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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हमला, कहा- 'भ्रष्टाचार की रानी हैं हिलेरी'

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वाशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नजदीक आते ही उम्मीदवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज हो गया है। राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन पर निशाना साधा है।
ट्रंप ने हिलेरी पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया कि ‘हिलेरी भ्रष्टाचार की रानी है। ट्रंप ने आगे कहा अगर हिलेरी अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर चुनी जाती हैं तो इस देश का विनाश हो जाएगा।’
डेस मोइनेस में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा ‘अगर हिलेरी अमेरिकी की राष्ट्रपति बनती हैं तो आपको आतंकवाद, परेशानी का सामना करना पड़ेगा।’ ओबामा की हिलेरी और ट्रंप को सलाह देते हुए कहा, ‘भावी राष्ट्रपति की तरफ पेश आना शुरू करें।’
शुक्रवार रात को विस्कॉन्सिन में एक अन्य रैली में ट्रंप ने कहा, ‘एक तरह से वो एक राक्षस है। वहीं दूसरी तरह वो एक कमजोर इंसान है। वो वाकई में राष्ट्रपति बनने के लिए मजबूत नहीं है।’ ट्रंप ने आगे कहा ‘हिलेरी एक मुसीबत है। वो हमारे देश के लिए बहुत बुरी रहेंगी इसीलिए हम ऐसा नहीं होने देंगे।’
गौरतलब है कि 68 वर्षीय हिलेरी क्लिंटन पिछले एक हफ्ते से सभी नेशनल पोल्स में बढ़त बनाए हुए हैं। हिलेरी अगर राष्ट्रपति चुनी जाती हैं, तो वो अमेरिकी की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी।

दक्षिण चीन सागर मसले पर चीन को चाहिए भारत की मदद

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बीजिंग। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी में भारत की राह में रोड़ा अटकाने वाले चीन को अब एक ऐसे मुद्दे पर भारत की मदद की दरकार है जिस पर वह अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल से शिकस्त खा चुका है।
इसी के तहत चीन के विदेश मंत्री वांग यी 12 अगस्त से अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। इस दौरे को दक्षिण चीन सागर पर भारत का समर्थन हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल द्वारा दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को नकारने के बाद अमेरिका सहित कई देशों ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिस कारण चीन की परेशानी और बढ़ गयी है।
आपको बता दें कि चीन के समुद्री क्षेत्र पर दावे को लेकर फिलीपींस ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतरराष्ट्रीय समझौते के आधार पर इसे ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, चीन इस मुद्दे पर भारत के रूख से खुश नहीं है, क्योंकि भारत चाहता है कि इस मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र समझौते के आधार पर ही किया जाना चाहिए। चीन चाहता है कि सितंबर में होनी वाली जी-20 बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा ना हो और साथ में भारत जी-20 की बैठक में भी शामिल ना हो।
चीन हाल ही में आसियान देशों को जी-20 सम्मलेन के दौरान इस मुद्दे से जुड़ी किसी भी चर्चा में शामिल नहीं होने के लिए मनाने की कोशिश कर चुका है। हालांकि इस बात का पता नहीं चल सका है कि वह अपने उद्देश्य में कितना कामयाब रहा।
3 सितंबर से अपनी तीन दिवसीय चीनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के इतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी मुलाकात करेंगे। वांग फिलहाल तीन देशों के दौरे पर हैं, जिसमें वह 9 अगस्त से केन्या और यूगांडा का दौरा भी करेंगे।
केन्या के विदेश मंत्री अमीना मोहम्मद से मुलाकात करने से पहले वह नई दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मुलाकात करेंगे और इस दौरान वो सितंबर में होने वाली मोदी और जिनपिंग की मुलाकात की रूपरेखा तय करेंगे।

भारत-पाकिस्तान के इस झगड़े में नुकसान उनका ही नहीं, सारे सार्क देशों का हो रहा है

