अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज तरण मनसुखानी की अगली फिल्म में एक्शन दृश्य करने के लिए प्रशिक्षण लेने की तैयारी कर रही हैं। ‘दोस्ताना’ फिल्म के बाद तरण एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसका नाम अभी तय नहीं किया गया है। इस फिल्म में जैकलीन के साथ सुशांत सिंह राजपूत मुख्य भूमिका में होंगे।
जैकलीन ने बताया कि यह एक मजेदार फिल्म है, इसमें अलग तरह के एक्शन होंगे। यह बहुत दिलचस्प है और मैं निश्चित रूप से इसके लिए प्रशिक्षण लूंगी। मैं इस फिल्म को करने के लिए बेहद उत्साहित हूं। तरण आठ साल के बाद किसी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। ऐसी अटकलें थीं कि इस फिल्म का सह-निर्माण करण जौहर और सलमान खान कर रहे हैं।
31 वर्षीय इस अभिनेत्री ने इस बारे में कहा कि मेरे हिसाब से तो यह फिल्म धर्मा प्रोडक्शन से होना चाहिए। मुझे नहीं पता है (कि सलमान इस फिल्म का सह-निर्माण कर रहे हैं। जैकलीन रेमो डिसूजा की अगली फिल्म ‘अ फ्लाइंग जट’ में टाइगर श्रॉफ के साथ दिखेंगी। यह फिल्म 25 अगस्त को रिलीज हो रही है।
अब एक्शन करती नजर आएंगी जैकलीन फर्नांडीज, ले रही हैं प्रशिक्षण
मॉडल ने पूर्व लिव-इन पार्टनर पर लगाए घर कब्जाने का आरोप
मुंबई। मुंबई में वर्सोवा की गीतांजली सोसाइटी में देर रात एक मॉडल और पुलिस के बीच मिडनाइट ड्रामा देखने को मिला। मॉडल का आरोप है कि पुलिस उसके पूर्व लिव-इन पार्टनर के साथ मिल गई है और उसे उसी के फ्लैट में नहीं घुसने दे रही।
दरअसल मॉडल अनुपमा शुक्ला इस सोसायटी में अपने दोस्त अरमान ताहिल के साथ लिव-इन में रहती थी। लेकिन कुछ समय पहले उसे पता चला कि अरमान का किसी और लड़की के साथ भी अफेयर है तो उसने अरमान के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। अरमान तबसे ही फरार चल रहा है।
इस बीच बीती रात अनुपमा जब घर लौटी तो उसे पता चला कि उसके फ्लैट में अरमान के माता-पिता मौजूद हैं। जबकि उसका दावा है कि फ्लैट की असली चाबी उसके पास थी। इसके बाद ही हंगामा शुरू हुआ। अनुपमा का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे घर में नहीं घुसने दिया। यही नहीं पुलिस अरमान को गिरफ्तार भी नहीं कर रही।
‘जादूई बाबा’ का निधन, जादू से इलाज करने वाला अपने इलाज के लिए गया था हॉस्पिटल
जादूई बाबा के नाम से दुनिया भर में मशहूर डॉ सबेस्टियन मार्टिन का बुधवार (17 अगस्त) को मुंबई के पास वासी में निधन हो गया। मार्टिन निर्मल बाबा की तरह टीवी शो करके मशहूर हुआ था। वह अपने दरबार में आने वाले सभी लोगों को बीमारियों से छुटकारा दिलवाने का दावा किया करता था। वह भी जादूई तरीके से बिना किसी दवाई के। लेकिन फरवरी 2016 में उस वक्त सनसनी मच गई थी जब एक निजी टीवी चैनल ने खुलासा किया था कि दुनिया को चमत्कार से ठीक करने वाला बाबा अपने इलाज के लिए हॉस्पिटल गया है। माना जा रहा है कि मार्टिन तब से ही बीमार था और अब उसकी मौत हो गई। फरवीर में वह ठाणे के ज्यूपिटर हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। उसे अल्सर और किडनी की बीमारी थी।
मार्टिन हीलिंग प्रक्रिया के द्वारा लोगों को ठीक करने का दावा करता था। यह हीलिंग प्रक्रिया काफी लंबे वक्त से चलन में है। इसे ‘चंगा’ करने की प्रक्रिया भी कहते हैं। मार्टिन चिल्लाकर लोगों का इलाज किया करता था। लोगों ने उसपर हिप्नोटाइज करके इलाज करने के आरोप भी लगाए थे। मार्टिन पर उसके कई भक्तों ने आरोप भी लगाए थे। उनका कहना था कि मार्टिन की प्रार्थना सभा में जाने के बावजूद उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ है। पुलिस ने भी उसके खिलाफ केस दर्ज कर रखा था। मार्टिन पुलिस से छिपकर घूमता था।
