दक्षिण पूर्व एशिया के देश फिलीपींस में दुनिया का सबसे बड़ा मोती सामने आया है। यह मोती अभी तक के सबसे बड़े माने जाने वाले मोती से भी पांच गुना बड़ा है। यह मोती 2.2 फीट लंबा और 1 फीट चौड़ा है और इसमें करीब 34 किलोग्राम का वजन है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 670 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह मोती 10 साल पहले एक मछुआरे को फिलिपींस के पालावान आईलैंड के किनार मिला था। मछुआरे को नहीं पता था यह इतना कीमती होगा और उसने मोती को शुभ मानकर 10 साल तक अपने घर में रखा। मगर इस साल उसके घर में आग लग गई, जिसके बाद यह मोती दुनिया के सामने आया। अब फिलीपीन्स के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस मोती को अपने पास रखेंगे जिससे अधिक टूरिस्ट इसे देखने के लिए यहां आएंगे।
साल 2006 में यह मछुआरा अपनी नाव में सफर कर रहा था। उसने अपनी नांव के लंगर को नीचे फेंका तो वह किसी चीज में अटक गया। लंगर उठाकर देखा तो विशालकाय मोती अपनी खोल के साथ फंसा हुआ है। मछुआरा खोल समेत मोती को घर ले आया। हालांकि, उसे मोती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने इसे भाग्यशाली पत्थर समझकर अपने बिस्तर के नीचे रख दिया।
आमतौर पर किसी भी मोती आकार 1 सेमी से 3 सेमी तक का होता है, लेकिन यह मोती 26 इंच लंबा औप 12 इंच चौड़ा है। पहले यह रिकॅार्ड पर्ल ऑफ अल्लाह के नाम था, जिसकी कीमत 4 करोड़ डॉलर (260 करोड़ रुपये) है।
एक मछुआरे को मिला दुनिया का सबसे बड़ा और महंगा मोती, 670 करोड़ रुपए है कीमत
काबुल स्थित अमेरिकी विश्वविद्यालय पर आतंकी हमला, 12 की मौत
काबुल: काबुल स्थित अमेरिकी विश्वविद्यालय पर आतंकी हमले में कम से कम बारह लोग मारे गए।अधिकारियों ने बताया कि यह हमला करीब 10 घंटे तक चला, जिसमें फंसे हुए छात्रों ने मदद की अपील भी की।विश्वविद्यालय का परिसर कल शाम शुरू हुए इस हमले के दौरान गोलीबारी और विस्फोटों से दहल गया।
इस हमले से कुछ ही सप्ताह पहले विश्वविद्यालय के एक अमेरिकी और एक आस्ट्रेलियाई प्रोफेसर का किसी स्कूल के पास से बंदूक दिखाकर अपहरण कर लिया गया था।
हमले की अभी तक किसी गुट ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यह हमला एक ऐसे समय पर हुआ है, जब तालिबानी उग्रवादियों ने पश्चिमी देशों से समर्थित काबुल सरकार के खिलाफ अपने हमलों को तेज कर दिया है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता सदीक सिद्दीकी ने एएफपी से कहा, ‘हमले में सात छात्र मारे गए हैं और 30 अन्य छात्र और लेक्चरर घायल हो गए है।इसके अलावा दो पुलिसकर्मी भी हमले में मारे गए हैं।’
उन्होंने बताया कि रात भर चले इस अभियान में सैकड़ों छात्रों को बचाया गया, इनमें से कई छात्रों ने मदद के लिए ट्विटर पर हताशा से भरे संदेश लिखे थे। वहीं कई छात्रों ने बचाव के लिए कक्षा के दरवाजों पर फर्नीचर लगा दिया था।
प्राधिकारियों ने इस बात पुष्टि करने से इंकार कर दिया कि किसी को बंधक बनाया गया था या नहीं। इन छात्रों के साथ ऐसोसिएटेड प्रेस के फोटो पत्रकार मसूद होसैनी भी फंस गए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि वह हमले में घायल हो गए थे और बाद में वह कुछ छात्रों के साथ वहां से बच निकलने में कामयाब रहे।
अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि अफगान बलों के हमलों की जवाबी कार्रवाई में नाटो सैन्य सलाहकार उनकी सहायता कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसमें शामिल सैनिकों की संख्या की कोई जानकारी नहीं दी।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) ने अपने बयान में हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘हमारी संवेदनाएं हमले में मारे गए लोगों के परिवार वालों के साथ हैं और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’
प्रतिष्ठित अमेरिकी विश्वविद्यालय की यहां 2006 में स्थापना की गई थी। वर्तमान में यहां करीब 1700 से अधिक छात्र हैं। यह उग्रवादियों के लिए हाई प्रोफाइल लक्ष्य माना जाता है क्योंकि यहां विदेशी शिक्षक आते हैं।
