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गहलोत आउट, दिग्विजय के बाद खड़गे की भी एंट्री, कांग्रेस अध्यक्ष के लिए रोचक मुकाबला

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नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की लड़ाई तेज हर दिन रोचक होता जा रहा है। जी-23 के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के दिग्गज नेता आनंद शर्मा के आवास पर बैठक की। सूत्रों के मुताबिक इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव से पहले उभर रहे पूरी स्थिति पर चर्चा की। इस बीच खबर आई कि गांधी परिवार के वफादार और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो दिग्विजय सिंह और शशि थरूर के साथ इस चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।

-जी-23 नेताओं के साथ बैठक के बाद आनंद शर्मा ने जोधपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मुलाकात की। गुरुवार को अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से भी मुलाकात की और राजस्थान में गहराए सियासी संकट के माफी मांगी थी। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस प्रमुख चुनाव नहीं लड़ने की भी घोषणा की थी।

-एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुकुल वासनिक और मीरा कुमार भी इस चुनाव में आलाकमान के आधिकारिक उम्मीदवार हो सकते हैं।

-भारत जोड़ो यात्रा आज कर्नाटक में प्रवेश कर गई है। इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि कर्नाटक से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं। खड़गे ने कल रात सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।

-सोनिया गांधी ने गुरुवार रात प्रियंका गांधी वाड्रा से उनके आवास पर मुलाकात भी की। कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने कहा था, ”प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस अध्यक्ष होना चाहिए। राहुल गांधी कहते हैं कि गांधी परिवार से कोई भी नहीं बनना चाहिए। महिलाएं उस परिवार का हिस्सा बन जाती हैं जहां वे शादी के बाद जाती हैं। आज वह वाड्रा परिवार की बहू हैं, गांधी परिवार का हिस्सा नहीं हैं।”

-ऐसा माना जाता है कि मनीष तिवारी भी कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में दाव आजमाने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, अभी तक कोी पुष्टि नहीं हुई है। आनंद शर्मा के आवास पर मुलाकात के बाद मनीष तिवारी ने कल रात कहा, ”अभी तक किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। नॉमिनेशन हो जाने दीजिए, इसके बाद इस विषय पर चिंतन होगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीएस हुड्डा, आनंद शर्मा, पृथ्वीराज चव्हाण और मैं विचार-विमर्श के लिए बैठे और ताजा सियासी घटनाओं पर चर्चा की। देखते हैं कल क्या होता है।

– आनंद शर्मा के आवास से निकलते समय पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, “यह अच्छा है कि पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हो रहे हैं। हमने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सोनिया गांधी को धन्यवाद दिया है। देखते हैं कौन नामांकन दाखिल करेगा। हम कुछ नाम सुने हैं। हम मैदान में सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।”

-गुरुवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अशोक गहलोत के दौड़ से बाहर होने के बाद वह शुक्रवार को अध्यक्ष चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

-अशोक गहलोत ने कल सोनिया गांधी से मुलाकात की थी और राजस्थान में उनके प्रति वफादार विधायकों द्वारा विद्रोह की नैतिक जिम्मेदारी ली थी। उनके कट्टर विरोधी सचिन पायलट भी देर शाम कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पहुंचे और उनसे चर्चा की। पायलट ने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रही है कि कांग्रेस 2023 का चुनाव भी जीते। इस बीच एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष एक या दो दिन में फैसला करेंगे कि राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन होगा।

50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता देगी सरकार, क्या मेडिकल कॉलेजों को मिलेगी फैकल्टी?

