उत्तराखंड कैबिनेट ने प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वालों को सीधे अफसर बनाने का फैसला लिया है। अन्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए भी आकर्षक योजना बनाई गई है। कुशल खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ नौकरी, अधिमान देने के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं।
मंगलवार को लिए गए निर्णय में पहली श्रेणी के तहत ओलंपिक पदक विजेताओं को विभागों के चिन्हित समूह-ख (ग्रेड पे-5400) के सीधी भर्ती के पदों पर आउट आफ टर्न नियुक्ति दी जाएगी।
जबकि दूसरी श्रेणी के अंतर्गत ओलंपिक खेल में हिस्सा लेने, एशियन खेल, राष्ट्रमंडल खेल, मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय खेल संघों द्वारा प्रत्येक दो या चार वर्षों में आयोजित विश्व चैंपियनशिप या विश्वकप में पदक जीतने वालों को चिह्नित समूह-ख (ग्रेड पे 4600 और 4800) के सीधी भर्ती के पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी जाएगी।
तीसरी श्रेणी के तहत सैफ खेल, राष्ट्रीय खेल के पदक विजेताओं, मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय खेल संघों द्वारा प्रत्येक दो या चार वर्षों में आयोजित विश्व चैंपियनशिप या विश्वकप में हिस्सा लेने वालों, एशियन चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को उनकी खेल प्रतिस्पर्धा के स्तर, महत्ता के अनुसार विभागों के चिह्नित समूह-ग के सीधी भर्ती के पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी जाएगी।
चौथी श्रेणी के तहत मान्यता प्राप्त खेल संघों द्वारा आयोजित सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालयी प्रतियोगिताओं, मान्यता प्राप्त खेल संघों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिताओं, भारत सरकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों को चिह्नित पदों के अतिरिक्त राज्याधीन सेवाओं में श्रेणी-ग के सीधी भर्ती के पदों के पर चयन प्रक्रिया में अधिकतम 10 प्रतिशत या 25 अंक का अधिमान दिया जाएगा। लेकिन यह अधिमान इंटरव्यू में नहीं मिलेगा। यह भी जरूरी है कि यह खेल अथवा चैंपियनशिप संबंधित खेल के अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर के फेडरेशन, संघ या निकाय से मान्यता प्राप्त होने चाहिए।
ओलंपिक पदक जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ी बनेंगे अफसर
उत्तराखंडः SDM पुरोला केके सिंह रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
एसडीएम पुरोला केके सिंह को विजिलेंस की टीम ने बुधवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस की टीम ने उक्त एसडीएम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
बुधवार की सुबह विजिलेंस ने एसडीएम पुरोला को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले शनिवार को विजिलेंस की टीम ने राजस्व निरीक्षक को 25 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया।
विजिलेंस टीम ने राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को चकबंदी कार्यालय में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। टीम ने उसके बाबूगढ़ स्थित आवास की भी तलाशी ली, लेकिन वहां कुछ खास नहीं मिल सका।
कानूनगो ने एक किसान से जमीन पैमाइश के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। विजिलेंस ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा था।
विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार ने मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया था कि परगना पछवादून के एक किसान ने अपर पुलिस अधीक्षक सतर्कता प्रमोद कुमार को 24 जून को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उसकी भूमि की मेढ़ खुर्द-बुर्द होने के कारण भूमि की हद का पता नहीं लग पा रहा है।
भूमि की पैमाइश कराने के लिए पत्नी की तरफ से पांच मई को विकासनगर के एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। एसडीएम के निर्देश के बाद प्रार्थना पत्र राजस्व निरीक्षक गिरधारी लाल के पास पहुंच गया था। किसान का आरोप था कि पहले तो राजस्व निरीक्षक उन्हें टकराता रहा। 23 जून को मिलने गया तो गिरधारी लाल ने कहा कि जमीन की पैमाइश इस तरह नहीं होती है। तुम चार साल से तहसील के चक्कर लगा रहे हो।