सात अगस्त को विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों का बंदूक दिखाकर उनके वाहन से अपहरण कर लिया गया था। अफगानिस्तान में निजी विश्वविद्यालय से संबंधित अपहरण की यह पहली घटना थी।
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक का होगा भव्य स्वागत
चंडीगढ़: रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक का कल घर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। रोहताक जिले में स्थित उनके गांव मोखरा में इसके लिये तैयारियां चल रही है। साक्षी कल सुबह तीन बजकर 50 मिनट पर नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी तो तब हरियाणा की भाजपा सरकार के कम से कम पांच मंत्री वहां उनकी अगुवाई के लिये मौजूद रहेंगे।
हरियाणा के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक जगदीप सिंह शेरोन ने आज पीटीआई से कहा कि इस अवसर पर वहां जो मंत्री उपस्थित रहेंगे उनमें कविता जैन, राव नरबीर सिंह, मनीष ग्रोवर और विपुल गोयल भी शामिल हैं। हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ रियो गये थे और वे साक्षी के साथ वापस लौट रहे हैं। साक्षी ने इससे पहले सुबह ट्वीट किया था, ‘आ रही हूं अपने देश, अपने घर।’
साक्षी के शानदार स्वागत की तैयारियों के बारे में जगदीप सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कल रोहतक स्थित साक्षी के गांव जाएंगे जहां भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें लगभग 30 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। वहां साक्षी को कांस्य पदक जीतने के लिये राज्य सरकार की तरफ से ढाई करोड़ रूपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।’ रोहतक पहुंचने से पहले साक्षी का दिल्ली हरियाणा सीमा पर बहादुरगढ़ में स्वागत किया जाएगा। रास्ते में साक्षी रोहतक जिले के दो गांवों में भी रूकेगी। इनमें इस्माइला गांव भी शामिल है जहां वह अपने मामाजी से मिलेगी।
विराट मेरे बेटे की तरह है: राजकुमार शर्मा
नई दिल्ली: राजकुमार शर्मा की नजर में कोच माता-पिता से अलग नहीं है और यही कारण है कि वह विराट कोहली को लेकर ‘रक्षात्मक’ हैं तथा साथ ही शुरूआती सालों में उन्हें अपने इस ‘बेटे’ की प्रगति पर करीबी नजर रखी.
प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजे जाने वाले राजकुमार 10 साल की उम्र से टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान कोहली के कोच हैं.
पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर 51 साल के राजकुमार ने कहा, ‘‘यह बड़ा सम्मान है जो एक नहीं बल्कि कई विराट तैयार करने के लिए आपकी जिम्मेदारी को बढ़ा देता है. मुझे अब भी वह दिन याद है जब 10 साल का विराट मेरे कोचिंग शिविर में आया था. आज भारतीय कप्तान के रूप में जब वह नेट सत्र के लिए आता है तो मुझे कोई अंतर नजर नहीं आता.
वह मेरे लिए अब भी वही पुराना छोटा विराट है. उसके लिए कुछ नहीं बदला.’’ इससे पहले भी इस पूर्व क्रिकेटर का नाम कई बार द्रोणाचार्य पुरस्कार समिति के पास भेजा गया लेकिन इस बार उन्हें पुरस्कार के लिए चुन लिया गया. भारतीय कप्तान कोहली ने पोर्ट आफ स्पेन से फोन करके उन्हें बधाई दी.
राजकुमार ने कहा, ‘‘जब विराट को 2013 में अर्जुन पुरस्कार मिला था तो मैं राष्ट्रपति भवन में था और उसने मुझसे कहा था कि अगली बार आपको द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलेगा और वह दर्शकों के बीच से तालियां बजाएगा. काश विराट की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता नहीं होती और वह 29 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में होता.’’
एक समय था जब अंडर 19 विश्व कप में अच्छे प्रदर्शन के बाद कोहली को आरसीबी के साथ आईपीएल अनुबंध मिल गया था और तब उनकी एकाग्रता को लेकर सवाल उठाए गए थे. दिल्ली के लिए ऑफ स्पिनर के रूप में नौ रणजी मैच खेलने वाले राजकुमार ने कहा, ‘‘माता पिता की तरह प्रत्येक कोच की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने शिष्य की प्रगति पर नजर रखे.