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देहरादून : उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज अब फैकल्टी की समस्या से नहीं जूझेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की पहल पर राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में नियमित एवं संविदा पर तैनात मेडिकल फैकल्टी को उनके वेतनमान के सापेक्ष 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया है, जिसका शासनादेश शीघ्र जारी कर दिया जायेगा। राज्य सरकार के इस फैसले से पर्वतीय क्षेत्रों में राजकीय मेडिकल कॉलेजों को आवश्यकतानुसार फैकल्टी मिल सकेगी।

प्रदेश सरकार सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार के लिये निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के तहत पर्वतीय जनपदों के मेडिकल कॉलेजों में नियमित एवं संविदा पर तैनात मेडिकल फैकल्टीज को उनके वेतनमान के सापेक्ष 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता दिया जायेगा। जिससे फैकल्टी की कमी से जूझ रहे मेडिकल कॉलेजों को बड़ी राहत मिलेगी।

राज्य के पर्वतीय जनपदों में स्थित मेडिकल कॉलेज शुरू से ही प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की भारी कमी से जूझ रहे हैं। यहां विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए हर बार साक्षात्कार तो किया जाता है, लेकिन सेलेक्शन के बावजूद अधिकतर विशेषज्ञ चिकित्सक इन कॉलेज में योगदान नहीं देते हैं। मेडिकल फैकल्टी की इसी कमी को दूर करने के लिये सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक नया विकल्प राज्य सरकार के समक्ष रखा। जिस पर उन्होंने श्रीनगर, अल्मोड़ा तथा पिथौरागढ़ के राजकीय मेडिकल कॉलेज हेतु मेडिकल फैकल्टी को वेतनमान के सापेक्ष 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता दिये जाने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा।

राज्य कैबिनेट ने डॉ. रावत के प्रस्ताव पर अपनी सहमति देते हुये इसे सराहनीय पहल बताया। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने इस प्रस्ताव को स्वीकृत करते हुये विभागीय अधिकारियों को शीघ्र शासनादेश जारी करने के निर्देश दे दिये हैं। जिसका शासनादेश शीघ्र जारी होने की उम्मीद है। राज्य कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार मेडिकल फैकल्टी को मिलने वाला 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता मेडिकल टीचर्स डिफिसेंसी कॉम्पेन्सेटरी स्कीम के अंतर्गत दिया जायेगा।

जिसके लिये संबंधित विभाग में एक कॉर्पस फंड बनाया जायेगा, जिसका संचालन संबंधित कॉलेज के प्राचार्य द्वारा किया जायेगा। मेडिकल फैकल्टी को 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता मिलने पर पूर्व में स्वीकृत 20 फीसदी डिफिकल्ट हिल एरिया एलाउंस देय नहीं होगा। विभाग को उम्मीद है कि इस नई पहल से पहाड़ के मेडिकल कॉलेजों में लम्बे समय से चली आ रही फैकल्टी की कमी दूर हो सकेगी।

लम्बे समय से पर्वतीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी महसूस की जा रही थी। जिसके मध्यनज़र एक नई पहल शुरू की गई है। जिसको राज्य कैबिनेट से मंजूरी के बाद लागू किया जा रहा है। निश्चित तौर पर आने वाले समय में इस नई पहल का लाभ वहां के मेडिकल छात्रों को पर्याप्त फैकल्टी के रूप में मिल सकेगा। इस पहल के लिये मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट के समस्त सदस्यों का आभार एवं धन्यवाद।

– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

कल रिलीज होगी PS-1, लेकिन इन देशों में हो रहा विरोध, ये है वजह

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मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन -1’ कल यानी 30 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। रिलीज से पहले ही भारत में फिल्म का अच्छा-खासा बज देखने को मिल रहा है। हालांकि, विदेशों में माहौल इसके उलट है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ऐश्वर्या राय की इस फिल्म को कनाडा और लंदन में काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह कि तमिल फिल्मों से नफरत करने वाले कुछ समूहों ने थिएटर के मालिकों को फिल्म न रिलीज करने तक की नसीहत दे दी है।

