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छत्तीसगढ़ : शहीद जवानों को आज दी जाएगी श्रद्धांजलि

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रायपुर : मंगलवार को नक्सलियों द्वारा बिछाए गए लैंडमाइंस बिस्फोट में शहीद हुए सीआरपीएफ के श्रद्धांजलि दी जाएगी। उनके पार्थिव शरीर को उनके घर भी रवाना किया जायेगा।

मंगलवार को सीआरपीएफ के नौ जवान एक लैंडमाइंस विस्फोट में शहीद हो गये थे। यह घटना तब हुई थी जब जवानों की गाड़ी लैंडमाइंस के ऊपर से गुजर रही थी। नक्सलियों की इस कार्रवाई में गाड़ी के परखच्चे उड़ गये थे। इस दुर्घटना के तुरंत बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीआरपीएफ डीजी को छत्तीसगढ़ जाने का निर्देश दिया था।

नक्सलियों की इस बर्बर कार्रवाई की कठोर निंदा गृहमंत्री राजनाथ सिंह व राज्य के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने नक्सलियों की इस कार्रवाई की कठोर शब्दों में निंदा की थी साथ ही शहीदों और घायलों के परिजनों के प्रति संवेदना भी प्रकट की थी।

गोरखपुर उपचुनाव : बीजेपी हार की कगार पर

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गोरखपुर। 1993 में कांशीराम-मुलायम सिंह की दोस्ती के बाद एक नारा खूब उछाला था कि ‘मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम…!’ नजीता यह हुआ था कि दलित और पिछड़ी जातियों की गोलबंदी से सपा-बसपा गठबंधन की सरकार बनी। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उप चुनाव में भी सपा और बसपा की दोस्ती रंग लाती नजर आ रही है।

उत्तर प्रदेश के दो लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है। दोनों ही सीटों पर अब समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पर बढ़त बनाये हुए हैं। सपा के उम्मीदवार की बढ़त के बाद भाजपा पर हार का खतरा मंडराने लगा है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ और भाजपा की पारंपरिक सीट गोरखपुर में चौथे राउंड की गिनती के बाद सपा उम्मीदवार भाजपा के उम्मीदवार से 4000 वोटों से आगे है। गोरखपुर में सपा उम्मीदवार प्रवीण कुमार निषाद, जबकि भाजपा उम्मीदवार उपेंद्र दत्ता शुक्ला मैदान में हैं।

अब तक आए रुझानों के मुताबिक फूलपुर में बीजेपी प्रत्याशी कौशलेंद्र पटेल पीछे चल रहे हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि दोनों जगहों पर सपा को बसपा के समर्थन का असर साफ दिखाई दे रहा है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2019 में दोनों पार्टियां मंच साझा करेंगी। क्योंकि अगर इस दोस्ती से योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र में बीजेपी का तिलिस्म टूटता नजर आ रहा है तो दूसरी जगहों पर तो यह और कारगर साबित हो सकता है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा है कि बीएसपी का गठबंधन काम कर रहा है। ऐसा नहीं होता तो परिणाम इतना अच्छा नहीं होता।

गोरखपुर बीजेपी की पारंपरिक सीट मानी जाती रही है वहीं फूलपुर में कांग्रेस और समाजवादियों का कब्‍जा रहा है। 2014 की मोदी लहर में पहली बार फूलपुर में बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य ने फूल खिलाया था। लेकिन इस बार सपा को बसपा का समर्थन मिलने के बाद स्थितियां पहले जैसी नहीं रहीं।

हिंदुत्व को दरकिनार किया भाजपा ने, त्रिपुरा में बीफ पर बैन नहीं

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अगरतला। हाल ही में संपन्न त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 25 साल से सत्ता पर काबिज सीपीआई (एम)को हराकर सरकार बनानेवाली भारतीय जनता पार्टी ने अपने हिंदुत्व के मुद्दे को दरकिनार करते हुए गौमांस पर बैन लगाने से इंकार कर दिया है। त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी सुनील देवधर ने कहा है कि भाजपा सरकार राज्य में बीफ पर बैन नहीं लगाएगी।