50-60 हजार रुपये खर्च आएगा, वह हदबंदी करा देंगे। मिन्नत करने पर निरीक्षक 25 हजार रुपये पहले और 25 हजार रुपये काम होने के बाद लेने के लिए राजी हो गया। पेशगी के 25 रुपये लेने के लिए शनिवार को किसान को चकबंदी कार्यालय सेलाकुई बुला लिया। एएसपी द्वारा कराई गई गोपनीय जांच में आरोप की पुष्टि हुई तो ट्रैप टीम गठित कर दी गई थी।
टीम ने विगत शनिवार दोपहर एक बजे के करीब राजस्व निरीक्षक गिरधारी लाल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। डायरेक्टर ने टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार इस दौरान मौजूद थे।
विजिलेंस डायरेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि एक साल में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम रंग लाई है। एक साल की अवधि में 36 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें 26 सरकारी कर्मी रिश्वत लेते हुए दबोच गए है, इनमें नौ राजपत्रित अधिकारी शामिल रहे है। हालांकि पहले औसतन छह से सात लोगों की गिरफ्तारी होती रही है।
तेलंगाना में 9 और जज निलंबित, विरोध में 200 जज सामूहिक अवकाश पर गए
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच न्यायाधीशों के अस्थायी आवंटन के खिलाफ आंदोलन मंगलवार को उस समय और तेज हो गया जब उच्च न्यायालय ने अनुशासनहीनता के आधार पर निचली अदालत के नौ और न्यायाधीशों को निलंबित कर दिया और इसके विरोध में 200 न्यायिक अधिकारी 15 दिन के लिए सामूहिक अवकाश पर चले गये।
तेलंगाना जजेज एसोसिएशन ने कल ‘उच्च न्यायालय बंद’ का आह्वान किया है। इस घटनाक्रम से तेलंगाना सरकार और केन्द्र के बीच विवाद भी बढ़ गया। टीआरएस ने वर्ष 2014 के अविभाजित आंध्र प्रदेश से तेलंगाना को अलग बनने के बाद उच्च न्यायालय का विभाजन नहीं करने के लिए केन्द्र को जिम्मेदार ठहराया। उच्च न्यायालय की आज की कार्रवाई का विरोध करते हुए करीब 200 न्यायिक अधिकारियों ने आज से 15 दिन के लिए सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया।
उच्च न्यायालय ने सोमवार को दो न्यायाधीशों को निलंबित किया था। ‘तेलंगाना जजेज एसोसिएशन’ के बैनर तले सौ से अधिक न्यायाधीशों ने रविवार को गन पार्क से राजभवन तक जुलूस निकाला था और राज्यपाल को न्यायिक अधिकारियों के अस्थायी आवंटन के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था। सत्तारूढ़ टीआरएस ने आज आरोप लगाया कि केन्द्र अब तक उच्च न्यायालय का विभाजन नहीं करके इस मुद्दे पर ‘असंवेदनशील’ है। टीआरएस की लोकसभा सदस्य के. कविता ने आरोप लगाया कि उनके पिता एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव का इस मुद्दे पर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का प्रस्ताव भी है।
हालांकि केन्द्रीय विधि मंत्री डीवी सदानंद गौडा ने आज कहा कि तेलंगाना के लिए नये उच्च न्यायालय के गठन में केन्द्र की कोई भूमिका नहीं है। गौडा ने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार द्वारा केन्द्र को जिम्मेदार ठहराना ‘अस्वीकार्य एवं बर्दाश्त से बाहर है।’ उन्होंने टीआरएस के इस आरोप को भी खारिज किया कि केन्द्र आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तरफ से राजनीतिक दबाव में है।
गौडा ने कहा कि तेलंगाना के लिए नए उच्च न्यायालय का गठन मुख्यमंत्री और उस उच्च न्यायालय (आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लिए यह साझा है, और जून 2014 में पूर्व राज्य के विभाजन के बाद जिसका विभाजन नहीं हुआ है) के मुख्य न्यायाधीश के हाथों में है।
हैदराबाद में ISIS के 11 संदिग्ध पकड़े गए, सीरिया से मिल रहा था पैसा
हैदराबाद.नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पुराने हैदराबाद शहर में 10 ठिकानों पर छापेमारी कर ISIS के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 11 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। एनआईए ने लोकल पुलिस की मदद से छापेमारी की है। सस्पेक्ट्स के पास से एक्सप्लोजिव्स, हथियार और 15 लाख रुपए कैश मिला है।
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए और लोकल पुलिस की टीम ने मंगलवार देर रात ये रेड प्लान की थी। बुधवार सुबह पांच बजे इसे अंजाम दिया गया।