मुंबई बनता जा रहा हादसों का शहर, पिछले छह महीनों में 264 लोगों की मौत
मुंबई। मुंबई शहर हादसों का शहर बनता जा रहा है। बीते 6 महीने में 264 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। हादसों की वजह जानने निकली ट्रैफिक पुलिस ने पूरे शहर में 71 ऐसी जगहों को तलाशा है जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
मुम्बई में मौत के 71 ठिकाने, यह दावा हम नहीं कर रहे हैं बल्कि मुम्बई ट्रैफिक पुलिस ने पूरे मुम्बई शहर में 71 ऐसे ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया है जहां साल 2015 में सबसे ज़्यादा एक्सीडेंट हुए हैं और मौतें हुई हैं। अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो पिछले ६ महीने में मुम्बई के सड़कों पर सफर करते वख्त 264 लोगों ने अपनी जाने गंवाई है और 1729 से ज़्यादा लोग हादसों में चोटिल हुए हैं और पूरे शहर में पिछले ६ महीने में 13257 सड़क हादसे हुए हैं।
ट्रैफिक विभाग की इस रिपोर्ट ने एक बार फिर प्रशासन और मुंबईकरों की आँखें खोल दी हैं। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने जब इन हादसों की वजह पता लगाने की कोशिश की तो उसे मायानगरी में मौत के उन ठिकानों की जानकारी मिली जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक मुंबई में कुल 71 ऐसी जगहें हैं जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
मुम्बई पुलिस ने इस मामले में कहा कि हमने यह देखा बार बार एक्सीडेन्ट देखे है जहा पर बार बार वारदात होती रहती है और हमने इसकी रिपोर्ट बनाई जिसमे 71 जगहे दिखाई जहा पर ज्यादा एक्सीडेन्ट होते हैं।
आईबीएन 7 की टीम ने भी मौत के इन ठिकानों का जायजा लिया और पता लगाने की कोशिश की कि आखिर इन्ही जगहों पर ज्यादा हादसे क्यों होते हैं।
ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर मौजूद गोदरेज सिगनल पर 2015 में 4 जानलेवा हादसे हुए थे। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस हाइवे होने के चलते यहां गाड़ियों का रफ्तार बहुत तेज होती है और अक्सर रफ्तार के चक्कर में गाड़ी वाले सिगनल को अनदेखा कर देते हैं।
पुष्पा पार्क इलाके में भी हाईवे से अचानक बाईं ओर रास्ता मुड़ता है। जिसके चलते ड्राइवरों को कन्फ्यूजन हो जाता है और हादसे की वजह बनता है। 2015 में इस जगह पर हुए चार हादसों में 5 लोगों की मौत हुई थी।
BKC और बांद्रा फ्लाइओवर का ये पूरा इलाका ड्राइवरों के लिए किसी बड़े कन्फ्यूजन से कम नहीं। अगर आप इस इलाके में पहली बार आएंगे तो आपको सही रास्ता चुनने में काफी दिक्कत आ सकती है और यही मुश्किल कई बार हादसे की वजह बनती है।
ट्रैफिक पुलिस ने अपनी पड़ताल के बाद पाया कि सड़कों की डिजाइनिंग में गड़बड़ी है। जिसके चलते लोगों को सिगनल सही तरीके से नजर नहीं आते। रास्ता समझाने वाले साइन बोर्ड्स की भी कमी है। अहम जगहों पर स्पीड ब्रेकर्स की कमी है। पुलों से उतरते ही मोड़ हैं जिनसे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। जगह-जगह मौजूद गड्ढे भी हादसों की बड़ी वजह हैं। ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्लूडी और राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर इन बातों की जानकारी दी है। साथ ही इनमें हर संभव सुधार किए जाने की भी मांग की है।
उत्तराखंड सरकार और संगठन में 'तकरार', CM रावत इस्तीफा देने को तैयार!
उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन सौंपने गए संगठन के पदाधिकारियों को सीएम के तल्ख तेवरों का सामना करना पड़ा। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को लेकर सीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए यहां तक कह डाला कि मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दें दूं।
इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कह दिया कि संगठन पदाधिकारी चाहें तो उन्हें हटाने को लेकर आला कमान से भी बात कर सकते हैं। सीएम के तल्ख तेवर देख जहां कई पदाधिकारियों ने चुप्पी साध ली, वहीं कई पदाधिकारियों के तुरंत सुर बदल गए।
सीएम रावत ने कहा कि हम तो समझ रहे थे कि आप सब स्वतंत्रता दिवस पर सरकार की ओर से घोषित तमाम कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बधाई देने आए हैं, लेकिन आप सब तो अपनी ही सरकार के खिलाफ ही नजर आ रहे हैं। ज्ञापन में जो मांग की गई यदि उन सबकी जांच करा ली जाए तो अपनी सरकार पर भी अंगुलियां उठेंगी।
सूत्रों की मानें तो सीएम रावत ने यहां तक डाला कि जो काम विपक्षी भाजपा को करना चाहिए, वह काम अपनी ही पार्टी कर रही है। सीएम रावत ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि ‘आप सब कहे तो मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दूं या फिर आप सब लोग आलाकमान से वार्ता कर लें।’
सूत्रों की मानें तो सीएम रावत के इस रुख से प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई पदाधिकारी अपनी सफाई पेश करने लगे। कई पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि आपसे किसलिए मुलाकात की जा रही है।
बहरहाल सीएम रावत ने पार्टी प्रतिनिधिमंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन को रख तो लिया लेकिन तमाम मांगों पर कार्रवाई होती है या नहीं? यह देखने वाली बात होगी।
सरकार और संगठन के बीच इस तरह के मतभेद उभरकर पहली बार सामने आए हैं ऐसा भी नहीं है। राज्यसभा चुनाव से लेकर आज तक तमाम मुद्दों पर सरकार, संगठन के बीच तकरार सामने आई है।
मामला केंद्रीय आलाकमान तक भी पहुंचा। पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर ने सीएम हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के साथ बैठक कर संबंधों को ठीक करने की कोशिश की।
झारखंड विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ जीएसटी बिल
रांची : झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में आज सर्वसम्मति से वस्तु एवं सेवा कर विधेयक (जीएसटी बिल) पारित हो गया. झारखंड देश का तीसरा राज्य है, जहां जीएसटी बिल पारित हो गया. इससे पहले असम व बिहार विधानसभा ने जीएसटी बिल पारित किया है. असम में पिछले सप्ताह, जबकि बिहार में कल जीएसटी बिल पारित हुआ. बिल को पारित करने से पहले विधानसभा में आज जीएसटी बिल पर सत्ता पक्ष व विपक्ष ने चर्चा की और अपने-अपने तरीके से इसमें खुबियां व खामियां गिनायीं.
झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने सदन के पटल पर जीएसटी बिल पेश किया और इसे व्यापक वित्तीय सुधार वाली पहल बताया. उन्होंने कहा कि एक टैक्स सिस्टम से आम लोगों को लाभ होगा. उन्होंने कहा कि इससे खनिज पर टैक्स नहीं लगेगा. वहीं, मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जीएसटी बिल से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा और अपने देश में एक टैक्स कानून चलेगा. रघुवर दास ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं व अफसरों ने विदेश में अकूत संपत्ति बना रखी है. उन्होंने कहा कि अभी भी वैट लागू है. पश्चिम बंगाल, झारखंड व बिहार में अलग-अलग वैट है. उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कंज्यूमर व निवेशक दोनों को लाभ होगा. रघुवर दास ने कहा कि झारखंड से पलायन का कोई जवाब नहीं देता. उन्होंने कहा कि जीएसटी से खनन आधारित राज्य झारखंड को लाभ होगा. यहां उद्योग लगेंगे, लोग जमीन देने को तैयार हैं, सरकार सुविधा देने को तैयार है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मोदी जी ने गरीबी पैदा कर दी है या हमारी 17 महीने की सरकार ने राज्य में गरीबी उत्पन्न की है.
विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने इस विधेयक पर आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि सरकार ने आदेशपाल की तरह जीएसटी बिल लाया. उन्होंने कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी. हेमंत ने जीएसटी बिल पर आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने से केंद्र का हस्तक्षेप बढ़ जायेगा और चाह कर भी राज्य सरकार कुछ नहीं कर पाएगी.
UP पुलिस का खुलासा, तेवतिया पर हमला, सुरेश दीवान की हत्या का बदला था
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश पुलिस ने भाजपा नेता बृजपाल तेवतिया पर हुए जानलेवा हमले की घटना के मामले में चौकाने वाले खुलासे किये हैं. मेरठ रेंज के आईजी सुजीत पांडेय ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में इस पूरे हत्याकांड की कहानी का खुलासा किया. यूपी पुलिस के मुताबिक तेवतिया पर हमला 17 साल पुराने हत्याकांड का बदला है. पुलिस के मुताबिक 17 साल पहले हुए सुरेश दीवान की हत्या का बदला लेने के लिये तेवतिया पर जानलेवा हमला किया गया. आईजी मेरठ ने मीडिया को बताया कि इसमें सुरेश दीवान का बेटा मनीष दीवान और चचेरा भाई मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल थे. सुजीत पांडेय ने मीडिया को यह जानकारी दी कि इस पूरे घटनाक्रम को अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिये अंजाम दिया गया.
मेरठ रेंज के आईजी के मुताबिक सुरेश दीवान के बेटों ने तेवतिया को ऊपर पहुंचाने के लिये मनीष ने अपने चचेरे भाई मनोज के साथ मिलकर साजिश की रचना की. वारदात को अंजाम देने से पहले तेवतिया के हर एक मूवमेंट की रेकी की गयी. पुलिस के मुताबिक ऐसे सबूत हाथ लगे हैं जिससे यह साबित होता है कि साजिश को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया. वारदात के दौरान रामकुमार स्कूटी से हर मूवमेंट की जानकारी दे रहा था. गाड़ी मनीष चला रहा था और उसी ने एके-47 से तेवतिया पर हमला किया था.
पुलिस के मुताबिक वर्ष 1999 में मनीष दीवान के पिता सुरेश दीवान की दिल्ली के शकरपुर में हत्या कर दी गयी थी. हत्या का आरोप बृजपाल तेवतिया पर लगा था. तेवतिया हमले में पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक अभी इस मामले में और गिरफ्तारी होनी बाकी है. मामले के मुख्य आरोपी मनीष और मनोज अभी भी फरार हैं. पुलिस को इन लोगों के अलावा और भी आरोपितों की तलाश है. पुलिस ने मीडिया को बताया कि हत्या की साजिश रूड़की में बनी थी. हमले से पहले पूरी तरह से जानकारी इकट्ठा की गयी थी. मामले में मोबाइल की बरामदगी बहुत बड़ी उपलब्धि है.