डिस्ट्रीब्यूटर के अलावा केडब्ल्यू टॉकीज ने भी ट्विटर पर धमकी भरे मेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस मेल में लिखा था- यह, सभी थिएटर मालिकों और कर्मचारियों के लिए वॉर्निंग है। यदि आपने केडब्ल्यू टॉकीज की फिल्म चुप या पीएस-1 को रिलीज किया, तो हम सभी स्क्रीन्स के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे। इतना ही नहीं, हम इतनी तबाही मचाएंगे कि आपके वर्कर्स अस्पताल जाने की हालत में होंगे।

मेल में आगे लिखा था- ऐसा हम सिर्फ भारतीय फिल्मों के साथ नहीं बल्कि अंग्रेजी फिल्मों के साथ भी करेंगे। और हम ऐसा तब तक करते रहेंगे जब तक आप केडब्ल्यू टॉकीज की फिल्में दिखाना बंद नहीं कर देते हैं। आपको हमारे लोकल सिनेमाघरों से कुछ सीखना चाहिए। उन्होंने ये फिल्में दिखाना बंद कर दिया है। यह आप सभी के लिए आखिरी वार्निंग है।

टूट गया जादूगर का तिलिस्म, नहीं लड़ेंगे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, सोनिया गांधी से मांगी माफी

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नई दिल्ली:अशोक गहलोत का कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन, राजस्थान का मोह नहीं त्याग पाए। अब उनके सामने दोहरा संकट है। अब उनका अध्यक्ष बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा। इतना ही नहीं। उनके सामने सीएम पद खोने का भी संकट मंडरा रहा है।

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अशोक गहलोत के तेवर एकदम नरम पड़ते दिख रहे हैं। मीटिंग के बाद निकले अशोक गहलोत ने कहा कि मैंने सोनिया जी से राजस्थान की घटना को लेकर माफी मांग ली है। अशोक गहलोत ने कहा, श्कांग्रेस में मुझे बीते 50 सालों से सम्मान मिलता रहा है। हमेशा मुझ पर विश्वास करके जिम्मेदारी दी गई। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी से लेकर आज तक मुझ पर भरोसा रखा गया। कांग्रेस महासचिव से लेकर तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने तक का सफर हाईकमान के आशीर्वाद से ही रहा है।

अशोक गहलोत ने कहा कि रविवार को जो घटना हुई थी, उसने मुझे हिलाकर रख दिया है। इससे यह संदेश गया कि जैसे मुख्यमंत्री बना रहना चाहता हूं। इसे लेकर मैंने सोनिया गांधी जी से माफी मांगी है। हमारे यहां एक लाइन का प्रस्ताव पारित करने का तो प्रस्ताव रहा ही है।

दुर्भाग्य की बात रही कि वह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया। मैं उसे पारित नहीं करा पाया तो सीएम रहने के चलते मैं अपनी गलती मानता हूं। राजस्थान के सीएम ने कहा कि पूरे देश में मुझे लेकर गलत माहौल बनाया गया। अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अशोक गहलोत ने कहा कि जो हुआ है, उस हालात में मैने तय किया है कि अब कांग्रेस अध्यक्ष का इलेक्शन नहीं लड़ूंगा।

लड़कियों ने मांगे मुफ्त सैनिटरी पैड, IAS अधिकारी बोली: फिर तुम कंडोम भी मांगोगी, मचा बवाल

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बिहार: बिहार की आईएएस अधिकारी का बयान खासी चर्चाओं में है। अपने बयान के बाद वो लोगों के निशाने पर हैं। सरकार की एक अधिकारी इन दिनों अपने बयानों के लेकर सुर्खियों में हैं। छात्राओं ने जब उनसे फ्री में सैनिटरी पैड देने की मांग की थी तो उन्होंने अजीब बात कह दी। बिहार महिला विकास की वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि तब तो आप फ्री में जींस और कंडोम की भी मांग करेंगी।

उनके इस बयान की शिवसेना और कांग्रेस ने निंदा की है। सशक्त बेटी, समृद्ध बिहार कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी के द्वारा दिए गए बयान को शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी बेतुका करार दिया है।आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा ने लड़कियों की मांग पर जवाब देते हुए कहा, श्श्ऐसी मांगों का क्या कोई अंत है? कल तुम कहोगी कि सरकार जींस भी दे सकती है। उसके बाद कुछ सुंदर जूते क्यों नहीं दे रही? जब परिवार नियोजन की बात आती है, तो सरकार को मुफ्त कंडोम भी देना चाहिए, है ना?