एक चरण था जब वह सिर्फ 19 साल का था. अंडर 19 विश्व कप जीत के बाद अचानक स्टारडम मिला और आरसीबी के साथ अनुबंध, बच्चों के साथ ऐसा होता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में कोच की भूमिका मायने रखती है. आपको बच्चे का सही मार्गदर्शन करना होता है. यह मेरी जिम्मेदारी थी क्योंकि वह मेरे बेटे की तरह है.’’ राजकुमार ने कहा कि कोहली में बेहतरीन बदलाव आया है जहां युवा अब सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं बल्कि एक आदर्श के रूप में उसे देख सकते हैं.
प्रियंका चोपड़ा पर फिर छाया सिंगिंग का खुमार
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा पर एक बार फिर सिंगिंग का खुमार चढ़ गया है। बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपने अभिनय का लोहा मनवा रहीं अभिनेत्री ने हाल ही में हॉलीवुड स्टार जोडी फोस्टर के साथ मिलकर अमेरिकी गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स के हिट गीत “टॉक्सिक” को एक नए अंदाज में गाया।
प्रियंका और फोस्टर ने इस गीत के दो अलग-अलग संस्करणों को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। प्रियंका ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा, “टॉक्सिक को फोस्टर, चोपड़ा तरीके से गाया, बहुत मजा आया। जोडी फोस्टर, मुझे उम्मीद है कि हमने ब्रिटनी का गौरव बढ़ाया है।”
प्रियंका जल्द ही हॉलीवुड फिल्म “बेवॉच” में नजर आएंगी, जिसमें उनका किरदार एक खलनायिका का होगा। इसके अलावा वह एक फैशन शो प्रोजेक्ट “रनवे” में बतौर जज भी हिस्सा लेंगी।
वैसे बता दें कि हाल ही में प्रियंका की मां मधु चोपड़ा भी खबरों में भी थीं। कहा जा रहा था कि वे भी एक्टिंग करने वाली है। अब उनके प्रवक्ता ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कुछ नहीं है। मधु तो सिर्फ इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं। मराठी भाषा में बनी ‘वेंटीलेटर’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को प्रियंका भी को-प्रोड्यूस कर रही हैं।
जब बड़े सितारे बोल्ड सीन करते हैं तो उन्हें 'फूहड़' नहीं कहा जाता : ज़रीन खान
बॉलीवुड अभिनेत्री ज़रीन खान जिस तरह के बोल्ड सीन अपनी फिल्मों में देती हैं, अब उनका वैसा ही बोल्ड बयान भी आया है. ज़रीन का कहना है कि जब कोई बड़ा और स्थापित सितारा सिनेमा के पर्दे पर बोल्ड सीन करता है तो उसकी तारीफ होती है. लेकिन वैसा ही सीन कोई छोटा या कम स्थापित चेहरा करे तो उसे ‘फूहड़’ करार दिया जाता है.
पिछले साल की हिट फिल्म ‘हेट स्टोरी 3’ में जबरदस्त बोल्ड सीन देने वाली ज़रीन का मानना है कि वह समझ नहीं पाती हैं कि ऑडियंस अलग-अलग बोल्ड सीन को किस नजरिये से देखती है.
ज़रीन ने पीटीआई से बात करते हुए इस बारे में कहा, ‘जब कोई बड़ा सितारा बोल्ड सीन करता है तो सब ठीक है. ‘वाव’, ‘ओह माई गॉड’, ‘लुकिंग सो हॉट’, ‘ये’ और ‘वो’… कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया होती है. लेकिन जब कोई ऐसा सितारा जिसका नाम बड़ा नहीं है वो ऐसे सीन करता है तो उसे ‘फूहड़’ करार दिया जाता है. लोग उसके बारे में तरह-तरह की बातें करने लगते हैं.’
वे कहती हैं, ‘मुझे यह सब समझ नहीं आता. लेकिन मैं उन्हें खुद पर हावी नहीं होने देती. मुझे ऐसी चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं यहां अपना काम करने आयी हूं और मुझे लगता है कि इतने सालों में मैंने यह सब सीख लिया है.’
ज़रीन को लगता है कि असल समस्या यह है कि इस देश में काफी संख्या में लोग बोल्ड सीन को लेकर नाक-मुंह सिकोड़ लेते हैं, लेकिन देखने वालों में वे पहले कुछ लोगों में से होते हैं.