NIA के आईजी संजीव कुमार ने बताया कि खुफिया इनपुट पर लोकल पुलिस के साथ रेड की गई। जब्त किए गए एक्सप्लोजिव्स और हथियारों के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जनवरी, 2016 में भी NIA ने देश के अलग-अलग शहरों से आईएस से जुड़े 14 लोगों को अरेस्ट किया था, जिनमें से 2 हैदराबाद के थे।
आईबी ने इनपुट दिया था कि हैदराबाद के कुछ संदिग्ध सीरिया में IS के हैंडलर्स के कॉन्ट्रैक्ट में हैं। इसके बाद ये जानकारी एनआईए को दी गई। एनआईए ने जब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस बढ़ाया तो उसके अफसर चौंक गए। आरोपी ज्यादातर वक्त सीरियाई हैंडलर्स के टच में बने रहते थे। ये लोग बाहर भी काफी कम आते थे। भारत में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए इन्हें पैसे और हथियार मुहैया कराए गए थे।
कुछ लैपटॉप और स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं। इनके जरिए संदिग्ध हैंडलर्स के टच में रहते थे।
भारत सिर्फ अपने बारे में सोच रहा : चीन
चीनी मीडिया ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भारत को शामिल करने भड़क गया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पिछले कुछ सालों में पश्चिमी दुनिया ने भारत को बहुत कुछ दिया है और चीन को ठेंगा दिखाया है। भारत पश्चिमी देशों का आंखों का तारा बन गया है और वह अंतरराष्ट्रीय मामलों मे सिर्फ अपने बारे में सोचता है।
विश्व बिरादरी ने चीन को एमटीसीआर की इसकी सदस्यता नहीं दी और भारत का आवेदन स्वीकार कर लिया। उसने एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन के विरोध को भी नैतिक रूप से सही बताया। उसने स्पष्ट किया कि चीन की बजाय एनएसजी के नियमों ने भारत को रोका। लेकिन भारत ने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि चीन को छोड़कर सारे देश उसका समर्थन कर रहे हों। जबकि दस देशों ने एनपीटी का सदस्य न होने का हवाला देते हुए भारत की सदस्यता विरोध किया था।
भारतीयों ने ऐसे प्रतिक्रिया दी कि राष्ट्रीय हितों के आगे वैश्विक सिद्धांतों का कोई महत्व नहीं है। एमटीसीआर पर उसने कहा कि भारत की सदस्यता पर चीन में कोई हलचल नहीं दिखाई दी। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मामलों में झटकों को लेकर चीनी काफी परिपक्व हैं।
अखबार के मुताबिक, भारत सरकार ने सही तरीके से प्रतिक्रिया दी। जबकि भारत के राष्ट्रवादियों को समझना होगा कि कैसे व्यवहार किया जाता है। अगर वे देश को महाशक्ति बनाना चाहते हैं तो उन्हें जानना चाहिए कि महाशक्तियां कैसे व्यवहार करती हैं।
उसने लिखा, अमेरिकी समर्थन भारत की एनएसजी सदस्यता की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बना। लेकिन अमेरिका के समर्थन का यह मतलब नहीं है कि भारत को दुनिया का समर्थन मिल गया। भारत के साथ अमेरिका की नजदीकियां वास्तव में चीन को रोकने के लिए हैं।
चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर मंगलवार को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। चीन ने कहा कि वह विवाद वाले विषयों के निष्पक्ष, तर्कसंगत और परस्पर स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए भारत के साथ बातचीत करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने कहा कि दोनों देशों के बीच समान हितों का पलड़ा उनके मतभेदों से भारी है।
पीएम मोदी ने सोमवार को कहा था कि एनएसजी, मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने जैसे मुद्दों पर गतिरोध के बावजूद चीन के साथ हमारा संवाद जारी रहेगा। मोदी ने कहा था कि चीन के साथ हमारा संवाद जारी है और यह जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि चीन के साथ हमारी एक समस्या नहीं है, उसके साथ हमारी तमाम समस्याएं लंबित हैं। कई मुद्दे हैं। लेकिन हम आगे बढ़ना जारी रखेंगे।
इस्तांबुल एयरपोर्ट पर फिदायीन हमले में 36 लोगों की मौत
इस्तांबुल: तुर्की के शहर इस्तांबुल के अतातुर्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए बम धमाके में 36 लोगों की मौत हो गई है और तकरीबन 150 लोग घायल हो गए। तुर्की के पीएम के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि हमले में शामिल रहे तीनों आतंकियों ने खुद को धमाका कर उड़ा लिया।