राज्य में बीफ बैन को लेकर जब देवधर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि किसी राज्य में अगर बहुसंख्यक लोग नहीं चाहते हैं तो वहां की सरकार उस पर (बीफ पर) बैन नहीं लगाएगी, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बहुसंख्यक लोग उसको खाते हैं तो वहां की सरकार उस पर प्रतिबंध नहीं लगाती। यहां ज्यादातर मुसलमान और ईसाई हैं, कुछ हिन्दू भी ये मांस खाते हैं। ऐसे में मुझे ऐसा लगता है कि उस पर कोई बैन नहीं होना चाहिए इसलिए वहां बैन नहीं है।

त्रिपुरा में जीत के बाद हाल ही में एक न्यूज चैनल से बातचीत में सुनील देवधर ने कहा था कि राज्य में संगठन खड़ा करने के लिए उन्होंने खुद पर बहुत काम किया। यहां तक कि अपनी फूड हैबिट तक में भी बदलाव करना पड़ा। बीजेपी नेता ने बताया कि उन्हें यहां पोर्क यानि सूअर का मांस भी खाना पड़ा। बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर नवंबर 2014 में राज्य के प्रभारी बनाए गए थे। त्रिपुरा में भाजपा की जीत में देवधर का अहम रोल माना जा रहा है।

महाराष्ट्र के किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ छेड़ा आंदोलन

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ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के तत्वाधन में महाराष्ट्र के लगभग 30 हजार किसान शुक्रवार को ठाणे पहुँचे। एआईकेएस की मांग है कि सरकार सुपर हाइवे और बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण न करे। एआईकेएस के एक सदस्य ने बताया कि पिछले दो सालों से सरकार का ध्यान किसानों की ओर खींचने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन हर बार सरकार की अनदेखी के बाद हमने यह कदम उठाया है। यह किसान अपने जमीन अधिग्रहण को लेकर को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका लक्ष्य 12 मार्च को महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करना है।

आंदोलन में शामिल कुछ किसानों की मांग है कि जो किसान पिछले तीन सालों से जंगल क्षेत्र की जुताई कर रहे हैं। उस जमीन को उन किसानों के नाम कर दिया जाए। किसानों का कहना है कि कुछ किसान लगभग पांच एकड़ जमीन पर जुताई कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से 1.5 एकड़ जमीन का सर्टिफिकेट दिया गया है और यह सही नहीं है। जमीन के इतने कम हिस्से पर जुताई कैसे होगी। किसानों की मांग है कि वह जिस जमीन पर वर्षों से जुताई कर रहे हैं वह जमीन उन्हें दे दी जाए।

राज्य के किसान अपने कर्ज और बिजली ऋण माफी की भी मांग कर रहे हैं।महाराष्ट्र के किसानों द्वारा कर्जमाफी के आंदोलन की शुरूआत विगत 5 मार्च को नासिक के सीबीएस चौक से हुई थी। किसानों के इस आंदोलन में महिलाओं समेत युवा और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि फणनवीस सरकार ने पिछले साल महाराष्ट्र में ऋणमाफी योजना के तहत पहले चरण में 4 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ किया था।

मूर्ति तोड़ने का सिलसिला जारी, केरल में तोड़ी गांधीजी की प्रतिमा

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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद वहाँ लगी लेनिन की मूर्ति को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। तब से देश भर में मूर्तियां तोड़ने की राजनीति का सिलसिला चल पड़ा है। त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति क्षतिग्रस्त कर दी गई। उसके बाद दक्षिण कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर काली स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई थी। अब केरल के थालीपराम्बा में महात्मा गांधी की मूर्ति पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया है। मूर्ति के चश्मे को तोड़ दिया गया है।

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में मंगलवार रात को त्रिपट्टुर कोर्पोरेशन के ऑफिस में रखी हुई पेरियार की मूर्ति को तोड़ने की कोशिश की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से एक का संबंध भाजपा से बताया जा रहा है। मेरठ में संविधान निर्माता भीम राव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने की घटना सामने आई थी। यहां मवाना क्षेत्र के एक गांव में अंबेडकर की मूर्ति तोड़कर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई। असामाजिक तत्वों द्वारा मूर्ति खंडित करने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। उधर, दलितों में भी इसको लेकर आक्रोश पैदा हो गया था। बताया गया कि करीब छह महीने पहले भी इसी मूर्ति को तोड़कर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई थी। हालांकि उस दौरान भी पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत करा दिया था।