तेवतिया हमला मामले में पुलिस की 22 टीम लगी हुई है. इस मामले में अच्छा काम करने वाले पुलिसवालों को सम्मानित किया जायेगा. जिन सिपाहियों ने हथियारों की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. आईजी के मुताबिक उन्हें 20-20 हजार रुपये का इनाम दिया जायेगा.
मंत्रीजी की पत्नी की ब्लैकमेलिंग, दो करोड़ मांगा, नहीं तो परिणाम भुगतने की चेतावनी
नयी दिल्ली : केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह की पत्नी भारती सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है. साथ ही उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की गयी है. इस मामले में मंगलवार को उनकी पत्नी ने दिल्ली के तुगलक रोड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिसका खुलासा आज हुआ है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक शख्स वीके सिंह की पत्नी से दो करोड़ की मांग कर रहा था और उसने उन्हें उनकी निजी बातें की रिकार्डिंग व वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी. दिलचस्प बात यह कि वह शख्स उनके परिवार के सदस्य की पहचान वाला है. जिस व्यक्ति पर यह आरोप लगाया गया है उसकी पहचान भारती सिंह के भतीजे की पहचान के प्रदीप चौहान के रूप में हुई है. वह गुड़गांव में रहता है.
शिकायत में कहा गया है कि उक्त व्यक्ति ने पैसे नहीं देने पर परिणाम भुगतने व जान की कीमत चुकाने की धमकी दी. तुगलक रोड पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. हाइप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है. कहा जा रहा है कि प्रदीप चौहान नाम के उस व्यक्ति की वीके सिंह की बातचीत का यह क्लिप छह अगस्त का है. शिकायत में कहा गया है कि उसने उल्टे-सीधे तरीके से उनकी बातों को रिकार्ड किया है.
श्रीमती भारती सिंह के द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत में क्लिप में छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में कहा गया है कि उक्त व्यक्ति ने उन्हें धमकी दी है कि वह उनके पति की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देगा.
चार राज्यों में नए राज्यपालों का ऐलान, नजमा हेपतुल्ला बनीं मणिपुर की गवर्नर
नयी दिल्ली : केंद्र ने तीन राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश के क्रमश: राज्यपाल व उपराज्यपाल के नाम को मंजूरी दे दी. राष्ट्रपति भवन से इन नामों की अधिसूचना जारी की गयी है. केंद्र ने नजमा हेपतुल्लाह को मणिपुर का नया राज्यपाल नियुक्त किया है, जबकि बनवारी लाल पुरोहित को असम का राज्यपाल बनाया गया है, वहीं वीपी सिंह बदनौर पंजाब के राज्यपाल नियुक्त किये गये हैं. अंडमान निकोबार द्वीप समूह का उप राज्यपाल प्रो जगदीश मुखी को बनाया गया है.
कुछ पखवाड़े पूर्व केंद्रीय कैबिनेट में किये गये फेरबदल के बाद इस बात के कयास लगाये जा रहे थे कि सरकार कुछ राज्यों में नये सिरे से राज्यपालों की तैनाती करेगा. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के पद से नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफा देने के बाद उनके नाम की राज्यपाल के रूप में सर्वाधिक चर्चा थी. वहीं, दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे जगदीश मुखी को अंडमान का उप राज्यपाल बनाना भी केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार की एक रणनीति का हिस्सा है. दिल्ली भाजपा के चार बड़े नेताओं में दो डॉ हर्षवर्द्धन व विजय गोयल केंद्रीय मंत्री हैं, जबकि किरण बेदी पुड्डुचेरी की उप राज्यपाल बनायी गयी हैं. ऐसे में जगदीश मुखी को अंडमान का उप राज्यपाल बनाना संतुलन साधने की कोशिश का ही हिस्सा है.