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अपवाद के रूप में भूटान को छोड़ दें तो सार्क के सभी देश सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं. बीते साल बांग्लादेश में उदारवादियों के ऊपर हमले बढ़ गए. अफगानिस्तान में फिर तालिबान की पकड़ बढ़ रही है. भारत और पाकिस्तान भी काफी समय से आतंक के साये में हैं. इसे देखते हुए सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन की अहमियत समझी जा सकती है.
लेकिन इस बार इस्लामाबाद में हुआ यह आयोजन एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के टकराव की भेंट चढ़ गया. गृहमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान पर हमला बोला. उन्होंने वहां जुटे अपने समकक्षों के साथ आयोजित दोपहर के भोज में भी हिस्सा नहीं लिया. वहां आए दूसरे देशों के मंत्रियों की बात दो पक्षों के टकराव से उठे शोर में डूब गई.
इस्लामाबाद में हुए इस टकराव को दोनों देशों के राजनेता अपने-अपने वोटरों को लुभाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन, इससे यह भी पता चलता है कि सामूहिक रूप से नीतिगत चुनौतियों का सामना करने के मामले में दक्षिण एशिया आज भी बाकी दुनिया से पीछे है. यह त्रासदी ही है कि जहां दूसरे देश और बहुदेशीय समूह क्षेत्रीय बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ रहे हैं वहीं भारतीय उपमहाद्वीप में हम इन बाधाओं को और मजबूत होता देख रहे हैं. आपसी रूप से अलग-थलग रहने के मामले में दक्षिण एशिया दुनिया में सबसे आगे है. दुनिया की आबादी का 16.5 फीसदी हिस्सा यहां रहता है लेकिन, वैश्विक व्यापार में इसकी हिस्सेदारी महज दो फीसदी है. अर्थशास्त्री यह भी बताते हैं कि दक्षिण एशिया के कुल व्यापार में आपसी व्यापार का छह फीसदी से भी कम योगदान है. इस क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद में आपसी कारोबार का हिस्सा दो फीसदी ही है जबकि पूर्वी एशिया के लिए यह आंकड़ा 20 फीसदी है यानी दस गुना ज्यादा. इससे पता चलता है कि हम क्या खो रहे हैं.
आसियान इसकी एक असाधारण मिसाल है कि चुनौतियों के बावजूद नीतिनियंता आपसी मेलजोल की दिशा में किस तरह काम कर सकते हैं. इस संगठन के तहत आने वाले देशों ने 2010 में एशिया को आपस में जोड़ने के लिए एक मास्टरप्लान बनाया था. इसके तहत प्राथमिकता वाली कुछ परियोजनाओं की एक सूची बनाई गई थी और हर सदस्य एक निश्चित समय सीमा में इन्हें पूरा करने पर सहमत हुआ था. यह जरूर है कि सभी परियोजनाएं योजना के मुताबिक नहीं चल रही हैं क्योंकि दुनिया के आर्थिक हालात ठीक नहीं है जिसके चलते फंड की कमी हो रही है. इसके बावजूद सभी देश दृढ़संकल्प है कि समूचे आसियान क्षेत्र को एक बाजार और उत्पादन केंद्र बनाया जाए. आसियान अब यह भी आकलन कर रहा है कि आपस में जुड़ने की इसकी परियोजनाओं पर चीन की मैरीटाइम सिल्क रोड का का क्या असर पड़ेगा. उधर दक्षिण एशिया की दो बड़ी ताकतें राजनीतिक नफे-नुकसान की कवायदों में व्यस्त हैं.
वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र खिसकता हुआ एशिया की तरफ बढ़ रहा है. अपने विशाल आकार के चलते भारत भी इस खेल में एक बड़ा खिलाड़ी होगा. लेकिन क्षेत्रीय एकजुटता की उपेक्षा करना एक ऐसी गलती है जो उसे एक दायरे से आगे नहीं बढ़ने देगी. यह गलती उन करोड़ों युवाओं का नुकसान करेगी जिनकी आंखों में बड़े सपने हैं.