पूर्वोत्तर के राज्यों में चुनाव नतीजे आने के बाद देश भर में मूर्ति तोड़े जाने के चल पड़े सिलसिले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस मामले में गृह मंत्रालय से भी बात की है और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

भारत की संस्कृति में है भ्रष्टाचार : ब्रायन

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दुनिया के भ्रष्टाचार मुक्त देशों में शीर्ष पर गिने जाने वाले न्यूजीलैंण्ड के एक लेखक ब्रायन ने भारत में व्यापक रूप से फैले भष्टाचार पर एक लेख लिखा है। ये लेख सोशल मीडि़या पर काफी वायरल हो रहा है। लेख की लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए विनोद कुमार जी ने इसे हिन्दी भाषीय पाठकों के लिए अनुवादित किया है। –

*न्यूजीलैंड से एक बेहद तल्ख आर्टिकिल।*

*भारतीय लोग होब्स विचारधारा वाले है (सिर्फ अनियंत्रित असभ्य स्वार्थ की संस्कृति वाले)*

भारत में भ्रष्टाचार का एक कल्चरल पहलू है। भारतीय भ्रष्टाचार में बिलकुल असहज नहीं होते, भ्रष्टाचार यहाँ बेहद व्यापक है। भारतीय भ्रष्ट व्यक्ति का विरोध करने के बजाय उसे सहन करते हैं। कोई भी नस्ल इतनी जन्मजात भ्रष्ट नहीं होती।

*ये जानने के लिए कि भारतीय इतने भ्रष्ट क्यों होते हैं उनके जीवनपद्धति और परम्पराएं देखिये।*

भारत में धर्म लेनेदेन वाले व्यवसाय जैसा है। भारतीय लोग भगवान को भी पैसा देते हैं इस उम्मीद में कि वो बदले में दूसरे की तुलना में इन्हें वरीयता देकर फल देंगे। ये तर्क इस बात को दिमाग में बिठाते हैं कि अयोग्य लोगों को इच्छित चीज पाने के लिए कुछ देना पडता है। मंदिर की चहारदीवारी के बाहर हम इसी लेनदेन को भ्रष्टाचार कहते हैं। धनी भारतीय कैश के बजाय स्वर्ण और अन्य आभूषण आदि देता है। वो अपने गिफ्ट गरीब को नहीं देता, भगवान को देता है। वो सोचता है कि किसी जरूरतमंद को देने से धन बरबाद होता है।

*जून 2009 में द हिंदू ने कर्नाटक के मंत्री जी जनार्दन रेड्डी द्वारा स्वर्ण और हीरों के 45 करोड मूल्य के आभूषण तिरुपति को चढाने की खबर छापी थी। भारत के मंदिर इतना ज्यादा धन प्राप्त कर लेते हैं कि वो ये भी नही जानते कि इसका करे क्या। अरबो की सम्पत्ति मंदिरों में व्यर्थ पडी है।*

*जब यूरोपियन इंडिया आये तो उन्होंने यहाँ स्कूल बनवाये। जब भारतीय यूरोप और अमेरिका जाते हैं तो वो वहाँ मंदिर बनाते हैं।*

*भारतीयों को लगता है कि अगर भगवान कुछ देने के लिए धन चाहते हैं तो फिर वही काम करने में कुछ गलत नहीं है। इसीलिए भारतीय इतनी आसानी से भ्रष्ट बन जाते हैं।*

*भारतीय कल्चर इसीलिए इस तरह के व्यवहार को आसानी से आत्मसात कर लेती है, क्योंकि*

1 नैतिक तौर पर इसमें कोई नैतिक दाग नहीं आता। एक अति भ्रष्ट नेता जयललिता दुबारा सत्ता में आ जाती है, जो आप पश्चिमी देशो में सोच भी नही सकते ।

2 भारतियों की भ्रष्टाचार के प्रति संशयात्मक स्थिति इतिहास में स्पष्ट है। भारतीय इतिहास बताता है कि कई शहर और राजधानियों को रक्षकों को गेट खोलने के लिए और कमांडरो को सरेंडर करने के लिए घूस देकर जीता गया। ये सिर्फ भारत में है

