भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के हुए दलित नेता कन्हैया कुमार

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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा विरोधी दलों के चहेते और दलितों के तथाकथित नेता कन्हैया कुमार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की 125 सदस्यों वाली राष्ट्रीय परिषद में शामिल कर लिया गया है। सोमवार को केरल में आयोजित सीपीआई की 23वीं सालाना बैठक में कन्हैया कुमार को राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया। इसके अलावा एस सुधाकर रेड्डी को तीसरे कार्यकाल के लिए फिर पार्टी का महासचिव चुना गया है।

पार्टी की बैठक में सी दिवाकरन, सत्यम मोकेरी, सीएन चंद्रन और कमला सदानंदन को राष्ट्रीय परिषद से हटा दिया गया। एक समाचार पत्र के मुताबिक इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए दिवाकरन ने कहा, ‘पार्टी में मेरा कोई गॉडफादर नहीं है और मैं किसी के समर्थन से परिषद में नहीं रहना चाहता।’ उधर, पार्टी के महासचिव कनम राजेंद्रन ने दिवाकरन और अन्य नेताओं को हटाए जाने को उचित बताते हुए कहा, ‘नई परिषद का चुनाव एकमत से किया गया है। पार्टी के संविधान के मुताबिक परिषद में 20 प्रतिशत नए सदस्य होने चाहिए.’

सम्मेलन के दौरान एस सुधाकर रेड्डी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह ऐसी आर्थिक नीतियां लागू कर रही है जो जनता को लूट रही हैं। रेड्डी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता को बर्बाद कर दिया है।