ओपनिंग सेरेमनी में साड़ी पर ब्लेजर नहीं पहनना चाहतीं भारतीय खिलाड़ी

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खेलों के महाकुंभ रियो ओलिंपिक्स में इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों की अधिकृत वेशभूषा हिंदुस्तानी परंपरा से कुछ अलग ही होने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय महिला खिलाड़ियों को इस बार भी साड़ी के साथ ब्लेजर पहनना होगा। यह बात कितने खिलाड़ियों को पसंद आएगी और कितनों को नहीं? यह तो शनिवार को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में ही पता लगेगा।
पिछले ओलिंपिक को याद किया जाए तो मामला कुछ ऐसा ही था। लंदन ओलिंपिक में भी ऐसा ही कुछ हुआ था। भारतीय दल अपनी बारी आने का इंतजार कर रहा था। दूसरी तरफ अधिकृत ओलिंपिक किट में पुरूषों और महिलाओं को समान रुप से नेवी ब्लू कलर का ब्लेजर दिया गया था। खिलाड़ियों के दल में रश्मि चतुर्वेदी भी थीं जिन्हें साड़ी पर ब्लेजर का आइडिया कुछ खास पसंद नहीं आया था।
रश्मि की डबल्स पार्टनर सानिया मिर्जा थीं। दोनों ही खिलाड़ियों ने ब्लेजर पहनने के बजाए हाथ में रखना ज्यादा बेहतर समझा था। अन्य महिला खिलाड़ियों ने भी इसी फैशन स्टेटमेंट को फॉलो किया। हालांकि बाद में यह स्थिति कुछ अजीब बन पड़ी थी। कैमरे पर यह दृश्य फोकस में बने हुए थे। ऐसा लग रहा था मानो भारतीय खिलाड़ियों की एक अलग ही छबि परदे पर आ रही हो।
जानकारी के मुताबिक इस साल भी कुछ अलग नहीं होने वाला है। साड़ी का सवाल तो छोड़िए मगर इस बार ब्लेजर भी साथ होगा। इस पूरे मामले में किसी भी डिजाइनर को दोष नहीं दिया जा सकता है। हमेशा की तरह इस बार भी इंडियन ओलिम्पिक एसोसिएशन के द्वारा ही भारतीय खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। हो सकता है कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के द्वारा यही रवैया दर्शाया जाए।
हो सकता है कि ओपनिंग सेरेमनी में दुनिया देखे कि आखिर भारतीय महिलाएं साड़ी के ऊपर ब्लेजर क्यों पहन रही हैं? या फिर यह सोचें कि सभी महिला खिलाड़ी एक ही ढंग से ब्लेजर को क्यों नहीं पहन रखी हैं।

लिएंडर पेस को खेल गांव में अभी तक नहीं मिला है कमरा

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भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस को रियो ओलिंपिक खेल गांव में अब तक कमरा आवंटित नहीं किया गया है। अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सात बार के ओलंपियन टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस गुरुवार शाम को रियो डी जनेरियो में पहुंचे। यहां मौजूद इंतजाम को देख लिएंडर पेस ने अपनी निराशा व्यक्त की है।
खिलाड़ी पेस ने कहा कि कोई कमरा नहीं मिलने के कारण उन्हें भारतीय ओलिंपिक दल के प्रमुख राकेश गुप्ता के कमरे में रुकना पड़ा है। टीम के कप्तान जीशान अली ने भी टेनिस स्टार पेस की बात का समर्थन करते हुए कहा कि पेस ने खेल गांव में न रुकने की बात कभी नहीं कही।
लिएंडर पेस ने देर शाम जीशान के साथ प्रैक्टिस की। लिएंडर ने कहा, ‘लोग कहानी बनाते रहते हैं। कभी-कभी दुख होता है कि लोग समझते नहीं है कि इस उम्र में सात ओलिंपिक खेलने में कितनी मेहनत लगती है।’ ओलिंपिक पदक विजेता पेस ने कहा कि वह देश के लिए खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों के बारे में उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी।
पेस ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस बात की जानकारी दे दी थी कि वह इटली में चैंलेजर खेल रहे हैं। उन्होंने कहा वह प्रैक्टिस के बजाय मैच खेलकर खुद को फिट रख रहे हैं। पेस ने कहा कि वॉशिंगटन में तीन वर्ल्ड टीम टेनिस के तीन मैच खत्म होते ही वह फ्लाइट पकड़कर रियो पहुंच गए।
भारत की ओर से सबसे ज्यादा ओलिंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ी ने कहा कि जो अपार्टमेंट टीम को अलॉट हुआ है उसमें तीन बेडरूम हैं जिसमें से एक रोहन बोपन्ना के पास है, एक उनके फिजियो के पास और एक टीम के कप्तान जीशान अली के पास। पेस ने कहा कि ऐसे में वह मिशन प्रमुख के कमरे में ही ठहरे हैं।