लड़की ने जब यह बताने की कोशिश की कि चुनाव से पहले राजनीतिक दल किस तरह के वादे करते हैं। इस पर अधिकारी ने कहा, श्यह मूर्खता की पराकाष्ठा है। वोट मत करो। पाकिस्तान बनो। क्या आप पैसे और सेवाओं के लिए वोट करते हैं? अधिकारी ने बाद में लडड़कियों को पाठ पढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, आपको सरकार से कुछ क्यों लेना चाहिए? इस तरह की सोच गलत है। इसे स्वयं करें।

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा, ष्इस अधिकारी पर शर्म आती है। आशा है कि बिहार सरकार इस नौकरशाह के खिलाफ कार्रवाई करेगी। वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा श्हमेशा सोचता था कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की इस जमात में ऐसा अहंकार क्या पैदा करता है।

सेवा का स्थायित्व? प्रशिक्षण में कमी? लाभदायक पद? आखिर वे अपने पूरे जीवन में सिर्फ एक परीक्षा पास करते हैं। इस बीच, घटना का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने बम्हरा से सात दिनों के भीतर उसकी टिप्पणी के लिए लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

अमेरिका में देखने को मिला तूफान का कहर, हुआ भारी नुकसान….

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हाल ही में क्यूबा में तूफान ने काफी तबाही मचाई है। तूफान के कारण काफी भारी नुक्सान हुआ है। क्यूबा में तबाही मचाने के बाद इस तूफान ने अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा की ओर रुख कर लिया है। बताया जा रहा है कि बुधवार के दिन इयान तूफान ने अमेरिका के राज्य फ्लोरिडा में अपनी ताकत से भारी नुकसान किया। बता दें कि इस तूफान को लेकर फ्लोरिडा में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। तूफान के कारण ज्यादा नुकसान न हो इसका भी इंतजाम कर लिया गया था। लेकिन ये किसी भी काम नहीं आया। इयान तूफान इतना ताकतवर था कि उसने पूरे राज्य में तबाही मचा दी।

बताया जा रहा है कि इयान तूफान ने फ्लोरिडा के दक्षिण-पश्चिमी तट पर मॉन्स्टर-4 श्रेणी के रूप में शक्तिशाली हवाओं और मूसलाधार बारिश के साथ दस्तक दी। बता दें कि सड़कों पर जलभराव इतना ज्यादा हो गया था कि लोगों की गाड़ियां भी पानी में बहने लगी। रिपोर्ट्स की मानें तो ये तूफान अब और भी ज्यादा शक्तिशाली रूप धारण कर सकता है। इस तूफान की जानकारी नेशनल हरिकेन सेंटर ने दी थी। एनएचसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है।

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एनएचसी ने कहा कि “इयान’ 240 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से फ्लोरिडा तट से टकराया। जब तूफान ने दस्तक दी, उससे पहले ही वहां बारिश हो रही थी। तूफान के टकराने से “फ्लोरिडा प्रायद्वीप” में बाढ़ से हालात बन गए हैं। टीवी पर विनाशकारी तूफान के भयानक मंजर देखने को मिले हैं।” आपको बता दें कि इस तूफान से पहले कनाडा में भी एक तूफान अया था। जिसको फिओना तूफान बताया जा रहा है, इस तूफान ने भी कनाडा में भारी नुकसान किया था।