भारतीयों के भ्रष्ट चरित्र का परिणाम है कि भारतीय उपमहाद्वीप में बेहद सीमित युद्ध हुये। ये चकित करने वाला है कि भारतीयों ने प्राचीन यूनान और माडर्न यूरोप की तुलना में कितने कम युद्ध लडे। नादिरशाह का तुर्कों से युद्ध तो बेहद तीव्र और अंतिम सांस तक लडा गया था। भारत में तो युद्ध की जरूरत ही नहीं थी, घूस देना ही सेना को रास्ते से हटाने के लिये काफी था। कोई भी आक्रमणकारी जो पैसे खर्च करना चाहे भारतीय राजा को, चाहे उसके सेना में लाखों सैनिक हो, हटा सकता था।

प्लासी के युद्ध में भी भारतीय सैनिकों ने मुश्किल से कोई मुकाबला किया। क्लाइव ने मीर जाफर को पैसे दिये और पूरी बंगाल सेना 3000 में सिमट गई। भारतीय किलों को जीतने में हमेशा पैसों के लेनदेन का प्रयोग हुआ। गोलकुंडा का किला 1687 में पीछे का गुप्त द्वार खुलवाकर जीता गया। मुगलों ने मराठों और राजपूतों को मूलतः रिश्वत से जीता श्रीनगर के राजा ने दारा के पुत्र सुलेमान को औरंगजेब को पैसे के बदले सौंप दिया। ऐसे कई केसेज हैं जहाँ भारतीयो ने सिर्फ रिश्वत के लिये बडे पैमाने पर गद्दारी की।

सवाल है कि भारतीयों में सौदेबाजी का ऐसा कल्चर क्यों है जबकि जहाँ तमाम सभ्य देशों में ये सौदेबाजी का कल्चर नहीं है

3- *भारतीय इस सिद्धांत में विश्वास नही करते कि यदि वो सब नैतिक रूप से व्यवहार करेंगे तो सभी तरक्की करेंगे क्योंकि उनका “विश्वास/धर्म” ये शिक्षा नहीं देता। उनका कास्ट सिस्टम उन्हें बांटता है। वो ये हरगिज नहीं मानते कि हर इंसान समान है। इसकी वजह से वो आपस में बंटे और दूसरे धर्मो में भी गये। कई हिंदुओं ने अपना अलग धर्म चलाया जैसे सिख, जैन बुद्ध, और कई लोग इसाई और इस्लाम अपनाये। परिणामतः भारतीय एक दूसरे पर विश्वास नही करते। भारत में कोई भारतीय नहीं है, वो हिंदू, ईसाई, मुस्लिम आदि हैं। भारतीय भूल चुके हैं कि 1400 साल पहले वो एक ही धर्म के थे। इस बंटवारे ने एक बीमार कल्चर को जन्म दिया। ये असमानता एक भ्रष्ट समाज में परिणित हुई, जिसमें हर भारतीय दूसरे भारतीय के विरुद्ध है, सिवाय भगवान के जो उनके विश्वास में खुद रिश्वतखोर है।*

लेखक-ब्रायन,
गाडजोन न्यूजीलैंड

सुंजवां आतंकी हमला : ऑपरेशन के 30 घंटे, 5 जवान शहीद, 4 आतंकी ढेर

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शनिवार की सुबह 4.55 को जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप में घुसे आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन ३० घंटे बाद अब भी जारी है। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने अब तक चार आतंकियों को मार गिराया है, जबकि पांच जवान शहीद हो गए हैं। वहीं एक आम नागरिक को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। फिलहाल आर्मी चीफ बिपिन रावत भी कैंप में मौजूद हैं। वहीं एनआईए की टीम भी सुंजवां कैंप पहुंच चुकी है।

आतंकियों को मार गिराने के लिए शनिवार सुबह सेना का ऑपरेशन शुरू हुआ था। फिलहाल सुंजवां आर्मी कैंप में एक से दो और आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

आपको बता दें कि मसूद अज़हर के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शनिवार तड़के 36 ब्रिगेड ऑफ जम्मू कश्मीर लाइट इनफेन्ट्री कैम्प में घुस आए। जिसके बाद हुई फायरिंग में आर्मी के दो जूनियर कमिशंड ऑफिसर्स और एक नॉन कमिशंड ऑफिसर शहीद हो गए। जबकि 3 और जवानों के शहीद होने की खबर आज आई है। वहीं 9 लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिनमें से 6 सेना के जवान हैं जबकि 3 आम नागरिक हैं। इस हमले में सेना के एक जवान के पिता की भी मौत हो गई। वहीं सेना के एक जवान की बेटी भी घायल हो गई है।