अभिनेत्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम एक पाखंडी देश में रहते हैं. जहां लोग बोल्ड सीन के बारे में तमाम नकारात्मक बातें कह देंगे. लेकिन देखना भी नहीं छोड़ेंगे. वे देखेंगे जरूर. कुछ लोग होते हैं जो इस सब की लाख बुराई करेंगे, लेकिन देखने वालों में अव्वल होंगे.’
29 वर्षीय ज़रीन खान ने साल 2010 में सलमान खान की फिल्म ‘वीर’ से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था. अभिनेत्री ने फिल्म ‘हाउसफुल-2’ में भी काम किया है और सलमान खान की फिल्म ‘रेड्डी’ में भी एक डांस नंबर किया है.
फिल्म ‘हेट स्टोरी 3’ में अपने बोल्ड सीन से सभी को चौंका देने वाली ज़रीन खान ने हाल में अभिनेता अली फजल के साथ एक म्यूजिक वीडियो में भी काफी हॉट सीन दिए हैं. उन्हें लगता है कि जब भी ऐसे सीन शूट होते हैं तो एक अभिनेत्री को बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए.
ज़रीन ने कहा, ‘जब आप बोल्ड सीन कर रहे होते हैं तो आपके दिमाग में कई चीजें चल रही होती हैं. स्क्रीन पर भले ही यह कामुक, हॉट और शानदार लगे. लेकिन जब आप यह सीन शूट कर रहे होते हैं तो आपको कई बातों का ध्यान रखना होता है.
डेंगू के बाद अब फैला वायरल, एक दिन में मरीज 2400 के पार
देहरादून के बड़े हिस्से में वायरल फैलने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। पथरीबाग क्षेत्र में डेंगू के बाद अन्य इलाकों में वायरल फैलने से लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता है। इसके चलते सोमवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के टीचिंग अस्पताल में रिकॉर्ड संख्या में मरीज पहुंचे। अस्पताल में एक ही दिन में मरीजों की संख्या 2400 पहुंच गई।
सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर केवल तीन कर्मचारी होने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में डॉक्टरों के यहां भी भीड़ लगी रही। वहीं वायरल और डेंगू के चलते पैथोलॉजी में ब्लड टेस्ट के लिए भी मरीजों का तांता लगा रहा।
अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार सोमवार को मरीजों की संख्या 2400 के पार हो गई। वरिष्ठ फिजिशियन डा. महावीर सिंह ने बताया कि डेंगू भी वायरल बुखार है।
पथरीबाग क्षेत्र में सामान्य वायरल से पीड़ित मरीज भी डेंगू की आशंका से डरे हुए हैं। ऐसे लोगों को ऐहतियातन ब्लड टेस्ट की सलाह भी दी जा रही है।
वहीं अस्पताल में डेंगू वार्ड के बेड भी फुल हो गए हैं। वरिष्ठ फिजिशियन और नोडल अधिकारी डेंगू डा. प्रवीण पंवार ने बताया कि अस्पताल में 16 बेड का डेंगू आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सोमवार को मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद सभी बेड फुल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर तुरंत बेड की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
भाजपा सांसद निशंक के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर
हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक पर क्षेत्र की जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। साथ ही निशंक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर भी दी।
त्तराखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के कार्यवाहक मुख्य संगठक राजेश रस्तोगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंगलवार को श्यामपुर थाने पर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने सांसद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। राजेश रस्तोगी ने कहा कि सांसद का चुनाव लड़ने से पहले रमेश पोखरियाल निशंक ने दावा किया था कि वे क्षेत्र का समग्र विकास कराएंगे। चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने उनकी शक्ल तक नहीं देखी।
उन्होंने कहा कि सांसद ने क्षेत्र के किसी भी गांव में अपनी सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं किया। केंद्र सरकार से मिलने वाली किसी योजना का श्रीगणेश क्षेत्र में नहीं कराया। इससे लालढांग की जनता में उनके खिलाफ भारी आक्रोश है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य के पति गुरजीत सिंह लहरी, मुलायम पाल, हरिद्वार ग्रामीण जिलाध्यक्ष तेलुराम, सुशील, धर्मेंद्र प्रधान, नीरज कश्यप, रविंदर, शफी, लोधा, राजन, सानू अंसारी, लक्की चोपड़ा आदि लोग शामिल थे।