असम के राज्यपाल नियुक्त किये गये बनवारी लाल पुरोहित महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र से आते हैं. वे नागपुर लोकसभा सीट से तीन बार सांसद भी रह चुके हैं. भाजपा से पूर्व उनका कांग्रेस से संबंध रहा है, लेकिन राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान हवा के रुख को भांप कर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से नाता जोड़ लिया था. राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार नागपुर से तीन बार सांसद रह चुके दैनिक ‘द हितवाद’ के प्रबंध संपादक बनवारीलाल पुरोहित असम के राज्यपाल बनाए गए. हेप्तुल्ला, बडनोरे, पुरोहित और मुखी चारों भाजपा से जुडे रहे हैं.
पंजाब के राज्यपाल नियुक्त किये गये वीपी सिंह बदनौर राजस्थान से आते हैं और वे राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं. विज्ञप्ति में बताया गया है कि राजस्थान से संबंध रखने वाले 68 वर्षीय बडनोरे पंजाब के नए राज्यपाल होंगे. हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी पंजाब का अतिरिक्त प्रभार संभाले हुए थे.
इस्लामाबाद जाएंगे भारतीय विदेश सचिव लेकिन सिर्फ सीमा पार आतंकवाद पर होगी बात
कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका देते हुए भारत ने कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की उसकी पेशकश ठुकरा दी है. हालांकि, भारत ने विदेश सचिव स्तर की बातचीत का न्योता स्वीकार लिया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच बात सिर्फ सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर होगी.
दरअसल, पाकिस्तान ने भारत को ‘कश्मीर मुद्दे पर विशेष वार्ता’ का प्रस्ताव दिया था. भारत ने इसका आधिकारिक जवाब सौंप दिया है. पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त ने इस्लामाबाद में पाक के विदेश सचिव से मुलाकात की है. उन्होंने पाकिस्तान की पेशकश पर भारत का जवाब सौंपा है.
न्योता स्वीकार करने के साथ ही यह साफ हो गया है कि विदेश सचिव एस. जयशंकर अब अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात करने के लिए इस्लामाबाद जाएंगे. न्योते के जवाब में भारत ने यह साफ कर दिया है कि अभी जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद का मुद्दा ही केंद्र में है, लिहाजा बातचीत इसी सिर्फ इसी मुद्दे पर होगी.
बता दें कि पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज चौधरी ने सोमवार को इस्लामाबाद में भारत के हाई कमिश्नर गौतम बंबेवाला को बुलाकर विदेश सचिव एस जयशंकर के लिए एक चिट्ठी दी थी. इस चिट्ठी में जयशंकर को इस्लामाबाद आकर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बात करने का न्योता दिया गया था. यही बयान विदेश मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने भी दिया था. हालांकि, ये न्योता तब दिया गया है जब भारत ये साफ कर चुका है कि कश्मीर पर पाकिस्तान से कोई बात होगी तो वो पीओके पर होगी.
भारत की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जबकि 15 अगस्त से लेकर अब तक भारत पड़ोसी देश को सियासी से लेकर कूटनीतिक स्तर पर लगातार झटके दे रहा है. सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से बलूचिस्तान और गिलगित का जिक्र कर पाकिस्तान की परेशानी बढ़ाई, जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मलेन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मेलन में शिरकत की थी और पाक को उसके घर में माकूल जवाब दिया था. आतंकवाद पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाने के बाद सिंह वहां से बिना भोजन किए लौट आए थे. जबकि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सर्वदलीय बैठक में साफ शब्दों में कहा था कि पाकिस्तान से अब जब भी बात होगी तो वह कश्मीर नहीं, बल्कि पीओके यानी पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर होगी.
पीएम मोदी ने इसके साथ ही यह भी कहा था कि सिर्फ कश्मीर ही नहीं, बल्कि पीओके भी भारत का हिस्सा है. पीएम ने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि पड़ोसी को लेकर अब नीति बदलने की जरूरत है.







