महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-शिवसेना में इस मुद्दे को लेकर ठनी

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है. ऐसे में गठबंधन का भी दौर चल रहा है. सियासी गठबंधन में चुनाव से पहले सुई सीटों के बंटवारे पर अटकती है. कुछ यही बात सुनने को मिल रही है भाजपा और शिवसेना के गठबंधन में. ख़बर है कि भाजपा 180 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन शिवसेना का कहना है कि दोनों दल बराबर सीटों पर चुनाव मैदान में उतरे.

शिवसेना के नेता तो यहाँ तक कह रहे हैं कि अगर बराबर सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना है तो गठबंधन नहीं हो सकेगा. वहीँ हर हाल में अपने दम पर बहुमत पाने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा शिवसेना को सौ से अधिक सीटें देने को तैयार नहीं है। ऐसे में गठबंधन तभी बचेगा, जब शिवसेना झुकते हुए भाजपा की शर्त स्वीकार करेगी। हालांकि इसके आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव से पहले भी भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई थी।

बाद में दोनों दलों ने गिले-शिकवे करते हुए गठबंधन पर सहमति बना ली थी। लेकिन इन चुनावों में एक बार फिर मोदी लहर के प्रभावी साबित होने से दोनों दलों के बीच फिर से कटुता बढ़ रही है। राज्य में सीट बंटवारे का फार्मूला फिर से दोनों दलों के बीच आड़े आ गया है। दरअसल लोकसभा चुनाव में भाजपा को 140 से अधिक तो शिवसेना को करीब 80 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी। भाजपा इसी आधार पर शिवसेना को अधिकतम 100 सीट देने को ही तैयार है। साथ ही भाजपा की निगाहें इस कवायद के जरिए अपने दम पर बहुमत हासिल कर भविष्य में शिवसेना की तरफ से किसी भी तरह के दबाव का रास्ता बंद कर देने पर भी टिकी है।