कांग्रेसी नेता के लड़के ने खरीदा 100 करोड़ रु. का अपार्टमेंट
कांग्रेस के बड़े नेता और बिहार के पूर्व गवर्नर डीवाई पाटिल के बेटे अजिंक्य पाटिल ने मुंबई में 100 करोड़ की प्रोपर्टी खरीदी है। यह हाल-फिलहाल में हुई प्रोपर्टी की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है। प्रोपर्टी से जुड़े मामलों के जानकार इसे सबके लिए फायदे का सौदा बता रहे हैं। दरअसल कई महीनों से प्रोपर्टी की मार्केट में मंदी आई हुई है। ऐसे में यह डील लोगों को राहत पहुंचाने वाली है। जिस बिल्डिंग में अमार्टमेंट खरीदा गया है वह मुंबई के वर्ली में है। बिल्डिंग का नाम सिल्वरेंस टेरेस (Silverene Terrace) है। यह इमारत समुद्र के किनारे पर बनी हुई है। इस बिल्डिंग में 23 फ्लोर हैं। अजिंक्य ने इस बिल्डिंग का 21वां, 22वां और 23वां फ्लोर खरीदा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, यह प्रोपर्टी पाटिल की रीयल एस्टेट कंपनी AIPS के नाम से खरीदी गई है। डील के बारे में अजिंक्य से बात नहीं हुई है लेकिन उनकी कंपनी के डायरेक्टर राजेश रोराने ने डील होने की बात को सच बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रोपर्टी अच्छे निवेश को ध्यान में रखते हुए खरीदी गई है। उन्होंने कहा, ‘प्रोपर्टी को 95.4 करोड़ में खरीदा गया है और 4.7 करोड़ की स्टांप ड्यूटी लगी है।’
यह बिल्डिंग पहले एक बंगला हुआ करती थी। 2009 में इसे नोशीर तालाटी नाम के डेवेलपर ने फिर से बनाया था। इसके चार साल बाद कारोबारी अविनाश भोसले की बेटी स्वपनाली ने 19वें और 20वें फ्लोर को 75 करोड़ में खरीदा था।
हिंदू आबादी पर भागवत की टिप्पणी को शिवसेना ने बताया ‘दकियानूसी’
मुंबई: हिंदू जनसंख्या में गिरावट आने के बारे में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से की गई टिप्पणियों को ‘दकियानूसी’ बताते हुए शिवसेना ने कहा कि प्रगतिशील हिंदू समाज उनके विचारों को स्वीकार नहीं करेगा। इसके साथ ही शिवसेना ने केंद्र से कहा कि वह ‘सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन’’ बनाए रखने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करे। लंबे समय से भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना ने कहा कि मुस्लिमों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए हिंदुओं की आबादी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, नरेंद्र मोदी की सरकार को जल्दी से जल्दी समान नागरिक संहिता लागू करनी चाहिए।
शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा, ‘मोहन भागवत ने दकियानूसी विचारों को आधुनिक तरीके से पेश करने की कोशिश की है। उनकी टिप्पणियों को प्रगतिशील हिंदू समुदाय स्वीकार नहीं करेगा। प्रधानमंत्री मोदी भी इस बात पर सहमत नहीं होंगे कि हिंदू आबादी को बढ़ाना मुस्लिमों की बढ़ती आबादी से निपटने का सही तरीका है।’ इसमें कहा गया, ‘सरकार परिवार नियोजन पर बहुत धन खर्च कर रही है। मुस्लिम आबादी में बढ़ोत्तरी से निश्चित तौर पर देश का सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होगा लेकिन हिंदुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए कहना इस समस्या का समाधान नहीं है।’
शिवसेना ने कहा, ‘सभी समुदायों की जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए एकमात्र उपाय समान नागरिक संहिता को लागू करना है। यदि हिंदू ज्यादा बच्चों को जन्म देंगे तो भुखमरी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं में इजाफा ही होगा।’ शिवसेना ने भागवत से जानना चाहा कि क्या वे जानते-बूझते हुए हिंदू समुदाय की जनसंख्या बढ़ाने के लिए हिंदुओं के एक से ज्यादा पत्नियां रखने के विचार का समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं? संपादकीय में कहा गया, ‘वास्तव में भागवत के विचार हिंदुत्व के आदशरें पर लगे जाले के समान है। इसके बजाय, वह समान नागरिक संहिता और परिवार नियोजन के कड़े नियमों का समर्थन क्यों नहीं करते?’ हाल ही में आगरा में आयोजित एक समारोह के दौरान भागवत ने एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘कौन सा नियम कहता है कि हिंदुओं की जनसंख्या नहीं बढ़नी चाहिए? ऐसा कुछ नहीं है। जब अन्य लोगों की जनसंख्या बढ़ रही है तो उन्हें (हिंदुओं को) किसने रोका है? यह मुद्दा व्यवस्था से जुड़ा नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सामाजिक माहौल ऐसा है।’







