लवासा। बुधवार को लगातार बारिश के कारण एकांत होटल रिसार्ट के निकट दास्वे घाट के ढलाव से मिट्टी की बहुतायत मात्रा के गिरने से पुणे-लवासा मार्ग अवरुद्ध हो गया है। मार्ग को खोलने का काम जारी है, लेकिन मार्ग के खुलने तक करीब 200 पर्यटक लवासा में फंस गए हैं। लगातार होने वाली बारिश रास्ते को खोलने के कार्य में भी बाधा बन रही है। कोई और रास्ता नहीं होने के कारण मेहमानों को लवासा के चार-पांच बड़े होटलों में रुकना पड़ रहा है।
एक पर्यटक ने बताया, ‘एक वर्कशॉप में भाग लेने के लिए हम बुधवार को लवासा आए थे। शाम को हमें लौटना था लेकिन भूस्खलन के कारण हमें होटल में ही रुकना पड़ा। मलबा हटते ही हम निकल जाएंगे।’
जिला अधिकारी राजेंद्र मुथे ने कहा, ‘हमें पता चला कि लवासा में दो जगहों पर भूस्खलन हुआ है जिसके कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। मलबा हटाने के काम में अधिकारियों की मदद के लिए हमने अपनी टीम भेज दी है। अब तक किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।’
लवासा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘लवासा व उससे जुड़े क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। इसकी वजह से सड़कों पर छोटे-छोटे भूस्खलन हो रहे हैं। हालांकि इस वजह से अब तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। जाम हुए सड़कों से लवासा की इमरजेंसी रेस्पांस टीम मलबा हटाने का काम कर रही है। लवासा कार्पोरेशन की इमरजेंसी रेस्पांस टीम उचित तरीके से लैस है और रात दिन काम करती है ताकि मामले को जल्दी से जल्दी सुलझाया जा सके।’ लवासा कार्पोरेशन ने पर्यटकों से अपील किया है कि कुछ दिनों तक वे यहां आने का कार्यक्रम स्थगित कर दें।
मौसम की वजह से मलशेज घाट क्षेत्र और भोर तालुक के वरांदा घाट क्षेत्र में भी भूस्खलन के मामले देखे गए हैं। इन दोनों घटनाओं से भी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
पुणे के पास लवासा घाटी में लैंडस्लाइड, फंसे हुए हैं 200 पर्यटक
रायगढ़ पुल हादसा: 130 किमी दूर समुद्र किनारे मिली बस ड्राइवर की लाश
मुंबई-गोवा हाईवे पर सावित्री नदी पुल हादसे में लापता 11 लोगों के शव गुरुवार तक बरामद हुए हैं। इनमें राज्य परिवहन विभाग (एसटी) की जयगढ़-मुंबई बस के ड्राइवर एसएस कांबले का शव घटनास्थल से करीब 130 किमी दूर रत्नागिरि जिले के आंजर्ले के पास समुद्र किनारे मिला है जबकि बस के अवशेष पांच किमी दूर बरामद हुए।
परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की है। इसी के साथ राज्य परिवहन विभाग के ड्राइवर के एक वारिस को सरकारी नौकरी दी जाएगी या फिर 10 लाख रुपए की मदद।
यह वारिस पर निर्भर होगा कि वह क्या लेना चाहेगा। इसी के साथ सीएम फडणवीस ने विधानसभा में हादसे की न्यायिक जांच की घोषणा की।- उन्होंने कहा कि नदी पर ब्रिटिशकालीन पुल बहा है, वहां समानांतर नया पुल रिकार्डब्रेक समय में बनाया जाएगा।
बुधवार रात हादसे में लापता हुए लोगों को तलाशने का काम गुरुवार को भी नौसेना, एनडीआरएफ, तटरक्षक बल, फायर ब्रिगेड और पुलिस की मदद से जारी रहा। एनडीआरएफ और नौसेना के जवानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह नदी में उफान की वजह से एनडीआरएफ जवानों की नाव पलट गई। सभी जवान सही-सलामत हैं।
सावित्री नदी हरिहरेश्वर के पास अरब सागर में मिलती है। वहां से एक महिला का शव बरामद हुआ। उनकी पहचान शेवंती मिरगल के रूप में हुई है।
गुहागर से मुंबई जीप से जा रहे छह-सात लोग लापता हुए थे, उसमें से दो के शव केंबुर्ली के पास मिले हैं। एक शव दादली गांव के पास खाड़ी में बरामद हुआ।
इसी इलाके में नौसेना को दो और शव मिले हैं। घटनास्थल के पास नदी किनारे भी एक शव मिला है। एक महिला का शव विसावा होटल के पास मिला है। लापता लोगों को खोजने में जवानों की मदद स्थानीय मछुआरे भी कर रहे हैं।
कानपुर में पुलिस हिरासत में युवक की मौत, भाई ने कहा, 'हमें फुटबॉल की तरह पीटा गया'
कानपुर: कानपुर के चकेरी पुलिस स्टेशन की अहिरवां पुलिस चौकी में पुलिस हिरासत में एक दलित शख़्स की मौत के मामले में पूरी पुलिस चौकी को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस चौकी के सभी 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है.
