकी शादी तक बात पहुंच गई थी लेकिन बात नहीं बनी और रिश्ता टूट गया. वहीं करण की यह तीसरी शादी होगी. इससे पहले वे श्रद्धा निगम और टीवी अभिनेत्री जेनिफर विगेंट के पति रह चुके हैं.
वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनलः IND vs WI ही नहीं विराट vs गेल भी होगा
टी-20 वर्ल्ड कप का जब दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा तो सभी की नजर इस बात पर होगी कि विराट कोहली और क्रिस गेल में सबसे ज्यादा खतरनाक कौन होगा? और कौन अपनी टीम की जीत का हीरो बनता है। 2 पूर्व चैंपियंस (भारत और वेस्टइंडीज) के बीच यह नॉकआउट मुकाबला मुंबई में आज शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा।
पिछली बार की उपविजेता रही टीम इंडिया इस बार वर्ल्ड कप में पहली बार मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलने जा रही है जबकि कैरेबियाई टीम पहले ही यहां पर खेल चुकी है। कैरेबियाई टीम के लिए इस मैदान पर खेला गया पिछला मैच बेहद शानदार रहा था क्योंकि क्रिस गेल ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली थी।
एक तरह से वानखेड़े की इस पिच पर रनों का अंबार लगने की उम्मीद है, लेकिन मैच से पहले मेजबान टीम को तगड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी और विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह चोट के कारण शेष टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, ऐसे में भारतीय टीम में इस बल्लेबाज की कमी खल सकती है। वापसी के बाद युवराज ने कोहली के साथ कई मैचों में शुरुआती झटके के बाद साहसिक साझेदारियां की हैं।
बहुत संभावना है कि इस बार भी यहां पर खूब रन बनते दिखे। भारतीय गेंदबाजों ने उम्मीद के अनुरूप काफी सधी हुई गेंदबाजी की है। इस मैच में उनका लक्ष्य विस्फोटक क्रिस गेल पर अंकुश लगाने का होगा जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी शतकीय पारी में 11 छक्के लगाए थे। भारत के लिए गेल तो कैरेबियाई गेंदबाजों के सामने कोहली बड़ी चुनौती बन सकते हैं। पाक के खिलाफ अर्धशतकीय पारी के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में नाबाद 82 रनों की पारी खेलकर जिस अंदाज में टीम इंडिया को जीत दिलाई थी उससे उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। भारत को कोहली से काफी आशाएं होंगी।
टीम इंडिया को अब तक खेले अपने टी-20 वर्ल्ड कप के चारों मुकाबलों में अपनी मनमाफिक पिच मिली है, लेकिन वानखेड़े स्टेडियम को लेकर ऐसा होगा यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है। इसका एकमात्र कारण वानखेड़े के क्यूरेटर और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर सुधीर नायक हैं। धोनी और टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री को नायक से उनकी मनमाफिक धीमी और स्पिनरों का साथ देने वाली पिच मिलेगी इस पर बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट दोनों को संशय है।
यही कारण है कि वानखेड़े में क्यूरेटरों का जमावड़ा लगने जा रहा है कई बड़े दिग्गज क्यूरेटर्स पहुंच चुके हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 31 मार्च को होने वाले सेमीफाइनल की पिच के लिए एक नहीं पांच क्यूरेटर काम करेंगे।
दरअसल भारत ने अब तक चारों मुकाबले धीमी पिच पर खेले हैं, लेकिन वानखेड़े की पिच इस वर्ल्ड कप में ऐसी रही है कि जिसने रनों का अंबार लगाया है। क्रिस गेल का शतक यहीं पर लगा। दक्षिण अफ्रीका दो सौ रन बनाने के बावजूद इंग्लैंड से यहीं हारी।
पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांचवां और अंतिम वनडे भी इसी पिच पर खेला गया था, जहां मेहमान टीम ने 438 रनों का अंबार लगाकर भारत को 3-2 से सीरीज हारने पर मजबूर कर दिया था। शास्त्री ने इसके बाद ही खुलेआम क्यूरेटर नायक को भला-बुरा कहा था। नायक के बारे में एक बात मशहूर है कि वह किसी की सुनते नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता है कि सेमीफाइनल में रनों से भरी पिच मिले।