सड़क हादसे में घायल हुए बच्चे को देखने पहुंची IAS रोशन जैकब, आंख से निकले आंसू…

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पिछले कुछ समय से लगातार सड़क हादसों की खबरें सामने आ रही हैं। बीते कुछ दिनों पहले एक सड़क हादसे में ही टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का भी निधन हुआ था। आज एक बार फिर कुछ लोग सड़क हादसे के शिकार हुए हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ट्रक-बस की टक्कर हुई, इस हादसे में करीब 10 लोगों की मौत हुई। मिली जानकारी के अनुसार करीब 41 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोगों की हालत काफी गंभीर है। हालत गंभीर होने के कारण उनको लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

इस हादसे की खबर जैसे ही मिली तो कई बड़े राजनेताओं ने इसपर दुख जाहिर करना शुरू कर दिया और घायल हुए लोगों के जल्दी ही ठीक होने की कामना करने लगे। इसके साथ ही सब इस हादसे में मारने वाले लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करने लगे। इस बीच लखनऊ की संभागीय आयुक्त रोशन जैकब भी घायलों से और उनके परिवार वालों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंची। सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें रोशन जैकब घायल को देखती हुई नजर आ रही हैं।

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इस दौरान रोशन जैकब को काफी भावुक देखा गया, वह लोगों से उनकी सेहत के बारे में पूछती नजर आ रही हैं। इस बीच वह घायल हुए एक बच्चे के परिवार वालों से भी बात करती हैं, इस दौरान बच्चे की हालत देख वह रो पड़ती हैं और अधिकारियों को उसका इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश देती हैं। बताते चलें कि ये हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 730 पर ऐरा पुल पर हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : विवाहित और अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार

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सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। यह फैसला उन महिलाओं के लिए है, जिनको अपचाहे गर्भ की यातना से गुजरना पड़ता है। उच्चतम न्यायालय ने आज देश की सभी महिलाओं को गर्भपात का अधिकार दे दिया, चाहें वो विवाहित हों या अविवाहित।

इस ऐतिहासिक फैसले में शीर्ष कोर्ट ने कहा कि मेडिकल र्टिर्मनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत 24 सप्ताह में गर्भपात का अधिकार सभी को है। इस अधिकार में महिला के विवाहित या अविवाहित होने से फर्क नहीं पड़ता।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति को उसे अनचाहे गर्भ गिराने के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। एकल और अविवाहित महिलाओं को भी गर्भावस्था के 24 सप्ताह में उक्त कानून के तहत गर्भपात का अधिकार है।

उत्तराखंड : लोगों को महंगाई का करंट, इतने बढ़ गए बिजली के रेट

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देहरादून : राज्य के 20 लाख उपभोक्ताओं को सरकार ने रक बार फी महंगी बिजली का झटका दिया है। UPCL बिजली संकट के दौरान महंगी बिजली खरीदी थी। अब उसकी भरपाई के लिए लोगों कि जेब पर महंगाई का बोझा डाला जा रहा है। इससे पहले अप्रैल में महंगी बिजली का झटका लगा था। UPCL ने याचिका दायर के थी। याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिलों पर 6.5 फीसदी सरचार्ज लगा दिया है। यह सरचार्ज एक सितंबर से 31 मार्च 2023 के बीच उपभोक्ताओं से वसूल किया जाएगा।

नियामक आयोग में यूपीसीएल ने महंगी बिजली खरीद के घाटे से उबरने के लिए 1350 करोड़ रुपये सरचार्ज वसूली के तौर पर लेने की याचिका दायर की थी। इस याचिका के हिसाब से यूपीसीएल ने करीब 13 फीसदी सरचार्ज लगाने की मांग की थी। आयोग में अध्यक्ष डीपी गैरोला और सदस्य तकनीकी एमके जैन की पीठ ने इस पर जुलाई में जनसुनवाई की। सुनवाई के बाद बुधवार को सरचार्ज बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया गया।

इसके तहत बीपीएल के करीब पांच लाख उपभोक्ताओं को छोड़कर बाकी 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सात महीने तक सरचार्ज देना होगा। गौरतलब है कि प्रदेश में कुल 25 लाख 40 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें पांच लाख आठ हजार बीपीएल उपभोक्ता हैं। यूपीसीएल ने आयोग में 1355 करोड़ 41 लाख रुपये सरचार्ज से वसूली का प्रस्ताव दिया था, जिसके बदले में आयोग ने 380 करोड़ का सरचार्ज लगाने का फैसला सुनाया है।