चोरी के आरोप में दो दिन पहले पुलिस कमल वाल्मीकि नाम के एक शख्स को पूछताछ के लिए थाने ले आई थी, जिसके बाद कल सुबह पुलिस चौकी में संदिग्ध परिस्थितियों में कमल का शव मिला. कमल के परिवारवालों का आरोप है कि पुलिस पिटाई की वजह से उसकी मौत हुई है. कमल वाल्मीकि के छोटे भाई निर्मल ने बताया, ‘हमें इस तरह पीटा गया मानो हम फुटबॉल हों.’ निर्मल से भी मामले में पूछताछ की गई थी लेकिन भाई की मौत के बाद उसे जाने दिया गया। निर्मल के अनुसार, ‘उन्होंने मुझसे कहा-या तो जुर्म स्वीकार करो वरना हम तुम्हारे भाई को मार देंगे।’
घटना के विरोध में मृतक के परिजनों ने पुलिस चौकी पर पथराव किया और पास की सड़क को जाम कर दिया. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसके बाद ही पता चल पाएगा कि मृतक ने खुदकुशी की या फिर पुलिस पिटाई की वजह से उसकी मौत हुई है. इस बीच मृतक कमल के साथ हिरासत में लिया गया एक दूसरा शख़्स राजू भी लापता है.
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कुछ दिनों पहले इलाके में हुई लूट के मामले में पूछताछ के लिए शिव कटरा के 26 वर्षीय कमल वाल्मीकि को बुधवार रात अहिरवां चौकी लाया गया था और उससे पूछताछ की गई थी, उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया था. गुरुवार दोपहर करीब दो बजे जब एक दो पुलिसकर्मियों को छोड़कर सारे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर गए थे, तब उसने संदिग्ध परिस्थितियों में कथित रूप से आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
कोकराझार के बाजार में ग्रेनेड ब्लास्ट व फायरिंग, 12 की मौत; मुठभेड़ जारी
गुवाहाटी। असम के कोकराझार के बालजान बाजार में ग्रेनेड ब्लास्ट व गोलीबारी की खबर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, असम के कोकराझार में शुक्रवार को काले कपड़ो में आए कुछ अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग और ग्रेनेड से हमला कर दिया। बालजान मार्केट में हुए इस इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है जबकि 30 लोग जख्मी बताएं जा रहे हैं। मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। यह क्षेत्र यहां का सब्जी बाजार बताया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने एक हमलावर को मार गिराया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक हमलावर के मारे जाने की खबर है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है। बाजार में छिप कर चार हमलावर फायरिंग कर रहे हैं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने असम में हुए इस हमले के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मैंने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात की है, जिन्होने मुझे इस घटना के बारे में जानकारी दी। गृहमंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।’
वहीं गृहराज्य मंत्री किरण रिजूजू ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, हम पीड़ितों की हरसंभव सहायता करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर उन्हें हालात के बारे में जानकारी दी। एक टीवी चैनल से बात करते हुए कोकराझार के सांसद नबा कुमार ने बताया कि यह एक आतंकी हमला है।
हमले के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घटनास्थल से एके-47 और भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद किया गया है। जिस स्थान पर यह हमला हुआ है वो बेहद भीड़-भाड़ वाला इलाका है।
जातीय पार्टी के प्रतिनिधियों से मिलीं सुषमा स्वराज
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को बांग्लादेश की जातीय पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल प्रमुख जियाउद्दीन अहमद बबलू ने बताया था कि यह उनकी टीम का पहला भारत दौरा है और विश्वास जताया कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच के रिश्ते को नई ऊंचाई मिलेगी।
उन्होंने कहा,’भारत हमारा पड़ोसी, नजदीकी मित्र व सहयोगी है। हम वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और रिश्ते को आगे बढ़ाने संबंधित बातों पर विचार करेंगे।
फकरुल इमाम, एडवोकेट जियाउल हक मृधा, मोहम्मद नोमान, नुरुल इस्लाम मिलन, पिर फजलुर रहमान, आमिर हुसैन भुईया और एडवोकेट अल्ताफ अली इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल हैं।
इसके अलावा विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर फरीदा मोमांद से भी दिल्ली में मुलाकात की।
F-16 फाइटर प्लेन बनाने वाली कंपनी ने भारत को दिया बेजोड़ प्रस्ताव