अगर यहां वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों का बल्ला चल निकला तो हाल वही हो सकता है जो पांचवें वनडे में दक्षिण अफ्रीका ने किया था। यही कारण है कि बोर्ड ने दलजीत सिंह को यहां भेजा है। कोशिशें शुरू हो गई हैं कि टीम इंडिया को मनमाफिक पिच दी जाए। अब सुधीर नायक इसमें कितनी मदद करते हैं यह 31 मार्च को ही पता लगेगा।
महाराष्ट्र में बारबालाओं को छूने या उन पर नोट उछालने पर छह महीने की जेल
महाराष्ट्र सरकार डांस बार के नियमों को काफी सख्त करने जा रही है. जिसके तहत बारबालाओं को छूने और उन पर नोट उछालने वालों को छह महीने की जेल या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा. मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि इस अपराध को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा. इससे पहले राज्य सरकार ने 26 नियमों वाला एक ड्राफ्ट बिल तैयार किया था जिसे सरकार द्वारा गठित 25 सदस्यों वाली एक सर्वदलीय समिति के सामने रखा गया है.
इस ड्राफ्ट के प्रावधानों में कहा गया है कि रिहायशी इलाकों में डांस बार चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, न ही स्कूल या धार्मिक स्थल से 1 किलोमीटर के दायरे में डांस बार चलाया जा सकता है. पहले यह अंतर केवल 100 मीटर का था. इस ड्राफ्ट के अनुसार डांस बार के अंदर और बाहर दोनों जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे. हालांकि, पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने बार के अंदर सीसीटीवी लगाने से मना किया था. इसके अलावा डांस बार में तीन महिला सिक्योरिटी गार्ड्स का होना अनिवार्य होगा और शाम 6 बजे से रात 11.30 बजे तक इन्हें खोला जा सकेगा. राज्य सरकार के अनुसार वह इस बिल को विधानसभा के इसी सत्र में सदन के सामने पेश करेगी.
उत्तराखंड में शक्ति परीक्षण पर रोक, 6 अप्रैल को अगली सुनवाई
उत्तराखंड हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एकल पीठ के फ्लोर टेस्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। मंगलवार को यूसी ध्यानी की एकल पीठ ने 31 मार्च को रावत सरकार को विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के निर्देश दिए थे।
इसके विरोध में बुधवार सुबह केंद्र सरकार ने फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील की थी। डबल बेंच ने यदास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए है. अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की सदस्यता वाली खंड पीठ ने कल के एकल न्यायाधीश के निर्देश के खिलाफ दायर केंद्र की याचिका पर यह आदेश जारी किया। एकल न्यायाधीश ने कल 31 मार्च को शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश दिया था।
अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने केंद्र की ओर से पेश होते हुए कल के आदेश का सख्त विरोध करते हुए कहा कि अदालतें राष्ट्रपति शासन की घोषणा में दखलंदाजी नहीं कर सकती।
केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रही टीम में शामिल अधिवक्ता नलिन कोहली ने कहा, सहमति आदेश के जरिए माननीय खंड पीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश पर सात अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि खंड पीठ के समक्ष सुनवाई की अगली तारीख छह अप्रैल है।
इससे पहले, विश्वास मत 28 मार्च को साबित किया जाना था लेकिन केंद्र ने राज्य में संवैधानिक तंत्र के नाकाम होने का जिक्र करते हुए 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।
निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश यूसी ध्यानी के समक्ष चुनौती दी जिस पर एकल न्यायाधीश ने 31 मार्च को सदन में शक्ति परीक्षण कराए जाने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के अयोग्य ठहराए गए नौ बागी विधायकों को भी मतदान में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी थी।