सेना ने ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अबतक 4 आतंकियों को मार गिराया गया है। कल शनिवार को 3 आतंकियों को मार गिराया गया था, जबकि चौथे आतंकी को मारे जाने की खबर आज आई है।

इस बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हमें सुरक्षा बलों के साथ खड़े रहना चाहिए। उनकी हिम्मत बढ़ानी चाहिए। लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता इस मुश्किल घड़ी में भी राजनीति कर रहे हैं। जवानों के खून और पसीने के ऊपर होने वाली राजनीति का मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।

सुंजवां आर्मी कैम्प पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के चीफ आतंकी मसूद अजहर का भाई रउफ असगर है। फरवरी के पहले हफ्ते में रउफ अपने भाई मौलाना मसूद अजहर के साथ हिजबुल के चीफ सैयद सलाउद्दीन से मिला था और 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी के दिन दोनों ने हमले को अंजाम देने के लिए मदद मांगी थी।

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक कर आतंकी हमले से उत्पन्न हुए हालात की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मुठभेड़ में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी वीरता की प्रशंसा की और शोक संतप्त परिवारों के साथ सहानुभूति जताई। उन्होंने घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।

पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने कहा, ‘यह निंदनीय हरकत है। ये हमला पाकिस्तान की कायरता को दर्शाता है जो सीधे तौर पर भारत का सामना नहीं कर सकता और मासूम नागरिकों पर हमला करने के लिए अपने लोगों (आतंकियों) को भेजता है।

सेना के प्रवक्ता देविंदर आनंद ने बताया कि आतंकी अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। ये आतंकी सेना की वर्दी में थे और एके 56 असाल्ट राइफलों, गोला बारूद और हथगोलों से लैस थे। तलाशी से पुष्टि हुई है कि वे जैश ए मोहम्मद के आतंकी हैं। इस हमले में सूबेदार मगनलाल चौधरी और हवलदार हबीबुल्ला कुरैशी शहीद हो गए। पांच महिलाओं और एक बच्ची सहित नौ लोग घायल हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।

आतंकियों से मुकाबला करने के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए वायुसेना के पैरा कमांडो को एयरलिफ्ट कराया गया है। वायुसेना ने इन सभी पैरा कमांडोज को उधमपुर से जम्मू में एयरलिफ्ट किया गया।

अधिकारियों ने एहतियाती कदम के रूप से शिविर के आसपास के 500 मीटर के दायरे में सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। जम्मू में हाईअलर्ट घोषित किए जाने के साथ ही आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य से बात कर शिविर पर हुए आतंकी हमले के बारे में जानकारी ली। गृह मंत्रालय ने कहा है कि गृह मंत्री इस संबंध में रक्षा मंत्री और जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है और मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आश्वस्त रहिए, हमारी सेना और सुरक्षा बल प्रभावी तरीके से अपना काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे कभी भी किसी भी भारतीय का सर शर्म से झुकने नहीं देंगे।

महाराष्‍ट्र में एक साथ चुनाव लड़ेंगे कांग्रेस-एनसीपी, भाजपा के लिए खतरे की घंटी

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महाराष्‍ट्र में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीतिक दलों में उठा-पटक तेज हो गई है। कांग्रेस और एनसीपी के बीच महाराष्‍ट्र चुनाव को लेकर एक बार फिर गठबंधन बनता दिखाई दे रहा है। इस सिलसिले में कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की एक बैठक मंगलवार को हुई।

बैठक के बाद दोनों दलों ने एक बार फिर गठबंधन के संकेत दिए। कांग्रेस नेता अशोक चव्‍हाण ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर बीजेपी को आगे नहीं आने देना चाहते हैं। कांग्रेस नेता अशोक चव्‍हाण ने बताया कि दोनों ही दल एक बार फिर साथ में चुनाव लड़ने पर सहमत हो गए हैं।