अभी तक किसी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इसके पीछे आईएस के आतंकियों पर शक़ जताया जा रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति ने इस हमले के बाद आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक अंतरराष्ट्रीय मुहिम शुरू करने की अपील की है। तुर्की में जनवरी से अब तक 6 बड़े आतंकी हमले हुए हैं जिसमें आम लोगों के साथ साथ सैनिकों को भी निशाना बनाया गया है। हालिया जानकारी के मुताबिक, मरने वालों में कोई भारतीय शामिल नहीं है।
तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरिम ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि विस्फोटों के बाद जो शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, उससे लगता है कि इसके पीछे आतंकी संगठन आईएसआईएस का हाथ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ताजा सूचना के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि जो सबूत मिल रहे हैं, वे इसके पीछे आईएसआईएस का हाथ होने की तरफ इशारा कर रहे हैं। न्याय मंत्री बेकिर बोजगाद ने कहा कि 147 लोग घायल हुए हैं।
इससे पहले तुर्की के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक स्थानीय समयानुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल के प्रवेश द्वार के निकट हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इससे दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई और उसके बाद एक-एक कर आत्मघाती बम विस्फोट में खुद को उड़ा दिया। हमले के बाद राष्ट्रपति रेकेप तैयप एर्डोगन ने आतंक के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ‘संयुक्त मुहिम’ का आहवान किया।
हमले की तात्कालिक रूप से किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना के बाद तुर्की के इस सबसे व्यस्त एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने कहा कि तीन आत्मघाती हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन तुर्क को बताया, ‘वह बहुत तेज धमाका था। हर आदमी दहशत में था और सभी चारों तरफ भागने लगे थे।’ सुरक्षाकर्मियों को यात्रियों को एयरपोर्ट से सुरक्षित निकालने का प्रबंध करते देखा गया। पुलिस ने घटनास्थल के चारों तरफ सुरक्षा चक्र का घेरा बना दिया है और सैकड़ों एंबुलेंस को वहां भेजा गया है।
पिछले एक साल में तुर्की में इस तरह के कई आत्मघाती बम विस्फोट हुए हैं। इनमें कुर्द विद्रोहियों और आतंकी संगठन आईएसआईएस का हाथ होने की आशंका जाहिर की जाती रही है। आईएसआईएस पर इसलिए भी शक की सुई घूम रही है क्योंकि इसी मार्च में ब्रुसेल्स एयरपोर्ट और शहर के मेट्रो स्टेशन पर भी कमोबेश उसने इसी तरह के हमले किए थे, जिनमें 32 लोगों की जानें गई थीं।
छह देशों के हॉकी टूर्नामेंट के पहले मैच में जर्मनी से हारा भारत
वेलेंसिया: छह देशों के आमंत्रण टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की शुरुआत खराब रही, जब उसे अपने पहले ही मैच में जर्मनी के खिलाफ 0-4 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
जर्मनी ने पहले क्वार्टर में पांचवें मिनट में ही मैट्स ग्रामबुश के गोल की मदद से बढ़त बनाई। ग्रामबुश ने कुछ मिनटों बाद ही टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया, जबकि मोरिट्ज फुएस्र्ते ने 14वें मिनट में एक और गोल दागकर पहले क्वार्टर में ही जर्मनी को 3-0 से आगे कर दिया।
भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे क्वार्टर में वापसी की और कुछ अच्छे मूव भी बनाए, लेकिन गोल नहीं कर सके। मध्यांतर तक जर्मनी की टीम 3-0 से आगे थी।
तीसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले जर्मनी के मार्टिन ज्विकर और फिर क्रिस्टोफर वेस्ली को फाउल के लिए बाहर किया गया, लेकिन भारत इसका फायदा नहीं उठा पाया।
भारत ने अंतिम क्वार्टर में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन लुकास विंडफीडर ने 57वें मिनट में पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलते हुए जर्मनी की 4-0 से जीत सुनिश्चित की।
सुशांत राजपूत से ब्रेकअप के बाद अंकिता को मिला नया साथी!