न्यायमूर्ति ध्यानी ने सदन में शक्ति परीक्षण कराए जाने का कल आदेश देते हुए कहा था कि केंद्र द्वारा अनुच्छेद 356 को लागू किया जाना शक्ति का ऐसा प्रयोग है जिसका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दुरूपयोग नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सदन को इस तरह से नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। सदन में शक्ति परीक्षण ही बहुमत साबित करने के लिए एकमात्र जांच है।
कोहली ने बताया कि केंद्र अपना जवाब खंडपीठ के समक्ष चार अप्रैल को दाखिल करेगा। वहीं, दूसरा पक्ष अपना जवाब इसके अगले दिन दाखिल करेगा। मामले पर छह अप्रैल को सुनवाई होगी।
इस बीच, न्यायमूर्ति ध्यानी ने कांग्रेस के बागी विधायकों की एक याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराए जाने को उन्होंने याचिका के जरिए चुनौती दी थी।
न्यायाधीश ने उनकी अपील पर सुनवाई एक अप्रैल के लिए तय करते हुए कहा कि कल उनके द्वारा जारी किए गए अंतरिम आदेश के मुताबिक उनके अयोग्य रहने के बावजूद उन्हें सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान मतदान करने की इजाजत देकर राहत दी जा चुकी है।
अदालत ने उनसे यह भी कहा कि उन्हें सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान वोट डालने की इजाजत दी गई है लेकिन उनके वोट को शेष विधायकों के समान नहीं माना जाएगा।
नौ बागी विधायकों में छह ने स्पीकर की कार्रवाई के खिलाफ आज एक अपील दायर कर इसकी वैधता पर सवाला उठाया। इसके पीछे उन्होंने यह आधार दिया है कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने और विधानसभा निलंबित किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
गत 27 मार्च को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के कुछ ही घंटों बाद स्पीकर ने दल बदल रोधी कानून के तहत कांग्रेस के नौ विधायकों को सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया था। इसके एक दिन बाद ही रावत सरकार का विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने का कार्यक्रम था।
प्राकृतिक गैस के दाम 17 फीसदी घटा सकती है सरकार
नई दिल्ली। शुक्रवार से सरकार देश में प्राकृतिक गैस के दाम 17 फीसदी घटाकर 3.15 डॉलर प्रति दस लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट कर सकती है। इसका दाम वर्तमान में 3.82 डालर प्रति एमएमबीटीयू है।अक्तूबर 2014 में केन्द्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार द्वारा तय किये गए फार्मूले के अनुसार गैस के दाम में हर छह महीने में संशोधन होगा और इस लिहाज से अगला बदलाव एक अप्रैल को होना है।
सूत्रों के मुतबिक पेट्रोलियम मंत्रालय किसी भी समय गैस का संशोधित दाम घोषित कर सकता है। प्राकृतिक गैस का दाम एक अप्रैल 2016 से कम होकर 3.15 डालर प्रति एमएमबीटीयू किया जा सकता है। 30 सितंबर 2016 तक यह दाम लागू रहेगा। फार्मूले के अनुसार दाम प्रत्येक छह महीने के आधार पर तय किये जायेंगे।
दुनिया के प्रमुख गैस उत्पादक देश अमेरिका, कनाडा और रूस के औसत दाम के आधार पर इस दाम की गणना की जायेगी। जिस छह महीने के लिये दाम तय किया जायेगा उससे इन देशों के तीन माह पहले एक साल के औसत मूल्य के आधार पर गैस का दाम तय किया जायेगा।
इस फार्मूले के अनूसार अप्रैल 2016 से सितंबर 2016 छह महीने के लिये तीन माह पहले समाप्त हुये एक साल यानी एक जनवरी से 31 दिसंबर 2015 की अवधि के औसत बेंचमार्क दाम के आधार पर गैस का मूल्य 3.15 डालर प्रति एमएमबीटीयू होगा। इसका मौजूदा मूल्य 3.82 डालर प्रति एमएमबीटीयू है। गैस का दाम विशुद्ध क्लोरिफिक मूल्य के आधार पर 3.50 डालर रह सकता है जबकि इस समय यह 4.24 डालर प्रति एमएमबीटीयू है।