अमेरिका की प्रमुख रक्षा उपकरण कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कहा है कि उसने अपने युद्धक विमान एफ-16 के अत्याधुनिक संस्करण एफ-16 ब्लॉक-70 की विनिर्माण सुविधा टेक्सास से भारत स्थानांतरित करने की पेशकश की है। उसका इरादा भारत से ही इन विमानों की स्थानीय और वैश्विक मांग को पूरा करना है।
लॉकहीड मार्टिन के पास एफ-16 ब्लॉक-70 विमान की अभी केवल एक ही उत्पादन लाइन है। हालांकि भारत के लिए की गई पेशकश के साथ शर्त यह है कि वह भारतीय वायुसेना के लिए इन विमानों का चयन करे।
कंपनी के एफ-16 कारोबार के प्रभारी रैंडल एल हॉवर्ड ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, हमने भारत के सामने जो प्रस्ताव रखा है वह बेजोड़ है। हमने ऐसा प्रस्ताव कभी किसी के सामने नहीं रखा।
लेकिन उन्होंने साथ-साथ यह भी कहा कि उनकी कंपनी चाहती है कि एफ-16 ब्लॉक-70 विमान का भारत में भारत के लिए निर्माण हो और यहीं से इसका दुनिया में निर्यात किया जाए। पर उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि क्या वह यह आश्वासन देगी कि एफ-16 विमान पाकिस्तान को नहीं बेचे जाएंगे। उन्होंने बस इतना कहा कि यह बातें भारत और अमेरिका की सरकारों के बीच बातचीत का विषय होंगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या इन विमानों का कारखाना फोर्ट वर्थ (अमेरिका) से भारत स्थानांतरित करने के लिए यह शर्त होगी कि भारतीय वायुसेना अपने बेड़े के लिए इन विमानों को चुनें तो इसके जवाब में भारत में कंपनी के कार्यकारी अभय परांजपे ने कहा, हां।
उन्होंने कहा कि यह पेशकश भारतीय वायुसेना की तरफ से सुनिश्चित ऑर्डर मिलने की शर्त पर है जो अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नए लड़ाकू विमान खरीदने की फिराक में है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर कह चुके हैं कि भारत, भारतीय वायुसेना के लिए देश में ही विकसित तेजस विमान के अलावा मेक इन इंडिया के माध्यम से कम से कम एक और विमान चुनेगा।
भारतीय वायुसेना के ठेके लिए लॉकहीड मार्टिन को अमेरिका की ही अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी बोइंग (एफए-18ई), फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन (राफेल), स्वीडन की साब कंपनी के ग्रिपेन के अलावा यूरोफाइटर से भी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। इन सभी कंपनियों ने भारत में अपना विमान कारखाना लगाने की पेशकश की है।
लॉकहीड मार्टिन के अधिकारी हॉवर्ड ने कहा, पर हम ना केवल अपनी एकमात्र उत्पादन सुविधा भारत में स्थानांतरित करने की पेशकश कर रहे हैं बल्कि उसी से हम दुनिया के बाकी बाजारों की जरूरत को भी पूरा करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र के लिए एफ-16 ब्लॉक-70 सबसे अच्छा लड़ाकू विमान है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह एक ऐसा भागीदार चुने जो अपने वायदे को पूरा कर सके।
उन्होंने संकेत दिया कि इस पेशकश के बारे में बातचीत चल रही है। कंपनी भारत में सरकार और कंपनियों के साथ विभिन्न प्रकार की चर्चाएं कर रही है। उन्हें जाने को नहीं कहा गया है।
उन्होंने कहा कि इस विमान का विनिर्माण भारत में होने पर इसकी लागत कम होगी और इससे इसकी दुनिया में मांग बढ़ेगी।
संसद में बोले राजनाथ, सार्क देशों के बीच वांटेड आतंकियों के प्रत्यर्पण की रखी मांग
नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को संसद में सार्क सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने सार्क सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता, बल्कि आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद ही होता है। गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने सार्क सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये भी कहा कि आतंकवादियों का समर्थन करने वाले देशों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गृहमंत्री ने ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों का सभी सदस्य देशों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक देश के घोषित आतंकी को दूसरे देश में शहीद के तौर पर देखना गलत है।
गृहमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर पाकिस्तान में प्रोटोकॉल के मुताबिक गृहमंत्री का स्वागत नहीं किया तो हम उसकी निंदा करते हैं।
इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को पाकिस्तान को उसी की धरती पर खरी-खरी सुना आए। नाम लिए बगैर उन्होंने आतंकवाद को संरक्षण देने और आतंकियों को महिमामंडित करने के लिए आड़े हाथ लिया। दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद राजनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने दौरे के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक में उन्होंने आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। वहीं पाकिस्तान भी भारत के खिलाफ बोलने से बाज नहीं आया।
पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कश्मीर की ताजा घटना की ओर इशारा करते हुए आम जनता के खिलाफ हिंसा को भी आतंकवादी कार्रवाई करार दिया। इस तनातनी से दोनों देश और दूर ही हो गए।
पिछले महीने कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को शहीद बताने पर सार्क के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि एक देश का आतंकवादी किसी अन्य देश के लिए किसी भी स्थिति में शहीद नहीं हो सकता है।
खुद आतंकवाद से पीड़ित होने के पाकिस्तान के दावे पर तंज कसते हुए राजनाथ ने कहा कि उसे अच्छे और बुरे आतंकी में फर्क करने की अपनी नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वक्त आ गया है, चाहे वह कोई संगठन हो, व्यक्ति हो या देश हो।
राजनाथ ने मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद और पठानकोट हमले के आरोपी अजहर मसूद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए भी पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों और व्यक्तियों को दुनिया आतंकी घोषित कर चुकी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उनका इशारा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा लश्करे तैयबा, जमात उद दावा और जैश ए मोहम्मद को आतंकी संगठन और हाफिज सईद को आतंकी घोषित किए जाने की ओर था। उन्होंने कहा कि इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही मुंबई और पठानकोट हमले के पीड़ितों का न्याय मिल सकेगा।
हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है, जबकि अजहर मसूद के जैश ए मोहम्मद के खिलाफ पठानकोट एयरबेस पर हमला करने के सुबूत हैं।
राजनाथ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए सार्क देशों के बीच आतंकियों के प्रत्यर्पण के लिए पुख्ता प्रणाली बननी चाहिए। ताकि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के बाद कोई सजा से बच नहीं सके।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम समेत लगभग चार दर्जन से अधिक आतंकी और अपराधी हैं, जिन्हें सौंपने की भारत लंबे समय से मांग करता रहा है।
कश्मीर को कभी पाकिस्तान का हिस्सा बनाने और बुरहान वानी को शहीद बताने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उद्घाटन भाषण में विवादित मुद्दे उठाने से बचे। उन्होंने सार्क प्रतिनिधियों को अपने यहां चलाए जा रहे आतंक विरोधी आपरेशन जर्ब-ए-अज्ब की जानकारी दी। उनका कहना था कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीड़ित है और उससे लड़ रहा है।
दोनों देशों के बीच संबंध कितने तनावपूर्ण हैं, यह तब बिल्कुल साफ हो गया जब गुरुवार को राजनाथ की पाकिस्तानी गृह मंत्री निसार अली खान से पहली बार मुलाकात हुई। उस समय दोनों नेताओं ने औपचारिकता में भी एक-दूसरे से हाथ किसी तरह मिलाया।
दरअसल होटल में पाकिस्तानी मंत्री जब मेहमानों की अगवानी कर रहे थे, तभी दोनों का आमना-सामना हुआ। दोनों ने जिस तरह हाथ मिलाया, उसमें गर्मजोशी तो दूर, औपचारिकता का भी निर्वाह नहीं दिखा। भारतीय मीडिया को फोटो भी नहीं लेने दिया गया। इस पर एक भारतीय अधिकारी की पाकिस्तानी अधिकारियों से बहस भी हो गई।
पाकिस्तानी गृह मंत्री खान ने मुख्य बैठक के बाद सार्क प्रतिनिधियों को लंच के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन बैठक के बाद वह खुद ही वहां से चले गए। यह जानकारी मिलने के बाद राजनाथ भी लंच के लिए नहीं गए। उन्होंने होटल के अपने कमरे में अधिकारियों के साथ लंच किया और दिल्ली लौट आए।
गृहमंत्री राजनाथ ने पाकिस्तान को उसी के घर में खरी खरी सुनायी
नई दिल्ली: सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को आईना दिखाया। अपने संबोधन में राजनाथ ने आतंकवाद और इसका समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का ‘शहीदों’ की तरह महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए। पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन के दौरान सूरत-ए-हाल पर गृहमंत्री शुक्रवार को संसद में अपना बयान देंगे।