छोटे पर्दे के कलाकार सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे को नया साथी मिल गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अंकिता टीवी एक्टर कुशाल टंडन के करीब आ गई हैं।
दरअसल कुशाल ने अपने इंस्टग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो अंकिता के साथ दिख रहे हैं, इसी को लेकर कहा जा रहा है कि कुशाल और अंकिता के बीच कुछ तो चल रहा है।
अब तक अंकिता लोखंडे के पूर्व ब्यॉयफ्रेंड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपनी राबता की को-स्टार कृति सेनन के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंट करते अक्सर देखे जाते रहे।
वैसे कुशाल का कुछ महीने पहले ही गौहर खान के साथ ब्रेकअप हुआ है, वहीं अंकिता का भी सुशांत से 2 महीने पहले ही ब्रेकअप हुआ है।
'सुल्तान' का नया गाना, शान से तिरंगा लहराते दिखे सलमान
बॉलीवुड के दंबग खान की फिल्म ‘सुल्तान’ का टाईटल ट्रैक रिलीज हो गया है। सुखविंदर सिंह की जबरदस्त आवाज में गाए हुए इस टाइटल ट्रैक में फिल्म की कहानी की झलक दिख रही है।
गाने में बजाया गया गिटार वाकई में जबरदस्त है। विशाल शेखर ने गाने को संगीत दिया है। गाना में सलमान खान जिम करते नजर आ रहे हैं। रणदीप हुड्डा इस फिल्म में सलमान खान के ट्रेनर बने हैं। गाने में उनकी भी झलक देखी जा सकती है।
बता दें कि, इस फिल्म में सलमान के साथ अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी पहलवान का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म इस ईद पर सिनेमाघरों में रिलीज की जायेगी।
रजनीकांत की फिल्म ने चुराया हमारी फिल्म का पोस्टर : इरफान खान
मुंबई: अभिनेता इरफान खान का कहना है कि सुपरस्टार रजनीकांत की आगामी फिल्म कबाली के जो पोस्टर रिलीज किया गया है वह उनकी आने वाली फिल्म मदारी से चुराई गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, दर्शक दोनों फिल्में देखने जाएं।
जब इरफान खान से दोनों फिल्मों के पोस्टरों में समानता के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा, ‘ पता नहीं यह कैसे हुआ। हम छोटे फिल्मकार हैं, मैने देखा कि रजनीकांतजी की फिल्म ने हमारी फिल्म का पोस्टर चोरी किया है। आप उनकी फिल्म का पोस्टर देखें और हमारी फिल्म का पोस्टर देखें। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, आप उनक और हमारी दोनों की फिल्में देखें।’
दोनों ही फिल्मों के पोस्टरों में लीड एक्टर इरफान खान और रजनीकांत के चेहरे ऊंची इमारतों के बीच नजर आ रहे हैं। हालांकि मदारी का पोस्टर फिल्म का आधिकारिक पोस्टर है, वहीं रजनीकांत के फैन्स ने साफ किया है कि कबाली का पोस्टर फैन्स ने बनाया है। वह फिल्म का ऑफिशियल पोस्टर नहीं है।
सोशल मीडिया में रजनीकांत की आगामी फिल्म के कई पोस्टर शेयर किए जा रहे है। पिछले साल सितंबर में फिल्म की शूटिंग शुरू होने के बाद रजनीकांत ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो पोस्टर शेयर किए थे। इन दिनों कबाली के कुछ और पोस्टर्स जारी हुए हैं जिनमें से एक में रजनीकांत हाथ में गन लिए उसे देखते नजर आ रहे हैं, एक में वे सोफे पर बैठे हैं।
मदारी के बारे में इरफान ने बताया, ‘यह फिल्म एक थ्रिलर फिल्म है, जो आपके बारे में बात करती है। यह फिल्म 150 करोड़ लोगों के बारे में बात करती है कि हर इंसान के अंदर हीरो है। जब वह जागता है तो कोई उसका सामना नहीं कर सकता।’
निश्कांत कामत के साथ काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में इरफान ने कहा, “उनके साथ का काम करना मजेदार रहा। इससे पहले उन्होंने दृश्यम, फोर्स और मुंबई मेरी जान जैसी फिल्में बनाई हैं।”