अगर किसी उपभोक्ता का बिल 100 यूनिट प्रतिमाह आता है तो उसे अब अपने बिल में पांच रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यानी पहले उसका बिल का खर्च 290 रुपये आता था जो कि बढ़कर 295 रुपये हो गया है। 101 से 200 यूनिट बिल वाले उपभोक्ताओं को हर महीने 25 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यानी अगर उनका बिल हर महीने का 420 रुपये का आता था तो वह अब बढ़कर 445 रुपये का आएगा। इसी प्रकार 201 से 400 यूनिट वालों को हर महीने 55 रुपये और 400 यूनिट से ऊपर वाले उपभोक्ताओं को 90 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त देने होंगे।

क्या राजस्थान को मिलने जा रहा नया CM, टूटेगा ‘जादूगर’ का तिलिस्म!

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राजस्थान: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत वहां की राजनीति का जादूगर कहा जाता था। अपने जादू को कई बार साबित भी कर चुके हैं। लेकिल, इस बार राजनीति का यह जादूगर अपने जाल में खुद ही फंस गया है। माना जा रहा है कि इस उनका तिलिस्म टूट गया है। गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे या नहीं इस पर सस्पेंस कायम है। पायलट राजस्थान में मुख्यमंत्री बन पाएंगे या नहीं यह भी साफ नहीं है।

लेकिन, यह लगभग तय हो गया है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान के करीबी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि राजस्थान को जल्द नया सीएम मिलने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 1-2 दिन में सबकुछ साफ हो जाएगा। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां उनकी मुलाकात अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से होने वाली है।

जयपुर और दिल्ली तक व्यस्त दौरों और हवाई यात्राओं के बीच केरल के मलप्पुरम में वेणुगोपाल ने कहा कि राजस्थान को जल्द नया मुख्यमंत्री मिलेगा। उन्होंने कहा, श्श्राजस्थान में कोई ड्रामा नहीं है। एक या दो दिन में सब साफ हो जाएगा और आपको पता चल जाएगा कि कौन नया मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।श्श् उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नाटकीय अंदाज में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले वेणुगोपाल ने राजस्थान संकट पर यह भी कहा कि कम से कम मीडिया में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की तो चर्चा हो रही है।

सचिन पायलट दो दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं तो बुधवार रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी राजधानी में लैंड कर चुके हैं। गहलोत की आज अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात होने वाली है। चर्चा है कि गहलोत एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव लड़ने की योजना पर आगे बढ़ सकते हैं।

वह अध्यक्ष का चुनाव जीतने के बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री का पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन जिस तरह रविवार को पार्टी ने दो पर्यवेक्षकों को भेजकर विधायक दल की बैठक बुलाने और हाईकमान को अधिकृत करने के लिए प्रस्ताव पास करने को कहा, उससे संकेत निकाला जा रहा है कि गहलोत को नामांकन से पहले ही पद छोड़ने को कहा जा सकता है।

गहलोत गुट जिन तीन मांगों पर अड़ा है उनमें पहला यह है कि राजस्थान में नए मुख्यमंत्री का फैसला 19 अक्टूबर को हो, यानी अध्यक्ष चुनाव का फैसला हो जाने के बाद। एक डिमांड यह भी है कि सचिन पायलट और उनके गुट से किसी विधायक को मुख्यमंत्री ना बनाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, गहलोत गुट को यह आशंका है कि कहीं ऐसा ना हो कि गहलोत मुख्यमंत्री पद भी छोड़ दें और अध्यक्ष का चुनाव भी ना जीत पाएं। रविवार को घटनाक्रम के बाद जिस तरह से हालात बदले हैं उसके बाद यह आशंका और प्रबल हो गई है।