शर्लिन चाहती हैं ज्यादा बोल्ड हों लोग

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एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा का कहना है कि ‘कामसूत्र 3डी’ उनकी फिल्म नहीं है। यह राज भी उन्होंने खोला है कि एक शॉर्ट फिल्म को वे निर्देशित कर रही हैं।
‘इंडिया मोबाइल फिल्म फेस्टिवल’ में मौजूद शर्लिन से जब उनकी फिल्म ‘कामसूत्र 3डी’ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा ‘वो मेरी फिल्म नहीं है। उस फिल्म की स्टारकास्ट और टीम को मेरी तरफ से बधाई, लेकिन वो मेरी फिल्म नहीं है।’
2012 में इस फिल्म के कई फोटोज वायरल हुए थे और जब 2014 में इसका ट्रेलर आया तब भी कई सीन में वो नजर आई थीं। 2014 में ही यह फिल्म तब चर्चा में रही जब शर्लिन ने निर्देशक रूपेश पॉल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। बाद में पॉल ने भी मानहानि का दावा शर्लिन के खिलाफ किया था। बाद में ये मामले सुलझ गए थे। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया था कि इसकी शूटिंग पूरी हुई है या नहीं।
अपने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में उन्होंने कहा ‘मैंने अपनी शॉर्ट फिल्म की शूटिंग हाल ही में शुरू की है। मैं चाहती हूं कि इस साल 15 अगस्त पर यह रिलीज भी हो जाए। मैं पहली बार बतौर निर्देशक, लेखक और एक्टर के रूप में काम कर रही हूं।’
आजकल की हीरोइनों के बोल्ड अवतार पर उन्होंने कहा ‘मैं तो चाहती हूं कि लोग और ज्यादा बोल्ड हों, ज्यादा खूबसूरत दिखें, ज्यादा मनोरंजन, प्रभावित करने वाले हों।’

'क्रिश' को देख-देख सीखा है 'फ्लाइंग जट्ट'

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टाइगर श्रॉफ का कहना है कि फिल्म ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ की तैयारी के लिए उन्होंने ‘क्रिश’ देखी थी और रितिक रोशन के हावभाव समझे थे।
‘बागी’ का यह 26 साल का एक्टर रेमो डिसूजा की ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ में सुपरहीरो का किरदार निभा रहा है। टाइगर का कहना है कि उन्होंने पश्चिम के किसी सुपरहीरो से कोई प्रेरणा नहीं ली है बल्कि रितिक को ‘क्रिश” बने देखा है।
टाइगर ने कहा ‘मैंने विदेशी सुपरहीरोज को नहीं देखा क्योंकि रेमो सर अपनी चीजों को लेकर बेहद स्पष्ट थे। उन्हें ओरिजनल सुपरहीरो चाहिए था। मैं सीधे तौर पर किसी से प्रभावित नहीं हूं, भले ही मैंने ‘क्रिश’ कई बार देखी। मैं तो रितिक सर की बॉडी लैग्वेज समझना चाह रहा था कि वे कैसे दौड़ते हैं और कॉस्ट्यूम में कैसे खड़े रहते हैं।’
एक्टर ने यह बातें उनकी फिल्म के गाने ‘बीट पे बूटी’ के लॉन्च पर कहीं। ‘बालाजी मोशन पिक्चर्स’ के बैनर तले बनी इस फिल्म में मशहूर रेसलर नाथन जोन्स ने विलेन का रोल किया है। यह 25 अगस्त को रिलीज हो रही है।

टीवी पर नहीं, केवल फिल्मों पर है अक्षय का ध्यान

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बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार का कहना है कि इन दिनों वे केवल फिल्मों पर अपना ध्यान लगा रहे हैं। अक्षय ने कुछ साल पहले टीवी पर ‘फिअर फैक्टर : खतरों के खिलाड़ी’ शो होस्ट किया था।
टीवी पर वापसी के सवाल पर अक्षय ने कहा है ‘नहीं! मैं सिर्फ फिल्मों के बारे में सोच रहा हूं।’ अक्षय की फिल्म ‘रुस्तम’ 12 अगस्त को रिलीज हो रही है, यह उनकी इस साल तीसरी फिल्म है। उन्होंने माना है कि वे छह फिल्में भी एक साल में पूरी कर सकते हैं।
अक्षय ने कहा ‘एक फिल्म के लिए आपको 40 या 45 दिनों की जरूरत होती है। अगर मैं चार भी करता हूं तो मुझे 240 दिन लगते हैं। बचा वक्त मैं परिवार के साथ बिताता हूं, नहीं तो छह फिल्में भी कर सकता हूं।”
उन्होंने कहा कि कम फिल्में करने का ट्रेंड अब खत्म हो रहा है और बाकी स्टार्स भी तीन-तीन फिल्में एक साल में कर रहे हैं।