गुरुवार को दक्षेस के गृह मंत्रियों की बैठक में राजनाथ ने कहा, ‘केवल आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इसका समर्थन करने वाले संगठनों, व्यक्तियों तथा देशों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आतंकवादी अच्छे और खराब नहीं होते। आतंकवाद बस आतंकवाद है। आतंकवादियों का शहीदों की तरह महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए।’
कल के घटनाक्रम में गृह मंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान की ओर से दिये गए भोज में तब शामिल नहीं हुए जब स्वयं मेजबान ही मौके से चले गए। खान ने दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सातवें सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान आये गणमान्य व्यक्तियों के लिए भोज का आयोजन किया था। खान ने भोज मुख्य बैठक के बाद रखा था। यद्यपि पाकिस्तान के गृह मंत्री भोज के मेजबान होने के बावजूद बैठक के बाद कार्यक्रम स्थल से चले गए। सिंह ने उसके बाद भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय किया। बाद में गृह मंत्री सिंह ने अपने होटल के कमरे में अपने साथ आये भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। भोजन करने के बाद सिंह भारत के लिए रवाना हो गए।
ट्रंप ने पूछा – परमाणु हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता US?
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद विदेश नीति के जानकार सकते में आ गए हैं। इस बयान में ट्रंप ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को एमएसएनबीसी टीवी पर प्रसारित एक ब्रीफिंग के दौरान डोनाल्ड ट्रंप विदेश नीति सलाहकार से लगातार पूछ रहे थे कि अमेरिका न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता? टीवी शो मॉर्निंग जो के होस्ट जो स्कारबोरो के मुताबिक ट्रंप ने उनसे कई बार पूछा कि अमेरिका अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता। जो स्कारबोरो फ्लोरिडा से पूर्व रिपब्लिकन कांग्रेसी है।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के खेमे ने इस बात को खारिज किया है। वहीं अमेरिका के लोग ट्रंप की मानसिक स्थिरता और इस बात को लेकर चिंतित है कि वो दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना संभाल भी पाएंगे या नहीं।
बताया जाता है कि रिपब्लिकन पार्टी के लोग भी ट्रंप की अनियमित सार्वजनिक घोषणाओं से परेशान हैं। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता तो ट्रंप के बीच में ही नॉमिनेशन छोड़ने की बात पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप के आलोचक मानते हैं कि कई गंभीर मुद्दों पर भी उनका रवैया लापरवाह रहता है।
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि जापान, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब जैसे देशों को अपने परमाणु हथियार खुद विकसित करने चाहिए। ट्रंप ने इस बात से भी इन्कार नहीं किया है कि वो यूरोप या इराक, सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
ईरान ने 20 सुन्नी आतंकियों को दी फांसी की सजा
तेहरान। ईरान की सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि 20 सुन्नी आतंकियों को मंगलवार को मौत की सजा दी गई है। इन सभी ने महिलाओं और बच्चों की हत्या की, देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। इसके साथ ही इन्होंने कुर्दिश इलाके के कुछ सुन्नी नेताओं को भी मारा था।
सरकारी अभियोजक जनरल मोहम्मद जावेद मोंतज़री ने ईरान के IRIB टेलीविजन में यह बात कही। उन्होंने बताया कि सभी दोषियों को मंगलवार को फांसी दी गई।
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने वर्ष 2009 से 2011 के बीच हुए किए गए 24 हथियारबंद हमलों की सूची बुधवार को जारी की। इन सभी हमलों को कथित तौर पर एक ही गुट ने अंजाम दिया था, जिनमें बमबारी और डकैती भी शामिल हैं।
देश के पश्चिम प्रांतों में मारे गए 21 लोगों की मौत के लिए ‘तौहिद (एकेश्वरवादी) और जिहाद’ आतंकी संगठन जिम्मेदार था। मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस आतंकी संगठन के 102 सदस्यों की पहचान की गई थी। इनमें से कुछ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, वहीं अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था। पकड़े गए आंतकियों में से कुछ को फांसी और कुछ को आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी।
मोंतजरी ने बताया कि सभी दोषी विदेश से ईरान में आए थे और ‘तकफीरी’ विचारधारा (आमतौर पर सुन्नी जिहादियों को कहते हैं) को मानने वाले थे।