उन्‍होंने कहा कि सेकुलर वोटों का बंटवारा रोकने के लिए हम साथ में चुनाव लड़ेंगे। उन्‍होंने कहा कि दोनों ही दलों ने साफ कर दिया है कि कोई छोटा या बड़ा नहीं है बल्‍कि कांग्रेस-एनसीपी भाई-भाई हैं। चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला हाईकमान को करना है।

 

राफेल विमान सौदे में बड़ा घोटाला हुआ है : राहुल

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फ्रांस के साथ हुए राफेल एयरक्राफ्ट के सौदे में बड़ा घोटाला होने का आरोप नरेंद्र मोदी सरकार पर लगाया है। राहुल गाँधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि आखिर वो कौन सी वजह हैं जिनके चलते प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री फ्रांस के साथ हुए राफेल एयरक्राफ्ट के सौदे की जानकारी देश से छुपाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इस डील में बड़ा घोटाला हुआ है, जिसे दबाया जा रहा है। राहुल ने कहा, ‘रक्षामंत्री कहती हैं कि वो राफेल एयरक्राफ्ट के सौदे में खर्च रकम को नहीं बता सकती हैं, इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि इसमें घोटाला हुआ है, मोदी जी खुद पेरिस गए और डील में बदलाव किए गए। देश जानना चाहता है कि ये क्या हो रहा है।’

राफेल डील में घोटाले का यह आरोप राहुल ने मंगलवार को भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान के बीच हुए सौदे की गुप्त सूचनाओं को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में साझा करने से मना करने के बाद लगाए। दूसरे कांग्रेस नेताओं ने भी रक्षामंत्री के जवाब नहीं देने पर 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में सौदे में पूर्व किये गए सौदे से ज्यादा कीमत अदा की गई है।

संसद में समाजवादी पार्टी के एमपी नरेश अग्रवाल ने सरकार राफोल डील की जानकारी सदन में रखने की मांग की थी। नरेश अग्रवाल ने सदन में कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार राफेल जेट विमान के लिए यूपीए सरकार के पूर्व सौदे के मुकाबले ज्यादा कीमत अदा कर रही है, तो सरकार इस पर जानकारी दे। इस पर सीतारमण ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच राफेल विमान की खरीद को लेकर हुए अंतर-सरकार समझौता के मुताबिक 2008 में भारत और फ्रांस के बीच किए गए सुरक्षा समझौते के प्रावधान विमानों की खरीद, गुप्त सूचनाओं की सुरक्षा व सामग्री के आदान-प्रदान पर लागू हैं।

रक्षामंत्री ने संसद को बताया कि फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान के जो सौदे हुए हैं वह दो देशों की सरकारों के बीच का समझौता है और इसमें गुप्त सूचनाएं हैं। इसलिए सौदे से संबंधित जानकारियां साझा नहीं की जा सकती हैं। सीतारमण ने लिखित में ये जानकारी सदन को दी।

 

मोदी सरकार पर भड़की शिवसेना, कहा- हमारी मिसाइलें क्या सिर्फ 26 जनवरी के लिए हैं

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मुंबई। रविवार को सीमा पर पाकिस्तान की ओर से राजौरी में की गई फायरिंग में भारतीय सेना के एक कैप्टन समेत चार जवानों की शहादत पर जहां पूरा देश गुस्से में है, वहीं भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या हमारी मिसाइलें केवल राजपथ पर दिखाने के लिए हैं।

पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ‘सीजफायर उल्लंघन की बात छोड़ दीजिए। ये सीधा युद्ध है, ये हमला है और उसका जवाब उसी तरीके से देना चाहिए। अगर आप उसका जवाब नहीं देंगे, तो इस देश को पूरे विश्व में नामर्द कहा जाएगा।’

संजय राउत ने कहा कि कल पाकिस्तान ने हमारे जवानों पर हमला करने के लिए मिसाइलों का इस्तेमाल किया। क्या हमारी मिसाइलें सिर्फ राजपथ पर प्रदर्शनी और भीड़ की तालियां बटोरने के लिए हैं? क्या वो मिसाइलें केवल 26 जनवरी पर विदेशी राष्ट्रध्यक्षों को दिखाने के लिए हैं? गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पाकिस्तान सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। भारतीय सेना के मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

इस बीच जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पांच किलोमीटर के भीतर स्थित सभी स्कूलों को अगले 3 दिन तक के लिए बंद कर दिया गया है।