आखिरकार सूर्य के आगोश में समा गया धूमकेतु

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क्रूटज ग्रुप ऑफ कॉमेट का सदस्य सनग्रेजर नामक धूमकेतु सूर्य की आगोश में समा गया। वैज्ञानिक इसे दुर्लभ खगोलीय घटना मान रहे हैं।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे ने बताया कि इस धूमकेतु पर वैज्ञानिक पिछले 21 साल से पैनी नजर रखे हुए थे।
यह धूमकेतु लगातार सूर्य की ओर आगे बढ़ते जा रहा था। इसकी पूंछ लंबी बनी हुई थी व यह काफी चमकदार धूमकेतु था। आखिरकार यह सूर्य में समा गया।
सोहो आब्जर्वेटरी ने इसके सूर्य के नजदीक पहुंचने का चित्र लिया है। भारतीय समयानुसार यह बुधवार शाम का समय रहा होगा। नासा की एसडीओ आब्र्जवेटरी से भी इसे सूर्य के नजदीक जाते हुए देखा था।
माना जाता है कि सैकड़ों वर्ष पहले कोई बड़े आकार का धूमकेतु टूटकर कई टुकड़ों में बंट गया था। इसकी खोज जर्मन वैज्ञानिक क्रूटज ने की थी। इसलिए इन्हें क्रूटज ग्रुप ऑफ कॉमेट का नाम दिया गया है। इसके टुकड़े सूर्य की दिशा में आगे बढ़ रहे थे।
टूटे हुए टुकड़ों में सनग्रेजर बड़े आकार का धूमकेतु था। इसी ग्रुप का एक टूकड़ा वर्ष 2011 में भी सूर्य से टकराया था। धूमकेतु सूर्य की दिशा में चक्कर लगाते हैं और सूर्य के नजदीक से होकर आगे बढ़ जाते हैं। इनके सूर्य से टकराने की घटना कभी कभार ही देखने को मिलती है।
वैज्ञानिक ऐसा भी मानते हैं कि संभवत: पृथ्वी पर जल के भंडार धूमकेतु से ही आया होगा। पूर्व में कोई बड़े आकार का धूमकेतु पृथ्वी से टकरा गया होगा व उसके जल से विशाल समुद्र धरती पर बन गए होंगे। इसके बाद ही यहां प्राणियों का विकास हुआ होगा।
धूमकेतुओं में बर्फ के रूप में भारी मात्रा में पानी होता है। जब वह सूर्य की ओर आगे बढ़ते हैं तो उनके पिछले हिस्से से निकलने वाली धूल कणों की लंबी पूंछ बर्फ के कारण चमकदार नजर आती है। इसी कारण इन्हें पुच्छल तारा भी कहा जाता है।

जेल अधिकारियों से छिपाया मॉडल ने प्रेग्‍नेंसी का राज

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मुंबई। सेक्‍स रैकेट चलाने के जुर्म में गिरफ्तार 24 वर्षीया युवती ने बायकुला जेल अधिकारियों व वहां के डॉक्‍टरों से अपने गर्भधारण की बात छिपाकर 8 हफ्ते के गर्भ का अर्बाशन कर लिया। इस घटना से सीख लेते हुए जेल के अधिकारियों ने अब हर नये कैदी के लिए यूरिन प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट अनिवार्य कर दिया है।
पिछले माह सेक्‍स रैकेट चलाने के जुर्म में गिरफ्तार 24 वर्षीया मॉडल, रेखा वैष्‍णव को बायकुला वूमंस जेल में डाला गया था। उसने अपनी जिंदगी को खतरे में डाल आठ हफ्ते के गर्भ को खत्‍म कर लिया।
उसे जेजे हॉस्‍पीटल ले जाया गया जहां उसने गर्भपात के बाद इलाज करवाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसे वापिस जेल में डाल दिया गया जहां उसे बुनियादी इलाज उपलब्‍ध कराया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि वह स्‍वास्‍थ्‍य संबंधित कुछ दवाएं ले रही थी, गर्भपात उसका ही नतीजा हो सकता है।
प्रोडक्‍शन हाउस के नाम पर सेक्‍स रैकेट व वेश्‍यावृति का धंधा करने वाली इस युवती को वर्सोवा पुलिस ने जून के आखिरी हफ्ते में गिरफ्तार किया था। वह मॉडल्‍स को फिल्‍म में रोल दिलाने का वादा कर अपने जाल में फंसाती थी। मॉडल्‍स की न्‍यूड फोटोज लेकर उन्‍हें वेश्‍यावृति की गंदी राह पर ले जाती थी। कोर्ट द्वारा न्‍यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे 1 जुलाई को बायकुला जेल में डाल दिया गया था।
जेल के वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा, इस तरह की घटना दुबारा न हो इसके लिए हमने जेल में आने से पहले कैदियों के लिए यूरिन प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट अनिवार्य कर दिया है साथ ही कैदियों को कोई भी दवा जेल अधिकारियों के सामने ही लेना होगा ताकि इसका दुरुपयोग न हो।